Category: Sports

  • नई क्रिकेट लीग ‘Sanatan Premier League’ का आगाज, मार्गदर्शन देंगे Suresh Raina

    नई क्रिकेट लीग ‘Sanatan Premier League’ का आगाज, मार्गदर्शन देंगे Suresh Raina


    नई दिल्ली। क्रिकेट और सनातन संस्कृति को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) का भव्य आगाज गुरुवार को नेहरू स्टेडियम इंदौर में हुआ। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पूजा-अर्चना के साथ टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में लीग से जुड़े अधिकारी, मेंटोर और सभी टीमों के खिलाड़ी मौजूद रहे।

    13 से 15 मार्च तक होंगे मुकाबले
    सनातन प्रीमियर लीग के पहले सीजन के मुकाबले 13 से 15 मार्च तक खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में 8 टीमें और 120 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। लीग का उद्देश्य गांवों और स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को बड़ा मंच देना है ताकि वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें।

    मेंटोर की भूमिका में दिग्गज क्रिकेटर
    इस लीग में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम भी जुड़े हुए हैं। पूर्व भारतीय स्टार बल्लेबाज सुरेश रैना, अनुभवी स्पिनर पीयूष चावला, तेज गेंदबाज मोहित शर्मा और भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने के लिए मेंटोर की भूमिका निभा रहे हैं।

    इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा टूर्नामेंट में कमेंटेटर की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मदन लाल इस लीग के कमिश्नर बनाए गए हैं।

    विजेता टीम को 31 लाख का इनाम
    टूर्नामेंट को और रोमांचक बनाने के लिए आयोजकों ने आकर्षक पुरस्कारों की भी घोषणा की है। विजेता टीम को 31 लाख रुपये, जबकि उपविजेता टीम को 15 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। खास बात यह है कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले हर खिलाड़ी को, चाहे वह एक मैच खेले या पूरे टूर्नामेंट में खेले, 11,000 रुपये की राशि दी जाएगी।

    इसके अलावा प्लेयर ऑफ द मैच को 21,000 रुपये नगद और 16,000 रुपये के जूते दिए जाएंगे। मैन ऑफ द सीरीज जीतने वाले खिलाड़ी को एक कार मिलेगी, जबकि ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को एक-एक मोटरसाइकिल से सम्मानित किया जाएगा।

    ट्रॉफी जाएगी देश के तीर्थ स्थलों तक
    आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट खत्म होने के बाद एसपीएल की ट्रॉफी को देश के कई प्रमुख तीर्थ स्थलों पर ले जाया जाएगा। इंदौर को होस्ट शहर इसलिए चुना गया क्योंकि यह प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के काफी करीब है।

    युवाओं को सही दिशा देने की पहल
    सनातन प्रीमियर लीग के प्रवक्ता सुमेंद्र तिवारी ने बताया कि इस लीग का उद्देश्य केवल क्रिकेट नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देना भी है। उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे कस्बों में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी होते हैं, जिन्हें सही मंच नहीं मिल पाता। यह लीग उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे बच्चे जो नशे या गलत गतिविधियों की ओर जा सकते थे, अब उन्हें अपनी ऊर्जा को खेल और सकारात्मक कार्यों में लगाने का मौका मिलेगा। इस तरह यह टूर्नामेंट न केवल खेल को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • आईपीएल 2026 से पहले बढ़ी चिंता, Royal Challengers Bengaluru के इस धाकड़ तेज गेंदबाज के खेलने पर संशय

    आईपीएल 2026 से पहले बढ़ी चिंता, Royal Challengers Bengaluru के इस धाकड़ तेज गेंदबाज के खेलने पर संशय


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सीजन से पहले Royal Challengers Bengaluru की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। टीम के स्टार तेज गेंदबाज Josh Hazlewood के आईपीएल 2026 में खेलने को लेकर संशय बना हुआ है। चोटों से जूझ रहे हेजलवुड अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और मेडिकल टीम की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। यदि वह टूर्नामेंट की शुरुआत तक फिट नहीं होते हैं तो आरसीबी की गेंदबाजी लाइन-अप को बड़ा झटका लग सकता है।

    चोट के कारण लंबे समय से क्रिकेट से दूर
    रिपोर्ट्स के अनुसार हेजलवुड पिछले कुछ समय से हैमस्ट्रिंग और अकिलीज टेंडन की चोट से परेशान हैं। वह फिलहाल फिजियो और मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। पूरी तरह फिटनेस हासिल करने के बाद ही उन्हें मैदान पर उतरने की अनुमति मिल सकती है। चोट के कारण ही वह हाल ही में खेले गए The Ashes और ICC Men’s T20 World Cup 2026 से भी बाहर रहे थे।

    पिछले सीजन में रहे थे आरसीबी के हीरो
    हेजलवुड पिछले सीजन में आरसीबी के लिए सबसे प्रभावी गेंदबाजों में से एक रहे थे। उन्होंने 12 मैचों में 22 विकेट लेकर टीम को पहली बार आईपीएल खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता ने विरोधी टीमों को काफी परेशान किया था। ऐसे में अगर वह इस सीजन की शुरुआत में उपलब्ध नहीं होते हैं तो टीम की गेंदबाजी कमजोर पड़ सकती है।

    न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलते समय लगी थी चोट
    हेजलवुड को नवंबर में घरेलू क्रिकेट के दौरान New South Wales cricket team के लिए खेलते समय दाहिने पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। इसी वजह से वह एशेज सीरीज के पहले टेस्ट से बाहर हो गए थे। इसके बाद उन्हें अकिलीज टेंडन की नई समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वह पूरी एशेज और फिर टी20 विश्व कप से भी बाहर रहे।

    चोटों ने प्रभावित किया आईपीएल करियर
    हेजलवुड का आईपीएल करियर भी चोटों की वजह से कई बार प्रभावित हुआ है। उन्होंने अब तक 39 आईपीएल मैच खेले हैं, जिनमें 57 विकेट अपने नाम किए हैं। हालांकि जब भी वह फिट होकर मैदान में उतरे हैं, तब उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से टीम को कई अहम मुकाबले जिताए हैं।

    आरसीबी का पहला मुकाबला SRH से
    आईपीएल 2026 में आरसीबी अपना पहला मुकाबला Sunrisers Hyderabad के खिलाफ खेलेगी। यह मैच 28 मार्च को M. Chinnaswamy Stadium में खेला जाना है। हालांकि इस मैच में एसआरएच के कप्तान Pat Cummins के खेलने पर भी संशय बना हुआ है, क्योंकि वह भी फिलहाल चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं।

    फैंस को फिटनेस अपडेट का इंतजार
    ऐसे में आईपीएल शुरू होने से पहले दोनों टीमों के फैंस की नजरें खिलाड़ियों की फिटनेस अपडेट पर टिकी हुई हैं। अगर हेजलवुड समय पर फिट होकर मैदान में लौटते हैं तो आरसीबी की गेंदबाजी और मजबूत हो जाएगी, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। 

  • माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया

    माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ भारत बैक-टू-बैक दो और कुल तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बन गया। हालांकि टूर्नामेंट में भारत को एकमात्र हार सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ झेलनी पड़ी थी।

    इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा क्रिकेट एक्सपर्ट माइकल वॉन ने इस हार और टूर्नामेंट के दौरान साउथ अफ्रीका की रणनीति पर अपनी राय रखी। वॉन ने साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की “सबसे बेवकूफ टीम” करार दिया। उनका कहना है कि सुपर-8 में भारत को हराने के बाद साउथ अफ्रीका के पास भारत को टूर्नामेंट से बाहर करने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने इसे गंवा दिया।

    माइकल वॉन ने ‘Stick to Cricket’ पॉडकास्ट में बताया कि साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को सुपर-8 में हराने नहीं दिया, जबकि अगर ऐसा होता तो भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो जाती। वॉन ने कहा, “अगर साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को रास्ता दे दिया होता, तो भारत बाहर हो जाता और उनका विजय रथ रुक जाता। उन्होंने अपने कुछ खिलाड़ियों को आराम भी दिया, जिससे भारत का रास्ता आसान हो गया।”

    साउथ अफ्रीका की यह चूक भारत के लिए सौभाग्य साबित हुई। भारत ने इसके बाद लगातार जीत दर्ज की और जिम्बाब्वे, वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा। इस प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी जीतकर अपने अभियान को यादगार बना दिया।

    वॉन की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्रिकेट में मौके गंवाना भारी पड़ सकता है, और किसी भी मजबूत टीम को शुरुआती दौर में कमजोर करना रणनीतिक तौर पर कितना अहम हो सकता है। इस बार भारत के लिए साउथ अफ्रीका की चूक ही जीत का बड़ा कारण रही।

  • 2024 से टीम इंडिया पर 377.5 करोड़ की प्राइज मनी लुटा चुका है BCCI, जीती ये 6 ICC ट्रॉफी

    2024 से टीम इंडिया पर 377.5 करोड़ की प्राइज मनी लुटा चुका है BCCI, जीती ये 6 ICC ट्रॉफी


    नई दिल्ली।2024 टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने के बाद मानों भारत के लिए आईसीसी ट्रॉफी का दरवाजा खुल गया होगा। अंडर-19 में तो भारत अपनी बादशाहत बनाए हुआ था, मगर सीनियर लेवल पर टीम इंडिया ने इससे पहले आखिरी ट्रॉफी 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में जीती थी। मगर जैसे ही रोहित शर्मा की अगुवाई ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया, तो इसके बाद टीम इंडिया ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। टीम इंडिया पिछले 2 साल में 2-4 नहीं बल्कि पूरी 6 आईसीसी ट्रॉफी जीती है। इसमें मेंस, वुमेंस और अंडर-19 क्रिकेट शामिल है। टीम इंडिया की हर जीत पर बीसीसीआई ने खूब पैसा लुटाया। आईए जानते हैं बीसीसीाई पिछले 2 सालों में टीम इंडिया को कितनी प्राइज मनी दे चुकी है।

    2024 टी20 वर्ल्ड कप- 125 करोड़
    रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने 2024 में जब टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीता था, तो बीसीसीआई ने 125 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया था। यह भारतयी क्रिकेट के लिए बेहद खास पल था, क्योंकि 11 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी देश आ रही थी। भारत ने साउथ अफ्रीका को फाइनल में हराकर यह खिताब अपने नाम किया था।

    2025 चैंपियंस ट्रॉफी- 58 करोड़
    रोहित शर्मा की कप्तानी में ही भारत ने अगले साल यानी 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता। यह वर्ल्ड कप नहीं था, जिस वजह से बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए 58 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया था।

    2026 टी20 वर्ल्ड कप- 131 करोड़
    सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने बैक टू बैक दूसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप और कुल 3 बार यह खिताब जीतने वाला पहला देश बना है। टीम इंडिया की इस उपलब्धि पर बीसीसीआई ने 131 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया।

    2025 वुमेंस वर्ल्ड कप- 51 करोड़
    मेंस ही नहीं, बल्कि भारत ने वुमेंस क्रिकेट में भी तिरंगा लगाया। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत ने पहली बार वुमेंस वर्ल्ड कप का खिताब जीता। भारत के लिए यह ऐतिहासिक पल था। बीसीसीआई ने इस मौके पर 51 करोड़ रुपए की प्राइज मनी दी।

    U19 मेंस और वुमेंस वर्ल्ड कप- 12.5 करोड़
    बीसीसीआई ने 2025 में अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली महिला टीम को 5 करोड़ तो, 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली पुरुष टीम को 7.5 करोड़ रुपए का ईनाम दिया था। इन सभी 6 आईसीसी ट्रॉफी जीतने पर बीसीसीआई ने अपनी तिजोरी से कुल 377.5 करोड़ रुपए निकाले, जो भविष्य में और ट्रॉफी जीतने के लिए खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा।

  • आईपीएल 2026 से पहले विवाद, Kavya Maran ने Sunrisers Hyderabad का बॉयकॉट करने की मांग उठाई

    आईपीएल 2026 से पहले विवाद, Kavya Maran ने Sunrisers Hyderabad का बॉयकॉट करने की मांग उठाई


    नई दिल्ली। IPL 2026 का आगाज होने में कुछ ही दिनों का समय रह गया है, इससे पहले आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के बॉयकॉट की मांग उठने लगी है। SRH के बॉयकॉय की मांग पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने को लेकर हो रही है। सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल में कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खरीदा है, बल्कि सन ग्रुप के मालिकाना हक वाली और IPL की टीम सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ी फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने इंग्लैंड में होने वाली ‘द हंड्रेड’ लीग में पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया है। सनराइजर्स लीड्स ने इस पाकिस्तानी खिलाड़ी पर 2.34 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

    यह कई सालों में पहली बार है कि किसी भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी ने किसी पाकिस्तानी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को सक्रिय रूप से अपनी टीम में शामिल किया है। जहां एक ओर UK में इस कदम की तारीफ करते हुए इसे योग्यता की जीत बताया गया, वहीं दूसरी ओर भारतीय प्रशंसकों की ओर से इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है; इनमें से कई प्रशंसकों ने तो SunRisers ब्रांड के बहिष्कार तक की मांग कर डाली है।

    अबरार अहमद सोशल मीडिया पर भारत पर तंज कसते हुए कई बार पोस्ट करते नजर आते हैं। फैंस का दावा है कि उसमें भारतीय सेना का मजाक उड़ाया गया था। ऐसे में जैसे ही इस खिलाड़ी को साइन किए जाने की खबर सामने आई, X पर #ShameOnSRH और #BoycottSunrisers जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

    आलोचकों ने तर्क दिया कि एक ऐसे खिलाड़ी को भारी-भरकम कॉन्ट्रैक्ट देकर, जिसने सार्वजनिक रूप से भारतीय सुरक्षा बलों का अपमान किया था, फ्रेंचाइज़ी मालिकों ने अपने फ़ायदे के लिए राष्ट्रीय भावनाओं की अनदेखी की है।

    एक यूजर ने लिखा, ‘ये वही Abrar Ahmed है जिसके लिए Sunrisers Leeds की मालकिन Kavya Maran ने 2.3 करोड़ पानी की तरह बहा दिए। Abrar Ahmed ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 140 करोड़ हिन्दुस्तानियों का मजाक उड़ाया था। शर्म आनी चाहिए Kavya Maran को।’

    वहीं अन्य यूजर ने लिखा, ‘IPL में जब शाहरुख खान की टीम ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर को खरीदा था, तब सोशल मीडिया पर काफी बवाल हुआ था। लेकिन अब सवाल ये है कि Kavya Maran की टीम Sunrisers Leeds ने उस पाकिस्तानी खिलाड़ी Abrar Ahmed को क्यों खरीदा, जिसने कुछ दिन पहले भारतीय जवानों का मज़ाक उड़ाया था? जब किसी खिलाड़ी का रवैया इतना विवादित हो चुका था, तो The Hundred के ऑक्शन में उसे खरीदने की क्या जरूरत थी? खेल अपनी जगह है, लेकिन देश और सैनिकों के सम्मान से बड़ा कुछ नहीं होना चाहिए।’

    एक यूजर ने लिखा, ‘गद्दार, गद्दार, गद्दार! अबरार अहमद, जिसने हमारी रक्षा सेनाओं का मजाक उड़ाया। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। घिनौना! उसने चाय पीने का इशारा करके भारतीय फाइटर पायलट अभिनंदन का, बेवजह के जश्न मनाकर भारतीय खिलाड़ियों का, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हमारे भारतीय सैनिकों का मजाक उड़ाया। काव्या मारन पर शर्म आती है, जिसने अबरार अहमद को खरीदा। SRH का बॉयकॉट करो।’

  • इंडियन प्रीमियर लीग से पहले पंजाब किंग्स ने लॉन्च की नई जर्सी

    इंडियन प्रीमियर लीग से पहले पंजाब किंग्स ने लॉन्च की नई जर्सी


    नई दिल्ली।
    आगामी इंडियन प्रीमियर लीग सत्र से पहले पंजाब किंग्स ने अपनी नई आधिकारिक मैच जर्सी का अनावरण किया है। नई जर्सी में पंजाब किंग्स के पारंपरिक लाल और नीले रंग को बरकरार रखा गया है, जो टीम की ऊर्जा, गर्व और निडर रवैये का प्रतीक माने जाते हैं। इस बार जर्सी के डिजाइन में खास पैटर्न जोड़ा गया है, जिसकी शुरुआत टीम के प्रतीक शेर से होती है और आगे बढ़ते हुए कपड़े पर हीरे के आकार के डिजाइनों में बदल जाता है।

    इस डिजाइन के जरिए टीम और खिलाड़ियों की यात्रा को दर्शाने की कोशिश की गई है। शेर टीम की ताकत, आक्रामकता और प्राकृतिक प्रतिभा का प्रतीक है, जबकि हीरे का पैटर्न उस प्रतिभा को दर्शाता है जो कड़ी मेहनत, तैयारी और उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा से निखरती है।

    फ्रेंचाइजी का मानना है कि यह अवधारणा उनकी उस सोच को भी दर्शाती है, जिसके तहत युवा प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें भरोसा और सही मार्गदर्शन दिया जाता है, ताकि वे बड़े मंच पर मैच जिताने वाले खिलाड़ी बन सकें।

    पिछले सत्र में टीम के मजबूत प्रदर्शन के बाद पेश की गई यह नई जर्सी एक ऐसे दल का संकेत देती है, जो नए आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ रहा है। परंपरा और आधुनिकता के मिश्रण के साथ तैयार की गई यह जर्सी पंजाब किंग्स के प्रशंसकों के साथ-साथ दुनिया भर में टीम के बढ़ते दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है।

  • विश्व कप में जगह पक्की करने के बाद अब खिताब पर भारतीय महिला हॉकी टीम की नजर

    विश्व कप में जगह पक्की करने के बाद अब खिताब पर भारतीय महिला हॉकी टीम की नजर


    हैदराबाद। ए
    फआईएच महिला हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026 में पहले ही विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी भारतीय महिला हॉकी टीम अब टूर्नामेंट का खिताब जीतने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सेमीफाइनल में शुक्रवार को भारत का सामना इटली से होगा।

    भारतीय टीम ने पूल-बी में तीन मैचों से सात अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। समान सात अंक होने के बावजूद बेहतर गोल अंतर के आधार पर भारत पहले स्थान पर रहा, जबकि स्कॉटलैंड दूसरे स्थान पर रहा। मेजबान टीम ने पूल चरण में दो मैच जीते और एक मुकाबला ड्रॉ खेला।

    भारत ने अपने अभियान की शुरुआत उरुग्वे पर 4-0 की शानदार जीत के साथ की। दूसरे मैच में स्कॉटलैंड के खिलाफ मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा, जबकि अंतिम पूल मैच में वेल्स को 4-1 से हराकर टीम ने प्रभावशाली तरीके से ग्रुप चरण समाप्त किया।

    पूल चरण में दमदार प्रदर्शन के साथ भारत ने एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भी अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार दो क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में चौथे स्थान पर रहने वाली सबसे ऊंची विश्व रैंकिंग वाली टीम को भी विश्व कप का टिकट मिलता है।

    इससे पहले सैंटियागो में खेले गए क्वालीफायर चरण में चिली, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड ने सीधे विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था, जबकि जापान चौथे स्थान पर रहा था और उसकी विश्व रैंकिंग 15वीं है। विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर मौजूद भारत ने सुनिश्चित कर लिया कि वह दोनों क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में सबसे ऊपर रहेगा, जिससे उसका विश्व कप में स्थान पक्का हो गया।

    अब भारत सेमीफाइनल में इटली के खिलाफ जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगा। इटली ने पूल-ए में चार अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया था, जहां उसने एक मैच जीता, एक ड्रॉ खेला और एक मुकाबला गंवाया।

    भारतीय टीम को फॉरवर्ड नवनीत कौर से भी बड़ी उम्मीदें होंगी। नवनीत कौर अभी तक चार गोल के साथ टूर्नामेंट की संयुक्त शीर्ष स्कोरर हैं। उन्होंने वेल्स के खिलाफ अंतिम पूल मैच में शानदार हैट्रिक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। दूसरी ओर इटली की टीम अपनी प्रमुख आक्रामक खिलाड़ी फेडेरिका कार्टा पर भरोसा करेगी, जिन्होंने अब तक प्रतियोगिता में तीन गोल किए हैं।

    दोनों टीमों के बीच 2012 से अब तक सात मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने पांच मैच जीते हैं, जबकि इटली को एक जीत मिली है और एक मैच ड्रॉ रहा है। इससे सेमीफाइनल से पहले भारत को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। सेमीफाइनल से पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच श्योर्ड मरीन ने कहा कि विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई करना टीम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन, संयम और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया है।

    उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य केवल क्वालीफाई करना नहीं है, बल्कि हर मैच के साथ बेहतर प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट का खिताब जीतना है। उनके अनुसार सेमीफाइनल एक बड़ी चुनौती होगी और टीम पूरी एकाग्रता और ऊर्जा के साथ मैदान में उतरेगी।

  • हार्दिक पंड्या पर तिरंगे के अपमान का आरोप, टी-20 वर्ल्ड कप जश्न में वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत दर्ज

    हार्दिक पंड्या पर तिरंगे के अपमान का आरोप, टी-20 वर्ल्ड कप जश्न में वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत दर्ज



    नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के जश्न के दौरान क्रिकेटर हार्दिक पंड्या पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगाते हुए बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने यह शिकायत शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में दी। शिकायत में कहा गया है कि अहमदाबाद में भारत की जीत के मौके पर पंड्या ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंच पर लेटते हुए तिरंगा ओढ़ा था, जो राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के खिलाफ है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, मैदान पर जश्न मनाते हुए वायरल हुए वीडियो में पंड्या अपने कंधे पर तिरंगा ओढ़कर दौड़ते और नाचते दिखाई दे रहे हैं। वाजिद खान का आरोप है कि जश्न के दौरान पंड्या ने तिरंगे का सम्मान नहीं किया और इस कारण यह ‘द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ की धारा 2 के तहत अपराध बनता है। इस कानून के तहत राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है और तिरंगे को जमीन पर गिराने या अनुचित तरीके से पहनने पर दंडनीय कार्रवाई की जा सकती है।

    प्रारंभ में पुलिस ने कहा कि घटना अहमदाबाद में हुई थी, इसलिए मामला वहीं दर्ज होना चाहिए, लेकिन वकील ने तर्क दिया कि तिरंगा पूरे देश का राष्ट्रीय प्रतीक है, इसलिए शिकायत कहीं भी दर्ज की जा सकती है। बाद में पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली और उसकी कॉपी उन्हें प्रदान की।

    टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। यह भारत का तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप खिताब है। इससे पहले भारत ने 2007 और 2024 में भी यह खिताब जीता था। खास बात यह है कि यह पहली बार है जब किसी टीम ने अपने ही देश में टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर लगातार दो खिताब अपने नाम किए।

    इस बीच सोशल मीडिया पर पंड्या के वीडियो ने खूब सुर्खियां बटोरीं। खेल प्रेमियों और आलोचकों ने पंड्या की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है। वहीं, कई समर्थकों ने यह भी कहा कि जश्न के दौरान भावनाओं में गलती हो सकती है, लेकिन कानून का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।

    पंड्या और उनके एजेंट की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस ने कहा कि शिकायत दर्ज हो गई है और मामले की जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या पंड्या के द्वारा तिरंगे की गरिमा के साथ किसी प्रकार का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, ‘द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ का उद्देश्य केवल दिखावे या अनजाने में किए गए उल्लंघन को नहीं, बल्कि जानबूझकर राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान करने वाले कार्यों को रोकना है।

    इस पूरे मामले ने एक बार फिर खेल और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि खेल के जश्न और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।

  • तेज़ी और स्टेमिना का संगम, Mohammed Siraj बन गए विदेशी पिचों पर भारत की मुख्य ढाल

    तेज़ी और स्टेमिना का संगम, Mohammed Siraj बन गए विदेशी पिचों पर भारत की मुख्य ढाल


    नई दिल्ली। मौजूदा समय में अगर कोई तेज गेंदबाज लंबे स्पेल डालने और टीम को हर परिस्थिति में मजबूती देने की क्षमता रखता है, तो उसका नाम है मोहम्मद सिराज। अपनी जीवटता, कभी न थकने वाली ऊर्जा और आक्रामक गेंदबाजी के लिए सिराज को दुनिया भर में जाना जाता है।

    कठिन परिश्रम से चमका क्रिकेट सितारा
    दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का जन्म 13 मार्च 1994 को सिकंदराबाद में हुआ। उनके पिता ऑटो ड्राइवर थे और परिवार की सीमित संसाधनों के बावजूद सिराज ने क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का सपना कभी नहीं छोड़ा। 16 साल की उम्र में क्रिकेट में कदम रखने वाले सिराज ने 19 साल की उम्र में क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया और जल्द ही रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद के लिए डेब्यू किया।

    घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन
    सिराज ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। 2016-17 के रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 41 विकेट लेकर हैदराबाद के लिए सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया, जबकि उनकी औसत केवल 18.92 रही। इसके बाद 2017-18 विजय हजारे ट्रॉफी में सात मैचों में 23 विकेट लेकर वह अग्रणी विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने। इस निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रास्ता खोला।

    अंतरराष्ट्रीय सफर और टीम मैन की पहचान
    सिराज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2017 में टी20 से शुरुआत की। वनडे में उनका डेब्यू 2019 और टेस्ट में 2020 में हुआ। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से सिराज ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी खासियत यह है कि वह कभी थकते नहीं और टीम की हर जरूरत के समय उपलब्ध रहते हैं।

    विदेशी पिचों पर भारत की सबसे बड़ी ढाल
    140 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास की गति से लंबे स्पेल डालना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन सिराज इसे लगातार करते हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के दौरे इसका शानदार उदाहरण हैं, जहां सिराज ने बिना थके टीम को हर टेस्ट मैच में मजबूती दी। उनकी गति, स्विंग और उछाल सिराज को खतरनाक बनाती है, और कई बार उन्होंने अकेले दम पर मैच भारत के पक्ष में किया है।

    रिकॉर्ड और उपलब्धियां
    21 जनवरी 2023 को सिराज आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर वन गेंदबाज बने। अब तक सिराज ने 45 टेस्ट मैचों में 139, 50 वनडे में 76 और 17 टी20 में 17 विकेट लिए हैं। इसके अलावा आईपीएल में 108 मैचों में उन्होंने 109 विकेट चटकाए हैं।

    आईसीसी टूर्नामेंट्स में अहम भूमिका
    सिराज 2023 में एशिया कप जीतने वाली टीम इंडिया के सदस्य थे। वह वनडे विश्व कप 2023, टी20 विश्व कप 2024 और टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उनके प्रदर्शन से टीम इंडिया को बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स, खासकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में, जीत की उम्मीद बनी रहती है।

    भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद तेज गेंदबाज
    मोहम्मद सिराज न केवल तेज गेंदबाजी में बल्कि टीम के लिए अडिग समर्थन में भी मिसाल हैं। घरेलू से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक की उनकी यात्रा कठिनाइयों और लगातार मेहनत का प्रतीक है। विदेशी पिचों पर उनकी प्रदर्शन क्षमता और कभी न थकने वाली ऊर्जा उन्हें भारतीय क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज बनाती है।