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  • मेडल से भरी झोली फिर भी नौकरी नहीं, थ्रोबॉल चैंपियन अमरदीप की कहानी ने CM सोरेन का खींचा ध्यान

    मेडल से भरी झोली फिर भी नौकरी नहीं, थ्रोबॉल चैंपियन अमरदीप की कहानी ने CM सोरेन का खींचा ध्यान


    नई दिल्ली। झारखंड के 29 वर्षीय थ्रोबॉल खिलाड़ी अमरदीप कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करते हुए चार गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं लेकिन इन उपलब्धियों के बावजूद उनकी जिंदगी आज भी संघर्षों से गुजर रही है। सरकारी नौकरी और प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने के कारण अमरदीप को परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए रांची के अरगोड़ा चौक पर सब्जी बेचनी पड़ रही है। इसके अलावा वह कैब भी चलाते हैं। खिलाड़ी की स्थिति सामने आने के बाद अब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का संज्ञान लिया है और खेल विभाग को इस पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    अमरदीप ने कम उम्र से ही थ्रोबॉल को अपना करियर बनाया। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और लगातार शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2015 में मलेशिया में आयोजित एशियन जूनियर थ्रोबॉल चैंपियनशिप में उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद वर्ष 2017 में काठमांडू में हुई इंडो नेपाल थ्रोबॉल चैंपियनशिप में भी वह स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। वर्ष 2019 में बेंगलुरु में आयोजित साउथ एशियन थ्रोबॉल चैंपियनशिप में भी उन्होंने गोल्ड अपने नाम किया। वर्ष 2026 में रांची में आयोजित प्रतियोगिता में एक बार फिर अमरदीप ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इस तरह उनके खाते में देश के लिए चार अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल हैं।

    इतनी बड़ी खेल उपलब्धियों के बावजूद अमरदीप को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि वह वर्ष 2016 से प्रोत्साहन राशि के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। वहीं वर्ष 2020 से नौकरी के लिए कोशिश शुरू की थी लेकिन इसी दौरान कोरोना महामारी के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई। वर्ष 2022 के बाद उन्होंने फिर लगातार प्रयास किए लेकिन अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका दावा है कि नौकरी और कैश अवॉर्ड से जुड़े उनके आवेदन अभी भी लंबित हैं।

    अमरदीप का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या सरकार के सामने रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वह राज्य के पूर्व खेल मंत्री हफीजुल हसन से भी मुलाकात कर चुके हैं। उनका कहना है कि उनके कई साथी खिलाड़ी दूसरे राज्यों से हैं और वहां उन्हें सरकारी नौकरी सहित कई सुविधाएं मिली हैं। इसके मुकाबले झारखंड में उन्हें अब तक अपने आवेदन पर राहत का इंतजार है।

    परिवार की आर्थिक स्थिति भी अमरदीप के संघर्ष को और मुश्किल बना देती है। उनके पिता सब्जी बेचकर परिवार का खर्च चलाते हैं और अमरदीप भी उनके काम में हाथ बंटाते हैं। उनकी मां गृहिणी हैं और वह करीब 35 किलो सब्जी सिर पर रखकर घर-घर बेचती हैं। बड़े भाई फास्ट फूड का स्टॉल चलाकर परिवार की आमदनी में सहयोग करते हैं। अमरदीप खुद भी जरूरत पड़ने पर कैब चलाते हैं। कई बार रात में कैब चलाने के बाद सुबह अभ्यास के लिए पहुंचना उनके लिए चुनौती बन जाता है।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए भी अमरदीप को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ा। मलेशिया जाने के दौरान उन्हें करीब 65 हजार रुपये का कर्ज लेना पड़ा था। झारखंड थ्रोबॉल एसोसिएशन ने भी उनके खर्च में मदद की और करीब आधी राशि का भार उठाया। इसके बावजूद आर्थिक कठिनाइयों के बीच अमरदीप ने खेल से नाता नहीं तोड़ा है।

    अब उनकी कहानी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खेल विभाग को मामले को देखने और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद खेल मंत्री सुदिव्य सोनू ने भी कहा कि सरकार मौजूदा खेल नीति के आधार पर अमरदीप को नौकरी देने की संभावनाएं तलाश रही है। साथ ही रोजगार के दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

    अमरदीप का संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। वह अक्टूबर 2026 के आखिर में श्रीलंका में होने वाली प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हैं। एक ओर देश के लिए पदक जीतने का जुनून कायम है तो दूसरी ओर परिवार चलाने की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर है। अमरदीप की कहानी उन खिलाड़ियों की चुनौती को सामने लाती है जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक तो जीतते हैं लेकिन अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्हें आज भी संघर्ष करना पड़ता है।

  • संन्यास के बाद फ्रेंचाइजी क्रिकेट में धमाकेदार वापसी बेन स्टोक्स बने BBL के सबसे महंगे खिलाड़ी

    संन्यास के बाद फ्रेंचाइजी क्रिकेट में धमाकेदार वापसी बेन स्टोक्स बने BBL के सबसे महंगे खिलाड़ी


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में वापसी करते हुए बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। स्टोक्स आगामी बिग बैश लीग यानी BBL के 2026-27 सीजन में एडिलेड स्ट्राइकर्स की ओर से खेलते नजर आएंगे। खास बात यह है कि उन्हें साइन करने के साथ ही स्टोक्स BBL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। उनकी डील ने विदेशी खिलाड़ियों की कीमत को लेकर लीग में नया बेंचमार्क तैयार कर दिया है। स्टोक्स पूरे सीजन के लिए टीम के साथ उपलब्ध रहेंगे और स्ट्राइकर्स को उनसे बल्ले और गेंद दोनों से मैच जिताने वाले प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

    स्टोक्स का BBL से रिश्ता नया नहीं है। वह इससे पहले 2014-15 सीजन में मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए खेल चुके हैं। उस दौरान उन्होंने चार मुकाबलों में हिस्सा लिया था। इसके बाद लंबे समय तक वह इस लीग से दूर रहे। अब करीब 12 साल बाद उनकी BBL में वापसी होने जा रही है। कई फ्रेंचाइजियां उन्हें अपनी टीम में शामिल करना चाहती थीं लेकिन अंत में एडिलेड स्ट्राइकर्स ने बाजी मार ली। टीम ने उनके साथ एक साल का करार किया है।

    BBL में हाल ही में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बदलाव किया गया है। लीग ने डायरेक्ट साइनिंग मॉडल को फिर से लागू किया है जिसके तहत फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों को सीधे साइन करने और उनके लिए अधिक राशि खर्च करने की स्वतंत्रता मिलती है। इस नए सिस्टम के तहत स्टोक्स पूरे सीजन के लिए साइन किए जाने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी बने हैं। रिपोर्ट के अनुसार उनकी डील करीब 3.5 करोड़ रुपये यानी लगभग 3 लाख 60 हजार अमेरिकी डॉलर की है। यह रकम पिछले प्लैटिनम स्तर के करीब 2.84 करोड़ रुपये के शीर्ष बैंड से भी अधिक है।

    एडिलेड स्ट्राइकर्स के कोच और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने स्टोक्स को क्रिकेट इतिहास के महान ऑलराउंडरों में शामिल बताया है। उनका मानना है कि स्टोक्स बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने और मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। स्टोक्स ने भी ऑस्ट्रेलिया में खेलने को लेकर उत्साह जताया है और कहा है कि वह एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ जुड़ने के मौके को गंवाना नहीं चाहते थे। उनका पहला मुकाबला 16 दिसंबर को सिडनी थंडर के खिलाफ कैनबरा में होगा जबकि 23 दिसंबर को वह एडिलेड ओवल में अपनी नई टीम के घरेलू मैदान पर पहली बार उतरेंगे।

    स्टोक्स के लिए यह वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने जून 2026 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। इसके बाद अब उनका फोकस फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर बढ़ता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से उन्होंने नियमित T20 क्रिकेट भी नहीं खेला है। आखिरी बार वह 2024 में द हंड्रेड में T20 क्रिकेट खेलते नजर आए थे जहां उन्हें हैमस्ट्रिंग चोट का सामना करना पड़ा था।

    IPL में भी स्टोक्स की मांग काफी ज्यादा रही है। वह तीन अलग-अलग टीमों का हिस्सा रह चुके हैं। 2017 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट ने उन्हें 14.5 करोड़ रुपये में खरीदा था और वह उस समय IPL इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने थे। इसके बाद 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 16.25 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा। हालांकि चोट के कारण वह उस सीजन केवल दो मैच खेल सके। स्टोक्स के दोनों T20 शतक भी IPL में ही आए हैं।

    ऑस्ट्रेलिया में स्टोक्स की सबसे यादगार T20 पारियों में से एक 2022 T20 वर्ल्ड कप फाइनल की रही जब उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 52 रन बनाकर इंग्लैंड को चैंपियन बनाया था। अब BBL में उनकी वापसी पर सभी की नजरें होंगी। एडिलेड स्ट्राइकर्स को उम्मीद होगी कि स्टोक्स की पूरे सीजन उपलब्धता टीम को खिताब की मजबूत दावेदार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

  • पाकिस्तान की हार से लेकर अबॉर्शन तक इमाद वसीम पर सानिया के गंभीर आरोप बोलीं उस वक्त मैं पूरी तरह बेबस थी

    पाकिस्तान की हार से लेकर अबॉर्शन तक इमाद वसीम पर सानिया के गंभीर आरोप बोलीं उस वक्त मैं पूरी तरह बेबस थी


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इमाद वसीम एक बार फिर अपने क्रिकेट करियर की वजह से नहीं बल्कि निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी पूर्व पत्नी सानिया अशफाक ने एक पॉडकास्ट में इमाद और उनके परिवार को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। सानिया ने आरोप लगाया कि साल 2023 में उनकी इच्छा के खिलाफ उनका अबॉर्शन करवाया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में इमाद और उनके परिवार का दबाव था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और सामने उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से सानिया के बयान पर आधारित है।

    सानिया ने पॉडकास्ट में अपनी तीसरी प्रेग्नेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने इमाद को इस बारे में बताया था तो वह शुरुआत में काफी खुश हुए थे। इसके बाद इमाद ने अपनी मां को फोन किया और सानिया के मुताबिक बातचीत के दौरान उन्हें इस प्रेग्नेंसी को खत्म करने के लिए कहा गया। सानिया ने दावा किया कि उन्हें बेहद गंभीर धमकी भी दी गई थी और इस वजह से वह खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थीं।

    सानिया का कहना है कि उस समय उनके बच्चे भी उनके साथ थे और हालात उनके लिए बेहद मुश्किल थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें एक इंजेक्शन दिए जाने की बात कही गई थी जिससे वह शांत रहेंगी लेकिन जब उन्हें होश आया तो अबॉर्शन हो चुका था। सानिया ने इस दौरान यह भी आशंका जताई कि उन्हें पूरी सच्चाई नहीं बताई गई थी। उनके मुताबिक वह उस परिस्थिति में कुछ समझ पाने या अपनी बात मजबूती से रखने की स्थिति में नहीं थीं।

    इस पूरे मामले के साथ सानिया ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले का भी जिक्र किया। उस मैच में पाकिस्तान को भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। सानिया के मुताबिक मैच खत्म होने के बाद जब इमाद होटल पहुंचे तो वह काफी गुस्से में थे। सानिया का दावा है कि इमाद ने उनसे कहा कि पाकिस्तान उनकी वजह से मैच हार गया। इसके जवाब में सानिया ने कथित तौर पर कहा कि शायद यह उस बच्चे के मामले में अल्लाह की सजा है।

    सानिया के ये दावे सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। इमाद वसीम और सानिया अशफाक का रिश्ता पहले भी कई बार सुर्खियों में रहा है। दोनों के रिश्ते में लंबे समय से तनाव की खबरें सामने आती रही हैं और बाद में दोनों अलग हो गए। अब सानिया के ताजा बयान ने उनके रिश्ते से जुड़े पुराने विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

    क्रिकेट की बात करें तो इमाद वसीम पाकिस्तान के प्रमुख ऑलराउंडरों में रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 55 वनडे मुकाबले खेले जिसमें 986 रन बनाने के साथ 44 विकेट हासिल किए। टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 75 मैचों में 554 रन बनाए और 73 विकेट अपने नाम किए। गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने वाले इमाद का अंतरराष्ट्रीय करियर पाकिस्तान क्रिकेट में काफी अहम रहा है।

    फिलहाल सानिया के आरोपों को लेकर इमाद वसीम की ओर से कोई विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है। ऐसे में इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है। सानिया के बयान ने हालांकि इमाद की निजी जिंदगी को लेकर एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।

  • टीम इंडिया के सामने फिटनेस का बड़ा संकट! गंभीर-अगरकर संग BCCI की अहम बैठक में हार, न्यूजीलैंड दौरे और 2027 वर्ल्ड कप पर चर्चा

    टीम इंडिया के सामने फिटनेस का बड़ा संकट! गंभीर-अगरकर संग BCCI की अहम बैठक में हार, न्यूजीलैंड दौरे और 2027 वर्ल्ड कप पर चर्चा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आने वाला समय बेहद अहम माना जा रहा है। हाल के दौरों में मिली हार, लगातार बढ़ती खिलाड़ियों की चोट की समस्या और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अब गंभीर मंथन करने जा रहा है। 3 सितंबर को मुंबई में होने वाली BCCI की अहम बैठक में टीम इंडिया के मौजूदा प्रदर्शन से लेकर भविष्य की रणनीति तक कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर, मुख्य कोच गौतम गंभीर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण समेत टीम प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।

    बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया को मिली हार की समीक्षा होगा। बोर्ड यह जानने की कोशिश करेगा कि आखिर टीम के प्रदर्शन में कहां कमी रही और भविष्य के बड़े मुकाबलों से पहले किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर टीम की जरूरतों तथा आगे की योजनाओं को बोर्ड के सामने रख सकते हैं। इसके साथ ही आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी क्योंकि इस सीरीज को भविष्य की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    BCCI के सामने इस समय खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरी है। कई खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं और उनकी रिकवरी में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुनी गई टीम में भी कुछ खिलाड़ियों की उपलब्धता फिटनेस टेस्ट पर निर्भर बताई गई है। ऐसे में चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों की मेडिकल स्थिति के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाले दौरे पर टीम प्रबंधन तेज गेंदबाजों का मजबूत समूह तैयार करना चाहता है। मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरुनूर बरार, जसप्रीत बुमराह और आकाशदीप जैसे तेज गेंदबाजों की फिटनेस, उपलब्धता और भूमिका पर विचार किया जा सकता है। लगातार क्रिकेट और खिलाड़ियों के कार्यभार को देखते हुए BCCI को यह तय करना होगा कि महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को कैसे फिट और फ्रेश रखा जाए।

    हार्दिक पांड्या की फिटनेस भी टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। वनडे विश्व कप की योजनाओं में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है लेकिन लगातार फिटनेस से जुड़ी चिंताओं के कारण टीम संयोजन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बोर्ड, चयनकर्ता और टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की चोट, वर्कलोड और मैचों की प्राथमिकता पर एक स्पष्ट नीति बनानी होगी।

    कुल मिलाकर 3 सितंबर की यह बैठक केवल पिछली हार का रिव्यू भर नहीं होगी बल्कि टीम इंडिया के भविष्य की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण चर्चा भी साबित हो सकती है। इंग्लैंड और आयरलैंड में मिली निराशा से सबक लेने के साथ BCCI की नजर न्यूजीलैंड दौरे और 2027 विश्व कप पर होगी। आने वाले वर्षों में भारतीय टीम किस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी, इसका संकेत इस अहम बैठक से मिल सकता है।

  • मैदान पर हार और ड्रेसिंग रूम में हाहाकार! पाकिस्तान ने एक साथ 7 खिलाड़ियों को किया रिलीज, नए चेहरों के भरोसे तीसरा टेस्ट

    मैदान पर हार और ड्रेसिंग रूम में हाहाकार! पाकिस्तान ने एक साथ 7 खिलाड़ियों को किया रिलीज, नए चेहरों के भरोसे तीसरा टेस्ट


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा भूचाल आ गया है। लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद टीम प्रबंधन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ऐसे फैसले लिए हैं जिनकी चर्चा क्रिकेट जगत में तेजी से हो रही है। सीरीज के बीच पाकिस्तान ने एक साथ 7 खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया है जबकि कोचिंग स्टाफ में भी बड़े बदलाव की खबरों ने टीम के भीतर चल रही उथल पुथल को और बढ़ा दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान की टीम इस समय 0-2 से पीछे चल रही है और तीसरे तथा अंतिम टेस्ट से पहले टीम की तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है।

    पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका यह है कि जिन खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया गया है उनमें कई अनुभवी नाम शामिल हैं। सलमान अली आगा को भी रिलीज कर दिया गया है जो बाबर आजम की अनुपस्थिति में पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान टीम की कप्तानी कर चुके थे। पहले टेस्ट में कप्तानी करने के बाद उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया और अब तीसरे टेस्ट से पहले उन्हें वापस घर भेज दिया गया है। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और ओपनर इमाम उल हक पर भी गाज गिरी है। इनके अलावा अली उस्मान आमिर जमाल मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद को भी टीम से रिलीज कर दिया गया है।

    इन सात खिलाड़ियों की जगह नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है लेकिन यहां भी पाकिस्तान टीम के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नए खिलाड़ियों में से पांच ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है। ऐसे में सीरीज के निर्णायक और अंतिम मुकाबले से पहले अनुभव और संतुलन दोनों ही पाकिस्तान के लिए बड़ी चिंता बन गए हैं। टीम पहले ही इंग्लैंड के खिलाफ दो मैच गंवा चुकी है और अब नए खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरने का फैसला कप्तान बाबर आजम के लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं होगा।

    पाकिस्तान क्रिकेट टीम में मची इस उथल पुथल पर क्रिकेट विशेषज्ञ भी हैरान हैं। वरिष्ठ कमेंटेटर हर्षा भोगले ने पाकिस्तान क्रिकेट में हो रहे लगातार बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीम की स्थिति को असामान्य बताया। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि पहले टेस्ट में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया और फिर तीसरे टेस्ट से पहले उसे टीम से रिलीज कर दिया गया। इसके साथ ही कोचिंग स्टाफ में बदलाव और वरिष्ठ खिलाड़ियों के अचानक बाहर होने से टीम के भीतर की परिस्थितियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी कप्तान बाबर आजम के कंधों पर आ गई है। एक तरफ पाकिस्तान टीम सीरीज में 0-2 से पीछे है तो दूसरी तरफ ड्रेसिंग रूम में लगातार बदलाव खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीम संयोजन को प्रभावित कर सकते हैं। बाबर को न सिर्फ नए खिलाड़ियों के साथ मजबूत प्लेइंग इलेवन तैयार करनी होगी बल्कि टीम के भीतर स्थिरता भी कायम करनी होगी। कप्तान के तौर पर उन्हें खिलाड़ियों को एकजुट रखने के साथ अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर भी ध्यान देना होगा क्योंकि इंग्लैंड दौरे पर उनका बल्ला भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं चला है।

    तीसरा टेस्ट पाकिस्तान के लिए केवल एक मैच नहीं बल्कि सम्मान बचाने की लड़ाई बन गया है। सात खिलाड़ियों की छुट्टी और नए चेहरों की एंट्री के बाद सबकी नजर बाबर आजम की रणनीति पर होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान इस बड़े फेरबदल को अपनी कमजोरी बनने देता है या फिर नए खिलाड़ियों के जोश के दम पर इंग्लैंड के खिलाफ वापसी कर सीरीज का अंत सम्मानजनक तरीके से करता है।

  • टीम इंडिया को मिला हार्दिक का विकल्प 2027 वर्ल्ड कप से पहले नितीश रेड्डी या वॉशिंगटन सुंदर पर दांव लगाएंगे चयनकर्ता

    टीम इंडिया को मिला हार्दिक का विकल्प 2027 वर्ल्ड कप से पहले नितीश रेड्डी या वॉशिंगटन सुंदर पर दांव लगाएंगे चयनकर्ता


    नई दिल्ली । साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में मिली हार के बाद टीम इंडिया अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुट चुकी है और इस बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट के सामने कई अहम सवाल हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सवाल हार्दिक पंड्या के विकल्प को लेकर है। हार्दिक लंबे समय से भारतीय टीम के सबसे अहम ऑलराउंडरों में शामिल रहे हैं क्योंकि वह बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। हालांकि उनकी फिटनेस और चोटों का रिकॉर्ड टीम के लिए चिंता का विषय रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं को 2027 वर्ल्ड कप से पहले एक ऐसा खिलाड़ी तैयार करना होगा जो जरूरत पड़ने पर हार्दिक की भूमिका निभा सके।

    हार्दिक पंड्या की करीब पांच महीने बाद टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद जताई जा रही है। उनकी वापसी भारतीय टीम के लिए निश्चित रूप से बड़ी राहत होगी क्योंकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका अनुभव और मैच जिताने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार हार्दिक अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं और टीम में वापसी के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। हालांकि फिटनेस से जुड़ी ताजा चुनौतियों के कारण उनकी वापसी को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।

    लेकिन टीम इंडिया केवल हार्दिक पर निर्भर रहने का जोखिम नहीं उठा सकती। 2027 वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है और वहां की परिस्थितियों को देखते हुए टीम को ऐसे ऑलराउंडर की जरूरत होगी जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी प्रभाव छोड़ सके। इस रेस में नितीश कुमार रेड्डी का नाम सबसे आगे नजर आता है। नितीश की सबसे बड़ी ताकत उनकी मध्यम तेज गेंदबाजी है। वह निचले और मध्यक्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता भी रखते हैं। उन्हें हार्दिक के संभावित बैकअप के रूप में तैयार करने की चर्चा पहले से होती रही है और पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना भी टीम इंडिया के लिए एक भरोसेमंद बैकअप तैयार करने की जरूरत पर जोर दे चुके हैं।

    दूसरी ओर वॉशिंगटन सुंदर भी टीम इंडिया के लिए एक मजबूत विकल्प हैं। वह ऑफ स्पिन के साथ बल्लेबाजी में गहराई देते हैं और परिस्थितियों के अनुसार टीम को अलग संतुलन प्रदान कर सकते हैं। हालांकि वॉशिंगटन की भूमिका हार्दिक से अलग है क्योंकि वह तेज गेंदबाज नहीं हैं। इसलिए यदि टीम को हार्दिक जैसी सीम बॉलिंग क्षमता वाले ऑलराउंडर की जरूरत होगी तो नितीश कुमार रेड्डी का दावा अधिक मजबूत माना जा सकता है।

    वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के पास अभी पर्याप्त समय है और आने वाले मुकाबले यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि हार्दिक पंड्या के बाद टीम का सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर कौन बनेगा। नितीश कुमार रेड्डी की फिटनेस और लगातार प्रदर्शन उन्हें मजबूत दावेदार बनाते हैं जबकि वॉशिंगटन सुंदर अपनी बहुआयामी क्षमता से चयनकर्ताओं का ध्यान खींच सकते हैं। हालिया रिपोर्टों में दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस और आगामी मुकाबलों के लिए उपलब्धता को टीम के लिए सकारात्मक संकेत माना गया है।

    2027 वर्ल्ड कप में सफलता के लिए टीम इंडिया को केवल हार्दिक पंड्या की वापसी नहीं बल्कि उनका एक मजबूत विकल्प भी तैयार करना होगा। आने वाले महीनों में यही फैसला तय करेगा कि भारतीय टीम का असली ब्रह्मास्त्र कौन बनकर उभरता है।

  • क्रिकेट की पिच के बाद टीवी पर ‘हिटमैन’ की धमाकेदार एंट्री! रोहित शर्मा लेकर आ रहे फैमिली रियलिटी शो, जानें कब से होगा आगाज

    क्रिकेट की पिच के बाद टीवी पर ‘हिटमैन’ की धमाकेदार एंट्री! रोहित शर्मा लेकर आ रहे फैमिली रियलिटी शो, जानें कब से होगा आगाज


    नई दिल्ली । क्रिकेट की दुनिया में अपने शानदार शॉट्स और कप्तानी के लिए पहचान बनाने वाले स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा अब एक बिल्कुल नए अंदाज में दर्शकों के सामने आने वाले हैं। मैदान पर अपने बल्ले से गेंदबाजों की धुनाई करने वाले हिटमैन अब टीवी स्क्रीन पर अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। रोहित शर्मा जल्द ही एक फैमिली रियलिटी गेम शो के जरिए बतौर टीवी एंटरटेनर डेब्यू करेंगे। उनके इस नए शो का नाम फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा है और अब इसके प्रसारण की तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है।

    रोहित शर्मा का नया शो 19 सितंबर 2026 से सोनी टीवी पर शुरू होगा। इस शो के जरिए क्रिकेट की पिच पर अपना दबदबा बनाने वाले रोहित पहली बार दर्शकों को टीवी होस्ट के रूप में नजर आएंगे। मेकर्स के मुताबिक यह एक ऐसा मनोरंजन शो होगा जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकेगा। शो को अलग-अलग उम्र के दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसमें मनोरंजन के साथ गेम्स और रोहित शर्मा का खास अंदाज भी देखने को मिलेगा।

    रोहित शर्मा ने अपने इस टीवी शो का ऐलान कई महीने पहले ही कर दिया था लेकिन अब शो से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने के बाद फैंस का उत्साह बढ़ गया है। शो के प्रोमो में रोहित शर्मा के कुछ सबसे चर्चित और वायरल डायलॉग्स को भी शामिल किया गया है। खासतौर पर उनका मशहूर गार्डन वाला डायलॉग एक बार फिर चर्चा में है। प्रोमो में फैंस रोहित से बार-बार उनका वायरल डायलॉग बोलने की मांग करते नजर आते हैं।

    इस पर रोहित शर्मा अपने खास अंदाज में कहते हैं कि उन्होंने सिर्फ दो लाइनें क्या बोल दीं वे इतनी वायरल हो गईं और अगर अब पूरा शो सामने आ गया तो पता नहीं क्या होगा। रोहित की यही सहज और मजेदार प्रतिक्रिया प्रोमो को और भी दिलचस्प बना रही है। क्रिकेट मैदान पर अक्सर शांत नजर आने वाले रोहित शर्मा का यह अलग रूप उनके प्रशंसकों के लिए खास होने वाला है।

    रोहित शर्मा का गार्डन वाला डायलॉग भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैच के दौरान वायरल हुआ था। मैच के दौरान वह अपने फील्डर्स को तेजी से अपनी जगह बदलने और सक्रिय रहने के लिए कह रहे थे। इसी दौरान उनके मुंह से निकला यह डायलॉग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद यह लाइन मीम्स और मजेदार वीडियो का हिस्सा बन गई और आज भी फैंस के बीच काफी लोकप्रिय है।

    अब इसी लोकप्रियता को रोहित शर्मा अपने नए टीवी सफर में भी साथ लेकर आ रहे हैं। फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा के प्रोमो ने साफ कर दिया है कि दर्शकों को शो में रोहित का क्रिकेटर वाला नहीं बल्कि एक मजेदार और मनोरंजक व्यक्तित्व देखने को मिलेगा। क्रिकेट में बड़े मैचों का दबाव संभालने वाले हिटमैन अब टीवी की दुनिया में दर्शकों का मनोरंजन करने की चुनौती के लिए तैयार हैं।

    रोहित शर्मा के टीवी डेब्यू को लेकर उनके फैंस काफी उत्साहित हैं। 19 सितंबर से शुरू होने वाला यह शो दर्शकों के लिए क्रिकेट और मनोरंजन की दुनिया को एक नए अंदाज में जोड़ने का काम कर सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिस तरह रोहित शर्मा ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी अलग पहचान बनाई है क्या वह टीवी की दुनिया में भी हिट साबित होते हैं।

  • पाकिस्तान पर जीत से जो रूट का डंका: स्ट्रॉस का रिकॉर्ड तोड़ा, एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे सफल इंग्लिश कप्तान बने

    पाकिस्तान पर जीत से जो रूट का डंका: स्ट्रॉस का रिकॉर्ड तोड़ा, एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे सफल इंग्लिश कप्तान बने


    नई दिल्ली। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 194 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले में पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के सामने बिखर गई लेकिन इस जीत के साथ इंग्लैंड के कप्तान जो रूट के नाम एक बड़ी उपलब्धि भी जुड़ गई। रूट अब एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट जीत दर्ज करने वाले इंग्लैंड के कप्तान बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़ दिया है।

    जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने एशियाई टीमों के खिलाफ अब तक 15 टेस्ट जीत दर्ज की हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड एंड्रयू स्ट्रॉस के नाम था जिन्होंने अपनी कप्तानी के दौरान एशियाई टीमों के खिलाफ 14 जीत हासिल की थीं। इस सूची में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक 12 जीत के साथ तीसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स में मिली जीत ने रूट को इस रिकॉर्ड में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है और उनकी कप्तानी के सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

    लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 194 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान की ओर से सऊद शकील ने जरूर संघर्ष किया और 97 रनों की शानदार पारी खेली लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। शान मसूद ने 26 रन बनाए जबकि अली उस्मान 16 रन बनाकर आउट हुए। मोहम्मद अब्बास 13 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन टीम को जीत की मंजिल तक नहीं पहुंचा सके।

    इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ओली रॉबिन्सन ने दूसरी पारी में चार विकेट हासिल किए जबकि जोश टंग ने तीन और जोफ्रा आर्चर ने दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। रॉबिन्सन ने पूरे मुकाबले में कुल आठ विकेट झटके और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। आर्चर और टंग ने भी दोनों पारियों को मिलाकर पांच-पांच विकेट अपने नाम किए।

    इस मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। पाकिस्तान की टीम पहली पारी में भी बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी थी और दूसरी पारी में 389 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक बार फिर उसका बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया। सऊद शकील को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज लंबे समय तक क्रीज पर टिक नहीं सका। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर पाकिस्तान की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया।

    सीरीज का पहला टेस्ट भी इंग्लैंड ने एक पारी और 103 रनों से अपने नाम किया था। अब दो मुकाबलों में लगातार जीत के बाद इंग्लैंड सीरीज पर कब्जा कर चुका है। तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन के मैदान पर खेला जाएगा। पाकिस्तान के सामने अब सम्मान बचाने की चुनौती होगी जबकि इंग्लैंड की नजर सीरीज में क्लीन स्वीप करने पर रहेगी। इस बीच जो रूट के लिए लॉर्ड्स की जीत खास बन गई है क्योंकि उन्होंने कप्तानी के रिकॉर्ड में एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़कर एशियाई टीमों के खिलाफ इंग्लैंड के सबसे सफल कप्तान का तमगा हासिल कर लिया है।

  • लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान की किरकिरी: इंग्लैंड ने 194 रन से रौंदा, टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक हाल

    लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान की किरकिरी: इंग्लैंड ने 194 रन से रौंदा, टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक हाल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लीड्स के बाद लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस हार के साथ पाकिस्तान के नाम टेस्ट क्रिकेट में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया जो टीम कभी नहीं चाहेगी। पाकिस्तान की पूरी टीम लगातार चौथी पारी में 200 रन के आंकड़े को पार करने में नाकाम रही और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि पाकिस्तान लगातार चार पारियों में 200 से कम रन पर ऑलआउट हुआ है।

    लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान की टीम महज 110 रन पर सिमट गई थी। इससे पहले लीड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान ने 171 रन बनाए थे जबकि दूसरी पारी में पूरी टीम सिर्फ 135 रन पर ढेर हो गई थी। लॉर्ड्स में दूसरी पारी में भी बल्लेबाजों ने निराश किया और 389 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह लगातार चार पारियों में पाकिस्तान का स्कोर 200 रन तक भी नहीं पहुंच सका। लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर पाकिस्तान के बल्लेबाज सिर्फ 529 गेंदों का सामना कर सके।

    पाकिस्तान की दूसरी पारी में सऊद शकील ने अकेले मोर्चा संभालने की कोशिश की। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 97 रन की पारी खेली और टीम को लक्ष्य के करीब ले जाने का प्रयास किया लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का पर्याप्त साथ नहीं मिला। कप्तान बाबर आजम का प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा। वह दोनों पारियों में प्रभाव नहीं छोड़ सके और पूरे मैच में उनके बल्ले से कुल 14 रन ही निकले। शान मसूद ने दूसरी पारी में 26 रन बनाए लेकिन टीम को संकट से बाहर नहीं निकाल सके। पाकिस्तान के छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके।

    इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तान की कमजोर बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाया। ओली रॉबिन्सन ने दोनों पारियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच में कुल आठ विकेट अपने नाम किए। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और दोनों गेंदबाजों ने मैच में पांच-पांच विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और टीम एक बार फिर बड़े लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रही।

    पाकिस्तान के लिए विदेश में टेस्ट क्रिकेट का प्रदर्शन भी चिंता बढ़ाने वाला है। दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में 2018 से खेले गए 18 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान को 16वीं हार मिली है। टीम को इन देशों में आखिरी टेस्ट जीत 2018 में मिली थी। लगातार खराब प्रदर्शन ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी और टीम संयोजन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरे टेस्ट में मिली इस हार ने न केवल पाकिस्तान को सीरीज गंवा दी बल्कि टीम के टेस्ट इतिहास में एक बेहद खराब रिकॉर्ड भी जोड़ दिया। इंग्लैंड ने लगातार दो टेस्ट जीतकर अपना दबदबा कायम कर लिया है। अब पाकिस्तान की नजर तीसरे और आखिरी टेस्ट पर होगी जहां टीम कम से कम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं इंग्लैंड की कोशिश सीरीज का आखिरी मुकाबला जीतकर पाकिस्तान का पूरी तरह सफाया करने की होगी।

  • एशिया कप में भारत का शानदार आगाज: दीप्ति शर्मा ने रचा विश्व रिकॉर्ड, बिना रन दिए झटके 3 विकेट

    एशिया कप में भारत का शानदार आगाज: दीप्ति शर्मा ने रचा विश्व रिकॉर्ड, बिना रन दिए झटके 3 विकेट


    नई दिल्ली। विमेंस एशिया कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार जीत के साथ की है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने थाईलैंड को 94 रनों से करारी शिकस्त दी। इस जीत के दौरान भारतीय टीम की गेंदबाज दीप्ति शर्मा ने ऐसा इतिहास रच दिया जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। दीप्ति ने अपनी घातक गेंदबाजी से महज 1.1 ओवर में बिना कोई रन दिए 3 विकेट हासिल किए और इसी के साथ वह विमेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गईं। दीप्ति के नाम अब टी20 इंटरनेशनल में कुल 171 विकेट हो गए हैं और उन्होंने थाईलैंड की थिपाचा पुथावोंग को पीछे छोड़ दिया है जिनके नाम 170 विकेट दर्ज हैं। रवांडा की हेनरीट इशिम्वे 164 विकेट के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

    दीप्ति शर्मा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने केवल सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया बल्कि भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में तीन या उससे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन भी अपने नाम कर लिया। दीप्ति ने अपने स्पेल में एक भी रन खर्च किए बिना तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इससे पहले यह रिकॉर्ड रेणुका सिंह के नाम था जिन्होंने 2022 में पांच रन देकर तीन विकेट हासिल किए थे। दीप्ति ने इस प्रदर्शन के साथ भारतीय महिला क्रिकेट में अपनी खास जगह और मजबूत कर ली।

    मुकाबले की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की लेकिन पारी के दौरान लगातार विकेट गिरने के कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। भारतीय टीम ने निर्धारित पारी में 9 विकेट खोकर 159 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 64 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उनके अलावा प्रतिका रावल ने 22 रन बनाए जबकि स्मृति मंधाना 19 रन के स्कोर पर रनआउट हो गईं। कप्तान हरमनप्रीत कौर सिर्फ 5 रन बना सकीं जबकि भारती फुलमाली के बल्ले से 13 रन निकले। ऋचा घोष खाता खोले बिना पवेलियन लौट गईं और दीप्ति शर्मा भी बल्ले से सिर्फ 5 रन का योगदान दे सकीं।

    भारत के 159 रन के जवाब में थाईलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड की पूरी टीम महज 65 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और उन्हें खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके अलावा नंदनी शर्मा ने 18 रन देकर तीन विकेट हासिल किए जबकि श्री चरणी को दो सफलताएं मिलीं।

    इस तरह भारत ने 94 रन की बड़ी जीत के साथ एशिया कप का शानदार आगाज किया। मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण हालांकि दीप्ति शर्मा का ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी। उनकी शानदार गेंदबाजी ने न केवल थाईलैंड की पारी को जल्दी समेटने में मदद की बल्कि भारत को टूर्नामेंट में आत्मविश्वास से भरपूर शुरुआत भी दिलाई।