Blog

  • रूस से तेल आयात पर क्या बदलेगा भारत का रुख? ट्रंप के दावे के बाद विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

    रूस से तेल आयात पर क्या बदलेगा भारत का रुख? ट्रंप के दावे के बाद विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब


    नई दिल्ली । यूएस-इंडिया ट्रेड डील के ऐलान के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया था कि भारत अब रूस से तेल की खरीद रोक देगा। इस बयान के बाद अब भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को रूसी तेल आयात को लेकर अपने पहले से चले आ रहे रुख को दोहराते हुए साफ कहा है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

    विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ‘भारत के लिए ऊर्जा स्रोतों में विविधता बनाए रखना हमारी नीति का अहम हिस्सा है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार कई बार सार्वजनिक मंचों से यह स्पष्ट कर चुकी है कि 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।’

    MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘वैश्विक बाजार की स्थिति और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का केंद्र है। भारत के फैसले इसी सोच के आधार पर लिए गए हैं और भविष्य में भी इसी दिशा में आगे बढ़ेंगे।’

    रूसी तेल को लेकर भारत ने दोहराया अपना रुख

    अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना पूरी तरह बंद करे। इस पर भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि देश की ऊर्जा आवश्यकताएं किसी भी अन्य दबाव से ऊपर हैं। रूस से तेल आयात को लेकर यह भारत का लगातार रुख रहा है। अमेरिका का कहना है कि रूस तेल से होने वाली आय का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध में करता है, जबकि रूस इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है।

    व्हाइट हाउस के बयान के बाद सामने आया MEA का पक्ष

    विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया व्हाइट हाउस के उस दावे के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि भारत ने रूस से सीधे या किसी तीसरे देश के माध्यम से तेल खरीद रोकने और अमेरिका से तेल आयात बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह बयान उस समय सामने आया था, जब अमेरिका ने रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ को हटाने का ऐलान किया था।

    रूसी तेल पर भारत की स्वतंत्रता पर क्रेमलिन की टिप्पणी

    इस बीच, जब इस मुद्दे पर क्रेमलिन से सवाल किया गया तो उसने कहा कि भारत को जहां से चाहे वहां से तेल खरीदने का पूरा अधिकार है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस इस तथ्य से भली-भांति अवगत है कि वह भारत का अकेला तेल और पेट्रोलियम उत्पाद आपूर्तिकर्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत पहले भी अन्य देशों से इन उत्पादों की खरीद करता रहा है, इसलिए इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।

  • दिल्‍ली के मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नया नाम, अब कहलाएगा श्रीराम मंदिर मयूर विहार

    दिल्‍ली के मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नया नाम, अब कहलाएगा श्रीराम मंदिर मयूर विहार


    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली के पूर्वी क्षेत्र में स्थित मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन को नया नाम दिया गया है। अब इस स्टेशन की पहचान ‘श्रीराम मंदिर मयूर विहार’ के रूप में होगी। स्टेशन के नाम में किए गए इस बदलाव को लेकर लोगों के बीच जिज्ञासा बनी हुई है कि आखिर ऐसा निर्णय क्यों लिया गया और इसकी पृष्ठभूमि क्या रही।

    मिली जानकारी के अनुसार, मयूर विहार इलाके में पहले से मयूर विहार पॉकेट-1 और मयूर विहार फेज-1 नाम से दो मेट्रो स्टेशन मौजूद थे। दोनों स्टेशनों के नाम काफी हद तक एक जैसे होने के कारण यात्रियों को बार-बार असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ता था। कई यात्री गलती से दूसरे स्टेशन पर उतर जाते थे, जिससे उनका समय खराब होता था और परेशानी भी बढ़ जाती थी। बुजुर्ग यात्रियों, नए लोगों और बाहरी राज्यों से आने वालों को यह दिक्कत ज्यादा होती थी।

    इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का आग्रह किया था। नेताओं का तर्क था कि अलग नाम होने से स्टेशन की पहचान स्पष्ट होगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

    सूत्रों के मुताबिक, स्टेशन के नाम में बदलाव की अनुशंसा स्ट्रीट नेम्स अथॉरिटी (SNA) की ओर से की गई है। यह अथॉरिटी दिल्ली सरकार के तहत कार्यरत 29 सदस्यीय संस्था है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं। इसका मुख्य कार्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली में सड़कों, पार्कों, कॉलोनियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के नाम तय करना या उनमें बदलाव करना है। हालांकि, नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) इसके अधिकार क्षेत्र में शामिल नहीं हैं।

    बताया जा रहा है कि मेट्रो स्टेशन के पास स्थित श्रीराम मंदिर इस इलाके की एक प्रमुख पहचान है। इसी कारण नए नाम में स्थानीय धार्मिक और सामाजिक पहचान को जोड़ा गया है। इससे क्षेत्र को अलग पहचान मिलेगी और यात्रियों को दिशा समझने में भी सहूलियत होगी।


    सुविधा और पहचान के लिए बदला गया नाम
    दिल्ली में इससे पहले भी कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि ऐसे बदलाव का मकसद आम जनता की सुविधा बढ़ाना, स्थानीय पहचान को मजबूत करना और भ्रम की स्थिति को समाप्त करना होता है। अब मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन ‘श्रीराम मंदिर मयूर विहार’ के नाम से जाना जाएगा। उम्मीद है कि इस फैसले से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी और मेट्रो सफर पहले से ज्यादा आसान होगा।

  • बदल गया टोल टैक्स चुकाने का तरीका, बिना टोल प्लाजा के कटेगा टोल..

    बदल गया टोल टैक्स चुकाने का तरीका, बिना टोल प्लाजा के कटेगा टोल..


    नई दिल्ली। Toll Tax Without Toll Plaza: देश में हाईवे नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और रोज लाखों वाहन लंबी दूरी तय करते हैं. लेकिन टोल प्लाजा पर रुकना यात्रियों के सफर को स्लो कर देता है. फास्टैग के बाद भी कई जगह कतारें, जाम और समय की बर्बादी आम है. अब इस परेशानी का समाधान नई तकनीक से किया जा रहा है.

    देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल बूथ गुजरात के सूरत में शुरू किया गया है. यहां वाहन बिना रुके निकल जाएंगे और टोल अपने आप कट जाएगा. इस सिस्टम में हाई रिजोल्यूशन कैमरे, जीपीएस और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. यानी अब टोल देने का तरीका पूरी तरह डिजिटल और स्मूथ होने जा रहा है. जान लें पूरी खबर.

    बिना टोल प्लाजा के टोल कलेक्शन
    नए टोल प्लाजा सिस्टम में टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं होगा. सड़क पर लगे हाई रिजोल्यूशन कैमरे हर गुजरने वाले वाहन की नंबर प्लेट पढ़ेंगे. अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं भी है. तब भी नंबर प्लेट के जरिए वाहन की पहचान हो जाएगी. सिस्टम इसे टोल उल्लंघन के तौर पर दर्ज करेगा और वाहन मालिक को ई चालान भेजा जाएगा.

    हर लेन में रडार और लिडार आधारित कैमरे 360 डिग्री रिकॉर्डिंग करेंगे. पूरा डेटा कंट्रोल रूम और एनएचएआई सर्वर पर रियल टाइम दर्ज होगा. यानी कोई भी वाहन बिना पेमेंट के नहीं निकल सकेगा. यह टेक्नोलॉजी दुबई, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पहले से ही इस्तेमाल की जा रही है

    फास्टैग है लेकिन बैलेंस कम है तो क्या होगा?
    अगर आपकी गाड़ी में फास्टैग लगा है लेकिन उसमें बैलेंस कम है या ब्लैकलिस्टेड है. तब भी सिस्टम उसे पहचान लेगा. ऐसे मामलों में वाहन को डिफॉल्टर के रूप में दर्ज किया जाएगा. वाहन मालिक को एसएमएस और ऐप के जरिए अलर्ट मिलेगा. तय समय के भीतर रिचार्ज न करने पर ई चालान जारी होगा.

    जानबूझकर टोल चोरी करने की कोशिश करने वालों पर भी यह सिस्टम नजर रखेगा. कैमरे हर एंगल से रिकॉर्डिंग करते हैं. इसलिए बच निकलना मुश्किल होगा. आने वाले समय में यह बिना बैरियर वाला टोल सिस्टम देश के बाकी हाईवे पर भी लागू किया जा सकता है. इससे सफर तेज और आसान हो जाएगा.

  • Gaurav Khanna और Akanksha Chamola तलाक की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बताया- मेरा मकसद सिर्फ शो प्रमोशन था

    Gaurav Khanna और Akanksha Chamola तलाक की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बताया- मेरा मकसद सिर्फ शो प्रमोशन था


    नई दिल्ली।टीवी शो अनुपमा और रियलिटी शो Bigg Boss 19 के विनर गौरव खन्ना Gaurav Khanna इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनके और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला Akanksha Chamola के रिश्ते को लेकर हुई। सोशल मीडिया पर कुछ दिनों पहले आकांक्षा ने एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने लिखा- जिस रिश्ते की बुनियाद में सिर्फ जरूरतें हों, वहां दिल हमेशा कुर्बान होता है।

    यह पोस्ट फैंस के लिए चिंता का कारण बनी और कई लोगों ने समझा कि कपल के बीच दरार आ गई है और दोनों अलग हो रहे हैं।

    हालांकि अब आकांक्षा चमोला ने मीडिया से बातचीत में इस अफवाह को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मुझे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। हम शो को प्रमोट कर रहे थे, तो मेरा मोटिव वही था। मुझे कहीं ना कहीं लगा था कि कुछ लोग मेरी पोस्ट को गलत समझेंगे, लेकिन इतना ज्यादा गलत समझेंगे, यह मुझे नहीं पता था। बाद में हमने क्लियर भी कर दिया कि ये शो प्रमोशन के लिए था।

    इस बयान के साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि उनके और गौरव खन्ना के बीच कोई तलाक या रिश्ते में दरार नहीं है। कपल अब भी एक साथ है और उनका प्यार फैंस के लिए कपल गोल्स का उदाहरण है।

    गौरतलब है कि गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला ने साल 2016 में शादी की थी। इस वर्ष उनके रिश्ते को 10 साल पूरे हो गए हैं और टीवी टाउन के सबसे पावरफुल कपल्स में उन्हें गिना जाता है।फैंस अब राहत की सांस ले सकते हैं क्योंकि कपल ने अफवाहों का तुरंत खंडन किया और अपने रिश्ते की मजबूती दिखाई।

  • पाकिस्तान की अकड़ टूटी, भारत के खिलाफ मैच खेलने की संभावना, श्रीलंका के आग्रह पर सरकार से बात करेगा PCB

    पाकिस्तान की अकड़ टूटी, भारत के खिलाफ मैच खेलने की संभावना, श्रीलंका के आग्रह पर सरकार से बात करेगा PCB


    नई दिल्ली।टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हो चुका है। इस वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले मुकाबले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) भारत के खिलाफ अपने बॉयकॉट के फैसले पर यू टर्न ले सकता है। पीसीबी ने कहा है कि वह 15 फरवरी को कोलंबो में T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच के बॉयकॉट पर फिर से विचार करने के लिए सरकार से बात करेगा। पाकिस्तान सरकार ने PCB को नेशनल टीम को T20 वर्ल्ड कप में भेजने की इजाजत दे दी है, लेकिन उसे भारत के खिलाफ खेलने से रोक दिया है, जो ICC और उसके ब्रॉडकास्टर्स के लिए रेवेन्यू के हिसाब से सबसे बड़ा मैच है।
    श्रीलंका बोर्ड ने पीसीबी को किया थे मेल
    न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक श्रीलंका ने हाल ही में पीसीबी को ईमेल भेजकर कहा है कि भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने के पाकिस्तान के फैसले से श्रीलंका क्रिकेट को भारी आर्थिक नुकसान होगा। इसके अलावा श्रीलंका क्रिकेट और टूर्नामेंट की छवि को भी ठेस पहुंचेगी। पाकिस्तान अपने सारे मैच कोलंबो और पाल्लेकल में खेल रहा है। ऐसे में उन्हें अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान और श्रीलंका के सरकार और क्रिकेट स्तर पर संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं लिहाजा श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के ईमेल को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

    सूत्र ने कहा आगे कहा कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने सीधे मोहसिन नकवी से बातचीत की है और कहा है कि इस समय श्रीलंका को पाकिस्तान के सपोर्ट की जरूरत है। भारत और पाकिस्तान का मैच नहीं होने से श्रीलंका बोर्ड को टिकटों की बिक्री और उस बिक्री से मिलने वाले रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा। इसके बाद मोहसिन नकवी ने शम्मी सिल्वा को आश्वासन दिया है कि वह सरकार से बात करेंगे।

    पाकिस्तान ने जीत के साथ किया टूर्नामेंट का आगाज
    टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच हाई वोल्टेज मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना है। लेकिन टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले पाकिस्तान सरकार ने इस मैच को बॉयकॉट करने का आदेश दिया था। ऐसे में ये मुकाबला हो पाता है या नहीं ये आने वाले वक्त में पता चलेगा। इस बीच आपको बता दें कि पाकिस्तान ने जीत के साथ अपने वर्ल्ड कप अभियान का आगाज किया है। उन्होंने पहले मैच में नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराया है।

  • सोना 14 हजार और चांदी 94 हजार गिरकर रिकॉर्ड स्तर से नीचे, निवेशकों में चिंता

    सोना 14 हजार और चांदी 94 हजार गिरकर रिकॉर्ड स्तर से नीचे, निवेशकों में चिंता


    नई दिल्ली। इस हफ्ते सोने और चांदी के दाम में तेज गिरावट देखी गई है। सोना 13,717 रुपये घटकर 1,52,078 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि चांदी 3,39,350 रुपये प्रति किलो से गिरकर 2,44,929 रुपये पर पहुंच गई। इस गिरावट में चांदी करीब 94,421 रुपये प्रति किलो तक नीचे आ गई।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी में यह गिरावट मुख्य रूप से दो कारणों से हुई। पहला, हाल के दिनों में दोनों धातुओं की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी थीं, जिससे निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग की। दूसरा, फिजिकल डिमांड में कमी और औद्योगिक उपयोग को लेकर बढ़ी चिंताओं ने भी दामों पर दबाव डाला।

    निवेशकों के लिए यह गिरावट चेतावनी का संकेत है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि इस समय केवल सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें और कीमतों की क्रॉस-चेकिंग करें। सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड चुनना चाहिए। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होते हैं, जैसे AZ4524, जो सोने की कैरेट वैल्यू बताते हैं।

    ज्वेलर्स और निवेशकों के लिए दो बातें खासकर महत्वपूर्ण हैं। पहला, सोने का सही वजन और दैनिक कीमत को विभिन्न सोर्सेज जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट से क्रॉस-चेक करें। दूसरा, सोने के भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के अनुसार अलग-अलग होते हैं, इसलिए खरीदते समय सही कैरेट का ध्यान रखें।

    चांदी की असली पहचान करने के लिए चार आसान तरीके हैं। मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट: सिल्वर पर रखी बर्फ तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली में कॉपर जैसी गंध हो सकती है। क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर असली चांदी के निशान काले होंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में निवेशकों को भाव के उतार-चढ़ाव को समझते हुए ही सोना और चांदी में निवेश करना चाहिए। वहीं, ज्वेलर्स को सावधानी से स्टॉक प्रबंधन करने और ग्राहकों को प्रमाणित उत्पाद देने की सलाह दी जा रही है।इस हफ्ते की गिरावट के बाद, सोने और चांदी के निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। हालाँकि, अगर वैश्विक मार्केट और घरेलू मांग लंबे समय में स्थिर रहती है, तो इनकी कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं।

  • मलेशिया में UPI, नए कॉन्सुलेट और निवेश… भारतीय समुदाय से क्या-क्या बोले पीएम मोदी

    मलेशिया में UPI, नए कॉन्सुलेट और निवेश… भारतीय समुदाय से क्या-क्या बोले पीएम मोदी


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ आज कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का यूपीआई शीघ्र ही मलेशिया में आएगा. इसके साथ ही पीएम मोदी ने नए कॉन्सुलेट खोलने के बाद करते हुए भारत और मलेशिया के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया
    .
    पीएम मोदी ने कहा कि मलेशिया में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इंडियन ओरिजिन कम्युनिटी है. ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो इंडियन और मलेशियाई दिलों को जोड़ती हैं.उन्होंने कहा किआप वो जीता-जागता पुल हैं जो हमें जोड़ता है. आपने रोटी कैनाई को मालाबार परोट्टा से जोड़ा है. नारियल, मसाले… स्वाद बहुत जाने-पहचाने लगते हैं, चाहे वो कुआलालंपुर हो या कोच्चि. हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं.
    उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि आपकी भाषाओं और मलय के बीच बहुत सारे कॉमन शब्द हैं. मैंने सुना है कि मलेशिया में इंडियन म्यूजिक और फिल्में पॉपुलर हैं. आप सब जानते हैं कि PM अनवर इब्राहिम बहुत अच्छा गाते हैं, लेकिन घर पर कई इंडियन यह नहीं जानते थे. उनके पिछले दौरे पर, वे बहुत खुश हुए थे. इंडिया में उनके एक पुराने हिंदी गाने के वीडियो वायरल हुए थे. यह भी बहुत अच्छी बात है कि उन्हें लेजेंडरी MGR के तमिल गाने बहुत पसंद हैं.

    भारत के लिए आपके दिलों में एक खास जगह
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मुझे पता है कि भारत के लिए आपके दिलों में एक खास जगह है. मुझे 2001 की एक घटना बहुत अच्छे से याद है जब मेरे होम स्टेट गुजरात में भूकंप आया था. आप में से कई लोग मदद के लिए एक साथ आए थे. मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करता हूं.उन्होंने कहा कि उससे भी बहुत पहले, भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए आपके हजारों पूर्वजों ने बड़ी कुर्बानियां दी थीं. उनमें से कई के पड़ोसी भारत में थे, लेकिन वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी में शामिल होने वाले पहले लोगों में से थे. मैं इस मौके पर मलेशिया में नेताजी सर्विस सेंटर और नेताजी वेलफेयर फाउंडेशन की कोशिशों को भी सलाम करता हूं.

    भारत अब इन्वेस्टमेंट और ट्रेड हब
    पीएम मोदी ने कहा कि पहले, भारत को सिर्फ एक बहुत बड़े मार्केट के तौर पर देखा जाता था. अब हम इन्वेस्टमेंट और ट्रेड का हब हैं. भारत को ग्रोथ के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर देखा जाता है. चाहे वह UK हो, UAE हो, ऑस्ट्रेलिया हो, न्यूजीलैंड हो, ओमान हो, EU हो, या USA हो. देशों के भारत के साथ ट्रेड डील हैं.

    पीएम मोदी ने कहा कि हमने अभी एक रिकॉर्ड बनाने वाला कल्चरल परफॉर्मेंस देखा है. 800 डांसर एकदम सही तालमेल में. यह परफॉर्मेंस हमारे लोगों को आने वाले कई सालों तक याद रहेगी. मैं सभी परफॉर्मर्स को बधाई देता हूं.पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल, मैं ASEAN समिट के लिए मलेशिया नहीं जा पाया था, लेकिन मैंने अपने दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊंगा. जैसा वादा किया था, मैं यहां हूं. 2026 में यह मेरा पहला विदेश दौरा है.

  • UP विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी बसपा, मायावती ने बुलाई अहम बैठक, विपक्ष पर साधा निशाना

    UP विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी बसपा, मायावती ने बुलाई अहम बैठक, विपक्ष पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में पार्टी अध्यक्ष मायावती की अध्यक्षता में लखनऊ में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें 1400 से अधिक पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में जिला और विधानसभा स्तर के जिम्मेदार नेताओं ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य फोकस संगठन को मजबूत करना और पार्टी के जनाधार को बनाए रखना रहा।

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मायावती ने कहा कि प्रदेश में बसपा को कमजोर करने के लिए विरोधी दल योजनाबद्ध कोशिशें कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी इन साजिशों के प्रति अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सतर्क करेगी, ताकि संगठन किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना कर सके।

    विरोधी दलों पर मायावती का हमला
    मायावती ने विरोधी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें जनहित से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज कर रही हैं। उनका आरोप था कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही जाति और धर्म के नाम पर राजनीति में उलझे हुए हैं, जिससे समाज में वैमनस्य बढ़ रहा है और यह देशहित के लिए घातक है। उन्होंने संसद में लगातार हो रहे हंगामे पर भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि संसद चर्चा और समाधान के लिए होती है, लेकिन वहां केवल एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ लगी है।

    जनमुद्दे हाशिए पर, जाति-धर्म राजनीति हावी
    मायावती ने अमेरिका-भारत के प्रस्तावित ट्रेड डील का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में किसानों, मजदूरों और अल्पसंख्यक समुदाय की स्थिति सुधारने के लिए ठोस प्रयास नहीं हो रहे। उन्होंने कहा कि टैरिफ जैसे अहम मुद्दों पर संसद में स्पष्ट स्थिति होनी चाहिए, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष गंभीर बहस के बजाय जाति-धर्म की राजनीति में उलझे हैं।

    बैठक में प्रदेश और मंडल स्तर के पदाधिकारी और सभी 403 विधानसभा सीटों के अध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान संगठन की सालाना गतिविधियों, आगामी रणनीति और एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मायावती ने बैठक को चुनावी तैयारी के लिहाज से अहम बताया और कहा कि अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचा है।

  • जनकपुरी सड़क हादसा: मंत्री प्रवेश वर्मा सख्त, तीन इंजीनियर सस्पेंड, उच्चस्तरीय जांच के निर्देश

    जनकपुरी सड़क हादसा: मंत्री प्रवेश वर्मा सख्त, तीन इंजीनियर सस्पेंड, उच्चस्तरीय जांच के निर्देश


    नई दिल्ली । दिल्ली के जनकपुरी स्थित जोगिंदर सिंह मार्ग पर बीती रात हुए सड़क हादसे ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को उजागर कर दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

    मंत्री वर्मा ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान आम लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

    जांच में सामने आई गंभीर खामियां
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे वाली जगह पर पिछले कई महीनों से सीवर लाइन का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान करीब 6 मीटर लंबा, 4 मीटर चौड़ा और 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग जरूर की गई थी, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। खुदाई क्षेत्र के आसपास दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी रहने से आम लोगों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ था।

    मंत्री के निरीक्षण में यह भी सामने आया कि इस तरह की लापरवाही पहले भी देखी जा चुकी है। जनवरी में नोएडा में हुए एक समान हादसे के बाद संबंधित विभागों को सतर्क किया गया था। 24 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड ने अधिकारियों और ठेके पर काम कर रही एजेंसियों को सुरक्षा नियमों के सख्त पालन के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जनकपुरी की घटना ने इन आदेशों की अनदेखी को उजागर कर दिया।

    तीन इंजीनियर निलंबित, एजेंसी पर भी शिकंजा
    सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर अपराध मानते हुए मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्माण कार्य कर रही एजेंसी की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने समेत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    इधर, दिल्ली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड ने एक विशेष उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो यह पता लगाएगी कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार जरूरी हैं।

    जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री वर्मा
    मंत्री वर्मा ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। साथ ही, राजधानी में चल रहे सभी सीवर, सड़क निर्माण और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

  • दिल्ली सरकार के एक साल पूरे, कल रामलीला मैदान में होगा बड़ा कार्यक्रम, नए ऐलान की संभावना

    दिल्ली सरकार के एक साल पूरे, कल रामलीला मैदान में होगा बड़ा कार्यक्रम, नए ऐलान की संभावना


    नई दिल्ली। दिल्ली सरकार 8 फरवरी को अपने एक साल के कार्यकाल पूरा होने पर रामलीला मैदान में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूरी कैबिनेट और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद रहेंगे। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।

    सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए 500 नई ई-बसें जोड़ने की योजना का ऐलान कर सकती है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और शहरी सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा भी संभव है। सरकार पर्यावरण अनुकूल परिवहन, ट्रैफिक कम करने और प्रदूषण घटाने पर विशेष ध्यान देगी। इस मंच के जरिए सरकार जनता को यह संदेश देना चाहती है कि बीते एक साल में किए गए वादों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं और आगे राजधानी के विकास पर फोकस किया जाएगा।

    सरकार इस कार्यक्रम के माध्यम से जनता से फीडबैक भी लेगी। बीजेपी विधायक और सांसदों को अधिकतम लोगों को कार्यक्रम में शामिल करने की जिम्मेदारी दी गई है। हर कैबिनेट मंत्री को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली की सभी विधानसभा सीटों पर छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि सरकार अपनी उपलब्धियां और योजनाएं जनता तक पहुंचा सके।

    दिल्ली बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आज दोपहर 3:30 बजे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास पर होगी। बैठक में एक साल पूरे होने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रणनीति और रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी।दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने कई वर्षों बाद आम आदमी पार्टी को हराकर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। 70 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 48 सीटें जीती, जबकि आम आदमी पार्टी की सीटें घटकर 22 रह गईं।