Category: Madhya Pradesh

  • MP: सीएम ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के विकास को लेकर की चर्चा

    MP: सीएम ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के विकास को लेकर की चर्चा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्रियों और राज्य के संसद सदस्यों से मुलाकात कर प्रदेश के विकास संबंधी योजनाओं पर चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय संचार और उत्तर पूर्वी विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन , केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर से भी मुलाकात की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और महेन्द्र सिंह भी उनके साथ उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके पहले मध्य प्रदेश के सांसदों से विकास के विभिन्न मुद्दों पर वन-टू-वन चर्चा की। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में संसद सदस्यों के साथ मध्य प्रदेश भवन में हुई बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

  • डिजिटल कार्यप्रणाली से पारदर्शिता, त्वरित निर्णय एवं जवाबदेही होगी अधिक सुदृढ़: डीजीपी

    डिजिटल कार्यप्रणाली से पारदर्शिता, त्वरित निर्णय एवं जवाबदेही होगी अधिक सुदृढ़: डीजीपी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने कहा कि ई-आफिस प्रणाली के माध्यम से कार्यों में पारदर्शिता एवं गति आएगी, जिससे पुलिस कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने सभी इकाइयों को निर्देशित किया कि ई-आफिस का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

    डीजीपी मकवाणा बुधवार को पुलिस मुख्यालय भोपाल में आयोजित ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हाल ही में सम्पन्न नवरात्रि पर्व की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आगामी हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।

    पुलिस विभाग में ई-आफिस प्रणाली के प्रभावी एवं अनिवार्य उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस विभाग के समस्त कार्यालयों में डिजिटल कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करते हुए कार्यों में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय क्षमता एवं जवाबदेही को बढ़ाना है।

    प्रशिक्षण सत्र में प्रदेश के पुलिस आयुक्त इंदौर/भोपाल, समस्त पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस अधीक्षक (भोपाल, इंदौर, जबलपुर), प्रशिक्षण शालाओं के पुलिस अधीक्षक एवं समस्त सेनानी ऑनलाईन उपस्थित थे। साथ ही पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र, सहायक पुलिस महानिरीक्षक दीपक ठाकुर, ऋचा चौबे, एनआईसी से धर्मेंद्र जैन, सौरभ, देवेंद्र तिवारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

    डीजीपी ने कहा कि सभी अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थलों, विशेषकर धार्मिक स्थलों का निरीक्षण करें तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने भीड़ प्रबंधन के दौरान एंट्री एवं एग्जिट मार्ग पृथक रखने, क्रॉस मूवमेंट रोकने, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, मजबूत बैरिकेडिंग एवं सेक्टर आधारित व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए, साथ ही वीआईपी मूवमेंट के दौरान आमजन की आवाजाही बाधित न हो, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा। पूर्व में घटित घटनाओं से सीख लेते हुए अधिकारियों को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश भी दिए।

    अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एससीआरबी जयदीप प्रसाद ने ई-आफिस की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर इसका 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जा चुका है तथा इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है। उन्होंने डिजिटल कार्यप्रणाली को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए सभी अधिकारियों से इसे प्राथमिकता के साथ अपनाने का आह्वान किया।

    एनआईसी से उपस्थित प्रशिक्षक अधिकारियों द्वारा ई आफिस प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल्स, फाइल प्रबंधन, नोटशीट, पत्राचार एवं अनुमोदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई तथा अधिकारियों के प्रश्नों के समाधान भी किए गए।

    बैठक में ई-विवेचना (e-Vivechana) ऐप के संबंध में भी जानकारी दी गई। समस्त पुलिस इकाइयों में पदस्थ विवेचकों को वितरित किए जा रहे ई-विवेचना टैबलेट के माध्यम से संपूर्ण अनुसंधान कार्य किए जाने तथा उनका प्रशिक्षण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही घटना स्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी हेतु ई-साक्ष्य ऐप, अनुसंधान की प्रभावी मॉनीटरिंग हेतु संदेश ऐप, तथा वर्ष 2016 से 2018 के लंबित चालानों के डेटा डिजिटाइजेशन हेतु उपलब्ध यूटिलिटी का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

    साथ ही, Measurement Collection Unit (MCU) के संबंध में भी आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। यह इकाई आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत स्थापित एक विशेष सुविधा है, जिसके माध्यम से गिरफ्तार व्यक्तियों के बायोमेट्रिक डाटा जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन, डीएनए सैंपल एवं फोटोग्राफ संग्रहित एवं विश्लेषित किए जाते हैं। इससे अपराधियों की पहचान एवं ट्रैकिंग प्रक्रिया आधुनिक एवं अधिक प्रभावी होगी।

  • मुरैना पुलिस ने अवैध शराब सहित कार चालक को धर दबोचा

    मुरैना पुलिस ने अवैध शराब सहित कार चालक को धर दबोचा


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पोरसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने बीती रात गश्त के दौरान एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस की टीम ग्राम जोटई रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक संदिग्ध कार पर नजर गई। वाहन को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें करीब पांच लाख रुपए मूल्य की 19 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई।

    पुलिस ने मौके पर कार चालक सुखबीर सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसका वितरण किस तरह किया जाना था।

    पोरसा थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को शराब तस्करी रोकने की दिशा में अहम कदम बताया। अधिकारीयों ने कहा कि गश्त और सतर्कता के कारण ही इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सका। घटना से इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास की जानकारी मिली।

    पुलिस अब आरोपी के अन्य सहयोगियों और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है। अवैध शराब के इस बड़े जखीरे की बरामदगी पुलिस के सक्रिय अभियान की सफलता को दर्शाती है।

  • रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध

    रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बंधा क्षेत्र में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब आदित्य बिरला ग्रुप से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कथित रूप से देर रात ग्रामीणों की जमीन पर शिलान्यास करने पहुंच गए इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और असंतोष की स्थिति पैदा कर दी

    बताया जा रहा है कि कंपनी के प्रतिनिधि रात के अंधेरे में चुपचाप मौके पर पहुंचे और जमीन पर शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को लगी वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कार्रवाई का तीखा विरोध किया ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना उनकी सहमति और जानकारी के उनकी जमीन पर किसी भी तरह का काम नहीं होने दिया जाएगा

    बंधा क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी साफ दिखाई देती है उनका कहना है कि यदि कंपनी का प्रोजेक्ट पूरी तरह वैध है तो शिलान्यास दिन में खुले तौर पर किया जाना चाहिए था रात के समय इस तरह की गतिविधि कई सवाल खड़े करती है

    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और लोग कंपनी की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस कार्रवाई के पीछे किसी प्रकार का प्रशासनिक संरक्षण है या फिर यह किसी बड़े स्तर की योजना का हिस्सा है हालांकि इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे और किसी भी प्रकार के अवैध या जबरन कार्य को रोकने के लिए संगठित रूप से विरोध जारी रखेंगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा

    यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक रूप से औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करता है पारदर्शिता संवाद और सहमति की कमी ऐसे विवादों को जन्म देती है जो आगे चलकर बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं फिलहाल बंधा क्षेत्र की यह घटना एक गंभीर विवाद के रूप में उभर रही है जिस पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं

  • दतिया विधायक की गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज 2015 के एफडीआर मामले में कोर्ट का फैसला कल संभव

    दतिया विधायक की गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज 2015 के एफडीआर मामले में कोर्ट का फैसला कल संभव


    दतिया । मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई भ्रष्टाचार से जुड़े एक पुराने मामले में की गई है जिसमें वर्ष 2015 में भूमि विकास बैंक से एफडीआर रिलीज से संबंधित अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं

    बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां लंबे समय से इस मामले की पड़ताल कर रही थीं और अब पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विधायक को हिरासत में लिया गया है गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां इस मामले में आगे की सुनवाई होगी सूत्रों के मुताबिक कल अदालत द्वारा सजा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया जा सकता है जिससे इस पूरे प्रकरण पर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी

    यह मामला वर्ष 2015 से जुड़ा हुआ है जब भूमि विकास बैंक में एफडीआर रिलीज को लेकर कथित गड़बड़ियां सामने आई थीं आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए आर्थिक अनियमितताएं की गईं जिससे वित्तीय नुकसान हुआ इस प्रकरण में जांच के दौरान कई दस्तावेजों और लेनदेन की जांच की गई जिसके आधार पर अब कार्रवाई तेज की गई है

    राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल क्षेत्रीय बल्कि प्रदेश स्तर पर भी सियासी असर देखने को मिल सकता है विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें अब कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं यदि अदालत सजा सुनाती है तो इसका सीधा असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है वहीं यदि राहत मिलती है तो यह मामला एक अलग मोड़ ले सकता है

    गिरफ्तारी के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं जहां एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ता इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं वहीं दूसरी ओर विरोधी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं हालांकि आधिकारिक रूप से जांच एजेंसियों की ओर से विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अदालत का फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह लंबे समय से लंबित एक वित्तीय अनियमितता के मामले को अंतिम दिशा देगा साथ ही यह भी तय करेगा कि आरोप कितने मजबूत हैं और उनके आधार पर सजा किस हद तक संभव है

    फिलहाल सभी की निगाहें कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं जहां इस मामले में निर्णायक स्थिति सामने आ सकती है यह घटनाक्रम न केवल एक विधायक के राजनीतिक भविष्य के लिए बल्कि प्रदेश की राजनीति के व्यापक परिदृश्य के लिए भी अहम माना जा रहा है

  • मंत्रालय में गूंजा वंदे मातरम और जन गण मन सामूहिक गायन से देशभक्ति का माहौल

    मंत्रालय में गूंजा वंदे मातरम और जन गण मन सामूहिक गायन से देशभक्ति का माहौल


    भोपाल । भोपाल स्थित मंत्रालय में अप्रैल माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत वातावरण में हुई सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों ने एक साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन का सामूहिक गायन किया इस दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति का उल्लासपूर्ण माहौल दिखाई दिया

    कार्यक्रम में पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुत की गई मधुर धुनों ने वातावरण को और भी भावपूर्ण बना दिया बैंड की स्वर लहरियों के साथ जब उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाया तो पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा

    इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा श्री अशोक बर्णवाल और श्री संजय कुमार शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनेक अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे सभी ने पूरे उत्साह और गरिमा के साथ इस आयोजन में भाग लिया

    हर माह के पहले कार्य दिवस पर आयोजित होने वाला यह सामूहिक गायन कार्यक्रम न केवल देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करता है बल्कि शासकीय कार्यों के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी का भी संदेश देता है इस तरह के आयोजन कर्मचारियों में एकता अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैंकार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी सेवा ही प्रत्येक नागरिक का सर्वोच्च कर्तव्य है

  • डॉ कुंवर विजय शाह की अपील शिक्षा से ही बदलेगा जनजातीय समाज का भविष्य

    डॉ कुंवर विजय शाह की अपील शिक्षा से ही बदलेगा जनजातीय समाज का भविष्य


    भोपाल । मध्यप्रदेश में जनजातीय परिवारों की नई पीढ़ी को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है जनजातीय कार्य मंत्री डॉ कुंवर विजय शाह ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा से अधिक मूल्यवान कुछ भी नहीं है और यही उज्जवल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के शैक्षणिक विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है

    मंत्री ने कहा कि प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है अब न केवल शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है बल्कि स्कूलों की अधोसंरचना भी पहले से अधिक सुदृढ़ हुई है उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं और शासकीय योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि वे स्कूल जाने योग्य प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं

    जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं जहां लगभग 25 हजार विद्यार्थी आवासीय सुविधा के साथ अध्ययन कर रहे हैं इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर रहने और पढ़ने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं

    इसके साथ ही कक्षा 11 और 12 तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित हैं वर्ष 2024 25 में लगभग एक लाख बानवे हजार विद्यार्थियों को 348 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिससे उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन मिला है वहीं शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है और हजारों पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार होगा

    प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है इंदौर और भोपाल जैसे प्रमुख केंद्रों पर विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें

    स्कूली अधोसंरचना के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है बड़ी संख्या में आश्रम छात्रावास और विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं जहां लाखों विद्यार्थी निवास कर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं इन संस्थानों में विद्यार्थियों को नि शुल्क आवास भोजन बिजली पानी और खेलकूद की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं

    सरकार ने उन विद्यार्थियों के लिए भी व्यवस्था की है जिन्हें छात्रावास में स्थान नहीं मिल पाता उनके लिए आवास भत्ता योजना लागू की गई है जिसके अंतर्गत विभिन्न शहरों और विकासखंड स्तर पर मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है इस योजना से बड़ी संख्या में छात्र लाभान्वित हो रहे हैं

    मंत्री डॉ शाह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आधुनिक संसाधनों से युक्त विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक वातावरण में शिक्षा दी जा रही है साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है

    कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में जनजातीय शिक्षा को लेकर एक व्यापक और मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर छात्र अपने सपनों को साकार कर सके

  • समृद्धि और विकास का संतुलित खाका मध्यप्रदेश बजट 2026 27 में महिलाओं किसानों और गांवों पर बड़ा फोकस

    समृद्धि और विकास का संतुलित खाका मध्यप्रदेश बजट 2026 27 में महिलाओं किसानों और गांवों पर बड़ा फोकस


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 27 के बजट के माध्यम से समग्र और संतुलित विकास की स्पष्ट दिशा प्रस्तुत की है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार इस बजट को आर्थिक समृद्धि का रोडमैप माना जा रहा है जिसमें सामाजिक सुरक्षा महिला सशक्तिकरण कृषि विकास और आधारभूत संरचना को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है बल्कि भविष्य के विकास की मजबूत नींव भी तैयार करता है

    सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लाड़ली बहना योजना के लिए 23883 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना और पोषण कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित किया गया है यह कदम महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पोषण और सशक्तिकरण को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है

    कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी बजट में कई अहम प्रावधान किए गए हैं अटल कृषि ज्योति योजना के तहत किसानों को बिजली सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बड़ी राशि रखी गई है वहीं छोटे कृषि पंपों और घरेलू कनेक्शन के लिए मुफ्त बिजली की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किसानों को सीधी राहत देगा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और फसल बीमा योजना के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित कर किसानों की आय और सुरक्षा दोनों पर ध्यान दिया गया है

    ग्रामीण और शहरी अधोसंरचना के विकास को गति देने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर निवेश की योजना बनाई है प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है वहीं ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के उन्नयन के लिए भी महत्वपूर्ण राशि का प्रावधान किया गया है शहरी क्षेत्रों में मेट्रो परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं जिससे यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी

    जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगा

    शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है प्राथमिक शिक्षा और समग्र शिक्षा अभियान के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को सशक्त किया गया है

    प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी बड़ा बजट रखा गया है उज्जैन में आयोजित होने वाले इस महाकुंभ के लिए आधारभूत संरचना और व्यवस्थाओं को विकसित करने की दिशा में अभी से काम शुरू किया जा रहा है साथ ही वेदांत पीठ की स्थापना के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है

    रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बजट में पर्याप्त राशि निर्धारित की है विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है

    कुल मिलाकर यह बजट सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है और मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर तथा विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होता नजर आ रहा है

  • डॉ मोहन यादव का बड़ा फैसला किसानों को टोल छूट और प्रदेश में तेज होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

    डॉ मोहन यादव का बड़ा फैसला किसानों को टोल छूट और प्रदेश में तेज होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास


    भोपाल । मध्यप्रदेश में किसान हित और आधारभूत संरचना विकास को लेकर सरकार ने एक साथ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में किसानों को राहत देने के साथ साथ सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में बड़े निर्णय लिए गए

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में सार्थक बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं इसी क्रम में कृषि कार्य में उपयोग होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को टोल प्लाजा पर शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया है यह फैसला सीधे तौर पर किसानों की लागत को कम करेगा और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद करेगा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कंबाइन हार्वेस्टर फसल कटाई का एक महत्वपूर्ण उपकरण है और इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में किसानों को टोल शुल्क देना पड़ता था जिससे लागत बढ़ती थी अब टोल से छूट मिलने के बाद परिवहन खर्च में कमी आएगी और इसका सकारात्मक असर कृषि उत्पादन की लागत और अंततः बाजार कीमतों पर भी पड़ेगा यह निर्णय किसानों के लिए राहत और प्रोत्साहन दोनों के रूप में देखा जा रहा है

    बैठक में केवल किसान हित ही नहीं बल्कि प्रदेश के सड़क विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए संचालक मंडल ने इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है इन परियोजनाओं को नॉन एक्सेस कंट्रोल के रूप में विकसित किया जाएगा जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में कमी आएगी

    इसके अलावा पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को भी अनुमोदन प्रदान किया गया है इस परियोजना से राजधानी क्षेत्र में यातायात दबाव कम होगा और शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी यह निर्णय आने वाले समय में भोपाल के यातायात ढांचे को नई दिशा देगा

    बैठक में वार्षिक लेखों और अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक निर्णय लिए गए इस दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

    कुल मिलाकर यह बैठक किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है एक ओर जहां किसानों को सीधी आर्थिक राहत दी गई है वहीं दूसरी ओर सड़क परियोजनाओं के जरिए प्रदेश के विकास को गति देने की मजबूत आधारशिला रखी गई है सरकार का यह कदम समृद्ध किसान और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है

  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था मजबूत शून्य ड्रॉप आउट की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था मजबूत शून्य ड्रॉप आउट की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है और यह बदलाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल के मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टीटी नगर में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ करते हुए इस सकारात्मक परिवर्तन को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक से चार अप्रैल तक चलने वाला स्कूल चले हम अभियान बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभिनव प्रयास है जिसका असर अब जमीन पर नजर आ रहा है

    मुख्यमंत्री ने बताया कि शासकीय विद्यालयों में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और यह जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है वर्ष 2025 26 में कुल नामांकन में लगभग बीस प्रतिशत वृद्धि हुई है जबकि सरकारी स्कूलों में यह वृद्धि बत्तीस प्रतिशत से अधिक रही है राज्य सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र में एक करोड़ पैंतालीस लाख विद्यार्थियों के नामांकन का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नव प्रवेशित बच्चों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और उन्हें नि शुल्क साइकिलें तथा पाठ्य पुस्तकें वितरित की उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल आने जाने में सुविधा मिले इसके लिए बड़े स्तर पर साइकिल वितरण किया जा रहा है आने वाले महीनों में लाखों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा साथ ही गणवेश किताबें और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण कार्य किया है उन्होंने इसके लिए शिक्षकों अभिभावकों और समाज के सहयोग की सराहना की और कहा कि हर बच्चे को स्कूल तक लाना ही सरकार का लक्ष्य है

    उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों और पीएमश्री स्कूलों के माध्यम से आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है इन संस्थानों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब रोबोटिक लैब और आईसीटी लैब का अवलोकन भी किया जिससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा अब तकनीक से जुड़ रही है

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पढ़ लिखकर डॉक्टर इंजीनियर और उद्यमी बनें और अपने भविष्य को मजबूत करें उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती की गई है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके

    मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा लैपटॉप और स्कूटी जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हजारों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला है और आगामी बजट में भी इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है

    कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह दिन शिक्षा विभाग के लिए उत्सव जैसा है उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले ही एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है और प्रयास है कि हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचे साथ ही विकासखंड स्तर पर बुक फेयर आयोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है जिससे निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी सस्ती पुस्तकें उपलब्ध हो सकें

    इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों अधिकारियों शिक्षकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि मध्यप्रदेश अब शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है