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तेजाजी नगर थाना पुलिस के अनुसार, उमरीखेड़ा के पास सोमवार सुबह दो कारों के बीच टक्कर हो गई। इनमें से एक कार सनावद से इंदौर आ रही थी। उसमें एक मरीज था, जिसे इलाज के लिए इंदौर लाया जा रहा था। वहीं दूसरी कार उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रही थी। यहां उज्जैन की कार के ड्राइवर को झपकी लग गई। वह सामने से आ रही कार से जा टकराया। सूचना के बाद तेजाजी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
इंदौर के तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेन्द्र मरकाम ने बताया कि सोमवार सुबह उमरीखेड़ा के पास उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रही कार और सनावद से इंदौर आ रही कार आपस में टकरा गई। हादसे में मुंबई निवासी निखिल कोठारी, उनकी पत्नी सलोनी, अमन पुत्र रशीद खान निवासी उज्जैन, ओमप्रकाश पुत्र आलोक चंद निवासी सनावद, चेतराम पुत्र बारेलाल निवासी सनावद, अरबाज निवासी सनावद और पवन निवासी सदरसर घायल हैं। वहीं भैयालाल (45 वर्ष) पुत्र लक्ष्मलाल निवासी सनावद की अस्पताल में मौत हो गई है।
परिवार के लोगों ने बताया कि इंदौर आ रही कार में ओमप्रकाश, चेतराम और मरीज भैयालाल सवार थे। भैयालाल को इंदौर इलाज के लिए लाया जा रहा था। हादसे में भैयालाल की मौत हो गई है। वहीं ओमप्रकाश को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चेतराम और भैयालाल आपस में रिश्तेदार हैं। मुंबई के दंपत्ति ने बताया कि वह उज्जैन-ओंकारेश्वर में दर्शन करने आए थे। यहां पर उज्जैन में रविवार को रुके थे। टैक्सी किराए से ली थी और ओंकारेश्वर के लिए निकले थे, तभी रास्ते में हादसा हो गया। दंपत्ति मुंबई में ही जॉब करते हैं। वे मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं।

पुलिस के अनुसार, कुरवाई निवासी तन्मय शर्मा का रविवार को जन्मदिन था। वह अपने पांच दोस्तों के साथ शिवशंकर ढाबे में पार्टी करने गया था। सभी युवक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रात्रि करीब 1.30 बजे कुरवाई रोड पर मेलुआ चौराहे पर कृष्णा ढाबा के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा डंपर के पिछले हिस्से में फंस गया और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद शवों को बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया और सीटें काटकर शवों को बाहर निकाला गया।।
कुरवाई थाना प्रभारी शैलेंद्र नायक ने बताया कि मृतकों की पहचान 21 वर्षीय अंकित साहू, 19 वर्षीय तन्मय शर्मा और 30 वर्षीय जगदीश साहू के रूप में हुई। जगदीश साहू कार चला रहा था। अंकित साहू आगे की सीट पर और तन्मय शर्मा बीच की सीट पर बैठा था। हादसे में जगदीश गोंड, मोंटी अहिरवार और तन्मय श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें पहले कुरवाई अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति के कारण विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले को जांच में लिया है।

सीसीटीवी से पहचान
पुलिस ने घटना के बाद सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और चालक का चेहरा पहचान लिया। अब पुलिस चालक की तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की उम्मीद है।यह घटना ग्वालियर में ट्रैफिक नियमों और पुलिस की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से न केवल पुलिसकर्मियों की जान को खतरा है बल्कि इससे सड़क सुरक्षा की स्थिति भी बिगड़ सकती है।

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एक महीने में चार लोग घायल
चाइना डोर के कारण हुए हादसों की यह कोई पहली घटना नहीं है। एक महीने के भीतर चार लोग इस खतरनाक डोर की चपेट में आ चुके हैं। 20 दिसंबर को एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर के छात्र योगेश आंजना उम्र 20 वर्ष अपने गांव पिपलियाधूमा झारड़ा से उज्जैन परीक्षा देने आया था। परीक्षा के बाद वह बाइक से घर लौट रहा था जब उसे भी चाइना डोर से गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा पहले भी इस प्रकार की घटनाएं उज्जैन में हो चुकी हैं जिनमें लोग चाइना डोर से घायल हो चुके हैं।
गंभीर चिंता का विषय
चाइना डोर की इन घटनाओं ने शहरवासियों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। हालाँकि प्रशासन ने इसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। यह जानलेवा डोर न केवल सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए खतरा बन गई है बल्कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोग भी इसके खतरों से अनजान रहते हैं।
शहरवासियों और प्रशासन से अपील की जा रही है कि चाइना डोर के खतरों को लेकर जागरूकता फैलाई जाए और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि और किसी की जान को खतरा न हो।

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