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  • तीसरे वनडे में 200 रन से बड़ी जीत, न्यूजीलैंड महिलाओं ने जिम्बाब्वे का किया सूपड़ा साफ

    तीसरे वनडे में 200 रन से बड़ी जीत, न्यूजीलैंड महिलाओं ने जिम्बाब्वे का किया सूपड़ा साफ


    नई दिल्ली। न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में न्यूज़ीलैंड ने जिम्बाब्वे को 200 रन के बड़े अंतर से हराया। यूनिवर्सिटी ओवल मैदान पर खेले गए इस मैच में कप्तान Amelia Kerr ने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल का प्रदर्शन किया और टीम को दमदार जीत दिलाई।

    टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने चुनी बल्लेबाजी
    मैच में न्यूज़ीलैंड की कप्तान Amelia Kerr ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत अच्छी रही और केर ने ओपनिंग करते हुए Emma McLeod के साथ पहले विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी की। हालांकि मैक्लियोड ज्यादा देर टिक नहीं सकीं और 29 गेंदों पर 16 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान केर ने पारी को संभालते हुए Izzy Sharp के साथ दूसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े। धीरे-धीरे न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी मजबूत होती गई और टीम ने मध्य ओवरों में तेजी से रन बनाए।

    अमेलिया केर की कप्तानी पारी
    न्यूज़ीलैंड की कप्तान Amelia Kerr ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 106 गेंदों में 80 रन बनाए। अपनी इस बेहतरीन पारी में उन्होंने 10 चौके लगाए। तीसरे विकेट के लिए केर और Maddy Green के बीच 60 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई।

    जब टीम का स्कोर 156 रन था, तभी केर का विकेट गिरा। लेकिन इसके बाद भी न्यूजीलैंड की रन गति कम नहीं हुई और बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में खेल जारी रखा।

    ग्रीन और हालिडे की तूफानी साझेदारी
    पारी के मध्य में Maddy Green और Georgia Plimmer Halliday (हालिडे) ने चौथे विकेट के लिए 110 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालिडे ने 40 गेंदों में 40 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 1 छक्का शामिल था।

    वहीं ग्रीन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक के करीब पहुंचकर भी 94 रन पर आउट हो गईं। उन्होंने 73 गेंदों की पारी में 12 चौके लगाए। उनकी इस पारी ने टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    अंत में Jess Kerr ने 13 रन और विकेटकीपर Izzy Gaze ने नाबाद 18 रन बनाकर टीम का स्कोर 6 विकेट पर 303 रन तक पहुंचा दिया।

    जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप
    304 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी Zimbabwe women’s national cricket team की शुरुआत बेहद खराब रही। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के सामने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम 27.1 ओवर में केवल 103 रन पर सिमट गई। जिम्बाब्वे के लिए Loreen Tshuma ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज टिक नहीं सके।

    गेंदबाजी में भी अमेलिया केर का कमाल
    गेंदबाजी में भी कप्तान Amelia Kerr ने कमाल कर दिया। उन्होंने सिर्फ 3.1 ओवर में 22 रन देकर 5 विकेट झटके और जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा Rosemary Mair को 2 विकेट मिले, जबकि Jess Kerr, Bree Illing और Nensi Patel ने 1-1 विकेट लिया।

    अमेलिया केर बनीं मैच और सीरीज की स्टार
    शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए Amelia Kerr को प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उनकी कप्तानी और प्रदर्शन की बदौलत न्यूजीलैंड ने यह सीरीज 3-0 से क्लीन स्वीप कर ली।

    इस जीत के साथ न्यूजीलैंड महिला टीम ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मजबूत और संतुलित टीम है, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।

  • पाकिस्तान की वनडे टीम में 3 खिलाड़ी करेंगे डेब्यू,एक है T20 वर्ल्ड कप का टॉप परफॉर्मर

    पाकिस्तान की वनडे टीम में 3 खिलाड़ी करेंगे डेब्यू,एक है T20 वर्ल्ड कप का टॉप परफॉर्मर


    नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। टीम में इस बार तीन नए खिलाड़ी डेब्यू करेंगे, और ये सभी टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करेंगे। पाकिस्तान के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने इस बात की पुष्टि मैच की पूर्व संध्या पर की। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद यह पाकिस्तान की पहली सीरीज है और टीम का टॉप ऑर्डर इस बार पूरी तरह नया नजर आएगा।

    तीन नए खिलाड़ियों का डेब्यू, टॉप 3 में बैटिंग
    अफरीदी ने बताया कि साहिबजादा फरहान, माज सदाकत और शमील हुसैन पहले वनडे मैच में डेब्यू करेंगे। इन तीनों खिलाड़ियों को टीम के टॉप 3 में बल्लेबाजी करने का मौका मिलेगा। फरहान और सदाकत पारी की शुरुआत करेंगे, जबकि शमील तीसरे नंबर पर बैटिंग करेंगे। कप्तान अफरीदी ने कहा कि यह युवा खिलाड़ी न केवल इस सीरीज में बल्कि भविष्य में पाकिस्तान क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

    T20 वर्ल्ड कप के टॉप परफॉर्मर साहिबजादा फरहान
    साहिबजादा फरहान ने हाल ही में समाप्त हुए ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट में उन्होंने 383 रन बनाए, जो किसी भी अन्य खिलाड़ी से सबसे ज्यादा थे। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट में सेमीफाइनल और फाइनल तक नहीं पहुँच पाई थी, लेकिन फरहान का प्रदर्शन बेहद रोचक और यादगार रहा। अफरीदी ने कहा कि फरहान टी20 और लिस्ट ‘A’ क्रिकेट में लगातार टॉप परफॉर्मर रहे हैं, इसलिए उन्हें वनडे टीम में मौका देना बिलकुल उचित है।

    माज सदाकत और शमील हुसैन की घरेलू उपलब्धियां
    नए खिलाड़ियों में माज सदाकत और शमील हुसैन ने घरेलू क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है। अफरीदी ने कहा कि माज सदाकत ओपनिंग करेंगे और शमील वन डाउन पर बैटिंग करेंगे। यह युवा खिलाड़ी डेब्यू मैच में अपनी स्किल्स दिखाने के लिए तैयार हैं। अफरीदी ने कहा, “हम उन्हें पाकिस्तान के लिए खेलते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं, सिर्फ एक सीरीज के लिए नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए।”

    पाकिस्तान का उत्साह और भविष्य की तैयारी
    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस सीरीज के लिए कुल छह अनकैप्ड खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है, जिनमें से तीन आज डेब्यू कर रहे हैं। टीम में इन युवा खिलाड़ियों को मौका देना पाकिस्तान क्रिकेट की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसमें भविष्य के लिए मजबूत बल्लेबाजी क्रम तैयार करना शामिल है। अफरीदी ने यह भी जोड़ा कि टीम को नई ऊर्जा और जोश मिलेगा, और ये युवा खिलाड़ी बड़े मैचों में अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

    ढाका में शुरू हो रही सीरीज
    तीन मैचों की यह वनडे सीरीज ढाका में 11 से 15 मार्च तक खेली जाएगी। पाकिस्तान की नजर न केवल सीरीज जीत पर है, बल्कि टीम के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने पर भी है। अफरीदी ने कहा कि यह डेब्यू केवल शुरुआत है और इन खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदर्शन भविष्य में पाकिस्तान क्रिकेट के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे।

    इस सीरीज में पाकिस्तान का टॉप ऑर्डर पूरी तरह नया है। तीन नए खिलाड़ियों का डेब्यू और फरहान जैसे T20 वर्ल्ड कप टॉप परफॉर्मर का शामिल होना टीम को नई ऊर्जा देगा। ढाका की पिच और बांग्लादेश की चुनौती के बीच यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए स्वर्ण अवसर साबित हो सकती है।

  • टी20 विश्व कप फाइनल में आचार संहिता उल्लंघन पर अर्शदीप सिंह पर जुर्माना

    टी20 विश्व कप फाइनल में आचार संहिता उल्लंघन पर अर्शदीप सिंह पर जुर्माना

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    अहमदाबाद। भारत के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मुकाबले के दौरान की घटना को लेकर की गई है।

    आईसीसी के अनुसार अर्शदीप ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 का उल्लंघन किया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद या अन्य उपकरण फेंकने से संबंधित है। यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में हुई, जब अर्शदीप ने अपनी गेंदबाजी के फॉलो-थ्रू के दौरान गेंद को तेजी से फेंका, जो बल्लेबाज डेरिल मिशेल के पैड से जा टकराई। इसे अनुचित आचरण मानते हुए अंपायरों ने मामला दर्ज किया।

    इस उल्लंघन के चलते अर्शदीप के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है। अर्शदीप ने आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाईक्राफ्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया, जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।

    मैदान पर मौजूद अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ के साथ तीसरे अंपायर अल्लाहुद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक ने यह आरोप लगाया था। आईसीसी नियमों के अनुसार लेवल-1 के उल्लंघन पर आधिकारिक चेतावनी से लेकर मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं।

  • टी20 वर्ल्ड कप के पीछे की कहानी, गंभीर बोले अगरकर ईमानदारी से काम कर रहे, अजीत ने रचा 'चक्रव्यूह'

    टी20 वर्ल्ड कप के पीछे की कहानी, गंभीर बोले अगरकर ईमानदारी से काम कर रहे, अजीत ने रचा 'चक्रव्यूह'


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के पीछे टीम के लिए रणनीति तैयार करने वाले मास्टरमाइंड अजीत अगरकर थे, जिनके कड़े और साहसिक फैसलों ने टीम इंडिया को विजेता बनाया। हेड कोच गौतम गंभीर ने इस मौके पर कहा, “अगरकर की काफी आलोचना होती रही, लेकिन वह अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं।” अगरकर के नेतृत्व में भारत ने पिछले तीन वर्षों में वनडे वर्ल्ड कप 2023, टी20 वर्ल्ड कप 2024, और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी जीत हासिल की थी।

    सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अगरकर की रणनीति
    अजीत अगरकर ने 2023 में सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष का पद संभाला। इस दौरान उन्होंने टीम की लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौके दिए, फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दी और टीम में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों को बाहर किया। अगरकर के फैसलों में एक खास रणनीति यह थी कि भविष्य की पीढ़ी को मजबूत आधार मिल सके। उनके इस दृष्टिकोण का असर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साफ नजर आया, जब टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

    कप्तान और कोच के बीच तालमेल
    टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया, जबकि हार्दिक पंड्या पर भी दांव खेला जा रहा था। अगरकर ने सूर्या पर भरोसा जताया और वह तीसरे भारतीय कप्तान बने जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप जीताया। सूर्यकुमार ने बताया कि हेड कोच गंभीर के साथ उनका तालमेल शानदार रहा, जिससे प्लेइंग इलेवन तैयार करना आसान हुआ। अगरकर की यह रणनीति टीम के भीतर सामंजस्य और विजेता मानसिकता बनाने में सफल रही।

    युवा सितारों को मिले मौके, टीम को मिले नायक
    टी20 वर्ल्ड कप में ईशान किशन को टीम में मौका दिया गया, जिन्होंने 9 मैचों में 317 रन बनाए और चौथे नंबर पर सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में स्थान पाया। इसके अलावा संजू सैमसन, जो पिछले साल खासा प्रभावित नहीं कर सके थे, को अगरकर ने टीम में शामिल किया। संजू ने वेस्टइंडीज (97*), इंग्लैंड (89) और न्यूजीलैंड (89) के खिलाफ शानदार पारियां खेली और 321 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने।

    पर्दे के पीछे का मास्टरमाइंड
    अजीत अगरकर ने पूरी टूर्नामेंट के दौरान पर्दे के पीछे टीम के लिए रणनीति बनाई और निर्णायक कदम उठाए। रोहित शर्मा के स्थान पर शुभमन गिल को वनडे टीम की कमान देना और युवा खिलाड़ियों को मौके देना उनके साहसिक फैसलों का हिस्सा था। अगरकर ने अपनी ईमानदारी और दूरदर्शिता से भारतीय क्रिकेट को नए बुलंदियों तक पहुंचाया।

  • टीम इंडिया को BCCI का ऐतिहासिक इनाम: ₹131 करोड़, भारत तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन

    टीम इंडिया को BCCI का ऐतिहासिक इनाम: ₹131 करोड़, भारत तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन



    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए ₹131 करोड़ का इनाम घोषित किया है। यह राशि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच उनके योगदान के अनुसार बांटी जाएगी।

    फाइनल मुकाबला: भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया
    भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से मात दी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया और लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई।

    BCCI ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और सिलेक्टर्स को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि टीम भविष्य में भी इसी तरह देश का नाम रोशन करती रहेगी।

    पुरस्कार राशि और बंटवारा
    कुल पुरस्कार राशि: ₹131 करोड़

    टीम इंडिया को मिली ICC प्राइज मनी: 3 मिलियन डॉलर (करीब ₹27.5 करोड़)

    रनर-अप न्यूजीलैंड: 1.6 मिलियन डॉलर (करीब ₹14.7 करोड़)

    इनाम का बंटवारा: खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच योगदान के अनुसार

    भारत बना तीन बार का टी-20 वर्ल्ड कप विजेता
    टीम इंडिया ने अब तक तीन बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा:

    2007: साउथ अफ्रीका में पहला खिताब

    2024: वेस्टइंडीज में दूसरा खिताब

    2026: अहमदाबाद में घरेलू मैदान पर तीसरा खिताब

    इस उपलब्धि के साथ भारत तीन बार की टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड केवल दो-दो बार खिताब जीत पाए हैं।

    जश्न के अनोखे अंदाज: सूर्या का ऐतिहासिक फोटोशूट
    टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने अलग-अलग अंदाज में जश्न मनाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने गुजरात के गांधीनगर स्थित 500 साल पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी, अडालज नी वाव में ट्रॉफी के साथ फोटोशूट कर यादगार पल बनाए।

    BCCI की प्रतिक्रिया और भावी उम्मीदें
    BCCI ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि टीम भविष्य में भी इसी तरह देश का नाम रोशन करती रहे। बोर्ड ने खिलाड़ियों से उम्मीद जताई कि वे भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन करते रहेंगे और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

  • आईपीएल का पहला हिस्सा तय, शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक बीसीसीआई करेगी जारी

    आईपीएल का पहला हिस्सा तय, शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक बीसीसीआई करेगी जारी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पुष्टि की है कि आईपीएल 2026 के शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक जारी कर दिया जाएगा। बीसीसीआई सचिव Devjit Saikia ने आईएएनएस को बताया, “हम शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। शेष मुकाबलों का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान किसी भी टकराव से बचना है, खासकर पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों के समय।

    आईपीएल 2026 की सभी टीमों ने शेड्यूल घोषित
    आईपीएल 2026 की सभी टीमों ने शेड्यूल घोषित होने से पहले ही प्री-सीजन तैयारियों की शुरुआत कर दी है। चेन्नई सुपर किंग्स ने 1 मार्च को नवलूर के हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास शुरू किया, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 10 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में छोटा-सा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। गुजरात टाइटंस ने नाथद्वारा के मिराज इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दो अभ्यास सत्र किए। पंजाब किंग्स फरवरी की शुरुआत में अबू धाबी में अभ्यास कर रही थी और फिलहाल धर्मशाला में प्री-सीजन शिविर जारी है। सनराइजर्स हैदराबाद ने 1 मार्च को अपने घरेलू खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण शुरू किया और मुंबई इंडियंस ने आगामी सीजन के लिए अभ्यास आरंभ कर दिया।

    कोलकाता नाइट राइडर्स 18 मार्च से प्री-सीजन शिविर शुरू करेगी, जबकि राजस्थान रॉयल्स 15 मार्च से जयपुर में अभ्यास शिविर के लिए इकट्ठा होने की उम्मीद है। दिल्ली कैपिटल्स ने हाल ही में हैदराबाद में पहला शिविर आयोजित किया और आगे दिल्ली में दूसरा शिविर संभावित है। लखनऊ सुपर जायंट्स ने लखनऊ में अपना तैयारी सत्र पहले ही पूरा कर लिया है।

    तैयारी और रणनीति का महत्व
    टीमों ने प्री-सीजन प्रशिक्षण शिविरों में फिटनेस, तकनीक और रणनीति पर खास ध्यान दिया है। बीसीसीआई के अनुसार, शुरुआती 20 दिनों के शेड्यूल के बाद टीमों को अपनी गेम प्लान के अनुसार तैयारियां अंतिम रूप देने का मौका मिलेगा।

    फुटबॉल से लेकर क्रिकेट तक, प्री-सीजन तैयारी टीमों की सफलता में अहम भूमिका निभाती है। आईपीएल 2026 में भी यह रणनीति खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस और मुकाबलों के परिणाम पर असर डालेगी।

    आईपीएल 2026 का यह सीजन दर्शकों के लिए रोमांचक मुकाबले और नई रणनीतियों का मौका लेकर आएगा। 12 मार्च के बाद शेड्यूल जारी होने के साथ ही फैंस अपने पसंदीदा मैचों की तारीखें और स्थान जान सकेंगे, जिससे रोमांच और उत्साह और भी बढ़ जाएगा।

  • आईपीएल इतिहास के 5 सबसे बड़े रन मशीन, जिन्होंने बनाए सबसे ज्यादा रन

    आईपीएल इतिहास के 5 सबसे बड़े रन मशीन, जिन्होंने बनाए सबसे ज्यादा रन


    नई दिल्ली। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग Indian Premier League में अब तक 18 सीजन खेले जा चुके हैं। इस दौरान कई महान बल्लेबाजों ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है।

    आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो इस सूची में भारतीय खिलाड़ियों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिलता है। टॉप-5 बल्लेबाजों में चार खिलाड़ी भारत के हैं, जबकि सिर्फ एक विदेशी खिलाड़ी इस सूची में जगह बना पाया है। आइए जानते हैं आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले इन पांच दिग्गज बल्लेबाजों के बारे में।

    1. विराट कोहली – आईपीएल के सबसे बड़े रन-मशीन
    आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड Virat Kohli के नाम है। कोहली ने अपने पूरे आईपीएल करियर में सिर्फ Royal Challengers Bengaluru के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।

    कोहली अब तक 267 मैच खेल चुके हैं और उन्होंने 39.54 की औसत से 8,661 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 8 शतक और 63 अर्धशतक निकले हैं। इसके अलावा उन्होंने 291 छक्के और 771 चौके भी लगाए हैं। कोहली की लगातार रन बनाने की क्षमता ने उन्हें आईपीएल इतिहास का सबसे सफल बल्लेबाज बना दिया है।

    2. रोहित शर्मा – शानदार रिकॉर्ड के साथ दूसरे स्थान पर
    भारतीय कप्तान Rohit Sharma इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 2008 से अब तक आईपीएल में दो टीमों के लिए खेलते हुए शानदार बल्लेबाजी की है।

    रोहित ने अब तक 29.73 की औसत से 7,046 रन बनाए हैं। उनके नाम 2 शतक और 47 अर्धशतक दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने 302 छक्के और 640 चौके भी लगाए हैं। रोहित की विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें आईपीएल के महान बल्लेबाजों में शामिल करता है।

    3. शिखर धवन – लगातार रन बनाने वाले भरोसेमंद बल्लेबाज
    बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज Shikhar Dhawan इस सूची में तीसरे स्थान पर आते हैं। उन्होंने 2008 से 2024 के बीच आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया।

    धवन ने 222 मैचों में 35.25 की औसत से 6,769 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 51 अर्धशतक लगाए। उनके बल्ले से 152 छक्के और 768 चौके भी निकले हैं। धवन अपनी आक्रामक शुरुआत और स्थिर बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।

    4. डेविड वॉर्नर – टॉप-5 में शामिल एकमात्र विदेशी खिलाड़ी
    ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज David Warner इस सूची में चौथे स्थान पर हैं और टॉप-5 में शामिल एकमात्र विदेशी खिलाड़ी भी हैं।

    वॉर्नर ने 2009 से 2024 के बीच 184 मैच खेले और 40.52 की शानदार औसत से 6,565 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 62 अर्धशतक निकले। उन्होंने आईपीएल में 236 छक्के और 663 चौके भी लगाए हैं। वॉर्नर की आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें लीग के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ियों में शामिल किया है।

    5. सुरेश रैना – मिस्टर आईपीएल का दमदार रिकॉर्ड
    पूर्व भारतीय क्रिकेटर Suresh Raina को अक्सर “मिस्टर आईपीएल” कहा जाता है और वे इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    रैना ने 2008 से 2021 के बीच 205 मैच खेले और 32.51 की औसत से 5,528 रन बनाए। उनके बल्ले से 1 शतक और 39 अर्धशतक निकले। इसके अलावा उन्होंने 203 छक्के और 506 चौके भी लगाए। रैना लंबे समय तक आईपीएल के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक रहे और उन्होंने कई मैचों में अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

  • क्रिकेट में नई पारी शुरू! साउदर्न ब्रेव के हेड कोच बने हेमंग बदानी, इयान बेल को मिली अहम भूमिका

    क्रिकेट में नई पारी शुरू! साउदर्न ब्रेव के हेड कोच बने हेमंग बदानी, इयान बेल को मिली अहम भूमिका


    नई दिल्ली। इंग्लैंड की प्रतिष्ठित क्रिकेट लीग The Hundred के आगामी सीजन से पहले Southern Brave ने अपनी पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव किया है। फ्रेंचाइजी ने भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर Hemang Badani को टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है, जबकि इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज Ian Bell को उनका असिस्टेंट कोच बनाया गया है। नए सीजन से पहले यह फैसला टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ी कड़ी, एक महीने बाद हुआ बड़ा फैसला
    दिलचस्प बात यह है कि यह नियुक्ति उस फैसले के करीब एक महीने बाद हुई है, जब Delhi Capitals ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी Indian Premier League में इयान बेल को हेमंग बदानी के डिप्टी के तौर पर अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल किया था। दरअसल, दिल्ली कैपिटल्स के मालिक GMR Group ने जुलाई 2025 में साउदर्न ब्रेव फ्रेंचाइजी में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके बाद से दोनों टीमों के कोचिंग ढांचे और रणनीतियों में सामंजस्य बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। बदानी और बेल की यह जोड़ी उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

    साउदर्न ब्रेव का प्रदर्शन और नई उम्मीदें
    साउदर्न ब्रेव की टीम ‘द हंड्रेड’ के पहले ही सीजन यानी 2021 में चैंपियन बनी थी और उसने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा था। इसके बाद 2024 में यह टीम फाइनल तक पहुंची और रनर-अप रही। हालांकि, पिछले सीजन में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। साउदर्न ब्रेव ने अपने आधे मुकाबले गंवा दिए और अंक तालिका में पिछड़ गई। नतीजतन टीम नॉकआउट दौर में जगह बनाने में भी असफल रही। ऐसे में फ्रेंचाइजी ने कोचिंग सेटअप में बदलाव करते हुए नई ऊर्जा और रणनीति के साथ वापसी की तैयारी शुरू कर दी है।

    फ्रेंचाइजी क्रिकेट में बदानी का अनुभव
    हेमंग बदानी का कोचिंग अनुभव फ्रेंचाइजी क्रिकेट में काफी व्यापक माना जाता है। वह पिछले कुछ वर्षों से जीएमआर ग्रुप के स्वामित्व वाली कई टीमों के साथ कोचिंग भूमिका निभा चुके हैं। अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट में Seattle Orcas और यूएई की लीग International League T20 में Dubai Capitals के साथ भी उनकी अहम भूमिका रही है। बतौर खिलाड़ी बदानी ने भारत के लिए 4 टेस्ट और 40 वनडे मुकाबले खेले हैं और मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई थी। अब वह अपने अनुभव के दम पर साउदर्न ब्रेव को नई दिशा देने की कोशिश करेंगे।

    इयान बेल का अनुभव टीम के लिए होगा फायदेमंद
    दूसरी ओर, इयान बेल के पास इंग्लैंड की परिस्थितियों और स्थानीय क्रिकेट का गहरा अनुभव है। उन्होंने इंग्लैंड की अंडर-19 और लायंस टीमों के साथ कोचिंग की भूमिका निभाई है। इसके अलावा 2024 में इंग्लैंड दौरे के दौरान श्रीलंका टेस्ट टीम के लिए बैटिंग कोच के रूप में भी काम किया था। बेल ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड दौरे पर न्यूजीलैंड की पुरुष टीम के साथ भी काम किया था। ‘द हंड्रेड’ के सेटअप में वह पहले Birmingham Phoenix के असिस्टेंट कोच रह चुके हैं। बतौर खिलाड़ी बेल ने इंग्लैंड के लिए 118 टेस्ट, 161 वनडे और 8 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं और लंबे समय तक टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे।

    नई कोचिंग जोड़ी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
    हेमंग बदानी और इयान बेल की जोड़ी को अनुभव और स्थानीय समझ का बेहतरीन मिश्रण माना जा रहा है। फ्रेंचाइजी को उम्मीद है कि यह नई कोचिंग टीम आगामी सीजन में साउदर्न ब्रेव को फिर से खिताब की दौड़ में ला सकती है। ‘द हंड्रेड’ जैसे तेज और रोमांचक फॉर्मेट में सही रणनीति और मजबूत नेतृत्व बेहद अहम होता है, और इसी उम्मीद के साथ फ्रेंचाइजी ने यह नया दांव खेला है।

  • टीम हित में लिया बड़ा कदम, एडम जांपा खिताबी मैच से हटे… तनवीर सांघा को मिला मौका

    टीम हित में लिया बड़ा कदम, एडम जांपा खिताबी मैच से हटे… तनवीर सांघा को मिला मौका


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में एक दिलचस्प और सराहनीय फैसला देखने को मिला है। Adam Zampa ने वनडे कप के फाइनल मुकाबले से खुद को अलग कर लिया है, ताकि युवा लेग स्पिनर Tanveer Sangha को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सके। दरअसल, 11 मार्च को Tasmania cricket team और New South Wales cricket team के बीच वनडे कप का फाइनल खेला जाना है। इस बड़े मुकाबले से पहले जांपा ने टीम के हित और युवा खिलाड़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए खुद को मैच से अलग करने का फैसला लिया।

    टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं तनवीर सांघा
    इस सीजन में तनवीर सांघा का प्रदर्शन शानदार रहा है। वह फिलहाल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उन्होंने 7 मुकाबलों में 18 विकेट लेकर विपक्षी टीमों को काफी परेशान किया है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट भी चाहता था कि उनका शानदार फॉर्म बरकरार रहे और उन्हें फाइनल जैसे अहम मैच में खेलने का मौका मिले।

    जांपा ने टीम हित को रखा सबसे ऊपर
    सीजन की शुरुआत में स्थिति यह थी कि एडम जांपा टीम के लिए उपलब्ध थे और वह फाइनल मुकाबला खेलना भी चाहते थे। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि होबार्ट की परिस्थितियां दो लेग स्पिनर्स के लिए अनुकूल नहीं होंगी, तो जांपा ने खुद ही टीम से हटने का फैसला कर लिया।

    न्यू साउथ वेल्स के चीफ परफॉर्मेंस ऑफिसर Greg Mail ने बताया कि जांपा हमेशा यह ध्यान रखते हैं कि उनकी मौजूदगी से युवा खिलाड़ियों के मौके प्रभावित न हों। उन्होंने साफ कहा कि चूंकि तनवीर इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए उनकी जगह किसी भी तरह प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

    होबार्ट की परिस्थितियों ने भी बदला फैसला
    फाइनल मुकाबला होबार्ट के Bellerive Oval में डे-नाइट प्रारूप में खेला जाना है। टीम प्रबंधन का मानना था कि इस मैदान पर दो लेग स्पिनर्स को एक साथ खिलाना सही रणनीति नहीं होगी। हालांकि, पिछले कुछ सालों में न्यू साउथ वेल्स ने कई मैचों में जांपा और सांघा को साथ में खिलाया है, लेकिन इस बार परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा करना सही नहीं समझा गया। इसी वजह से जांपा ने खुद को टीम से अलग कर लिया, ताकि सांघा की जगह पक्की हो सके।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बना चुके हैं पहचान
    युवा लेग स्पिनर तनवीर सांघा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। अब तक वह 11 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 18.05 की औसत से 18 विकेट हासिल कर चुके हैं। उनकी शानदार गेंदबाजी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के उभरते हुए खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

    न्यू साउथ वेल्स की टीम
    फाइनल मुकाबले के लिए न्यू साउथ वेल्स की टीम में Curtis Patterson (कप्तान), Sean Abbott, जोएल डेविस, Ben Dwarshuis, मैथ्यू गिल्क्स, Chris Green, रयान हैडली, लियाम हैचर, सैम कोंस्टास, जोश फिलिप, विलियम साल्जमैन, लाचलान शॉ और तनवीर सांघा शामिल हैं। इस फैसले ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा ही नहीं बल्कि खेल भावना और टीम भावना का भी खेल है।

  • खाली स्टेडियम और घटती लोकप्रियता… ऐसे पैदा हुआ दुनिया का सबसे रोमांचक फॉर्मेट टी20

    खाली स्टेडियम और घटती लोकप्रियता… ऐसे पैदा हुआ दुनिया का सबसे रोमांचक फॉर्मेट टी20

    नई दिल्ली। आज जिस टी20 क्रिकेट को दुनिया का सबसे रोमांचक और लोकप्रिय फॉर्मेट माना जाता है, उसकी शुरुआत दरअसल क्रिकेट की घटती लोकप्रियता की वजह से हुई थी। भले ही हाल ही में ICC Men’s T20 World Cup 2026 खत्म हो गया हो और भारत चैंपियन बना हो, लेकिन इस फॉर्मेट का रोमांच अभी खत्म नहीं हुआ है। 28 मार्च से शुरू होने वाली Indian Premier League के साथ यह छोटा फॉर्मेट एक बार फिर फैंस को बांधने के लिए तैयार है। दरअसल, करीब दो दशक पहले क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप-टेस्ट और वनडे-दर्शकों के लिए काफी लंबे और समय लेने वाले साबित हो रहे थे। ऐसे में क्रिकेट प्रशासकों को लगने लगा था कि अगर खेल को बचाना है तो इसे और तेज, रोमांचक और दर्शकों के अनुकूल बनाना होगा।

    मार्केट रिसर्च ने दिखाया नया रास्ता
    टी20 क्रिकेट की शुरुआत का श्रेय England and Wales Cricket Board के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव Stuart Robertson को जाता है। 21वीं सदी की शुरुआत में इंग्लैंड के काउंटी मैचों में दर्शकों की संख्या में करीब 17 प्रतिशत तक गिरावट आ गई थी। इससे क्रिकेट बोर्ड चिंतित हो गया कि आखिर लोग इस खेल से दूर क्यों होते जा रहे हैं। इसी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए एक बड़ा मार्केट रिसर्च सर्वे कराया गया, जिस पर करीब ढाई लाख पाउंड खर्च हुए। इस सर्वे ने क्रिकेट की छवि से जुड़ी कई अहम समस्याओं को सामने रखा।

    समय की कमी बनी बड़ी वजह
    सर्वे में पता चला कि ज्यादातर मैच ऐसे समय पर खेले जाते थे जब लोग अपने काम में व्यस्त रहते थे। साथ ही मैच इतने लंबे होते थे कि दर्शकों के पास पूरा मुकाबला देखने का समय ही नहीं होता था। उस समय क्रिकेट का सबसे छोटा फॉर्मेट भी लगभग पूरे दिन का समय ले लेता था।

    वनडे क्रिकेट में शुरुआती 15 ओवर के बाद जब फील्डिंग पाबंदियां हट जाती थीं, तो 45वें ओवर तक बल्लेबाज सिर्फ सिंगल-डबल लेकर स्कोर बढ़ाते थे। इस दौरान खेल काफी नीरस हो जाता था। ऐसे में स्टुअर्ट रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि इन “मिडिल ओवर्स” को कम कर दिया जाए और मैच को छोटा बनाया जाए।

    20 ओवर का नया फॉर्मेट आया सामने
    रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि अगर मैच को 20 ओवर का कर दिया जाए तो खेल करीब तीन घंटे में खत्म हो सकता है। इससे लोग शाम को आराम से मैच देख सकेंगे, जब वे अपने काम खत्म कर चुके हों।

    यह प्रस्ताव काउंटी चेयरमैन के सामने वोटिंग के लिए रखा गया। आखिरकार 11-7 के मत से इस नए फॉर्मेट को मंजूरी मिल गई और इसने पुराने Benson & Hedges Cup की जगह ले ली।

    2003 में खेला गया पहला टी20 मैच
    13 जून 2003 को काउंटी क्रिकेट में पहली बार इस नए फॉर्मेट की शुरुआत हुई। पहला टी20 मुकाबला Hampshire Hawks और Sussex Sharks के बीच खेला गया। यह मैच काफी रोमांचक रहा और हैम्पशायर हॉक्स ने इसे 5 रन से जीत लिया। दर्शकों को यह छोटा और तेज फॉर्मेट इतना पसंद आया कि जल्द ही यह दुनिया भर में लोकप्रिय होने लगा।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टी20 की एंट्री
    टी20 क्रिकेट की सफलता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे अपनाया गया। पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच 17 फरवरी 2005 को Australia national cricket team और New Zealand national cricket team के बीच खेला गया। भारत ने अपना पहला टी20 मुकाबला 1 दिसंबर 2006 को South Africa national cricket team के खिलाफ खेला और 6 विकेट से जीत हासिल की। इसके बाद 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप हुआ, जिसमें भारत चैंपियन बना और इस फॉर्मेट की लोकप्रियता दुनिया भर में फैल गई।

    स्टार खिलाड़ियों ने बढ़ाई टी20 की चमक
    टी20 क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में कई दिग्गज खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही। Chris Gayle, Brendon McCullum, Shahid Afridi और AB de Villiers जैसे बल्लेबाजों ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं गेंदबाजी में Lasith Malinga और Dale Steyn जैसे खिलाड़ियों ने भी इस फॉर्मेट को रोमांचक बना दिया।

    🇮🇳 आईपीएल ने दी नई पहचान
    भारत में 2008 में Indian Premier League की शुरुआत ने टी20 क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इससे पहले 2007 में Indian Cricket League भी चर्चा में रही थी।