Category: Madhya Pradesh

  • रतलाम मंडी में प्याज की छटनी को लेकर किसान-व्यापारी के बीच विवादनीलामी हुई रद्द

    रतलाम मंडी में प्याज की छटनी को लेकर किसान-व्यापारी के बीच विवादनीलामी हुई रद्द


    रतलाम । रतलाम के महू रोड स्थित कृषि उपज मंडी में गुरुवार सुबह एक बड़ा विवाद हुआ। प्याज की नीलामी के बाद छटनी के दौरान किसान और व्यापारी के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज हुईजिससे स्थिति बिगड़ गई। इस विवाद ने मंडी में कामकाज ठप कर दिया और सभी व्यापारियों ने नीलामी रोकने का फैसला किया। नीलामी रुकने से मंडी में हलचल मच गई और व्यापारियों ने अपना विरोध मंडी सचिव के पास पहुंचकर दर्ज कराया।

    यह घटना करीब 11 बजे हुई जब प्याज की नीलामी के बाद छटनी की प्रक्रिया शुरू हुई। सांवरिया ट्रेडर्स डीएम में व्यापारी और किसान के बीच प्याज की गुणवत्ता और मूल्य को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए। गाली-गलौज तक पहुंचने के बाद व्यापारियों ने नीलामी रोक दी और विरोध जताया।

    सूत्रों के अनुसारकिसान ने बाद में अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगीलेकिन व्यापारी इस मामले में संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने मंडी सचिव के कार्यालय पहुंचकर इस विवाद को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान मंडी सचिव लक्ष्मी भंवर और अन्य अधिकारी इस विवाद को शांत करने के लिए दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश करते रहे।

    इस मामले मेंव्यापारी और किसान के बीच पारदर्शी और उचित व्यापारिक प्रथाओं की आवश्यकता को लेकर सवाल उठे हैं। छटनी के दौरान उचित व्यवहार और सम्मान का अभाव होने के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकिमंडी प्रशासन ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रयास जारी रखा।

    मंडी अधिकारियों का प्रयास

    मंडी सचिव लक्ष्मी भंवर ने किसान और व्यापारियों को शांत करने और आपसी तालमेल स्थापित करने के लिए कई बार संवाद का प्रयास किया। अधिकारियों ने भी इस मुद्दे पर विचार करते हुए किसानों और व्यापारियों के बीच समझौता करने की कोशिश की। हालांकिस्थिति कुछ समय तक तनावपूर्ण रहीलेकिन मंडी अधिकारियों की कोशिशों से अंततः कुछ हद तक स्थिति पर काबू पाया गया।

    मंडी के कामकाज पर असर

    इस विवाद का असर मंडी के सामान्य कामकाज पर पड़ा। नीलामी रुकने से कई व्यापारियों और किसानों को आर्थिक नुकसान हुआसाथ ही समय भी नष्ट हुआ। इस तरह के विवादों से न केवल मंडी की छवि पर बुरा असर पड़ता हैबल्कि किसानों और व्यापारियों के बीच आपसी विश्वास भी कमजोर होता है।

    भविष्य में समाधान की आवश्यकता

    इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मंडी में पारदर्शिता और उचित व्यापारिक प्रक्रिया की जरूरत है। किसान और व्यापारी दोनों के लिए एक ऐसे माहौल की आवश्यकता हैजिसमें उनके अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट हों और वे एक दूसरे के साथ सम्मानजनक तरीके से पेश आएं।

    इसके अलावामंडी प्रशासन को इस तरह के विवादों से बचने के लिए ठोस कदम उठाने होंगेताकि भविष्य में इस प्रकार के विवादों का सामना न करना पड़े। समय रहते यदि उचित कदम नहीं उठाए गएतो ऐसी घटनाएं किसानों और व्यापारियों के बीच और मंडी के कामकाज में और समस्याएं पैदा कर सकती हैं।

    रतलाम मंडी में प्याज की नीलामी को लेकर हुए विवाद ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि किसानों और व्यापारियों के बीच आपसी तालमेल कितना महत्वपूर्ण है। मंडी प्रशासन को इस मुद्दे को लेकर जल्द से जल्द समाधान ढूंढना होगाताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके और मंडी में कामकाज को सुचारु रूप से चलाया जा सके।

  • नए साल में MP के बिजली उपभोक्ताओं को लग सकता है बड़ा झटकाबिजली दरों में 10% तक बढ़ोतरी की योजना

    नए साल में MP के बिजली उपभोक्ताओं को लग सकता है बड़ा झटकाबिजली दरों में 10% तक बढ़ोतरी की योजना

    जबलपुर। मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नया वित्तीय वर्ष 2026-27 महंगा साबित हो सकता है। बिजली कंपनियों ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को बिजली दरों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया हैजिसे मंजूरी मिलने पर उपभोक्ताओं को बिजली के बिलों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। पावर मैनेजमेंट कंपनी ने विद्युत नियामक आयोग के पास टैरिफ पिटिशन दाखिल की हैजो अब सुनवाई के बाद तय करेगा कि दरों में कितनी वृद्धि की जाएगी।

    पावर कंपनी ने प्रस्ताव में करीब 42,000 करोड़ रुपये का घाटा बताया है और इस घाटे को कम करने के लिए दरों में वृद्धि की योजना बनाई है। विद्युत आयोग को यह पिटिशन 15 दिसंबर तक सार्वजनिक करने की संभावना हैऔर इसके बाद आम जनता से आपत्ति भी ली जाएगी। यदि इस पर कोई आपत्ति नहीं आतीतो आयोग इसकी मंजूरी दे सकता है।

    घाटे का आंकड़ा

    पावर मैनेजमेंट कंपनी के सीजीएम रेवेन्यु शैलेंद्र सक्सेना ने पुष्टि की कि आयोग को पिटिशन दी गई हैलेकिन उन्होंने फिलहाल यह खुलासा नहीं किया कि बढ़ोतरी का प्रस्ताव कितना प्रतिशत हो सकता है। हालांकिएक अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी करीब 18,712 करोड़ रुपये के घाटे में हैपूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 16,378 करोड़ रुपये और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 7,285 करोड़ रुपये के घाटे में चल रही हैं। इन घाटों को पूरा करने के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी की योजना बनाई जा रही है।

    सम्भावित प्रभाव

    अगर यह प्रस्ताव लागू होता हैतो यह मध्यप्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए भारी पड़ सकता है। खासतौर पर वे उपभोक्ता जो घरेलू उपयोग के लिए बिजली का खर्च उठाते हैंउन्हें इसके असर से जूझना पड़ेगा। इस प्रस्ताव से पहले ही बिजली दरों में मामूली वृद्धि हो चुकी हैऔर अब अगर दरें और बढ़ती हैं तो उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ और बढ़ जाएगा।

    इसके बावजूदबिजली कंपनियों का कहना है कि बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य कंपनियों के घाटे को कम करना और वित्तीय स्थिति को स्थिर बनाना है। हालांकिइससे जुड़ी असंतोष की स्थिति भी बन सकती हैऔर उपभोक्ताओं को इस बारे में अपनी आपत्तियां उठाने का मौका मिलेगा।

    मध्यप्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी की यह योजना कई उपभोक्ताओं के लिए नई चुनौतियां ला सकती है। खासकर सर्दियों के मौसम में जहां पहले से ही अन्य खर्चे बढ़ जाते हैंऐसे में बिजली दरों में वृद्धि के फैसले से आम लोगों के बजट पर और असर पड़ सकता है। फिलहालसभी की निगाहें इस पिटिशन पर हैंऔर यह देखना होगा कि आयोग इसके बाद क्या निर्णय लेता है।

  • जबलपुर के गांवों में मगरमच्छों की धूप सेंकने की घटना से मची दहशतवन विभाग की टीम की ढिलाई पर सवाल

    जबलपुर के गांवों में मगरमच्छों की धूप सेंकने की घटना से मची दहशतवन विभाग की टीम की ढिलाई पर सवाल


    जबलपुर । इन दिनों जबलपुर में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने न केवल मानव जीवन को प्रभावित किया हैबल्कि वन्य प्राणियों के लिए भी समस्याएं पैदा कर दी हैं। जलचर प्राणीविशेष रूप से मगरमच्छठंड से राहत पाने के लिए धूप सेंकने की आदत बना रहे हैं। यह अद्भुत दृश्य जबलपुर जिले के परियट जलाशय से लगे गांवों में देखा जा रहा मटामरघानारिठौरीपिपरिया और आसपास की कालोनियों में मगरमच्छों का आना बढ़ गया हैजिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया है।

    परियट जलाशय मगरमच्छों के लिए एक प्राकृतिक निवास स्थान बन चुका है। इस क्षेत्र में लगभग 1000 मगरमच्छ रहते हैंऔर इनकी संख्या समय के साथ बढ़ी है। ये जलचरजो आमतौर पर जल में रहते हैंअब ठंड से बचने के लिए धूप में आराम करने निकल आते हैं। परियट नदी में मगरमच्छों की अधिकता के कारण वे शिकार की तलाश में और अपने निवास स्थान से बाहर भी भटकने लगे हैं। अब ये मगरमच्छ गांवों के नजदीक आकर मानव बस्तियों तक पहुंच रहे हैंजो लोगों के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है।

    इन मगरमच्छों ने पहले कुछ पालतू जानवरों पर हमले किए हैंजिनमें श्वान और मवेशी शामिल हैं। हालांकिअभी तक किसी मनुष्य पर हमला नहीं हुआ हैलेकिन स्थानीय लोग इस खतरे को लेकर बेहद चिंतित हैं। कई बार गांवों के सरपंचों ने वन विभाग से इस समस्या का समाधान निकालने के लिए अपील की हैलेकिन वन विभाग की टीम की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वे केवल रेस्क्यू का आश्वासन देकर अपना काम निपटा लेते हैंजबकि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठाएंगेलेकिन अब तक इस पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। इस खतरनाक स्थिति में वन विभाग की ढिलाई पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का हल नहीं निकाला गयातो यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

    मगरमच्छों के बढ़ते खतरे को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इंसानी दखल की वजह से इनका प्राकृतिक निवास क्षेत्र घटता जा रहा हैजिसके कारण वे रहवासी इलाकों में घुसने लगे हैं। इस समस्या का समाधान वन विभाग के समुचित और तत्काल प्रयासों में हैलेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वन विभाग जल्द इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाएगा

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्व. गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्व. गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर किया नमन


    मध्य प्रदेश / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. मुंडे का जीवन देशभक्ति और समाजसेवा की मिसाल है, जिसने गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए अपने संपूर्ण जीवन को समर्पित किया। डॉ. यादव ने कहा कि स्व. गोपीनाथ मुंडे ने हमेशा नए भारत के निर्माण के लिए काम किया और युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा दी। उनका सरल जीवन, ईमानदार व्यक्तित्व और समाज के कमजोर वर्ग के लिए किए गए प्रयास सदैव याद किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके आदर्श और नीति-निर्देश आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेंगे।

    स्व. मुंडे महाराष्ट्र के समाज और राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व थे। उन्होंने गरीब और किसानों के हितों की आवाज़ उठाई और उनकी बेहतरी के लिए कई सामाजिक और आर्थिक योजनाओं की शुरुआत की। उनके कार्य और जीवनशैली ने यह साबित किया कि सच्ची सेवा और समर्पण से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि स्व. मुंडे की जयंती पर उनके योगदान को याद करना केवल श्रद्धांजलि नहीं,बल्कि उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सुधार और विकास लाने का अवसर भी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्व. मुंडे के जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज के लिए निरंतर प्रयास करें।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, स्व. गोपीनाथ मुंडे का संकल्प और उनकी निष्ठा हम सभी के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उनका जीवन यह सिखाता है कि सच्ची सेवा और समर्पण से समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। डॉ. यादव ने अंत में कहा कि स्व. मुंडे के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी सोच को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और समाज मिलकर प्रयास करेंगे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जूनियर्स हॉकी विश्व कप-2025 में कांस्य पदक जीतने पर टीम को दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जूनियर्स हॉकी विश्व कप-2025 में कांस्य पदक जीतने पर टीम को दी बधाई

     
    मध्य प्रदेश /मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एफ.आई.एच. हॉकी पुरुष जूनियर्स विश्व कप-2025 में भारतीय जूनियर हॉकी टीम द्वारा कांस्य पदक जीतने पर टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। यह उपलब्धि न केवल भारतीय हॉकी के लिए गौरवपूर्ण है बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपलब्धि ने दिखा दिया है कि समर्पण अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा -यह अभूतपूर्व उपलब्धि हमारे युवा खिलाड़ियों की मेहनत संघर्ष और टीम भावना का परिणाम है। जूनियर्स टीम ने हर मुकाबले में अपने कौशल और धैर्य का लोहा मनवाया और विश्व कप में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया।-

    उन्होंने कहा कि यह पदक केवल एक जीत नहीं है बल्कि यह भविष्य के लिए नई प्रेरणा और उम्मीद लेकर आता है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ें और भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर और ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की उपलब्धियों को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ और अंतरराष्ट्रीय अनुभव सुनिश्चित करने में लगातार प्रयास कर रही है।एफ.आई.एच. जूनियर्स विश्व कप-2025 में भारतीय टीम ने कठिन मुकाबलों के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया। टीम ने सेमीफाइनल में चुनौतीपूर्ण मैचों का सामना किया और हार के बावजूद अपने आत्मविश्वास और सामूहिक रणनीति से कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि ने खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीम के प्रत्येक सदस्य का नाम लेते हुए उनके योगदान की सराहना की और कहा कि उनके खेल में अनुशासन और समर्पण ने ही टीम को इस सफलता तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि यह जीत भारतीय हॉकी के उज्जवल भविष्य की ओर संकेत करती है और आने वाले वर्षों में देश की हॉकी को और मजबूत बनाने में मदद करेगी। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण केंद्र और अकादमिक कार्यक्रम संचालित कर रही है। इसके तहत खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाले कोचिंग आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में और अधिक युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस सफलता ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है बल्कि पूरे देश में खेलों के प्रति उत्साह और विश्वास को भी बढ़ाया है। उन्होंने टीम के कोच और सपोर्ट स्टाफ को उनके समर्पण के लिए धन्यवाद दिया जिन्होंने खिलाड़ियों को हर स्थिति में मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। डॉ. यादव ने खिलाड़ियों से कहाआपकी यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। यह दिखाती है कि मेहनत धैर्य और टीम भावना के साथ किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। हमें आप पर गर्व है और हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।-इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी और अन्य खेलों के विकास के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों की सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे देश की उपलब्धि है और इसे राष्ट्रीय गौरव के रूप में देखा जाना चाहिए।

  • राज्यपाल श्री पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा, दवा वितरण और बिजली आपूर्ति पर दिए निर्देश

    राज्यपाल श्री पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा, दवा वितरण और बिजली आपूर्ति पर दिए निर्देश

    मध्य प्रदेश /राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा वितरित किए जाने वाली दवा की मात्रा मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोगी को दवा की आवश्यकता और मेडिकल यूनिट के पुन: आगमन की अवधि की गणना के अनुसार दवा का वितरण होना चाहिए, जिससे यूनिट के दोबारा आने तक रोगी के पास दवा की उपलब्धता बनी रहे। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को लोक भवन में जनजातीय प्रकोष्ठ की पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर एवं अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनमन योजना के तहत हितग्राहियों को मिले आवास में विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। आवास वार विद्युत कनेक्शनों की उपलब्धता की जानकारी संकलित कर, जिन घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं है, उनको चिह्नित किया जाए। विद्युत कनेक्शन कराने की व्यवस्था की जाए। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जनमन योजना अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 9 लाख 52 हजार से अधिक रोगियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें 4 लाख 75 हजार 375 पी.व्ही.टी.जी. हितग्राही और 4 लाख 76 हजार 647 अन्य हितग्राही शामिल हैं। यूनिट द्वारा 95 हजार 360 सिकल सेल और 15 हजार 811 की टी.बी. स्क्रीनिंग की गई। 7 लाख से अधिक रोगियों की डायग्नोस्टिक जाँच भी की है।

    बैठक में बताया गया है कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक प्रदेश के 24 जिलों में संचालित है। योजना के तहत पी.व्ही.टी.जी. की 6 हजार से अधिक बसाहटों के 13 लाख 43 हजार से अधिक पी.व्ही.टी.जी. आबादी को लाभान्वित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गतहितग्राही मूलक सात योजनाओं आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिटकार्ड,पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड में सैचुरेशन की स्थिति है। कुल 1 लाख 30 हजार 521 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो गए है। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा वर्तमान में 147 समूह जल प्रदाय योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं में से अनूपपुर एवं बालाघाट जिले की योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

    संचालन एवं संधारण के शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कर लिया जायेगा। दतिया, कटनी, सिवनी एवं उमरिया जिले की 6 योजनाओं के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके है। शेष कार्य समय सीमा में पूर्ण किये जाने के कार्य प्रगतिरत है। बैठक में हर घर नल से जल, बहुउद्देशीय केन्द्र, आंगनवाड़ी निर्माण, छात्रावास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, हर घर बिजली, हर घर बिजली-ऑफ ग्रिड, वनधन विकास केन्द्र और मोबाइल नेटवर्क कार्यों की प्रगति की जानकारी दी है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री गुलशन बामरा, आयुक्त एवं संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना श्री सतेन्द्र सिंह राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
  • तानसेन समरोह 2025: 114 कलाकारों द्वारा लाइव पेंटिंग 10 राष्ट्रीय स्तर के चित्रकारों का योगदान

    तानसेन समरोह 2025: 114 कलाकारों द्वारा लाइव पेंटिंग 10 राष्ट्रीय स्तर के चित्रकारों का योगदान


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध अखिल भारतीय तानसेन समारोह इस बार एक विशेष आकर्षण लेकर आ रहा है। 15 दिसंबर से शुरू होने वाले इस महोत्सव में संगीत के साथ कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा क्योंकि इस बार चार दिन तक सजीव चित्रांकन का आयोजन किया जाएगा।

    सजीव चित्रांकन 114 कलाकारों का हुनर

    तानसेन समारोह के दौरान 114 कलाकार लाइव पेंटिंग करेंगे जिसमें 10 राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध चित्रकार भी शामिल होंगे। ये कलाकार अपनी कला के माध्यम से तानसेन की धरोहर और भारतीय संगीत को कैनवास पर उकेरेंगे। इस दौरान विभिन्न राज्य संस्थानों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी इस कला के अद्भुत प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे।

    राष्ट्रीय कलाकारों का योगदान

    सजीव चित्रांकन में शामिल 10 राष्ट्रीय कलाकारों में भोपाल से आलोक भावसार पुणे से नवनाथ क्षीरसागर कोल्हापुर से अरुण सुतार जयपुर से कृष्ण कुमार कुंडारा भुवनेश्वर से रघुनाथ साहू भोपाल से दुर्गा बाई व्यास दिल्ली से सुमित्रा अहलावत मुंबई से निशिकांत पलांदे उदयपुर से मदीप शर्मा और महाराष्ट्र से संदीप अहीर जैसे कलाकार शामिल होंगे। इन सभी कलाकारों का कार्य समारोह में एक अलग रंग भरने वाला है जो तानसेन की संगीत धरोहर से प्रेरित होगा।

    इसके अलावा ग्वालियर के 30 स्थानीय कलाकार राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और ललित कला संस्थान ग्वालियर के 50 छात्र-छात्राएं और अन्य ललित कला संस्थानों के 24 कलाकार भी इस सजीव चित्रांकन के कार्य में योगदान देंगे। यह चित्रांकन 18 दिसंबर तक तानसेन समाधि स्थल पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक दर्शकों के लिए खुला रहेगा।

    तानसेन समारोह की प्रदर्शनी चित्रों का अनोखा संग्रह

    तानसेन समरोह के दौरान एक विशेष चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें 76 कलाकारों की पेंटिंग को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी तानसेन समारोह की प्रस्तुतियों पर आधारित होगी और सुबह 10 बजे से रात तक खुली रहेगी जिससे संगीत और कला प्रेमियों को एक साथ दोनों का आनंद मिल सकेगा।

    समारोह के अन्य आकर्षण

    तानसेन समारोह की शुरुआत के एक दिन पहले 14 दिसंबर को इंटक मैदान में “पूर्व रंग गमक” कार्यक्रम होगा जिसमें सूफी गायिका जसपिंदर नरूला अपनी प्रस्तुति देंगी। इसके बाद 19 दिसंबर को तानसेन समारोह की सुबह की सभा बेहट और शाम की सभा गूजरी महल में होगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्वालियर के लोग और पर्यटक संगीत और कला के अद्भुत संगम का अनुभव कर सकेंगे।

    तानसेन समारोह 2025 न केवल संगीत बल्कि कला का भी उत्सव साबित होने जा रहा है जहां कलाकारों के लाइव पेंटिंग और प्रदर्शनी के जरिए तानसेन की धरोहर को न केवल संगीत प्रेमियों बल्कि कला प्रेमियों के लिए भी प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन ग्वालियर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

  • ग्वालियर में विशेष गहन पुनरीक्षण: मतदाताओं के लिए बीएलओ से संपर्क करने का अंतिम मौका

    ग्वालियर में विशेष गहन पुनरीक्षण: मतदाताओं के लिए बीएलओ से संपर्क करने का अंतिम मौका


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची के अंतिम आंकड़े तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि अब भी कुछ मतदाता हैं जिन्होंने अपना फार्म अभी तक जमा नहीं किया है। ऐसे मतदाताओं के लिए अब एक अंतिम अवसर दिया गया है। यदि आप ग्वालियर में रहते हैं और आपका फार्म अभी तक जमा नहीं हुआ है तो आप अपने बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क कर फार्म जमा कर सकते हैं।

    ग्वालियर जिले में पिछले कुछ दिनों में 14 हजार मतदाताओं का पता चलने के बाद उनके फार्म डिजिटाइज्ड कर दिए गए हैं। बीएलओ पिछले दो दिनों से अपने बूथों पर बैठकर काम कर रहे हैं और इस प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। इसके बावजूद अभी भी 2 लाख 70 हजार नाम ऐसे हैं जो मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। यह वे लोग हैं जिनका रिकार्ड नहीं मिल पाया या वे अनुपस्थित हैं मृत हैं या शिफ्ट हो चुके हैं।

    आखिरी अवसर फार्म जमा करने के लिए संपर्क करें

    ग्वालियर जिले में कुल 16 लाख 49 हजार फार्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं लेकिन इस सूची में कुछ नाम अब भी छूटे हुए हैं। इस समय में बीएलओ द्वारा पुनः वाचन किया जा रहा है और मतदाता संपर्क कर अपने फार्म जमा कर सकते हैं। अगर आपने अपना फार्म घर पर प्राप्त किया है और अभी तक उसे जमा नहीं किया है तो कृपया बीएलओ से तुरंत संपर्क करें। इसके अलावा इस दौरान बीएलओ और बीएलए द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि उन मतदाताओं का डेटा अपडेट किया जा सके जो अभी तक सूची में नहीं शामिल हो पाए हैं।

    विधानसभा निर्वाचन की तैयारियां और समय सीमा

    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर  के कार्य के लिए सात दिन का अतिरिक्त समय और बढ़ा दिया गया है। अब बीएलओ को अधिक समय मिलेगा ताकि वे उन मतदाताओं को सूची में शामिल कर सकें जो अभी तक अनमैप हैं। यह सात दिनों की अवधि बीएलओ को सूची में बदलाव करने अनमैप मतदाताओं का डेटा अपडेट करने और फार्म जमा करने के लिए दी गई है।

    ग्वालियर जिले में विशेष प्रयास जारी

    ग्वालियर जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य बड़े पैमाने पर चल रहा है। जिले के 1679 बूथों पर बीएलओ बैठे हुए हैं और यहां से मतदाता संपर्क कर अपने फार्म जमा कर सकते हैं। यदि आपको किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो आप कलेक्ट्रेट कार्यालय या अन्य संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं।

    अनमैप मतदाताओं का आंकड़ा घटाने की चुनौती

    ग्वालियर जिले में अभी दो लाख से ज्यादा मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है। इन अनमैप मतदाताओं को सही तरीके से सूची में शामिल करने के लिए बीएलओ को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सात दिनों के इस अतिरिक्त समय के दौरान बीएलओ इस आंकड़े को कम करने में सक्षम हो सकते हैं। यह समय अनमैप मतदाताओं का डेटा पूरी तरह से अपडेट करने के लिए है।

    ग्वालियर जिले के मतदाताओं के लिए यह आखिरी अवसर है कि वे अपने फार्म जमा करें और मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित करें। बीएलओ से संपर्क कर फार्म जमा करें और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए बीएलओ को अतिरिक्त समय दिया है जिससे किसी भी मतदाता को कोई समस्या न हो।

  • MP: IAS संतोष वर्मा पर एक्शन…. सीएम के निर्देश पर पदों से हटाया, बर्खास्तगी की तैयारी

    MP: IAS संतोष वर्मा पर एक्शन…. सीएम के निर्देश पर पदों से हटाया, बर्खास्तगी की तैयारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने ‘मर्यादाविहीन’ टिप्पणियों (‘Indecent’ comments.) से चर्चा में आए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी संतोष वर्मा (IAS Santosh Verma) पर ‘डबल ऐक्शन’ लिया है। राज्य सरकार ने एक ओर जहां संतोष वर्मा को कृषि विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी पद से हटा (Removed post Deputy Secretary Agriculture Department) दिया है। वहीं, केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजकर संतोष वर्मा को आईएएस सेवा से बर्खास्त करने की भी सिफारिश की है। उन पर फर्जी तरीके से आईएएस में प्रमोशन पाने का आरोप है।

    एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इसके साथ ही मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (जीडीए) ने संतोष वर्मा को कृषि विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी पद से हटाकर बिना विभाग और बिना कार्य के जीडीए से ‘अटैच’ कर दिया है।


    क्या है विवाद

    दरअसल, संतोष वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल में एक कार्यक्रम में एक विवादित बयान देते हुए कहा था, ‘‘जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।’’ उनके इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ और फिर ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया। वर्मा की इस टिप्पणी के बाद से प्रदेश ही नहीं देशभर में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही थी।

    यही नहीं, संतोष वर्मा की टिप्पणी से आक्रोशित 65 ब्राह्मण संगठन एकजुट हो गए और उन्होंने शुक्रवार को मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करने और 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान कर दिया और साथ ही कहा कि इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश बंद की तैयारी की जाएगी।


    हाईकोर्ट पर भी थी टिप्पणी

    इस बीच, संतोष वर्मा की एक और टिप्पणी ने उस वक्त आग में घी डालने का काम किया जब उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह कहा कि ‘‘एसटी वर्ग के बच्चों को सिविल जज कोई और नहीं, बल्कि हाईकोर्ट नहीं बनने दे रहा है… यही हाईकोर्ट है, जिससे हम संविधान के पालन की गारंटी मांगते हैं।’’

    उनकी इस टिप्पणी से जुड़ा वीडियो सामने आते ही विवाद और भड़क गया और सरकार पर दबाव बढ़ा। इसके बाद एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संतोष वर्मा प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जीएडी को सख्त कारवाई के निर्देश दिए। बयान में कहा गया कि संतोष वर्मा ने राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए प्रमोशन फर्जी और जाली आदेश तैयार कर लिया और उनके खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक प्रकरण लंबित है।

    बयान में कहा गया, “फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के आधार पर ली गई आईएएस की पदोन्नति गलत है। अतः आईएएस से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केन्द्र शासन को प्रेषित किया जा रहा है।” इसके कुछ देर बाद ही सरकार ने गुरुवार को केंद्र को यह प्रस्ताव भेज दिया। सरकार ने कहा कि वर्मा के विरुद्ध जाली और फर्जी दस्तावेज के आधार पर संनिष्ठा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के आरोप के लिए विभागीय जांच अंतिम स्तर पर है और वर्तमान प्रकरण में उनके द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का प्रस्तुत जबाव संतोषजनक नहीं है।

    सरकार ने कहा कि उनके द्वारा सतत मर्यादा विहीन बयान जारी किए जा रहे हैं, अतः उन्हें ‘चार्जशीट’ जारी करने का निर्णय लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड तो कर सकती हैं, लेकिन उन्हें बर्खास्त नहीं कर सकती क्योंकि यह शक्ति केन्द्र सरकार के पास होती है, जो राष्ट्रपति के द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद लागू होती है।

    अधिकारियों का कहना है, “MP सरकार ने MP कैडर के IAS अधिकारी संतोष वर्मा को एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के डिप्टी सेक्रेटरी के पद से हटा दिया है, क्योंकि यह पाया गया कि वह धोखाधड़ी से IAS अधिकारी बने थे।” “संतोष वर्मा के खिलाफ जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए डिपार्टमेंटल जांच अपने आखिरी स्टेज में है।”

    “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मध्य प्रदेश के IAS अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मण समुदाय की बेटियों के बारे में दिए गए विवादित बयान पर संज्ञान लिया। उन्होंने GAD को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।”

  • MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना

    MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में गुरुवार की रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसकी कहानी किसी फिल्म की पटकथा (Film script) जैसी लगती है। यहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने गोली लगने के बावजूद वो दिलेरी दिखाई, जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई है। बिजली विभाग के कर्मचारी (Electricity department employees) को एक दिव्यांग बदमाश ने सीने में गोली मार दी। खून से लथपथ होने के बाद भी बुजुर्ग ने हार नहीं मानी और हमलावर से भिड़ गए। छीना-झपटी में उन्होंने हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीन लिया, जिसके बाद बदमाश लंगड़ाते हुए भाग निकला।


    ड्यूटी से घर लौटते वक्त किया हमला

    बिजली विभाग के घायल कर्मचारी की पहचान रामनरेश बर्मन (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अमदरा थाना क्षेत्र के नौगांव के निवासी हैं और सतना के प्रेम नगर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय में चपरासी हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम जब वह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल स्टेशन की ओर जा रहे थे, और जैसे ही वह पटरी किनारे चलते हुए प्रेम नगर अंडरब्रिज के पास पहुंचे, तभी अंधेरे में छिपे एक दिव्यांग व्यक्ति ने उन्हें रोका और कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधे उनके बाएं सीने में लगी।


    मौत सामने थी, पर नहीं टूटा हौसला

    गोली लगते ही रामनरेश के शरीर से खून बहने लगा, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और गजब की जीवटता दिखाई। वे गिरने के बजाय हमलावर पर टूट पड़े। इसके बाद दोनों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्था हुई और इस दौरान दिव्यांग हमलावर जमीन पर गिर गया। रामनरेश ने मौका देखते ही उसका नकली पैर खींच लिया और हाथ से कट्टा भी छीन लिया। अपना पैर और हथियार छिनता देख हमलावर घबरा गया और एक पैर से लंगड़ाते हुए मौके से फरार हो गया।


    झोले में नकली पैर और कट्टा लेकर थाने पहुंचे

    इस खौफनाक घटना और सीने में गोली लगी होने के बावजूद रामनरेश बर्मन झोले में हमलावर का नकली पैर और कट्टा भरकर सीधे सिटी कोतवाली पहुंचे। उनके एक हाथ में हमलावर का कृत्रिम पैर था और दूसरे हाथ में कट्टा था। यह दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए है। पुलिस ने तत्काल उन्हें वाहन से जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान लिए।


    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    उधर सतना सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रामनरेश बर्मन जो कि विद्युत विभाग में चपरासी के पद पदस्थ हैं। वह रोज की तरह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन से घर जाने के लिए निकले थे तभी रास्ते पर अंधेरे में एक अज्ञात व्यक्ति आया और आकर रामनरेश पर कट्टे से फायर कर दिया। पुलिस ने कहा कि फायर करने वाला व्यक्ति विकलांग था उसका नकली पैर भी वहीं छूट गया है। आगे उन्होंने कहा कि हो सकता है अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश ने लूट के इरादे से गोली मारी होगी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।