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  • WPL 2026 Points Table: आरसीबी की धमाकेदार एंट्री सीधे फाइनल में, डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस बाहर

    WPL 2026 Points Table: आरसीबी की धमाकेदार एंट्री सीधे फाइनल में, डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस बाहर

    नई दिल्ली । वुमेंस प्रीमियर लीग WPL 2026 का लीग चरण रोमांच उलटफेर और हैरान करने वाले नतीजों के साथ समाप्त हो चुका है। आठ-आठ मुकाबले खेलने के बाद अब टूर्नामेंट अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है जहां सिर्फ तीन टीमें खिताब की रेस में बची हैं जबकि दो टीमों का सफर यहीं खत्म हो गया। इस सीजन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर यह रही कि मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियंस प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु RCB ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीधे फाइनल में प्रवेश कर लिया।

    लीग स्टेज में स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी ने शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। टीम ने 8 में से 6 मुकाबले जीतकर 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल किया। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार टेबल टॉपर टीम को सीधे फाइनल में खेलने का मौका मिलता है और इसी का फायदा आरसीबी को मिला। पूरे सीजन में टीम का संतुलन बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजों का अनुशासित प्रदर्शन उसे बाकी टीमों से अलग बनाता नजर आया।

    दूसरे स्थान पर गुजरात जायंट्स की टीम रही जिसने 8 में से 5 मैच जीतकर 10 अंक जुटाए। गुजरात का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा लेकिन टॉप पोजिशन से चूकने के कारण अब उसे फाइनल में पहुंचने के लिए एलिमिनेटर मुकाबला खेलना होगा। वहीं तीसरे नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स की टीम रही जिसने संघर्षपूर्ण सफर के बाद 4 जीत और 8 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाई। दिल्ली की टीम भले ही उतनी लय में न दिखी हो लेकिन अहम मौकों पर जीत दर्ज कर उसने खुद को दौड़ में बनाए रखा।

    अब टूर्नामेंट का सबसे अहम करो या मरो मुकाबला गुजरात जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। एलिमिनेटर मैच 3 फरवरी को वडोदरा में आयोजित होगा। खास बात यह है कि लीग स्टेज में गुजरात ने दिल्ली को दोनों मुकाबलों में हराया था जिससे गुजरात का मनोबल ऊंचा रहेगा जबकि दिल्ली बदला लेने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

    इस सीजन की सबसे बड़ी निराशा मुंबई इंडियंस का बाहर होना रही। डिफेंडिंग चैंपियन होने के बावजूद मुंबई सिर्फ 3 मैच ही जीत पाई और 6 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रही। वहीं यूपी वॉरियर्स की टीम भी 2 जीत और 4 अंकों के साथ आखिरी पायदान पर रही और प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई।

    अब सभी की नजरें एलिमिनेटर मुकाबले पर टिकी हैं क्योंकि उसकी विजेता टीम को 5 फरवरी को वडोदरा में होने वाले फाइनल में आरसीबी से भिड़ना होगा। सवाल यही है कि क्या आरसीबी इस बार अपने शानदार लीग प्रदर्शन को खिताब में बदल पाएगी या फिर एलिमिनेटर से निकलने वाली टीम फाइनल में उलटफेर करेगी।

  • पाकिस्तान का 'बॉयकॉट' ड्रामा: मैदान पर न आने की जिद, फिर भी 15 फरवरी को कोलंबो में टॉस के लिए उतरेगी टीम इंडिया; जानें ICC का नियम

    पाकिस्तान का 'बॉयकॉट' ड्रामा: मैदान पर न आने की जिद, फिर भी 15 फरवरी को कोलंबो में टॉस के लिए उतरेगी टीम इंडिया; जानें ICC का नियम


    नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने 1 फरवरी को अचानक यह ऐलान कर सबको चौंका दिया कि उनकी टीम टी20 विश्व कप 2026 में तो हिस्सा लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का ‘बॉयकॉट’ करेगी। पाकिस्तान के इस अड़ियल रुख के बावजूद भारतीय टीम अपने शेड्यूल के अनुसार कोलंबो रवाना होगी। इसके पीछे की वजह कोई समझौता नहीं बल्कि आईसीसी  के कड़े नियम और प्रोटोकॉल हैं।

    मैदान पर क्यों जाना होगा टीम इंडिया को? आईसीसी के नियमों के मुताबिक यदि कोई एक टीम मैच खेलने से मना कर देती है तो दूसरी टीम को वाकओवरके जरिए पूरे 2 अंक हासिल करने के लिए निर्धारित समय पर मैदान पर मौजूद रहना अनिवार्य है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय टीम सभी प्रोटोकॉल का पालन करेगी। टीम इंडिया कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम पहुँचेगी अभ्यास सत्र में हिस्सा लेगी और आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेगी। मैच के दिन कप्तान रोहित शर्मा टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे और यदि पाकिस्तान की टीम वहां नहीं पहुँचती है तो मैच रेफरी आधिकारिक तौर पर भारत को विजेता घोषित कर अंक प्रदान करेंगे।

    पाकिस्तान पर मंडरा रहा है कड़ा प्रतिबंध पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ न खेलने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है जबकि वे श्रीलंका में अन्य टीमों के खिलाफ खेलने को तैयार हैं। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था जिसे आईसीसी और अन्य सदस्य देश पचा नहीं पा रहे हैं। इस ‘मनमानी’ के लिए आईसीसी पाकिस्तान पर 5 बड़े प्रतिबंध लगा सकती है:

    भारी जुर्मानापीसीबी पर करोड़ों का वित्तीय दंड। पॉइंट्स की कटौतीवर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में अंकों का नुकसान। रैंकिंग पर असरआईसीसी रैंकिंग से टीम को हटाना या अंक कम करना।  पर संकटपाकिस्तान सुपर लीग में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर पाबंदी। द्विपक्षीय सीरीज का बहिष्कारअन्य देशों द्वारा पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने से इनकार।

    आईसीसी की चेतावनी आईसीसी ने आधिकारिक बयान जारी कर पीसीबी को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की चेतावनी दी है। सूत्रों का कहना है कि अगर पाकिस्तान अपने स्टैंड पर कायम रहता है तो उसे वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच से हाथ धोना पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय टीम का रुख साफ है वे खेल के नियमों का पालन करेंगे और 15 फरवरी को कोलंबो के मैदान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

  • श्रीलंका की टीम को झटका, इंग्लैंड ने सीरीज में किया दबदबा कायम..

    श्रीलंका की टीम को झटका, इंग्लैंड ने सीरीज में किया दबदबा कायम..


    नई दिल्ली: T20 World Cup 2026 से पहले इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए टी20 सीरीज में दबदबा कायम कर दिया है इंग्लैंड ने पहले दोनों मैच जीतकर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली इससे पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी इंग्लैंड ने श्रीलंका को 2-1 से मात दी थी

    टी20 सीरीज का पहला मैच इंग्लैंड के नाम रहा जबकि दूसरा मैच बारिश से बाधित हुआ लेकिन इंग्लैंड ने संशोधित लक्ष्य छह विकेट से हासिल कर लिया श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 189 रन बनाए टॉप चार बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत दी लेकिन टीम 200 का आंकड़ा पार नहीं कर सकी ओस और बारिश ने मैच की रणनीति पर असर डाला

    इंग्लैंड ने 190 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए तेज शुरुआत की खेल के 17 ओवर में उन्हें 168 रन का संशोधित लक्ष्य मिला इंग्लैंड ने यह लक्ष्य 16.4 ओवर में चार विकेट खोकर पूरा किया और मैच तथा सीरीज अपने नाम कर लीइंग्लैंड के गेंदबाजों में जोफ्रा आर्चर ने चार ओवर में दो विकेट लिए और 42 रन खर्च किए वहीं विल जैक्स, लियाम डॉसन और आदिल रशीद को एक-एक सफलता मिली बल्लेबाजी में टॉम बैंटन ने 33 गेंदों में 54 रन बनाए जोस बटलर ने 29 गेंदों में 39 रन किए कप्तान हैरी ब्रूक ने 12 गेंदों में 36 रन बनाए उनका स्ट्राइक रेट तीन सौ रहा जिसमें दो चौके और चार छक्के शामिल थे सैम करन ने 14 गेंदों में 20 रन बनाए

    श्रीलंका की ओर से पवन रथनायके टॉप स्कोरर रहे जिन्होंने 22 गेंदों में 40 रन बनाए कामिल मिशारा ने 36 रन, पथुम निसंका 34 रन और कुसल मेंडिस 32 रन ही जोड़ पाए इस हार के साथ श्रीलंका की टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों को बड़ा झटका लगा इंग्लैंड ने टी20 सीरीज में दबदबा कायम कर अपनी ताकत दिखाईश्रीलंका के खिलाड़ी अब घर लौटकर अपनी रणनीति और प्रदर्शन सुधारने पर ध्यान देंगे वहीं इंग्लैंड की टीम आत्मविश्वास के साथ आगामी टूर्नामेंट्स की तैयारी में जुट जाएगी इस सीरीज के परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंग्लैंड किसी भी हालात में दबदबा बनाए रखने में सक्षम है और श्रीलंका को अपनी कमजोरियों पर तुरंत काम करने की आवश्यकता है

  • भारत से मैच के बहिष्कार पर आईसीसी की सख्त चेतावनी, पाकिस्तान की चयनात्मक भागीदारी पर उठे सवाल

    भारत से मैच के बहिष्कार पर आईसीसी की सख्त चेतावनी, पाकिस्तान की चयनात्मक भागीदारी पर उठे सवाल


    नई दिल्ली।
    पुरुष । टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारत (India) के खिलाफ मुकाबले से अलग रहने के पाकिस्तान (Pakistan) के फैसले पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (International Cricket Council – ICC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आईसीसी ने स्पष्ट कहा है कि किसी वैश्विक टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी खेल की निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धी भावना के खिलाफ है तथा इसके दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।

    यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई, जिसमें पाकिस्तान सरकार ने टीम को टूर्नामेंट खेलने की अनुमति तो दी, लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच में न उतरने की बात कही। हालांकि इस फैसले का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया। आईसीसी ने कहा कि उसे अभी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से औपचारिक सूचना का इंतजार है।

    परिषद ने अपने बयान में दोहराया कि उसके टूर्नामेंट समान शर्तों पर सभी टीमों की भागीदारी, निरंतरता और खेल भावना पर आधारित होते हैं। किसी एक मैच का बहिष्कार प्रतियोगिता की पवित्रता को प्रभावित करता है और इससे वैश्विक क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ सकता है। आईसीसी ने उम्मीद जताई कि पीसीबी ऐसा समाधान तलाशेगा जो सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करे।

    भारत-पाकिस्तान मुकाबला आईसीसी आयोजनों का सबसे अधिक दर्शक जुटाने वाला और व्यावसायिक रूप से अहम मैच माना जाता है। इसी कारण दोनों टीमों को अक्सर एक ही समूह में रखा जाता रहा है।

    नियमों के मुताबिक यदि पाकिस्तान यह मैच नहीं खेलता है तो उसे दो अंक गंवाने पड़ सकते हैं। साथ ही उसकी नेट रन रेट पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा, क्योंकि फॉरफिट की स्थिति में पूरे 20 ओवर उसकी पारी में जोड़े जाते हैं।

    टी20 विश्व कप 2026 की सह-मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं। पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने हैं। वह 07 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ अभियान शुरू करेगा, जबकि अमेरिका और नामीबिया से उसके मुकाबले क्रमशः 10 और 18 फरवरी को निर्धारित हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि पीसीबी आगे क्या रुख अपनाता है।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 : पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार, न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेगा बाकी मुकाबले

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 : पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार, न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेगा बाकी मुकाबले


    नई दिल्ली।
    टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) से पहले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों (India-Pakistan cricket Relations) में एक नया मोड़ आ गया है। पाकिस्तान सरकार ने अपनी पुरुष क्रिकेट टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले लीग मैच का बहिष्कार (Boycott of League Match) करने का फैसला किया है। यह मुकाबला श्रीलंका के कोलंबो में खेला जाना था।

    राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तान ने भारत में अपने मैच खेलने से पहले ही इनकार कर दिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान के मैच न्यूट्रल वेन्यू श्रीलंका शिफ्ट कर दिए। भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से हुए समझौते के अनुसार, जब भी दोनों देशों में से कोई आईसीसी इवेंट की मेजबानी करेगा, तो द्विपक्षीय मुकाबले न्यूट्रल स्थल पर खेले जाएंगे।

    इस पूरे घटनाक्रम में बांग्लादेश का मुद्दा भी जुड़ा है। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। पाकिस्तान ने इस मामले में बांग्लादेश का समर्थन किया था और एकजुटता दिखाने के संकेत दिए थे।

    गौरतलब है कि भारत ने 2008 के बाद से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। हाल के वर्षों में दोनों टीमें आईसीसी आयोजनों में ही आमने-सामने होती रही हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी भारत ने अपने सभी मैच दुबई में खेले थे।

    भारत-पाकिस्तान मुकाबला किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। ऐसे में पाकिस्तान के इस फैसले से टूर्नामेंट के कार्यक्रम और व्यावसायिक समीकरणों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। अब निगाहें आईसीसी के अगले कदम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।

  • भारत ने पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में बनाई जगह

    भारत ने पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में बनाई जगह


    बुलावायो।
    अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under-19 World Cup) के एक बेहद रोमांचक लेकिन रणनीतिक रूप से हैरान करने वाले मुकाबले में भारत (India) ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। पाकिस्तान (Pakistan) के सामने सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 253 रनों के लक्ष्य के साथ-साथ एक कठिन डेडलाइन भी थी, लेकिन पाकिस्तानी टीम ने सेमीफाइनल के गणित को सुलझाने के बजाय केवल मैच जीतने पर ध्यान दिया, जिसके चलते वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। और आखिर में मैच भी नहीं जीत सके।

    सेमीफाइनल के समीकरण के अनुसार, पाकिस्तान को न केवल भारत को हराना था, बल्कि अपने नेट रन-रेट को बेहतर करने के लिए इस लक्ष्य को 33.3 ओवरों के भीतर हासिल करना था। यदि पाकिस्तान ऐसा कर लेता, तो वह भारत को पीछे छोड़कर अंतिम चार में पहुंच जाता। हालांकि, मैदान पर नजारा इसके बिल्कुल विपरीत रहा। पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही बेहद धीमी बल्लेबाजी की, जिससे ऐसा लगा कि उनका मिशन सेमीफाइनल में पहुंचना नहीं, बल्कि किसी भी तरह केवल भारत को हराना है।

    भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए या तो यह मैच जीतना था, या फिर पाकिस्तान को 33.3 ओवरों तक लक्ष्य हासिल करने से रोकना था। पाकिस्तान की धीमी शुरुआत ने भारत का काम आसान कर दिया। जैसे ही मैच 34वें ओवर में प्रवेश कर गया, भारत की सेमीफाइनल में जगह तकनीकी रूप से पक्की हो गई। पाकिस्तानी टीम की इस रणनीति पर क्रिकेट विशेषज्ञों ने हैरानी जताई है, क्योंकि उन्होंने टूर्नामेंट में बने रहने के मौके को खुद ही हाथ से जाने दिया।

    भारत ने पाकिस्तान को 58 रनों से हरा दिया। इसी के साथ टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश पा लिया है। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेदबाजी चुनी थी। पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और 252 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में पाकिस्तान टीम 194 रन ही बना पाई।

    इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान, पहले ही वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश पा चुके थे। ऐसे में भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं, क्योंकि इसी मुकाबले का परिणाम तय करता कि सेमीफाइनल में जाने वाली चौथी टीम कौन सी होगी।

    भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 252 रनों का लक्ष्य दिया था। चूंकि नेट रन-रेट में पाकिस्तान बहुत पीछे था, इसलिए उसे 33.3 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल करना था। उस्मान खान, कप्तान फरहान यूसुफ और सलामी बल्लेबाज हमजा जहूर ने एक समय टीम इंडिया की धड़कनें बढ़ा दी थीं, लेकिन पाकिस्तान का लोवर मिडिल ऑर्डर और पुछल्ले बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप हो गए।

    पाकिस्तान टीम एक समय 30वें ओवर में केवल 2 विकेट के नुकसान पर 151 रन बना चुकी थी। पाकिस्तान का स्कोरबोर्ड 5 से ज्यादा रन रेट से आगे बढ़ रहा था। पाक टीम आसान जीत की ओर अग्रसर थी, लेकिन तभी आरएस अंबरिस ने कप्तान फरहान यूसुफ को 38 के स्कोर पर आउट कर दिया. मैच का रुख यहीं से पलट चुका था।

    इसी बीच कप्तान आयुष म्हात्रे का भी खतरनाक स्पेल शुरू हुआ, जिन्होंने थोड़ी देर बाद ही अहमद हुसैन को आउट करके पाकिस्तान टीम को संभलने का मौका नहीं दिया. इसके बाद भी उस्मान खान बचे हुए थे, लेकिन म्हात्रे ने उन्हें 66 के स्कोर पर आउट करके पवेलियन भेज दिया. म्हात्रे द्वारा लगातार 2 सेट बल्लेबाजों को आउट करना, मतलब मैच भारत की झोली में आता दिख रहा था. पाकिस्तान के अंतिम 6 विकेट महज 43 रनों के भीतर गिर गए।

  • अल्कराज ने रचा इतिहास… जोकोविच को हराकर जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब

    अल्कराज ने रचा इतिहास… जोकोविच को हराकर जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब


    मेलबर्न।
    स्पेन के युवा टेनिस सनसनी (Spain’s Young Tennis sensation) कार्लोस अल्कराज (Carlos Alcaraz) ने ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष एकल फाइनल (Australian Open Men’s Singles Final) में दिग्गज नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) को चार सेटों में हराकर इतिहास रच दिया। 22 वर्षीय अल्कराज ने 2-6, 6-2, 6-3, 7-5 से शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया और ऐसा करने वाले सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी बन गए।

    इस जीत के साथ अल्कराज के नाम अब कुल सात ग्रैंड स्लैम खिताब हो गए हैं—विंबलडन, फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन में दो-दो खिताब, जबकि मेलबर्न पार्क में यह उनका पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब है। वह पुरुष टेनिस में चारों ग्रैंड स्लैम जीतने वाले नौवें खिलाड़ी बन गए हैं।

    अल्कराज और इटली के जैनिक सिनर का मौजूदा दौर में दबदबा लगातार जारी है। पुरुष एकल के पिछले नौ ग्रैंड स्लैम खिताब इन्हीं दोनों खिलाड़ियों में से किसी एक ने जीते हैं। इनके अलावा आखिरी बार ग्रैंड स्लैम जीतने वाले खिलाड़ी नोवाक जोकोविच थे, जिन्होंने सितंबर 2023 में यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इस जीत से विश्व नंबर एक अल्कराज ने एटीपी रैंकिंग में अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है, जबकि सिनर दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    38 वर्षीय जोकोविच इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड तोड़ने के इरादे से उतरे थे। वह ओपन युग में सबसे उम्रदराज ग्रैंड स्लैम विजेता बनने के साथ-साथ 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर मार्गरेट कोर्ट (24) से आगे निकलना चाहते थे। हालांकि, यह सपना अधूरा रह गया और 1972 में 37 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाले केन रोज़वॉल का रिकॉर्ड अब भी कायम है।

    फाइनल मुकाबले की शुरुआत जोकोविच ने बेहद आक्रामक अंदाज में की। शानदार सर्विस और बेसलाइन से दबाव बनाते हुए उन्होंने पहला सेट 6-2 से अपने नाम किया। पहले सेट में अल्कराज को रिटर्न पर सिर्फ दो अंक मिले और जोकोविच की जीत की संभावना मजबूत नजर आने लगी थी। दूसरे सेट से मैच की तस्वीर बदल गई। अल्कराज ने अपनी बेहतरीन मूवमेंट, सटीक ड्रॉप शॉट्स और दमदार ग्राउंडस्ट्रोक्स के दम पर वापसी की और दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जिसे अल्कराज ने जोकोविच की सर्विस पर लंबी ड्यूस लड़ाई के बाद 6-3 से जीत लिया।

    चौथे सेट में जोकोविच ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया और शुरुआती गेम में सर्विस बचाने के बाद भावुक जश्न मनाया। मुकाबला बराबरी का चलता रहा, लेकिन 12वें गेम में अल्कराज ने निर्णायक दबाव बनाते हुए दो चैंपियनशिप प्वाइंट हासिल किए। पहले ही मौके पर जोकोविच का शॉट बाहर चला गया और अल्कराज ने खिताब अपने नाम कर लिया।

    टूर्नामेंट के दौरान जोकोविच को कुछ मौकों पर किस्मत का साथ भी मिला। चौथे दौर में याकुब मेंसिक के हटने से उन्हें वॉकओवर मिला, जबकि क्वार्टरफाइनल में लोरेंजो मुसेत्ती चोट के कारण दो सेट आगे रहते हुए मुकाबले से बाहर हो गए। इसके बावजूद जोकोविच ने सेमीफाइनल में जैनिक सिनर को पांच सेट के रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

    अल्कराज ने 2022 में यूएस ओपन जीतकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया था। वह भविष्य में कई और मेजर खिताब जीतने के प्रबल दावेदार नजर आ रहे हैं। इस टूर्नामेंट में फाइनल तक का शानदार सफर तय करने वाले जोकोविच को देखते हुए यह कहना भी गलत नहीं होगा कि उनके खाते में एक और ग्रैंड स्लैम खिताब जुड़ सकता है।

  • ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा

    ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • विंटर ओलंपिक 2026 की शुरुआत से पहले कर्लिंग टाइटल रेस में ब्रिटेन, कनाडा और स्वीडन आगे

    विंटर ओलंपिक 2026 की शुरुआत से पहले कर्लिंग टाइटल रेस में ब्रिटेन, कनाडा और स्वीडन आगे

    नई दिल्ली। मिलान-कॉर्टिना 2026 विंटर ओलंपिक में कर्लिंग प्रतियोगिताएं 4 फरवरी से शुरू होकर 22 फरवरी तक चलेंगी। इस दौरान मिश्रित डबल्स, पुरुष टीम और महिला टीम—तीनों वर्गों में गोल्ड मेडल के लिए जबरदस्त मुकाबले देखने को मिलेंगे। प्रतियोगिताओं का आयोजन डोलोमिटिक आल्प्स में बसे उत्तरी इटली के खूबसूरत शहर कॉर्टिना डी’एम्पेजो के ऐतिहासिक कॉर्टिना ओलंपिक स्टेडियम में किया जाएगा, जिसे 1956 विंटर ओलंपिक के लिए बनाया गया था। पुरुष और महिला टीम इवेंट्स की शुरुआत 11 फरवरी से होगी, जहां पहले ही दिन से राउंड-रॉबिन मुकाबलों के जरिए टीमें अपनी दावेदारी पेश करेंगी।

    मेजबान इटली को घरेलू मैदान का फायदा
    मेजबान देश होने के कारण इटली ने तीनों इवेंट्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा ओलंपिक मिश्रित डबल्स चैंपियन स्टेफानिया कॉन्स्टेंटिनी और अमोस मोसानर की जोड़ी एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। घरेलू दर्शकों का समर्थन और पिछले अनुभव इटली को इस वर्ग में मजबूत बना सकता है।

    पुरुष वर्ग में दिग्गजों की टक्कर
    पुरुष टीम इवेंट में स्वीडन, ब्रिटेन और कनाडा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इन तीनों देशों की कर्लिंग परंपरा बेहद समृद्ध रही है और पिछले ओलंपिक व विश्व चैंपियनशिप में इनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। तकनीकी सटीकता, रणनीतिक खेल और अनुभव के दम पर ये टीमें एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देने वाली हैं।

    महिला वर्ग में भी कांटे की लड़ाई
    महिला टीम इवेंट में ब्रिटेन मौजूदा ओलंपिक चैंपियन के रूप में उतरेगा, जबकि कनाडा ने 2025 वर्ल्ड कर्लिंग चैंपियनशिप में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया था। इसके अलावा स्विट्जरलैंड, स्वीडन और दक्षिण कोरिया की टीमें भी मजबूत चुनौती पेश करने को तैयार हैं। इन टीमों के मुकाबले अक्सर बेहद कम अंतर से तय होते हैं, जिससे रोमांच अपने चरम पर रहता है।

    चीन की नजरें ऐतिहासिक प्रदर्शन पर
    चीन पुरुष और महिला दोनों वर्गों में टीमें उतार रहा है। स्किप शू जियाओमिंग और वांग रुई तीसरी बार ओलंपिक में जगह बनाने की कोशिश में हैं, जिससे उनके अनुभव और नेतृत्व की बड़ी परीक्षा होगी। 41 वर्षीय जू वैंकूवर 2010 में हिस्सा ले चुके हैं और सोची 2014 में चीन को चौथे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं, जो अब तक पुरुष कर्लिंग में चीन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। वहीं 30 वर्षीय वांग को टीम का आध्यात्मिक लीडर माना जाता है, जिनका अनुभव टीम को मजबूती दे सकता है।

    रोमांच से भरपूर होगी कर्लिंग की जंग
    कुल मिलाकर, विंटर ओलंपिक 2026 में कर्लिंग प्रतियोगिताएं अनुभव बनाम युवा जोश, रणनीति बनाम आक्रामकता और परंपरा बनाम नए दावेदारों की दिलचस्प कहानी बुनने जा रही हैं। दर्शकों को हर दिन हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे।

  • ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल को लेकर बड़ा खुलासा, ईशान-अर्शदीप किसे बनाना चाहते हैं चैंपियन

    ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल को लेकर बड़ा खुलासा, ईशान-अर्शदीप किसे बनाना चाहते हैं चैंपियन

    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का पुरुष एकल फाइनल टेनिस प्रेमियों के लिए किसी महायुद्ध से कम नहीं है। रविवार को मेलबर्न पार्क में 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता सर्बिया के दिग्गज नोवाक जोकोविच और स्पेन के युवा स्टार कार्लोस अल्काराज आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला न सिर्फ खिताब का फैसला करेगा, बल्कि टेनिस इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत भी कर सकता है। एक ओर जहां जोकोविच अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अल्काराज करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के बेहद करीब हैं।

    ईशान किशन को पसंद आया अल्काराज का आक्रामक अंदाज
    भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने इस फाइनल में कार्लोस अल्काराज को समर्थन दिया है। बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए वीडियो में ईशान ने कहा कि अल्काराज का खेलने का अंदाज उन्हें खासा पसंद है। उनके मुताबिक, “अल्काराज जिस तरह से खेलते हैं, वह हमारे क्रिकेट खेलने के तरीके जैसा है। वह तेज खेलते हैं, गैप मिलते ही शॉट मारते हैं और ज्यादा इंतजार नहीं करते।” किशन का मानना है कि यही आक्रामकता और मौके भुनाने की क्षमता बड़े मैचों में अल्काराज को खतरनाक बनाती है।

    पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब की तलाश में अल्काराज
    ईशान किशन ने यह भी कहा कि अल्काराज अपना पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने की कोशिश में हैं और इसी वजह से वह उनके पक्ष में हैं। 22 वर्षीय अल्काराज पहले ही फ्रेंच ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन जीत चुके हैं। अगर वह मेलबर्न में खिताब जीतते हैं, तो सबसे कम उम्र में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अब तक यह रिकॉर्ड स्पेन के ही दिग्गज राफेल नडाल के नाम है, जिन्होंने 24 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    अर्शदीप सिंह का भरोसा ‘आइसमैन’ जोकोविच पर
    वहीं भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की पसंद ईशान से बिल्कुल अलग है। अर्शदीप ने नोवाक जोकोविच को अपना फेवरेट बताया है। उन्होंने साफ कहा, “मैं आइसमैन यानी जोकोविच को सपोर्ट कर रहा हूं।” जोकोविच का अनुभव, मानसिक मजबूती और बड़े मैचों में दबदबा उन्हें इस मुकाबले में बेहद खतरनाक बनाता है।

    दो पीढ़ियों की ऐतिहासिक जंग
    ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का यह फाइनल दो पीढ़ियों के बीच टकराव का प्रतीक है। एक तरफ अनुभव और रिकॉर्ड्स से सजे जोकोविच हैं, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के पर्याय अल्काराज। अगर जोकोविच जीतते हैं, तो वह 25 ग्रैंड स्लैम के साथ टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी बन जाएंगे। वहीं अल्काराज की जीत उन्हें भविष्य का निर्विवाद सुपरस्टार बना देगी। ऐसे में फैंस को एक यादगार और रोमांचक फाइनल की पूरी उम्मीद है।