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  • गर्मी में मेकअप क्यों जल्दी खराब हो जाता है? जानिए परफेक्ट समर मेकअप के आसान और असरदार टिप्स

    गर्मी में मेकअप क्यों जल्दी खराब हो जाता है? जानिए परफेक्ट समर मेकअप के आसान और असरदार टिप्स


    नई दिल्ली । गर्मियों के मौसम में मेकअप का टिकना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। तेज धूप, पसीना और नमी के कारण अक्सर मेकअप जल्दी खराब हो जाता है या चेहरे पर भारी दिखने लगता है। ऐसे में जरूरत होती है ऐसे मेकअप रूटीन की, जो हल्का हो, स्किन को सांस लेने दे और लंबे समय तक फ्रेश लुक बनाए रखे। यही वजह है कि आजकल ‘नो-मेकअप लुक’ और मिनिमल मेकअप ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो रहा है।

    समर मेकअप की शुरुआत हमेशा स्किन को तैयार करने से करनी चाहिए। चेहरे पर हल्का ठंडा असर देने के लिए आइस क्यूब या फेस मिस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे स्किन तरोताजा महसूस करती है और पोर्स थोड़े टाइट हो जाते हैं, जिससे मेकअप ज्यादा देर तक टिकता है।

    इसके बाद स्किन के अनुसार सही मॉइश्चराइजर का चुनाव जरूरी है। ऑयली स्किन के लिए जेल-बेस्ड मॉइश्चराइजर बेहतर होता है, जबकि ड्राई स्किन के लिए हल्का क्रीम-बेस्ड मॉइश्चराइजर उपयुक्त रहता है। सही मॉइश्चराइजर स्किन को बैलेंस करता है और मेकअप को पैची होने से बचाता है।

    फाउंडेशन की जगह टिंटेड मॉइश्चराइजर या सनस्क्रीन बेस्ड हल्का टिंट इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। यह स्किन को सुरक्षा भी देता है और नेचुरल कवरेज भी बनाए रखता है, जिससे चेहरा ज्यादा हैवी नहीं लगता।

    गर्मियों में कंसीलर का इस्तेमाल पूरे चेहरे पर करने की बजाय सिर्फ जरूरत वाली जगहों पर करना चाहिए। डार्क सर्कल्स, पिंपल्स या किसी स्पॉट पर हल्का कंसीलर लगाने से लुक नेचुरल बना रहता है।

    ब्लश और ब्रॉन्जर के लिए पाउडर की जगह क्रीम बेस्ड प्रोडक्ट्स ज्यादा बेहतर माने जाते हैं। ये स्किन में अच्छे से ब्लेंड हो जाते हैं और चेहरे को एक फ्रेश और ग्लोइंग लुक देते हैं।

    आई मेकअप में हल्के शेड्स जैसे ब्राउन या न्यूड कलर ज्यादा अच्छे लगते हैं। वॉटरप्रूफ मस्कारा और पतली आईलाइनर गर्मियों के लिए परफेक्ट रहते हैं। अगर समय कम हो तो सिर्फ काजल और मस्कारा से भी सिंपल लेकिन आकर्षक लुक पाया जा सकता है।

    लिप्स के लिए मैट लिपस्टिक की जगह लिप बाम या टिंटेड ग्लॉस बेहतर विकल्प होता है, जिससे होंठ हाइड्रेटेड रहते हैं और सूखते नहीं हैं।

    पूरा फेस पाउडर लगाने की बजाय सिर्फ टी-जोन पर हल्का कॉम्पैक्ट पाउडर इस्तेमाल करना चाहिए ताकि ऑयल कंट्रोल रहे और मेकअप केक न लगे। अंत में सेटिंग स्प्रे या फेस मिस्ट से लुक को लॉक करना चाहिए ताकि मेकअप लंबे समय तक फ्रेश बना रहे।

    कुल मिलाकर, गर्मियों में मेकअप का मूल मंत्र है—कम प्रोडक्ट, सही टेक्निक और हल्का लुक। सही तरीके से किया गया मिनिमल मेकअप न सिर्फ खूबसूरत दिखता है बल्कि स्किन को भी आराम देता है।

  • चेहरे के मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू और आसान स्किन केयर टिप्स

    चेहरे के मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू और आसान स्किन केयर टिप्स

    नई दिल्ली । आज के समय में चेहरे पर पिंपल्स यानी मुंहासों की समस्या आम होती जा रही है, खासकर उन लोगों में जो अपनी स्किन की सही देखभाल नहीं कर पाते हैं। बदलती लाइफस्टाइल, गलत खान-पान, प्रदूषण और अनियमित दिनचर्या के कारण त्वचा पर इसका सीधा असर दिखाई देता है। हालांकि, कुछ आसान और नियमित स्किन केयर आदतों को अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है और त्वचा को साफ, स्वस्थ और चमकदार बनाया जा सकता है।

    चेहरे की साफ-सफाई स्किन केयर का सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। दिनभर धूल, मिट्टी और ऑयल त्वचा पर जमा हो जाते हैं, जिससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और पिंपल्स बनने लगते हैं। इसलिए दिन में कम से कम दो बार चेहरे को हल्के और त्वचा के अनुसार सही फेसवॉश से धोना चाहिए। बहुत ज्यादा हार्श प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए हमेशा अपनी स्किन टाइप को ध्यान में रखकर ही प्रोडक्ट का चयन करना चाहिए। इसके साथ ही चेहरे को बार-बार हाथों से छूने की आदत भी पिंपल्स को बढ़ा सकती है, क्योंकि हाथों की गंदगी और बैक्टीरिया त्वचा पर पहुंचकर संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

    एक और महत्वपूर्ण आदत है रात में सोने से पहले मेकअप को पूरी तरह से हटाना। कई बार थकान या आलस के कारण लोग मेकअप हटाए बिना सो जाते हैं, जिससे त्वचा को सांस लेने का मौका नहीं मिलता और पोर्स बंद हो जाते हैं। यह स्थिति पिंपल्स और ब्लैकहेड्स की समस्या को बढ़ा देती है। इसलिए यह जरूरी है कि सोने से पहले त्वचा को अच्छी तरह साफ किया जाए, ताकि त्वचा प्राकृतिक रूप से खुद को रिपेयर कर सके।

    त्वचा की सेहत के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है। दिनभर में पर्याप्त पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा अंदर से साफ होती है। जब शरीर हाइड्रेटेड रहता है तो स्किन भी फ्रेश और ग्लोइंग नजर आती है। इसके साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन भी जरूरी है। ज्यादा तला-भुना और जंक फूड त्वचा की सेहत को प्रभावित करता है और मुंहासों की समस्या को बढ़ा सकता है। ताजे फल, हरी सब्जियां और घर का बना संतुलित भोजन त्वचा को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

    इसके अलावा, रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें भी त्वचा पर बड़ा असर डालती हैं। जैसे कि तकिए के कवर की साफ-सफाई का ध्यान रखना। लंबे समय तक इस्तेमाल किए गए गंदे तकिए के कवर पर ऑयल और धूल जमा हो जाती है, जो सीधे चेहरे की त्वचा के संपर्क में आकर पिंपल्स को बढ़ा सकती है। इसलिए नियमित अंतराल पर तकिए के कवर को बदलना और साफ रखना त्वचा की सेहत के लिए जरूरी है।

    इन सरल लेकिन प्रभावी स्किन केयर आदतों को अपनाकर न केवल पिंपल्स की समस्या को कम किया जा सकता है, बल्कि त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ, साफ और प्राकृतिक रूप से चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

  • किडनी स्टोन को लेकर बड़ा भ्रम, क्या सच में बीयर पीने से पथरी निकल जाती है?

    किडनी स्टोन को लेकर बड़ा भ्रम, क्या सच में बीयर पीने से पथरी निकल जाती है?

    क्या बीयर पीने से किडनी स्टोन निकल जाता है? जानिए सच
    किडनी स्टोन को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि बीयर पीने से पथरी निकल जाती है, लेकिन डॉक्टर इसे पूरी तरह गलत और खतरनाक मिथक मानते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बीयर या किसी भी तरह की शराब किडनी स्टोन का इलाज नहीं है, बल्कि कई मामलों में यह समस्या को और बढ़ा सकती है।

    बीयर क्यों नहीं है फायदेमंद?

    डॉक्टरों के मुताबिक बीयर शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ाती है क्योंकि यह एक डाययूरेटिक की तरह काम करती है, यानी पेशाब के जरिए शरीर से ज्यादा पानी बाहर निकाल देती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो यूरिन गाढ़ा हो जाता है और उसमें मौजूद मिनरल्स जमकर पथरी बनने की संभावना बढ़ा देते हैं।

    इसके अलावा, बीयर से यूरिक एसिड का स्तर भी बढ़ सकता है, जो यूरिक एसिड स्टोन बनने का एक बड़ा कारण माना जाता है। लगातार या ज्यादा मात्रा में बीयर पीने से वजन बढ़ना और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, जो किडनी हेल्थ को और नुकसान पहुंचाती हैं।

    असली इलाज क्या है?

    डॉक्टरों का कहना है कि किडनी स्टोन से बचाव का सबसे आसान और असरदार तरीका है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना। दिनभर में लगभग 8 से 12 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है ताकि यूरिन पतला रहे और मिनरल्स जमा न हों।

    इसके अलावा नींबू पानी भी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें मौजूद साइट्रेट पथरी बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।

    सावधानी जरूरी है
    किडनी स्टोन सिर्फ एक कारण से नहीं बनता, बल्कि कम पानी पीना, ज्यादा नमक खाना, खराब डाइट और जेनेटिक कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे या सोशल मीडिया ट्रेंड पर भरोसा करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना ही सुरक्षित विकल्प है।

  • गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा विकास की नई लाइफलाइन, कई तीर्थ स्थलों को मिलेगा सीधा लाभ

    नई दिल्ली । गंगा एक्सप्रेसवे (करीब 594 किमी) मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला एक बड़ा हाईवे प्रोजेक्ट है, जो उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा। पहले जहां मेरठ से प्रयागराज तक पहुंचने में 10–12 घंटे लगते थे, अब यह सफर लगभग 5–6 घंटे में पूरा हो सकेगा।

    इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा धार्मिक पर्यटन को होगा, क्योंकि यह कई प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बेल्हा देवी धाम, चंद्रिका देवी मंदिर और त्रिवेणी संगम को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इससे श्रद्धालुओं के लिए एक ही यात्रा में कई धार्मिक स्थलों के दर्शन करना आसान हो जाएगा।

    इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज को वाराणसी, विंध्याचल, अयोध्या, गोरखनाथ मंदिर, नैमिषारण्य, चित्रकूट, मथुरा और वृंदावन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से भी बेहतर रूप से जोड़ने में मदद करेगा। इससे पूरे राज्य में तीर्थ यात्राओं और टूरिज्म में तेजी आने की संभावना है।

    हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भी इस विकास से लाभान्वित होंगे, जिससे जैन और महाभारत काल से जुड़े पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही संभल, बदायूं, शाहजहांपुर और रायबरेली जैसे छोटे शहरों में होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार में भी तेजी आएगी।

    कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाली एक बड़ी विकास कड़ी साबित हो सकता है।

  • छोटे बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें, समझिए बेबी प्रूफिंग का महत्व और जरूरी टिप्स

    छोटे बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें, समझिए बेबी प्रूफिंग का महत्व और जरूरी टिप्स

    नई दिल्ली । हर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चे की सुरक्षा होती है। छोटे बच्चे स्वभाव से बेहद जिज्ञासु होते हैं और अपने आसपास की हर चीज को छूने, समझने और कभी-कभी मुंह में डालने की कोशिश करते हैं। यही जिज्ञासा उनके विकास का हिस्सा होती है, लेकिन इसी कारण वे कई बार अनजाने में चोट या दुर्घटना का शिकार भी हो सकते हैं। ऐसे में घर को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी हो जाता है, जिसे ‘बेबी प्रूफिंग’ कहा जाता है।

    बेबी प्रूफिंग का मतलब है घर के वातावरण में ऐसे बदलाव करना जिससे बच्चे को किसी भी तरह की चोट, जलन, गिरने, डूबने या जहरीले पदार्थों के संपर्क में आने का खतरा कम हो जाए। इसका उद्देश्य बच्चे की जिज्ञासा को रोकना नहीं बल्कि उसे एक सुरक्षित माहौल देना होता है, जहां वह स्वतंत्र रूप से सीख और खेल सके। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, घर में संभावित खतरे भी बदलते रहते हैं, इसलिए समय-समय पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा करना जरूरी है।

    छोटे बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा जलने या झुलसने से जुड़ा होता है। गर्म पेय पदार्थ, स्टोव और गर्म पानी से उन्हें दूर रखना चाहिए। रसोई में बर्तनों के हैंडल अंदर की तरफ रखने और गर्म चीजों को किनारे से हटाकर रखने की सलाह दी जाती है। नहाने के पानी का तापमान भी सावधानी से जांचना चाहिए ताकि त्वचा को नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही माचिस, लाइटर और अन्य ज्वलनशील चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना जरूरी है।

    दूसरा बड़ा खतरा दम घुटने या गला अटकने का होता है। छोटे बच्चे अक्सर छोटी चीजों को मुंह में डाल लेते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसलिए छोटे खिलौने, सिक्के, बैटरी और कुछ खाद्य पदार्थों को बच्चों से दूर रखना चाहिए। बच्चों के सोने की जगह को भी सुरक्षित बनाना जरूरी है, जहां ढीले तकिए या भारी कंबल न हों।

    डूबने का खतरा भी बेहद गंभीर माना जाता है क्योंकि बच्चे बहुत कम पानी में भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। नहाने के दौरान बच्चों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और घर में पानी से भरे बर्तन तुरंत खाली कर देने चाहिए। इसी तरह गिरने से बचाव के लिए सीढ़ियों, खिड़कियों और ऊंची जगहों पर सुरक्षा उपाय अपनाना आवश्यक होता है।

    जहरीले पदार्थों और रसायनों से सुरक्षा भी बेबी प्रूफिंग का अहम हिस्सा है। दवाइयों, डिटर्जेंट और अन्य केमिकल्स को हमेशा बंद अलमारी में रखना चाहिए ताकि बच्चे उनकी पहुंच से दूर रहें। इसके अलावा घर के फर्नीचर के नुकीले किनारों को ढकना और बिजली के सॉकेट को सुरक्षित करना भी जरूरी होता है।

    कुल मिलाकर बेबी प्रूफिंग सिर्फ एक सावधानी नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है, जो बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए अपनाई जाती है। थोड़ी सी जागरूकता और तैयारी से माता-पिता अपने घर को बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बना सकते हैं और उन्हें बिना डर के सीखने और बढ़ने का अवसर दे सकते हैं।

  • भोजशाला फैसले पर सियासी बयानबाज़ी तेज, ‘न्यायपालिका के जरिए सनातनियों की जीत’ पर गरमाई बहस

    भोजशाला फैसले पर सियासी बयानबाज़ी तेज, ‘न्यायपालिका के जरिए सनातनियों की जीत’ पर गरमाई बहस

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर दिए गए फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। अदालत के इस निर्णय के बाद विभिन्न पक्षों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

    फैसले के बाद कुछ जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने इसे सत्य की विजय बताया और कहा कि लंबे समय से चल रहे विवाद पर अब स्थिति स्पष्ट हुई है। उनके अनुसार, यह निर्णय आस्था और परंपरा से जुड़े मुद्दे पर न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि वर्षों से जिस स्थान को लेकर विवाद था, अब उस पर न्यायिक दृष्टिकोण से स्पष्टता आ गई है, जिससे स्थानीय लोगों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।

    इसी क्रम में कुछ जनप्रतिनिधियों ने बयान दिया कि यह निर्णय समाज में आस्था से जुड़े विषयों पर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता को समाप्त करता है। उनके अनुसार, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों को लेकर जो विवाद थे, वे अब न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से एक दिशा में आगे बढ़े हैं। उन्होंने इसे सामाजिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया।

    वहीं याचिकाकर्ताओं और पक्षकारों ने भी फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे उनके लंबे संघर्ष को न्याय मिला है। उन्होंने यह दावा किया कि भोजशाला का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व बहुत पुराना है और इससे जुड़े कई साक्ष्य पहले से मौजूद हैं। उनके अनुसार, अब इस स्थल के संरक्षण और पुनर्स्थापना को लेकर आगे की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाएगा।

    कुछ याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर इस स्थान की वास्तविक पहचान को लेकर उनकी ओर से अदालत में दलीलें पेश की गई थीं। अब फैसले के बाद वे आगे की योजना पर काम करेंगे, जिसमें धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं से जुड़े पहलुओं को पुनर्स्थापित करने की बात कही गई है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में चर्चा और बहस का माहौल बना हुआ है। अलग-अलग पक्ष अपने-अपने नजरिए से इस निर्णय की व्याख्या कर रहे हैं। जहां एक ओर इसे न्यायिक प्रक्रिया की जीत बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

  • सूर्यकुमार यादव बने पिता: बेबी शावर में पत्नी देविशा का ट्रेडिशनल और रॉयल लुक वायरल

    सूर्यकुमार यादव बने पिता: बेबी शावर में पत्नी देविशा का ट्रेडिशनल और रॉयल लुक वायरल



    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के घर 7 मई 2026 को खुशियों ने दस्तक दी, जब उनकी पत्नी देविशा शेट्टी ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम रिद्धिमा रखा गया है। बेटी के जन्म के बाद परिवार में जश्न का माहौल देखने को मिला और इस खास मौके पर बेबी शावर की खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

    बेबी शावर में दिखा प्यार और साथ का खूबसूरत अंदाज
    बेबी शावर फंक्शन में सूर्यकुमार यादव और देविशा का प्यार भरा अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है।
    तस्वीरों में सूर्यकुमार अपनी पत्नी पर प्यार लुटाते दिखे। कभी उनके बालों में गजरा लगाते नजर आए तो कभी उन्हें प्यार से खाना खिलाते हुए दिखाई दिए।

    वहीं देविशा अपने मॉम टू बी ग्लो और पारंपरिक साड़ी लुक में बेहद खूबसूरत नजर आईं।

    देविशा का ट्रेडिशनल साड़ी लुक बना आकर्षण
    देविशा ने इस खास मौके पर गोल्डन और ऑरेंज टोन की कांजीवरम साड़ी पहनी, जो साउथ इंडियन रॉयल लुक दे रही थी।

    साड़ी में गोल्डन जरी वर्क और ग्रीन बॉर्डर

    नीट ड्रेपिंग के साथ बेबी बंप फ्लॉन्ट

    ऑरेंज हैवी एम्ब्रॉयडरी ब्लाउज

    उनका पूरा लुक बेहद ग्रेसफुल और एलिगेंट नजर आया।

    ज्वेलरी और मेकअप ने बढ़ाया ग्लैमर
    देविशा ने अपने लुक को पारंपरिक साउथ इंडियन टच दिया:

    लेयर्ड नेकलेस और ग्रीन स्टोन चोकर

    झुमके, मांग टीका और कमरबंध

    मेहंदी लगे हाथ और सॉफ्ट वेवी हेयरस्टाइल

    बालों में लगा गजरा, जिसे सूर्यकुमार ने खुद सजाया

    मेकअप को उन्होंने सॉफ्ट और नेचुरल रखा, जिससे उनका प्रेग्नेंसी ग्लो और भी उभरकर सामने आया।

    सूर्यकुमार यादव का सिंपल लेकिन स्टाइलिश लुक
    सूर्यकुमार यादव ने इस मौके पर ऑफ-व्हाइट एथनिक लुक चुना।
    उन्होंने टेक्सचर्ड बंदगला जैकेट को मैचिंग कुर्ता और पैंट के साथ पेयर किया, जो देविशा के हैवी ट्रेडिशनल लुक के साथ शानदार कॉन्ट्रास्ट बना रहा था।

    कपल गोल्स बने सूर्यकुमार और देविशा
    दोनों का यह बेबी शावर लुक सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।
    जहां एक तरफ देविशा का रॉयल ट्रेडिशनल अंदाज नजर आया, वहीं सूर्यकुमार का सिंपल और एलीगेंट लुक उन्हें परफेक्ट कपल बनाता दिखा। सूर्यकुमार यादव और देविशा की यह खास झलक सिर्फ एक फैमिली मोमेंट नहीं, बल्कि प्यार, साथ और नए जीवन की शुरुआत का खूबसूरत उत्सव है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया है।

  • झटपट बनाएं Instant आम का अचार: फीकी दाल-रोटी को दें चटपटा ट्विस्ट, मिनटों में तैयार स्वादिष्ट रेसिपी

    झटपट बनाएं Instant आम का अचार: फीकी दाल-रोटी को दें चटपटा ट्विस्ट, मिनटों में तैयार स्वादिष्ट रेसिपी


    नई दिल्ली । गर्मियों के मौसम में आम का अचार हर भारतीय रसोई की खास पहचान होता है। यह सिर्फ एक साइड डिश नहीं बल्कि खाने के स्वाद को पूरी तरह बदल देने वाला स्वादिष्ट व्यंजन है। आमतौर पर पारंपरिक तरीके से अचार बनाने में कई दिन या हफ्तों का समय लगता है, जिसमें धूप में सुखाना और मसालों को अच्छे से पकने देना शामिल होता है। लेकिन आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर कोई जल्दी और आसान विकल्प चाहता है, इसलिए इंस्टेंट आम का अचार एक बेहतरीन समाधान बनकर सामने आता है।

    इस झटपट रेसिपी की खास बात यह है कि इसमें न तो लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और न ही किसी खास मौसम या धूप की जरूरत होती है। कुछ ही सरल स्टेप्स में आप घर पर ही बाजार जैसा चटपटा और तीखा आम का अचार तैयार कर सकते हैं, जिसे तुरंत खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

    इस रेसिपी के लिए सबसे पहले कच्चे आमों को अच्छी तरह धोकर सुखाया जाता है ताकि उनमें बिल्कुल भी नमी न रहे। फिर इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है। इसके बाद मसालों का स्वाद तैयार किया जाता है, जिसमें सौंफ और मेथी दाने को हल्का भूनकर दरदरा पीसा जाता है ताकि उनका असली फ्लेवर निकल सके।

    इसके बाद सरसों के तेल को अच्छी तरह गर्म किया जाता है, जब तक उसमें हल्का धुआं न निकलने लगे। तेल को थोड़ा ठंडा करने के बाद उसमें हींग, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च और तैयार मसाला डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है। यह मिश्रण अचार को उसका खास स्वाद और सुगंध देता है।

    अब इस मसालेदार तेल में कटे हुए आम के टुकड़े और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है। सभी चीजों को अच्छे से मिक्स किया जाता है ताकि हर आम के टुकड़े पर मसाले की परत चढ़ जाए। इस स्टेप के बाद अचार तुरंत खाने के लिए तैयार हो जाता है।

    अगर आप खट्टे-मीठे स्वाद पसंद करते हैं तो इसमें थोड़ी मात्रा में गुड़ भी मिलाया जा सकता है, जिससे इसका स्वाद और भी अलग और आकर्षक बन जाता है। यह इंस्टेंट अचार न सिर्फ समय बचाता है बल्कि खाने के स्वाद को भी दोगुना कर देता है।

    कुल मिलाकर यह रेसिपी उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो बिना लंबा इंतजार किए घर पर ही ताजा और स्वादिष्ट आम का अचार बनाना चाहते हैं। थोड़ी सी मेहनत और सही मसालों के साथ आप किसी भी साधारण भोजन को खास बना सकते हैं।

  • IPO मार्केट में हलचल, SEBI की मंजूरी के बाद 3 कंपनियां लाएंगी पब्लिक ऑफर, निवेशकों की नजर

    IPO मार्केट में हलचल, SEBI की मंजूरी के बाद 3 कंपनियां लाएंगी पब्लिक ऑफर, निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली । बाजार नियामक SEBI ने तीन कंपनियों को अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी IPO लाने की मंजूरी दे दी है, जिससे प्राथमिक बाजार में नई हलचल देखने को मिल रही है। ये कंपनियां Neolite ZKW Lightings, SS Retail और Aspri Spirits हैं, जो मिलकर बाजार से 1,200 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने की योजना पर काम कर रही हैं। इन सभी कंपनियों ने पिछले साल अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा किए थे, जिन पर अब SEBI की ओर से अंतिम स्वीकृति मिल चुकी है।

    इन तीनों कंपनियों के IPO आने से निवेशकों के लिए नए अवसर खुलेंगे और विभिन्न सेक्टर्स में भागीदारी का मौका मिलेगा। ये कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने के बाद अपनी बाजार मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन IPOs के जरिए जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग विस्तार योजनाओं, कर्ज चुकाने और कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।

    Neolite ZKW Lightings, जो ऑटोमोबाइल लाइटिंग सेक्टर में काम करती है, इस IPO के जरिए करीब 600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है। कंपनी का एक हिस्सा नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाएगा, जबकि मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए प्लांट स्थापित करने में करेगी।

    वहीं SS Retail, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल रिटेल सेक्टर में काम करती है, करीब 500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। कंपनी इस पूंजी का उपयोग नए स्टोर्स खोलने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसका कारोबार कई राज्यों के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिससे इसकी ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

    तीसरी कंपनी Aspri Spirits अल्कोहल और पेय पदार्थों के डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में सक्रिय है और इस लिस्ट में सबसे प्रमुख नामों में शामिल है। कंपनी अपने बड़े ब्रांड पोर्टफोलियो के साथ बाजार में मजबूत स्थिति रखती है। IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी कर्ज चुकाने और विस्तार योजनाओं में करने की योजना बना रही है।

    कुल मिलाकर, SEBI की इस मंजूरी के बाद IPO बाजार में नई गतिविधियां तेज हो गई हैं। निवेशकों के लिए यह आने वाले दिनों में नए निवेश विकल्पों का संकेत माना जा रहा है, जबकि कंपनियों के लिए यह अपने कारोबार को विस्तार देने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।

  • चार राज्यों को जोड़ने वाला हाईस्पीड कॉरिडोर तैयार, बेंगलुरु–हैदराबाद–नागपुर एक्सप्रेसवे से घटेगा आधा सफर समय

    चार राज्यों को जोड़ने वाला हाईस्पीड कॉरिडोर तैयार, बेंगलुरु–हैदराबाद–नागपुर एक्सप्रेसवे से घटेगा आधा सफर समय

    नई दिल्ली । भारत में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के बीच एक और महत्वाकांक्षी परियोजना सुर्खियों में है, जो देश के दक्षिण और मध्य हिस्सों की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से विकसित किया जा रहा बेंगलुरु–हैदराबाद–नागपुर हाईस्पीड एक्सप्रेसवे एक ऐसा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जो न केवल यात्रा को तेज बनाएगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगा।

    यह लगभग 1100 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे चार प्रमुख राज्यों से होकर गुजरेगा, जिनमें कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं। इस मार्ग में आने वाले प्रमुख शहरों में नागपुर, हिंगनघाट, आदिलाबाद, निजामाबाद, हैदराबाद, कुरनूल, अनंतपुर और चिक्काबल्लापुर जैसे महत्वपूर्ण केंद्र शामिल हैं। यह कॉरिडोर इन क्षेत्रों को सीधे एक हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ देगा, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों में क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा।

    वर्तमान समय में महाराष्ट्र के नागपुर से कर्नाटक के बेंगलुरु तक की यात्रा में लगभग 23 से 24 घंटे का समय लग जाता है। लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद यही सफर घटकर लगभग 11 से 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इसे 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुरक्षित और तेज हो जाएगी।

    इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये है। शुरुआत में इसे 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में बढ़ते यातायात को देखते हुए 8 या 12 लेन तक विस्तारित करने की योजना भी शामिल है। यह एक एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे होगा, जिसमें प्रवेश और निकास के लिए सीमित स्थान निर्धारित किए जाएंगे, जिससे ट्रैफिक फ्लो सुचारू और नियंत्रित रहेगा।

    इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषता इसके आसपास विकसित होने वाली औद्योगिक संरचना है। इसके किनारे विशेष आर्थिक क्षेत्र और औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और रियल एस्टेट तथा व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

    हाल ही की प्रगति के अनुसार, परियोजना के कई हिस्सों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर काम तेजी से चल रहा है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि पर्यावरणीय मंजूरियों के कारण कुछ चरणों में देरी देखने को मिली, लेकिन अब परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    यह हाईस्पीड एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि एक व्यापक विकास मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में भारत के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और आर्थिक ढांचे को एक नई गति प्रदान करेगा।