Category: Madhya Pradesh

  • आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप

    आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप


    हरदा । हरदा जिले के रहटगांव तहसील स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में उस समय सनसनी फैल गई, जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल की दीवार फांदकर पैदल मार्च पर निकल पड़े। यह घटना न सिर्फ प्रशासन के लिए चौंकाने वाली थी, बल्कि आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई। बच्चों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी, भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब थी और शिकायत करने पर डराया-धमकाया जाता था।बताया जा रहा है कि विद्यालय में अध्ययनरत करीब 300 से 400 छात्र-छात्राएं तड़के करीब चार बजेअचानक एकजुट हुए और हॉस्टल परिसर की दीवार फांदकर जिला मुख्यालय हरदा की ओर पैदल निकल पड़े। बच्चों का कहना था कि उन्होंने कई बार अधीक्षिका सोनिया आनंद और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से अपनी समस्याएं साझा कीं, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। मजबूर होकर बच्चों ने यह अनोखा और साहसिक कदम उठाया।
    पैदल मार्च के दौरान बच्चों में गुस्सा और पीड़ा साफ नजर आ रही थी। वे प्राचार्य हाय-हाय मानसिक प्रताड़ना बंद करोऔर ऐसा भोजन नहीं चलेगा जैसे नारे लगाते हुए अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। करीब दस किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद ग्राम सोडलपुर के पास फोरलेन मार्ग पर जिला प्रशासन को इस असाधारण घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन स्वयं मौके पर पहुंचे। कलेक्टर के पहुंचते ही सभी बच्चे सड़क किनारे बैठ गए और खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। बच्चों ने बताया कि उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन नहीं दिया जाता, साफ-सफाई की हालत खराब है और अनुशासन के नाम पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, जिससे वे भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
    कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बच्चों को शांत करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने मौके पर ही पालकों की एक निगरानी समिति गठित करने की घोषणा की, जो विद्यालय की व्यवस्थाओं, भोजन और अनुशासन पर नजर रखेगी। कलेक्टर के आश्वासन के बाद बच्चों ने अपना विरोध समाप्त किया। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा बसों की व्यवस्था कर सभी बच्चों को सुरक्षित वापस हॉस्टल पहुंचाया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एकलव्य आवासीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली और बच्चों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है, जिस पर समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।

  • समाधान योजना की बड़ी सफलता: 11.88 लाख उपभोक्ताओं ने कराया पंजीयन, अब 31 जनवरी तक मिलेगा 100% सरचार्ज माफी का लाभ

    समाधान योजना की बड़ी सफलता: 11.88 लाख उपभोक्ताओं ने कराया पंजीयन, अब 31 जनवरी तक मिलेगा 100% सरचार्ज माफी का लाभ


    भोपाल । समाधान योजना 2025-26 के प्रथम चरण में अब तक 11 लाख 88 हजार 240 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। अब तक 632 करोड़ 92 लाख रूपये मूल राशि जमा हुई है। साथ ही 276 करोड़ रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बकायादार उपभोक्‍ताओं की सतत भागीदारी और उनके उत्‍साह को देखते हुए समाधान योजना के प्रथम चरण की अवधि में 31 जनवरी 2026 तक विस्‍तार किया गया है। पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्‍ताओं ने सौ फीसदी तक छूट का लाभ लिया। उन्होंने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके 100 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं।

    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 3 लाख 84 हजार 130 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 403 करोड़ 69 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 215 करोड़ 95 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 3 लाख 98 हजार 470 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मूल राशि 122 करोड़ 79 लाख रूपये जमा हुई है तथा 43 करोड़ रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत 4 लाख 5 हजार 640 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। कुल मूल राशि 106 करोड़ 44 लाख रूपये जमा हुई है। साथ ही 16 करोड़ 77 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।

    समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में

    समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ हो रहा है जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कुछ कम हो जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर 2025 से हुई जो कि 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसमें बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करने पर 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा। इसके बाद द्वितीय और अंतिम चरण शुरू होगा जो कि 01 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

  • पीएम सूर्य घर योजना की रफ्तार: 29 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिली 227 करोड़ की सब्सिडी, 3kW प्लांट पर मिल रही ₹78,000 की भारी छूट

    पीएम सूर्य घर योजना की रफ्तार: 29 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिली 227 करोड़ की सब्सिडी, 3kW प्लांट पर मिल रही ₹78,000 की भारी छूट


    भोपाल । मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्य घर योजना में अब तक कुल 29 हजार 174 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इनके खातों में 227 करोड़ 39 लाख रूपये से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, 2 किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा 3 किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

    योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्सऐप चेटबॉट व टोल फ्री नं 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

    कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है। कंपनी ने कहा कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ मोडेम व सिम लगे होने के बाद भी अगर डाटा कम्युनिकेशन का अभाव है, तो संबंधित सोलर वेंडर को नोटिस जारी किए गए हैं। कम्युनिकेशन फिर भी स्थापित नहीं होने की अवस्था में वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण: राज्यपाल श्री पटेल

    पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण: राज्यपाल श्री पटेल


    भोपाल । राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा, अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम दिए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता आवश्यक है। संबंधित विभाग पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने नवाचार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और पेसा समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना की। लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों एवं आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। संबंधित विभाग इन सफलताओं की बुकलेट बनाएं और वितरित करें। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।

    राज्यपाल श्री पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाईयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान संबंधी आगामी नवाचार प्रयासों को बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

    समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त सह-संचालक श्री छोटे सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह-संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर लूट और किडनैपिंग की वारदात, चार गिरफ्तार

    भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर लूट और किडनैपिंग की वारदात, चार गिरफ्तार


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में 11 जनवरी की शाम एक सनसनीखेज वारदात हुई, जब पांच-छह बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर मेघना अपार्टमेंट के एक फ्लैट में घुसे। घटना ई-7 सेक्टर, हबीबगंज थाना क्षेत्र में हुई। फ्लैट में राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार मौजूद थे। बदमाशों ने युवकों को धमकी दी कि उन्हें एनडीपीएस केस में फंसा दिया जाएगा और उनके साथ मारपीट की। डर के मारे युवकों ने विरोध नहीं किया। बदमाशों ने तुरंत लूट की वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने चारों से 79,800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। इसके बाद बदमाशों ने चारों युवकों को उनकी ही कार में जबरन बैठा लिया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए, जहां उन्होंने और पैसे की मांग की।

    इस दौरान पीड़ित राहुल गुप्ता ने अपने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर मदद मांगी। आनंद होशंगाबाद से एक लाख रुपये लेकर भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने आनंद को पांच नंबर पेट्रोल पंप पर बुलाया। वहीं आनंद ने चतुराई दिखाते हुए बदमाशों का फोन छीन लिया और शोर मचाया कि वह असली पुलिस के साथ है। डर के मारे बदमाश मोबाइल छीनकर वहां से भाग निकले। घबराए हुए युवक तुरंत हबीबगंज थाने पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने मामले को चार दिन तक दबाकर रखा, जिससे पीड़ितों में नाराजगी बनी रही। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और चार बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

    इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैलाकर लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के रूप में पेश होकर अपराध करना और लोगों को धमकी देकर लूट करना एक गंभीर मामला है। अधिकारियों ने अब कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य शामिल व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। वारदात ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि नागरिकों को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है और संदिग्ध पुलिसकर्मियों से सावधान रहना चाहिए। CCTV फुटेज और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने घटना का खुलासा किया, जिससे इलाके में भय का माहौल तो बना, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी से राहत भी मिली।

  • मुरैना में तेज रफ्तार का कहर: घर के बाहर बैठी महिलाओं को कार ने रौंदा, CCTV में कैद खौफनाक हादसा

    मुरैना में तेज रफ्तार का कहर: घर के बाहर बैठी महिलाओं को कार ने रौंदा, CCTV में कैद खौफनाक हादसा


    मुरैना ।
    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक खौफनाक मामला सामने आया है। स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के रामनगर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अनियंत्रित कार सकरी गली में तेज गति से घुस आई और घर के बाहर बैठी महिलाओं को टक्कर मार दी। यह दिल दहला देने वाली घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।घटना रामनगर की एक संकरी गली की है, जहां रोज की तरह कुछ महिलाएं अपने घर के बाहर कुर्सियां डालकर बैठी थीं। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार अचानक गली में दाखिल हुई।
    गली की चौड़ाई कम होने के बावजूद चालक ने न तो गति कम की और न ही वाहन पर नियंत्रण रखा। कुछ ही पलों में कार सीधे महिलाओं की ओर बढ़ गई और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुर्सी पर बैठी एक महिला उछलकर काफी दूर जा गिरी। आसपास बैठी अन्य महिलाएं भी कार की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल महिला को संभाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार तेज रफ्तार में संकरी गली में प्रवेश करती है और सीधे महिलाओं को टक्कर मारती है। वीडियो में कार चालक की लापरवाही और तेज गति साफ नजर आ रही है। घटना के बाद कार कुछ दूरी पर जाकर रुकती दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर क्षेत्र की गलियां बेहद संकरी हैं और यहां अक्सर लोग घरों के बाहर बैठते हैं। इसके बावजूद कुछ वाहन चालक तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस से इस इलाके में गति नियंत्रण और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि कार चालक की पहचान की जा रही है और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही घायल महिला के इलाज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर आखिर कब सख्ती होगी। सीसीटीवी में कैद यह दृश्य न सिर्फ डरावना है, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की अनदेखी का गंभीर उदाहरण भी है।

  • सीएम मोहन यादव ने किया आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ, कहा- मध्य प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाएंगे

    सीएम मोहन यादव ने किया आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ, कहा- मध्य प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाएंगे


    भोपाल।  मध्य प्रदेश में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं होगा और प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाने का लक्ष्य सरकार का प्रमुख एजेंडा है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित आईपीएस सर्विस मीट के शुभारंभ अवसर पर कही।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पुलिस को जल्द ही पदोन्नति (प्रमोशन) की स्वीकृति का समाचार मिलेगा और पुलिस विभाग में पर्याप्त भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की ड्यूटी में अनेक चुनौतियां हैं, फिर भी वे अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठापूर्वक निभाते हैं।

    सर्विस मीट का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना और भारतीय पुलिस सेवा संघ के अध्यक्ष चंचल शेखर ने पुष्प गुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। डीजीपी कैलाश मकवाना ने स्वागत उद्बोधन भी दिया।

    डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश की पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण बन चुकी है और नए कानूनों के क्रियान्वयन में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी अभियान में प्रदेश पुलिस निरंतर सफल रही है और संगठित अपराधियों और गिरोहों पर अंकुश लगाया जा रहा है।

    उन्होंने नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी और देशभक्ति व जन सेवा की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश पुलिस हर कदम पर सरकार के साथ खड़ी है और लोकतंत्र तथा कानून व्यवस्था की मजबूती में अहम भूमिका निभा रही है। उनका यह संदेश है कि मध्यप्रदेश को सुरक्षित और आदर्श प्रदेश बनाए रखना हर अधिकारी और पुलिसकर्मी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

  • Rahul Gandhi 2026: 17 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों से मुलाकात, जल संकट पर जमीनी हकीकत जानने का पूरा प्लान

    Rahul Gandhi 2026: 17 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों से मुलाकात, जल संकट पर जमीनी हकीकत जानने का पूरा प्लान


    इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर एक दिवसीय दौरे पर आएंगे। उनका दौरा पूरी तरह से भागीरथपुरा जल प्रदूषण त्रासदी से प्रभावित लोगों को समर्पित रहेगा। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी सीधे मौके पर जाकर हालात समझना चाहते हैं और पीड़ित परिवारों की समस्याएं खुद सुनेंगे।राहुल गांधी का यह दौरा न केवल जल प्रदूषण पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी आगामी राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है।
    राहुल गांधी सुबह 9:30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से रवाना होंगे और करीब 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे, जहां 11:45 से 12:15 तक जल प्रदूषण पीड़ितों से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद वे भागीरथपुरा क्षेत्र में जाकर प्रभावित परिवारों से 12:45 से 1:45 तक बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे। दोपहर 2:30 बजे वे इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

    दौरे के मद्देनजर सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर चुके हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करेंगे और जमीनी हालात व संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही रणनीति तय कर ली है। कांग्रेस का उद्देश्य इस दौरे के माध्यम से सरकार पर जल संकट और पीने के पानी के मुद्दे को उजागर करना है। भागीरथपुरा के लोग लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और राहुल गांधी के दौरे से उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज केवल इंदौर तक नहीं, बल्कि दिल्ली तक पहुंचेगी।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह घटना सिस्टम की नाकामी है और राहुल गांधी जमीनी हकीकत खुद जाकर समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी आम जनता का संवैधानिक अधिकार है और इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए।

    राहुल गांधी का यह दौरा न केवल जल प्रदूषण पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी आगामी राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है।
  • बस हादसों पर RTO की सख्ती: जबलपुर में बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापे. एक यूनिट सील

    बस हादसों पर RTO की सख्ती: जबलपुर में बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापे. एक यूनिट सील


    जबलपुर । हाल के दिनों में यात्री बसों में आग लगने की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन हादसों में कई मासूम लोगों की जान जा चुकी है और कई परिवार उजड़ गए हैं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए अब जबलपुर का परिवहन विभाग पूरी तरह सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ ने बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आरटीओ संतोष पॉल के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने महानद्दा क्षेत्र स्थित ‘दिक्षु बस बॉडी मेकिंग’ कारखाने पर अचानक छापा मारा। जांच के दौरान कारखाने में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
    सबसे अहम बात यह रही कि यूनिट के पास अनिवार्य सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी. जो बस बॉडी निर्माण के लिए जरूरी मानी जाती है। इसके अलावा मौके पर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी देखी गई।जांच में यह भी पाया गया कि कारखाने में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और निर्माण प्रक्रिया में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन गंभीर खामियों को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस बॉडी मेकिंग यूनिट को सील कर दिया। आरटीओ की इस सख्त कार्रवाई से बस बॉडी निर्माताओं में हड़कंप मच गया है।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई बस बॉडी सेंटर्स ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तय मापदंडों की अनदेखी कर रहे हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़े हादसों की वजह बन रही है। नियमों के उल्लंघन के तहत घटिया क्वालिटी की वायरिंग. ज्वलनशील मटेरियल का उपयोग. इमरजेंसी गेट की कमी और फायर सेफ्टी मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ कारखाने बिना ARAI सर्टिफिकेशन के ही बस बॉडी का निर्माण कर रहे हैं. जो सीधे तौर पर यात्रियों की जान को खतरे में डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बसों में लगने वाली आग की बड़ी वजह शॉर्ट सर्किट और खराब वायरिंग होती है. जिसकी जड़ इन्हीं अवैध और लापरवाह निर्माण प्रक्रियाओं में छिपी है।

    परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आरटीओ का कहना है कि जो भी बस बॉडी निर्माता नियमों का पालन नहीं करेगा. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. चाहे वह सीलिंग हो या कानूनी कार्रवाई। आने वाले दिनों में जबलपुर के अन्य बस बॉडी मेकिंग सेंटर्स पर भी इसी तरह की जांच और छापेमारी की जाएगी। विभाग की इस सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि बस निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा और भविष्य में बसों में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी। यात्रियों की जान बचाने के लिए उठाया गया यह कदम परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।