Category: Madhya Pradesh

  • किसानों को सशक्त बनाने किया जा रहा है तकनीक का प्रभावी उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों को सशक्त बनाने किया जा रहा है तकनीक का प्रभावी उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सशक्त बनाने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। एआई आधारित डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से राज्य में ग्रामीण डेटा प्रणाली को एक नई दिशा प्रदान की गई है। उन्नत तकनीक, पारदर्शी डेटा प्रबंधन और केंद्र-राज्य समन्वय से यह पहल किसानों के हित में मजबूत डिजिटल आधार तैयार कर रही है। इससे किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेत पर उपस्थित होकर फसल की फोटो लेकर जानकारी सुरक्षित की जा रही है, जिससे फसल संबंधी डेटा पूरी तरह प्रमाणिक हो रहा है। जियो-फेंसिंग तकनीक से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सर्वे केवल वास्तविक खेत स्थल पर ही किया जाए। सर्वे डेटा का त्रिस्तरीय सत्यापन एआई/एमएल सिस्टम और पटवारी स्तर पर किया जा रहा है। अन्य विभागों द्वारा भी इस डेटा का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। डीसीएस डेटा के आधार पर उपार्जन पंजीयन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में भी सर्वे की विश्वसनीयता बनी रहे। सर्वे के दौरान ली गई फोटो की प्रामाणिकता और सही लोकेशन की पुष्टि प्रणाली द्वारा की जाती है। सर्वे केवल निर्धारित समयावधि में ही संभव है और समय सीमा के बाहर या मोबाइल समय में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर सर्वे स्वतः रुक जाता है। एआई या एमएल एल्गोरिदम के माध्यम से डेटा का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर मानवीय त्रुटियों की संभावना को न्यूनतम किया गया है। फसल क्षेत्र, उत्पादन अनुमान और योजनाओं के क्रियान्वयन में डेटा-ड्रिवन निर्णय लिए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री को एकीकृत डिजिटल प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। इसमें किसानों की पहचान, भूमि विवरण और योजना संबंधी जानकारी का केंद्रीकृत पंजीकरण एवं सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में भूमि अभिलेखों का पूर्ण डिजिटल एकीकरण, स्थान आधारित रिकॉर्ड और बहु-स्तरीय डेटा जांच शामिल हैं। प्रत्येक किसान को 11 अंकीय विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या प्रदान की जा रही है, जिससे एक प्रमाणिक और सटीक किसान डेटाबेस (यूनिफाइड डिजिटल प्रोफाइल) तैयार हो रही है।

    फार्मर रजिस्ट्री के निर्धारित मानकों का 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। एससीए योजना में भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 713 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह डिजिटल व्यवस्था डुप्लीकेशन और फर्जी लाभार्थियों पर प्रभावी रोक लगाएगी और भविष्य की सभी डिजिटल कृषि योजनाओं की मजबूत नींव बनेगी। साथ ही, जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से किसानों को आसान कृषि ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

  • MP में 30 से ज्यादा जिलों में कोहरे की चादर, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे प्रभावित..

    MP में 30 से ज्यादा जिलों में कोहरे की चादर, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे प्रभावित..

    भोपाल। मध्य प्रदेश का आधा से अधिक हिस्सा कोहरे की चपेट में है। गुरुवार सुबह भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और 30 से अधिक जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया हुआ है। मौसम विभाग ने इस दौरान गाड़ी चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

    बुधवार को दिन में ठंडी हवाओं के चलते अधिकतर शहरों का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो सकती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। मौसम विभाग ने कहा है कि सुबह के समय अनिवार्य होने पर ही सफर करें और गाड़ी चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करते हुए धीमी गति अपनाएं। शुक्रवार को भी कोहरे का अलर्ट जारी है।

    किस जिलों में कोहरा छाया
    मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में कोहरे का प्रभाव है।

    अगले दो दिन का मौसम

    6 फरवरी: ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में घना कोहरा रहेगा। भोपाल, गुना, अशोकनगर, इंदौर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, विदिशा, सीहोर, रायसेन सहित कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर रहेगा।

    7 फरवरी: अधिकांश जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का अनुमान है। इस दिन बारिश की संभावना नहीं है।

    इस मौसम के पीछे की वजह
    उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में पहुंच रही हैं। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने वाला है, जिसका असर प्रदेश में नजर आएगा। 10 फरवरी से मावठे गिरने की संभावना है।

  • MP में बड़े पैमाने में चल रहा था नशे का कारोबार.. अवैध ड्रग्स फैक्ट्री से 320 Kg केमिकल जब्त, 5 गिरफ्तार

    MP में बड़े पैमाने में चल रहा था नशे का कारोबार.. अवैध ड्रग्स फैक्ट्री से 320 Kg केमिकल जब्त, 5 गिरफ्तार


    राजगढ़।
    राजस्थान (Rajasthan) की झालावाड़ पुलिस (Jhalawar Police) और जिला स्पेशल टीम ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में चल रही एक ड्रग्स फैक्ट्री (Drugs Factory) का पर्दाफाश किया। पुलिस ने 320.72 किलोग्राम संदिग्ध केमिकल के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो एमडी जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला था।

    झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मंगलवार रात को झालरापाटन थानाधिकारी अल्का और डीएसटी प्रभारी मोहन लाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्रोथ सेंटर चौराहे पर खड़ी संदिग्ध पिकअप और महिंद्रा टीयूवी की जांच की। तलाशी के दौरान पिकअप में घरेलू सामान के नीचे छिपाए गए छह ड्रम बरामद हुए, जिनमें केमिकल भरा हुआ था।

    प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए तस्करों – दीपक (30), जितेंद्र सिंह (41) और शैलेंद्र विलाला (26) ने बताया कि वे यह केमिकल ट्रांसपोर्ट के जरिए महाराष्ट्र से कोटा मंगवाते थे और फिर इसे मध्यप्रदेश के आगर में डिलीवरी देने जा रहे थे। इस सूचना पर पुलिस ने मध्यप्रदेश के सुसनेर में दबिश दी और मुख्य रिसीवर जयनारायण मामू और उसके साथी रामलाल को गिरफ्तार किया।

    पूछताछ में पता चला कि मुख्य सरगना रघुनंदन पाटीदार, जो इस ड्रग्स नेटवर्क का अहम हिस्सा था, फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और उसके घर पर दबिश दी, जहां एक पूरी ड्रग्स फैक्ट्री संचालित हो रही थी। वहां से भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने के उपकरण और केमिकल बरामद किए गए।

    इस ऑपरेशन में डीआरआई जयपुर के इनपुट ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, कि यह केमिकल कहां से सप्लाई हो रहा था और इसका जाल राजस्थान और मध्यप्रदेश के किन हिस्सों में फैला है।

  • इंदौर-बैतूल हाईवे पर दर्दनाक हादसा, मां-बेटे समेत चार की मौत

    इंदौर-बैतूल हाईवे पर दर्दनाक हादसा, मां-बेटे समेत चार की मौत


    इंदौर-बैतूल/ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। गुराडिया और दुलवा क्षेत्र में हुई घटनाओं में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही नेमावर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। लेकिन उनकी जान बचाई नहीं जा सकी।

    हादसे में मरने वाले तीन में से दो लोग क्षेत्र के ग्राम खूबगांव के निवासी थे। 23 वर्षीय महेंद्र और उनकी 65 वर्षीय मां नर्मदाबाई के साथ ही 45 वर्षीय चंदू नामक युवक ने भी अपनी जान गंवाई। शुरुआती जांच में पुलिस ने पता लगाया कि यह सभी लोग किसी मवेशी के सौदे के लिए नेमावर की ओर जा रहे थे। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि उनका अंतिम गंतव्य कहां था।

    नेमावर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके स्वजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हादसे में तेज रफ्तार और हाईवे पर असुरक्षित ड्राइविंग प्रमुख कारण रही या अन्य कोई कारक भी शामिल था।स्थानीय लोग और राहगीर हाईवे पर वाहन चलाते समय सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं। हादसे ने हाईवे पर सुरक्षा उपायों और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण और परिवार के लोग शोक में हैं और मृतकों को अंतिम विदाई दे रहे हैं।

    इस हादसे ने यह भी याद दिलाया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन न करना और तेज रफ्तार वाहन चलाना किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है। नेमावर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे हाईवे पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।

  • हजीरा गोलीकांड में आरोपी राहुल राजावत को झटका, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत से किया इनकार

    हजीरा गोलीकांड में आरोपी राहुल राजावत को झटका, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत से किया इनकार


    ग्वालियर के बहुचर्चित हजीरा गोलीकांड मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आरोपी राहुल राजावत को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने आरोपी द्वारा प्रस्तुत निजी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस रुख से मामले में सख्ती का संकेत मिला है।

    यह आदेश न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके की एकल पीठ द्वारा पारित किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने अपनी पत्नी और नाबालिग बच्चे की गंभीर बीमारी का हवाला देकर अंतरिम जमानत की मांग की थी लेकिन स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी।

    न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी ने निजी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट लगाकर यह दावा किया था कि उसकी पत्नी सेप्टिक शॉक जैसी गंभीर स्थिति से गुजर चुकी है और नाबालिग बच्चा एनीमिया से पीड़ित है। आरोपी का तर्क था कि परिवार की देखभाल के लिए उसकी उपस्थिति अनिवार्य है। हालांकि कोर्ट के निर्देश पर गठित स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में पत्नी की स्थिति को फिलहाल स्थिर बताया और बच्चे को उपचार योग्य अवस्था में पाया।

    कोर्ट ने दोनों रिपोर्टों में स्पष्ट विरोधाभास पाया। निजी अस्पताल के दस्तावेज स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से मेल नहीं खाते पाए गए। प्रथम दृष्टया इन दस्तावेजों को भ्रामक मानते हुए न्यायालय ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की और CMHO को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

    यह मामला जून 2025 में हजीरा थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड से जुड़ा है। इस घटना में एक युवक की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार वारदात को अंजाम देने में कई आरोपी शामिल थे और सुनियोजित तरीके से फायरिंग की गई थी।जांच के दौरान सामने आया कि राहुल राजावत पर केवल घटनास्थल से जुड़ा होना ही नहीं बल्कि पूरे मामले की साजिश रचने मुख्य आरोपियों को उकसाने उन्हें संरक्षण देने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने जैसे गंभीर आरोप हैं। इसी आधार पर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    गौरतलब है कि आरोपी ने यह तीसरी बार अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। इससे पहले भी उसकी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस स्तर पर अंतरिम राहत का कोई आधार नहीं बनता।फिलहाल आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में रहेगा और हजीरा गोलीकांड मामले की नियमित सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट के इस आदेश को निजी अस्पतालों की मेडिकल रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।

  • MP: BJP विधायक का छलका दर्द, 'कुछ साल पहले तक CM, आधी कैबिनेट हमारी होती थी, अब कुछ…'

    MP: BJP विधायक का छलका दर्द, 'कुछ साल पहले तक CM, आधी कैबिनेट हमारी होती थी, अब कुछ…'


    मध्य प्रदेश ।मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सागर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शुमार गोपाल भार्गव ने मंच से ब्राह्मण समाज और मौजूदा हालात को लेकर अपनी पीड़ा खुलकर जाहिर की। उनका कहना था कि आज कई संगठनों का एक ही एजेंडा रह गया है ब्राह्मणों को दबाना, उन्हें हाशिए पर ले जाना और उनके खिलाफ माहौल बनाना।

    आज ब्राह्मण समाज आंखों में खटक रहा है

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोपाल भार्गव ने कहा कि ब्राह्मण समाज आज कई लोगों की आंखों में खटक रहा है। उन्होंने चिंता जताते हुए सवाल किया कि आखिर नियम-कानून बनाते समय हमेशा ब्राह्मण समाज को ही क्यों निशाना बनाया जाता है। भार्गव ने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्राह्मण समाज एकजुट होकर अपनी सामाजिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए आगे आए।

    कुछ साल पहले तक सीएम और आधी कैबिनेट हमारी होती थी

    अपने संबोधन में वरिष्ठ विधायक ने राजनीतिक परिदृश्य में आए बदलावों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक मुख्यमंत्री हमारे होते थे, प्रशासन में अधिकारी हमारे होते थे और यहां तक कि आधी से ज्यादा कैबिनेट भी ब्राह्मण समाज से आती थी। लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि गिने-चुने लोग ही बचे हैं। भार्गव का यह बयान न केवल समाज की स्थिति पर सवाल उठाता है, बल्कि सत्ता और प्रतिनिधित्व में आए बदलाव की ओर भी संकेत करता है।

    यूजीसी और नियमों पर उठाए सवाल

    गोपाल भार्गव ने यूजीसी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अन्य संस्थाओं के नियमों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकतर नियम और नीतियां ब्राह्मण समाज के खिलाफ ही बनाई जा रही हैं। उन्होंने इसे चिंताजनक बताते हुए समाज से जागरूक होने और संगठित रहने की अपील की।

    पहले भी आ चुके हैं संवेदनशील बयान

    यह मामला इसलिए और गंभीर माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में कुछ आईएएस अधिकारियों के बयान भी चर्चा में रहे हैं। पहले आईएएस संतोष वर्मा का ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिया गया विवादित बयान सामने आया, फिर आईएएस नियाज खान ने सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के समर्थन में टिप्पणी की। अब एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता का ऐसा बयान पूरे मुद्दे को और संवेदनशील बना रहा है।

    सम्मान समारोह में दिया गया बयान

    गौरतलब है कि विधायक गोपाल भार्गव रविवार 1 फरवरी 2026 को सागर शहर के रविंद्र भवन में आयोजित ब्राह्मण समाज की पत्रिका के विमोचन एवं मेधावी छात्रों के सम्मान समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी मंच से उन्होंने यह बयान दिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे चुका है।
  • कृषक कल्याण वर्ष-2026: वैज्ञानिक तकनीक और कृषि रथ से किसानों तक पहुँची आधुनिक खेती की जानकारी

    कृषक कल्याण वर्ष-2026: वैज्ञानिक तकनीक और कृषि रथ से किसानों तक पहुँची आधुनिक खेती की जानकारी


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस महाअभियान का उद्देश्य कृषि को आधुनिक तकनीक, परम्परागत ज्ञान और प्राकृतिक संतुलन के साथ नई ऊँचाइयों तक ले जाना तथा अन्नदाता के सम्मान और समग्र उत्थान को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में बुरहानपुर जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम एवं संवाद-सत्र का आयोजन किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री की इस पहल के अंतर्गत “कृषि रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस, जनप्रतिनिधि एवं प्रगतिशील कृषकगण उपस्थित रहे।

    कृषि रथ के माध्यम से जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में पहुँचकर किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसमें जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, विभागीय योजनाएँ, ई-टोकन आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था तथा पराली प्रबंधन से संबंधित जानकारियाँ शामिल हैं। विशेष रूप से किसानों को उनकी मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों के अनुसार सही फसल और खेती के उपयुक्त कॉम्बिनेशन की जानकारी दी जा रही है, जिससे उत्पादन लागत कम हो और लाभ अधिक मिले।

    बुरहानपुर जिले में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, पशुपालन विभाग और सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम पंचायत पातोंडा, चिंचाला और एमागिर्द में कृषक चौपालों का आयोजन किया गया। इन चौपालों में उर्वरक वितरण की ई-टोकन प्रणाली, प्राकृतिक खेती के प्रमुख घटक जैसे जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और दसपर्णी अर्क बनाने की विधियों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मृदा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए मिट्टी नमूना लेने की सही विधि और संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी गई।

    कृषकों को दलहन एवं तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए जायद फसल के रूप में उड़द और मूंगफली की खेती के बारे में जानकारी दी गई और बुवाई के लिए प्रेरित किया गया। जिले के विभिन्न गांवों में आयोजित हो रही कृषक चौपालों में पराली प्रबंधन, सरकारी योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

    कृषक कल्याण वर्ष-2026 के अंतर्गत ग्राम बाकड़ी में भी कृषि रथ पहुँचा, जहाँ चौपाल लगाकर किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की बारीक जानकारी दी गई। जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कीट एवं रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण और उर्वरकों के संतुलित उपयोग जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। कृषि रथ गांव-गांव पहुँचकर किसानों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

    इसके साथ ही राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बुरहानपुर जिले में प्रत्येक गुरुवार को महात्मा ज्योतिबा फुले कृषि उपज मंडी, शनवारा में “प्राकृतिक हाट बाजार” का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने हाट बाजार का अवलोकन करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है और इससे सुरक्षित व पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध होते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

  • दलहन क्षेत्र को नई दिशा देगा राष्ट्रीय सम्मेलन, 7 फरवरी को सीहोर के अमलाहा में होगा आयोजन

    दलहन क्षेत्र को नई दिशा देगा राष्ट्रीय सम्मेलन, 7 फरवरी को सीहोर के अमलाहा में होगा आयोजन

    मध्यप्रदेश ।दलहन उत्पादन एवं उत्पादकता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में 7 फरवरी को मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा में दलहन क्षेत्र का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन को दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण, अनुसंधान और नवाचार के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। कार्यक्रम में दलहन उत्पादन से जुड़ी मूल संवेदनाओं, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दलहन उत्पादन को सुदृढ़ करना, किसानों की आय बढ़ाना और उन्नत तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन दलहन क्षेत्र में नीति निर्धारण और अनुसंधान को नई दिशा देगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर ठोस रणनीति तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।

    सम्मेलन में देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, दलहन अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, सरकारी बीज उत्पादक संस्थाएँ, दाल उद्योग से संबंधित प्रतिनिधि तथा अन्य सहयोगी एजेंसियाँ भाग लेंगी। विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सफल मॉडलों के आदान-प्रदान से दलहन विकास के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा।

    कार्यक्रम के दौरान किसानों तक नवीन शोध, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती पद्धतियों और बाजार से जुड़ी आवश्यक जानकारी पहुँचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सम्मेलन में यह भी चर्चा की जाएगी कि किस प्रकार वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों को खेत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाकर दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।

    दलहन फसलों की बढ़ती मांग और पोषण सुरक्षा के महत्व को देखते हुए यह सम्मेलन न केवल किसानों के लिए बल्कि नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा। आयोजकों का मानना है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष और सुझाव देश में दलहन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • मध्यप्रदेश: स्वास्थ्य अधोसंरचना विस्तार से स्वास्थ्य संकेतकों में तेज सुधार, मेडिकल हब बनने की ओर प्रगति

    मध्यप्रदेश: स्वास्थ्य अधोसंरचना विस्तार से स्वास्थ्य संकेतकों में तेज सुधार, मेडिकल हब बनने की ओर प्रगति


    भोपाल । मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सशक्त करने के लिए समन्वित प्रयासों से स्वास्थ्य अधोसंरचना का व्यापक विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेडिकल शिक्षा, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रगति के साथ प्रदेश स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सुधार की ओर अग्रसर है।

    मातृ-शिशु स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश की मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हो गई है। जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री प्रसूति सहायता योजना के तहत लाखों लाभार्थियों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। नवजात एवं कुपोषण प्रबंधन में एसएनसीयू और एनआरसी की सफल डिस्चार्ज दरों में वृद्धि हुई है।

    जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत टीबी उन्मूलन में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है। सिकल सेल मिशन के तहत व्यापक स्क्रीनिंग और उपचार सुविधाएँ विकसित की गई हैं। आयुष्मान भारत योजना में 4.43 करोड़ कार्ड तैयार किए गए, जिससे पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। आपात स्थिति में गंभीर रोगियों को पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा से उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, और अब तक 120 से अधिक नागरिकों को सेवा का लाभ मिला है। साथ ही निःशुल्क एवं सम्मानजनक शव-परिवहन सेवा भी प्रारंभ की गई है। राह-वीर योजना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं।

    मध्यप्रदेश मेडिकल हब बनने की दिशा में भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 तक प्रदेश में सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब 33 मेडिकल कॉलेज हैं। पिछले दो वर्षों में शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 और निजी मेडिकल कॉलेज 12 से बढ़कर 14 हो गए हैं। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, इंदौर में 50 एमबीबीएस सीटों के साथ संचालन शुरू हो गया है। आगामी दो वर्षों में 6 शासकीय और पीपीपी मॉडल पर 13 मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना है। सरकारी एमबीबीएस सीटें 2275 से बढ़कर 2850 हो गई हैं, जबकि कुल एमबीबीएस सीटें 5550 हो गई हैं। पीजी सीटें भी बढ़ाकर 2862 की गई हैं, साथ ही 93 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उपलब्ध कराई गई हैं।

    कटनी, धार, पन्ना और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना प्रगति पर है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर में 773.07 करोड़ रुपये के अधोसंरचनात्मक कार्य शुरू किए गए हैं। श्यामशाह मेडिकल कॉलेज, रीवा के लिए 321.94 करोड़ और सतना मेडिकल कॉलेज से जुड़े नए अस्पताल के लिए 383.22 करोड़ रुपये के कार्य प्रारंभ हुए हैं। 13 नए नर्सिंग कॉलेजों के लिए 192.40 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के अंतर्गत इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में लिनियर एक्स-रेटर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और सागर में सीटी स्कैन और एमआरआई, भोपाल और रीवा में कार्डियक कैथ लैब स्थापित की गई है। इंदौर और जबलपुर में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाएँ शुरू हुई हैं, जबकि इंदौर में कार-टी सेल थेरेपी जैसी अत्याधुनिक सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मेडिकल कॉलेजों में 354 नए सीनियर रेजिडेंट पद सृजित किए गए और विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की व्यापक भर्ती की गई है।

  • ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी

    ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी


    ग्वालियर । ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने सरकारी विभागों में लग्जरी वाहनों के अटैचमेंट के नाम पर फर्जीवाड़ा कर कारें हड़पने वाले 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए पास है और दो साल पहले तक टिफिन सेंटर चलाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1.5 करोड़ रुपए कीमत की 17 कारें बरामद की हैं।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अभय भदौरिया खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताता था। इसी पहचान के जरिए वह ट्रेवल एजेंसियों और वाहन मालिकों पर भरोसा बनाता था। बाद में वह फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनियों और विभागों के नाम पर लग्जरी कारें किराए पर लेता और उन्हें दो से पांच लाख रुपए में अन्य लोगों के पास गिरवी रख देता था।

    आरोपी फर्जी मालिक बनकर दस्तावेज तैयार करता था और 7 सीटर कार के लिए 85 हजार रुपए तक किराया देने का लालच देता था। इस तरीके से उसने अब तक 50 से अधिक कारें ठगने की कोशिश की। पुलिस ने फिलहाल 17 वाहन जब्त किए हैं।

    किराया नहीं मिला तो खुला राज

    शहर के शताब्दीपुरम फेस-1 निवासी भास्कर शर्मा ने सोमवार को क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। भास्कर श्री मधुवन जी ट्रेवल्स के नाम से ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि अभय भदौरिया ने खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजर बताकर उनसे 7 सीटर कार के बदले 85 हजार और 5 सीटर कार के बदले 50 हजार रुपए प्रतिमाह देने की बात कही थी।

    भास्कर ने आरोपी को 19 कारें किराए पर दीं, लेकिन न तो कारें किसी सर्विस में लगीं और न ही किराया मिला। शक होने पर जब उन्होंने कंपनी में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि वहां अभय भदौरिया नाम का कोई व्यक्ति काम ही नहीं करता। बाद में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कागजात बनाकर कारें अन्य लोगों के पास गिरवी रख दी थीं। दबाव बनाने पर कुछ कारें वापस मिलीं। इसी तरह रघुवीर रजक ने भी 20 कारें ठगे जाने की शिकायत की।

    24 घंटे में गिरफ्तारी, 17 वाहन जब्त

    शिकायत दर्ज होते ही क्राइम ब्रांच ने मोबाइल और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पूछताछ में पहले आरोपी अपनी कहानी पर टिका रहा, लेकिन ट्रेवल एजेंसी संचालक को आमने-सामने लाने पर वह चुप हो गया। पुलिस ने GPS ट्रैकिंग की मदद से 17 कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। आरोपी ने 39 कारों की ठगी की बात स्वीकार की है, जबकि पुलिस को आशंका है कि यह संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। जिनमें मारूति अर्टिगा, टाटा अल्ट्रोज, मारूति सियाज, टोयोटा अर्बन क्रूजर, महिंद्रा बोलेरो, मारूति स्विफ्ट, महिंद्रा स्कॉर्पियो, रेनॉल्ट ट्रायवर, शामिल हैं।

    गिरवी रखने वालों पर भी कार्रवाई संभव
    एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने कारें गिरवी रखीं, वे भी ठगी के शिकार हैं। हालांकि कुछ लोगों ने खुद को कार का मालिक बताकर दस्तावेज पेश किए हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।