Category: Madhya Pradesh

  • प्रबंध संचालक द्वारा इंदौर मेट्रो परियोजना निरीक्षण एवं प्रगति की समीक्षा

    प्रबंध संचालक द्वारा इंदौर मेट्रो परियोजना निरीक्षण एवं प्रगति की समीक्षा

    इंदौ। मध्य प्रदेश के इंदौर मेट्रो परियोजना के अंतर्गत एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने शुक्रवार को परियोजना कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध प्रगति तथा प्रस्तावित परिचालन से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं प्रबंधकीय पहलुओं का अवलोकन किया।

    प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं तय समयसीमा में पूर्ण किए जाएँ, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं आधुनिक मेट्रो सेवा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इंदौर मेट्रो के आगामी सेक्शनों को शीघ्र ही परिचालन हेतु तैयार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सभी ठेकेदारों एवं अधिकारियों को कार्यस्थलों पर उपस्थिति बढ़ाने तथा उपलब्ध मैनपावर का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    प्रबंध संचालक ने मालवीय नगर से स्टेशन SC-02 तक के खंड का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशन परिसर, अप्रोच मार्ग, यात्री सुविधाओं एवं फिनिशिंग कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। समीक्षा बैठक में अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्य योजना की जानकारी प्रस्तुत की गई। विशेष रूप से पैकेज IN-02, IN-03, IN-04, IN-05 तथा IN-07 की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रबंध संचालक ने भूमिगत एवं एलिवेटेड खंडों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को गति प्रदान करने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान परियोजना से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

  • खेतों में ड्रोन तकनीक उपयोग, 2500 एकड़ में स्प्रे कर फसलों का किया उपचार

    खेतों में ड्रोन तकनीक उपयोग, 2500 एकड़ में स्प्रे कर फसलों का किया उपचार

    राजगढ़। कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा के निर्देशन में परंपरागत खेती के तौर-तरीकों को पीछे छोड़ते हुए राजगढ़ जिले के किसानों ने आधुनिक कृषि की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। अंकुरण फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी मऊ ने जिले में पहली बार ड्रोन तकनीक का उपयोग कर 2500 एकड़ भूमि पर फसलों का उपचार (स्प्रे) कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

    कंपनी के संचालक श्याम राजपूत ने बताया कि कृषि ड्रोन का उपयोग केवल एक नवाचार नही, बल्कि किसानों की बड़ी समस्याओं का समाधान है। इससे समय की बचत के साथ पूरी फसल में एक समान दवा का छिड़काव होता है, जिससे बर्बादी रुकती है। घने क्षेत्रों में भी स्प्रे संभव है,जहां हस्तचालित पंप के साथ जाना मुश्किल था। छिड़काव के दौरान किसानों को जहरीले जीवों और कीटनाशकों के सीधे शारीरिक संपर्क से होने वाले खतरों से सुरक्षा मिली है।

    कंपनी के तकनीकी ऑपरेटर नीरज राजपूत ने बताया कि रबी सीजन में टीम ने 3 अत्याधुनिक ड्रोन्स की मदद से सरसों, चना और मसूर जैसी फसलों को कवर किया है, जिसमें 2500 एकड़ का यह सफर तो महज एक शुरुआत है, हमारा लक्ष्य अगले साल दस हजार एकड़ तक पहुंचना है।वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सारंगपुर राजेश राजपूत ने बताया कि कृषि ड्रोन तकनीक का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन उत्साहजनक है। खेतों में ड्रोन से फसलों पर छिड़काव के काफी सकारात्मक और प्रभावी परिणाम देखने को मिल रहे है। इससे न केवल कीटनाशकों का सटीक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, बल्कि फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आ रहा है।

    उपसंचालक कृषि सचिन जैन का कहना है कि राजगढ़ जिले में ड्रोन तकनीक के माध्यम से किया जा रहा यह नवाचार कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति ला रहा है। तकनीक के इस समावेश से निश्चित ही हमारे जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपना रहे है।शासन की मंशा के अनुरूप यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।

  • इटारसी में कार नहर में गिरी, 3 की मौत: युवक फंसे रहे कार में, विंडो तोड़ते रहे, देखते ही देखते डूब गए

    इटारसी में कार नहर में गिरी, 3 की मौत: युवक फंसे रहे कार में, विंडो तोड़ते रहे, देखते ही देखते डूब गए


    इटारसी/पथरोटा मार्ग शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पथरोटा की बड़ी नहर की रेलिंग तोड़ते हुए गहरे पानी में गिर गई कार में सवार तीन युवक मौके पर ही मृत पाए गए। मृतकों की पहचान रैसलपुर निवासी 30 वर्षीय लकी पटेल पिता भवानी शंकर पटेल जो कार चला रहा था, 26 वर्षीय शिवम तिवारी पिता महेश तिवारी निवासी खीर पानी और 19 वर्षीय अभय उर्फ अभि चौहान पिता राकेश चौहान, जय प्रकाश नगर, पुरानी इटारसी के रूप में हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इटारसी की ओर से आ रही ग्रे रंग की कार अचानक पुल की रेलिंग तोड़ती हुई सीधे नहर में समा गई। एसडीआरएफ प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित ने बताया कि कार सवार युवक विंडो खोलने और कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, साथ ही चिल्ला भी रहे थे, लेकिन कार के लॉक होने की वजह से वे गहरे पानी में डूब गए।

    हादसा देख स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। एक स्थानीय युवक ने नहर में कूदकर जान की परवाह किए बिना बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण सफल नहीं हो सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब ढाई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार को नहर से बाहर निकाला गया। कार के दरवाजे खोलते ही तीनों युवक मृत पाए गए।

    एसडीआरएफ ने बताया कि कार में युवक संघर्ष करते रहे, कांच तोड़ने के निशान मिले, लेकिन वे बाहर नहीं निकल सके। परिजनों के अनुसार तीनों सिवनी मालवा गए थे और लौटते समय यह हादसा हुआ। मृतक शिवम तिवारी के पिता महेश ने बताया कि सुबह करीब छह बजे हादसे की सूचना मिली थी। अभय चौहान के पिता राकेश ने बताया कि रात में बेटे से फोन पर बात हुई थी, अभय ने कहा था कि कार से लौट रहा है और मां से खाने को लेकर बात की थी। अभय परिवार का इकलौता बेटा था।

    लकी पटेल की मां वैष्णो देवी यात्रा पर हैं। लकी के पिता पहले ही देहांत हो चुके हैं और बड़े भाई की कुछ साल पहले नर्मदा में डूबने से मौत हो गई थी। लकी के घर में दो बहनें हैं, एक शादीशुदा और दूसरी अविवाहित शुभांगी।हादसे ने इटारसी और आसपास के इलाकों में मातम मचा दिया है। ग्रामीणों और परिवारवालों में गहरी शोक की लहर है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में लगी है और सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रही है। का हिस्सा बन गए हैं

  • पीएम मोदी ने बजट चर्चा में दिग्विजय सिंह के भाषण पर साधा चुटकी भरा तंज कहा– क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे?

    पीएम मोदी ने बजट चर्चा में दिग्विजय सिंह के भाषण पर साधा चुटकी भरा तंज कहा– क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे?


    भोपाल :संसद में बजट पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्विजय सिंह के भाषण पर चुटकी ली और मुस्कुराते हुए कहा कि क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मैं कल एक माननीय सदस्य को सुन रहा था जो अपने आप को राजा कहलाने में गर्व महसूस करते हैं लेकिन वही आर्थिक असमानता की चर्चा कर रहे थे मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा बताइए जो खुद को राजा माने और आर्थिक असमानता की बात करे क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे दिग्विजय सिंह ने अपने भाषण में सामाजिक सौहार्द और समरसता बिगड़ने के साथ आर्थिक असमानता बढ़ने की चिंता जताई थी

    संसद में विपक्ष के लगभग हर सांसद ने सरकार को घेरने की कोशिश की लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के जवाब ने ‘राजा साहब’ को सीधे तंज की जद में ला दिया

    इसी बीच लाड़ली बहनों पर विवादित बयान देने वाले मंत्री करण सिंह वर्मा ने सफाई दी और कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा उन्होंने केवल लाड़ली बहनों को भोजन पर आमंत्रित किया था उन्होंने अपने बयान पर खेद भी जताया विपक्ष ने इसकी कड़ी निंदा की वहीं इस तरह के बयान भाजपा सरकार के लिए किरकिरी का सबब बन सकते हैं इससे पहले भी मंत्री विजय शाह को लाड़ली बहनों के बयान को लेकर विवाद का सामना करना पड़ा था

    सियासी हलचल श्योपुर में तब और तेज हुई जब भाजपा पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के घर चोरी की घटना सामने आई चोरों ने एसी का पंखा ही चोरी कर लिया कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने इस घटना को लेकर खुशी जाहिर की और कहा ऐसे चोर को पुरस्कार मिलना चाहिए उन्होंने तंज कसा कि जब सत्ताधारी दल के नेता के घर में सुरक्षा नहीं है तो आम आदमी की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है

    भोपाल में मीडिया के सवालों से बचते हुए मंत्री विजय शाह सीधे कार में बैठे और शीशा चढ़ाकर रवाना हो गए उनका कर्नल सोफिया पर दिया गया विवादित बयान 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए तय है मंत्री की चुप्पी सियासी गलियारों में चर्चाओं को और बढ़ा रही है लोग कह रहे हैं इसे ही कहते हैं दूध का जला छाछ को भी फूंक फूंक कर पीता है वहीं कुछ का कहना है कहीं पार्टी ने मंत्री की जुबान पर ताला तो नहीं लगा दिया

    इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि संसद की बहस और सियासी बयानबाज़ियों ने एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ा दी है पीएम के तंज से लेकर मंत्री के बयान और मीडिया से बचने की कवायद तक ये सब राजनीतिक हलचल

  • 9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर नयी श्रमिक संहिताओं पर कार्यशाला

    9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर नयी श्रमिक संहिताओं पर कार्यशाला


    भोपाल! श्रम विभाग ने 9 फरवरी को ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यशाला का आयोजन किया है। उद्घाटन सुबह 10 बजे श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। कार्यशाला में राज्य स्तरीय एक्शन प्लान का विमोचन भी होगा।

    पूरे मध्य प्रदेश में महीनेभर चलेगा अभियान

    बंधक श्रम (बंधुआ मजदूरी) कराने वालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश का श्रम विभाग 9 फरवरी ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ से विशेष अभियान भी शुरू करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रम मंत्री की पहल पर विभाग ने बाल एवं बंधक श्रम को रोकने और जागरुकता लाने एक विशेष ‘वेदा पहल’ की शुरुआत की है।

    कार्यशाला के प्रमुख चार बिंदु

    पहला: बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राज्य एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इसमें अधिनियम के अंतर्गत निरीक्षण, पहचान, बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।

    दूसरा: बंधुआ श्रम (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के क्रियान्वयन के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिनियम की उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों पर विचार किया जाएगा।

    तीसरा: नई चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।

    चौथा: राज्य एक्शन प्लान के माध्यम से विभागीय समन्वय, प्रवर्तन व्यवस्था एवं जनजागरूकता को सुदृढ़ करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी।

    श्रम विभाग के अनुसार, कार्यशाला का उद्देश्य कानून, नीति और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि राज्य में बाल एवं बंधुआ श्रम के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

  • MP के 11 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे, कटनी सबसे ठंडा, नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मावठे की संभावना

    MP के 11 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे, कटनी सबसे ठंडा, नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मावठे की संभावना


    भोपाल। फरवरी में ठंड ने मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में फिर से दस्तक दी है। बीती रात ग्वालियर खजुराहो सहित 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। कटनी शहडोल और छतरपुर इस ठंड की सूची में सबसे आगे हैं। शुक्रवार को तेज सर्द हवाओं ने ठंड का असर बढ़ाया, और शनिवार को भी सर्दी का असर जारी रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में हाल के दिनों में ओले और बारिश का दौर चला। घना कोहरा भी प्रभावित रहा। सिस्टम कमजोर होने के बाद पिछले दो दिनों से ठंड और बढ़ गई है। सबसे ठंडा शहर कटनी रहा जहां करौंदी में तापमान 5.6 डिग्री तक गिरा। शहडोल छतरपुर और खजुराहो भी बेहद ठंडे रहे जबकि रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़ और उमरिया में 8 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव और पचमढ़ी में 8.6 डिग्री सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री और मंडला तथा सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रहा।

    पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, यहां न्यूनतम 8.7 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 10.2 डिग्री, इंदौर में 10.9 डिग्री, जबलपुर में 11.6 डिग्री और उज्जैन में 12.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को तेज सर्द हवाओं ने ठंड और बढ़ा दी और शनिवार को भी सर्दी का असर जारी रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते हाल के दिनों में प्रदेश में ओले और बारिश हुई थी साथ ही घना कोहरा भी रहा। सिस्टम कमजोर होने के बाद पिछले दो दिनों से ठंड बढ़ी है। 8 फरवरी को हल्का कोहरा रहेगा, बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड का असर बढ़ेगा। 9 फरवरी को कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा बारिश की संभावना नहीं है।

    पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिससे जल्द ही प्रदेश में मौसम प्रभावित होगा। 10 फरवरी से मावठा गिरने का अनुमान है, यानी अगले चार दिन प्रदेश में बारिश या ओले नहीं पड़ने की संभावना है। उज्जैन में सुबह का तापमान 13 डिग्री था और हल्की ठंड महसूस हुई। धूप निकलने के साथ ही दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। ग्वालियर में रातें अभी भी ठंडी हैं, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी का एहसास होता है। इंदौर में शनिवार सुबह ठंड का असर साफ नजर आया, हल्का कोहरा और ठंडी हवाओं ने ठंड बढ़ा दी। ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार धूप निकलने के बाद ठंड से कुछ राहत मिलेगी।

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल

    भोपाल! राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा”  को छात्र-छात्राओं के साथ लोक भवन में देखा। इस अवसर पर लोक भवन के जवाहर खण्ड में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और लोक भवन परिसर में रहने वाले परिवारों के बच्चे उपस्थित थे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम अभूतपूर्व है। देश के प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद सार्थक और नवाचारी है, जो विद्यार्थियों को जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। चुनौतियों के समाधान के लिए नई प्रेरणा और आत्मबल प्रदान करता है। परीक्षा काल के दौरान आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों को दूर करने के तरीके और तकनीक बताता है।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा से जुड़े तनाव का प्रबंधन सिखाता है। यह जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मबल विकसित करने का मार्गदर्शन भी देता है। तनाव मुक्त रहना, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना और सोच को सकारात्मक बनाने की प्रेरणा उज्जवल भविष्य निर्माण का रास्ता है।

    विद्यार्थियों ने कहा : प्रधानमंत्री श्री मोदी के सरल, रोचक और प्रेरक संदेशों ने बढ़ाया आत्मविश्वास

    राज्यपाल श्री पटेल द्वारा प्रधानमंत्री श्री मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिये गए आमंत्रण से विद्यार्थी अभिभूत थे। सभी विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का एक अद्भुत, प्रेरक और अविस्मरणीय अनुभव बताया। मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल की कक्षा 12वीं की छात्रा सुश्री आराध्या शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के सरल, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक संदेशों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह अब परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज और सकारात्मक महसूस कर रही हैं। केन्द्रीय विद्यालय-2 के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी अरिहंत जैन ने कार्यक्रम को व्यवहारिक सीख, चुनौतियों के रणनीतिक समाधान और परीक्षा के तनाव को कम करने में अत्यंत उपयोगी सुझावों का खजाना बताया। केन्द्रीय विद्यालय-1 की कक्षा 9वीं की छात्रा सुश्री महक विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम ने हम सब विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को परीक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। सभी छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल श्री पटेल और प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव श्री मालसिंह भयड़िया, लोक भवन के अधिकारी और छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

  • राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बन चुका है। मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। राज्य सरकार जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने तुअर से मंडी टैक्स हटाया है, इससे दाल मिल उद्योग को लाभ मिलेगा। उड़द और मसूर पर भी राहत देने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में दालों का विशेष महत्व है। मूंग और मसूर की दालों पर मुहावरे बन गए। दालों से हमें प्रोटीन मिलता है। यह गर्व का विषय है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्दौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएशन के ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दूध और दलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में मसूर और उड़द उत्पादन को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस देने की योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों सहित उद्यमियों को भी लाभ होगा, इंदौर में उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, यहां से रोड, रेल और हवाई हर तरह की बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है। प्रदेश में एयरकार्गों के विकास की दिशा में प्रयास जारी हैं, जिससे व्यापार व्यावसाय विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दाल मिल से संबंधित उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों, व्यापारियों, कृषकों, आदि के साथ राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की कार्यशाला शीघ्र ही भोपाल में आयोजित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की एक विशिष्ट छवि बनी है। भारत के बजट के आधार पर दुनिया अपनी नीतियां तय करती है। अब समय बदल चुका है। भारत सरकार पर किसी टैरिफ का असर नहीं पड़ता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए अन्नदाता किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 4 श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी में देश को आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण के लिए आगामी 5 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। सबको प्रोत्साहन देते हुए 5 साल में राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वृद्धि दर के हिसाब से दोगुना करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य की जीडीपी 39 प्रतिशत है और हमारी कृषि विकास दर 16 प्रतिशत के आस-पास है। गेहूं, चना, मसूर सहित तिलहन फसलों में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। मध्यप्रदेश आज डेयरी, पशुपालन, मत्स्य उत्पादन, पुष्प उत्पादन, सब्जी, फल सभी क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों से कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करें। हमारी सरकार जमीन, मशीन और टैक्स कम करने से लेकर सभी प्रकार से सहयोग प्रदान करेगी। प्रदेश की धरती पर सभी निवेशकों का स्वागत है। राज्य सरकार ने लघु-कुटीर उद्योग और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, दूसरे राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किए। औद्योगिक विकास के लिए नई नीतियां लागू कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 5500 करोड़ से अधिक राशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उद्यमियों को भी अंतरित की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी और जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार उद्यमियों को श्रमिकों के वेतन में सहयोग के लिए 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों को सरल किया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि उन्हें दिलवाई गई है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों सहित सबके साथ हर कदम पर साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाएगी। इसके लिये प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जिलों में फूड पार्क और नई अनाज मंडियां शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योगपतियों को फूड पार्क विकसित करने के लिए भी राज्य सरकार सभी सुविधाएं देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और लोक कल्याण से देशभर में ख्याति अर्जित की। उन्होंने मुगलकाल में ध्वस्त देवा स्थानों का जीर्णोद्धार करने का कार्य किया था।

    जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार औद्योगिक विकास और प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश को देश-विदेश से बड़ा औद्योगिक निवेश मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सशक्त हुई है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक इंदौर ने देश में दाल उद्योग का नेतृत्व किया है। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने का दाल उद्योग को बढ़ाया।

    तीन दिवसीय प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन की तीन दिवसीय प्रदर्शनी ग्रीन एक्स का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में दाल मिलिंग, मसाला मशीनरी, फ्लोर मिल, राइस मिल सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। इस प्रदर्शनी में कनाडा, तुर्की, ताइवान, स्पेन, ब्रिटेन, चीन, इंग्लैंड सहित भारत के विभिन्न शहरों से आई आधुनिक मशीनों का भी प्रदर्शन किया गया है।

    इस अवसर पर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला तथा श्री गोलू शुक्ला, पूर्व महापौर श्री कृष्णमुरारी मोघे, श्री सुमित मिश्रा, श्री गौरव रणदीवे, ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल, सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल भी मौजूद थे।

    स्वामीनारायण मंदिर में किये दर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पहले स्वामीनारायण मंदिर पहुँचकर दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहें।

  • राजगढ़ पोस्ट ऑफिस घोटाला: जीरापुर उप डाकघर में खातों में हेरफेर कर करोड़ों की धोखाधड़ी

    राजगढ़ पोस्ट ऑफिस घोटाला: जीरापुर उप डाकघर में खातों में हेरफेर कर करोड़ों की धोखाधड़ी


    राजगढ़ के जीरापुर उप डाकघर में खाताधारकों के खातों में हेरफेर कर 1.23 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले पूर्व उप डाकघर मास्टर अशोक कुमार सोनी पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कस रहा है। ईडी ने भोपाल स्थित न्यायालय में अशोक कुमार सोनी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। न्यायालय ने आरोपी को पूर्व संज्ञान सुनवाई का नोटिस जारी किया।

    इससे पहले यह मामला सीबीआइ और एसीबी द्वारा दर्ज किया गया था। दिसंबर 2020 में सीबीआइ ने आरोपपत्र दाखिल कर लिया था। जांच में पता चला कि वर्ष 2016-17 के दौरान अशोक कुमार सोनी, जीरापुर उप डाकघर में उप डाकघर मास्टर के पद पर तैनात था।

    दिसंबर 2016 से मई 2017 के बीच उसने संचय पोस्ट साफ्टवेयर का उपयोग करके 138 डाक बचत बैंक खातों में पिछली तारीखों की फर्जी जमा प्रविष्टियां कीं। इसके जरिए उसने बिना किसी वास्तविक जमा के खातों की शेष राशि बढ़ा दी। इसके बाद फर्जी खाते और संचय पोस्ट से फिनाकल सिस्टम में स्थानांतरण करके उसने कुल 1,23,31,180 रुपये निकाल लिए।घोटाले का पता तब चला जब अशोक कुमार सोनी ने नवंबर और दिसंबर 2017 के दौरान 1,24,44,800 रुपये नकद जमा किए। इस धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर सीबीआइ ने केस दर्ज किया और बाद में मामला ईडी के पास पहुंचा।

    ईडी ने आरोप लगाया कि यह धोखाधड़ी और फर्जी प्रविष्टियों का मामला गंभीर है और आरोपी को न्यायालय में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जांच में यह भी पता चला कि अशोक कुमार सोनी ने खाताधारकों की जानकारी का दुरुपयोग कर राशि का गबन किया।इस घोटाले के मामले में ईडी की कार्रवाई और कोर्ट में शिकायत दर्ज होने के बाद अब इस मामले पर न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। अधिकारियों का कहना है कि धोखाधड़ी की राशि की वापसी और आरोपी की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • "परीक्षा पे चर्चा": लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    "परीक्षा पे चर्चा": लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी


    भोपाल ! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में विद्याथिर्यों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र श्री आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्‍होंने कहा कि शिक्षकों की गति से सामंजस्‍य बैठाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोड़ो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मन को जोड़ने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों के साथ आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में तनावमुक्त जीवन, समय प्रबंधन, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यवसायिक विकास के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्‍होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    2018 से लगातार हो रहा आयोजन

    प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्ष 2018 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम का 9 वां संस्करण था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश भर से आये विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया गया।

    जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता- शिक्षा मंत्री श्री सिंह

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा कन्या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री श्री मोदी के परीक्षा मंत्र सुने। मंत्री श्री सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए सूत्रों और विचारों को आत्‍मसात कर परीक्षाओं की तैयारी करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं।

    शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्‍कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने विशिष्‍ट जनों, वरिष्‍ठ अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता की। संचालक लोक शिक्षण श्री केके द्व‍िवेदी सहि‍त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संयुक्‍त संचालक श्री एच.एन. नेमा भी उपस्थित रहे।

    प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद (SCERTS), सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETS) और प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को समारोह पर्वूक आयोजित किया गया। उक्‍त कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की गई थी।

    9 फरवरी को होगा अगला प्रसारण

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का अगला प्रसारण 9 फरवरी 2026 को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी देश के विभिन्‍न अंचलों के विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर सुबह 10 बजे से प्रसारित किया जायेगा। प्रदेश के विद्यालयों में उक्‍त कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।