Category: Madhya Pradesh

  • ये हमारे हनुमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति

    ये हमारे हनुमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति


    भोपाल । मध्य प्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा कर्मचारियों के हितों में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए उन्हें ‘सरकार का हनुमान’ बताया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले इन कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति के उचित अवसर प्रदान किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 की संविदा नीति के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार संविदा कर्मचारियों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है।

    समिति का होगा गठन, मजदूर संघ भी होगा शामिल

    नियमितीकरण की प्रक्रिया और अन्य सेवा शर्तों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है समिति के सदस्य: इसमें सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। कार्य यह समिति संविदा कर्मचारियों से जुड़े सभी तकनीकी विषयों और नीतिगत बाधाओं पर विचार कर अपनी रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    2023 की नीति का होगा पालन

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 2023 में बनाई गई संविदा नीति के लाभ प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक पहुँचने चाहिए। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारा है, इसलिए उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए।

  • मुरैना में जहर कारोबार: रिफाइंड और केमिकल से बन रहा था सिंथेटिक दूध, नामचीन डेयरी को हो रही थी सप्लाई

    मुरैना में जहर कारोबार: रिफाइंड और केमिकल से बन रहा था सिंथेटिक दूध, नामचीन डेयरी को हो रही थी सप्लाई


    मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिला मुख्यालय से सटे जगतपुर गांव में प्रशासन ने एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी है जहां रिफाइंड ऑयल और घातक आरएम केमिकल मिलाकर सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह जहरीला दूध मुरैना की मशहूर हाकिम डेयरी को सप्लाई किया जा रहा था।

    ऐसे तैयार होता था सफेद जहर

    खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता और अनिल परिहार ने गुरुवार सुबह जब अशोक कुशवाह के घर छापा मारा तो वहां का नजारा भयावह था। मिलावट का खेल आरोपी हर रोज पशुपालकों से 300 लीटर असली दूध खरीदता था और उसमें अपने घर पर तैयार 60 लीटर सिंथेटिक दूध मिला देता था। सामग्री दूध की चिकनाहट बढ़ाने के लिए रिफाइंड ऑयल और उसे गाढ़ा करने के लिए आरएम केमिकल का उपयोग किया जा रहा था।सप्लाई चैन जांच में सामने आया कि यह 400 लीटर मिलावटी दूध ₹50 प्रति लीटर के भाव से शहर की हाकिम डेयरी पर बेचा जा रहा था। विभाग ने मौके से दूध केमिकल और ऑयल के 5 सैंपल लेकर भोपाल लैब भेजे हैं।

    लड्डू केक और जीरा भी निकले अमानक

    मुरैना में केवल दूध ही नहीं बल्कि आम जरूरत की अन्य चीजें भी जांच में फेल पाई गई हैं। भोपाल लैब से आई हालिया रिपोर्ट में 7 प्रमुख संस्थानों के सैंपल फेल हुए हैं राधेश्याम मिष्ठान जौरा बेसन के लड्डू अमानक। लक्ष्य इंटरप्राजेज अंबाह मिल्क केक में मिलावट।कामेश अग्रवाल मुरैना जीरा जांच में फेल। सोनू इंडस्ट्रीज बानमोर रिफाइंड ऑयल मिलावटी। यादव मसाला सेंटर लाल मिर्च पाउडर अशुद्ध।

    मिलावटखोरों पर सवा करोड़ का हंटर

    प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना ठोका है। अपर कलेक्टर अश्विनी रावत के न्यायालय ने 2020 से 2024 के बीच के 32 लंबित मामलों में फैसला सुनाते हुए दोषियों पर 1.15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अलग-अलग डेयरी और दुकान संचालकों पर 2 लाख से लेकर 9 लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया गया है। सभी दोषियों को 3 फरवरी को न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए गए हैं।

  • नरसिंहपुर सड़क हादसा: गाय से टकराकर उछली तेज रफ्तार बाइक, दो भाइयों की दर्दनाक मौत

    नरसिंहपुर सड़क हादसा: गाय से टकराकर उछली तेज रफ्तार बाइक, दो भाइयों की दर्दनाक मौत


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें दो युवकों की जान चली गई। तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत धूपखेड़ा और रमपुरा तिराहे के बीच एक पुल के पास तेज रफ्तार बाइक के गाय से टकराने के कारण यह दुर्घटना हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों भाई सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    मुर्गे लेकर लौट रहे थे घर मृतकों की पहचान रायसेन जिले के सिलवानी निवासी छोटे खान उर्फ इरफान 28 वर्ष और उनके रिश्ते के भाई नसीम खान 30 वर्ष के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों भाई शुक्रवार को ग्राम गुटौरी स्थित एक पोल्ट्री फार्म से बाइक के दोनों ओर पिंजरों में मुर्गे लादकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। दोपहर के समय जब वे एनएच-45 पर पुल के समीप पहुंचे, तभी अचानक एक गाय सड़क पर आ गई।

    टक्कर के बाद मची चीख-पुकार तेज रफ्तार बाइक और गाय के बीच हुई इस सीधी भिड़ंत में गाय की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद बाइक पर लदे मुर्गे सड़क पर बिखर गए, जिन्हें लूटने की होड़ भी वहां मौजूद कुछ लोगों में देखी गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए तेंदूखेड़ा अस्पताल ले जाया गया।

    इलाज के दौरान तोड़ा दम घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल नरसिंहपुर रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने छोटे खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल नसीम खान को परिजन बेहतर इलाज के लिए भोपाल ले गए थे लेकिन वहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने छोटे खान के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इस घटना के बाद जैथारी गांव में मातम पसरा हुआ है।

  • करवट लेता मौसम: दिल्ली में बारिश और एमपी में धूल भरी आंधी का अलर्ट, जानें अगले 4 दिनों का हाल

    करवट लेता मौसम: दिल्ली में बारिश और एमपी में धूल भरी आंधी का अलर्ट, जानें अगले 4 दिनों का हाल

    नई दिल्ली/भोपाल। उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम एक बार फिर चौंकाने वाले बदलाव के लिए तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए लगातार दो ‘पश्चिमी विक्षोभ’ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू होने वाला है।

    दिल्ली-NCR: 31 जनवरी से बरसेंगे बादल

    राजधानी दिल्ली में शनिवार, 31 जनवरी से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। सुबह की शुरुआत मध्यम से घने कोहरे के साथ होगी, लेकिन शाम होते-होते बादलों की आवाजाही और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 31 जनवरी की रात और 1 फरवरी को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे ठिठुरन एक बार फिर बढ़ जाएगी।

    मध्य प्रदेश: भोपाल में आंधी और बूंदाबांदी की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में भी बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। राजधानी भोपाल में शनिवार और रविवार को धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। तापमान की बात करें तो भोपाल में न्यूनतम पारा 10°C से 11°C के बीच बना हुआ है। यहां आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी सर्दी का अहसास कराएगी।

    पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में भीगेगा राजस्थान-पंजाब

    31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी और बारिश का अनुमान है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों जैसे राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे फरवरी की शुरुआत भी ठंडी रहने वाली है।

    सावधानी की सलाह: मौसम में अचानक आ रहे इस बदलाव और ठंडी हवाओं के चलते स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। फरवरी के शुरुआती दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान आज

    दिल्ली: 10°C

    लखनऊ: 9°C

    पटना: 14°C

    भोपाल: 10°C

    जयपुर: 12°C

    संक्षिप्त विवरण: उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते 31 जनवरी से दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश से फरवरी की शुरुआत में ठंड और बढ़ेगी।

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  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज: आधे प्रदेश में घना कोहरा, तीन दिन बारिश के आसार, ठंड और बढ़ेगी

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज: आधे प्रदेश में घना कोहरा, तीन दिन बारिश के आसार, ठंड और बढ़ेगी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, वहीं सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते 31 जनवरी, 1 फरवरी और 2 फरवरी को राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे ठंड का असर और तेज़ होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश हो रही है। इस सिस्टम के कारण 241 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि बारिश का सिस्टम गुजरने के बाद दिन और रात दोनों समय ठंड और बढ़ सकती है।

    शुक्रवार सुबह प्रदेश के करीब आधे हिस्से में कोहरे का असर देखने को मिला। भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 से अधिक जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी और सिंगरौली में दृश्यता काफी कम दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। इससे पहले कोहरे का असर बना रहेगा। 31 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश के आसार हैं। 1 फरवरी को नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश हो सकती है। वहीं 2 फरवरी को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित 40 से अधिक जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

    ओलावृष्टि और बारिश थमने के बाद प्रदेश में कोहरा और सर्दी का असर और बढ़ गया है। गुरुवार सुबह कई जिलों में 10 बजे तक धूप नहीं निकल सकी। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया। ग्वालियर और दतिया में कोहरा सबसे अधिक घना रहा। उज्जैन, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, खजुराहो, सतना, धार, गुना, रायसेन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी और उमरिया में भी दृश्यता कम रही।

    रात के तापमान की बात करें तो मंदसौर में पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा स्थान रहा। हालांकि रात की कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है, लेकिन दिन में ठिठुरन बनी हुई है। गुरुवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। दतिया में 20.3, भोपाल में 20.4, श्योपुर में 20.6, नौगांव में 20.7, रतलाम और रीवा में 21.2, गुना में 21.8, खजुराहो और टीकमगढ़ में 22, इंदौर में 22.2, दमोह में 22.4, सतना में 22.7, सागर में 22.8, उज्जैन में 23, धार में 23.2 और जबलपुर में 23.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी को दी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सत्य और अहिंसा का संदेश याद किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी को दी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सत्य और अहिंसा का संदेश याद किया


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और एकता के माध्यम से समाज और मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने बताया कि गांधी जी ने अपने सरल जीवन और आदर्शों से लोगों को सामाजिक न्याय, समानता और नैतिकता का महत्व समझाया। उनके संदेश आज भी हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक हैं।

    डॉ. यादव ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें यह सिखाया कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा से नहीं, बल्कि सत्य और अहिंसा के मार्ग से संभव है। उनके विचार और कृतित्व न केवल स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरणादायक रहे, बल्कि समाज में सामूहिक भलाई और मानवता के मूल्य स्थापित करने में भी मार्गदर्शन करते हैं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे गांधी जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और उनके सिद्धांतों के अनुसार समाज और राष्ट्र की सेवा करें। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हमें अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार और जिम्मेदार रहने का संदेश देता है।

    महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री द्वारा दी गई श्रद्धांजलि में उनकी विचारधारा और जीवन दर्शन की महत्ता को प्रमुखता दी गई। डॉ. यादव ने कहा कि गांधी जी की अहिंसा, सत्य और सेवा की भावना आज भी देश में समाजिक और नैतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने और उन्हें उनके जीवन और संदेशों से प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को गांधी जी के विचारों और उनके नैतिक मूल्यों के महत्व से परिचित कराया जाना चाहिए, ताकि वे अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में इन्हें लागू कर सकें।

  • मंत्रालय स्थित पटेल पार्क में 2 फरवरी को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन

    मंत्रालय स्थित पटेल पार्क में 2 फरवरी को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन


    भोपाल ।मध्य प्रदेश के मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में 2 फरवरी, 2026 को राष्ट्रगीत वन्देमातरम और राष्ट्रगान “जन-गण-मन” का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10:15 बजे शुरू होगा। यह आयोजन माह के प्रथम कार्य दिवस पर प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी किया जा रहा है।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश जारी किए हैं। बताया गया है कि 1 फरवरी को शासकीय अवकाश होने के कारण यह कार्यक्रम अगले दिन आयोजित किया जा रहा है, ताकि सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी इसमें भाग ले सकें।

    प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर मंत्रालय में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है। इसका उद्देश्य न केवल देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है, बल्कि सरकारी कार्यस्थलों में एकजुटता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी बढ़ावा देना है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे समय पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम में भाग लें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाएं।

    वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित होने वाले इस आयोजन में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और अन्य उपस्थित लोग राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के माध्यम से देशभक्ति का संदेश फैलाएंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी और कार्यक्रम का पालन पूरी गंभीरता से किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों से अपेक्षा है कि वे अनुशासन बनाए रखें और राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान के महत्व को ध्यान में रखते हुए श्रद्धा और सम्मान के साथ इसमें भाग लें।

    इस तरह, मंत्रालय द्वारा आयोजित यह आयोजन देशभक्ति की भावना को प्रबल करने, अधिकारियों और कर्मचारियों में राष्ट्रीय सम्मान और अनुशासन बढ़ाने और राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के महत्व को युवा अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

  • मंत्रालय में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन, महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण

    मंत्रालय में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन, महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण


    भोपाल ।  30 जनवरी 2026 को मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस और वीर शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने मंत्रालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन रखा। इस मौन सभा के माध्यम से देश के उन सभी वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया गया, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की स्वतंत्रता और अखंडता सुनिश्चित की।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि सचिव श्री एम. रघुराज, श्री मनीष सिंह सहित मंत्रालय के वल्लभ भवन सतपुड़ा विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण किया और उनकी शिक्षाओं तथा अहिंसा और सत्य के मार्ग को याद किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल शहीदों की स्मृति को सम्मानित करना था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी उनके बलिदान और देशभक्ति से प्रेरित करना बताया गया। मुख्य सचिव श्री जैन ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी और अन्य शहीदों के आदर्श आज भी समाज और प्रशासनिक कार्यों में मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि दो मिनट का मौन रखना एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुष्ठान है, जो हमें अपने कर्तव्यों और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की याद दिलाता है।

    इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और यह संकल्प लिया कि वे अपने कार्य क्षेत्र में देश की सेवा और नागरिक कल्याण को सर्वोपरि रखेंगे। माल्यर्पण और मौन धारण का यह आयोजन मंत्रालय में शांति और श्रद्धा का वातावरण बनाए रखने में सफल रहा।

    इस प्रकार, 30 जनवरी के अवसर पर मंत्रालय ने महात्मा गांधी और वीर शहीदों को याद कर उनके योगदान को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने न केवल पुष्प अर्पित किए, बल्कि महात्मा गांधी और शहीदों के आदर्शों को अपने कार्य और जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।

  • राज्यपाल श्री पटेल ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, शहीद दिवस पर रखी दो मिनट की मौन सभा

    राज्यपाल श्री पटेल ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, शहीद दिवस पर रखी दो मिनट की मौन सभा


    भोपाल । राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने दो मिनट का मौन रखकर देशभक्त शहीदों को भी याद किया। कार्यक्रम में लोकायुक्त जस्टिस श्री सतेंद्र कुमार सिंह और राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।

    राज्यपाल ने महात्मा गांधी के चित्र पर फूल अर्पित करते हुए उनके आदर्शों और अहिंसा के मार्ग का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता का जीवन हमें सत्य, अहिंसा और सेवा की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को याद किया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

    लोकभवन में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारियों ने भी महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान शांति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके राष्ट्रहित में किए गए योगदान को याद किया।

    राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा देशवासियों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी समाज और प्रशासनिक कार्यों में मार्गदर्शन का काम करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन रखने से हम अपने देश के उन सभी वीरों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

    लोकायुक्त जस्टिस सतेंद्र कुमार सिंह ने भी महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनका जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी उपस्थित कर्मचारियों के साथ मिलकर शहीदों और राष्ट्रपिता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    इस अवसर पर राज्यपाल कार्यालय में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने न केवल पुष्पांजलि अर्पित की, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों पर चर्चा भी की और उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। राज्यपाल श्री पटेल ने अंत में कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमें हमारे इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों की याद दिलाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इन आदर्शों से प्रेरित हों।

  • देवालयों में VIP कल्चर पर उठे सवाल, पुजारी महासंघ ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, ‘समान प्रवेश कानून’ की मांग

    देवालयों में VIP कल्चर पर उठे सवाल, पुजारी महासंघ ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, ‘समान प्रवेश कानून’ की मांग


    उज्जैन। देश के प्रमुख देवालयों में बढ़ते वीआईपी कल्चर और सुरक्षा के नाम पर पुजारियों व आम श्रद्धालुओं के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर अब खुलकर विरोध सामने आने लगा है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने इसे सनातन परंपरा और मंदिरों की मर्यादा के लिए गंभीर संकट बताया है। इसी कड़ी में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और श्री महाकालेश्वर मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मंदिरों में “वीआईपी प्रवेश प्रतिबंधित कानून” बनाने की मांग की है।

    महेश शर्मा ने पत्र में कहा है कि आज देश के कई प्रमुख मंदिरों में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इस हद तक बढ़ा दी जाती है कि नित्य पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी, पुरोहित और सेवक भी अपने ही गर्भगृह, पूजा कक्ष और आवासीय क्षेत्रों से बाहर कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के महाकाल मंदिर से लेकर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर तक ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो सनातन परंपराओं के खिलाफ हैं।

    पुजारी महासंघ ने हाल ही में वृंदावन में हुए एक घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के दौरे के दौरान पुजारियों, उनके परिवारों और महिलाओं के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। महासंघ का आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर मंदिरों की आंतरिक व्यवस्था को पूरी तरह दरकिनार कर दिया जाता है, जिससे न केवल पूजा पद्धति बाधित होती है, बल्कि पुजारियों के सम्मान को भी ठेस पहुंचती है।

    इस मुद्दे पर महासंघ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी तीखे सवाल किए हैं। पत्र में पूछा गया है कि यदि भविष्य में सत्ता परिवर्तन होता है और कोई अन्य मुख्यमंत्री गोरखनाथ पीठ में दर्शन करने पहुंचे तथा सुरक्षा का हवाला देकर योगी आदित्यनाथ या उनके संतों को मठ से बाहर कर दिया जाए, तो क्या वे इसे स्वीकार करेंगे। महासंघ ने तर्क दिया कि यदि यह स्थिति स्वयं के लिए अनुचित मानी जाती है, तो बांके बिहारी मंदिर में पुजारियों के साथ हुआ व्यवहार भी पूरी तरह गलत है।

    अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा है कि जब तक कोई व्यक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन है, उसे पद के प्रोटोकॉल के साथ मंदिरों में प्रवेश नहीं करना चाहिए। यदि वे दर्शन करना चाहते हैं, तो एक सामान्य श्रद्धालु की तरह कतार में लगकर दर्शन करें। इससे मंदिरों की परंपरा, पूजा पद्धति और आध्यात्मिक वातावरण सुरक्षित रहेगा।

    महासंघ का कहना है कि मंदिर किसी व्यक्ति विशेष के प्रभाव या सत्ता प्रदर्शन का स्थान नहीं, बल्कि आस्था, समानता और श्रद्धा का केंद्र हैं। वीआईपी कल्चर के कारण आम भक्तों में असंतोष बढ़ रहा है और पुजारियों का आत्मसम्मान भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस विषय में हस्तक्षेप कर समान प्रवेश कानून बनाने की अपील की है, ताकि देवालयों की मर्यादा और सनातन परंपरा अक्षुण्ण रह सके।