Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार को उस समय हुई, जब शहर में हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था।

    यह है मामला
    जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अशोका गार्डन इलाके में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान 35 वर्षीय चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय सुभाष कॉलोनी का निवासी था और अशोका गार्डन व कोलार इलाके में चाय की दो दुकानें संचालित करता था।

    घटना की रात करीब 1:30 बजे वह अपनी होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गया था। इसी दौरान मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कर्मचारियों को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उनके इनकार करने पर उनसे अभद्रता की गई। जब विजय ने बीच-बचाव करते हुए आसिफ को समझाने की कोशिश की और ‘बेटा’ कहकर संबोधित किया, तो विवाद और बढ़ गया। गुस्से में आकर आसिफ ने चाकू से विजय के पेट पर वार कर दिया, जबकि उसके साथियों ने भी मारपीट की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विजय को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    केरवा के जंगल में छिपा था आरोपी

    हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम की तलाश में जुटी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह केरवा के जंगलों में छिपा हुआ है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।

    अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि आरोपी को रोकने और आत्मरक्षा के तहत यह कदम उठाया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

    वहीं, इस घटना के विरोध में बुधवार को विजय मेवाड़ा के परिजन और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति और बजरंग दल समेत कई संगठनों के लोग रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हुए।

    प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगी। प्रदर्शनकारी पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए, जो मुख्यमंत्री निवास से लगभग 100 मीटर दूर है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। साथ ही, प्रदर्शनकारियों में से पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति दी गई।

  • MP में मिलावट का डर: दूध, घी, मसाले समेत रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ फेल, ग्वालियर नंबर वन

    MP में मिलावट का डर: दूध, घी, मसाले समेत रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ फेल, ग्वालियर नंबर वन


    भोपाल । मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा का अलर्ट जारी हो गया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले तीन सालों में लगभग 2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें दूध, मावा, पनीर, घी, मिठाई, मसाले और तेल जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार, मोबाइल वैन के जरिए एक लाख सैंपल लिए गए, जिनमें डेयरी उत्पाद सबसे ज्यादा मिलावटी पाए गए। मिठाइयों जैसे जलेबी, लड्डू, बर्फी, गजक और नमकीन में भी मिलावट पाई गई। मसालों में लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी और सोयाबीन तेल के कई सैंपल फेल हुए हैं।

    मिलावट में ग्वालियर जिला सबसे ऊपर है। यहां दो हजार सैंपल में से लगभग 420 सैंपल फेल पाए गए। अन्य जिलों में स्थिति इस प्रकार है: गुना 110, उज्जैन 95, भिंड 90, बुरहानपुर और जबलपुर 75-75, शाजापुर 70, खरगोन 65, सीहोर 55, धार 40, राजगढ़ 35, नीमच 30, नरसिंहपुर 28 और अन्य जिले भी इस सूची में शामिल हैं।

    कहां कौन से सैंपल फेल हुए हैं, इसका विवरण भी सामने आया है। ग्वालियर में दूध, दही, पनीर, घी, मिक्स्ड मिल्क, गजक, मावा बर्फी, मालाई बर्फी, चावल और आटा फेल पाए गए। इंदौर में लस्सी, मिल्क केक, मावा कतली, पनीर, इडली और सांभर फेल हुए। शाजापुर में दूध, घी, पनीर, मावा, बेसन, लाल मिर्च पाउडर और कुकिंग ऑयल फेल पाए गए।

    दमोह में जलेबी, बेसन लड्डू, आलू मटर, चाउमीन, घी, पनीर और दही, भिंड में मालाई बर्फी, मावा पेड़ा, सौंफ और काली मिर्च, मुरैना में मावा, घी, पनीर, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू, धार में मावा, पनीर, धनिया पाउडर और पताशे, सागर में मोतीचूर लड्डू, रीवा में तुअर दाल और मिठाई, सिवनी में गुजिया, सेव और पनीर, नरसिंहपुर में दूध, खंडवा में गुड़ चिक्की, बैतूल में दही और काली मिर्च, सीहोर में खाने का तेल फेल पाया गया।

    खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि यह रिपोर्ट स्वास्थ्य के लिए गंभीर चेतावनी है। आम जनता को ऐसे उत्पादों से बचने और केवल प्रमाणित और सुरक्षित ब्रांड के खाद्य पदार्थ खरीदने की सलाह दी गई है।

  • भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश

    भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश


    भोपाल । भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड मामले से जुड़ी बड़ी घटना सामने आई है। इस मामले का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हुआ। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी तभी रातीबड़ के पास आरोपी ने पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया और आसिफ घायल हो गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    आसिफ पर पहले से 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह मर्डर घटना अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के प्रभात पेट्रोल पंप के पास हुई थी जहां विजय मेवाड़ा के साथ मामूली विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। विजय पेट और छाती पर कई वार से गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

    इस घटना के बाद राजधानी में हिंदू संगठनों ने गुस्से में सड़क पर उतरकर न्याय की मांग की। शकल हिंदू समाज के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च का ऐलान कर चुके थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। संगठन ने आरोपियों पर NSA और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।

    मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तुरंत मृतक के परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाया और कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि बुलडोजर कार्रवाई तुरंत की जाए। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि अपराधियों की लिस्ट तैयार करें घर-घर सर्वे कर प्रत्येक आरोपी को जेल भेजा जाए।

    मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी कि अपराधियों की आने वाली पीढ़ियां भी इसे याद रखें। पुलिस पूरे इलाके में हाई अलर्ट पर है और मौके पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। इस मामले में कार्रवाई तेज़ कर दी गई है और आरोपी आसिफ बम के एनकाउंटर के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।

  • जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल

    जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल


    हरदा । हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह एक पुराना जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। जानकारी के अनुसार यह झगड़ा मामा-बुआ के परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा था, जो अचानक उग्र रूप ले लिया।

    इस घटना में 65 वर्षीय अमरसिंह कलम की मौके पर ही मौत हो गई। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में मृतक के भाई सूरत सिंह सहित रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष के नारायण राजपूत भी घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घायल लोगों को सिराली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल हरदा रेफर किया गया।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि जमीनी विवाद इस खूनी झड़प का मुख्य कारण था। स्थानीय लोग और परिवार वाले अब भी इस घटना को लेकर तनाव में हैं और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • MP में गेहूं खरीदी फिर टली: बारदाने की कमी से 10 अप्रैल तक बढ़ी तारीख, किसानों की बढ़ी चिंता

    MP में गेहूं खरीदी फिर टली: बारदाने की कमी से 10 अप्रैल तक बढ़ी तारीख, किसानों की बढ़ी चिंता


    भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी एक बार फिर टाल दी गई है, जिससे किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पहले 16 मार्च से शुरू होने वाली खरीदी को 1 अप्रैल तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दिया गया है। इस देरी के पीछे सबसे बड़ी वजह बारदाने (पीपी और एचडीपीपी बैग) की भारी कमी बताई जा रही है। ये बैग पेट्रोलियम उत्पादों से तैयार होते हैं और गेहूं के भंडारण के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

    जानकारी के अनुसार, ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे इन बैग्स का उत्पादन और आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका सीधा असर गेहूं खरीदी प्रक्रिया पर पड़ा है। सीहोर जिले के किसान, जो अपने शरबती गेहूं के लिए प्रसिद्ध हैं, इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हैं। रफीकगंज के किसान अवध नारायण का कहना है कि उन्होंने 20 एकड़ में गेहूं की खेती की है। पिछले साल इस समय तक खरीदी और भुगतान दोनों हो चुके थे, लेकिन इस बार फसल कटने के बाद भी खेतों में पड़ी है, जिससे भंडारण की समस्या बढ़ रही है। वहीं किसान नरेश परमार बताते हैं कि फसल कटे करीब एक महीना हो चुका है, लेकिन खरीदी में देरी के कारण उन्हें रोज खेतों की निगरानी करनी पड़ रही है।

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल गेहूं खरीदी के लिए करीब 15.60 करोड़ बारदानों की जरूरत है, जबकि अभी केवल 5.50 करोड़ बारदाने ही उपलब्ध हैं। यानी लगभग 10 करोड़ से ज्यादा की कमी बनी हुई है। वेयरहाउस संचालकों के अनुसार, इस बार जूट और पीपी दोनों तरह के बैग समय पर नहीं मिल पाए, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।

    हालांकि सरकार ने बारदाने की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और जल्द स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए तैयारी में लापरवाही का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने सवाल उठाया कि जब हर साल मार्च में खरीदी होती है, तो पहले से पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की गई। इस पूरी स्थिति का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्होंने कर्ज लेकर फसल तैयार की है और अब बिक्री में देरी के चलते आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।

  • एमपी में 15 अप्रैल के बाद पड़ेगी तेज गर्मी, शुरुआती दिनों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    एमपी में 15 अप्रैल के बाद पड़ेगी तेज गर्मी, शुरुआती दिनों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। जहां अप्रैल की शुरुआत आंधी और बारिश के साथ होगी, वहीं 15 अप्रैल के बाद भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे ज्यादा तापमान बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग भी गर्मी की चपेट में रहेंगे।

    मौसम विभाग ने 1 से 4 अप्रैल तक प्रदेश के करीब आधे हिस्से में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत 29 जिलों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी गई है। अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    पिछले दो दिनों से पूरे प्रदेश में मौसम का असर बना हुआ है। 12 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 41 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को धार जिले के कुक्षी और मनावर में ओले गिरे, वहीं रात के समय भी कई इलाकों में मौसम बदला रहा। हालांकि इन सबके बीच गर्मी का असर भी लगातार बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। खजुराहो में 39.2 डिग्री, रतलाम और नौगांव में 39 डिग्री, दमोह में 39.1 डिग्री और खरगोन, रायसेन व उमरिया में 38 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल और जबलपुर में 37 डिग्री, इंदौर और ग्वालियर में 36.6 डिग्री तथा उज्जैन में 36 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय हैं। इसके साथ ही 2 अप्रैल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर भी देखने को मिलेगा, जिससे 4 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होते ही गर्मी तेजी से बढ़ेगी। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेज उछाल आएगा, जबकि महीने के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे क्षेत्रों में तापमान 44 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आमतौर पर अप्रैल में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जो भीषण गर्मी का कारण बनती हैं।

  • आईपीएल की तर्ज पर एमपीएल की नीलामी, सबसे महंगे 15 लाख में बिके आशुतोष शर्मा

    आईपीएल की तर्ज पर एमपीएल की नीलामी, सबसे महंगे 15 लाख में बिके आशुतोष शर्मा


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (एमपीएल) के आगामी सीजन के लिए मंगलवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में खिलाड़ियों की नीलामी हुई। आईपीएल की दर्ज पर हुई इस नीलामी में आशुतोष शर्मा सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। उन्हें मालवा स्टेलियंस ने 15 लाख रुपये में खरीदा है।

    वहीं, दूसरे नंबर पर अक्षत रघुवंशी हैं, जिन्हें रीवा जगुआर ने 13.80 लाख रुपये कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया। तीसरी सबसे बड़ी बोली अनिकेत वर्मा को मिली। अनिकेत को भोपाल लेपर्ड्स ने 13 लाख 20 हजार रुपये में खरीदा। शिवांग कुमार को बुंदेलखंड बुल्स ने 13 लाख कीमत देकर अपनी टीम में शामिल किया है। वहीं, आवेश खान को चंबल घड़ियाल ने 8.20 लाख और शिवम शुक्ला को इंदौर पिंक पैंथर ने 6.60 लाख रुपये में खरीदा है।

    इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ऑक्शनियर चारू शर्मा ने नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। नीलामी में मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महानआर्यमान सिंधिया भी मौजूद रहे। इस नीलामी में सबसे पहले फ्रेंचाइजी टीमों की जानकारी दी गई। बताया गया कि पिछले संस्करण की सात टीमों ने अपने एक-एक आईकॉन खिलाड़ी को रिटेन किया है। इनमें सबसे महंगे वेंकटेश अय्यर हैं, जिन्हें पिंक पैंथर्स टीम ने 12 लाख 50 हजार रुपये में रिटेन किया। वे आरसीबी में रजत पाटीदार की कप्तानी में खेलते हैं, लेकिन रजत को ग्वालियर चीताज ने सात लाख रुपये में रिटेन किया है। उनसे महंगे अरशद खान हैं, जिन्हें भोपाल लेपर्ड्स ने आठ लाख रुपये में रिटेन किया है।

    नीलामी में कुमार कार्तिकेय को 10.20 लाख रुपये में रॉयल निमाड़ ईगल्स, मंगेश यादव को 12 लाख रुपये में ग्वालियर चीताज, उज्जैन फाल्कन ने माधव तिवारी को 10.60 लाख, रॉयल निमाड़ ईगल्स ने सारांश जैन को 9.60 लाख और रीवा के कुलदीप सेन को 7 लाख में बुंदेलखंड बुल्स ने खरीदा।


    हर फ्रेंचाइजी को 50 लाख रुपए का पर्स

    एमपीएल की इस नीलामी में शामिल सभी फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स आवंटित किया गया था। इस नीलामी प्रक्रिया में कुल 244 खिलाड़ियों ने अपनी किस्मत आजमाई। टूर्नामेंट के शेड्यूल की बात करें तो जून 2026 में इसके मुकाबले इंदौर और ग्वालियर के मैदानों पर खेले जाएंगे। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह टूर्नामेंट प्रदेश के बेहतरीन टेलेंट को देखने का एक बड़ा मंच साबित होगा।


    उम्र सीमा के लिए बीसीसीआई ने बनाई नीति

    इस बार एमपीएल में खिलाड़ियों की उम्र को लेकर एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, 19 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को इस टी-20 टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति नहीं दी गई है। बोर्ड की नीति के अनुसार, छोटी उम्र के खिलाड़ियों के लिए टी-20 प्रारूप को हतोत्साहित किया जाता है ताकि वे रेड बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट और प्रथम श्रेणी मैचों जैसे लंबे प्रारूपों के प्रति अधिक गंभीर और केंद्रित रह सकें।

  • मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन

    मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में पालन हुआ है। वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 375 करोड़ रुपये की राशि मंगलवार को ही एमएसएमई विभाग ने 600 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में प्रोत्साहन तथा अनुदान राशि अंतरित भी कर दी है।

    उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में संपन्न हुए कार्यक्रम में 250 इकाइयों को 169 करोड़ 57 लाख की राशि अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शेष इकाइयों से वायदा किया था कि उन्हें भी जल्दी ही मदद की जाएगी। एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विभाग और उद्यमियों की ओर से मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए आभार व्यक्त किया है।

    उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम एमएसएमई के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेश में निवेश एवं उद्यम का जाल बिछाने की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू की है। नीति में निवेशकों को विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि निवेशकों को स्वीकृत सुविधाओं का समयावधि में वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

    उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश एवं विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इकाइयों की लंबित देयताओं के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा समुचित बजट आवंटन विभाग को उपलब्ध कराया गया। एमएसएमई इकाइयों को स्वीकृत सुविधाओं के वितरण की निरंतरता में 31 मार्च मंगलवार को 600 से अधिक इकाइयों को राशि रु. 375 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गयी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इतनी बड़ी मात्रा में अनुदान राशि वितरण होने पर निवेशकों में उत्साह एवं प्रदेश की नीतियों के प्रति विश्वास और प्रबल हुआ है।

    एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने एमएसएमई इकाइयों को उनकी स्वीकृत सुविधाओं के समयावधि में वितरण के लिए मुख्यमंत्री का का आभार व्यक्त किया है। एमएसएमई जगत के उद्यमियों एवं संघो द्वारा भी उक्त पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा है कि शासन की इस पहल से न केवल स्थापित एमएसएमई इकाई निरंतर प्रगति कर रही हैं अपितु देश एवं विदेश के निवेशक भी प्रदेश में नए निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।

  • एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन ने दोनों राज्यों के साझा विकास व सांस्कृतिक समन्वय को दी नई दिशा :मोहन यादव

    एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन ने दोनों राज्यों के साझा विकास व सांस्कृतिक समन्वय को दी नई दिशा :मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि काशी विश्वनाथ की पावन नगरी वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन का मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय है। इस आयोजन ने निर्यात सहयोग, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन को नई दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को सम्मेलन के बाद वाराणसी में मीडिया से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन मुख्यतः एक जिला-एक उत्पाद, जीआई टैग उत्पादों, निर्यात योग्य उत्पादों, पारंपरिक शिल्प और क्षेत्रीय विशेषताओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर केंद्रित रहा। दोनों राज्यों के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन देते हुए उनके ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। औद्योगिक सहयोग, निवेश संवर्धन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श हुआ।

    उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने परस्पर समन्वय और सहयोग से समृद्धि और विकास की दिशा में लंबी छलांग लगाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सम्मेलन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार माना तथा उत्तर प्रदेश के मंत्रीद्वय नंद गोपाल गुप्ता “नंदी” तथा राकेश सचान को धन्यवाद दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का दोनों राज्यों से अटूट संबंध है। भगवान श्रीराम ने अवतार के बाद जहां वनवास का लंबा समय मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में गुजारा। भगवान भी मथुरा के बाद श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने उज्जैन पधारे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर धार्मिक आस्था के कई केन्द्र विद्यमान हैं। धार्मिक आस्था की इस समानता को देखते हुए दोनों राज्यों के बीच धार्मिक सर्किट विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।


    विभिन्न औद्योगिक संगठनों एवं व्यापारिक संस्थाओं की रही सहभागिता

    उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य ओडीओपी, जीआई टैग, शिल्प, कृषि एवं फूड उत्पादकों, उद्योग जगत, निवेशकों, शिल्पकारों एवं नीति-निर्माताओं को एक वृहद एवं साझा मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम में कुल लगभग 400 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों की व्यापक सहभागिता ने कार्यक्रम को संवाद, सहयोग एवं अनुभवों की साझेदारी का एक सशक्त एवं प्रभावी मंच बनाया।

    सम्मेलन में कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों को प्रत्यक्ष संवाद का मिला अवसर
    मुख्यमंत्री ने कहा विशुद्ध रूप से ओडीओपी उत्पादों के एक्सचेंज और आपसी सीख (Exchange & Learning Platform) के लिए अभिकल्पित किया गया था, जहां दोनों राज्यों के कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों को प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला। कार्यक्रम ओडीओपी एक्सचेंज आधारित प्रदर्शनी, राज्यों के बीच सहयोग, साझा ब्रांडिंग, संयुक्त निर्यात और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा।


    महत्वपूर्ण एमओयू हुए हस्ताक्षरित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सम्मेलन में मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। पहला एमओयू श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं श्री महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति के मध्य हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत वाराणसी और उज्जैन में हुए विकास कार्यों से दोनों स्थानों पर धार्मिक पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप दोनों शहरों की अर्थव्यवस्था में बदलाव आया है। इन समानताओं को देखते हुए बाबा विश्वनाथ और महाकाल मंदिर के प्रबंधन से संबंधित अनुभवों को साझा करने के उद्देश्य से यह एमओयू किया गया है। दूसरा एमओयू वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट की पहल को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा अंतर्राज्यीय सहयोग के माध्यम से आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया।


    विशेष प्रदर्शनी का आयोजन

    मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्मेलन में ओडीओपी उत्पादों पर एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश के 14 और उत्तर प्रदेश के 07 जिलों के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” उत्पादों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में दोनों राज्यों के प्रदर्शकों द्वारा हस्तशिल्प, वस्त्र, खाय उत्पाद, जीआई टैग उत्पाद एवं अन्य स्थानीय विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए।


    सम्मेलन में दो समानांतर सत्रों का आयोजन

    उन्होंने बताया कि सम्मेलन में दो समानांतर सत्रों का आयोजन भी किया गया। जॉइंट आर्टिजन वर्कशॉप सम्मेलन में मध्य प्रदेश के चंदेरी एवं महेश्वरी ब्रांड के कारीगरों ने उत्तर प्रदेश के बनारसी सिल्क कारीगरों के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया। पारंपरिक बुनकरी तकनीकों, डिज़ाइन नवाचारों साझा ब्रांडिंग रणनीतियों और संयुक्त खरीदार पहुंच, उन्नत पैकेजिंग, गुणवत्ता मानकों एवं निर्यात-उन्मुख उत्पाद विकास पर विचार-विमर्श किया गया। दूसरा समानांतर सत्र टूरिज्म राउंड टेबल सम्मेलन रहा। इसमें उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश के पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख दूर ऑपरेटर्स तथा आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। यह पहल दोनों राज्यों में धार्मिक पर्यटन को संगठित करने, पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को सशक्त करने की दिशा में प्रभावी सिद्ध हुई।


    काशी विश्वनाथ धाम में महानाट्य विक्रमादित्य का 3, 4 और 5 अप्रैल को मंचन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग और विक्रमादित्य शोध संस्थान का प्रयास है कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन से जुड़े विविध पहलु तथा उनका विराट व्यक्तित्व पूरे देश के लोगों के सामने आए। इस उद्देश्य से काशी विश्वनाथ धाम में महानाट्य विक्रमादित्य का 3, 4 और 5 अप्रैल को मंचन किया जा रहा है। इस नाट्य से विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, दयालुता, सुशासन और लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी आस्था बेहतर तरीके से सबके सामने आएगी। नाटक में हाथी, घोड़े, ऊंट और पालकी शामिल होंगी। इस नाटक में 300 से 400 कलाकार सम्राट विक्रमादित्य के तत्कालीन समय को जीवंत करेंगे। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार का पूर्ण सहयोग हमें प्राप्त हो रहा है।

    दोनों राज्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी संयुक्त रूप से कार्य करने की ओर अग्रसर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना दोनों राज्यों में सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक गतिविधियों को जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी संयुक्त रूप से कार्य करने की ओर अग्रसर हैं।


    सम्मेलन सांस्कृतिक समन्वय का एक प्रभावशाली मंच बना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन दोनों राज्यों के लिए विकास और सांस्कृतिक समन्वय का एक प्रभावशाली मंच बना। इस सम्मेलन ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच आपसी सहयोग को सुदृढ़ किया। इस पहल ने निवेश आकर्षण, रोजगार के नए अवसरों के सृजन, पारंपरिक शिल्पों के संरक्षण, निर्यात संवर्धन और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश क्षेत्रीय संतुलित विकास को सशक्त करते हुए आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित करने की ओर अग्रसर होंगे।


    महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ की तैयारियों का निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी स्थित बीएलडब्ल्यू मैदान पहुँचकर आगामी 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित होने वाले भव्य महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ की तैयारियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, मंच सज्जा और दर्शकों की सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। न्याय और शौर्य के प्रतीक महाराजा विक्रमादित्य के कालजयी इतिहास को जीवंत करने वाला यह आयोजन न केवल कला का उत्कृष्ट संगम है, बल्कि हमारी गौरवशाली विरासत के पुनरुद्धार का एक सशक्त माध्यम भी है।

  • कृषि बजट में 90 हजार करोड़ का प्रावधान, किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है सरकार : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

    कृषि बजट में 90 हजार करोड़ का प्रावधान, किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है सरकार : उप मुख्यमंत्री देवड़ा


    भोपाल ।
    मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो किसानों के कल्याण और कृषि विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उपमुख्यमंत्री देवड़ा मंगलवार को नीमच जिले के जावद में मंडी प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय जहर मुक्त जीरो बजट कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरे वर्ष कृषि और किसानों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों और नई पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास कर रही है।उपमुख्यमंत्रीदेवड़ा ने किसानों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण शिविर में उन्होंने जो भी नई तकनीकें और अनुभव प्राप्त किए हैं, उन्हें अपनी खेती में लागू करें ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और कम लागत वाली खेती की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।

    उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि आयुष्मान भारत के माध्यम से गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक के नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है, वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।

    देवड़ा ने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करे तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना अवश्य साकार होगा। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक और ज्ञान के साथ खेती को और अधिक समृद्ध बनाने का संदेश दिया। समारोह में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। इस अवसर पर विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, दिलीप सिंह परिहार, अनिरूद्ध मारू सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।