Blog

  • RCB ने बदली सोच! विक्की ओस्तवाल बोले- टीम में आकर मिल रहा है सीखने का बड़ा मौका

    RCB ने बदली सोच! विक्की ओस्तवाल बोले- टीम में आकर मिल रहा है सीखने का बड़ा मौका


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच Royal Challengers Bengaluru (आरसीबी) के युवा ऑलराउंडर Vicky Ostwal ने टीम में अपने अनुभव को लेकर दिल खोलकर बात की है। उन्होंने कहा कि आरसीबी जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है और यहां उन्हें हर दिन कुछ नया सीखने को मिल रहा है।

    “विराट कोहली से सीखना सबसे बड़ा मौका”

    विक्की ओस्तवाल ने खासतौर पर Virat Kohli के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शुरुआत में वह उनसे बात करने में झिझकते थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने उनसे गेंदबाजी के कई अहम टिप्स सीखे।
    ओस्तवाल के मुताबिक, “जब भी मैं उन्हें गेंदबाजी करता हूं, तो बाद में उनसे फीडबैक लेने की कोशिश करता हूं। वह बताते हैं कि क्या सही किया और क्या सुधार सकता हूं। इससे मेरे गेम में काफी सुधार आया है।”

    टीम का माहौल और सीनियर्स का सपोर्ट

    23 वर्षीय खिलाड़ी ने टीम के माहौल की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि सीनियर खिलाड़ी काफी फ्रेंडली हैं और जूनियर्स को खुलकर सीखने का मौका देते हैं। खासकर Venkatesh Iyer का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह सीनियर होने के बावजूद काफी सपोर्टिव हैं और टीम में अच्छा माहौल बनाए रखते हैं।
    23 वर्षीय खिलाड़ी ने टीम के माहौल की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि सीनियर खिलाड़ी काफी फ्रेंडली हैं और जूनियर्स को खुलकर सीखने का मौका देते हैं। खासकर Venkatesh Iyer का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह सीनियर होने के बावजूद काफी सपोर्टिव हैं और टीम में अच्छा माहौल बनाए रखते हैं।

    घरेलू क्रिकेट से IPL तक का सफर

    महाराष्ट्र के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले विक्की ने अपने हालिया प्रदर्शन को अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बताया। उन्होंने कहा कि अंडर-23 और रणजी में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद ही उन्हें आईपीएल में मौके मिले।
    उन्होंने यह भी बताया कि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने कई बार 5 विकेट लिए और व्हाइट बॉल फॉर्मेट में भी किफायती गेंदबाजी की।

    “गेंदबाजी ऑलराउंडर ही मेरी पहचान”

    ओस्तवाल ने खुद को एक फ्रंटलाइन गेंदबाज बताते हुए कहा कि वह लगातार अपनी बल्लेबाजी भी सुधार रहे हैं। टीम की जरूरत के हिसाब से उन्होंने टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी भी की और अच्छा प्रदर्शन किया।

    भविष्य का लक्ष्य

    युवा खिलाड़ी ने साफ कहा कि वह जल्दबाजी में नहीं हैं, बल्कि मेहनत पर ध्यान दे रहे हैं। उनका मानना है कि सही समय आने पर मौका जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य आरसीबी को एक बार फिर चैंपियन बनाना है और मैं इसके लिए पूरी मेहनत कर रहा हूं।”

  • तीसरे ODI में न्यूजीलैंड का धमाका! दक्षिण अफ्रीका को 66 रन से हराया, सीरीज पर किया कब्जा

    तीसरे ODI में न्यूजीलैंड का धमाका! दक्षिण अफ्रीका को 66 रन से हराया, सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली। वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व में खेले गए तीसरे और निर्णायक मुकाबले में न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम को 66 रन से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीत ली।

    शुरुआत खराब, फिर ग्रीन-हैलीडे की ऐतिहासिक साझेदारी

    टॉस जीतकर गेंदबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम ने शुरुआती ओवरों में दबदबा बनाया और न्यूजीलैंड को सिर्फ 3 रन पर 3 झटके दे दिए। लेकिन इसके बाद मैडी ग्रीन और ब्रूकी हैलीडे ने शानदार वापसी कराई। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 211 रन की जबरदस्त साझेदारी हुई। हैलीडे 98 रन बनाकर शतक से चूक गईं, लेकिन ग्रीन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 141* रन की नाबाद पारी खेली और टीम को 306/7 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    307 रन के लक्ष्य के आगे झुकी दक्षिण अफ्रीका

    307 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम की टीम 46.1 ओवर में 240 रन पर सिमट गई। कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने 69 रन बनाए, जबकि एनेरी डर्कसेन (47), क्योले ट्रायन (29) और तंजिमव ब्रिट्स (25) ने भी संघर्ष किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।

    रोजमेरी मैयर का घातक स्पेल

    न्यूजीलैंड की जीत में गेंदबाज रोजमेरी मैयर ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 9.1 ओवर में 50 रन देकर 5 विकेट झटके और दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा अमेलिया केर ने 2 विकेट लिए, जबकि जेस केर, केली नाइट और नैंसी पटेल को 1-1 सफलता मिली।

    ग्रीन बनीं मैच और सीरीज की हीरो

    141 रन की शानदार पारी खेलने वाली मैडी ग्रीन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इसके साथ ही उन्होंने पूरी सीरीज में 239 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी अपने नाम किया।

  • युवा खिलाड़ी पर गावस्कर का बड़ा बयान! आयुष म्हात्रे को बताया खास, दी सोच बदलने वाली सलाह

    युवा खिलाड़ी पर गावस्कर का बड़ा बयान! आयुष म्हात्रे को बताया खास, दी सोच बदलने वाली सलाह


    नई दिल्ली। चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले में पंजाब ने 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में जहां एक ओर युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने चेन्नई के लिए दमदार पारी खेली, वहीं प्रियांश आर्या ने तूफानी बल्लेबाजी से मैच का रुख पलट दिया।

    गावस्कर ने की आयुष म्हात्रे की जमकर तारीफ

    मैच के बाद ‘अमूल क्रिकेट लाइव’ शो में बात करते हुए दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने आयुष म्हात्रे की मानसिकता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वे पिछली गलतियों को जल्दी भूलकर आगे बढ़ते हैं।

    गावस्कर के मुताबिक, पिछले मैच में पहली गेंद पर आउट होने के बावजूद आयुष पर कोई दबाव नहीं दिखा और उन्होंने बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों पर 73 रन ठोक दिए। उन्होंने यह भी कहा कि नंबर-3 का स्थान आयुष के लिए बिल्कुल उपयुक्त नजर आता है।

    चेन्नई की गेंदबाजी बनी चिंता

    गावस्कर ने चेन्नई सुपर किंग्स की गेंदबाजी पर भी चिंता जताई। उनका मानना है कि टीम को आगे के मैचों में जीत के लिए 225-230 जैसे बड़े स्कोर खड़े करने पड़ सकते हैं, क्योंकि गेंदबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

    उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पंजाब के मार्कस स्टोइनिस जैसे खिलाड़ी निचले क्रम में आकर भी आसानी से रन बना रहे हैं, जो विरोधी टीमों के लिए खतरे की घंटी है।

    प्रियांश आर्या की आक्रामक बल्लेबाजी पर पुजारा की राय

    भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने प्रियांश आर्या की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रियांश बहुत जल्दी गेंद की लेंथ पहचान लेते हैं और छोटी गेंदों पर बेझिझक बड़े शॉट खेलते हैं।

    पुजारा के मुताबिक, प्रियांश ऑफ साइड और लेग साइड दोनों पर सहज हैं, जिससे गेंदबाजों के लिए उनके खिलाफ गलती की कोई गुंजाइश नहीं बचती।

    रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी चर्चा

    गावस्कर ने रोहित शर्मा की फिटनेस में आए बदलाव की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि रोहित की मेहनत अब साफ दिख रही है—उनका फुटवर्क तेज हुआ है और वह पहले से ज्यादा ऊर्जावान नजर आ रहे हैं।

    मैच का पूरा हाल

    इस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रन बनाए। जवाब में पंजाब किंग्स ने 18.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

  • ‘धुरंधर 2’ पर कॉपी का आरोप पड़ा भारी! आदित्य धर ने उठाया कानूनी कदम, इंडस्ट्री में मचा हड़कंप

    ‘धुरंधर 2’ पर कॉपी का आरोप पड़ा भारी! आदित्य धर ने उठाया कानूनी कदम, इंडस्ट्री में मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। धुरंधर 2 इन दिनों सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है और रिलीज के 15 दिन बाद भी इसका क्रेज कम नहीं हुआ है। इतना ही नहीं, इसकी सफलता के चलते कई बड़ी फिल्मों की रिलीज भी टालनी पड़ी। लेकिन इसी बीच फिल्म विवादों में घिर गई है।

    फिल्ममेकर ने लगाया कॉपी का आरोप

    फिल्ममेकर संतोष कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि ‘धुरंधर 2’ उनकी 2023 में आई फिल्म ‘डी साहब’ की कहानी से मिलती-जुलती है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी स्क्रिप्ट पहले ही स्क्रीनराइटर एसोसिएशन में रजिस्टर कराई थी, लेकिन मेकर्स ने उसमें बदलाव कर अपनी फिल्म बना ली। इस आरोप के बाद इंडस्ट्री में हलचल मच गई और फिल्म की मौलिकता पर सवाल उठने लगे।

    क्या भेजा गया लीगल नोटिस?

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक आदित्य धर ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संतोष कुमार को लीगल नोटिस भेजा है। इसमें उनसे कहा गया है कि वे ऐसे बेबुनियाद दावे करना बंद करें। हालांकि, संतोष कुमार का दावा कुछ और है। उनके अनुसार, उन्हें कोई आधिकारिक लीगल नोटिस नहीं मिला, बल्कि सिर्फ ई-मेल के जरिए जवाब दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेकर्स उन्हें शिकायत न करने के लिए दबाव बना रहे हैं, जबकि वह इस मामले को कानूनी तौर पर आगे ले जाने के लिए तैयार हैं।

    मेकर्स का जवाब: आरोप पूरी तरह बेबुनियाद

    फिल्म से जुड़े सूत्रों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि ‘धुरंधर 2’ की कहानी पूरी तरह से आदित्य धर की ओरिजिनल रचना है। सूत्रों के अनुसार, आदित्य धर ने अपनी स्क्रिप्ट सितंबर 2023 में रजिस्टर कराई थी, जबकि संतोष कुमार ने अपनी स्क्रिप्ट नवंबर 2023 में दर्ज कराई। ऐसे में कॉपी का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत बताया जा रहा है।

    क्या है ‘धुरंधर’ की कहानी?

    धुरंधर एक भारतीय एजेंट हमजा (जसकीरत) की कहानी है, जो दुश्मन देश में घुसकर आतंक और अपराध के नेटवर्क को खत्म करता है। इस मिशन में उसका सामना खतरनाक दुश्मनों से होता है, जबकि एक तेज-तर्रार डिप्लोमेट उसका साथ देता है।

  • वोटिंग से पहले विवाद गहराया! भवानीपुर सीट पर TMC की सख्त मांग, चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल

    वोटिंग से पहले विवाद गहराया! भवानीपुर सीट पर TMC की सख्त मांग, चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव से पहले नया विवाद खड़ा हो गया है। सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस सीट के रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) को हटाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि यह अधिकारी भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के काफी करीबी हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं।

    टीएमसी ने शिकायत पत्र में उठाए गंभीर सवाल
    टीएमसी ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को शिकायत पत्र भेजकर कहा कि भवानीपुर के लिए नियुक्त आरओ की नियुक्ति पर गंभीर आपत्ति है। पार्टी का दावा है कि यह अधिकारी पहले से ही शुभेंदु अधिकारी के करीब हैं। खासकर जब यह अधिकारी नंदीग्राम-2 में ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर थे, तब दोनों की नजदीकी सार्वजनिक तौर पर देखी गई थी।

    चुनाव की निष्पक्षता पर खतरा- टीएमसी
    टीएमसी का कहना है कि ऐसे संबंध चुनाव प्रक्रिया पर पक्षपात का खतरा बढ़ाते हैं और चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। रिटर्निंग ऑफिसर का काम बेहद संवेदनशील होता है, जैसे नामांकन की जांच, मतदान प्रक्रिया की निगरानी और नतीजों की घोषणा। पार्टी ने अधिकारी की वर्तमान पोस्टिंग पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी अब भूमि अभिलेख विभाग में अतिरिक्त निदेशक हैं, जो वरिष्ठ अधिकारियों का पद है, और इसकी नियुक्ति संदिग्ध और पक्षपाती लग रही है।

    आचार संहिता और संवैधानिक जिम्मेदारी का हवाला
    टीएमसी ने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व कानून का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करे। साथ ही पार्टी ने आचार संहिता का भी हवाला दिया, जिसमें प्रशासनिक निष्पक्षता अनिवार्य बताई गई है।
    टीएमसी ने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व कानून का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करे। साथ ही पार्टी ने आचार संहिता का भी हवाला दिया, जिसमें प्रशासनिक निष्पक्षता अनिवार्य बताई गई है।

    पार्टी ने बताया कि 24 मार्च को शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से तीन वैकल्पिक अधिकारियों के नाम मांगे थे, जिन्हें राज्य सरकार ने भेज दिया। लेकिन अब तक आरओ को हटाने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। टीएमसी ने इसे संवैधानिक दृष्टि से गलत और चुनाव के लिए खतरनाक बताया और चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

  • शनि, राहु और केतु के दोष को दूर करेगा यह एक रत्न, पहनते ही बदल जाएगी किस्मत!

    शनि, राहु और केतु के दोष को दूर करेगा यह एक रत्न, पहनते ही बदल जाएगी किस्मत!

    नई दिल्ली। रत्न शास्त्र में 9 ग्रहों के लिए अलग-अलग रत्न बताए गए हैं, जिनका जीवन पर विशेष प्रभाव माना जाता है। शनि, राहु और केतु के दोष को दूर करने के लिए अलग-अलग रत्न बताए जाते हैं, लेकिन एक ऐसा रत्न है जिसे पहनने से इन तीनों ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त होती है। इसे सुलेमानी हकीक के नाम से जाना जाता है। माना जाता है कि इस रत्न को धारण करने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं और धन, करियर तथा स्वास्थ्य में सुधार संभव है।

    राहु दोष को करता है शांत
    रत्न शास्त्र के अनुसार, सुलेमानी हकीक राहु दोष को शांत करने में मददगार है। सही विधि से इसे धारण करने पर राहु देव की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा यह रत्न आर्थिक उन्नति और अचानक धन लाभ के योग भी बनाता है।

    केतु दोष को रोकता है नुकसान
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केतु दोष वाले व्यक्ति को आर्थिक नुकसान और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। सुलेमानी हकीक के धारण से धन हानि रुकती है और राहु-केतु की कृपा से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इस कारण यह रत्न केतु दोष से पीड़ित लोगों के लिए अनुकूल है।

    शनि दोष से राहत
    सुलेमानी हकीक काले रंग का रत्न है और शनि देव से इसका विशेष संबंध माना जाता है। इसे पहनने से शनि की विशेष कृपा मिलती है। विशेषकर साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान यह रत्न लाभकारी है। शनि दोष से पीड़ित जातक इस रत्न को पहनकर लाभ उठा सकते हैं।

    सुलेमानी हकीक के फायदे
    गोमेद, लहसुनिया और नीमल जैसे अलग-अलग रत्नों की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि सुलेमानी हकीक एक साथ शनि, राहु और केतु की कृपा प्रदान करता है। यह रत्न पहनने वालों के जीवन में आर्थिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभ ला सकता है।

    कैसे पहनें सुलेमानी हकीक
    सुलेमानी हकीक पहनने के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना गया है। इसे चांदी की अंगूठी में जड़वाकर बीच वाली उंगली में धारण करें। लॉकेट में जड़वाकर पहनना भी लाभकारी है। यह रत्न उन सभी जातकों के लिए उपयुक्त है जो शनि, राहु और केतु के दोष से प्रभावित हैं।

  • आप में गहराया विवाद, राघव चड्ढा के बयान से बढ़ा पार्टी में टकराव, अपने ही नेताओं ने उठाए सवाल

    आप में गहराया विवाद, राघव चड्ढा के बयान से बढ़ा पार्टी में टकराव, अपने ही नेताओं ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के भीतर मतभेद अब सार्वजनिक टकराव का रूप ले चुके हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद उनका वीडियो संदेश पार्टी में चर्चा का केंद्र बन गया। राघव ने खुद को जनता की आवाज बताते हुए पार्टी की नीतियों और निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाए। जवाब में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके राजनीतिक रुख और भूमिका पर सवाल खड़े किए। इस विवाद ने विरोधी दलों को भी सक्रिय कर दिया है।

    भाजपा का तीखा हमला
    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पार्टी नेतृत्व और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर असंतोष चरम पर है और नेतृत्व केवल बाहर से एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है। राघव चड्ढा का वीडियो इस बात का प्रमाण है कि पार्टी के अंदर संवाद और लोकतंत्र खत्म हो चुके हैं।

    सचदेवा ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं को अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ता है, जो पार्टी की आंतरिक स्थिति को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी अब एक व्यक्ति केंद्रित संगठन बन गई है, जहां स्वतंत्र राय रखने वाले नेताओं को किनारे कर दिया जाता है या दबाया जाता है।

    राघव पर आप नेताओं ने उठाए सवाल
    पार्टी ने चड्ढा के बयान पर पलटवार करते हुए इसे सामान्य संगठनात्मक निर्णय बताया। आरोप लगाया गया कि चड्ढा लंबे समय से पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे थे और जनहित के मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी सरकार को चुनौती देने से बच रहे हैं।

    भगवंत सिंह मान ने कहा कि किसी भी पार्टी में नेतृत्व और पदों में बदलाव सामान्य प्रक्रिया है। अगर कोई सदस्य पार्टी के सामूहिक निर्णयों का समर्थन नहीं करता या व्हिप के खिलाफ जाता है, तो कार्रवाई स्वाभाविक है।

    राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि राघव चड्ढा पार्टी की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव, पंजाब के अधिकारों और गुजरात में कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चुप्पी साधी। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी निशाना साधते हुए कहा कि राघव न तो प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछ रहे हैं और न ही बड़े राष्ट्रीय मुद्दों को उठाने में सक्रिय हैं।

    पार्टी के भीतर फूट और विपक्षी दलों की सक्रियता
    इस विवाद ने पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और भाजपा सहित अन्य विपक्षी दल इसे पार्टी में लोकतंत्र की कमी और नेतृत्व की कमजोरी के रूप में पेश कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के लिए यह समय अपने भीतर उठ रहे असंतोष को संभालने और रणनीति तय करने का चुनौतीपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

  • Budh Gochar 2026: मीन राशि में बुध का प्रवेश बनाएगा नीचभंग राजयोग, इन राशियों की बदलेगी तकदीर

    Budh Gochar 2026: मीन राशि में बुध का प्रवेश बनाएगा नीचभंग राजयोग, इन राशियों की बदलेगी तकदीर

    नई दिल्ली। 11 अप्रैल 2026, शनिवार को बुध ग्रह मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह गोचर खास माना जा रहा है, क्योंकि मीन राशि में बुध सामान्यतः कमजोर स्थिति में होते हैं, लेकिन इस बार ग्रहों की विशेष स्थिति उनकी इस कमजोरी को ताकत में बदल देगी। इस दौरान कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बना रहा है।

    इस गोचर के समय मीन राशि में एक से अधिक ग्रहों की मौजूदगी से खास संयोग बनेंगे। साथ ही बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य योग बनेगा, जिसे बुद्धि, सफलता और मान-सम्मान दिलाने वाला माना जाता है। वहीं, विशेष ग्रह स्थिति के कारण नीचभंग राजयोग भी बन रहा है, जो संघर्ष के बाद बड़ी उपलब्धियां दिलाने में सहायक होता है। इसका प्रभाव कई राशियों के करियर, धन और प्रतिष्ठा में तेजी से सुधार ला सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह गोचर खास लाभकारी रहेगा।

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक रूप से बड़ा बदलाव ला सकता है। इस दौरान आय में वृद्धि के संकेत हैं और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे खत्म हो सकती हैं। व्यवसाय से जुड़े लोगों को विस्तार के नए अवसर मिलेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा और निवेश के लिए भी समय अनुकूल रहेगा।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर करियर में उन्नति के संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यापार में लिए गए फैसले लाभदायक साबित होंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी और वरिष्ठों का भरोसा बढ़ेगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और संपत्ति या वाहन से जुड़ी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं।

    कर्क राशि
    कर्क राशि के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आएगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। नई योजनाओं की शुरुआत लाभकारी रहेगी। धन से जुड़े मामलों में सुधार होगा और यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के लिए यह गोचर रिश्तों और साझेदारी के मामलों में शुभ साबित होगा। बिजनेस पार्टनरशिप में सफलता मिलने के संकेत हैं। वैवाहिक जीवन में सुधार होगा और आपसी समझ बेहतर बनेगी। इसके साथ ही करियर में भी धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

  • क्या ईरान बना सकता है अमेरिका पर दबाव? लापता पायलट से बदल सकता है जंग का समीकरण

    क्या ईरान बना सकता है अमेरिका पर दबाव? लापता पायलट से बदल सकता है जंग का समीकरण

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इजरायल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। होर्मुज क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के कारण संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। इसी बीच अमेरिका का एक फाइटर जेट ईरान में क्रैश हो गया, जिसने हालात को और जटिल बना दिया है।

    विमान में सवार दो पायलटों में से एक को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है। इस पायलट की स्थिति को लेकर ही अब पूरे घटनाक्रम की दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही है।

    संघर्ष में अहम मोड़
    ईरान की जमीन पर अमेरिकी फाइटर जेट का गिरना इस संघर्ष में अहम मोड़ माना जा रहा है। अब तक अमेरिका जिन हादसों को ‘फ्रेंडली फायर’ बताता रहा, इस घटना ने उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पहली बार स्पष्ट रूप से सामने आया है कि अमेरिकी विमान ईरान में गिरा है और एक पायलट का कोई सुराग नहीं है।

    पायलट की स्थिति तय करेगी अगला कदम
    विशेषज्ञों के अनुसार, अगर लापता अमेरिकी पायलट को ईरान पकड़ लेता है, तो यह स्थिति पूरी जंग का रुख बदल सकती है। पायलट को नुकसान पहुंचाने से ईरान को कोई खास रणनीतिक फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे अमेरिका को बड़ा सैन्य कदम उठाने का मौका मिल सकता है, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के लिए। यदि पायलट की मौत होती है, तो अमेरिका इसे जवाबी कार्रवाई के लिए आधार बना सकता है, जिससे संघर्ष और उग्र हो सकता है। वहीं, अगर पायलट जिंदा और ईरान के कब्जे में होता है, तो यह तेहरान के लिए एक मजबूत रणनीतिक बढ़त बन सकती है।

    जिंदा पायलट से बढ़ेगा दबाव
    पायलट के जिंदा होने की स्थिति में अमेरिका पर उसे सुरक्षित वापस लाने का दबाव बढ़ेगा। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना बन सकती है। ऐसे हालात में ईरान इस स्थिति का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कर सकता है। इसे एक तरह का ‘स्ट्रॉन्ग होल्ड’ माना जा रहा है, जिसे वह कूटनीतिक रूप से भुना सकता है।

    लोकेशन सबसे बड़ा सवाल
    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम पहलू पायलट की लोकेशन है। आमतौर पर इजेक्शन के बाद पायलट घायल हो जाते हैं, जिससे उनका सुरक्षित निकल पाना मुश्किल होता है। ईरान जैसे बड़े और विविध भूगोल वाले देश में उनकी तलाश करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

    ईरान की संभावित रणनीति
    अगर पायलट जीवित है, तो ईरान उसे पकड़ने की पूरी कोशिश करेगा। गिरफ्तारी के बाद ही वह बातचीत की शर्तें तय कर सकता है। साथ ही, पायलट से जुड़े सबूत या तस्वीरें जारी कर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है।

    अलग रणनीति, एक लक्ष्य
    इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान दोनों अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रहे हैं, लेकिन दोनों का मकसद एक ही है- स्थिति को अपने पक्ष में मोड़ना। आने वाले दिनों में पायलट की स्थिति और लोकेशन ही तय करेगी कि यह तनाव किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

  • एमपी में 45 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जगह ओलावृष्टि की भी संभावना

    एमपी में 45 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जगह ओलावृष्टि की भी संभावना

    भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ से बना मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय बना हुआ है, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले चार दिनों से लगातार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी 20 से अधिक जिलों में इसी तरह का मौसम बना रहा।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भोपाल और ग्वालियर सहित 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य भाग से एक टर्फ लाइन गुजर रही है, जबकि दूसरी ऊपरी हिस्से में सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं।

    कई जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट
    इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रतिदिन 30 से 35 जिलों में मौसम परिवर्तन हो रहा है। शनिवार को जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में ओलावृष्टि के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    तेज रफ्तार से चलेंगी हवाएं
    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों यानी 7 अप्रैल तक प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 30 से 40 किमी प्रति घंटा के बीच रह सकती है।

    7 अप्रैल से नया सिस्टम होगा एक्टिव
    प्रदेश में मौसम की सक्रियता अभी जारी रहेगी। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रभावी होगा, जिसके कारण 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर बना रह सकता है।

    इसके बाद यह सिस्टम आगे बढ़ जाएगा और प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ने लगेगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी आएगी और महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दरअसल, अप्रैल के दौरान प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे इन इलाकों में भीषण गर्मी का असर बढ़ जाता है।