ब्राह्मण विधायकों की बैठक से बढ़ी सियासी हलचल
Category: National
-

शिवपाल यादव ने बीजेपी के नाराज ब्राह्मण विधायकों को सपा में आने का दिया न्योता, बोले- यहां पूरा सम्मान मिलेगा
नई दिल्ली। राजधानी लखनऊ में मंगलवार रात बीजेपी के 40 से अधिक ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने सियासी माहौल गर्म कर दिया। यह बैठक औपचारिक सहभोज के बहाने आयोजित की गई थी, लेकिन इसे पार्टी में असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी के महासचिव और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि विधायकों को अगर उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है, तो उन्हें सपा में शामिल होने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह बैठक उनके अनुसार बीजेपी के भीतर असंतोष को दर्शाती है और यही वजह है कि नाराज विधायकों के लिए सपा एक विकल्प हो सकती है।नाराज ब्राह्मण विधायक सपा में आएं, उन्हें मिलेगा पूरा सम्मानशिवपाल यादव ने कहा कि बीजेपी में जातिगत भेदभाव मौजूद है। उन्होंने नाराज ब्राह्मण विधायकों को सपा में आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि हमारी पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा। शिवपाल ने आगे कहा कि बीजेपी में असंतोष और नाराजगी के कारण अलग-अलग समूह बैठक कर रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी सभी को समान रूप से मान-सम्मान देती है। सपा के विधायक अतुल प्रधान ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए बताया कि यह केवल ब्राह्मण समुदाय तक सीमित नहीं है। विभिन्न समुदायों के लोग भी सरकार से असंतुष्ट हैं और नाराजगी व्यक्त करने के लिए एकजुट हो रहे हैं। उनका मानना है कि ब्राह्मण विधायकों की बैठक बीजेपी को चुनौती देने और उन्हें हराने की दिशा में उठाया गया कदम है।मंगलवार रात लखनऊ में कुशीनगर के बीजेपी विधायक पीएन पाठक के आवास पर ब्राह्मण विधायकों की एक बैठक हुई जिसे सहभोज के बहाने आयोजित किया गया। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में अधिकारियों की मनमानी और ब्राह्मण समाज की अनदेखी को लेकर असंतोष जताया गया। वहीं, इस बैठक को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के लिए चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और सत्ता संतुलन को लेकर सियासी चर्चा को और तेज कर सकती है। -

हिंदू होने की वजह से मेरा टिकट काटा हुमायूं कबीर के फैसले पर भड़कीं निशा चटर्जी
नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले नवगठित जनता उन्नयन पार्टी JUP में बड़ा विवाद सामने आया है पार्टी लॉन्च के महज 24 घंटे के भीतर हुमायूं कबीर ने अपनी ही पार्टी की घोषित उम्मीदवार निशा चटर्जी का टिकट रद्द कर दिया इसके बाद निशा चटर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ हिंदू होने की वजह से निशाना बनाया गया हहुमायूं कबीर उस समय चर्चा में आए थेजब उन्होंने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने का ऐलान किया था इस पूरे घटनाक्रम पर सियासत गरमाई तो टीएमसी ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था हालांकि बाद में हुमायूं ने अपनी नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी बनाने का ऐलान किया और बंगाल चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरने का ऐलान किया हुमायूं ने निशा चटर्जी को टिकट देने का ऐलान भी किया था लेकिन बाद में अपने फैसले से पीछे हट गए और टिकट रद्द कर दिया
कोलकाता में मंगलवार को उस वक्त सियासी माहौल गर्म हो गयाजब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कारोबारी निशा चटर्जी ने जनता उन्नयन पार्टी और उसके प्रमुख हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोला निशा का कहना है कि पार्टी की ओर से उन्हें जानबूझकर उम्मीदवार सूची से हटाया गया और इसके पीछे असली वजह उनका हिंदू होना है हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपनी नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी लॉन्च की थी और उसी दिन निशा चटर्जी को 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए कोलकाता की प्रतिष्ठित बालीगंज सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था लेकिन 24 घंटे के भीतर ही पार्टी नेतृत्व ने यह फैसला पलट दियासोशल मीडिया वीडियो को बताया वजह
हुमायूं कबीर ने निशा चटर्जी की उम्मीदवारी रद्द करने के पीछे उनके कुछ सोशल मीडिया वीडियो का हवाला दिया पार्टी का दावा है कि वायरल रील्स बंगाल विधानसभा जैसी पवित्र संस्था के अनुरूप नहीं हैं हालांकिनिशा चटर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी कि अगर कोई वीडियो अश्लील है तो उसे सार्वजनिक किया जाए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पार्टी को उनके सोशल मीडिया कंटेंट से आपत्ति थी तो उम्मीदवार घोषित करने से पहले उनके बैकग्राउंड की जांच क्यों नहीं की गई
चरित्र हनन और सामाजिक उत्पीड़न का आरोप
निशा चटर्जी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ चरित्र हनन की साजिश रची जा रही है और सोशल मीडिया के बहाने उन्हें सामाजिक रूप से परेशान किया जा रहा है उन्होंने कहा कि पार्टी की सेक्युलर छवि सिर्फ दिखावा है और असल में उन्हें धार्मिक पहचान के आधार पर टारगेट किया गया उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वो पहले बाबरी मस्जिद को लेकर पार्टी के रुख का समर्थन कर चुकी हैंइसके बावजूद उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गयाकानूनी कार्रवाई की चेतावनीनिशा चटर्जी ने कहा कि टिकट रद्द किए जाने से उनकी छवि और करियर को भारी नुकसान पहुंचा है उन्होंने हुमायूं कबीर पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी संगठन इस तरह नाम घोषित कर और फिर अचानक हटा कर नहीं चलाया जा सकता निशा ने यह भी चेतावनी दी कि वह इस मामले में हुमायूं कबीर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं
नेतृत्व पर उठाए सवाल
निशा चटर्जी ने हुमायूं कबीर के राजनीतिक बयानों में विरोधाभास का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि कभी वह ममता बनर्जी के प्रति वफादारी की बात करते हैं तो कभी मुर्शिदाबाद में बीजेपी को सीट दिलाने के दावे करते हैं उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता खुद को एक मजबूत राजनीतिक सेना खड़ी करने की बात करता हैवह अपने पहले ही सिपाही को एक दिन में छोड़ देता है और उसे सार्वजनिक आलोचना के बीच अकेला खड़ा कर देता है
-

बच्चों को जबरन Santa बनाया तो खैर नहींइस जिले में शिक्षा विभाग ने स्कूलों को दी चेतावनी
नई दिल्ली । भारत समेत दुनियाभर के विभिन्न देशों में क्रिसमस का त्योहार 25 दिसंबर को मनाया जाएगा। क्रिसमस को लेकर जगह-जगह पर बड़े स्तर पर तैयारियां देखने को मिल रही हैं। हालांकिइस बीच राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां शिक्षा विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर स्कूल के छात्रों को सांता कलॉज बनने के लिए मजबूर किया गया तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आइए जानते हैं कि शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में क्या कुछ कहा है।
शिक्षा विभाग ने क्या कहादरअसलराजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को क्रिसमस के समारोह के दौरान छात्रों को सांता क्लॉज की तरह कपड़े पहनने के लिए मजबूर करने के खिलाफ चेतावनी दी है। शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि अगर कोई स्कूल छात्रों पर दबाव डालता पाया गया तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने क्या बताया
स्कूलों को चेतावनी देने वाला ये आदेश श्रीगंगानगर के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अशोक वाधवा की ओर से जारी किया गया है। 22 दिसंबर को जारी इस आदेश में कहा गया है कि अगर इस बारे में बच्चों को सांता बनने पर मजूबर करने कोई शिकायत दर्ज होगी तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। वाधवा ने अपने आदेश को लेकर कहा है कि स्कूलों को छात्रों या पैरेंट्स पर ऐसी एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए। -

मुंबई में टूटेगी बीजेपी-अजित पवार की दोस्ती नवाब मलिक को हटाने के मूड में नहीं एनसीपी खतरे में गठबंधन
नई दिल्ली । मुंबई बीएमसी चुनावों में महाविकास आघाड़ी की एकता टूटने के बाद सत्तारूढ़ महायुति के घटक दलों की यूनिटी बिखर सकती है। बीजेपी मुंबई में नवाब मलिक को एनसीपी का चेहरा बनाए जाने से खफा है। इसके कारण अभी तक सीट शेयरिंग में बीजेपी और शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के बीच सीटों की चर्चा सामने आई है। नवाब मलिक को लेकर महायुति में आए तनाव के बीच एनसीपी ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। एनसीसी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे का कहना है कि पार्टी के अंदर चुनाव प्रभारी के तौर पर किसे नियुक्त किया जाना चाहिए यह तय करना पूरी तरह से एनसीपीका अधिकार है। पार्टी ने नवाब मलिक को प्रभारी बनाया है।
अपने फैसले NCP ही लेगी तटकरेराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP के अजीत पवार गुट ने अपने महायुति सहयोगी BJP के कड़े विरोध के बावजूद पूर्व मंत्री नवाब मलिक को पार्टी का मुंबई चुनाव प्रभारी नियुक्त करने पर अपना रुख कायम रखा है। NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने यह साफ कर दिया कि पार्टी के अंदरूनी नियुक्तियों से जुड़े फैसले पूरी तरह से एनसीपी ही लेगी। शुरू से ही बीजेपी मलिक की नियुक्ति का विरोध कर रही है यह आरोप लगाते हुए कि वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी संपत्ति की खरीद से जुड़े हैं। बीजेपी नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि अगर मलिक को चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दी जाती है तो वे मुंबई में NCP के साथ गठबंधन करने में सहज नहीं होंगे।तटकरे-शेलार की चल रही है बातचीततटकरे ने कहा कि मलिक पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें मुंबई में चुनाव रणनीतियां बनाने में मदद करने के लिए एक खास संगठनात्मक काम सौंपा गया है। हालांकि उन्होंने कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से गठबंधन के संबंध में पूर्व मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार से बात कर रहे हैं और मलिक इन बातचीत में शामिल नहीं हैं। तटकरे ने कहा कि संगठन के अंदर चुनाव प्रभारी के तौर पर किसे नियुक्त किया जाना चाहिए। 2017 के बीएमसी चुनावों में एकीकृत एनसीसी को 09 सीटों पर जीत मिली थी। मनसे को 7 और एआईएमआईएम को दो सीटें हासिल हुई थीं। बीजेपी 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थीं। एकीकृत शिवसेना को 82 और कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं।दो दिन में साफ होगी तस्वीरतटकरे का कहना है कि मुंबई को छोड़कर बाकी नगर पालिकाओं में गठबंधन पर अगले दो दिनों के भीतर स्पष्टता आने की उम्मीद है। नवाब मलिक के अलावा बीजेपी और एनसीपी के बीच पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगमों को लेकर भी पेच फंसा है। यहां बीजेपी के विपक्ष में एनसीपी है। अजित पवार की पार्टी NCP शरद पवार के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों पर पर काम कर रही है। वरिष्ठ नेता अंकुश काकडे ने दावा किया कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक के बाद दोनों गुट पुणे में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गए हैं। यह बातचीत अभी भी जारी है। पुणे-पिंपरी चिंचवड़ से ज्यादा बड़ा मुद्दा नवाब मलिक है। विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने नवाब मलिक से दूरी बनाए रखी थी। मलिक अबु आजमी के साथ मानखुर्द-शिवाजी नगर सीट से हार गए थे। बीजेपी ने अजित पवार के महायुति में होने के बाद भी मलिक का समर्थन नहीं किया था। इस सीट पर शिंदे ने अपना कैंडिडेट भी खड़ा रखा था। -

जीतन राम मांझी का दावा… बोले- हर MP-MLA लेता है कमीशन', सियासी गलियारे में मची हलचल
गयाजी। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने अपने नए और सनसनीखेज बयान से NDA को असहज स्थिति में डाल दिया है। जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने दावा किया है कि सभी सांसद और विधायक (MP-MLA ) अपने निर्वाचन क्षेत्र के डेवलपमेंट फंड में कमीशन (Development Fund Commission) लेते हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (धर्मनिरपेक्ष) सुप्रीमो मांझी ने आगे दावा किया कि उन्होंने कई बार पार्टी को अपना कमीशन दिया था और पार्टी नेताओं को सलाह दी थी कि वे उस पैसे का इस्तेमाल कार खरीदने के लिए करें। जीतन राम मांझी ने हाल ही में HAM के एक कार्यक्रम में ये बयान दिया है।
सांसद-विधायक लेते हैं कमीशन- जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी ने विधायकों से कहा कि अगर उन्हें 10% कमीशन नहीं मिल पा रहा है, तो 5% तो ले ही लें। उन्होंने आगे कहा, ‘हर सांसद और विधायक कमीशन लेता है और एक रुपये में से 10 पैसे भी लेना एक बड़ी रकम है।’ गया जी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री मांझी ने कहा, ‘मैंने व्यक्तिगत रूप से कई बार अपनी कमीशन राशि पार्टी कोष में दी है। एक सांसद को 5 करोड़ रुपये मिलते हैं, और अगर उसे 10% कमीशन मिलता है, तो यह 40 लाख रुपये हो जाएगा।’
मैंने तो बेटे से भी कमीशन लेने को कहा- मांझी
एक रिपोर्ट के अनुसार जीतन राम मांझी यहीं नहीं रुके, यहां तक कहा कि उन्होंने अपने बेटे और पार्टी अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन, जो राज्य में कैबिनेट मंत्री हैं, से भी कमीशन लेने को कहा, क्योंकि यह कोई रहस्य नहीं था और हर कोई ऐसा करता था।’ अपने बेटे की ओर देखते हुए मांझी ने कहा, ‘अगर ये लोग [पार्टी नेता] ऐसा करने में असमर्थ हैं, तो यह पार्टी अध्यक्ष की गलती है।’
2030 में HAM 100 सीटों पर लड़े चुनाव- मांझी
उन्होंने घोषणा की कि आगामी विधानसभा चुनाव में HAM को 100 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए और यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। जीतन राम मांझी ने अपने बेटे को लक्ष्य हासिल करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने को कहा और बताया कि उनकी जाति के लोग इसका समर्थन करेंगे, हालांकि HAM को कुछ और जातियों के समर्थन की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें कम आंककर गलती की है।
तीन प्रमंडलों में मांझी ने ठोका दावा
जीतन राम मांझी ने कहा कि ‘पूर्णिया, मगध और मुंगेर डिवीजनों में हम कोई साधारण पार्टी नहीं हैं। पश्चिम चंपारण में भी हमारे समर्थक हैं। हमारी पार्टी हर जगह मजबूत है, लेकिन भाजपा ने हर चुनाव में हमें कम आंका है। अब तक जो हुआ है, वह ठीक है। अगर अगले चुनाव में हमें महत्व नहीं दिया गया, तो हम अपना अलग रास्ता अपनाएंगे।’ कुछ दिनों पहले, जीतन राम मांझी के भाषण का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना गया था कि 2020 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने अपने टिकारी उम्मीदवार को, जो 2,700 वोटों से पीछे चल रहे थे, गया जी के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट के समर्थन से जीत दिलाने में मदद की थी।
मांझी पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
ये कोई पहली बार नहीं है जब बेबाकी से जीतन राम मांझी ने ऐसे बयान दिए हैं। इससे पहले मांझी ने 2015 में मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद बिहार में एस्टीमेट घोटाले का जिक्र कर बहस छेड़ दी थी। तब मांझी ने कहा था कि सरकारी ठेकों में जमकर एस्टीमेट घोटाला किया जाता है। ठेकों में पैसा बनाने के लिए एस्टीमेट को जान बूझ कर बढ़ा चढ़ा कर बताया जाता है। हाल ही में राज्यसभा सीट की उनकी मांग पूरी न होने पर गठबंधन से बाहर निकलने की उनकी टिप्पणी ने भी हलचल मचा दी थी।बीजेपी ने बताया निजी राय
मंत्री और भाजपा नेता दिलीप कुमार जायसवाल ने जीतन राम मांझी की टिप्पणी को उनकी निजी राय बताया है। वहीं विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। RJD के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में 202 सीटें जीतने के बावजूद एनडीए में सब कुछ ठीक नहीं है। -

ISRO के बाहुबाली LVM3-M6 से विश्व का सबसे भारी सेटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-3 सफलतापूर्वक लॉन्च
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) (Indian Space Research Organisation – ISRO) बुधवार सुबह 8.55 बजे अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 (Most Powerful Rocket, LVM3) से अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल की ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. यह इस रॉकेट की छठी ऑपरेशनल उड़ान (LVM3-M6) है।ये मिशन है न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और AST स्पेसमोबाइल के बीच हुए समझौते के तहत किया जा रहा है. इस मिशन से लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में दुनिया का सबसे बड़ा कॉमर्शियल संचार सैटेलाइट तैनात होगा, जो सामान्य स्मार्टफोन को सीधे स्पेस से हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान करेगा।
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट की विशेषताएं
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 AST स्पेसमोबाइल की अगली पीढ़ी की संचार सैटेलाइट्स सीरीज का हिस्सा है. यह सैटेलाइट दुनिया भर में उन इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है जहां ग्राउंड नेटवर्क नहीं पहुंच पाता. मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं…
वजन: लगभग 6100 से 6500 किलोग्राम (यह LVM3 द्वारा भारतीय मिट्टी से लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी पेलोड है).
आकार: इसमें 223 वर्ग मीटर (लगभग 2,400 स्क्वायर फीट) का फेज्ड ऐरे एंटीना लगा है, जो इसे लो अर्थ ऑर्बिट में तैनात होने वाला सबसे बड़ा कॉमर्शियल संचार सैटेलाइट बनाता है.
क्षमता: यह 4G और 5G नेटवर्क सपोर्ट करता है. सामान्य स्मार्टफोन को सीधे स्पेस से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड प्रदान करेगा.
स्पीड: प्रति कवरेज सेल में 120 Mbps तक की पीक डेटा स्पीड, जो वॉइस कॉल, वीडियो कॉल, टेक्स्ट, स्ट्रीमिंग और डेटा सर्विसेज को सपोर्ट करेगी.
उद्देश्य: यह सैटेलाइट AST स्पेसमोबाइल की ग्लोबल कांस्टेलेशन का हिस्सा है, जो दुनिया भर में 24/7 कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी. इससे दूरदराज के इलाकों, समुद्रों और पहाड़ों में भी मोबाइल नेटवर्क पहुंचेगा.
पिछली सैटेलाइट्स: कंपनी ने सितंबर 2024 में ब्लूबर्ड 1-5 सैटेलाइट्स लॉन्च की थीं, जो अमेरिका और कुछ अन्य देशों में कंटीन्यूअस इंटरनेट कवरेज प्रदान कर रही हैं. ब्लॉक-2 इससे 10 गुना ज्यादा बैंडविड्थ कैपेसिटी वाली है.
यह सैटेलाइट लगभग 600 किलोमीटर की ऊंचाई वाली लो अर्थ ऑर्बिट में तैनात की जाएगी।
LVM3 रॉकेट की विशेषताएं
LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3), जिसे पहले GSLV Mk-III कहा जाता था, इसरो का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है. इसे इसरो ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है. मुख्य स्पेसिफिकेशंस…
ऊंचाई: 43.5 मीटर
लिफ्ट-ऑफ वजन: 640 टन
स्टेज: तीन स्टेज वाला रॉकेट
दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन बूस्टर्स (S200)
लिक्विड कोर स्टेज (L110)
क्रायोजेनिक अपर स्टेज (C25)
पेलोड क्षमता: जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में: 4,200 किलोग्राम तक. लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में: 8,000 किलोग्राम तक.
पिछले सफल मिशन: LVM3 ने चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और दो वनवेब मिशनों (कुल 72 सैटेलाइट्स) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है. इसका पिछला मिशन LVM3-M5/CMS-03 था, जो 2 नवंबर 2025 को सफल रहा.यह रॉकेट भारत की अंतरिक्ष क्षमता का प्रतीक है और भविष्य में गगनयान मानव मिशन के लिए भी इस्तेमाल होगा. यह मिशन इसरो के कॉमर्शियल लॉन्चेस में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा. AST स्पेसमोबाइल दुनिया की पहली स्पेस-बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क बना रही है, जो स्टारलिंक जैसी सेवाओं से कॉम्पीट करेगी. भारत से लॉन्च होने से इसरो की ग्लोबल लॉन्च सर्विसेज में मजबूती आएगी।
-

BMC चुनाव में पूरी ताकत झोंकेगी AAP, मैदान में उतारेगी 227 उम्मीदवार, केजरीवाल खुद संभालेंगे प्रचार अभियान
नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी ने 2026 के बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव में पूरे जोर-शोर से उतरने की तैयारी की है। पार्टी ने 227 उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का फैसला किया है और शीर्ष नेतृत्व इस चुनाव प्रचार में सीधे शामिल होगा। AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल खुद प्रचार के मोर्चे को संभालेंगे। यह निर्णय महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में AAP की हालिया पहली जीत के बाद लिया गया है। पार्टी इसे मुंबई में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का अवसर मान रही है। देश के सबसे बड़े नगर निकाय बीएमसी में AAP पूरी तैयारी के साथ चुनावी दंगल में उतरने को तैयार है।AAP ने जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट
आप पार्टी मुंबई इकाई ने बीएमसी चुनाव 2026 के लिए अपने स्टार प्रचारकों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक कर दी है। इस सूची में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख नेता शामिल हैं, जिन्हें शहर के मतदाताओं तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।सूची में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, भगवंत मान, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन, आतिशी और सौरभ भारद्वाज जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा पंकज कुमार गुप्ता, दुर्गेश पाठक, इमरान हुसैन, दिलीप पांडे, अमानतुल्ला खान, प्रीति शर्मा मेनन, किशोर मंध्यान, रूबेन मस्करेन्हास, विजय खिश्रसागर, पायल पटेल, ईशुदान गढ़वी और अन्य कई नेताओं को भी प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।पहली जीत से उत्साहित AAP
महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने झाड़ू चुनाव चिन्ह पर अपनी पहली जीत हासिल कर राजनीतिक उपस्थिति का मजबूत संकेत दिया है। यह सफलता अहिल्यानगर जिले की नेवासा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 से मिली, जहां शालिनी ताई ने जीत दर्ज की। AAP ने इस अवसर पर अहिल्यानगर जिला अध्यक्ष राजुभाऊ अघाव, नेवासा तालुका अध्यक्ष एडवोकेट सादिक शिलेदार, पार्टी नेता संजय सुखधन और स्थानीय पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं की मेहनत को निर्णायक बताया। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि जमीनी स्तर पर मिली यह जीत बीएमसी जैसे बड़े चुनाव में आत्मविश्वास के साथ उतरने का मजबूत आधार बनाती है।
AAP ने चुनावी रणनीति को दे रही अंतिम रूपमहाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी 2026 को एक ही चरण में होंगे, जबकि मतगणना 16 जनवरी को होगी। इस कार्यक्रम के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। AAP बीएमसी चुनाव को अपने शहरी शासन मॉडल, पारदर्शिता और स्थानीय मुद्दों को प्रदर्शित करने का बड़ा मंच मान रही है। पार्टी 227 उम्मीदवारों और मजबूत स्टार प्रचारकों की टीम के जरिए निर्णायक चुनौती पेश करने की तैयारी कर रही है, ताकि मुंबई में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत कर सके -

इंडिगो एयरलाइन को DGCA की दो टूक, तुर्की से लीज पर लिए विमान मार्च 2026 के बाद नहीं उड़ेंगे
नई दिल्ली / ।इंडिगो एयरलाइन की हालिया फ्लाइट रद्दीकरण की घटनाओं ने देशभर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हालाँकि अब एयरलाइन का परिचालन आंशिक रूप से सामान्य हो गया है, लेकिन विमानन नियामक DGCA की नजर अभी भी इंडिगो पर कड़ी है। सोमवार को इंडिगो ने तुर्की से लीज पर लिए गए अपने एयरक्राफ्ट्स की अवधि को लेकर स्पष्टीकरण दिया। DGCA ने इन विमानों के उपयोग के लिए एयरलाइन को मार्च 2026 तक का समय दिया, लेकिन साफ कर दिया कि इसके बाद कोई एक्सटेंशन नहीं होगा। इसका मतलब है कि एयरलाइन को निर्धारित समय में इन विमानों का परिचालन समाप्त करना होगा।तुर्की के 5 B737 विमान मार्च 2026 तक उड़ाने की अनुमति
एविएशन रेगुलेटर DGCA ने IndiGo एयरलाइन को तुर्की की कोरेंडन एयरलाइंस से लीज पर लिए गए पांच नैरो-बॉडी बोइंग 737 विमानों का परिचालन केवल मार्च 2026 तक करने की अनुमति दी है। DGCA ने स्पष्ट किया है कि इन विमानों के लिए यह अंतिम एक्सटेंशन होगा और इसके बाद कोई भी अतिरिक्त अवधि नहीं दी जाएगी। एक वरिष्ठ DGCA अधिकारी के अनुसार, इंडिगो ने इस एक्सटेंशन के लिए अंडरटेकिंग प्रस्तुत की थी। इसके पीछे कारण यह था कि एयरलाइन के लॉन्ग-रेंज एयरक्राफ्ट A321-XLR फरवरी 2026 तक डिलीवर होने वाले हैं, इसलिए तब तक इन B737 विमानों की जरूरत बनी रहेगी। इसके साथ ही नियामक ने “सनसेट क्लॉज” के तहत साफ किया कि मार्च 2026 के बाद इन विमानों का संचालन बंद करना होगा।
IndiGo के पास 15 विदेशी विमान, 7 तुर्की सेIndiGo एयरलाइन वर्तमान में 15 विदेशी विमानों का परिचालन कर रही है, जिनमें से 7 तुर्की से लीज पर लिए गए हैं। अगस्त 2025 में DGCA ने टर्किश एयरलाइंस से लीज पर लिए गए दो बोइंग 777 विमानों के संचालन के लिए छह महीने का एक्सटेंशन दिया था, जो फरवरी 2026 तक वैध है। इससे पहले मई 2025 में DGCA ने इंडिगो को तीन महीने का सीमित एक्सटेंशन दिया था और स्पष्ट किया था कि आगे किसी अतिरिक्त एक्सटेंशन की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियामक ने यह भी कहा था कि एयरलाइन को भविष्य में किसी भी तरह का विस्तार नहीं मांगना है। यह निर्णय ऐसे समय आया जब तुर्की ने पाकिस्तान के समर्थन में भारत द्वारा पड़ोसी देश में आतंकवादियों के ठिकानों पर किए गए हमलों की आलोचना की थी।गौरतलब है कि केवल IndiGo नहीं, बल्कि SpiceJet जैसी एयरलाइंस भी अपने परिचालन के लिए 17 विदेशी विमानों का इस्तेमाल कर रही हैं, जो वेट/डैम्प लीज पर लिए गए हैं। DGCA के अधिकारियों के अनुसार, वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री में वेट लीजिंग आम प्रैक्टिस है। अधिकारियों ने बताया कि इंजन संबंधी तकनीकी दिक्कतों, ग्राउंडिंग और OEMs द्वारा एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी के कारण भारतीय एयरलाइंस यात्रियों को समय पर सेवा देने के लिए विदेशी एयरलाइंस से वेट लीज का सहारा लेती हैं। यह व्यवस्था उन्हें बाइलेटरल सर्विस एग्रीमेंट के तहत उपलब्ध अधिकारों का उपयोग करने में मदद करती है। वेट लीजिंग एयरलाइंस को अस्थायी अंतराल में विमान उपलब्ध कराने का तरीका है।
-

शशि थरूर ने क्यों की नीतीश सरकार की तारीफ, बिहार को लेकर कही ये बड़ी बात, कांग्रेस को फिर लगेगा बुरा!
नई दिल्ली । कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने सोमवार 22 दिसंबर को नीतीश कुमार सरकार की तरफ से बिहार में बुनियादी ढांचे पर किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की, जबकि कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बीजेपी बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू के साथ गठबंधन में है.नालंदा साहित्य महोत्सव में भाग लेने के लिए बिहार आए शशि थरूर ने एक चैनल संग बातचीत में कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि बुनियादी ढांचा पहले की तुलना में कहीं बेहतर है. सड़कें बेहतर हैं. लोग देर रात तक सड़कों पर दिखते हैं, जबकि पहले ऐसा नहीं होता था. अब तक बिजली, पानी और बाकी सब कुछ ठीक चल रहा है.नीतीश के बारे में पूछे जाने पर क्या बोलेउन्होंने कहा कि मेरा मतलब है, इसमें कोई शक नहीं कि हाल के वर्षों में बहुत सी अच्छी चीजें हुई हैं. नीतीश कुमार के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस सांसद ने टालमटोल करते हुए कहा कि मुझे यहां राजनीति में मत घसीटिए. मैं निश्चित रूप से इस प्रगति को देखकर बहुत खुश हूं. बिहार की जनता और उनके प्रतिनिधि इसके लिए श्रेय के पात्र हैं.कांग्रेस का क्या है रिएक्शन
बिहार में थरूर के बीजेपी संग गठबंधन वाली सरकार की प्रशंसा करने वाली हालिया टिप्पणी पर कांग्रेस ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. पिछले महीने दुबई में एक मीडिया कार्यक्रम में थरूर ने राजनीतिक परिदृश्य पर खेद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि हर किसी को वैचारिक रूप से कट्टरपंथी होना पड़ता है और वे दूसरे पक्ष की अच्छाई को नहीं देखते या दूसरे पक्ष के किसी भी व्यक्ति से बात नहीं करते.
हिजाब विवाद को लेकर क्या कहा थाबता दें कि 4 बार के सांसद शशि थरूर, प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ बीजेपी की प्रशंसा करने वाले कई बयानों के बाद कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ अपने संबंध खराब होते देख रहे हैं. थरूर हमेशा से यह कहते रहे हैं कि उनकी टिप्पणियां केवल भारत की बेहतर सेवा करने की इच्छा को दर्शाती हैं. इससे पहले शशि थरूर ने हिजाब विवाद को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना करते हुए कहा था कि यह घटना अनुचित थी.
