Category: Madhya Pradesh

  • मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद होगा फैसला मंत्री प्रदर्शन रिपोर्ट भी अहम

    मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद होगा फैसला मंत्री प्रदर्शन रिपोर्ट भी अहम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों के अनुसार यह विस्तार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद ही किया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मंत्रालयों के कार्यों का गहन मूल्यांकन किए जाने के बाद ही इस प्रक्रिया में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद विस्तार की संभावना

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 20 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है और पार्टी नेताओं का मानना है कि इस तिथि के आसपास भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा। पार्टी के नेताओं के बीच चर्चा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होने के बाद ही मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा। इसके पीछे यह कारण है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश के मंत्रिमंडल में फेरबदल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है लेकिन यह बदलाव भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद ही होगा।

    मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन पर रिपोर्ट कार्ड तैयार

    मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण पहलू है जो सरकार के मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन से जुड़ा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के मंत्रियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए अलग-अलग एजेंसियों से रिपोर्ट कार्ड तैयार करवाया है। इन रिपोर्ट कार्ड्स में मंत्रियों की कार्यकुशलता जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी और उनके विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई है। माना जा रहा है कि इन रिपोर्ट्स को विस्तार के निर्णय में अहम भूमिका दी जाएगी।

    हालांकि सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश के कुछ मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन से काफी नाराज भी है और इन रिपोर्ट्स के आधार पर ही अगले कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा मंत्रियों के कामकाज का आकलन करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभागवार समीक्षा बैठकें भी आयोजित की हैं। इन बैठकों का उद्देश्य मंत्रियों की कार्यशैली का मूल्यांकन करना और यह सुनिश्चित करना था कि हर विभाग अपने लक्ष्यों को पूरा कर रहा है या नहीं।

    छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश में भी होगा फेरबदल

    इसी साल छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था और इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मध्य प्रदेश में भी मोहन यादव अपनी टीम में फेरबदल कर सकते हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व की निगाहें अब प्रदेश के मंत्रियों पर हैं और उनके प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर ही किसी को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या फिर बाहर किया जाएगा।

    विस्तार के लिए प्रमुख नेता की नियुक्ति

    मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान इस बात की संभावना जताई जा रही है कि कुछ नई चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है खासकर उन नेताओं को जो हाल के विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं या फिर जिनकी जनता में बेहतर छवि बन चुकी है। इस विस्तार के बाद यह देखा जाएगा कि सरकार में किसी को नई जिम्मेदारी दी जाती है या कुछ पुराने मंत्रियों को बदलकर नए मंत्रियों की नियुक्ति की जाती है।

    केंद्रीय नेतृत्व की नाराजगी और मंत्रियों की समीक्षा

    केंद्रीय नेतृत्व का मध्य प्रदेश के मंत्रियों के प्रति असंतोष का मुख्य कारण उनके कार्यों में लापरवाही और प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर उनका कमजोर रवैया बताया जा रहा है। भाजपा की केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि किसी भी तरह की असंतोषपूर्ण कार्यशैली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अपने विभागों में सुधार और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें।

    मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सभी आँखें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर टिकी हैं। यह संभावना जताई जा रही है कि जेपी नड्डा के कार्यकाल के अंत और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे। इस निर्णय में प्रमुख भूमिका मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन पर तैयार रिपोर्ट कार्ड की होगी जो भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय को प्रभावित करेगा। इसके अलावा जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में बदलाव किए जाएंगे।

  • छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर

    छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर



    छिंदवाड़ा ।
    छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाना क्षेत्र में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक बड़ी सड़क दुर्घटना हुईजिसमें एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह बस टीकमगढ़ से नागपुर जा रही थी और दुर्घटना तेदनी के पास हुई। इस हादसे में कुल छह यात्री घायल हुए हैंजिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। के अनुसारयह हादसा रात के लगभग 3 बजे हुआजब बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गईऔर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नरसिंहपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
    बाकी घायल यात्रियों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के स्थानीय अस्पतालों में जारी है। हादसे के बाद पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया। चूंकि यह हादसा रात में हुआ थाइसलिए बचाव कार्य में कुछ दिक्कतें आईं। लेकिनस्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिया गया। समय पर किए गए इस राहत कार्य ने यात्रियों के लिए बड़ी राहत प्रदान की।

    दुर्घटना के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया हैलेकिन यह माना जा रहा है कि बस का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बादपुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने घायल यात्रियों की मदद के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए हैं और उन्हें हर संभव सहायता देने की कोशिश की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। स्लीपर बसों का संचालन लगातार बढ़ रहा हैलेकिन सुरक्षा उपायों की कमी और ओवरस्पीडिंग जैसी समस्याएं इन हादसों को बढ़ावा दे रही हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों का पालन और बेहतर निगरानी की जरूरत है। इस हादसे ने यह भी साफ किया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में बचाव कार्य में समय की अहमियत है। पुलिस और अन्य राहत टीमों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने कई यात्रियों की जान बचाई। आने वाले समय में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

    अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बस के ड्राइवर की कोई गलती थी या तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैंताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। घायलों की स्थिति के बारे में बताया गया कि गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद नरसिंहपुर भेजा गया हैजहां उनका इलाज किया जाएगा। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है और उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को गंभीर बना दिया है। यात्रियों और ड्राइवरों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित बनाएं। कुल मिलाकरयह एक दर्दनाक हादसा थालेकिन समय पर किए गए राहत कार्य ने कई लोगों की जान बचाई। अब देखना होगा कि प्रशासन इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

  • दमोह-टीकमगढ़, पन्ना-कटनी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज; सागर में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 30 हजार को मिलेगा रोजगार

    दमोह-टीकमगढ़, पन्ना-कटनी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज; सागर में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 30 हजार को मिलेगा रोजगार


    खजुराहो/ मध्यप्रदेश के खजुराहो में आयोजित तीन दिवसीय विशेष कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड और आसपास के जिलों के लिए कई विकास योजनाओं की सौगात दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया कि आने वाले समय में बुंदेलखंड को चार मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहे हैंजो दमोहटीकमगढ़पन्ना और कटनी में स्थापित किए जाएंगे। ये मेडिकल कॉलेज अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया हैजिससे क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएँ और रोजगार के अवसर दोनों बढ़ेंगे।

    दमोह सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ की मंजूरी
    मुख्यमंत्री ने बताया कि दमोह जिले की बहुप्रतीक्षित झापड़ नाला माध्यम सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना से हजारों किसानों को पानी मिलेगा और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी।प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सिंचाई सुविधाओं को अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाना है।सागर में बनेगा विशाल इंडस्ट्रियल पार्क30 हजार रोजगार बैठक में सबसे बड़ी घोषणा सागर को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर जिले में एक बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा।

    30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

    इंडस्ट्रियल पार्क से बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।साथ ही यहां निवेशक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगाजिससे नए उद्योगों को आकर्षित किया जा सके।पर्यटन को बढ़ावा: खजुराहो में फाइव स्टार होटल और कन्वेंशन सेंटर का बेहतर उपयोग खजुराहोजो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैअब और बेहतर सुविधाएँ प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कन्वेंशन सेंटर के साथ पीपीपी मॉडल पर फाइव स्टार होटल बनाने की योजना है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसें शुरू की गई हैं ताकि बड़े ग्रुप भी एक साथ सफारी का आनंद ले सकें। G-20 की सफलता के बाद खजुराहो को लगातार अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थलों की सूची में मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

    पन्ना नेशनल पार्क व वन्यजीव संरक्षण को नया प्रोत्साहन
    पन्ना टाइगर रिजर्व में मंत्री मंडल ने रोमांचक सफारी का अनुभव लिया। मंत्री प्रहलाद पटेलविजय शाहइंदर सिंह परमार और लखन पटेल ने दो बार बाघ देखने का अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कूनो में 28 और गांधीसागर में 2 चीते हैं। जनवरी में बोत्सवाना से 8 नए चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। उन्हें नौरादेही और दुर्गावती अभयारण्य में पुनर्स्थापित किया जाएगा। पन्ना पार्क में हाथियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही हैजिससे भविष्य में यह हाथियों के लिए भी आदर्श आवास बन सकता है। युवाओं को विदेश भेजने की योजनाअस्पतालों का उन्नयनबैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई- पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 600 युवाओं को जर्मनी और जापान भेजने की योजना तैयार की गई है। प्रदेश के 12 अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। एमपी में अग्निशमन सेवा विस्तार के लिए 397 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

    कैनबिनेट मीटिंग से पहले- बाद के कार्यक्रम
    मंगलवार सुबह सभी मंत्रियों ने पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंचकर सफारी का आनंद लिया। फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने मंत्रियों का स्वागत कर उन्हें पीटीआर की विशेष कैप पहनाकर प्रवेश दिलाया।मंत्रियों ने कहा कि यह अनुभव बेहद शानदार रहा और पन्ना का वन्यजीव संरक्षण मॉडल देश के लिए उदाहरण बन सकता है।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक भी लीजिसमें योजनाओं की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।खजुराहो की इस कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड को मेडिकल कॉलेजसिंचाई परियोजनापर्यटन विकास और औद्योगिक प्रगति जैसी बड़ी सौगातें दी हैं। आने वाले वर्षों में क्षेत्र में रोजगारस्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे।

  • भोपाल मेट्रो: तेज रफ्तार ट्रायल रन, मैन्युअल टिकटिंग और दिसंबर से कमर्शियल शुरुआत का काउंटडाउन

    भोपाल मेट्रो: तेज रफ्तार ट्रायल रन, मैन्युअल टिकटिंग और दिसंबर से कमर्शियल शुरुआत का काउंटडाउन


    भोपाल / राजधानी भोपाल अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल होने जा रही है जहां आधुनिक मेट्रो रेल लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी। दिसंबर में इसके कमर्शियल रन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर CMRS भी परियोजना को हरी झंडी दे चुके हैं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन के लिए भोपाल पहुंच सकते हैं। उद्घाटन से पहले ट्रायल रन और टिकटिंग सिस्टम को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है।

    60–120 किमी प्रति घंटा की स्पीड से हो रहा ट्रायल रन

    सुभाष नगर से एम्स तक लगभग 6 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर इन दिनों मेट्रो कोच लगातार ट्रैक पर दौड़ रहे हैं ट्रायल रन के दौरान मेट्रो की न्यूनतम गति 30 किमी प्रति घंटा और अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा रखी जा रही है। तकनीकी परीक्षण के दौरान इसे 100–120 किमी प्रति घंटा तक भी चलाया जा रहा है ताकि आपात स्थिति या अधिक भार की परिस्थितियों में इसकी दक्षता कोपरखा जा सके। स्पीड कंट्रोल, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और ट्रेन-टू-ट्रैक कम्युनिकेशन की पूरी जांच की जा रही है
    टिकटिंग में बड़ा बदलाव: अब ऑनलाइन नहीं, मैन्युअल सिस्टम
    भोपाल मेट्रो का टिकटिंग सिस्टम शुरुआती चरण में ऑनलाइन नहीं होगा। यात्रियों को वैसे ही टिकट लेना होगा जैसे रेलवे स्टेशन पर लिया जाता है। दरअसल, मेट्रो के लिए ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) तैयार करने का काम तुर्किए की कंपनी ‘असिस गार्ड’ को मिला था, लेकिन विवादों और देरी की वजह से इसका टेंडर अगस्त में रद्द कर दिया गया। इसके बाद नई कंपनी के चयन प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। टेंडर रद्द होने के बाद इंदौर में भी मैन्युअल टिकट को ही विकल्प बनाया गया है। चूंकि दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाएं एक ही संरचना पर चल रही हैं, इसलिए भोपाल में भी यही मॉडल अपनाना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, मैन्युअल टिकट सिस्टम चलाने के लिए आवश्यक स्टाफ की तैनाती शुरू कर दी गई है।

    AFC सिस्टम क्यों जरूरी था?

    AFC सिस्टम के तहत कार्ड या QR-आधारित टिकट से गेट ऑटोमेटिक खुलते हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण और राजस्व प्रबंधन आसान होता है। ‘असिस गार्ड’ को टिकटिंग से लेकर गेट के ऑटोमेशन और उसके संपूर्ण मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन टेंडर खत्म होने के कारण अब नई कंपनी इन कामों को संभालेगी। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती तब तक भोपाल मेट्रो मैन्युअल टिकटिंग सिस्टम पर ही चलेगी।

    किराए पर अंतिम मंथन-मिनिमम 20 और मैक्सिमम 80 रुपए

    मेट्रो कॉर्पोरेशन ने फेयर कलेक्शन कमेटी का गठन कर दिया है और किराए को लेकर लगभग अंतिम निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन इंदौर मेट्रो जैसा मॉडल ही लागू करने की तैयारी है। जानकारी के अनुसार- पहले 7 दिन: फ्री यात्रा पहले 3 महीने: टिकट पर 75%, 50% और 25% की क्रमशः छूट -छूट खत्म होने पर न्यूनतम किराया: 20 रुपए  अधिकतम किराया: 80 रुपए पूरी ऑरेंज लाइन चालू होने के बाद इंदौर में भी मेट्रो शुरू होने पर यही मॉडल लागू किया गया था। भोपाल में फिलहाल ऑरेंज लाइन का पहला चरण ही चलाया जाएगा, जिसमें सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी दूरी शामिल है।

    परियोजना के फेज-6 किलोमीटर अभी, 16 किलोमीटर बाद में

    ऑरेंज लाइन का पूरा रूट एम्स से करोंद तक करीब 16 किलोमीटर का है। पहला फेज सुभाष नगर से एम्स तक लगभग तैयार है और इसी पर दिसंबर से मेट्रो चलाई जाएगी। दूसरा फेज सुभाष नगर से करोंद तक है, जिसके अगले 2–3 साल में पूरा होने की उम्मीद है।

    भोपाल बन रहा है मेट्रो सिटी

    भोपाल के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों में मेट्रो आने से लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-हितैषी परिवहन मिलेगा। राजधानी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में भी यह कदम बेहद अहम साबित होगा।

  • इंदौर में घरेलू नौकर ने चुराया 5 लाख का हीरा जड़ा ब्रेसलेट, पुलिस ने नौकर समेत दलाल और सुनार को गिरफ्तार किया

    इंदौर में घरेलू नौकर ने चुराया 5 लाख का हीरा जड़ा ब्रेसलेट, पुलिस ने नौकर समेत दलाल और सुनार को गिरफ्तार किया


    इंदौर । इंदौर के माणिकबाग रोड स्थित एक महिला कारोबारी के घर से घरेलू नौकर ने हीरे से जड़ा पांच लाख रुपये का ब्रेसलेट चुरा लिया। यह घटना इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र की है जहाँ महिला कारोबारी आरती सांघी के घर से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। महिला के मुताबिक यह ब्रेसलेट उसकी सास ने उपहार स्वरूप दिया था। घटना के समय वह नहाने जा रही थीं और तभी चोरी की गई। पुलिस ने गहन जांच के बाद घरेलू नौकर दलाल और सुनार को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी किया गया ब्रेसलेट भी बरामद कर लिया है।

    चोरी की घटना और पुलिस जांच

    भंवरकुआं थाना क्षेत्र के टीआई के मुताबिक माणिकबाग रोड निवासी आरती सांघी ने घर में हुई चोरी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई। आरती की गीता भवन नाम से गिफ्ट की दुकान है और घर में चोरी किए गए ब्रेसलेट को उसकी सास ने उन्हें उपहार के तौर पर दिया था। इस ब्रेसलेट की कीमत करीब पांच लाख रुपये थी और यह हीरे से जड़ा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और क्राइम ब्रांच को मामले की जांच सौंप दी।

    गुरुवार को आरती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। सबसे पहले पुलिस ने शक के आधार पर घर के घरेलू नौकर गणपत पुत्र जोगड़ा कामता को गिरफ्तार किया। गणपत ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने चोरी किया हुआ ब्रेसलेट राहुल वाघले नाम के एक व्यक्ति को बेचा था जो उसे धानगली इलाके में स्थित सुनार दिलीप इंदरलाल रघुवंशी के पास ले गया था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राहुल व दिलीप को भी गिरफ्तार कर लिया और ब्रेसलेट बरामद कर लिया।

    तीन गिरफ्तार ब्रेसलेट बरामद

    पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है गणपत कामता जो घरेलू नौकर था राहुल वाघले दलाल और दिलीप इंदरलाल रघुवंशी सुनार । इन तीनों के खिलाफ चोरी धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि ब्रेसलेट चोरी करने के बाद गणपत ने राहुल की मदद से उसे सुनार दिलीप को बेच दिया था जिससे उन्हें ब्रेसलेट आसानी से बिक गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ब्रेसलेट को भी जब्त कर लिया है, जिसे अब आरती सांघी को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि यह एक संगठित चोरी का मामला था जिसमें घरेलू नौकर के साथ-साथ अन्य लोग भी शामिल थे।

    वृद्धा से चेन लूटने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार

    इसके अलावा पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। राजेंद्रनगर पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक वृद्धा से दो तोला वजनी सोने की चेन लूटी थी। यह घटना स्कीम-108 क्षेत्र में हुई थी जब कंचन पाटीदार नाम की वृद्धा से चेन छीन ली गई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम शिंदे आकाश परिहार और रियान रशीद शाह शामिल हैं। इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने वृद्धा को घेर कर उसका आभूषण लूटा था।

    पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा को लेकर चिंताएं

    इन दोनों घटनाओं ने इंदौर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। हालांकि पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है, लेकिन शहर में चोरी और लूट जैसी वारदातों में वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय लोग और व्यापारी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से बेहतर सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे हैं। इंदौर पुलिस का कहना है कि वह लगातार आपराधिक गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं और शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    इंदौर में घरेलू नौकर द्वारा की गई चोरी और बाद में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया कि चोरी की घटनाएं कभी भी किसी से भी हो सकती हैं। पुलिस ने अपनी तेज़ी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और चोरी किए गए ब्रेसलेट को बरामद किया। वहीं दूसरी ओर वृद्धा से चेन लूटने वाले तीन बदमाशों की गिरफ्तारी भी एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। अब, यह देखना होगा कि पुलिस आगे इन वारदातों पर किस तरह नियंत्रण पाती है और शहरवासियों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

  • कटनी में थाने से कुछ ही कदम की दूरी पर एटीएम उखाड़ ले गए चोर, पुलिस गश्त व्यवस्था पर उठे सवाल

    कटनी में थाने से कुछ ही कदम की दूरी पर एटीएम उखाड़ ले गए चोर, पुलिस गश्त व्यवस्था पर उठे सवाल



    कटनी ।
    मध्य प्रदेश के कटनी जिले के माधव नगर थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जहां थाने से चंद कदम की दूरी पर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम को चोर उखाड़कर ले गए। यह घटना रात के दो बजे की बताई जा रही है, जब इलाके में गश्त करने वाली पुलिस भी चोरों के हत्थे चढ़ने से बच नहीं पाई। इस घटना ने न केवल पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि यह सवाल भी खड़े किए हैं कि थाना और एटीएम के बीच की दूरी इतनी कम होने के बावजूद इस वारदात को अंजाम कैसे दिया गया।

    इस घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एटीएम में कितने पैसे थे। घटना के बाद से स्थानीय लोग और व्यवसायी भी हैरान हैं और इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस की लापरवाही और गश्त व्यवस्था पर सवाल

    कटनी जिले में इस तरह की वारदात को लेकर पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस द्वारा रात्रि गश्त को लेकर कई बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की बात की जाती रही है, लेकिन इस घटना ने उन दावों को धराशायी कर दिया है। घटना स्थल की सुरक्षा में किसी भी तरह के गार्ड की तैनाती नहीं की गई थी जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि एटीएम की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। इसके साथ ही एटीएम के आसपास की लाइटिंग भी कमजोर थी, जिससे रात के समय में अंधेरे का फायदा चोरों ने उठाया।

    एटीएम की सुरक्षा में चूक

    इस वारदात के दौरान यह बात भी सामने आई कि एटीएम की सुरक्षा को लेकर बैंक की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया था। एटीएम में पैसे भरने या उसकी निगरानी के लिए कोई गार्ड तैनात नहीं था और ना ही एटीएम की सुरक्षा के लिए कोई अन्य ठोस कदम उठाए गए थे। सुरक्षा गार्ड की गैरमौजूदगी ने चोरों को एटीएम उखाड़ने का मौका दिया। इस घटना के बाद बैंक अधिकारियों की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि वह मामले की गंभीरता से जांच करेंगे और भविष्य में सुरक्षा के और बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।

    पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच

    कटनी पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने इलाके के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, पुलिस चोरों के खिलाफ सुराग जुटाने के लिए इलाके में पूछताछ भी कर रही है। हालांकि अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को पकड़ा जाएगा।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    इस घटना के बाद से कटनी जिले के स्थानीय लोग भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि एटीएम और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अगर इस तरह की वारदात थाने के पास हो सकती है तो अन्य जगहों पर क्या स्थिति होगी? इससे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

    कटनी में माधव नगर थाने के पास स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र का एटीएम उखाड़कर ले जाने की घटना ने न केवल पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं बल्कि यह भी दिखाया है कि इस तरह की घटनाओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता है। इस घटना से यह भी साफ हो गया है कि एटीएम और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा में अधिक सतर्कता की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। पुलिस को अब इस मामले को गंभीरता से लेकर चोरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा ताकि इलाके में लोगों का विश्वास फिर से बहाल किया जा सके।

  • मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स का 79वां स्थापना दिवस, CM मोहन यादव ने किया सम्मानित

    मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स का 79वां स्थापना दिवस, CM मोहन यादव ने किया सम्मानित


     मध्य प्रदेश  में आज होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा संगठन का 79वां स्थापना दिवस राज्य स्तरीय समारोह के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और होम गार्ड कार्यालय पहुँचकर परेड निरीक्षण किया। परेड टीम ने मुख्यमंत्री को सलामी दी जिसके बाद उन्होंने जवानों के साहस, अनुशासन और सेवा भावना की सराहना की।

    उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अदम्य साहसिक कार्य सम्मान पुरस्कार देने की घोषणा की और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और जवानों को सम्मानित भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा-हर परिस्थिति, हर चुनौती में सबसे आगे रहने वाला अनुशासित समूह-होम गार्ड है। राज्य को गर्व है कियह बल हर जिम्मेदारी को निष्ठा से निभाता है।

    10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार का पुरस्कार
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में NDRF के गठन के बाद से यह बल लगातार बेहतरीन काम कर रहा है। इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग आने वाले उज्जैन सिंहस्थ में किया जाएगा। सीएम ने घोषणा की कि 10 रेस्क्यू टीमों को 51-51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

    होम गार्ड्स के लिए स्थायी आवास के आदेश
    जवानों की आवासीय जरूरतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होम गार्ड कर्मियों के लिए स्थायी आवास निर्माण के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर होम गार्ड को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।

  • मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात

    मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात


    रीवा।
    मध्य प्रदेश के रीवा में शुक्रवार शाम शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में जीएसटी विभाग की टीम ने रतन किराना स्टोर पर अचानक छापा मारा। लंबे समय से दुकान पर जीएसटी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने बिना पूर्व जानकारी के कार्रवाई करने का निर्णय लिया। टीम के पहुंचते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ ही मिनटों में दुकान के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

    विभाग के अधिकारियों ने दुकान के अंदर जाकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, टीम को कई ऐसे बिल और कागजात मिले हैं जिनमें बिलिंग से जुड़ी अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बिल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे, जबकि कुछ में जीएसटी की गणना संदिग्ध पाई गई है। अधिकारियों ने इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और दुकान के कंप्यूटर सिस्टम का बैकअप भी लिया गया है, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सके।

    कार्रवाई के दौरान दुकान मालिक से भी पूछताछ की गई और विभाग ने लेखा-जोखा से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर मांगे। हालांकि, दुकान संचालक ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और किसी प्रकार की जानबूझकर की गई गलती नहीं हुई है।

    जीएसटी विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई शिकायतों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही यह तय होगा कि दुकान के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

  • एक भारत-श्रेष्ठ भारत का प्रतिबिंब है राष्ट्रीय बालरंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एक भारत-श्रेष्ठ भारत का प्रतिबिंब है राष्ट्रीय बालरंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में प्रतिवर्ष होने वाला राष्ट्रीय बालरंग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के उद्देश्य को बेहतर तरीके से पूरा कर रहा है। भोपाल का एकता का प्रतिबिंब बन गया है। इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में एक-दूसरे के राज्य की संस्कृति को समझने की जिज्ञासा पैदा करते हैं और बच्चों में देश की संस्कृति के प्रति लगाव बढ़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम भोपाल के राष्ट्रीय इंदिरा गांधी मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोक नृत्य पर केन्द्रित प्रतियोगिता के विजेता राज्यों के बच्चों को ट्राफी भेंट की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 5 हजार वर्ष पहले भगवान
     आए। उनकी चौसठ कलाओं के ज्ञान से बच्चों को भारतीय प्राचीन कला को जानने का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम उज्जैन में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय बालरंग से यह परिसर मिनी भारत का रूप बन जाता है। यह आयोजन हमें अपने देश की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का मौका देता है। प्रत्येक राज्य की अपनी नृत्य शैली है, जो बालरंग के मंच पर सामने आयी है। लोक नृत्य आंचलिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न राज्यों के बच्चे जब एक स्थल पर एकत्र होते हैं तो वे एक-दूसरे के राज्य के बारे में जानने का प्रयास करते हैं। इस तरह के भाव बच्चों में जिज्ञासा को बढ़ाने का काम करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को भारत की विविधता के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रेष्ठ आयोजन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी।

    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने देश के विभिन्न राज्यों से आए बच्चों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शायद ही दुनिया में भारत जैसा देश हो, जिसमें इतने प्रकार की संस्कृतियां आपसी मेल के साथ देखने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हर 50 से 75 किलोमीटर में संस्कृति का बदलाव देखने को मिलता है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कश्मीर देश के मुकुट के समान है। उन्होंने मध्यप्रदेश की मालवा, बुंदेलखंड, बघेली संस्कृति का भी उल्लेख किया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बच्चों के प्रति विशेष लगाव देखने को मिलता है। मुख्यमंत्री अपनी व्यस्तता के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों में निरंतर शामिल होते हैं।

    राष्ट्रीय बालरंग के विजेता

    भोपाल में हुए राष्ट्रीय बालरंग में प्रथम पुरस्कार झारखंड के छऊ लोकनृत्य को मिला। यह नृत्य झारखंड का राजकीय नृत्य है, जिसमें विशिष्ट मुखोटों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। द्वितीय पुरस्कार हरियाणा के घूमर लोकनृत्य को मिला। इस नृत्य में सामाजिक जीवन, प्रेम, तीज-त्यौहार और लोक कथाओं की झलक देखने को मिलती है। तृतीय पुरस्कार असम के बिहू लोकनृत्य को मिला। यह नृत्य असम की जीवंत आत्मा है और वहां पर यह नृत्य बसंत ऋतु के आगमन पर प्रमुखता के साथ किया जाता है। सांत्वना पुरस्कार मध्यप्रदेश के अहीर नृत्य, हिमाचल प्रदेश के नाटी लोकनृत्य और तीसरा सांत्वना पुरस्कार चंडीगढ़ के भांगड़ा, लुड्डी और झूमर नृत्य को मिला।

    राष्ट्रीय बालरंग समारोह में अनेक लोक नृत्यों और गीतों के माध्यम से भारत की संस्कृति के अनेक रंग, मंच पर दिखे और शानदार कला की अभिव्यक्त हुई। कुल 14 राज्य आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश एवं 5 केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, चण्डीगढ़ एवं लक्षदीप के 400 से अधिक शालेय विद्यार्थियों ने अपने राज्यों के नृत्य की प्रस्तुति दी।

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के निदेशक श्री अमिताभ पांडे, अध्यक्ष नगर निगम भोपाल श्री किशन सूर्यवंशी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता और बड़ी संख्या में कलाप्रेमी एवं स्कूली बच्चे उपस्थित थे।