Category: Madhya Pradesh

  • एमएससी नर्सिंग प्रवेश में हाई कोर्ट सख्त, काउंसिल के अधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश

    एमएससी नर्सिंग प्रवेश में हाई कोर्ट सख्त, काउंसिल के अधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एमएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। याचिकाकर्ता एनएसयूआइ उपाध्यक्ष रवि परमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अधिवक्ता को 15 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
    हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने न्यायालय को बताया कि काउंसिल ने एमएससी नर्सिंग और पोस्ट-बीएससी काउंसलिंग की समय-सारणी जारी की है, लेकिन काउंसिल की वेबसाइट पूरी तरह से कार्यशील नहीं है। इसका सीधा असर हजारों छात्रों पर पड़ा है, जो प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने में असमर्थ हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में काउंसिल की लापरवाही पर कड़ा सवाल उठाया और आदेश दिया कि अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर छात्र हितों और प्रवेश प्रक्रिया की स्थिति की व्याख्या करें।

    वेबसाइट और तकनीकी खामियां

    याचिकाकर्ताओं के अनुसार, काउंसिल की वेबसाइट में लगातार तकनीकी खामियां हैं। कई छात्र पंजीकरण या आवेदन फॉर्म भरने में असफल हो रहे हैं। समय पर प्रवेश न मिलने की स्थिति में छात्रों की पढ़ाई और करियर प्रभावित होने की आशंका है। वर्तमान में कई छात्र इस समस्या के कारण परीक्षा और काउंसलिंग की तारीखों को लेकर असमंजस में हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी तकनीकी लापरवाही के कारण छात्रों के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए।

    काउंसिल की जिम्मेदारी

    हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रेशन काउंसिल को चेतावनी दी कि छात्रों के प्रवेश और करियर से जुड़ी प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अदालत ने निर्देश दिया कि अधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर वेबसाइट की स्थिति और प्रवेश प्रक्रिया की व्याख्या करनी होगी। इस कदम से यह संदेश गया है कि छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी है कि डिजिटल और प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर और सुचारु रूप से पूरी हों।

    छात्रों की बढ़ती परेशानियां
    एमएससी नर्सिंग में दाखिले की प्रक्रिया पर तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण छात्रों में चिंता और असमंजस बढ़ गया है। कई छात्र बार-बार वेबसाइट पर लॉग इन करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार त्रुटि संदेश और फॉर्म अपलोड न होने की समस्याएं उन्हें बाधित कर रही हैं।हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि काउंसिल जल्द ही वेबसाइट और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु बनाएगी। इससे छात्रों का समय बचेगा और वे बिना बाधा के काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे। 

    आगे की प्रक्रिया
    15 दिसंबर 2025 को अधिवक्ता की व्यक्तिगत पेशी के बाद अदालत स्थिति का व्यापक आकलन करेगी और आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है। यह सुनवाई मध्य प्रदेश में नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • भोपाल IHM ने बनाया 269.9 फीट लंबा सैंडविच, लिम्का बुक रिकॉर्ड के लिए पेश किया दावा

    भोपाल IHM ने बनाया 269.9 फीट लंबा सैंडविच, लिम्का बुक रिकॉर्ड के लिए पेश किया दावा


    भोपाल। भोपाल ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) भोपाल के छात्रों और फैकल्टी ने रविवार को 269.9 फीट (लगभग 82 मीटर) लंबा और 8 इंच चौड़ा सैंडविच तैयार किया। इस अनोखे प्रयास को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए दावा पेश किया गया है।

    सबसे खास बात यह है कि यह विशाल सैंडविच मात्र 7 मिनट 26 सेकंड में तैयार किया गया। लिम्का बुक की टीम की निगरानी में पूरी प्रक्रिया हुई और प्रारंभिक रिकॉर्ड दर्ज कर लिया गया है। अंतिम अप्रूवल के लिए लगभग 2 से 2.5 महीने का इंतजार करना होगा।

    इस रिकॉर्ड अटेम्प्ट में छात्रों ने टीमवर्क और क्रिएटिविटी का शानदार प्रदर्शन किया। सैंडविच बनाने की सामग्री में ब्रेड, वेजिटेबल्स, सॉस और चीज शामिल थे। छात्रों ने पहले से ब्रेड स्लाइस तैयार की और फिर मिलकर लेयरिंग की। IHM डायरेक्टर ने कहा कि यह छात्रों की क्रिएटिविटी और अनुशासन का प्रमाण है और इससे भोपाल का नाम दुनिया में चमकेगा।

    आयोजन का मकसद सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं बल्कि छात्रों में टीमवर्क, टाइम मैनेजमेंट और क्रिएटिविटी बढ़ाना भी था। भोपाल पहले से ही झीलों और हेरिटेज के लिए प्रसिद्ध है और इस प्रयास से शहर की शैक्षिक और क्रिएटिव क्षमता भी उजागर हुई।

  • दमोह में दिल दहला देने वाला हादसा: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग, 4 महीने के मासूम की जिंदा जलकर मौत

    दमोह में दिल दहला देने वाला हादसा: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग, 4 महीने के मासूम की जिंदा जलकर मौत


    मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है जहां एक छोटी-सी लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बांसातारखेड़ा के चिथरयाऊ टोला में खेत पर बनी कच्ची झोपड़ी में आग लगने से चार महीने के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    खेत में काम कर रहे थे माता-पिता

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बांसातारखेड़ा निवासी जितेंद्र गौंड गांव के ही किसान शैलेंद्र तिवारी के खेत में सिंचाई का ठेका लेकर काम करता था। खेत की देखरेख के लिए उसने वहीं एक अस्थायी झोपड़ी बना रखी थी, जहां वह अपने परिवार के साथ रहता था।शनिवार की रात जितेंद्र अपनी पत्नी धनाबाई के साथ खेत में पानी देने गया हुआ था। इस दौरान उनका चार महीने का बेटा निशांत झोपड़ी के अंदर सो रहा था। झोपड़ी में चूल्हा जल रहा था जिस पर खाना बनाया गया था।

    चूल्हे की चिंगारी बनी काल
    बताया जा रहा है कि रात के समय चूल्हे से निकली एक चिंगारी झोपड़ी में रखे कपड़ों पर गिर गई। देखते ही देखते आग भड़क उठी। झोपड़ी कच्ची होने और आसपास सूखी घास व अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। आग लगने के बाद झोपड़ी के अंदर सो रहा मासूम जोर-जोर से रोने लगा। उसकी चीखें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और माता-पिता को सूचना दी।

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

    ग्रामीणों की आवाज सुनते ही जितेंद्र और धनाबाई दौड़ते हुए झोपड़ी की ओर पहुंचे। किसी तरह आग की लपटों के बीच से वे अपने झुलसे हुए बच्चे को बाहर निकाल पाए। आनन-फानन में मासूम को इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में पूरी झोपड़ी जलकर खाक हो गई। परिवार के पास रहने और खाने तक का सामान भी नहीं बचा।

    प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
    घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। देर रात एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, दमोह एसडीएम आर.एल. बागरी और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय ने बताया कि यह एक दुर्घटनाजन्य मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पोस्टमार्टम के बाद सौंपा जाएगा शव

    मासूम के शव को जिला अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवाया गया है। प्रशासन के अनुसार, रविवार को तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं और रात में ही अपने गांव लौट गए थे।

    पीड़ित परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता

    दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाली मदद भी सुनिश्चित की जाएगी। देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा ने कहा कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण चूल्हे की चिंगारी ही सामने आया है।

    गांव में शोक का माहौल

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। हर कोई इस बात से आहत है कि महज चार महीने का मासूम इस तरह काल का शिकार हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बनी कच्ची झोपड़ियों में आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में लोग वहीं रहने को विवश होते हैं।

  • इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन में रतलाम जिला भी होगा शामिल सीएम डॉ. मोहन यादव की अहम बैठक

    इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन में रतलाम जिला भी होगा शामिल सीएम डॉ. मोहन यादव की अहम बैठक


    इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में एक अहम बैठक में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन के विकास की योजनाओं पर चर्चा की। इस बैठक में इंदौर उज्जैन देवास धार और शाजापुर जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। सीएम ने इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट नई बस सेवा आईटी हब और नाइट लाइफ पॉलिसी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया।

    इस बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है कि रतलाम जिले को भी इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन में शामिल किया जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और यह क्षेत्र और भी विकसित हो सकेगा। मेट्रो का विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास से इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल मुद्दे

    बैठक में इंदौर के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई जैसे कि एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर मास्टर प्लान की अधूरी सड़कों का निर्माण और यातायात की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में किए जाने वाले उपाय। सीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से इन समस्याओं का समाधान निकालने का आग्रह किया।

    बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम से कहा “अच्छा हुआ आपने हमें बता दिया कि आप इंदौर के प्रभारी मंत्री नहीं हैं। अधिकारी हमें चमकाते थे कि हम बैठक नहीं कर सकते अब हम इंदौर के विकास के लिए बैठक कर सकेंगे।” इस पर सीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा जो बांटना था बांट दिया और जो नहीं बटा उसे अपने पास रख लिया।

    इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन में रतलाम जिले को शामिल करने की योजना के साथ-साथ इंदौर में मेट्रो बस सेवा और शहर के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बैठक में इंदौर की यातायात समस्याओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा की गई। इस बैठक के माध्यम से इंदौर के विकास को और अधिक गति मिलने की संभावना है।

  • भोपाल में कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को बचाया, पति ने बेटी को गोद में उठाते ही मांगी माफी

    भोपाल में कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को बचाया, पति ने बेटी को गोद में उठाते ही मांगी माफी


    भोपाल । भोपाल के कुटुंब न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को टूटने से बचाया गया। इस दौरान पति-पत्नी ने अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गिले-शिकवे भूलकर फिर से एक-दूसरे के साथ रहने का निर्णय लिया। यह अदालत उन दंपत्तियों के लिए वरदान साबित हुई जिनके रिश्ते झगड़ों और विवादों की वजह से खटाई में थे।

    एक विशेष मामले में जहां एक व्यवसायी पति और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों के बीच काउंसलिंग सत्र में एक भावुक पल आया। पत्नी ने डेढ़ साल की अपनी बेटी को पति से दूर रखकर मायके भेज दिया था और वह अपने पति से मिलने भी नहीं देती थी। पत्नी ने पति के खिलाफ भरण-पोषण का केस भी दायर कर रखा था और पति का कहना था कि यदि पत्नी मायके में रहेगी तो वह भरण-पोषण नहीं देगा।

    इस बीच कुटुंब न्यायालय में काउंसलिंग के दौरान जज ने पति से कहा कि वह अपनी बेटी को गोद में लेकर पत्नी से मिलें। जब पति ने बेटी को गोद में उठाया तो उसकी आँखों में पछतावा और अफसोस था। कई महीनों से अपनी बेटी से अलग रह रहे पति को अपनी गलती का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पत्नी से माफी मांगी और समझौते की इच्छा जताई।
    पत्नी ने भी बच्चों के भविष्य को देखते हुए पति की माफी स्वीकार की और दोनों ने एक-दूसरे को समझते हुए एक नया अध्याय शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद वे दोनों घर लौट गए और अपने रिश्ते को फिर से संजीवनी दी।

    कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में इस तरह के कई अन्य मामले भी आए जिनमें रिश्तों में दरार आ चुकी थी लेकिन अदालत की मध्यस्थता से और समझाइश से वे सब वापस एकजुट हो गए। इस प्रक्रिया ने यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन और समझ के साथ पारिवारिक रिश्तों को पुनर्निर्मित किया जा सकता है। भोपाल के कुटुंब न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कई रिश्तों को टूटने से बचाया गया। एक दिल छूने वाले मामले में पति ने अपनी बेटी को गोद में उठाते हुए पत्नी से माफी मांगी और दोनों ने मिलकर अपने रिश्ते को फिर से संजीवित किया। यह अदालत परिवारों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।

  • दो वर्ष पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड: सांसद-विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर देंगे अपने क्षेत्र के कार्यों की जानकारी

    दो वर्ष पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड: सांसद-विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर देंगे अपने क्षेत्र के कार्यों की जानकारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सफलतापूर्वक दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस अवसर को चिह्नित करने के लिएसरकार ने अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को जनता के बीच ले जाने की एक सुनियोजित रणनीति तैयार की है।

    जनता के बीच सरकार की उपलब्धियां

    राज्य सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने का जिम्मा प्रभारी मंत्रियों को सौंपा गया है। शनिवार कोसभी प्रभारी मंत्रियों ने अपने-अपने जिलों में पत्रकारवार्ता आयोजित की। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विस्तार से बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने पिछले दो वर्षों में जनता के हित में कौन-कौन से महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
    उपलब्धियों की जानकारी देने के अलावामंत्रियों ने अपने व्यक्तिगत विभागों के कामकाज का ब्योरा भी जनता के समक्ष रखा। यह प्रयास सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रदर्शित करने पर केंद्रित है।

    सांसद और विधायकों का रिपोर्ट कार्ड

    इस प्रचार अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राज्य के सांसदों और विधायकों के प्रदर्शन को भी शामिल करता है। यह सुनिश्चित किया गया है कि केवल सरकार की ही नहींबल्कि क्षेत्रवार जनप्रतिनिधियों के कार्यों की जानकारी भी उच्च स्तर पर संकलित की जाए। योजना के अनुसारसभी सांसद और विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पिछले दो वर्षों के दौरान किए गए विकास कार्योंयोजनाओं के क्रियान्वयनऔर महत्वपूर्ण पहलों का विवरण तैयार करेंगे। 

    वे यह पूरी जानकारी एक पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपकर उन्हें अवगत कराएंगे। यह कदम न केवल जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यों का लेखा-जोखा तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करेगाबल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी राज्य के हर क्षेत्र में हो रहे जमीनी स्तर के विकास की एक स्पष्ट तस्वीर प्रदान करेगा। यह पहल पार्टी और सरकार के भीतर एक आंतरिक रिपोर्ट कार्ड और प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली के रूप में भी कार्य कर सकती है। इस प्रकारमोहन सरकार की दो साल की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार एक बहु-आयामी दृष्टिकोण से किया जा रहा हैजिसमें सरकारी विभागों के कामकाजमंत्रियों की रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन का समावेश है।

  • मंत्री विजय शाह का वायरल बयान 50 हजार लाड़ली बहनें CM के सम्मान कार्यक्रम में आएंन आने पर आधार लिंक चेक कराएं'

    मंत्री विजय शाह का वायरल बयान 50 हजार लाड़ली बहनें CM के सम्मान कार्यक्रम में आएंन आने पर आधार लिंक चेक कराएं'


    रतलाम । मध्य प्रदेश के वनपर्यावरण एवं प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह अपने सख्त तेवरों और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के कारण सुर्खियों में हैं। रतलाम में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की पहली बैठक में दिए गए उनके निर्देश का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    लाड़ली बहनों को कार्यक्रम में लाने का निर्देश

    यह बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई थी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस बैठक मेंमंत्री शाह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी से जिले में लाड़ली बहनों की संख्या के बारे में जानकारी ली। जब अधिकारी ने बताया कि जिले में लाभार्थियों की संख्या लगभग 2.5 लाख हैतो मंत्री डॉ. शाह ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम में कम से कम 50 हजार लाड़ली बहनें तो आ ही जानी चाहिए।

    मंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर ये नहीं आती हैं तो इनके आधार लिंक आदि की जांच कराएं। हालांकिउन्होंने यह भी जोड़ा कि वे ज्यादा परेशान भी नहीं करना चाहते। मंत्री का यह बयान राज्य की सबसे बड़ी लाभार्थी योजना ‘लाड़ली बहना योजना’ के हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों पर डाले गए दबाव को दर्शाता है।

    अनुपस्थित अधिकारियों पर फूटा गुस्सा

    बैठक में मंत्री डॉ. शाह ने केवल कार्यक्रम की तैयारियों पर ही सख्ती नहीं दिखाईबल्कि बैठक से कई विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों की गैर मौजूदगी को मंत्री शाह ने गंभीरता से लिया। उन्होंने क्रमवार जानकारी लेते हुए अपने निजी सहायक पीए को अनुपस्थित अधिकारियों की सूची बनाने का निर्देश दिया।
    मंत्री की नाराज़गी तब और बढ़ गई जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से बैठक में एक वरिष्ठ अधिकारी के बजाय मैकेनिक को भेज दिया गया।
    डॉ. शाह ने अपनी तीस वर्षों की राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए सख्त लहजे में कहा 30 साल से मंत्री हूंहल्के में ले रहे हो। मंत्री का यह बयान स्पष्ट करता है कि वह प्रशासनिक लापरवाही और महत्वपूर्ण बैठकों में अधिकारियों की गैर-जिम्मेदारी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों के सामने अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें शासकीय कार्यों और बैठकों को प्राथमिकता देनी होगी।

  • इटारसी में किन्नर गुटों का खूनी संघर्ष: थाने में तीन किन्नरों ने पीया फिनाइल, युवक पर कैंची से जानलेवा हमला

    इटारसी में किन्नर गुटों का खूनी संघर्ष: थाने में तीन किन्नरों ने पीया फिनाइल, युवक पर कैंची से जानलेवा हमला


    इटारसी । मध्य प्रदेश के इटारसी शहर में दो किन्नर गुटों के बीच वर्चस्व और इलाके के बंटवारे को लेकर चल रहा आपसी विवाद अब खतरनाक स्तर पर पहुँच गया हैजिसके परिणामस्वरूप एक ही दिन में हिंसा और आत्मघाती प्रयास की दो बड़ी घटनाएँ सामने आईं। यह विवाद पिछले लगभग दो माह से चल रहा है और शनिवार को यह खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।

    युवक पर कैंची से जानलेवा हमला

    विवाद की शुरुआत शनिवार दोपहर को तब हुई जब किन्नरों के एक गुट के कथित गुंडों ने ग्वाल बाबा नाला मोहल्ला निवासी एक युवक पर कैंची से अचानक हमला कर दिया। यह हमला इतना गंभीर था कि युवक लहूलुहान हो गया। इस जानलेवा हमले से शहर में तनाव और भय का माहौल बन गया। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि क्षेत्र के वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों के बीच कितनी अधिक शत्रुता बढ़ चुकी है।

    थाना परिसर में तीन किन्नरों ने पीया फिनाइल

    हिंसा की इस घटना के कुछ घंटों बादशाम को विवाद ने एक और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया। दूसरे गुट की तीन किन्नर इटारसी थाना परिसर पहुँचीं और वहाँ उन्होंने फिनाइल पी लिया।किन्नरों ने यह कदम पुलिस पर उनकी सुनवाई न करने और मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए उठाया। यह गंभीर आत्मघाती प्रयास पुलिस और प्रशासन पर तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बनाता है।घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और तीनों किन्नरों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया और बताया कि तीनों की हालत अब खतरे से बाहर है।

    विवाद निपटाने की विधायक की पहल

    इस गंभीर विवाद को शांत करने के लिए स्थानीय विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी हस्तक्षेप किया था। किन्नर गुट की सदस्य नीलोफर ने बताया कि शनिवार को विधायक ने उनके विवाद का निपटारा करने के लिए उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया था। वहाँ उन्हें यह समझाइश दी गई थी कि विधायक जल्द ही दोनों पक्षों की एक संयुक्त बैठक आयोजित करेंगे और इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाएंगे।
    विधायक के हस्तक्षेप के बावजूदगुटों के बीच का तनाव इतना अधिक बढ़ गया कि हिंसा और आत्मघाती कदम जैसी घटनाएँ हुईं।पुलिस अब इन दोनों घटनाओं युवक पर हुए हमले और किन्नरों द्वारा थाने में फिनाइल पीने के संबंध में गहन जाँच कर रही है। पुलिस के सामने यह बड़ी चुनौती है कि वह इलाके के वर्चस्व को लेकर जारी इस संघर्ष को कैसे समाप्त करे और आगे की हिंसा को रोके।

  • ग्वालियर में आत्महत्या की घटनाओं की श्रृंखला: एक प्रधान आरक्षक सहित तीन मामलों से सनसनी

    ग्वालियर में आत्महत्या की घटनाओं की श्रृंखला: एक प्रधान आरक्षक सहित तीन मामलों से सनसनी


    ग्वालियर ।ग्वालियर शहर और उसके सीमावर्ती क्षेत्रों से हाल ही में आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की तीन अलग-अलग घटनाओं की खबर आई है जिन्होंने स्थानीय निवासियों और पुलिस विभाग के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। ये मामले अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज किए गए हैं और पुलिस अब इन घटनाओं के पीछे के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।

    प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

    सबसे चौंकाने वाली घटना ग्वालियर पुलिस लाइन में हुई जहां थाटीपुर थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह दुखद घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस लाइन में स्थित उनके सरकारी क्वार्टर में हुई।जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने अपने क्वार्टर में फांसी लगाई। घटना के बाद परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी क्षति है और इसने अन्य पुलिसकर्मियों को भी स्तब्ध कर दिया है।

    बहोड़ापुर पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रधान आरक्षक द्वारा इतना बड़ा कदम उठाने के पीछे का वास्तविक कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है। पुलिस की प्राथमिक जांच जारी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है जिससे मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।

    फोन पर बहस के बाद युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास

    दूसरी घटना भितरवार नगर के वार्ड 4 की है जहां एक 24 वर्षीय युवक शाहिद खान ने आत्महत्या का प्रयास किया। यह घटना शनिवार की शाम करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच हुई। परिजनों के अनुसार यह कदम युवक ने फोन पर किसी से हुई तीखी बहस के बाद उठाया। बहस के तुरंत बाद शाहिद खान अपने कमरे में गया अंदर से दरवाजा बंद किया और फांसी का फंदा गले में डालकर झूल गया।

    घर में मौजूद परिजनों ने जब उसे फंदे पर लटका देखा तो उन्होंने तुरंत दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। भितरवार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खोला और युवक को अचेत अवस्था में फंदे से नीचे उतारा। उसे तुरंत सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। युवक की स्थिति में सुधार होने पर ही पुलिस उसके द्वारा उठाए गए इस कदम के बारे में पूरी जानकारी जुटा पाएगी।

    मेला ग्राउंड में अज्ञात युवक का शव लटका मिला

    तीसरा मामला ग्वालियर के मेला ग्राउंड से सामने आया है जहां एक अज्ञात युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ पाया गया है। यह घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र की है। युवक का शव दोपहर करीब तीन बजे बाल रेल की पटरी के पास बने भवन के लोहे के एंगल से लटका हुआ मिला। राहगीरों ने जब यह दृश्य देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    गोला का मंदिर थाना प्रभारी हरेंद्र शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतारा। पुलिस को आत्महत्या की आशंका है। मृतक के कपड़ों की तलाशी ली गई लेकिन पुलिस को ऐसी कोई वस्तु या दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। युवक की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच लग रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है और उसकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी संबंधित थानों को भी इस संबंध में सूचना दी गई है ताकि गुमशुदा व्यक्तियों के रिकॉर्ड से मिलान किया जा सके। शिनाख्त होने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।

  • भोपाल में पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर होगी बैठककेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल

    भोपाल में पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर होगी बैठककेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल


    भोपाल । भोपाल में 20 दिसंबर को पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रीमनोहर लाल खट्टरसहित मध्य प्रदेशदिल्लीउत्तर प्रदेशमहाराष्ट्रऔर छत्तीसगढ़ के शहरी विकास मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य इन राज्यों में शहरी विकास के रोडमैप को तैयार करना है और इसके साथ ही विभिन्न शहरी चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा करना है।

    बैठक का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया जाएगा। इसमें पांचों राज्य अपने नवाचारोंशहरी विकास योजनाओंऔर केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी चर्चा करेंगे। मध्य प्रदेश की ओर से पीएम आवासलीगेसी वेस्टऔर शहरी विकास योजनाओं पर किए गए कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा।

    इसके अलावाइस बैठक में भूमि विकास नियमों में संशोधनग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास पर भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। खासकर20 दिसंबर से भोपाल में मेट्रो का संचालन आम लोगों के लिए शुरू हो जाएगाजिसका लोकार्पण कार्यक्रम मिंटो हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवसुभाष नगर मेट्रो डिपो या एम्स मेट्रो स्टेशन जाकर मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    भोपाल मेट्रो की शुरुआत

    भोपाल मेट्रो के पहले चरण में 7.5 किलोमीटर लंबा ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर शुरू किया जाएगा। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक होगा। इस मेट्रो रूट के शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा समय भी काफी घट जाएगा।सूत्रों के अनुसारप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं।
    कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश मेट्रो कार्पोरेशन द्वारा किया जा रहा हैऔर इस कार्यक्रम में शहरी विकास के क्षेत्र में नई दिशा निर्धारित की जाएगी।भोपाल में 20 दिसंबर को पांच राज्यों के शहरी विकास पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगीजिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा होगी। साथ हीभोपाल मेट्रो का लोकार्पण भी इसी दिन होगाजो शहर में यात्रा के नए दौर की शुरुआत करेगा।