Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर कड़ा प्रहार 8 MBBS छात्र सस्पेंड..

    जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर कड़ा प्रहार 8 MBBS छात्र सस्पेंड..


    जबलपुर/मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के एक मामले में कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अनुशासन का स्पष्ट संदेश दिया है। जांच में दोषी पाए गए एमबीबीएस थर्ड ईयर के आठ सीनियर छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र पर दस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के एंटी रैगिंग नियमों के तहत की गई है।

    यह मामला मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल नंबर एक से जुड़ा हुआ है। करीब एक सप्ताह पहले एक जूनियर एमबीबीएस छात्र ने डीन कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में छात्र ने बताया था कि सीनियर छात्रों ने देर रात उसे हॉस्टल में कमरे के बाहर खड़ा रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। छात्र ने इस व्यवहार को रैगिंग की श्रेणी में बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी शिकायत मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी रैगिंग कमेटी को जांच के निर्देश दिए। कमेटी ने पीड़ित छात्र का बयान दर्ज किया और आरोपित छात्रों से भी अलग अलग पूछताछ की गई। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों साक्ष्यों और बयानों के आधार पर एमबीबीएस थर्ड ईयर के आठ छात्रों को दोषी पाया गया।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सभी दोषी छात्रों को छह महीने के लिए कक्षाओं से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उन्हें हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान ये छात्र किसी भी शैक्षणिक गतिविधि परीक्षा या प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सकेंगे।

    कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नई दिल्ली द्वारा 18 नवंबर 2021 को जारी गजट अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार की गई है। एनएमसी के नियमों में रैगिंग को गंभीर अपराध माना गया है और इसमें निलंबन जुर्माना तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस कार्रवाई तक का प्रावधान है।मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ नवनीत सक्सेना ने कहा कि रैगिंग जैसी घटनाएं मेडिकल शिक्षा की गरिमा अनुशासन और मानवीय मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि जूनियर छात्र की शिकायत पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की गई और उसी के आधार पर नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। डीन ने साफ शब्दों में कहा कि कॉलेज परिसर या हॉस्टल में रैगिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    इस कार्रवाई के बाद कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों को एंटी रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है। साथ ही जूनियर छात्रों से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की रैगिंग या मानसिक दबाव का सामना करना पड़े तो बिना डर के प्रशासन या एंटी रैगिंग हेल्पलाइन से संपर्क करें।

  • सेहत से खिलवाड़ का खुलासा कोल्ड स्टोरेज से 46 बोरी नकली जीरा जब्त…

    सेहत से खिलवाड़ का खुलासा कोल्ड स्टोरेज से 46 बोरी नकली जीरा जब्त…


    ग्वालियर में खाद्य सुरक्षा और आम जनता की सेहत से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से पुलिस ने 46 बोरियां नकली जीरा जब्त किया है। जांच में सामने आया है कि सौंफ के बीजों पर सीमेंट और खतरनाक रासायनिक पदार्थों की परत चढ़ाकर उन्हें जीरे का रूप दिया जा रहा था और फिर ब्रांडेड पैकिंग में भरकर बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था।

    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात के मेहसाना जिले के ऊंझा निवासी और शिव पुजारी ब्रांड के कारोबारी विमल कुमार पटेल को अपने ब्रांड नाम से घटिया जीरा बिकने की शिकायतें मिलने लगीं। बाजार से लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद उन्होंने निजी स्तर पर जांच करवाई। जांच की कड़ियां ग्वालियर से जुड़ती चली गईं जिसके बाद वे स्वयं ग्वालियर पहुंचे और बहोड़ापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस जांच में सामने आया है कि ग्वालियर निवासी हितेश सिंघल उर्फ चपक इस नकली जीरे के कारोबार का मुख्य संचालक था। इस नेटवर्क में झांसी का व्यापारी टीटू अग्रवाल भी शामिल बताया जा रहा है। नकली जीरे की बड़ी खेप मां शीतला कोल्ड स्टोरेज में स्टोर की गई थी जहां से इसे अलग अलग शहरों और मंडियों में भेजने की तैयारी थी।

    शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारा। जब बोरियों को खोलकर जांच की गई तो सभी 46 बोरियों में नकली जीरा पाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सौंफ के दानों पर सीमेंट और केमिकल का ऐसा लेप चढ़ाया गया था कि वह देखने में बिल्कुल असली जीरे जैसा लगे। यह तरीका न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है बल्कि सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी है।

    पुलिस ने इस मामले में कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर सहित तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर धोखाधड़ी मिलावट और कॉपीराइट उल्लंघन से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नकली जीरे की कितनी खेप पहले ही बाजार में पहुंच चुकी है और किन किन इलाकों में इसकी सप्लाई की गई।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मिलावट से लंबे समय में लोगों को गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। नकली मसालों में उपयोग किए गए रसायन और सीमेंट शरीर के लिए बेहद घातक हैं। इसलिए पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य संलिप्त लोगों को भी चिन्हित किया जाएगा।

    शिकायतकर्ता विमल कुमार पटेल ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने कोल्ड स्टोरेज मैनेजर से सवाल किए तो उन्हें धमकाया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जारी है और आवश्यकता पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

  • स्वच्छता के दावे पर संसद की चोट इंदौर का दूषित पानी बना राष्ट्रीय मुद्दा

    स्वच्छता के दावे पर संसद की चोट इंदौर का दूषित पानी बना राष्ट्रीय मुद्दा


    नई दिल्ली। देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर की छवि पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल पीने से हुई मौतों का मामला अब केवल स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं रहा बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का विषय बन चुका है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ सैयद नासिर हुसैन ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाकर केंद्र सरकार से सीधे जवाब मांगे हैं। इससे इंदौर की जल आपूर्ति व्यवस्था और स्वच्छता मॉडल पर नई बहस शुरू हो गई है।

    राज्यसभा में पूछे गए प्रश्नों में यह स्पष्ट रूप से जानना चाहा गया है कि किन परिस्थितियों में शहर की सीवरेज और जल वितरण प्रणाली विफल हुई और कैसे दूषित सीवरेज का पानी पीने योग्य जल लाइनों में मिल गया। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या केंद्र सरकार को जनवरी 2026 में भागीरथपुरा में हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की जानकारी है। इन सवालों के जवाब जल शक्ति मंत्री द्वारा 2 फरवरी 2026 को राज्यसभा में दिए जाएंगे।

    इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर दौरे के दौरान इस पूरे प्रकरण को संसद में उठाने की घोषणा की थी। वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी साफ कर दिया है कि 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को पूरी ताकत के साथ उठाया जाएगा। कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है कि सरकार को संसद और विधानसभा दोनों मंचों पर घेरकर जवाबदेह बनाया जाए।राज्यसभा में सवाल सूचीबद्ध होते ही इंदौर नगर निगम और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। जल शक्ति मंत्रालय ने बिंदुवार जानकारी मांगी है जिसके चलते नगर निगम को सभी रिपोर्ट और तथ्य सरकार को भेजने पड़े हैं। यह प्रश्न राज्यसभा प्रश्न संख्या एस 1137 के तहत दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जवाबों में किसी भी तरह की चूक इंदौर की स्वच्छ शहर की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा सकती है।

    यह मामला पहले से ही मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में विचाराधीन है जहां नगर निगम और प्रशासन को कड़ी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। अब संसद में मामला पहुंचने के बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह प्रकरण केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोलता है।

    कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा सका। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि विधानसभा में यह पूछा जाएगा कि दूषित पानी से हुई मौतों की जिम्मेदारी किसकी है और अब तक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कांग्रेस का दावा है कि यह मुद्दा सरकार की कार्यशैली और जवाबदेही की असल तस्वीर जनता के सामने लाएगा।

  • MP : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर लगे प्रतिबंध…. जानें क्यों उठी ऐसी मांग ?

    MP : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर लगे प्रतिबंध…. जानें क्यों उठी ऐसी मांग ?


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में गैर हिन्दुओं के प्रवेश को लेकर हिन्दू जागरण मंच (Hindu Jagran Manch) और मंदिर पुजारी ने प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। यह मांग उत्तराखंड (Uttarakhand) के गंगोत्री धाम (Gangotri Dham) में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद उठी है जिसमे देश के बारह ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है। इस पूरे मामले में हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी का कहना है कि पिछले साल 25 के करीब गैर हिन्दू महाकाल मंदिर सहित आसपास से पकड़े गए थे। जो यहां घूमने आए थे। वंही महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी का कहना है कि गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए। उस पर रोक तब लगे जब वह घूमने की मंशा से आया हो।


    इन मंदिरों में भी प्रतिबंध की मांग

    माहेश्वरी ने दावा किया कि साल 2025 में हिंदू जागरण मंच ने महाकाल मंदिर परिसर से एक दर्जन से अधिक युवकों को पकड़ा है, जो लड़कियों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील रहा है, ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। इसी तरह काल भैरव, मंगलनाथ और सांदीपनि आश्रम जैसे शहर के प्रमुख मंदिरों में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    देश के उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद देश के बारह ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसकी शुरुआत उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से होती नजर आ रही है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा और उससे जुड़े मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग के बीच अब उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी इसी तरह की मांग उठने लगी है। महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा और हिंदू जागरण मंच ने केंद्र और राज्य सरकार से महाकाल मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

    महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा ने कहा कि यदि कोई गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए, लेकिन यदि कोई व्यक्ति केवल घूमने-फिरने या गलत मंशा के साथ मंदिर में प्रवेश करता है और इससे सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचती है, तो ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि यह व्यवस्था केवल महाकाल मंदिर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग में लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग घर वापसी कर चुके हैं, उन्हें छोड़कर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।

  • जबलपुर–दमोह फोरलेन पर बस्ती का बवाल, NHAI कार्यालय घेरा, करणी सेना ने 15 दिन में फैसला मांगा

    जबलपुर–दमोह फोरलेन पर बस्ती का बवाल, NHAI कार्यालय घेरा, करणी सेना ने 15 दिन में फैसला मांगा



    जबलपुर। जबलपुर–दमोह NH-34 को टू-लेन से फोरलेन करने की योजना के विरोध में बोरिया बस्ती के ग्रामीणों ने शुक्रवार को सड़क पर उतरकर NHAI कार्यालय का घेराव किया। करणी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक भी प्रदर्शन में शामिल रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती के 50 से अधिक घर फोरलेन के लिए ध्वस्त हो सकते हैं, जिससे 150 से अधिक लोग बेघर होने की कगार पर हैं।
    करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रताप राघव ने NHAI को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में प्रभावितों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा, जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक आंदोलन बढ़ाया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक और स्थानीय मंत्री ग्रामीणों के समर्थन में नहीं खड़े हुए, इसलिए करणी सेना ने मोर्चा संभाला है।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें उजाड़ा जा रहा है, जो पूरी तरह अन्याय है। महिलाओं ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि वर्षों से बसे परिवारों को हटाने से पहले प्रशासन को पुनर्वास और वैकल्पिक इंतजामों की ठोस योजना प्रस्तुत करनी चाहिए।

    ग्रामीणों की मुख्य मांगें
    प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था हो
    जमीन अधिग्रहण पर तत्काल रोक
    प्रभावितों को साथ लेकर प्रोजेक्ट के विकल्पों पर चर्चा
    सड़क के सेंटर से दोनों तरफ बराबर भूमि अधिग्रहण किया जाए
    बोरिया गांव के सतिश पटेल ने कहा कि वर्तमान में 70 फीट की सड़क को 150 फीट करने की योजना है, लेकिन सड़क एक तरफ चौड़ी की जा रही है, जिससे 70 मकान प्रभावित हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि रोड सेंटर से दोनों तरफ बराबर अधिग्रहण किया जाए या बस्ती वाले क्षेत्र में सड़क चौड़ाई को घटाकर 120 फीट किया जाए। साथ ही प्रभावितों को मुआवजे के साथ घर बनाने के लिए जमीन भी दी जाए।

    सुनीता बर्मन ने कहा कि यदि उनका घर टूटता है तो वे पूरी तरह से बर्बाद हो जाएँगी, क्योंकि परिवार में बुजुर्ग ही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क के विरोध में नहीं हैं, लेकिन सरकार को यह देखना चाहिए कि किसी को बेघर न किया जाए।

    NHAI का जवाब
    NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने कहा कि फोरलेन के लिए 150 फीट भूमि अधिग्रहण का नियम है। बोरिया और आसपास के गांवों में बायपास का प्रावधान नहीं है, इसलिए मुख्य मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की मांग पर विचार किया जाएगा और वैकल्पिक विकल्पों पर काम किया जाएगा।
  • BCCI अध्यक्ष चुनाव: गोविंद गोयल ने किया बड़ा दावा, चैंबर बनेगा व्यापारियों की आवाज पार्किंग से लॉजिस्टिक हब तक फोकस

    BCCI अध्यक्ष चुनाव: गोविंद गोयल ने किया बड़ा दावा, चैंबर बनेगा व्यापारियों की आवाज पार्किंग से लॉजिस्टिक हब तक फोकस



    भोपाल। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) के 1 फरवरी को अध्यक्ष सहित चुनाव होंगे, जबकि 2 फरवरी को नतीजे घोषित होंगे। चुनाव प्रचार में अब तेजी आ गई है और उन्नति पैनल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार गोविंद गोयल शहर के बाजारों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के बीच सक्रिय संपर्क में हैं।
    गोयल का दावा है कि उनकी अध्यक्षता में चैंबर सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि व्यापारियों की सशक्त आवाज बनेगा।

    गोयल ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर व्यापारियों को चैंबर की भविष्य की दिशा से अवगत कराया है। उनके संकल्प पत्र में पुराने शहर के बाजारों की पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान प्रमुख रूप से शामिल है। इसके लिए मैकेनाइज्ड और मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

    साथ ही गोयल ने भोपाल को राष्ट्रीय स्तर का लॉजिस्टिक हब बनाने, थोक फार्मा और मेडिकल ट्रेड का केंद्र विकसित करने, और बैरागढ़ को टेक्सटाइल हब के रूप में ब्रांडिंग करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए चैंबर को उनके लिए “लड़ने वाली संस्था” बनाया जाएगा।

    गोयल ने कहा कि वे पिछले पांच दशकों से व्यापार, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं और हमेशा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे बढ़ते रहे हैं। उन्होंने सराफा व्यापारियों की समस्याओं और ट्रांसपोर्टर्स पर लगे 123 करोड़ रुपये के जुर्माने जैसे मुद्दों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर व्यापारियों ने उन्हें मौका दिया तो वह पूरे जोश और ऊर्जा के साथ काम करेंगे और व्यापारिक चुनौतियों के समाधान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।

    उन्नति पैनल की पूरी टीम
    उन्नति पैनल में अध्यक्ष गोविंद गोयल, उपाध्यक्ष अरविंद जैन, आदित्य जैन मन्या, अमित गोयल, महामंत्री विनोद जैन (MPT), मंत्री अजय देवनानी, संजीव जैन, सुनील जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप सेवानी, सह कोषाध्यक्ष हेमंत अग्रवाल, अतिरिक्त कोषाध्यक्ष अमित कुमार बिंदल शामिल हैं।

    कार्यकारिणी के लिए दीपक दुबे, राजेश गुप्ता, अमित जैन, कृष्ण गोपाल मुखरैया, मनोज कुमार साहू, कमल भंडारी, सचिन जैन, तेजेंद्र चावला, अनिल मिश्रा, अखिलेश मित्तल, वात्सायन जैन, भरत गुप्ता, आदित्य सिंघई, सुलभ मित्तल, जवाहर कोटवानी, स्मिथ जैन और अभिषेक जैन उम्मीदवार हैं।

    पहली बार टेंडर वोटिंग, 22 वोट डाले गए
    इस बार चैंबर चुनाव में पहली बार टेंडर वोटिंग और उम्मीदवारों के फोटो वाले मतपत्र का प्रावधान किया गया है।

    मुख्य चुनाव अधिकारी एडवोकेट पी.सी. कोठारी ने बताया कि 1 फरवरी को अनुपलब्ध रहने वाले मतदाताओं के लिए टेंडर वोटिंग की सुविधा दी गई, जिसमें 22 वोट डाले गए।

    चुनाव के लिए लगभग 170 सदस्यों की टीम तैनात की गई है। वोटिंग और काउंटिंग पॉलीटेक्निक कॉलेज चौराहा स्थित मानस भवन में होगी। गोविंद गोयल के सामने पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली भी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं, जिन्होंने अपना घोषणा पत्र जारी किया है।

  • केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल

    केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल


    उज्जैन। केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना शुक्रवार तड़के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा महाकाल की सुप्रसिद्ध भस्म आरती में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ लिया और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

    विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

    सुबह होने वाली भस्म आरती के दौरान केन्द्रीय मंत्री सोमन्ना मंदिर के नंदी हॉल में मौजूद रहे। आरती के पश्चात उन्होंने गर्भगृह की दहलीज से भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अभिषेक किया। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई और बाबा महाकाल का आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद व स्मृति चिह्न भेंट किया।

    उज्जैन आगमन और दर्शन

    केन्द्रीय मंत्री वी. सोमन्ना अपनी धार्मिक यात्रा के तहत उज्जैन पहुंचे थे। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और वहां चल रहे विकास कार्यों की भी सराहना की। गौरतलब है कि उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथि दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

  • शेयर में निवेश का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार साइबर अपराधियों को खाते बेचने का भी था काम

    शेयर में निवेश का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार साइबर अपराधियों को खाते बेचने का भी था काम


    नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों का कारोबार मंदसौर जिले के भावगढ़ से संचालित होता था। ये लोग अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचते थे, जिनके जरिए देशभर में ठगी के पैसों का लेन-देन किया जाता था।

    क्या था मामला?
    मिसरौद निवासी सुनील वर्मा (परिवर्तित नाम) ने 4 अगस्त 2024 को साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई।

    उन्होंने बताया कि एक फर्जी ‘स्टॉक एप्लीकेशन’ के माध्यम से उन्हें शेयर मार्केट में निवेश करने और कई गुना लाभ दिलाने का झांसा दिया गया।
    इस जाल में फंसकर उन्होंने 9,91,900 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
    कैसे पकड़े आरोपी?
    साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी जांच, बैंक खातों के विवरण और मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच की कड़ियाँ मंदसौर जिले तक पहुंचीं। पुलिस टीम ने ग्राम भावगढ़ में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
    उनकी पहचान गुलशेर खान और रजनीश बारेठ के रूप में हुई।

    पुलिस ने इनके पास से 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। जांच में पता चला है कि इनके द्वारा बेचे गए बैंक खातों का उपयोग देश के अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के लिए किया गया था। पुलिस फिलहाल इनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

    ऐसे बचें ठगी का शिकार होने से (महत्वपूर्ण सुझाव)
    टास्क/लाइक-रेटिंग के नाम पर पैसे देने से बचें:
    यूट्यूब सब्सक्राइब, इंस्टा पेज लाइक करने या रेटिंग देने के बदले पैसे मांगने वाली योजनाएं 100% धोखाधड़ी होती हैं। शुरुआत में 50-100 रुपए भेजाकर भरोसा जीतते हैं, फिर बड़े निवेश के नाम पर लाखों ठग लेते हैं।

    फर्जी प्रॉफिट से सावधान रहें:
    ऐप या वेबसाइट पर दिखाया गया ‘प्रॉफिट’ केवल डिजिटल भ्रम है। निकालने के लिए ‘टैक्स’ या ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं।

    गोपनीय जानकारी साझा न करें:
    बैंक या KYC के नाम पर आने वाले कॉल पर OTP, CVV, पासवर्ड या PIN कभी न बताएं। बैंक कभी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगता।

    रिमोट एक्सेस ऐप्स से दूरी बनाए रखें:
    AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप्स बिना जरूरत न रखें। इनके जरिए ठग आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं।
    अनजान नंबर से वीडियो कॉल रिसीव न करें:
    इससे ‘सेक्स्टॉर्शन’ और ब्लैकमेलिंग का खतरा बढ़ जाता है।

  • नरसिंहपुर में दरिंदगी: बचई के जंगल में 12वीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 8 आरोपियों पर FIR दर्ज

    नरसिंहपुर में दरिंदगी: बचई के जंगल में 12वीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 8 आरोपियों पर FIR दर्ज


    नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। जिले के मुंगवानी थाना क्षेत्र अंतर्गत बचई के जंगलों में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना करीब एक महीने पुरानी बताई जा रही है जिसका खुलासा अब पीड़िता की शिकायत के बाद हुआ है।

    एक महीने बाद हुआ खुलासा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घिनौनी वारदात करीब एक माह पूर्व हुई थी। लोक-लाज और आरोपियों के डर के कारण पीड़ित पक्ष ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि, अब साहस जुटाते हुए छात्रा और उसके परिजनों ने मुंगवानी थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    8 आरोपियों पर केस दर्ज, अधिकांश हिरासत में

    पुलिस ने पीड़िता के बयानों और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है आरोपियों की संख्या: कुल 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें 7 नामजद और एक अज्ञात शामिल है। सख्त धाराएं आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अधिकांश आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

    जंगल में ले जाकर की दरिंदगी

    शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने छात्रा को बचई क्षेत्र के सुनसान जंगल में ले जाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने घटना का कोई वीडियो बनाया था या छात्रा को किसी अन्य तरीके से ब्लैकमेल किया जा रहा था।

  • बालाघाट में भीषण सड़क हादसा: क्रेटा और बाइक की सीधी भिड़ंत, बिजली विभाग के दो कर्मियों की मौके पर मौत

    बालाघाट में भीषण सड़क हादसा: क्रेटा और बाइक की सीधी भिड़ंत, बिजली विभाग के दो कर्मियों की मौके पर मौत


    बालाघाट/किरनापुर। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। किरनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम परसवाड़ा में देव नदी के पुल के पास एक तेज रफ्तार क्रेटा कार और बाइक के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में दो युवकों की जान चली गई। मृतक बिजली विभाग में संविदा/ठेकेदारी पर कार्यरत थे और ड्यूटी पर जा रहे थे।

    आमने-सामने की टक्कर से फैला सन्नाटा प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेखलाल पंद्रे 28 वर्ष, निवासी बोरबन जामडीमेटा और संजय पुसाम 29 वर्ष, निवासी साकरीटोला रोजाना की तरह अपनी बाइक पर सवार होकर वारासिवनी तहसील मुख्यालय काम के लिए जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही वे देव नदी पुल के समीप पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार क्रेटा कार क्रमांक MP 50 C 7714 ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

    हादसे के मुख्य बिंदु

    मृतक रेखलाल पंद्रे और संजय पुसाम। घटनास्थल ग्राम परसवाड़ा, देव नदी पुल के पास, किरनापुर। वाहन बाइक और क्रेटा कार की आमने-सामने भिड़ंत।पेशा दोनों युवक बिजली विभाग में ठेकेदारी का कार्य करते थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही किरनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों और बिजली विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर है।