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  • क्रिकेट जगत में उत्सव का माहौल, दिग्गज खिलाड़ियों ने दी Gudi Padwa की शुभकामनाएं

    क्रिकेट जगत में उत्सव का माहौल, दिग्गज खिलाड़ियों ने दी Gudi Padwa की शुभकामनाएं


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ियों ने गुड़ी पड़वा और उगादी के शुभ अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर क्रिकेट सितारों के पीएम ने इस पर्व के उत्साह को और बढ़ाया।

    सचिन से लेकर सूर्यकुमार तक, सभी ने दी शुभकामनाएं

    क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने संदेश में सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने लिखा कि यह नया साल सभी के लिए आनंद और सफलता लेकर आए।

    वहीं, टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नए सपने और नई शुरुआत के साथ इस पर्व का स्वागत करने की बात कही।

    हरभजन का खास संदेश, परंपरा और स्वास्थ्य पर जोर

    पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने अपने संदेश में नई ऊर्जा और परंपराओं से जुड़े रहने का महत्व बताया। उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य और संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देते हुए त्योहार की शुभकामनाएं दीं।

    लक्ष्मण ने भारत की विविधता की झलक दिखाई

    वीवीएस लक्ष्मण ने अपने संदेश में भारत की सांस्कृतिक विविधता को उजागर किया। उन्होंने चेटी चंद, नवरेह और सजीबू नोंग्मा पनबा जैसे अलग-अलग क्षेत्रीय नववर्ष त्योहारों का जिक्र करते हुए “एकता में विविधता” का संदेश दिया।

    रहाणे और कुंबले ने भी दी शुभकामनाएं

    पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने सभी के जीवन में सफलता और खुशियों की कामना की। वहीं दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने उगादी के मौके पर लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं।

    क्या है गुड़ी पड़वा और उगादी का महत्व

    गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है, जो हिंदू लूनिसोलर कैलेंडर के नए साल की शुरुआत का प्रतीक होता है। इस दिन लोग अपने घरों में ‘गुड़ी’ स्थापित करते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव मनाते हैं।

    वहीं उगादी दक्षिण भारत में नए साल के रूप में मनाया जाता है। ये सभी त्योहार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन आते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाए जाते हैं।

    देशभर में उत्सव का माहौल

    मार्च-अप्रैल के इस समय में पूरे भारत में नववर्ष के इन त्योहारों की धूम रहती है। रंग-बिरंगे जुलूस, पारंपरिक पकवान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोग नए साल का स्वागत करते हैं।

  • “कोई जरूरत हो तो बताना” – Rishabh Pant और Arjun Tendulkar की दोस्ती ने जीता दिल

    “कोई जरूरत हो तो बताना” – Rishabh Pant और Arjun Tendulkar की दोस्ती ने जीता दिल


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 से पहले Lucknow Super Giants के कैंप से एक दिलचस्प और सकारात्मक खबर सामने आई है। टीम के कप्तान Rishabh Pant और युवा ऑलराउंडर Arjun Tendulkar के बीच शानदार बॉन्डिंग देखने को मिल रही है, जिसने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

    नई टीम, नई शुरुआत का मौका

    महान क्रिकेटर Sachin Tendulkar के बेटे अर्जुन तेंदुलकर अब इस सीजन में Mumbai Indians की जगह एलएसजी के लिए खेलते नजर आएंगे। अब तक उनका करियर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन इस बार वह खुद को साबित करने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं।

    प्रैक्टिस सेशन में दिखी शानदार केमिस्ट्री

    एलएसजी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में पंत और अर्जुन के बीच मजेदार बातचीत देखने को मिली। पंत ने जब अर्जुन के बल्ले का वजन पूछा और जवाब मिला 1220 ग्राम, तो वह हैरान रह गए।

    अर्जुन ने बताया कि भारी बल्ले से खेलने का फायदा यह है कि “हल्का सा टच भी गेंद को दूर तक भेज देता है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता 1300 ग्राम से ज्यादा वजन का बल्ला इस्तेमाल करते थे।

    “कोई जरूरत हो तो बताना” -पंत का भरोसा

    वीडियो में सबसे खास पल तब आया जब ऋषभ पंत ने अर्जुन से कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो, तो वह हमेशा उनके लिए मौजूद रहेंगे। यह बात दिखाती है कि टीम में सिर्फ प्रोफेशनल रिश्ता ही नहीं, बल्कि एक मजबूत दोस्ती भी बन रही है।

    कम उम्र, मजबूत कनेक्शन

    ऋषभ पंत और अर्जुन तेंदुलकर की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है, जिसकी वजह से दोनों जल्दी ही अच्छे दोस्त बन गए। टीम माहौल में इस तरह की बॉन्डिंग खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

    अर्जुन की मेहनत ने किया प्रभावित

    पंत ने अर्जुन की डेडिकेशन की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि अर्जुन अपनी शादी के तुरंत बाद ही ट्रेनिंग के लिए जुट गए और Yuvraj Singh के साथ अभ्यास करने लगे। यह उनके प्रोफेशनल एटीट्यूड को दर्शाता है।

    करियर के लिए अहम मौका

    अर्जुन तेंदुलकर के लिए आईपीएल 2026 बेहद अहम सीजन हो सकता है। अब तक उन्होंने आईपीएल में सीमित मौके पाए हैं-5 मैचों में 3 विकेट और 13 रन। लेकिन एलएसजी में उन्हें खुद को साबित करने का बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकता है।

    फैंस को उम्मीद, क्या चमकेगा अर्जुन का सितारा?

    अब देखने वाली बात होगी कि क्या अर्जुन इस मौके का फायदा उठाकर अपनी पहचान बना पाते हैं। वहीं, पंत जैसे कप्तान का समर्थन उनके आत्मविश्वास को जरूर बढ़ाएगा।

  • टी20 विश्व कप में फिटनेस विवाद, Babar Azam और Fakhar Zaman को लेकर फिजियो पर उठे सवाल

    टी20 विश्व कप में फिटनेस विवाद, Babar Azam और Fakhar Zaman को लेकर फिजियो पर उठे सवाल


    नई दिल्ली।  पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला टीम के दो बड़े सितारे बाबर आजम और फखर जमान की फिटनेस से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी T20 विश्व कप के दौरान पूरी तरह फिट नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें टीम में शामिल किया गया। इस खुलासे के बाद क्रिकेट गलियारों में हलचल मच गई है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा मुद्दा, जांच की मांग तेज

    इस विवाद ने तब जोर पकड़ा जब पूर्व क्रिकेटर आकिब जावेद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर इस मुद्दे को उठाया और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से जांच की मांग की। वहीं, मेडिकल पैनल से जुड़े विशेषज्ञ डॉ. जावेद मुगल ने भी इस मामले में गंभीर सवाल उठाए हैं।

    चोट की गंभीरता के बाद मैं सामने

    सूत्रों के अनुसार, T20 विश्व कप के बाद जब बाबर आजम की विस्तृत जांच हुई, तो उनकी चोट पहले बताई गई तुलना में ज्यादा गंभीर निकले। इसी वजह से उन्होंने नेशनल T20 कप से दूरी बनाई। दूसरी ओर, फखर जमान भी लंबे समय से फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह मिली।

    फिजियो की भूमिका पर उठने वाला सवाल

    इस पूरे मामले में टीम के फिजियो क्लिफ डीकन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। चयन समिति का कहना है कि उन्होंने केवल उन खिलाड़ियों को चुना जिन्हें फिजियो से फिटनेस क्लीयरेंस मिली थी।

    हालांकि, क्लिफ डीकन पर आरोप है कि वह पहले भी देर चोट से जूझ रहे खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति देते रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या फिटनेस क्लीयरेंस देने में सेहतमंद रही?

    पीसीबी जांच करेगा, हो सकती है कार्रवाई

    अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस पूरे मामले की जांच करने का फैसला किया है। जांच के बाद ही यह साफ हो जाएगा कि क्या वास्तव में अनफिट खिलाड़ियों को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में उतारा गया था। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो बोर्ड से संबंधित अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है।

    आगे का कार्यक्रम और नजरें पीएसएल पर

    फिलहाल बाबर आजम नेशनल क्रिकेट अकादमी में रिहा कर रहे हैं और जल्द ही मैदान पर वापसी की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि वह पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में पेशावर जाल्मी की कप्तानी करते नजर आएंगे। अब सबकी नजर PCB की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो पाकिस्तान क्रिकेट के इंडिपेंडेंट वर्क और फिटनेस मैनेजमेंट की सच्चाई सामने ला सकती है।

  • पानी से डरने वाली लड़की बनी गोल्ड मेडलिस्ट, Nisha Millet की प्रेरणादायक कहानी

    पानी से डरने वाली लड़की बनी गोल्ड मेडलिस्ट, Nisha Millet की प्रेरणादायक कहानी


    नई दिल्ली। निशा मिलेट का नाम भारतीय तैराकी इतिहास में एक प्रेरणा के रूप में लिया जाता है। यह कहानी सिर्फ मेडल जीतने की नहीं, बल्कि अपने सबसे बड़े डर को हराकर उसे ताकत में बदलने की है। जिस लड़की को बचपन में पानी से डर लगता था, उसी ने आगे बढ़ते देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल दिलाया।

    जब पानी से था गहरा डर

    निशा मिलेट का जन्म 20 मार्च 1982 को बेंगलुरु में हुआ। बचपन में उनका पानी से डर इतना गहरा था कि 5 साल की उम्र में वह डूबते-डूबते नियतं। यह घटना उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गई। उनके पिता ने फैसला किया कि डर से दौड़ने के बजाय उनका सामना करना चाहिए, और दब से तैराकी की शुरुआत हुई।

    डर को हराकर जुनून बनाया

    1991 में चेन्नई के शेनॉय नगर क्लब में उन्होंने तैराकी सीखनी शुरू की। शुरुआत में यह सिर्फ डर दूर करने का जरिया था, लेकिन धीरे-धीरे यही उनका जुनून बन गया। कड़ी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें जल्द ही एक उभरती हुई तैराकी बना दिया।

    छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धियां

    सिर्फ एक साल के अंदर ही 1992 में निशा ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल में अपना पहला स्टेट मेडल जीता। 1994 में, जब वह सब-जूनियर थीं, तब उन्होंने सीनियर नेशनल में पांचों फ्रीस्टाइल इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। इसी साल उन्होंने हांगकांग में एशियन एज ग्रुप चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला मेडल हासिल किया।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन

    निशा मिलेट ने एशियन गेम्स 1998, वर्ल्ड चैंपियनशिप 1999 और 2004 जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सैफ गेम्स और एफ्रो-एशियन गेम्स में भी कई मेडल जीते। 1999 के नेशनल गेम्स में उन्होंने 14 गोल्ड मेडल जीते। उसी साल काठमांडू में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने 6 गोल्ड मेडल जीते।

    ओलंपिक तक का सफर

    निशा के करियर का सबसे बड़ा पड़ाव सिडनी 2000 ओलंपिक रहा। यहां उन्होंने 200 मीटर फ्रीस्टाइल में हिस्सा लिया और अपनी हीट जीती। उन्होंने ओलंपिक के लिए बी क्वालिफिकेशन टाइम हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला तैराकी बनाई।

    रिकॉर्ड और उपलब्धियां

    उन्होंने 200 मीटर और 400 मीटर फ्रीस्टाइल में 15 साल तक राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम रखा। साथ ही, उन्होंने 100 मीटर फ्रीस्टाइल में एक मिनट का बैरियर तोड़ने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। यह उपलब्धि भारतीय तैराकी में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जाती है।

    संघर्ष और संन्यास

    2002 में पीठ की सर्जरी के बाद उनका करियर प्रभावित हुआ। 2004 ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन करने से मामूली अंतर से चूकने और आर्थिक दिक्कतों के कारण उन्होंने तैराकी से संन्यास ले लिया। हालांकि, खेल से उनकी गतिविधि कभी खत्म नहीं हुई।

    आज भी दे रही नई पीढ़ी को दिशा

    संन्यास के बाद निशा मिलेट अपनी स्विमिंग अकादमी के जरिए नई पीढ़ी के तैराकीकों को ट्रेनिंग दे रही हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास और अनुशासन विकसित करना है।

  • मेहनत का फल मिला: Ishan Kishan बने प्रेरणा, बदलते वक्त की मिसाल

    मेहनत का फल मिला: Ishan Kishan बने प्रेरणा, बदलते वक्त की मिसाल


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने उतार-चढ़ाव का सामना किया, लेकिन जो खिलाड़ी मुश्किल वक्त में खुद को साबित कर देता है, वही असली चैंपियन बनता है। ईशान किशन आज इसी का जीता-जागता उदाहरण बनकर उभरे हैं। एक समय ऐसा था जब उनकी टीम इंडिया में वापसी करना मुश्किल लग रहा था, लेकिन वे हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे।

    टीम से बाहर, लेकिन हिम्मत नहीं हारी

    टी20 विश्व कप 2026 से पहले तक ईशान किशन भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। चयन पत्नियों की नजरों से दूर होने के बावजूद उन्होंने अपने खेल पर ध्यान देना नहीं छोड़ा। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन किया और खुद को बेहतर बना रहे। यही वह दौर था जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी।

    घरेलू क्रिकेट में किया दमदार प्रदर्शन

    ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों से कमाल दिखाया। झारखंड की कप्तानी करते हुए उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टीम को चैंपियन बनाया। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 517 रन बनाए और फाइनल में हरियाणा के खिलाफ तूफानी शतक जड़कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    टीम इंडिया में धमाकेदार वापसी

    उनकी मेहनत रंग लाई और चयनकर्ताओं ने उन्हें दोबारा भारतीय टीम में मौका दिया। ईशान ने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया। टी20 विश्व कप 2026 में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 317 रन बनाए और टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के बाद टी20 टीम में उनकी जगह लगभग पक्की हो गई है।

    आईपीएल में मिली बड़ी जिम्मेदारी

    इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में ईशान किशन के करियर को नई उड़ान मिली। सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें टीम की कप्तानी सौंपी, क्योंकि रेगुलर कप्तान पैट कमिंस चोटिल हैं। यह उनके लिए बड़ा मौका भी है और चुनौती भी।

    कप्तानी के जरिए खुद को साबित करने का मौका

    ईशान किशन के पास अब खुद को एक लीडर के रूप में स्थापित करने का सुनहरा मौका है। अगर वह कप्तानी में सफल रहते हैं, तो भविष्य में उन्हें परमानेंट कप्तान बनाया जा सकता है। उनकी कप्तानी की पहली परीक्षा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले में होगी, जहां सभी की नजरें उन पर टिकी रहेंगी।

    संघर्ष से सीखें, सफलता से निखरे

    ईशान किशन की कहानी यह सिखाती है कि करियर में कठिन समय आना स्वभाव है, लेकिन उससे हार मान लेना सही नहीं है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इंसान लगातार मेहनत करता रहे, तो एक दिन सफलता जरूर मिलती है।

    युवाओं के लिए प्रेरणा बने किशन

    आज ईशान किशन सिर्फ एक सफल खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनका सफर बताता है कि चाहें कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादा मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है।

  • चैंपियंस लीग में बार्सिलोना का जलवा, न्यूकैसल को हराकर क्वार्टरफाइनल में बनाई जगह

    चैंपियंस लीग में बार्सिलोना का जलवा, न्यूकैसल को हराकर क्वार्टरफाइनल में बनाई जगह


    नई दिल्ली।  यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित क्लब टूर्नामेंट UEFA चैंपियंस लीग में FC बार्सिलोना ने अपनी पुरानी चमक दिखाते हुए न्यूकैसल यूनाइटेड को 7-2 से करारी शिकस्त दी और कुल स्कोर 8-3 के साथ क्वार्टरफाइनल में जगह पक्की कर ली। पहले लेग में 1-1 की बराबरी के बाद कैंप नोउ में खेले गए इस फाइट में बार्सिलोना ने दूसरे हाफ में ऐसा तूफान खड़ा किया कि न्यूकैसल पूरी तरह बिखर गया।
    मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक रुख अपनाया, जिससे पहले हाफ में ही गोलों की बरसात हो गई। छठे मिनट में राफिन्हा ने शानदार गोल कर बार्सिलोना को बढ़त दिलाई, लेकिन एंथनी एलंगा ने तुरंत जवाब देकर स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद फर्मिन लोपेज़ और मार्क बर्नाल के गोलों से बार्सिलोना ने फिर बढ़त बनाई, हालांकि एलंगा ने एक और गोल कर फाइट को रोमांचक बनाए रखा। पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में युवा स्टार लैमिन यमल ने पेनल्टी पर गोल दागकर टीम को 3-2 की बढ़त दिलाई और दब से मैच का रुख पूरी तरह बदल गया।

    दूसरे हाफ में बार्सिलोना का एकतरफा शो, लेवांडोव्स्की का कमाल

    दूसरे हाफ में FC बार्सिलोना ने पूरी तरह दबदबा बनाया और न्यूकैसल यूनाइटेड की टीम बेबस नजर आई। अनुभवी स्ट्राइकर रॉबर्ट लेवांडोव्स्की ने अपनी क्लास दिखाते हुए दो शानदार गोल किए, जबकि फर्मिन लोपेज ने भी एक और गोल करके बढ़त को और मजबूत कर दिया।

    न्यूकैसल के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब सैंड्रो टोनाली चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए, जिससे टीम की लय पूरी तरह टूट गई। मैच के आखिरी पलों में राफिन्हा ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर 7-2 कर दिया और बार्सिलोना की बड़ी जीत पर मुहर लगा दी। इस शानदार प्रदर्शन के बाद कोच हंसी फ्लिक भी काफी पॉजिटिव नजर आए और उन्होंने अंत में अपने प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने का मौका दिया। इस जीत से बार्सिलोना का आत्मविश्वास चरम पर पहुंच गया है और टीम अब क्वार्टरफाइनल में भी इसी आक्रामक अंदाज को जारी रखने के इरादे से उतरेगी।

  • चैंपियंस लीग में बायर्न का जलवा, अटलांटा को हराकर क्वार्टरफाइनल में एंट्री, रियल मैड्रिड से टक्कर तय

    चैंपियंस लीग में बायर्न का जलवा, अटलांटा को हराकर क्वार्टरफाइनल में एंट्री, रियल मैड्रिड से टक्कर तय


    नई दिल्ली। यूरोप के सबसे बड़े क्लब टूर्नामेंट UEFA चैंपियंस लीग में बायर्न म्यूनिख ने शानदार खेल दिखाया, अटलांटा BC को 4-1 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह पक्की कर ली। दो लेग के इस मुकाबले में बायर्न ने कुल 10-2 के भारी अंतर से जीत दर्ज कर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। अब उसका अगला मुकाबला दिग्गज क्लब रियल मैड्रिड से होगा, जो टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।
    हैरी केन का जलवा, 50 गोल का आंकड़ा पार
    बायर्न की जीत के हीरो रहे हैरी केन, जिन्होंने मैच में दो शानदार गोल दागे। इसके साथ ही केन ने अपने चैंपियंस लीग करियर के 50 गोल पूरे कर लिए—और यह मुकाम उन्होंने सिर्फ 66 मैचों में हासिल किया।
    25वें मिनट में पेनल्टी के जरिए पहला गोल करने के बाद, केन ने 54वें मिनट में दूसरा गोल कर टीम की बढ़त डबल कर दी और मैच को लगभग एकतरफा बना दिया।
    शुरुआत से अंत तक बायर्न का दबदबा
    एलियांज एरीना में खेले गए इस मुकाबले में बायर्न ने शुरुआत से ही अटलांटा पर दबाव बनाए रखा।
    25वां मिनट: केन का पेनल्टी गोल (1-0)
    54वां मिनट: केन का दूसरा गोल (2-0)
    इसके बाद लेनार्ट कार्ल और लुइस डियाज ने गोल कर स्कोर 4-0 कर दिया
    अटलांटा की ओर से 85वें मिनट में लाजर समरडज़िक ने हेडर के ज़रिए एक गोल ज़रूर किया, लेकिन तब तक मैच बायर्न के कब्ज़े में जा चुका था।
    युवा खिलाड़ियों को मिला मौका
    मैच के आखिरी पलों में बायर्न ने अपने युवा खिलाड़ियों को मौका दिया, जिससे टीम की गहराई और संतुलन भी साफ नज़र आया। यह दिखाता है कि टीम सिर्फ स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि बेंच स्ट्रेंथ भी मजबूत है।
    अब होगा रियल मैड्रिड से महामुकाबला
    क्वार्टरफाइनल में बायर्न का सामना रियल मैड्रिड से होगा। यह मुकाबला यूरोपियन फुटबॉल के दो दिग्गज क्लबों के बीच होने जा रहा है, जिसे लेकर फैंस में अभी से उत्साह है।
    मैच के बाद हैरी केन ने कहा, “रियल मैड्रिड के खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन हम तैयार हैं और किसी से गुस्से में नहीं हैं।”
  • तनाव के बीच ईरान का ऐलान, कहा- वर्ल्ड कप नहीं बल्कि अमेरिका का करेंगे बॉयकॉट

    तनाव के बीच ईरान का ऐलान, कहा- वर्ल्ड कप नहीं बल्कि अमेरिका का करेंगे बॉयकॉट


    नई दिल्ली। वैश्विक फुटबॉल मंच पर एक नया विवाद सामने आया है, जहां ईरान ने FIFA World Cup 2026 के बहिष्कार की धमकी तो वापस ले ली है, लेकिन अमेरिका में मैच खेलने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान फुटबॉल फेडरेशन के प्रमुख मेहदी ताज ने साफ किया कि टीम टूर्नामेंट की तैयारियां जारी रखेगी, लेकिन अमेरिकी धरती पर उतरने को तैयार नहीं है।

    अमेरिका में मैच खेलने से इनकार, बाकी टूर्नामेंट में हिस्सा तय

    ईरान की पुरुष फुटबॉल टीम विश्व कप 2026 के लिए कुर्बानी करने वाली शुरुआती टीमों में शामिल है। टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई तक यूनाइटेड स्टेट्स, मैक्सिको और कनाडा में आयोजित होना है।

    हालांकि, अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के चलते ईरान ने अपने प्रस्तावित मैच वहां खेलने से मना कर दिया है। मेहदी ताज ने कहा, “हम विश्व कप का नहीं, बल्कि अमेरिका का बहिष्कार करेंगे।”

    तुर्की में लगेगा ट्रेनिंग कैंप

    टीम अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। इसी के तहत ईरान की टीम तुर्की में ट्रेनिंग कैंप लगाएगी और वहां दो मैत्रीपूर्ण मुकाबले खेलेगी। इससे साफ है कि टीम टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह गंभीर है, लेकिन राजनीतिक हालात के चलते अपने रुख पर कायम है।

    पहले बहिष्कार की बात, अब बदला रुख

    इससे पहले ईरान के खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली ने विश्व कप में भाग न लेने की बात कही थी, जिससे खेल जगत में हलचल मच गई थी। लेकिन अब फेडरेशन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए टूर्नामेंट में खेलने की पुष्टि कर दी है।

    FIFA के सामने चुनौती, क्या बदलेगा वेन्यू?

    इस पूरे विवाद के बीच FIFA के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। FIFA ने कहा है कि वह ईरान फुटबॉल फेडरेशन के संपर्क में है और चाहता है कि सभी टीमें तय शेड्यूल के अनुसार खेलें। वहीं क्लाउडिया शीनबाम ने भी कहा कि आखिरी फैसला FIFA के हाथ में है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या ईरान के मैच अमेरिका से शिफ्ट किए जाते हैं या नहीं।

    तनाव के बीच लिया गया फैसला

    ईरान ने यह कदम क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे कैंपेन के बीच उठाया है। ऐसे में यह मामला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति से भी जुड़ गया है।

  • जश्न के बीच दर्द: Eid के दिन हमले के पीड़ितों से मिले अधिकारी और क्रिकेटर

    जश्न के बीच दर्द: Eid के दिन हमले के पीड़ितों से मिले अधिकारी और क्रिकेटर


    नई दिल्ली। रमजान और ईद के मौके पर जहां जश्न का माहौल होना चाहिए था, वहीं काबुल में हुए दर्दनाक हमले ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। इसी बीच अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के अधिकारी और अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे और उनके साथ एकजुटता दिखाई दी।

    अस्पताल पहुंचा दिया सहारा और संवेदनाएं

    एसीबी के सीईओ नसीब खान के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने काबुल के प्रमुख अस्पतालों-इमरजेंसी और वजीर अकबर खान-का दौरा किया। खिलाड़ियों और अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और इस मुश्किल समय में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह हमला बेहद दर्दनाक है और इससे पूरे देश में शोक की लहर है।

    हमले में भारी जनहानी, सैकड़ों घायल

    स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया एयरस्ट्राइक में करीब 400 लोगों की मौत हुई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस त्रासदी ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। एसीबी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस समय खुशी और एकजुटता का होना चाहिए था, लेकिन यह कई परिवारों के लिए दुख में बदल गया।

    खिलाड़ी भी मिले, घायलों से की मुलाकात

    अस्पताल पहुंचने वाले खिलाड़ियों में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी, ऑलराउंडर गुलबदीन नायब और कैस अहमद शामिल थे। सभी खिलाड़ियों ने घायलों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनका हौसला बढ़ाया। इससे पहले, स्टार क्रिकेटर राशिद खान और नवीन-उल-हक भी इस हमले की कड़ी निंदा कर चुके हैं।

    अफगान क्रिकेटरों और बोर्ड ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि मामले की जांच कर प्रतिभागियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

  • खुशियों से भरा कार्तिक परिवार, Dinesh Karthik बने फिर पिता, दीपिका ने बेटी को जन्म दिया

    खुशियों से भरा कार्तिक परिवार, Dinesh Karthik बने फिर पिता, दीपिका ने बेटी को जन्म दिया


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक और देश की स्टार स्क्वैश खिलाड़ी दीपिका पल्लीकल के घर एक बार फिर खुशियों की किलकारी गूंजी है। इस कपल ने अपने परिवार में एक नन्ही परी का स्वागत किया है, जिसका नाम ‘राहा पल्लीकल कार्तिक’ रखा गया है।

    सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी

    कार्तिक और दीपिका ने सोशल मीडिया के ज़रिए फैंस के साथ यह खुशी साझा की। उन्होंने भावुक संदेश में लिखा कि उनके दिल दुआओं और कृतज्ञता से भरे हैं और वे अपनी बेटी के आने से बेहद खुश हैं। उनके जुड़वां बेटे कबीर और जियान भी अपनी छोटी बहन के आने से काफी उत्साहित हैं।

    2015 में हुई थी शादी, 2021 में बने थे माता-पिता

    यह चर्चित खेल जोड़ी 25 अगस्त 2015 को पारंपरिक हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों से शादी के बंधन में बंधी थी। साल 2021 में उनके घर जुड़वां बेटों का जन्म हुआ था और अब बेटी के आने से उनका परिवार पूरा हो गया है।

    दिनेश कार्तिक का शानदार क्रिकेट करियर

    दिनेश कार्तिक भारतीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं और अपने करियर के दौरान कई यादगार पारियां खेली हैं। कोहनी पर निदाहास ट्रॉफी फाइनल में आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीतने वाली उनकी पारी आज भी फैंस के दिलों में ताजा है। वह ICC T20 वर्ल्ड कप 2007 और ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे हैं।

    आईपीएल में भी उनका करियर काफी सफल रहा है। संन्यास के बाद वह कोच और कमेंटेटर के रूप में क्रिकेट से जुड़े हुए हैं। आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मेंटोर के तौर पर भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

    दीपिका पल्लीकल की ऐतिहासिक उपलब्धियां

    दीपिका पल्लीकल भारतीय स्क्वैश की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। वह दुनिया की टॉप-10 रैंकिंग में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और पद्म श्री से सम्मानित हैं। वे कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में कई मेडल जीते हैं। हाल ही में 2022 एशियन गेम्स हांग्जो में उन्होंने मिक्सड डबल्स में गोल्ड मेडल जीता और देश का नाम रोशन किया।