Category: National

  • शिवपुरी में राशन की मांग पर बिफरे ज्योतिरादित्य सिंधिया; बोले- 'नेतागिरी नहीं चलेगी', फिर खुद को बताया परिवार का मुखिया

    शिवपुरी में राशन की मांग पर बिफरे ज्योतिरादित्य सिंधिया; बोले- 'नेतागिरी नहीं चलेगी', फिर खुद को बताया परिवार का मुखिया

    ​शिवपुरी। जिले की पिछोर तहसील अंतर्गत ग्राम राजपुर में आयोजित विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जनसमूह में मौजूद कुछ ग्रामीणों द्वारा राशन वितरण को लेकर की गई नारेबाजी पर उखड़ गए। हालांकि, स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तत्काल अपने वक्तव्य को भावनात्मक मोड़ दिया और खुद को नेता के बजाय क्षेत्र का मुखिया बताया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
    ​राशन के मुद्दे पर नारेबाजी से बिगड़ा माहौल
    समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया जब मंच से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी और विकासात्मक परियोजनाओं का ब्यौरा दे रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में आ रही दिक्कतों को लेकर आवाज उठाई और नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस विरोध से सिंधिया भाषण के बीच में ही नाराज हो गए। उन्होंने कड़े शब्दों में टोकते हुए कहा, “शांति बनाए रखिए… यहां नेतागिरी नहीं चलेगी। यदि नेतागिरी करनी है तो किसी नेता के पास जाइए।”
    ​नाराजगी के बाद तुरंत संभाला मंच
    मंच से दिखाई गई इस तल्खी के बाद सभा स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। इसके तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री ने अपना रुख बदलते हुए संवाद को सहज बनाने की कोशिश की। उन्होंने मंच से कहा कि वे यहां किसी राजनेता की हैसियत से नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के एक अभिभावक और परिवार के मुखिया के नाते उपस्थित हैं, और हर नागरिक की समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता है।

    ​प्रीतम लोधी के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल
    कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता प्रीतम सिंह लोधी के एक बयान ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी। सभा को संबोधित करते हुए लोधी ने कहा कि महाराज (सिंधिया) की यह तो महज शुरुआत है, असली फिल्म एक साल बाद सामने आएगी। इस बयान के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में आगामी समीकरणों को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।
    ​जनसभा में घटे इस घटनाक्रम और केंद्रीय मंत्री के तल्ख तेवरों की क्लिप अब इंटरनेट मीडिया पर जमकर साझा की जा रही है, जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और आमजन की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

  • मंदाकिनी फिर उफान पर, खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर पहुंचा पानी, रामघाट जलमग्न

    मंदाकिनी फिर उफान पर, खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर पहुंचा पानी, रामघाट जलमग्न

    चित्रकूट। मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर आ गई। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 126.50 मीटर को पार कर करीब 4.5 मीटर ऊपर पहुंच गया। इसके चलते रामघाट सहित आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फिर भर गया। घाट किनारे बनी दुकानें, मकान, आश्रम और होटल जलमग्न हो गए। रामघाट से कामतानाथ, आरोग्यधाम और जानकीकुंड जाने वाली सड़कें भी पानी में डूब गईं, जिससे इन मार्गों पर नाव चलानी पड़ी।

    कुछ घंटों में बिगड़े हालात, फिर डूबीं दुकानें
    मंगलवार सुबह करीब 4 बजे मंदाकिनी का जलस्तर 126.40 मीटर था, जो खतरे के निशान से सिर्फ 10 सेंटीमीटर नीचे था। इसके बाद मध्य प्रदेश और चित्रकूट क्षेत्र में रातभर हुई तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही घंटों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई।

    रामघाट में दोबारा पानी भरने से दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई। एक दिन पहले ही की गई साफ-सफाई भी बाढ़ के पानी में बह गई। घरों और दुकानों में पानी घुसने के बाद कई लोग ऊपरी मंजिलों पर चले गए। होटल और आश्रमों में ठहरे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कें जलमग्न होने से लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

    भरत मंदिर में पुजारी समेत 15 लोग फंसे
    रामघाट स्थित भरत मंदिर में पुजारी श्यामजी पांडेय समेत करीब 15 लोग पानी के बीच फंसे हुए हैं। पुजारी के मुताबिक मंदिर के सभी कमरे पानी में डूब गए हैं और वहां रखा राशन भी खराब हो गया है। उनका कहना है कि अब तक मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा है।

    डीएम पुलकित गर्ग ने बताया कि तेज बारिश के कारण मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई थी। कई लोगों के लिए रैन बसेरों में ठहरने और भोजन-पानी की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कहा कि किसी भी मंदिर में पुजारी या अन्य लोग रुके हैं तो उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।

    29 अगस्त की बाढ़ में 563 घर क्षतिग्रस्त
    चित्रकूट में 29 अगस्त को आई बाढ़ को अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ बताया गया था। इस दौरान करीब 563 घरों के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट सामने आई है। टीमें लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं। मंगलवार सुबह फिर आई बाढ़ से रामघाट, तरौंहा सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन अब तक 700 से अधिक राशन किट बांट चुका है।

    कानपुर और आसपास के जिलों में 4 मौतें
    लगातार बारिश के बीच पिछले 24 घंटे में कानपुर और आसपास के जिलों में कच्चे मकान और दीवार गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हुए हैं।

    कानपुर के महाराजपुर में मंगलवार सुबह कच्चा मकान गिरने से मलबे में दबकर शकुंतला विश्वकर्मा (56) की मौत हो गई। हरदोई के बेनीगंज में सोमवार रात कच्ची दीवार गिरने से हरिपाल (72) की जान चली गई। लोनार में कच्ची कोठरी ढहने से दंपती समेत चार लोग घायल हुए हैं।

    बांदा के मरका क्षेत्र में सोमवार को कच्चे मकान की दीवार गिरने से हिमांशु (7) की मौत हो गई। वहीं कानपुर देहात के शिवली में मंगलवार सुबह कच्चा घर ढहने से सात माह की मासूम शानवी की मौत हो गई। हादसे में बुजुर्ग दंपती समेत चार लोग घायल हुए हैं।

  • कानपुर में BSF परीक्षा में बवाल: सिस्टम बंद, बिना चेकिंग एंट्री और पेपर लीक का आरोप, एग्जाम रद्द

    कानपुर में BSF परीक्षा में बवाल: सिस्टम बंद, बिना चेकिंग एंट्री और पेपर लीक का आरोप, एग्जाम रद्द

    कानपुर। कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर बुधवार को आयोजित BSF कांस्टेबल (मिनिस्ट्रियल) की परीक्षा हंगामे और बवाल की भेंट चढ़ गई। तकनीकी खामियों, बिना चेकिंग परीक्षार्थियों को प्रवेश देने और पेपर लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षार्थियों ने केंद्र पर जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। करीब चार घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन और BSF अधिकारियों के हस्तक्षेप से परीक्षा रद्द कर दी गई। अब यह परीक्षा 18 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

    40 मिनट तक बंद रहे सिस्टम, कीबोर्ड-माउस ने भी दिया जवाब
    परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों का आरोप था कि पहली पाली शुरू होते ही करीब 40 मिनट तक कंप्यूटर सिस्टम बंद रहे। सिस्टम चालू होने के बाद भी कई कंप्यूटरों में कीबोर्ड और माउस काम नहीं कर रहे थे, जबकि केवल CPU चालू था। परीक्षार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा हॉल में बिजली की समस्या के कारण लाइट और पंखे तक नहीं चल रहे थे। बारिश और उमस के बीच जब छात्रों ने इन समस्याओं को लेकर शिकायत की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

    मुंबई से आई छात्रा ने लगाया बिना चेकिंग प्रवेश का आरोप
    मुंबई से परीक्षा देने पहुंची छात्रा शालिनी बागुन ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को बिना किसी चेकिंग के सीधे अंदर प्रवेश दिया गया था। तकनीकी समस्याओं और बिजली कटौती के बीच छात्रों का गुस्सा बढ़ता गया। इसके बाद आक्रोशित परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र के सिस्टम में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

    मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात
    हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह के साथ चकेरी, कैंट, जाजमऊ, नौबस्ता और रेलबाजार थानों की पुलिस फोर्स को भी मौके पर तैनात किया गया। प्रदर्शन कर रहे परीक्षार्थियों की मांग थी कि जब तक BSF के आधिकारिक पोर्टल पर अगली परीक्षा की तारीख जारी नहीं होती, तब तक वे प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे।

    ADG BSF से बात के बाद रद्द हुई परीक्षा
    बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने तत्काल ADG BSF मकरंद देवेशकर से संपर्क किया। इसके बाद परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया और अगली परीक्षा की तारीख 18 सितंबर तय की गई।

    ACM बोलीं- ऐसे सेंटरों को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए
    मौके पर पहुंचीं ACM-2 कैंट शिखा शुक्ला ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही करने वाले परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की बात कही।

    उल्लेखनीय है कि राजस्थान और जयपुर के परीक्षा केंद्रों पर भी इसी तरह की गड़बड़ियों की खबरें सामने आई हैं। फिलहाल कानपुर में पेपर लीक के आरोपों समेत परीक्षा केंद्र पर हुई अव्यवस्थाओं की जांच को लेकर भी निगाहें टिकी हैं।

  • UP के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात, सैलरी में 7 हजार रुपए तक बढ़ोतरी, बीमा कवर भी

    UP के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात, सैलरी में 7 हजार रुपए तक बढ़ोतरी, बीमा कवर भी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने उनकी सैलरी में 7 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकोस) की वेबसाइट और लोगो लॉन्च किया। इस दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों को चेक भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।

    सरकार के मुताबिक, आउटसोर्स कर्मचारियों को 50 लाख रुपए तक का बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अलावा आकस्मिक दवा के लिए 5 लाख रुपए और एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।

    एक ही पोर्टल पर होगा सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का रिकॉर्ड
    यूपीकोस के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। अभी कर्मचारियों से संबंधित जानकारी अलग-अलग विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के स्तर पर रखी जाती है। नई व्यवस्था में इन सभी रिकॉर्ड को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी।

    भर्ती से लेकर भुगतान तक की जानकारी पोर्टल पर दर्ज होगी
    यूपीकोस के पोर्टल पर कर्मचारी की भर्ती, तैनाती, उपस्थिति और भुगतान से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस विभाग में कितने आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं और उन्हें कितना भुगतान किया जा रहा है। कर्मचारियों की सेवा से संबंधित रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। जरूरत पड़ने पर किसी कर्मचारी की तैनाती, भुगतान या सेवा रिकॉर्ड की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म से देखी जा सकेगी।

    एजेंसियों की प्रक्रिया पर भी होगी निगरानी
    नई व्यवस्था लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, तैनाती और भुगतान की प्रक्रिया पर निगरानी आसान होने की उम्मीद है। अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से होने वाली प्रक्रिया में रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़ी गड़बड़ियों की गुंजाइश कम करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से काम कर रहे हैं। नई व्यवस्था का सीधा असर इन कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और भुगतान व्यवस्था से जुड़े प्रबंधन पर पड़ेगा।

  • बुलंदशहर के शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    बुलंदशहर के शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    बुलंदशहर। शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कैंसर का इलाज करा रहे थे। उनके निधन की खबर से बुलंदशहर जिले और शिकारपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अनिल शर्मा योगी सरकार में वन राज्य मंत्री भी रह चुके थे। इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

    कम उम्र में निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए थे
    अनिल शर्मा बुलंदशहर के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के सुरजावली गांव के रहने वाले थे। उन्होंने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रखा और ग्राम सुरजावली के निर्विरोध प्रधान चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ते हुए विधानसभा चुनाव लड़ा।

    2002 में पहली बार बने विधायक
    अनिल शर्मा ने वर्ष 2002 में खुर्जा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2007 में भी उन्होंने खुर्जा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और लगातार दूसरी बार विधायक बने। वर्ष 2012 में उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।

    2017 में भाजपा के टिकट पर जीते, योगी सरकार में बने मंत्री
    भाजपा में शामिल होने के बाद अनिल शर्मा ने वर्ष 2017 में शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें प्रदेश की योगी सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2022 में भी उन्होंने भाजपा के टिकट पर शिकारपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस तरह वह शिकारपुर से भाजपा विधायक के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा कर रहे थे। अनिल शर्मा के निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर है।

  • अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक, 3 नए सदस्य बनाए गए, CEO के नाम पर मंथन जारी

    अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक, 3 नए सदस्य बनाए गए, CEO के नाम पर मंथन जारी

    अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक अयोध्या की मणिरामदास छावनी में चल रही है। बैठक में ट्रस्ट के लिए तीन नए सदस्यों की घोषणा की गई है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और अयोध्या की निर्मला यादव शामिल हैं। बैठक में अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती सहित अन्य ट्रस्टी मौजूद हैं।

    राम मंदिर के पहले CEO के नाम पर अंतिम मंथन
    बैठक का सबसे अहम एजेंडा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप चुकी है। बताया जा रहा है कि कमेटी ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट के सामने रखा है। अब ट्रस्ट इन नामों पर चर्चा कर अंतिम नाम तय कर सकता है। बैठक के दूसरे चरण में ट्रस्ट से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।

    पूर्व IPS राजेश पांडेय की दावेदारी सबसे मजबूत बताई जा रही
    CEO पद की चर्चा में पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। उनकी दावेदारी की खास वजह सिर्फ पुलिस और प्रशासनिक अनुभव नहीं है। वह लखनऊ के अलीगंज स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर ट्रस्ट के सचिव भी हैं। इस वजह से उन्हें मंदिर प्रशासन और धार्मिक संस्थान के प्रबंधन का प्रत्यक्ष अनुभव भी हासिल है। राम मंदिर CEO के लिए यह अनुभव उनकी प्रोफाइल को अलग महत्व देता है।

    CEO के सामने होंगी कई बड़ी जिम्मेदारियां
    राम मंदिर CEO की भूमिका केवल प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं होगी। अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय, VIP और आम श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं तथा मंदिर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां भी CEO के सामने रहेंगी।

    इसी वजह से सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की जटिलताओं का अनुभव रखने वाले राजेश पांडेय की दावेदारी को खास माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला ट्रस्ट को ही करना है।

    बैठक में ये प्रमुख ट्रस्टी और आमंत्रित सदस्य मौजूद
    1. महंत नृत्य गोपाल दास
    2. कमलनयन दास
    3. स्वामी गोविंद देव गिरी
    4. डॉ. कृष्ण मोहन
    5. दिनेंद्र दास जी महाराज
    6. दिनेश चंद्र जी
    7. बजरंग बांगड़ा
    8. जगदीश आफले
    9. राज गोपाल मिनियार
    10. समीर पांडा

    ट्रस्ट डीड और नियमावली में संशोधन पर भी चर्चा
    CEO की नियुक्ति के अलावा ट्रस्ट की डीड और न्यास नियमावली में संशोधन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है। बैठक दोपहर 3 बजे ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होनी है। अधिकांश ट्रस्टी अयोध्या पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ सदस्य ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल होंगे।

    बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन ने रामलला के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। दोनों ने मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद बैठक की तैयारियों में हिस्सा लिया।

    चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की वापसी पर भी नजर
    बैठक में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को लेकर भी निर्णय अहम माना जा रहा है। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। हालांकि पिछले कुछ समय में दोनों की सामाजिक गतिविधियां बढ़ी हैं।

    ऐसे में ट्रस्ट में उनकी संभावित वापसी को लेकर अटकलें भी तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच की मौजूदा स्थिति में चंपत राय को लेकर राहत की बात सामने आने के बाद उनके दोबारा ट्रस्ट से जुड़ने की संभावना पर चर्चा हो सकती है। डॉ. अनिल मिश्र को लेकर ट्रस्ट क्या फैसला करता है, इस पर भी नजर रहेगी। अंतिम तस्वीर बैठक के बाद ही साफ होगी।

    संघ और VHP पदाधिकारियों के अयोध्या पहुंचने से बढ़ी हलचल
    बैठक से पहले संघ और विश्व हिंदू परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के भी अयोध्या पहुंचने की सूचना है। VHP महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा, संरक्षक दिनेश चंद्र और संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह के अयोध्या पहुंचने की जानकारी है। संघ और VHP पदाधिकारियों ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि से मुलाकात भी की। बंद कमरे में हुई इस बैठक के बाद ट्रस्ट की अहम बैठक को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

  • मेडिकल ऑफिसर से MTS तक भर्ती: PGIMER ने जारी किया नोटिफिकेशन 19 अक्टूबर तक करें आवेदन

    मेडिकल ऑफिसर से MTS तक भर्ती: PGIMER ने जारी किया नोटिफिकेशन 19 अक्टूबर तक करें आवेदन


    नई दिल्ली। चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च यानी PGIMER ने नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए भर्ती का शानदार मौका दिया है। संस्थान ने विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर कुल 60 रिक्तियां घोषित की हैं। इनमें PGIMER चंडीगढ़ में ग्रुप C के 57 पद शामिल हैं जबकि पंजाब के संगरूर स्थित PGI सैटेलाइट सेंटर में ग्रुप A B और C के 3 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 सितंबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

    PGIMER चंडीगढ़ में जिन 57 पदों पर भर्ती होगी उनमें लाइब्रेरी अटेंडेंट ग्रेड I का एक पद एनिमल अटेंडेंट का एक पद नाई का एक पद और मल्टी टास्किंग स्टाफ सफाई ग्रेड III के 54 पद शामिल हैं। वहीं PGI सैटेलाइट सेंटर संगरूर के लिए मेडिकल ऑफिसर ग्रुप A का एक पद कंप्यूटर प्रोग्रामर ग्रुप B का एक पद और फार्मासिस्ट ग्रेड II ग्रुप C का एक पद निर्धारित किया गया है।

    मेडिकल ऑफिसर के पद के लिए उम्मीदवार के पास मान्य मेडिकल क्वालिफिकेशन होना जरूरी है। इसके साथ ही संबंधित स्टेट मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन और परिवार नियोजन तथा शैक्षिक तरीकों से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी। संबंधित स्पेशलिटी में पोस्टग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    कंप्यूटर प्रोग्रामर पद के लिए गणित सांख्यिकी ऑपरेशन रिसर्च फिजिक्स इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस से जुड़ी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता मांगी गई है। इसके अलावा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग या इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर के संचालन से संबंधित अनुभव भी आवश्यक होगा। फार्मासिस्ट ग्रेड II के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता के साथ फार्मेसी में डिप्लोमा और फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

    लाइब्रेरी अटेंडेंट के लिए साइंस विषय के साथ मैट्रिक लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा और संबंधित अनुभव मांगा गया है। एनिमल अटेंडेंट के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता के साथ हिंदी अंग्रेजी या पंजाबी जैसी किसी भाषा में पढ़ने और लिखने की क्षमता जरूरी होगी। नाई के पद के लिए मैट्रिक पास होने के साथ कम से कम दो साल का अनुभव चाहिए। वहीं MTS पद के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता और सफाई संबंधी कार्यों की जानकारी आवश्यक है।

    आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु पद के अनुसार 30 से 35 वर्ष तक निर्धारित की गई है। आयु की गणना आवेदन की अंतिम तारीख के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी।

    चयन प्रक्रिया में आवेदन की स्क्रीनिंग के बाद कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT स्किल टेस्ट इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन जैसे चरण शामिल हो सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार 18000 रुपये से लेकर 177500 रुपये प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी।

    आवेदन शुल्क सामान्य OBC और EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 1500 रुपये निर्धारित किया गया है जबकि SC और ST उम्मीदवारों को 800 रुपये शुल्क देना होगा। बेंचमार्क दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 3 सितंबर से PGIMER की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर 2026 है इसलिए उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन कर दें।

  • समुद्र का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, मुंबई-कोलकाता में लाखों लोगों के घर डूबने का संकट

    समुद्र का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, मुंबई-कोलकाता में लाखों लोगों के घर डूबने का संकट


    संयुक्त राष्ट्र।
    समुद्र के बढ़ते जलस्तर का खतरा अब भविष्य की आशंका भर नहीं रह गया है। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि भारत के मुंबई और कोलकाता जैसे तटीय शहरों में लाखों लोगों के सामने विस्थापन का तत्काल खतरा पैदा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र का जलस्तर बढ़ने और जमीन के स्थायी रूप से पानी में डूबने के कारण बड़ी आबादी को आने वाले समय में अपने घर गंवाने पड़ सकते हैं।

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट ‘समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से जुड़ी चुनौतियां तथा उनसे निपटने के तरीके और उपाय’ में कहा गया है कि समुद्र का बढ़ता जलस्तर अब दूर का या भविष्य का खतरा नहीं है। यह प्रक्रिया पहले से जारी है और दर्ज इतिहास में किसी भी दौर की तुलना में तेज गति से हो रही है।

    सिर्फ तटीय इलाकों का नहीं, पूरे शहरों का संकट

    रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर पहले से ही शहरी बुनियादी ढांचे पर दिखाई देने लगा है। जल आपूर्ति व्यवस्था, परिवहन नेटवर्क, ऊर्जा ग्रिड, इमारतों और भूजल संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है।

    इसका असर सिर्फ संपत्ति तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि समुद्र का बढ़ता स्तर मानवाधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल, दीर्घकालिक विकास और वित्तीय स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती बन रहा है।

    मुंबई-कोलकाता समेत इन शहरों पर ज्यादा असर

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में जोखिम का स्वरूप अलग-अलग क्षेत्रों में अलग बताया गया है। अमेरिका के मियामी और न्यूयॉर्क तथा चीन के ग्वांगझू जैसे उच्च आय वाले शहरों में सबसे बड़ा खतरा तटीय बुनियादी ढांचे और संपत्तियों को होने वाले भारी वित्तीय नुकसान का है।

    अनुमान के मुताबिक इन शहरों में करीब 2,000 अरब से 3,500 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति जोखिम में है।

    इसके उलट दक्षिण एशिया के निचले डेल्टा क्षेत्रों और मुंबई, कोलकाता तथा ढाका जैसे शहरों में सबसे बड़ा खतरा लोगों के विस्थापन का है। रिपोर्ट के अनुसार यहां 1.4 करोड़ से अधिक लोगों के घरों के स्थायी रूप से पानी में डूबने का तत्काल खतरा है।

    सिर्फ पैसों में नहीं मापा जा सकता नुकसान

    रिपोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि तटीय क्षेत्रों के जोखिम का आकलन केवल आर्थिक नुकसान के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। इसमें मानवीय जिंदगी, विस्थापन और सामाजिक प्रभाव को भी वित्तीय जोखिमों के बराबर महत्व देने की जरूरत है।

    संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, समुद्र का बढ़ता जलस्तर तटीय समुदायों की कमजोरियों को और बढ़ा रहा है। इसलिए जोखिम का आकलन करने के मौजूदा तरीकों को ज्यादा व्यापक बनाने की जरूरत है।

    स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा गंभीर असर

    समुद्र के बढ़ते जलस्तर का असर जनस्वास्थ्य पर भी पड़ने की आशंका है। तटीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने, स्वच्छता व्यवस्था बाधित होने, चोट और मौत के जोखिम में वृद्धि की आशंका जताई गई है।

    रिपोर्ट में मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को भी रेखांकित किया गया है। लगातार बाढ़, घर और आजीविका खोने का डर तथा संभावित विस्थापन लोगों में मानसिक तनाव बढ़ा सकता है।

    समुद्र का बढ़ता स्तर और जमीन का धंसना, दोहरी मार

    संयुक्त राष्ट्र ने यह भी चेताया है कि समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी और जमीन के धंसने का संयुक्त प्रभाव तटीय बाढ़ के खतरे को और गंभीर बना रहा है।

    इससे तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ जान-माल, आजीविका और महत्वपूर्ण जलीय पारिस्थितिकी तंत्र से मिलने वाली सेवाओं एवं आवासों का नुकसान बढ़ सकता है।

    रिपोर्ट का संदेश स्पष्ट है कि समुद्र का बढ़ता जलस्तर अब आने वाले दशकों की समस्या नहीं, बल्कि वर्तमान समय में सामने आ रही ऐसी चुनौती है, जिसके सामाजिक, आर्थिक और मानवीय प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल तैयारी जरूरी है।

  • क्रिटिकल मिनरल्स पर मिलकर काम करेंगे भारत-अमेरिका, जी20 बैठक में हुई बड़ी डील

    क्रिटिकल मिनरल्स पर मिलकर काम करेंगे भारत-अमेरिका, जी20 बैठक में हुई बड़ी डील


    एशविले।
    भारत और अमेरिका (India and America) ने अपने लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संबंधों के तहत महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई है। यह सहमति वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) और अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (US Treasury Secretary Scott Bessent) के बीच हुई बातचीत के बाद बनी है।

    दोनों नेताओं की मुलाकात सोमवार को नॉर्थ कैरोलिना (North Carolina) के एशविले में जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक (G 20 Meeting) के दौरान हुई। इस बैठक में महत्वपूर्ण खनिजों और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला को भारत-अमेरिका आर्थिक संवाद के केंद्र में रखा गया। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को स्वीकार किया और कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।

    केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट को इस साल के अंत में नई दिल्ली आने का न्योता दिया, ताकि भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी बैठक हो सके। इस प्रस्तावित दौरे से दोनों सरकारों को आर्थिक और वित्तीय सहयोग की समीक्षा करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का एक और मौका मिलेगा, जिनमें साझेदारी का विस्तार किया जा सकता है।

    भारत के वित्त मंत्रालय के अनुसार, बेसेंट ने जी7 प्लस ढांचे में भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों पर जी7 के नेतृत्व वाले संवादों में भारत की भागीदारी का भी स्वागत किया।


    महत्वपूर्ण खनिजों पर दोनों देश क्यों साथ आए?

    मंत्रालय ने बताया कि ये चर्चाएं आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने और शोध व तकनीक साझा करने के उद्देश्य से की जा रही हैं। महत्वपूर्ण खनिज प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक और रणनीतिक चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। एशविले में हुई बैठक ने भारत और अमेरिका को इस मुद्दे को अपनी व्यापक वित्तीय और आर्थिक साझेदारी से जोड़ने का अवसर दिया।

    सीतारमण-बेसेंट की बैठक ने इस बात को भी रेखांकित किया कि दोनों सरकारें आर्थिक मामलों पर नियमित उच्च-स्तरीय संपर्क बनाए रखने को कितना महत्व देती हैं। उनकी यह चर्चा ऐसे समय में हुई जब वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और विकास व वित्तीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विचार करने के लिए एशविले में जुटे थे।


    भारत के लिए यह सहयोग क्यों अहम है?

    भारत के लिए महत्वपूर्ण खनिज संवादों में भागीदारी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर आपूर्ति-श्रृंखला सुरक्षा, शोध और तकनीक पर काम करने का एक अवसर प्रदान करती है। अमेरिका के लिए, भारत की भागीदारी इन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संसाधनों से जुड़े प्रयासों में एक बड़ी अर्थव्यवस्था और एक महत्वपूर्ण उभरते बाजार को जोड़ती है।

    वित्त मंत्री बेसेंट को दिया गया न्योता इस बात का भी संकेत है कि आर्थिक और वित्तीय साझेदारी नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी रहेगी। यह व्यवस्था दोनों देशों को मंत्रिस्तरीय स्तर पर व्यापक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने की अनुमति देती है।


    नई दिल्ली में बैठक कब होगी?

    इस साल के अंत में नई दिल्ली में प्रस्तावित बैठक एशविले वार्ता के बाद इन परामर्शों को जारी रखेगी। वित्त मंत्रालय ने नई दिल्ली बैठक की कोई तारीख नहीं बताई। उसने यह भी खुलासा नहीं किया कि दोनों देश महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर किन विशिष्ट पहलों को आगे बढ़ा सकते हैं।


    महत्वपूर्ण खनिज आखिर क्यों जरूरी हैं?

    महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग कई उद्योगों में होता है, जिनमें स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, रक्षा विनिर्माण और उन्नत तकनीक शामिल हैं। सरकारें अब अपने स्रोतों में विविधता लाने और केंद्रित आपूर्ति श्रृंखला के कारण होने वाले व्यवधानों के जोखिम को कम करने पर तेजी से ध्यान दे रही हैं।

  • देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी

    देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) एक बार फिर देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिया हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश हुई है। उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाओं में 3 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि असम के गुवाहाटी में भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन सदस्य समेत चार जिंदा दफन हो गए। मौसम विभाग ने सक्रिय मानसून के चलते 7 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कम से कम 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी (Heavy rain warning) दी है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में तेज बारिश होने की संभावना है।


    भूस्खलन के कारण जनहानि

    हल्द्वानी से मिली जानकारी के मुताबिक, अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में सोमवार रात भूस्खलन की चपेट में आए घर में सो रही एक महिला और उसके दो बच्चों की दबने से मौत हो गई। जिले के धार की तूनी क्षेत्र में देर रात पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि भीमताल बाईपास पर नाले में बहने से चार साल की बच्ची की जान चली गई।


    नदी के उफान में बह गईं मां-बेटी

    देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में मंगलवार तड़के बरसाती रपटे में आए तेज बहाव से दो गाड़ियां बह गई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को बचा लिया गया। कोटद्वार में कोल्हू नदी के उफान में महिला और उसकी एक साल की बेटी बह गई।


    उत्तराखंड में नदियां उफनाई, रास्ते बंद

    उत्तराखंड में कई नदियां उफान पर हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में बारिश से सभी नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नानकसागर बांध से 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शारदा नदी का जलस्तर मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण बैराज पर चार पहिया वाहनों का संचालन रोक दिया गया। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 1,48,813 क्यूसेक दर्ज किया गया।


    जम्मू-कश्मीर में बारिश से कई रास्ते बाधित

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। पुंछ जिले में कई नाले उफान पर आ गए। पुंछ-मेंढर मार्ग पर गांव मंगनाड़ में मंगनाड़ नाले के उफान पर आने से मार्ग करीब दो घंटे बाधित रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कठुआ जिले के बिलावर और रामकोट क्षेत्रों में भी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में कठुआ में 73 मिलीमीटर, कटड़ा में 62, पुंछ में 38.5 मिमी बारिश हुई।


    नदी का जलस्तर बढ़ा, 6 बच्चों समेत 10 फंसे

    जम्मू-कश्मीर के ही राजोरी जिले में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बीच विभिन्न इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसी दौरान बढून क्षेत्र में जमौला नदी में जलस्तर बढ़ने से 6 बच्चों समेत 10 लोग नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने तत्काल संयुक्त बचाव अभियान चलाकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जमौला नदी में पानी बढ़ने से कुछ लोग अचानक उसमें फंस गए थे। पुलिस जवानों और एसडीआरएफ टीम ने तुरंत पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए नदी में फंसे 10 लोगों, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला।


    कालका-शिमला ट्रैक 13 तक बंद

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ब्रिज नंबर 57 के पास मिट्टी बहने से नैरो गेज ट्रेनों का संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनों को 13 सितंबर तक रद्द कर दिया है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और ट्रैक को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।