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  • Vastu Tips: शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को करें ये आसान उपाय

    Vastu Tips: शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को करें ये आसान उपाय


     नई दिल्ली।  शनिवार के दिन शनिदेव की विशेष पूजा और वास्तु उपाय करने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। शनि देव की कृपा पाने के लिए केवल पूजा ही नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष उपाय करना भी जरूरी है। अगर आपके घर में लगातार आर्थिक तंगी, कामों में रुकावट या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नजर आ रहा है, तो आज के दिन ये उपाय विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

    1. शनि मंदिर जाएं और सरसों के तेल का दिया जलाएं

    शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर पूजा करना बेहद लाभकारी माना गया है। इस दौरान सरसों के तेल का दिया जलाना चाहिए। शनि देव को काला रंग प्रिय है, इसलिए इस दिन काले कपड़े पहनकर मंदिर जाएं। इसके साथ ही काली दाल का दान करने से भी शनिदेव की कृपा बनी रहती है।

    2. घर के मुख्य द्वार पर शनि यंत्र लगाएं

    वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर के मुख्य द्वार पर शनि यंत्र लगाने से घर में आने वाली नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। यह उपाय घर के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है और परिवार में सुख-शांति लाता है।

    3. शमी का पौधा लगाएं और पत्तियां चढ़ाएं

    शनिवार को शमी का पौधा लगाना विशेष लाभकारी माना गया है। शमी देवता को प्रिय होने के कारण यह पौधा शनि देव की कृपा बढ़ाता है। शमी की पत्तियों को शनिदेव को चढ़ाने से घर में आर्थिक तंगी और अन्य परेशानियां कम होती हैं।

    4. नकारात्मकता बढ़ाने वाली आदतों से बचें

    शनिवार के दिन कुछ विशेष सावधानियां रखना भी जरूरी है। जैसे, नाखून और बाल काटना इस दिन वर्जित माना गया है। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए शनिवार को अपने बाल और नाखून न काटें।

    5. नियमित पूजा और उपाय से घर में खुशहाली

    इन उपायों को नियमित रूप से अपनाने से घर और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। शनि देव प्रसन्न रहते हैं और किसी भी बाधा, आर्थिक तंगी या मानसिक परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं। शनिवार के दिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ये उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार के सभी सदस्य मानसिक और आर्थिक रूप से मजबूत रहते हैं।

  • महाकाल के दरबार पहुंची एक्ट्रेस कावेरी प्रियम, भस्म आरती में शामिल हुईं, बोलीं- यहां की ऊर्जा है अलौकिक

    महाकाल के दरबार पहुंची एक्ट्रेस कावेरी प्रियम, भस्म आरती में शामिल हुईं, बोलीं- यहां की ऊर्जा है अलौकिक


    उज्जैन। उज्‍जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान टीवी और फिल्म एक्ट्रेस कावेरी प्रियम भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचीं। सुबह करीब 4 बजे उन्होंने आरती में भाग लिया और नंदी हॉल में बैठकर इस दिव्य अनुष्ठान का अनुभव किया। आरती के बाद उन्होंने मंदिर की देहरी से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    ‘भस्म आरती में मिलती है अद्भुत ऊर्जा’


    दर्शन के बाद कावेरी प्रियम ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि बाबा महाकाल के दरबार की शक्ति को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। उन्होंने बताया, “मैं पिछले तीन वर्षों से यहां लगातार आ रही हूं। भस्म आरती के समय जो ऊर्जा महसूस होती है, वह सच में अद्भुत और अलौकिक है।”

    टीवी से फिल्मों तक बनाया खास मुकाम


    कावेरी प्रियम ने अपने करियर की शुरुआत टीवी शो नागिन 2 में बीके के किरदार से की थी। इसके बाद उन्होंने ये रिश्ते हैं प्यार के में कुहू माहेश्वरी राजवंश और जिद्दी दिल माने ना में डॉ. मोनामी महाजन की भूमिका निभाकर दर्शकों के बीच पहचान बनाई। फिल्मों में उन्होंने तिश्नगी से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की।
  • पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, सोने की खरीद पर भी लगी सख्ती: आज का पूरा अपडेट

    पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, सोने की खरीद पर भी लगी सख्ती: आज का पूरा अपडेट


    नई दिल्ली। 4 अप्रैल 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम जारी कर दिए हैं। देश के ज्यादातर बड़े शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम लोगों को राहत मिली है। हालांकि, कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

    पेट्रोल के दाम
    दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और मुंबई में ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर है। कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
    नोएडा, मुजफ्फरपुर और रांची जैसे कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    डीजल की कीमतों में स्थिरता
    डीजल के दाम भी ज्यादातर शहरों में स्थिर रहे। दिल्ली में डीजल ₹87.67 और मुंबई में ₹90.03 प्रति लीटर मिल रहा है। कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी और गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार स्थिर बना हुआ है।

    कीमतें क्यों बदलती हैं?
    पेट्रोल-डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स (Excise Duty और VAT) इसी वजह से हर राज्य और शहर में कीमतें अलग-अलग होती हैं।

    सरकार का बड़ा फैसला: सोने की खरीद पर नए नियम
    सरकार अब सोने की खरीदारी से जुड़े नियमों को और सख्त करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सोने की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अब हर सोने के गहने पर 6 अंकों का HUID (Hallmark Unique Identification) कोड अनिवार्य होगा। यह कोड एक तरह का यूनिक पहचान नंबर है, जिसे दोबारा किसी अन्य गहने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। ग्राहक BIS CARE ऐप के जरिए इस कोड की जांच कर सकते हैं ताकि सोने की असलियत की पुष्टि हो सके। हॉलमार्किंग एक प्रमाणन प्रक्रिया है, जो यह सुनिश्चित करती है कि सोना तय शुद्धता मानकों के अनुसार है। इसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इससे नकली या कम गुणवत्ता वाले सोने की बिक्री पर रोक लगती है और ग्राहकों को सही जानकारी मिलती है।

    नए नियमों के तहत क्या बदलाव होंगे?
    सोने पर HUID कोड का दोबारा इस्तेमाल नहीं होगा हर गहने की अलग पहचान होगी खरीदारी में पारदर्शिता बढ़ेगी धोखाधड़ी और नकली हॉलमार्क पर रोक लगेगी ₹2 लाख से अधिक खरीद पर PAN कार्ड जरूरी ₹10 लाख से अधिक खरीद पर PAN + आधार + आय प्रमाण जरूरी₹2 लाख से अधिक का कैश भुगतान नहीं किया जा सकेगा 4 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के दामों में स्थिरता देखने को मिली है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। वहीं, सरकार के नए फैसले के तहत सोने की खरीद को और सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। आने वाले समय में ये नियम ग्राहकों के लिए सुरक्षा और भरोसे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • स्किन की देखभाल अब आसान! गर्मियों में इन फलों का सेवन करें और पाएं ग्लोइंग त्वचा

    स्किन की देखभाल अब आसान! गर्मियों में इन फलों का सेवन करें और पाएं ग्लोइंग त्वचा


    नई दिल्ली।गर्मी के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से त्वचा का प्राकृतिक ग्लो कम हो जाता है। चेहरे की रंगत फीकी पड़ जाती है और टेनिंग आम समस्या बन जाती है। आमतौर पर लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन प्रकृति ने हमें ऐसे फलों की सौगात दी है जो त्वचा को नेचुरल ग्लो देने में बेहद असरदार हैं। इन फलों का सही सेवन गर्मियों में त्वचा और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।

    1. नारियल पानी – प्राकृतिक हाइड्रेशन का खजाना

    नारियल पानी गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। यह त्वचा को मुलायम और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। रोजाना एक नारियल पानी पीने से न केवल पेट स्वस्थ रहता है बल्कि चेहरे की रुखी त्वचा में निखार आता है। नारियल पानी में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर के तापमान को संतुलित रखते हैं और गर्मी से होने वाली थकान को कम करते हैं।

    2. तरबूज – विटामिन सी और पानी का भरपूर स्रोत

    तरबूज में विटामिन सी, फाइबर और पानी प्रचुर मात्रा में होता है। विटामिन सी त्वचा को टैनिंग से बचाने में मदद करता है। गर्मियों में अगर त्वचा फीकी पड़ जाए या टेनिंग हो जाए तो तरबूज का सेवन चेहरे के लिए वरदान साबित होता है। यह न केवल त्वचा को ग्लोइंग बनाता है, बल्कि शरीर के तापमान को भी संतुलित रखता है।

    3. खीरा – त्वचा और पेट दोनों का खजाना

    खीरा सिर्फ सलाद का हिस्सा नहीं, बल्कि यह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट और त्वचा को ताजगी देने वाला सुपरफूड है। खीरे में पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो चेहरे की रुखी त्वचा को नरम करने और पाचन को सुधारने में मदद करती है। कई स्किन ट्रीटमेंट में भी खीरे का उपयोग किया जाता है।

    4. आम – विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का शक्ति केंद्र

    आम गर्मियों का पसंदीदा फल है और इसमें त्वचा के लिए लाभकारी विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। यह चेहरे के खोए हुए निखार को वापस लाने में मदद करता है। नियमित और सही मात्रा में आम का सेवन शरीर और त्वचा दोनों को फायदा पहुंचाता है।

    5. संतरा – गहरे दाग-धब्बों का प्राकृतिक हल

    संतरे में भरपूर विटामिन सी और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। संतरा चेहरे को ग्लोइंग बनाने के साथ-साथ दाग-धब्बों और त्वचा की सूजन को भी कम करता है। इसके छिलके का उपयोग फेसपैक में करने से भी लाभ होता है।

  • गैजेट्स का ज़्यादा इस्तेमाल खतरनाक! जानें रेडिएशन से बचने के आसान उपाय

    गैजेट्स का ज़्यादा इस्तेमाल खतरनाक! जानें रेडिएशन से बचने के आसान उपाय


    नई दिल्ली।आज के डिजिटल युग में हमारा जीवन गैजेट्स पर निर्भर हो गया है। घर पर टीवी, एसी, मोबाइल और ऑफिस में कंप्यूटर या लैपटॉप, हर जगह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। लेकिन इनका लगातार और गलत इस्तेमाल शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। गैजेट रेडिएशन से सुरक्षा अब एक जरूरी स्वास्थ्य मुद्दा बन चुकी है।

    गैजेट्स और हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव

    मोबाइल, लैपटॉप, वाई-फाई जैसे उपकरण रेडिएशन उत्सर्जित करते हैं। यह रेडिएशन अक्सर दिखता नहीं है, लेकिन शरीर और मस्तिष्क को अंदर से प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक सीधे संपर्क में रहने से सिरदर्द, नींद में खलल, आंखों की थकान और मानसिक स्वास्थ्य पर असर हो सकता है। बच्चों के लिए यह और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि उनका मस्तिष्क और मानसिक विकास अभी पूरा नहीं हुआ होता।

    लैपटॉप और कंप्यूटर का सुरक्षित उपयोग

    लैपटॉप का उपयोग करते समय हमेशा माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करें। लैपटॉप को गोद में रखने के बजाय टेबल पर रखें और शरीर से लगभग एक फीट की दूरी बनाए रखें। इससे रेडिएशन का सीधा प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ेगा।

    मोबाइल का सुरक्षित उपयोग

    फोन को हमेशा खुद से सटाकर न रखें, खासकर पॉकेट में या सोते समय। बच्चों को मोबाइल पर खेलने या लंबा समय बिताने से बचाएं। सोते समय फोन को एयरप्लेन मोड में रखें, जिससे रेडिएशन का स्तर काफी हद तक कम हो जाता है।

    वाई-फाई और घर की सुरक्षा

    यदि घर में वाई-फाई का राउटर है, तो उसे कमरे के बाहर या बच्चों से दूर लगवाएं। राउटर से निकलने वाली किरणें नींद पर असर डाल सकती हैं और मस्तिष्क की नसों को प्रभावित कर सकती हैं। घर में रेडिएशन का स्तर कम करने के लिए गैजेट्स का संतुलित उपयोग और सही दूरी बनाए रखना जरूरी है।

    बच्चों की सुरक्षा और मानसिक विकास

    अत्यधिक गैजेट उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को पढ़ाई या खेल के दौरान गैजेट से दूर रखें। उनकी सेहत और मस्तिष्क की वृद्धि के लिए खुली हवा, खेल और संतुलित आहार अधिक जरूरी हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गौरव पत्रकारिता जगत के नक्षत्र माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी की कृतियां आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके लेखन और चिंतन ने न केवल पत्रकारिता की दुनिया में नया मार्ग प्रशस्त किया बल्कि समाज के नवनिर्माण और लोक कल्याण के संदेश भी दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से यह कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी के प्रखर विचार और गहन चिंतन उनके समय के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। उनके योगदान और राष्ट्रसेवा का प्रभाव अनंतकाल तक अविस्मरणीय रहेगा।

    माखनलाल चतुर्वेदी जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में क्रांतिकारी माना जाता है ने अपने लेखन और समाजसेवा के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में अमूल्य योगदान दिया। उनके विचार और दृष्टिकोण आज भी पत्रकारिता साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में आदर्श माने जाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर सभी नागरिकों को प्रेरणा लेनी चाहिए कि वे समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें। माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन यह दिखाता है कि साहसिक विचार और समाजहित में समर्पण किसी भी समय प्रासंगिक और प्रभावशाली हो सकता है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत और आम नागरिकों से अपील की कि वे उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। उनके विचारों और लेखों का अध्ययन कर आने वाली पीढ़ी न केवल पत्रकारिता की उत्कृष्टता सीख सकती है बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझ सकती है।

    इस प्रकार माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर मुख्यमंत्री द्वारा किया गया पुण्य स्मरण न केवल उनके योगदान को याद करने का अवसर है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी है। उनके आदर्श और समाज के प्रति समर्पण आज भी लोगों को सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा की ओर अग्रसरित करते हैं।

  • गर्मियों में ककड़ी का जादू: तन और मन दोनों को देती है शीतलता

    गर्मियों में ककड़ी का जादू: तन और मन दोनों को देती है शीतलता


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही तेज धूप, लू और पसीने से परेशान होना आम बात है। ऐसे में ककड़ी शरीर और मन को ठंडक देने वाला सबसे सस्ता और आसान उपाय साबित होती है। इसे “शीतल फल” कहा जाता है क्योंकि इसमें 95 प्रतिशत से अधिक पानी होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी गर्मियों में ककड़ी के नियमित सेवन की सलाह देते हैं, जो न सिर्फ गर्मी से राहत देती है बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है।

    शरीर को हाइड्रेट रखे

    गर्मी में पसीना ज्यादा आता है और शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। ककड़ी प्राकृतिक रूप से शरीर में पानी की कमी को दूर करती है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखते हैं। सलाद, रायता या जूस के रूप में ककड़ी का सेवन शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है और लू लगने की आशंका को कम करता है।

    वजन घटाने और पाचन में सहायक

    ककड़ी में कैलोरी बहुत कम और फाइबर भरपूर होता है, जिससे भूख नियंत्रित रहती है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए ककड़ी रोजाना आहार का हिस्सा बन सकती है। इसके अलावा, ककड़ी पाचन शक्ति को मजबूत करती है, कब्ज और गैस की समस्या को कम करती है और पेट को स्वस्थ रखती है।

    त्वचा और सौंदर्य के लिए फायदेमंद

    ककड़ी में मौजूद पानी और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सूजन कम करते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। गर्मियों में चेहरे पर ककड़ी के टुकड़े रखने से ठंडक मिलती है और सनबर्न से बचाव होता है।

    अन्य स्वास्थ्य लाभ

    ककड़ी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित, हड्डियों को मजबूत, आंखों की थकान कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करती है।

    ककड़ी का सही सेवन

    हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ककड़ी का जूस बनाकर पीएं या सलाद में टमाटर, प्याज और नींबू के साथ मिलाकर खाएं। इसे दही के साथ रायता बनाकर भी लिया जा सकता है। सैंडविच और रोल्स में भी ककड़ी डाली जा सकती है। रोजाना कम से कम एक ककड़ी खाने की सलाह दी जाती है।

    आसान, सस्ती और सुरक्षित

    ककड़ी सस्ती, आसानी से उपलब्ध और बिना किसी साइड इफेक्ट वाली होती है। गर्मियों में इसे अपने आहार में शामिल करने से तन और मन दोनों शीतल रहते हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होता है।

  • संकटों को दूर करने वाला विकट गणेश व्रत, जानिए दिन का शुभ मुहूर्त और समय

    संकटों को दूर करने वाला विकट गणेश व्रत, जानिए दिन का शुभ मुहूर्त और समय


    नई दिल्ली । हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विकट संकष्टी का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष यह पावन पर्व 5 अप्रैल रविवार को पड़ रहा है। भगवान गणेश के अष्टविनायक रूपों में से एक विकट स्वरूप की इस दिन विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि विकट गणेश अपने भक्तों को सभी प्रकार के ज्ञात और अज्ञात भय रोग शोक और दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखते हैं।

    भक्तों का विश्वास है कि यह व्रत न केवल व्यक्ति को निर्भीक बनाता है बल्कि विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करने का साहस भी प्रदान करता है। घोर संकटों में भी भक्तों की रक्षा करने वाले विकट गणेश अपराजेयता का वरदान देते हैं। इसलिए इस दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

    इस वर्ष 5 अप्रैल को चतुर्थी तिथि दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगी। व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को चंद्रमा के उदय के बाद पूजा और चंद्र दर्शन के साथ व्रत का पारण करते हैं।

    दिन का समय भी इस पूजा और व्रत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 9 बजकर 58 मिनट पर है। शुभ मुहूर्त के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 35 मिनट से 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 2 बजकर 24 मिनट से 4 बजकर 10 मिनट तक रहेगा जिसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है।

    वहीं अशुभ समयों से बचना भी आवश्यक है। राहुकाल शाम 5 बजकर 7 मिनट से 6 बजकर 41 मिनट तक यमगण्ड दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 1 मिनट से 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। भद्रा सुबह 6 बजकर 7 मिनट से दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।

    इस प्रकार विकट संकष्टी चतुर्थी 5 अप्रैल को भगवान गणेश की विशेष आराधना और व्रत रखने का दिन है। इस दिन की पूजा न केवल मानसिक और आध्यात्मिक बल बढ़ाती है बल्कि जीवन में आने वाले संकटों और परेशानियों से सुरक्षा का भी मार्ग प्रशस्त करती है। शुभ मुहूर्त और समय का पालन कर भक्त इस दिन की विशेष महत्ता का लाभ उठा सकते हैं और अपने जीवन में सुख शांति और सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

  • भारत का एलपीजी टैंकर ‘Green Sanvi’ ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया, दो और टैंकर लाइन में

    भारत का एलपीजी टैंकर ‘Green Sanvi’ ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया, दो और टैंकर लाइन में


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी सफलता सामने आई है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर लिया। यह जहाज इस रणनीतिक और संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार करने वाला सातवां भारत के झंडे वाला पोत है। जहाज में लगभग 44,000 टन एलपीजी था, जो देश की लगभग आधे दिन की एलपीजी खपत के बराबर है।

    रणनीतिक नेविगेशन और सुरक्षा

    ग्रीन सान्वी ने ईरानी समुद्री इलाके से होकर एक तय मार्ग का पालन किया। शिपिंग विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुनिश्चित करना जरूरी था कि जहाज संवेदनशील पानी से सुरक्षित गुजरें। इसके साथ ही दो और भारतीय एलपीजी टैंकर, ग्रीन आशा और जग विक्रम, आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट पार करके भारत आने की उम्मीद में हैं।

    भारत के झंडे वाले जहाजों की स्थिति

    स्ट्रेट पार करने के साथ ही फारस की खाड़ी के पूर्वी हिस्से में भारत के झंडे वाले 17 जहाज मौजूद हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के जहाज शामिल हैं: तीन एलपीजी टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक LNG टैंकर, एक केमिकल प्रोडक्ट टैंकर, तीन कंटेनर जहाज, दो बल्क कैरियर और दो जहाज जिनका नियमित मेंटेनेंस चल रहा है।

    ईरान के साथ डिप्लोमैटिक समन्वय

    भारत अपने व्यापारी जहाजों के सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत कर रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों के अलावा अन्य गैर-दुश्मन देशों के जहाज ईरानी अधिकारियों के समन्वय में स्ट्रेट पार कर सकते हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यह भी बताया कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को इस चोकपॉइंट से गुजरने की अनुमति दी गई है।

    ट्रांजिट के दौरान प्रोटोकॉल

    ग्रीन सान्वी ने अपने भारतीय पहचान और नाविकों की जानकारी ईरानी अधिकारियों को उपलब्ध करवाई। यह प्रैक्टिस अब सुरक्षित नेविगेशन का स्टैंडर्ड बन चुकी है, ताकि तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारिक जहाज अपने मार्ग पर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकें।

    होर्मुज स्ट्रेट का महत्व

    होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम मार्ग है। भू-राजनीतिक तनाव के बीच इसे सुरक्षित बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ग्रीन सान्वी का सफलतापूर्वक पार होना दर्शाता है कि भारत एनर्जी सप्लाई लाइन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रभावी डिप्लोमेसी और समुद्री सुरक्षा उपाय कर रहा है।

  • ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव: नए कोड के तहत छोटा अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

    ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव: नए कोड के तहत छोटा अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ


    नई दिल्ली।नई श्रम नीति ने कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब कुछ योग्य कर्मचारियों को सिर्फ एक साल की लगातार सेवा पूरी होने के बाद भी ग्रेच्युटी पाने का अधिकार मिल सकता है। इससे पहले यह लाभ केवल 5 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही मिलता था। यह बदलाव नवंबर 2025 से लागू हुआ है और इसका उद्देश्य फॉर्मल सेक्टर में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों को नौकरी के बाद मिलने वाले लाभों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।

    फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को लाभ

    नए नियमों के अनुसार, फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी अब अपनी नौकरी की अवधि के आधार पर ग्रेच्युटी पाने के पात्र होंगे। फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी वे हैं जिन्हें कंपनियां एक तय समय के लिए लिखित कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त करती हैं, जो आमतौर पर एक या दो साल का हो सकता है। अब उनके ग्रेच्युटी की राशि उनकी सेवा अवधि के अनुरूप तय होगी। यह बदलाव विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, जो छोटे या सीमित कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं। इससे उन्हें भी लंबे समय तक नौकरी न होने पर भी कानूनी रूप से ग्रेच्युटी का हक मिलेगा।

    स्थायी कर्मचारियों के लिए नियम

    स्थायी या परमानेंट कर्मचारियों के लिए नियम अभी भी पुराने अनुसार हैं, यानी 5 साल की लगातार सेवा पूरी करना अनिवार्य है। हालांकि, मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में स्थायी कर्मचारियों को भी एक साल की सेवा पूरी होने के बाद ग्रेच्युटी का अधिकार मिल सकता है। इससे कर्मचारियों को अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी सुरक्षा का आश्वासन मिलेगा।

    ग्रेच्युटी की गणना और वेतन संरचना

    नए नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी की गणना वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें कर्मचारी के कुल CTC (कॉस्ट-टू-कंपनी) का कम से कम 50 प्रतिशत शामिल होगा। वेतन में बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (DA), रिटेनिंग अलाउंस और अन्य भत्ते शामिल होंगे। जिन कर्मचारियों का पहले बेसिक वेतन कम था, उनके लिए अब ग्रेच्युटी की राशि में पर्याप्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    कानूनी मान्यता और लाभ

    ग्रेच्युटी एक कानूनी रूप से अनिवार्य एकमुश्त भुगतान है, जो नियोक्ता अपने कर्मचारी को लंबी सेवा या रिटायरमेंट के सम्मान में देता है। अब यह लाभ छोटे समय की नौकरी करने वाले फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगा। इसका मतलब है कि 21 नवंबर 2025 या उसके बाद जॉइन करने वाले कर्मचारी एक साल की लगातार सेवा पूरी होने के बाद ग्रेच्युटी का दावा कर सकेंगे।

    संस्थानों की जिम्मेदारी

    श्रम मंत्रालय ने सभी संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने अकाउंटिंग नियमों के अनुसार इस प्रावधान को लागू करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कर्मचारियों को उनके हक का भुगतान समय पर और सही तरीके से मिले। यह बदलाव विशेष रूप से औपचारिक सेक्टर के कर्मचारियों के लिए राहत और सुरक्षा का जरिया साबित होगा।