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  • गोवा अग्निकांड: लूथरा ब्रदर्स को जल्द लाया जा सकता है भारतथाइलैंड से प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू

    गोवा अग्निकांड: लूथरा ब्रदर्स को जल्द लाया जा सकता है भारतथाइलैंड से प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू


    नई दिल्ली । गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में 6 दिसंबर को हुए भयंकर अग्निकांड में कम से कम 25 लोग मारे गए थेजिनमें क्लब के कई कर्मचारी भी शामिल थे। इस हादसे के बाद नाइटक्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरादोनों भाईथाइलैंड के फुकेट भाग गए थे। गोवा पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी थीऔर अब खबर है कि उन्हें अगले 24 से 48 घंटे में भारत लाया जा सकता है।

    सरकारी सूत्रों के अनुसारलूथरा भाइयों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही हैऔर जल्द ही उन्हें थाइलैंड से भारत लाया जा सकता है। विदेश मंत्रालय ने उनके पासपोर्ट को कैंसल कर दिया है और इंटरपोल ने उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है। इसके अलावादिल्ली की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थीजिसमें उन्होंने यह दावा किया था कि गोवा में उनकी जान को खतरा है और उन्हें पीट-पीट कर मार डाला जाएगा।

    अग्निकांड के बाद गोवा पुलिस ने क्लब के पांच कर्मचारियों और प्रबंधकों को गिरफ्तार किया है। इन कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही हैजबकि सौरभ और गौरव लूथरा की गिरफ्तारी के लिए कार्यवाही चल रही है। जांच समितिजो इस घटना की गहन जांच कर रही हैने गोवा के अन्य प्रमुख व्यक्तियोंजैसे क्लब के जमीन के मालिक प्रदीप घाडी अमोणकर और आरपोरा-नागोवा के सरपंच रोशन रेडकर से भी पूछताछ की है। अमोणकर को गहन पूछताछ के लिए शनिवार देर रात तक तलब किया गया था।
    सरकार की ओर से लूथरा भाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उनके प्रत्यर्पण के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस भीषण अग्निकांड के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को न्याय दिलाया जा सके।

  • इसरो के अगले साल के सात प्रमुख मिशन: गगनयान से लेकर क्वांटम-की वितरण तक

    इसरो के अगले साल के सात प्रमुख मिशन: गगनयान से लेकर क्वांटम-की वितरण तक


    नई दिल्ली । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने अगले साल मार्च तक सात महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों की योजना बनाई है। इनमें कई नई प्रौद्योगिकियां और भारतीय अंतरिक्ष यात्रा के प्रमुख मील के पत्थर शामिल हैं। इनमें से एक प्रमुख मिशन 2026 में होने वाला गगनयान का पहला मानवरहित अभियान होगाजो भारत के मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान की शुरुआत का संकेत देगा। इसके अलावाइसरो द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित इलेक्ट्रिक प्रणोदन प्रणालियों और क्वांटम-की वितरण जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का परीक्षण भी किया जाएगा।
    इसरो के मुताबिकपहले मिशन की शुरुआत अगले हफ्ते की संभावना हैजिसमें भारत का सबसे भारी रॉकेटएलवीएम3‘ब्लूबर्ड-6’ संचार उपग्रह को अंतरिक्ष में स्थापित करेगा। यह रॉकेट इसरो की न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड और अमेरिकी कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल के बीच एक वाणिज्यिक करार के तहत उड़ान भरेगा। एलवीएम3जिसे ह्यूमन रेटेड माना जाता है2026 की शुरुआत में फिर से उड़ान भरेगा और गगनयान के तहत भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन का पहला मानवरहित यानव्योममित्रलेकर अंतरिक्ष की कक्षा में प्रवेश करेगा।
    गगनयान मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को 2027 में पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजे जाने की योजना है। इसके पहलेअगले साल एक और मानवरहित मिशन लॉन्च किया जाएगाजो गगनयान के विभिन्न पहलुओं का आकलन करेगा। इस मिशन में ह्यूमन रेटेड प्रक्षेपण वाहन के वायुगतिकीय पैमानेकक्षीय मॉड्यूल के प्रदर्शन और चालक दल मॉड्यूल के पुनः प्रवेश एवं पुनर्प्राप्ति की प्रक्रिया को परखा जाएगा।
    इसके अलावाइसरो द्वारा पहली बार उद्योग जगत द्वारा निर्मित ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी का प्रक्षेपण भी किया जाएगा। इस मिशन में ओशनसैट उपग्रह को कक्षा में स्थापित किया जाएगासाथ ही भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह और ध्रुव स्पेस का लीप-2 उपग्रह भी भेजा जाएगा। पीएसएलवी रॉकेट में एक अन्य महत्वपूर्ण मिशनईओएस-एन1और 18 छोटे उपग्रहों को कक्षा में भेजने की योजना है।
    इसरो के अनुसार2026 में और भी महत्वपूर्ण मिशन हो सकते हैंजिनमें क्वांटम-की वितरण और स्वदेशी यात्रा-तरंग नली प्रवर्धक जैसी नई प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन शामिल है। इसरो द्वारा किए गए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत एचएएल-एलएंडटी कंसोर्टियम को पांच पीएसएलवी रॉकेट के निर्माण का ठेका भी दिया गया हैजिससे उपग्रहों के वाणिज्यिक प्रक्षेपण को बढ़ावा मिलेगा।
    इसरो के इन मिशनों से न केवल भारत की अंतरिक्ष यात्रा की दिशा स्पष्ट होगीबल्कि ये वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में भारत की ताकत को भी प्रमाणित करेंगे। इसरो की ये योजनाएं आने वाले वर्षों में भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
  • यूपी में कफ सिरप रैकेट का बड़ा खुलासा: 700 से अधिक फर्जी फर्मों से अरबों की कमाई, ईडी ने कहा-ऐसा फर्जीवाड़ा पहले कभी नहीं देखा

    यूपी में कफ सिरप रैकेट का बड़ा खुलासा: 700 से अधिक फर्जी फर्मों से अरबों की कमाई, ईडी ने कहा-ऐसा फर्जीवाड़ा पहले कभी नहीं देखा


    नई दिल्ली।उत्तर प्रदेश/ प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने उत्तर प्रदेश में कफ सिरप रैकेट को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। ईडी के अनुसार-इस रैकेट में 700 से अधिक फर्जी फर्मों के जरिए अरबों रुपये की कमाई की गई-और यह यूपी में अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा माना जा रहा है। जांच में यह सामने आया है कि अधिकांश फर्में केवल कागजों में ही मौजूद थीं और इनके अधिकृत अधिकारी भी केवल दस्तावेजों में थे। ईडी की टीम ने उत्तर प्रदेश-गुजरात और झारखंड में 25 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। इन तीन प्रदेशों में 40 घंटे से अधिक की जांच में रैकेट का पूरा नेटवर्क उजागर हुआ। शुरुआती साक्ष्यों के अनुसार-220 संचालकों के नाम से यह 700 से अधिक फर्जी फर्में बनाई गईं। इन फर्मों के माध्यम से अरबों रुपये की कमाई हुई-जबकि कई कंपनियों के अधिकारी इस अवैध कारोबार की जानकारी रखते हुए भी चुप्पी साधे रहे।

    ईडी ने मास्टरमाइंड्स पर शिकंजा कसा

    ईडी ने रैकेट के मुख्य आरोपियों-शुभम जायसवाल-पूर्व सांसद के करीबी आलोक सिंह और अमित टाटा-के ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। एसटीएफ की पिछले साल की जांच के दौरान ये आरोपी कुछ हद तक सुरक्षित महसूस कर रहे थे-लेकिन ईडी की कार्रवाई ने उनके खेमे में खलबली मचा दी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शुभम जायसवाल के पिता-भोला प्रसाद जायसवाल-के खातों में भी संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। दुबई में छिपे मास्टरमाइंड्स के अलावा इन खातों और फर्मों के माध्यम से अन्य नाम भी जांच में सामने आएंगे। रांची और धनबाद में भी कुछ फर्मों से रकम का आदान-प्रदान हुआ है-जिसकी गहराई से जांच जारी है।

    फर्जीवाड़े की तकनीक और प्रणाली पर सवाल
    ईडी के अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से फर्जीवाड़ा किया गया-उसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। फेंसेडिल सिरप बनाने वाली कंपनी के कई अधिकारियों ने रैकेट की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। फर्जी फर्मों और खातों के माध्यम से यह कारोबार पूरी तरह से कागजों तक सीमित नहीं रहा अरबों रुपये का लेन-देन हुआ और धन शुद्धिकरण का खेल खेला गया।

    आगे की कार्रवाई

    ईडी ने कहा है कि वे अब इन फर्जी फर्मों और संबंधित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू करेंगे। इसके अलावा-जीएसटी विभाग से फर्मों की सूची भी प्राप्त की जाएगी-जिससे जांच का दायरा और बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि अभी कई और फर्जी फर्में और संदिग्ध नाम सामने आने बाकी हैं।उत्तर प्रदेश में कफ सिरप रैकेट का यह खुलासा न केवल अवैध कारोबार की जटिलता को दर्शाता है-बल्कि प्रशासनिक और कानूनी सिस्टम की कमजोरी को भी उजागर करता है। ईडी की इस कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस रैकेट के सभी मुख्य आरोपियों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे और अवैध कमाई की जाँच पूरी की जाएगी।

  • मनरेगा की जगह अब आएगा 'G Ram G'125 दिन रोजगार की गारंटी वाला नया बिल संसद में पेश होगाBJP ने जारी किया व्हिप

    मनरेगा की जगह अब आएगा 'G Ram G'125 दिन रोजगार की गारंटी वाला नया बिल संसद में पेश होगाBJP ने जारी किया व्हिप


    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करने की योजना बनाई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा के स्थान पर एक नया विधेयक लाने की तैयारी हैजिसे ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण 2025’ नाम दिया गया है। इस विधेयक को संक्षेप में VB-G RAM G कहा जाएगा। इस नए बिल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आजीविका के लिए एक नया और अधिक मजबूत ढांचा तैयार करना हैजो गरीब और पिछड़े समुदायों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सके।

    मनरेगा की जगह VB-G RAM G

    मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को ग्रामीण भारत में रोजगार की स्थिरता देने वाला एक महत्वपूर्ण कानून माना जाता है। यह कानून ग्रामीण इलाकों के बेरोजगारों को कम से कम 100 दिन का रोजगार मुहैया कराता है। हालांकियह योजना कई मायनों में विफल रही है और सरकार ने अब इसे बदलने का निर्णय लिया है। नए विधेयक का मकसद रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिनों तक करना है और इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में नई रोजगार योजनाओं को लागू करना है।

    क्या है VB-G RAM G का उद्देश्य

    ‘VB-G RAM G’ विधेयक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और जीवन यापन को बेहतर बनाना है। यह विधेयक न केवल रोजगार की गारंटी देगाबल्कि इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर और स्वरोजगार के विकल्प भी पैदा होंगे। इसके अलावायह योजनाएं ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार करनेग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और महिलाओं तथा युवा वर्ग को रोजगार में अधिक शामिल करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगी।

    125 दिन रोजगार की गारंटी

    VB-G RAM G के तहतसरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन का रोजगार देने का वादा कर रही है। इससे पहले मनरेगा में 100 दिन तक रोजगार की गारंटी दी जाती थी। यह कदम सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में स्थिर रोजगार और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है। इसके तहत ग्रामीण कामकाजी वर्ग को लंबे समय तक रोजगार प्राप्त होगाजिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    BJP ने जारी किया व्हिप

    सूत्रों के मुताबिककेंद्र सरकार ने अपने विधायकों और सांसदों को इस विधेयक के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया है। भाजपा ने सुनिश्चित किया है कि इस विधेयक के समर्थन में पूरी पार्टी एकजुट रहेताकि इसे संसद में जल्दी से पास किया जा सके। पार्टी का मानना है कि यह नया विधेयक ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।

    नए विधेयक की संभावित विशेषताएं

    125 दिन रोजगार की गारंटी: यह मनरेगा से एक कदम आगे होगाजहां ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिन तक काम मिल सकेगा। स्वरोजगार को बढ़ावा: इस विधेयक में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं बनाई जाएंगी। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार: इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास करने का भी प्रस्ताव हैजिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता: महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष रोजगार अवसर दिए जाएंगे। नई परियोजनाओं की शुरुआत: ग्रामीण विकासजल संरक्षणशिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

    क्या होगा मनरेगा के स्थान पर

    मनरेगा को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जाएगाबल्कि इसे नए विधेयक के तहत अपडेट किया जाएगा। जहां मनरेगा में मुख्य रूप से फिजिकल कामों पर ध्यान केंद्रित किया गया थावहीं VB-G RAM G का उद्देश्य रोजगार के अवसरों को और विस्तारित करना हैताकि अधिक से अधिक लोगों को फायदा हो सके।

    आखिरकारइस विधेयक का क्या असर होगा

    ‘VB-G RAM G’ विधेयक के लागू होने से यह उम्मीद की जा रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की स्थिरता में सुधार होगा और श्रमिकों को अधिक काम मिलेगा। इससे न केवल गांवों में आर्थिक सुधार होगाबल्कि यह राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में रोजगार की गारंटी देने के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम हैऔर यह देश के किसानों और श्रमिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकिइसे लेकर विपक्ष में विभिन्न विचार हो सकते हैंलेकिन इसे ग्रामीण विकास और रोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।

  • घने कोहरे से उत्तर भारत में हाहाकार यूपी-राजस्थान में बड़े हादसे दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स लेट

    घने कोहरे से उत्तर भारत में हाहाकार यूपी-राजस्थान में बड़े हादसे दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स लेट


    नई दिल्ली । भारत में घने कोहरे के कारण रविवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कोहरे ने न केवल दृश्यता को कम किया बल्कि कई सड़क हादसों को भी जन्म दिया जिनमें कई लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। उत्तर प्रदेश राजस्थान और पंजाब में बड़े सड़क हादसे हुए हैं और दिल्ली एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट्स में देरी की सूचना है।

    उत्तर प्रदेश में बड़े हादसे
    उत्तर प्रदेश में कोहरे के कारण कई बड़े सड़क हादसे हुए हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हमीरपुर के इचौली इलाके में रविवार सुबह करीब नौ बजे एक स्लीपर बस ने एक बोलेरो को टक्कर मार दी। इस हादसे में बोलेरो सवार दो भाइयों सहित चार लोगों की मौत हो गई। दोनों भाई अपनी मां की अस्थियां विसर्जित करने महोबा से प्रयागराज जा रहे थे। इस हादसे में अन्य दो लोग भी घायल हुए हैं जिनका इलाज जारी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 30 से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए जिससे कई लोग घायल हुए और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटनाओं के कारण राज्यभर में यातायात ठप हो गया और कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं।

    राजस्थान और पंजाब में भी हादसे

    राजस्थान और पंजाब में भी कोहरे के कारण बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हुईं। पंजाब में एक कार पुल से गिर गई जिससे उसमें सवार दंपती की मौत हो गई। हादसा सोमवार सुबह हुआ जब कोहरे के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा और कार पुल से गिर गई। इस हादसे में दंपती की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनका बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है।

    दिल्ली एयरपोर्ट पर देरी
    कोहरे के असर से दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स में देरी हो रही है। खराब दृश्यता के कारण कई उड़ानें लेट हो गई हैं जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार कोहरे के कारण विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ में देरी हो रही है और इस स्थिति में सुधार होने तक फ्लाइट्स की स्थिति अनिश्चित बनी रहेगी।

    मौसम की चेतावनी

    मौसम विभाग ने उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे की संभावना जताई है। पंजाब उत्तर प्रदेश हरियाणा दिल्ली और राजस्थान में कोहरे के कारण आने वाली दोपहर तक दृश्यता में कमी रह सकती है। यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ड्राइवरों को सतर्क रहने और धीमी गति से गाड़ी चलाने की सलाह दी है।

    उत्तर भारत में घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा हादसों को जन्म दिया है। सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतना और मौसम की चेतावनियों का पालन करना अत्यंत जरूरी है खासकर इस समय में जब दृश्यता बहुत कम हो जाती है। वहीं दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स में देरी यात्रियों के लिए एक और चुनौती बन गई है। मौसम सुधारने तक यह स्थिति बनी रह सकती है।

  • अनिरुद्धाचार्य का विवादित हमला: मीडिया को बताया ‘मंथरा का अपडेट वर्जन’, साजिश और धमकी तक का आरोप

    अनिरुद्धाचार्य का विवादित हमला: मीडिया को बताया ‘मंथरा का अपडेट वर्जन’, साजिश और धमकी तक का आरोप


    नई दिल्ली। कथावाचक और धार्मिक वक्ता अनिरुद्धाचार्य एक बार फिर अपने तीखे और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर जोरदार हमला बोलते हुए उसे मंथरा का अपडेट वर्जन और धृतराष्ट्र तक कह दिया। अनिरुद्धाचार्य का आरोप है कि कुछ मीडिया संस्थान और पत्रकार टीआरपी की दौड़ में उनके खिलाफ झूठी खबरें फैलाने और साजिश रचने का काम कर रहे हैं। अपने बयान में अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि आज का मीडिया सच दिखाने के बजाय सनसनी फैलाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चैनल और पत्रकार लगातार उनके नाम को विवादों से जोड़कर पेश करते हैं, जबकि उनके सामाजिक और धार्मिक कार्यों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म के प्रचार के साथ-साथ वृद्धाश्रम, शिक्षा और गौसेवा जैसे कार्यों में वर्षों से सक्रिय हैं, लेकिन मीडिया इन पहलुओं को कभी प्रमुखता से नहीं दिखाती।

    अपनी उम्र और सेवा कार्यों का जिक्र करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने बताया कि वे 35 वर्ष के हैं और महज 25 साल की उम्र से ही समाजसेवा में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद मीडिया उनके काम की बजाय उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह कभी-कभी मीडिया बिना पुष्टि के गलत खबरें चला देता है, उसी का नतीजा है कि एक बार अभिनेता धर्मेंद्र के जीवित रहते हुए उनकी मौत की खबर फैला दी गई थी। यह मीडिया की जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदारी को दिखाता है। लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि उन्होंने केवल भारतीय संस्कृति के संदर्भ में अपनी राय रखी थी। उनके अनुसार, लिव-इन रिलेशनशिप भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का हिस्सा नहीं है। इस विषय पर राय रखने के बाद ही मीडिया का एक वर्ग उनके पीछे पड़ गया और लगातार उनके खिलाफ रिपोर्टिंग करने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआरपी के लिए उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया गया और जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया।

    अनिरुद्धाचार्य ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ झूठी एफआईआर और अफवाहें तक फैलाई गईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने आज तक किसी का नुकसान नहीं किया, न ही किसी को भड़काने का काम किया, इसके बावजूद उन्हें बार-बार विवादों में घसीटा जाता है। उनका आरोप है कि कुछ पत्रकार और मीडिया संस्थान सनातन धर्म के खिलाफ पूर्वाग्रह के साथ काम कर रहे हैं।अपने सबसे तीखे शब्दों में उन्होंने मीडिया की तुलना रामायण की मंथरा से करते हुए कहा कि जैसे मंथरा ने साजिश कर परिवारों में फूट डाली थी, वैसे ही आज का मीडिया समाज को बांटने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले मंथरा हिंदुओं को आपस में लड़वाती थी और अब वही भूमिका मीडिया निभा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया को धृतराष्ट्र बताते हुए कहा कि यह सच देखने के बावजूद आंखें मूंद लेता है।

    अनिरुद्धाचार्य ने यहां तक कहा कि टीआरपी की होड़ में मीडिया किसी की जान को भी खतरे में डाल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन धर्म की सेवा करने वालों के खिलाफ साजिशें रची जा सकती हैं और उन्हें बदनाम करने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है। उनके इस बयान को कई लोग धमकी भरे लहजे के तौर पर भी देख रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अनिरुद्धाचार्य अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी उनके कुछ वक्तव्यों पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं और कुछ मामलों में कानूनी नोटिस तक की नौबत आई है। उनका ताजा बयान एक बार फिर सोशल मीडिया और मीडिया जगत में बहस का मुद्दा बन गया है। जहां उनके समर्थक इसे सच बोलने की हिम्मत बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ करार दे रहे हैं।

  • सोनिया गांधी को पत्र लिखना पड़ा महंगा ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम कांग्रेस से निष्कासित

    सोनिया गांधी को पत्र लिखना पड़ा महंगा ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम कांग्रेस से निष्कासित


    नई दिल्ली । भुवनेश्वर कांग्रेस पार्टी ने ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह कदम पार्टी की अनुशासन समिति के निर्देश पर लिया गया क्योंकि मुकीम पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। यह फैसला पार्टी के भीतर नेतृत्व और कार्यप्रणाली को लेकर बढ़ती असंतोष की स्थितियों के बीच आया है।

    सोनिया गांधी को पत्र लिखकर जताई थी नाराजगी

    मुकीम जो पहले बाराबती-कटक सीट से विधायक रह चुके हैं ने हाल ही में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने पार्टी की स्थिति और नेतृत्व पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी। पत्र में उन्होंने कांग्रेस की कमजोर स्थिति का उल्लेख करते हुए सोनिया गांधी से पार्टी के भविष्य के लिए मार्गदर्शन की अपील की थी। मुकीम ने लिखा था कि कांग्रेस वर्तमान में कठिन दौर से गुजर रही है और संगठन जमीनी स्तर पर कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि सोनिया गांधी का मार्गदर्शन पार्टी के लिए बेहद जरूरी है ताकि पार्टी को इस संकट से उबारा जा सके।

    खड़गे की उम्र और नेतृत्व पर सवाल

    पत्र का सबसे विवादास्पद हिस्सा मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र पर था। मुकीम ने खड़गे की उम्र 83 वर्ष का जिक्र करते हुए यह सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता के रूप में इतनी उम्र में सक्रियता दौड़-भाग और जनसंपर्क करना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने खड़गे को सलाहकार की भूमिका में रखने की सलाह दी और युवा नेतृत्व को आगे लाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुकीम ने प्रियंका गांधी वाड्रा को केंद्रीय भूमिका में और राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में प्रभावी बनाए जाने की बात भी की।

    युवा नेताओं को आगे लाने की वकालत

    मुकीम ने अपने पत्र में पार्टी में युवा नेताओं को बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने सचिन पायलट डीके शिवकुमार ए रेवंत रेड्डी और शशि थरूर जैसे नेताओं को पार्टी की शीर्ष नेतृत्व टीम में शामिल करने की बात की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को ज्योतिरादित्य सिंधिया मिलिंद देवड़ा और हिमंता बिस्वा सरमा जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने के कारणों को समझना चाहिए और इसे पार्टी की उपेक्षा और अनदेखी का परिणाम बताया।

    राहुल गांधी से मुलाकात न होने की शिकायत

    पत्र में मुकीम ने यह भी शिकायत की थी कि वे पिछले तीन वर्षों से राहुल गांधी से मुलाकात की कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें कभी समय नहीं मिल सका। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत पीड़ा नहीं बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी का प्रतीक बताया।

    कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई

    कांग्रेस ने मुकीम के इस पत्र को पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना और उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनुशासन बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकता है।
    कांग्रेस पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन यह कदम संगठन में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता के लिए कोई स्थान नहीं है।

    संघर्षपूर्ण समय में पार्टी का कदम

    यह घटना उस समय हुई है जब कांग्रेस पार्टी अपने संगठन और नेतृत्व को लेकर आंतरिक असंतोष का सामना कर रही है। मुकीम का पत्र इस असंतोष की गहराई को उजागर करता है और उनकी निष्कासन की कार्रवाई से यह भी साफ हो जाता है कि कांग्रेस नेतृत्व को पार्टी में गहरी अंतर्विरोधों की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

  • दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: GRAP 4 लागू, AAP ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा

    दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: GRAP 4 लागू, AAP ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा


    नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण लगातार उच्च स्तर पर बना हुआ है। आज राजधानी में AQI 500 के पार पहुंच गया है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है और विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है। स्थिति के मद्देनजर नेशनल कैपिटल में GRAP 4 लागू कर दिया गया है।

    AAP ने उठाया केंद्र और दिल्ली सरकार पर सवाल
    AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि “यह सरकार लगभग एक साल से सत्ता में है, लेकिन प्रदूषण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बंद कमरे में भी धुंध दिखाई दे रही है। CM को यह नहीं पता कि AQI क्या होता है। एक्सपर्ट्स को आगे आना चाहिए और मुख्यमंत्री को पीछे हट जाना चाहिए।”

    GRAP 4: क्या है नियम
    GRAP-IV के तहत राज्य और केंद्रीय एजेंसियों को NCR में हवा की गुणवत्ता सुधारने के उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में क्लास 5 तक हाइब्रिड मोड में पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है।

    क्लास 6 से 11 तक फिजिकल क्लास बंद करने का विकल्प भी राज्य सरकारों को दिया गया है।

    प्रदूषण का स्वास्थ्य पर असर
    दिल्ली-NCR में लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याएं हो रही हैं।

    डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अगर संभव हो तो अगले कुछ हफ्तों तक दिल्ली से बाहर जाने पर विचार किया जाए।

    दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण GRAP 4 लागू किया गया है, लेकिन विपक्ष और AAP का कहना है कि केंद्र और दिल्ली सरकार इस गंभीर समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। राजधानीवासियों के लिए फिलहाल सफर और बाहरी गतिविधियों में सावधानी बरतना आवश्यक है।

  • सस्ते धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की साजिश नाकाम, बिचौलियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई

    सस्ते धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की साजिश नाकाम, बिचौलियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई


    अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पड़ोसी राज्यों से सस्ते धान को अपने यहां खपाने की बिचौलियों की सुनियोजित साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमाओं से लगे बलरामपुर जिले में प्रशासन की सख्ती के चलते अब तक 11,300 क्विंटल धान और 48 वाहन जब्त किए जा चुके हैं। जब्त किए गए धान की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये बताई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यदि यह धान जब्त नहीं किया जाता तो इसे छत्तीसगढ़ के सरकारी उपार्जन केंद्रों में बेच दिया जाता। इससे बिचौलियों को भारी मुनाफा होता और राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।

    समर्थन मूल्य का अंतर बना वजह
    इस पूरे मामले की जड़ राज्यों के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP का अंतर है। झारखंड में धान की खरीद 2,450 रुपये प्रति क्विंटल उत्तर प्रदेश में 2,369 रुपये प्रति क्विंटल जबकि छत्तीसगढ़ में सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है यानी छत्तीसगढ़ में प्रति क्विंटल लगभग 700 रुपये अधिक का लाभ मिल रहा है। इसी अंतर का फायदा उठाने के लिए बिचौलिये यूपी और झारखंड से धान खरीदकर छत्तीसगढ़ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।

    सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी

    बलरामपुर जिला तीन राज्यों की सीमा से लगा होने के कारण बिचौलियों के लिए आसान रास्ता बनता रहा है। लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी थी। धान की अवैध ढुलाई में लगे ट्रकों, पिकअप वाहनों और ट्रैक्टरों की जांच की गई। इसी दौरान बड़ी मात्रा में धान जब्त किया गया और 48 वाहनों को कब्जे में लिया गया।

    किसानों के हक की रक्षा
    प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल सरकारी नुकसान रोकने के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी बेहद जरूरी थी। यदि बाहरी राज्यों का धान उपार्जन केंद्रों तक पहुंच जाता, तो असली किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत होती। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नीति है कि समर्थन मूल्य का लाभ केवल राज्य के वास्तविक किसानों को ही मिले। बिचौलियों या बाहरी धान की किसी भी सूरत में अनुमति नहीं दी जाएगी।

    आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
    प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सीमावर्ती जिलों में पुलिस, राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त और जांच करेंगी। उपार्जन केंद्रों पर भी सख्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है, ताकि बाहरी धान की पहचान की जा सके।सरकार का मानना है कि ऐसी सख्ती से न केवल बिचौलियों पर लगाम लगेगी, बल्कि किसानों में भी भरोसा बढ़ेगा कि उनकी फसल सही दाम पर सुरक्षित रूप से खरीदी जाएगी।इस पूरे अभियान के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ संदेश दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। MSP का फायदा गलत तरीके से उठाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • शिल्पा शेट्टी के पब में बिल चुकाने को लेकर जमकर हंगामा बेंगलुरु पुलिस ने VIDEO वायरल होने पर शुरू की जाँच

    शिल्पा शेट्टी के पब में बिल चुकाने को लेकर जमकर हंगामा बेंगलुरु पुलिस ने VIDEO वायरल होने पर शुरू की जाँच


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के स्वामित्व वाले बेंगलुरु स्थित एक हाई-प्रोफाइल पब में देर रात ग्राहकों के बीच बिल को लेकर हुए हंगामे ने सुर्खियां बटोरी हैं। यह घटना बेंगलुरु के सेंट मार्क्स रोड पर स्थित बैस्टियन पब की है जिसे शिल्पा शेट्टी ने साल 2019 में रेस्टोरेंट बिजनेसमैन रंजीत बिंद्रा के साथ पार्टनरशिप में शुरू किया था।

    क्या है पूरा मामला

    जानकारी के अनुसार यह घटना 11 दिसंबर की देर रात लगभग 1:30 बजे की बताई जा रही है। पब के अंदर हुए इस हंगामे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।वायरल फुटेज में ग्राहकों के एक गुट को आपस में तीखी बहस करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक यह बहस पब के बिल का भुगतान बिल चुकाने या किसी अन्य मामूली बात पर शुरू हुई थी जो जल्द ही एक बड़ी कहा-सुनी में बदल गई। हालांकि जो सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक हुआ है उसमें किसी भी तरह की शारीरिक हाथापाई या तोड़फोड़ की पुष्टि नहीं होती है लेकिन ग्राहकों के बीच हुई तीखी नोकझोंक और हंगामे ने पब के माहौल को प्रभावित किया।

    पुलिस ने शुरू की जाँच

    पब के अंदर हुए इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने औपचारिक रूप से कोई शिकायत दर्ज होने का इंतज़ार किए बिना ही वायरल फुटेज के आधार पर घटना की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हंगामे का सटीक कारण क्या था और क्या यह मामला केवल तीखी बहस तक सीमित था या इसमें कोई अन्य गैरकानूनी गतिविधि शामिल थी। इस घटना ने एक बार फिर देर रात तक चलने वाले पब और रेस्टोरेंट में सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया है।