Category: Madhya Pradesh

  • महाकाल के दरबार पहुंची एक्ट्रेस कावेरी प्रियम, भस्म आरती में शामिल हुईं, बोलीं- यहां की ऊर्जा है अलौकिक

    महाकाल के दरबार पहुंची एक्ट्रेस कावेरी प्रियम, भस्म आरती में शामिल हुईं, बोलीं- यहां की ऊर्जा है अलौकिक


    उज्जैन। उज्‍जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान टीवी और फिल्म एक्ट्रेस कावेरी प्रियम भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचीं। सुबह करीब 4 बजे उन्होंने आरती में भाग लिया और नंदी हॉल में बैठकर इस दिव्य अनुष्ठान का अनुभव किया। आरती के बाद उन्होंने मंदिर की देहरी से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    ‘भस्म आरती में मिलती है अद्भुत ऊर्जा’


    दर्शन के बाद कावेरी प्रियम ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि बाबा महाकाल के दरबार की शक्ति को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। उन्होंने बताया, “मैं पिछले तीन वर्षों से यहां लगातार आ रही हूं। भस्म आरती के समय जो ऊर्जा महसूस होती है, वह सच में अद्भुत और अलौकिक है।”

    टीवी से फिल्मों तक बनाया खास मुकाम


    कावेरी प्रियम ने अपने करियर की शुरुआत टीवी शो नागिन 2 में बीके के किरदार से की थी। इसके बाद उन्होंने ये रिश्ते हैं प्यार के में कुहू माहेश्वरी राजवंश और जिद्दी दिल माने ना में डॉ. मोनामी महाजन की भूमिका निभाकर दर्शकों के बीच पहचान बनाई। फिल्मों में उन्होंने तिश्नगी से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गौरव पत्रकारिता जगत के नक्षत्र माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी की कृतियां आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके लेखन और चिंतन ने न केवल पत्रकारिता की दुनिया में नया मार्ग प्रशस्त किया बल्कि समाज के नवनिर्माण और लोक कल्याण के संदेश भी दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से यह कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी के प्रखर विचार और गहन चिंतन उनके समय के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। उनके योगदान और राष्ट्रसेवा का प्रभाव अनंतकाल तक अविस्मरणीय रहेगा।

    माखनलाल चतुर्वेदी जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में क्रांतिकारी माना जाता है ने अपने लेखन और समाजसेवा के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में अमूल्य योगदान दिया। उनके विचार और दृष्टिकोण आज भी पत्रकारिता साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में आदर्श माने जाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर सभी नागरिकों को प्रेरणा लेनी चाहिए कि वे समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें। माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन यह दिखाता है कि साहसिक विचार और समाजहित में समर्पण किसी भी समय प्रासंगिक और प्रभावशाली हो सकता है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत और आम नागरिकों से अपील की कि वे उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। उनके विचारों और लेखों का अध्ययन कर आने वाली पीढ़ी न केवल पत्रकारिता की उत्कृष्टता सीख सकती है बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझ सकती है।

    इस प्रकार माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर मुख्यमंत्री द्वारा किया गया पुण्य स्मरण न केवल उनके योगदान को याद करने का अवसर है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी है। उनके आदर्श और समाज के प्रति समर्पण आज भी लोगों को सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा की ओर अग्रसरित करते हैं।

  • बैंक घोटाले पर कसा शिकंजा सोनी इस्पात लिमिटेड डायरेक्टर गिरफ्तार दो आरोपी फरार

    बैंक घोटाले पर कसा शिकंजा सोनी इस्पात लिमिटेड डायरेक्टर गिरफ्तार दो आरोपी फरार

    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने करोड़ों रुपए के बैंक घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनी इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर राजीव लोचन सोनी को गिरफ्तार कर लिया है आरोपी को इंदौर से पकड़ा गया जहां वह जांच एजेंसी की नजर में था इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर बैंकिंग सिस्टम में फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं

    जांच एजेंसियों के अनुसार राजीव लोचन सोनी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय स्टेट बैंक से करीब 13 करोड़ रुपए का लोन हासिल किया था यह लोन वर्ष 2006 से 2011 के बीच कंपनी के नाम पर लिया गया था आरोप है कि लोन लेने के दौरान दस्तावेजों में गलत जानकारी दी गई और नियमों का उल्लंघन किया गया बाद में यह लोन खाता एनपीए घोषित हो गया जिससे बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ

    मामले की शुरुआत तब हुई जब बैंक ने अपने स्तर पर खाते की समीक्षा की और अनियमितताएं सामने आईं इसके बाद वर्ष 2022 में एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक ने इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि लोन प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी की गई थी

    सीबीआई ने इस मामले में राजीव लोचन सोनी के अलावा विजय सोनी और जगदीश चन्द्र सारंग को भी आरोपी बनाया है हालांकि फिलहाल राजीव लोचन की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि अन्य दोनों आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है जांच एजेंसी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    गिरफ्तारी के बाद राजीव लोचन सोनी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले में और कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर मिलीभगत हुई थी ऐसे मामलों में अक्सर कई स्तरों पर साजिश और सहयोग की परतें सामने आती हैं इसलिए जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है

    यह मामला सिर्फ एक कंपनी या व्यक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे वित्तीय तंत्र के लिए चेतावनी है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़े लोन हासिल करना और फिर उसे चुकाए बिना छोड़ देना किस तरह बैंकिंग व्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई ही भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगा सकती है

    सीबीआई की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ एजेंसियां सक्रिय हैं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं जो इस घोटाले की परतें और खोल सकते हैं

  • हादसे ने लिया उग्र रूप युवक की मौत के बाद पथराव और आगजनी से हाईवे पर हड़कंप

    हादसे ने लिया उग्र रूप युवक की मौत के बाद पथराव और आगजनी से हाईवे पर हड़कंप


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में एक सड़क हादसा उस समय हिंसक रूप ले बैठा जब एक युवक की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया घटना गरोठ नेशनल हाईवे पर बीती रात की है जहां दिल्ली से उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए आ रही एक मिनी बस और ट्रैक्टर के बीच जोरदार टक्कर हो गई इस हादसे में 21 वर्षीय युवक विजय सोलंकी की दर्दनाक मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिनी बस तेज रफ्तार में थी और तुलाहेड़ा टोल प्लाजा के पास उसने ट्रैक्टर को पीछे से टक्कर मार दी टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर पलट गया और विजय सोलंकी उसके नीचे दब गया बताया जा रहा है कि वह करीब एक घंटे तक ट्रैक्टर के नीचे फंसा रहा और समय पर राहत नहीं मिलने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई इस हादसे में उसका साथी राजेश शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया वहीं बस चालक शिवकुमार और यात्री बॉबी व धर्मेंद्र कुमार भी घायल हुए हैं गंभीर घायलों को निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है

    हादसे के बाद जैसे ही युवक की मौत की खबर गांव में फैली लोगों में आक्रोश फैल गया बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने मिनी बस पर पथराव शुरू कर दिया देखते ही देखते गुस्सा इतना बढ़ गया कि बस में आग लगा दी गई आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बस और उसमें रखा यात्रियों का सामान जलकर खाक हो गया हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए और उनकी जान बच गई बाद में उन्हें अन्य वाहनों के जरिए उज्जैन रवाना किया गया

    घटना के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और टोल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की उनका आरोप था कि टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों की लापरवाही के कारण राहत कार्य में देरी हुई और यदि समय पर मदद मिल जाती तो विजय सोलंकी की जान बचाई जा सकती थी इस आरोप ने स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की भारी पुलिस बल तैनात किया गया और समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है

    यह घटना न केवल एक सड़क हादसे की त्रासदी को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि समय पर राहत और जिम्मेदारी की कमी कैसे हालात को और बिगाड़ सकती है एक तरफ जहां एक युवक की मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया वहीं दूसरी ओर गुस्से की आग ने एक और नुकसान की तस्वीर सामने ला दी अब देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है और जिम्मेदारी तय होती है या नहीं

  • TET नियम पर सियासत तेज दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र लाखों शिक्षकों को राहत की मांग

    TET नियम पर सियासत तेज दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र लाखों शिक्षकों को राहत की मांग


    भोपाल । मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इस नियम पर दोबारा विचार करने की मांग की है उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा है कि यह निर्णय लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है इसलिए सरकार को संवेदनशीलता के साथ इस पर पुनर्विचार करना चाहिए

    दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि TET की अनिवार्यता को भूतलक्षी यानी पिछली तारीख से लागू करना न्यायसंगत नहीं है उन्होंने सुझाव दिया कि इसे भविष्यलक्षी प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए ताकि पहले से कार्यरत शिक्षकों पर अचानक कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े उनका कहना है कि जिन शिक्षकों ने वर्षों पहले नियुक्ति पाई है और लंबे समय से सेवा दे रहे हैं उनके लिए नए नियमों को अचानक लागू करना असमानता पैदा करता है

    इस फैसले के बाद राज्यभर में दो लाख से अधिक शिक्षकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है खासतौर पर वे शिक्षक जो वर्ष 2009 से पहले नियुक्त हुए थे और जिनकी सेवा अवधि में अभी पांच साल से अधिक का समय शेष है उन्हें अब TET परीक्षा देना अनिवार्य किया गया है ऐसे में कई शिक्षकों को अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है

    दिग्विजय सिंह ने सरकार से यह भी मांग की है कि इस पूरे मामले में रिव्यू या क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने पर विचार किया जाए ताकि न्यायिक स्तर पर भी इस मुद्दे का समाधान निकल सके उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अंतिम निर्णय आने तक TET की अनिवार्यता को स्थगित रखा जाए ताकि शिक्षकों को मानसिक और पेशेवर दबाव से राहत मिल सके

    इस मुद्दे ने शिक्षा व्यवस्था के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं एक तरफ सरकार गुणवत्ता और मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठा रही है वहीं दूसरी ओर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नीति को लागू करते समय संतुलन और व्यावहारिकता बेहद जरूरी होती है ताकि सुधार के प्रयासों का असर नकारात्मक न पड़े

    फिलहाल सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मांग पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है और क्या शिक्षकों को किसी तरह की राहत मिलती है या नहीं यह मुद्दा आने वाले समय में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है क्योंकि इससे सीधे तौर पर शिक्षा व्यवस्था और लाखों परिवारों का भविष्य जुड़ा हुआ है

  • तेज रफ्तार का कहर नर्मदापुरम हाईवे पर खड़े ट्रक से भिड़ी कार दो की दर्दनाक मौत

    तेज रफ्तार का कहर नर्मदापुरम हाईवे पर खड़े ट्रक से भिड़ी कार दो की दर्दनाक मौत


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में नेशनल हाईवे 46 पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया सुबह करीब चार बजे हुई इस भीषण दुर्घटना में तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से जा टकराई टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया

    प्राप्त जानकारी के अनुसार कार नागपुर के हिंगनघाट क्षेत्र से शाजापुर जिले के बेरछा गांव की ओर जा रही थी वाहन में तीन लोग सवार थे जो अपने परिचित के घर जा रहे थे लेकिन रास्ते में नर्मदापुरम के निटाया क्षेत्र के पास यह हादसा हो गया बताया जा रहा है कि कार तेज रफ्तार में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका जिसके चलते कार सीधे सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई

    हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला मौके पर ही विशाल बाड़कुरे निवासी हिंगनघाट नागपुर और ज्ञान सिंह मासोध निवासी बैतूल की मौत हो गई दोनों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया वहीं तीसरा युवक रूपेश गहलोत गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया

    घटना की सूचना मिलते ही इटारसी से 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया ईएमटी विसराम अहिरवार ने घायल रूपेश को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया जिससे उसकी स्थिति कुछ हद तक स्थिर हो सकी इसके बाद एम्बुलेंस पायलट प्रशांत ने तेजी दिखाते हुए उसे सरकारी अस्पताल नर्मदापुरम पहुंचाया जहां उसका इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं

    हादसे के बाद पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरों की ओर इशारा करता है खासकर हाईवे पर जहां थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराव के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं लेकिन इसके बावजूद सावधानी बरतने में अक्सर चूक हो जाती है

    नर्मदापुरम का यह हादसा न केवल एक दुखद घटना है बल्कि यह एक गंभीर चेतावनी भी है कि यात्रा के दौरान सतर्कता और गति नियंत्रण कितना जरूरी है जरा सी जल्दबाजी कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल सकती है

  • सादगी का संदेश वाराणसी में सीएम डॉ मोहन यादव ने रोका काफिला और आम लोगों संग किया स्वाद का सफर

    सादगी का संदेश वाराणसी में सीएम डॉ मोहन यादव ने रोका काफिला और आम लोगों संग किया स्वाद का सफर


    भोपाल/वाराणसी । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान ऐसा सहज और मानवीय रूप दिखाया जिसने लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ दी आमतौर पर वीआईपी मूवमेंट और सख्त सुरक्षा घेरे में रहने वाले मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों के लिए किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं था जब उनका काफिला एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था तभी अचानक उन्होंने मिंट हाउस क्षेत्र में स्थित श्रीराम भंडार पर रुकने का निर्णय लिया यह फैसला न सिर्फ अप्रत्याशित था बल्कि इसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को उत्साहित कर दिया

    सीएम के काफिले के अचानक रुकने से पहले तो लोगों को समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है लेकिन जैसे ही उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने बीच देखा माहौल पूरी तरह बदल गया लोग उत्साह से भर उठे और उनके साथ बातचीत करने के लिए आगे बढ़े इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के स्थानीय लोगों से मुलाकात की उनकी बातें सुनी और पूरी आत्मीयता के साथ संवाद किया

    श्रीराम भंडार पर रुककर मुख्यमंत्री ने बनारस के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद लिया जिसमें कचौड़ी पूरी राम भाजी और जलेबी शामिल थीं उन्होंने बड़े चाव से इन पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और स्थानीय स्वाद की सराहना की मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि भारत की असली पहचान उसकी विविधता में छिपी है हर राज्य हर शहर और हर गली का अपना अलग स्वाद और संस्कृति होती है यही विविधता हमारे देश को खास बनाती है

    उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय खान पान सिर्फ भोजन नहीं बल्कि उस क्षेत्र की संस्कृति और परंपरा का प्रतीक होता है ऐसे व्यंजन पीढ़ियों से लोगों की यादों और जीवनशैली का हिस्सा बने हुए हैं और इन्हें अनुभव करना किसी भी जगह को समझने का सबसे सरल और सजीव तरीका है

    मुख्यमंत्री के इस सहज व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों को खासा प्रभावित किया कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें लीं तो कई ने सीधे संवाद कर अपनी बात रखी स्थानीय नागरिकों का कहना था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वे किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति से बात कर रहे हैं बल्कि ऐसा लगा जैसे वे अपने ही बीच के किसी व्यक्ति से मिल रहे हों

    सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं लोग मुख्यमंत्री के इस सरल और जमीन से जुड़े अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं कई यूजर्स ने इसे एक सकारात्मक संदेश बताया है कि सत्ता में रहते हुए भी आम जनता से जुड़ाव बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है

    यह घटना सिर्फ एक छोटे से ठहराव की कहानी नहीं है बल्कि यह दर्शाती है कि जब नेतृत्व में सादगी और संवेदनशीलता होती है तो वह सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचती है सीएम मोहन यादव का यह कदम न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को मजबूत करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच की दूरी को कम करना संभव है अगर इरादा सच्चा हो

  • एमपी में 45 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जगह ओलावृष्टि की भी संभावना

    एमपी में 45 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जगह ओलावृष्टि की भी संभावना

    भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ से बना मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय बना हुआ है, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले चार दिनों से लगातार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी 20 से अधिक जिलों में इसी तरह का मौसम बना रहा।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भोपाल और ग्वालियर सहित 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य भाग से एक टर्फ लाइन गुजर रही है, जबकि दूसरी ऊपरी हिस्से में सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं।

    कई जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट
    इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रतिदिन 30 से 35 जिलों में मौसम परिवर्तन हो रहा है। शनिवार को जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में ओलावृष्टि के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    तेज रफ्तार से चलेंगी हवाएं
    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों यानी 7 अप्रैल तक प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 30 से 40 किमी प्रति घंटा के बीच रह सकती है।

    7 अप्रैल से नया सिस्टम होगा एक्टिव
    प्रदेश में मौसम की सक्रियता अभी जारी रहेगी। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रभावी होगा, जिसके कारण 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर बना रह सकता है।

    इसके बाद यह सिस्टम आगे बढ़ जाएगा और प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ने लगेगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी आएगी और महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दरअसल, अप्रैल के दौरान प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे इन इलाकों में भीषण गर्मी का असर बढ़ जाता है।

  • MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल

    MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) शहर में एलपीजी गैस कनेक्शन (LPG Gas Connection) लेने की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग (Food Supply Department) ने नए गैस कनेक्शन के लिए उपयोग में आने वाले ऑनलाइन पोर्टल को एक महीने के लिए बंद कर दिया है। इसके चलते अब नागरिकों को नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने हेतु कम से कम एक माह तक इंतजार करना होगा।

    खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मोहनलाल मारू ने बताया कि विभागीय स्तर पर कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कारणों के चलते पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया भी स्थगित रहेगी। एक महीने बाद जब पोर्टल फिर से शुरू किया जाएगा, तब ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे।


    घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर

    अधिकारी मारू ने यह भी बताया कि जिन उपभोक्ताओं को तत्काल गैस की आवश्यकता है, उनके लिए विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ऐसे लोगों को घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की गंभीर असुविधा का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक नियमित कनेक्शन देने की प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं हो जाती।

    उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान यदि किसी नागरिक को गैस संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होती है, तो वे अपने नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से सभी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को यथासंभव राहत मिल सके।


    यह एक अस्थायी व्यवस्था

    पोर्टल बंद होने से शहर के कई लोगों को अस्थायी रूप से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने की तैयारी में थे। हालांकि, विभाग का कहना है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और जल्द ही सभी सेवाएं फिर सामान्य कर दी जाएंगी। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और विभाग का सहयोग करें, ताकि आगामी समय में गैस कनेक्शन की प्रक्रिया को और अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।

  • मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला… 489 मदिरा दुकानों के संचालन के लिए बनेगा निगम-मंडल

    मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला… 489 मदिरा दुकानों के संचालन के लिए बनेगा निगम-मंडल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में आबकारी विभाग के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति की शुक्रवार को हुई वर्चुअल बैठक में 12 दौर की नीलामी प्रक्रिया के बाद शेष बची दुकानों की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि नीलामी के बाद शेष 489 दुकानों के संचालन के लिए आबकारी विभाग स्वयं एक निगम/मंडल गठित कर इन दुकानों के संचालन की संभावना पर विचार करेगा।

    मंत्री-मंडल समिति में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव अमित राठौर और आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना मौजूद रहे।

    उप मुख्यमंत्री देवड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में नीलामी के बाद शेष बची 489 मदिरा दुकानों को सीधे निगम/मंडल के माध्यम से संचालित करने के विकल्प पर चर्चा की गई। यह कदम शेष शराब दुकानों का निस्तारण करने और राजस्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।