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  • पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन

    पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन


    नई दिल्ली।
    नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा को लेकर देशभर में बवाल मचा है. पेपर लीक (Paper Leak) के आरोपों ने सबको परेशान कर दिया है. इसी बीच तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) ने बुधवार को अपनी बात मजबूती से रखी है. विजय ने साफ कहा है कि ‘मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा बंद होनी चाहिए’. उनका कहना है कि ‘छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर ही मेडिकल में एडमिशन मिले’. इससे हर बच्चे को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलेगा।

    मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया (X) पर परीक्षा के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. विजय ने याद दिलाया कि साल 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और 6 राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई. उन्होंने आगे कहा कि इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की कमेटी ने सुधार के लिए 95 सुझाव भी दिए थे, लेकिन हैरानी की बात है कि महज दो साल के भीतर ही फिर से पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी. ऐसे में सीएम विजय का मानना है कि इस तरह की घटनाएं उन लाखों बच्चों का भरोसा तोड़ देती हैं, जो डॉक्टर बनने का सपना लिए दिन-रात मेहनत में जुटे रहते हैं।

    तमिलनाडु काफी समय से नीट का विरोध कर रहा है. मुख्यमंत्री का कहना है कि जब इतने सुधारों के बाद भी सिस्टम सुरक्षित नहीं हो पा रहा, तो राज्यों को यह छूट मिलनी चाहिए कि वे 12वीं की मेरिट के आधार पर अपने यहां की सीटें भर सकें. साफ है कि अगर परीक्षा का सिस्टम ही सुरक्षित नहीं होगा, तो छात्रों का भविष्य खतरे में बना रहेगा।


    पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई?

    नीट परीक्षा को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब धांधली की खबरों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी. अब इस पूरे मामले की जांच CBI कर रही है. सीबीआई और राजस्थान पुलिस ने मिलकर कई राज्यों में छापेमारी की है. इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले ही एक ‘गेस पेपर’ सोशल मीडिया और कोचिंग सेंटरों के जरिए छात्रों तक पहुंच गया था.

    जांच एजेंसियों ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक जैसे शहरों में एक्शन लेते हुए आरोपियों को पकड़ा है.आरोपियों को पकड़ने के साथ ही पुलिस ने उनके ठिकानों से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस भी अपने कब्जे में लिए हैं. कोशिश यह है कि इस पूरे नेटवर्क और पेपर लीक की जड़ तक पहुंचा जा सके. जांच टीम अब इन डिवाइसों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का यह खेल कहां से शुरू हुआ और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं. मकसद सिर्फ आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है, ताकि आगे चलकर किसी भी परीक्षा में ऐसी धांधली न हो और बच्चों का भरोसा बना रहे.

    इस पूरे घोटाले को लेकर देशभर के छात्रों में भारी गुस्सा है. कई शहरों में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि परीक्षा के इस सिस्टम को सुधारा जाए. छात्रों का कहना है कि ऐसी धांधली से मेहनत करने वाले बच्चों का करियर बर्बाद होता है. फिलहाल 22 लाख से ज्यादा मेडिकल छात्र इस विवाद की वजह से परेशान हैं. वे बस इस इंतजार में हैं कि आगे क्या होगा और उन्हें इंसाफ कब मिलेगा।

  • क्या भारत में लागू होगा पेट्रोल-डीजल कोटा सिस्टम? जानिए Fuel Rationing का पूरा मतलब

    क्या भारत में लागू होगा पेट्रोल-डीजल कोटा सिस्टम? जानिए Fuel Rationing का पूरा मतलब


    नई दिल्ली। ईरान संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल सप्लाई को लेकर चर्चा तेज है। ऐसे में जानिए क्या होता है फ्यूल राशनिंग और क्या भारत में इसकी जरूरत पड़ सकती है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के बीच वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता देखने को मिल रही है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच भारत में भी यह सवाल उठने लगा है कि क्या भविष्य में पेट्रोल-डीजल पर कोटा सिस्टम यानी फ्यूल राशनिंग लागू हो सकता है।
    क्या होता है Fuel Rationing सिस्टम?
    फ्यूल राशनिंग एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें सरकार सीमित ईंधन आपूर्ति की स्थिति में हर व्यक्ति या वाहन के लिए पेट्रोल, डीजल या गैस की एक तय सीमा निर्धारित कर देती है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का संतुलित और आवश्यक उपयोग सुनिश्चित करना होता है।
    यह व्यवस्था आमतौर पर तब लागू की जाती है जब-

    युद्ध या अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण सप्लाई बाधित हो
    कच्चे तेल की भारी कमी हो जाए
    लॉजिस्टिक या सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित हो
    देश में ऊर्जा संकट जैसी स्थिति बन जाए
    ऐसे हालात में सरकार प्राथमिकता तय करती है, जैसे कि एंबुलेंस, पुलिस, सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सेवाओं को पहले ईंधन उपलब्ध कराना।
    क्या भारत में लागू हो सकता है कोटा सिस्टम?

    विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल भारत में फ्यूल राशनिंग लागू होने की कोई स्थिति नहीं है। देश के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार मौजूद हैं और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर जरूर पड़ता है, लेकिन अभी सप्लाई व्यवस्था स्थिर बनी हुई है। सरकार का फोकस फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने और वैकल्पिक स्रोतों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर है।


    विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल भारत में फ्यूल राशनिंग लागू होने की कोई स्थिति नहीं है। देश के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार मौजूद हैं और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर जरूर पड़ता है, लेकिन अभी सप्लाई व्यवस्था स्थिर बनी हुई है। सरकार का फोकस फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने और वैकल्पिक स्रोतों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर है।

    आगे क्या हो सकता है?
    अगर भविष्य में पश्चिम एशिया का तनाव लंबा चलता है और तेल आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित होती है, तो ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि कोटा सिस्टम जैसी सख्त व्यवस्था अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाई जाती है। फिलहाल सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखने की अपील की है।
  • चीनी के दाम नियंत्रित करने के लिए सरकार का बड़ा ऐलान… निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

    चीनी के दाम नियंत्रित करने के लिए सरकार का बड़ा ऐलान… निर्यात पर लगाया प्रतिबंध


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया. इसमें चीनी के निर्यात (Sugar Export) पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध (Ban Immediate Effect) लगाया गया है. कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात (एक्सपोर्ट) पर सितंबर 2026 तक रोक रहेगी. इस रोक को आगे भी बढ़ाया जा सकता है. ये फैसला देश में चीनी की कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए किया गया है।

    बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है. केंद्र सरकार ने बुधवार को एक अधिसूचना में कहा कि उसने 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है. बताया गया कि ये स्थानीय कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश है।


    उत्पादन खपत से कम रहने की आशंका

    भारत, ब्राजील के बाद दुनिया का सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है. भारत ने घरेलू मांग से अधिक उत्पादन की उम्मीद में मिलों को 15 लाख मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी थी. लेकिन अब आशंका है कि प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में गन्ने की पैदावार कमजोर होने की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष खपत से कम रहेगा।

    अल नीनो वेदर कंडीशन की वजह से मानसून में रुकावट होने की आशंका है. इसने पैदावार के प्रारंभिक अनुमानों से कम होने के जोखिम को भी बढ़ा दिया है। एक खबर के मुताबिक, डीलरों ने बताया कि निर्यात के लिए स्वीकृत 15 लाख मीट्रिक टन में से व्यापारियों ने लगभग 8 लाख टन के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जिसमें से 6 लाख टन से अधिक पहले ही भेजा जा चुका है।

    सरकार ने भी कहा है कि जो माल पहले से निर्यात प्रक्रिया में है उनको नहीं रोका जाएगा. अधिसूचना में कहा गया है कि पहले ही माल की लोडिंग शुरू हो चुकी हो तो माल की ढुलाई की अनुमति दी जाएगी. ये अनुमति उन मामलों में भी दी जाएगी जहां शिपिंग बिल दाखिल किया गया हो और जहाज पहले ही किसी भारतीय बंदरगाह पर लंगर डाल चुका हो। भारत द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध के ऐलान के बाद न्यूयॉर्क में कच्चे चीनी के वायदा भाव में 2% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि लंदन में सफेद चीनी के वायदा भाव में 3% की उछाल आया।

  • तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम

    तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) से लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) तक मौसम (Weather) में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बुधवार को कई जगहों पर तेज आंधी (Strong Storm), भारी बारिश और ओलावृष्टि (Heavy Rain and Hailstorm) देखने को मिली. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का कहर देखने को मिला है. यहां कई जिलों में 54 लोगों की मौत हो गई. भदोही जिले में अचानक बदले मौसम ने बड़ा कहर बरपाया. यहां तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण 11 लोगों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए. इससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ.

    वहीं हरदोई जिले में बदले मौसम ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं. तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई. एक बच्ची की शौचालय की दीवार गिरने से मौत हुई, जबकि दूसरी किशोरी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई. दोनों घटनाओं के बाद गांवों में मातम पसरा हुआ है. वहीं कानपुर देहात के कपड़ाहट ग्राम पंचायत के मजरा भैथरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवती की मौत हो गई, जबकि करीब 35 बकरियां भी चपेट में आकर मर गईं।

    फतेहपुर में भी आंधी-तूफान का कहर बरपा. यहां 5 महिला सहित 9 की मौत हो गई जबकि 17 लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 8 मवेशियों की मौत हुई है. घटना सदर और खागा तहसील क्षेत्र की हैं. कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के केसारी गांव में पेड़ की भारी डाल टूटकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक वृद्ध महिला की दबने से मौके पर ही मौत हो गई. इसके अलावा तरसौरा गांव में तेज आंधी के बाद लगी भीषण आग से एक दर्जन घरों में आग लग गई, जिसमें एक भैंस की जलकर मौत हो गई।


    प्रयागराज में 17 लोगों की मौत

    संगम नगरी प्रयागराज में बुधवार शाम आए तेज आंधी तूफान ने जमकर तबाही मचाई है. तेज तूफान के कारण अलग-अलग स्थान में 17 व्यक्तियों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ गिरे हैं और कई गाड़ियां दबी हैं. प्रयागराज के हंडिया, सोरांव, फूलपुर और मेजा इलाके में मौत ने अपना कहर बरपाया है. हंडिया में सात लोगों की मौत हुई है. वहीं फूलपुर में चार, सोरांव में तीन और मेजा में दो लोगों की मौत हुई है. वहीं तेज आंधी और तूफान के कारण कई बड़े पेड़ धराशाई हो गए. हवाओं के साथ धूल भरी आंधी के बीच कई जगहों पर सड़क पर पुराने पेड़ गिर गए हैं।


    दिल्ली में अचानक बदला मौसम

    उधर, दिल्ली में भी मौसम ने अचानक करवट ली. पश्चिमी दिल्ली में सुबह से मौसम सुहाना बना हुआ था, हालांकि दोपहर में तेज गर्मी महसूस की गई. लेकिन रात करीब 8 बजे अचानक मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई. उत्तम नगर इलाके में बारिश के दौरान ओले भी पड़े. दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है. लगातार बढ़ती गर्मी के बीच ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत दी है।


    उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

    वहीं उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है. देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में कई जगहों पर बारिश की संभावना जताई गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने देहरादून और नैनीताल समेत छह जिलों में बिजली कड़कने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है और यहां बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया. मैदानी इलाकों में भी तापमान सामान्य से कम रहा.

    लगातार खराब मौसम और भारी बारिश-ओलावृष्टि को देखते हुए प्रशासन ने आदि कैलाश तीर्थयात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है. सोमवार को जिले में भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद धारचूला बेस कैंप पर तीर्थयात्रियों के 36 सदस्यीय जत्थे को रोक दिया गया. प्रशासन ने ऊंचाई वाले यात्रा मार्गों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.


    राजस्थान में भी आंधी-तूफान का कहर

    राजस्थान के अलवर में भी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आए आंधी तूफान ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. तेज हवाओं और बरसात के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़ ओर बिजली के पोल गिर गए, जिससे यातायात व्यवस्था ओर बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई. यहां तूफान से टीन शेड गिरने से एक युवक की मौत हो गई. वहीं रामगढ़ के नेमरा में वज्रपात से एक साथ 26 मवेशियों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में सात गाय और 19 बैल की मौत से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा महाराष्ट्र के सतारा में बिजली गिरने से 22 भेड़ों की मौत हो गई।

  • भारत में LPG की किल्लत होगी दूर…. PM मोदी जा रहे UAE, दो अहम मुद्दों पर हो सकती है बड़ी डील

    भारत में LPG की किल्लत होगी दूर…. PM मोदी जा रहे UAE, दो अहम मुद्दों पर हो सकती है बड़ी डील


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 15-20 मई 2026 तक पांच देशों के दौरे पर जा रहे हैं जिसकी शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.-UAE) की यात्रा से हो रही है. पीएम मोदी यूएई में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान (President Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan) से मुलाकात करेंगे. ईरान जंग के बीच जहां दुनिया तेल-गैस की किल्लत से जूझ रही है, माना जा रहा है कि मुलाकात के दौरान दोनों नेता ऊर्जा सुरक्षा पर प्रमुखता से बात करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़े दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

    यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में UAE ने तेल उत्पादक देशों के समूह OPEC+ ढांचे से बाहर निकलने का फैसला किया है. ऐसे में दोनों देशों के लिए प्रत्यक्ष द्विपक्षीय ऊर्जा साझेदारी और भी अहम हो गई है, खासकर लंबे समय के लिए एनर्जी सप्लाई और उसके भंडारण में सहयोग के क्षेत्र में।

    भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें खास तौर पर ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श शामिल होगा।


    फ्यूल क्राइसिस के बीच भारत की उम्मीद बन सकते हैं ये पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स

    मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष भारत-UAE कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे. यह साझेदारी मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों के बीच गहरे संबंधों पर आधारित है. बयान में कहा गया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगी।

    भारत और UAE ने पिछले कुछ सालों में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ाया है. इसमें कच्चे तेल की आपूर्ति व्यवस्था, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में निवेश और पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर के डाउनस्ट्रीम सेक्टर में सहयोग शामिल है। UAE फिलहाल भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले 25 सालों में भारत में सबसे ज्यादा निवेश करने वाले देशों में सातवें स्थान पर है।

    इस यात्रा के दौरान UAE में रहने वाले 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के कल्याण पर भी खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद है. खाड़ी क्षेत्र में भारतीय प्रवासी समुदाय सबसे बड़े विदेशी समुदायों में से एक माना जाता है।


    यूएई के अलावा और किन देशों के दौरे पर जा रहे हैं पीएम

    पीएम मोदी के पांच देशों के दौरे का मुख्य फोकस ऊर्जा सहयोग है जिसमें वो नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर भी बात होगी. प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे में शामिल पांच देश हैं- यूएई और यूरोप के चार देश नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली. यूरोपीय देशों के दौरे का मकसद ग्रीन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बात करना और भारत-यूरोपीय संघ के रिश्तों को मजबूती देना है।

  • बीजिंग पहुंचे ट्रंप, आज शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल… जिनपिंग से इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    बीजिंग पहुंचे ट्रंप, आज शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल… जिनपिंग से इन मुद्दों पर होगी चर्चा


    बीजिंग।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) बुधवार को चीन (China) की राजधानी बीजिंग (Beijing) पहुंचे। यहां वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) के साथ ईरान युद्ध, व्यापार और ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री जैसे अहम मुद्दों पर बहुप्रतीक्षित चर्चा करेंगे।

    शिखर सम्मेलन का मुख्य हिस्सा गुरुवार को होगा, जब दोनों नेता द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और एक औपचारिक भोज में शामिल होंगे। चीनी राजधानी में एयर फोर्स वन के उतरने के बाद चीन की ओर से ट्रंप का भव्य स्वागत किया गया।

    व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति का स्वागत चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग, वॉशिंगटन में चीन के राजदूत शी फेंग, विदेश मंत्रालय के कार्यकारी उप मंत्री मा झाओक्सू और बीजिंग में अमेरिकी दूत डेविड परड्यू द्वारा किया गया। स्वागत समारोह में लगभग 300 चीनी युवा, एक सैन्य सम्मान गार्ड और एक सैन्य बैंड शामिल हुए।

    ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान उनके साथ जाने वाले अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में टिम कुक और ऐलन मस्क सहित अमेरिका के 16 प्रमुख कारोबारी शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने ट्रंप के वॉशिंगटन से रवाना होने से पहले इन शीर्ष व्यवसायियों की सूची जारी की। यात्रा के दौरान ट्रंप की शी जिनपिंग से मुलाकात होने की संभावना है, जिसमें आर्थिक सहयोग और व्यापारिक पहलों पर चर्चा की जाएगी। सूची जारी होने के कुछ समय बाद सिसको ने पुष्टि की कि उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब इस यात्रा में शामिल नहीं होंगे।

    मस्क की भागीदारी ट्रंप और अरबपति कारोबारी के बीच संबंधों में फिर से आई नजदीकी को दिखाती है। मस्क पहले ट्रंप प्रशासन में वरिष्ठ सलाहकार रह चुके हैं और उन्होंने संघीय नौकरशाही में सुधार से जुड़े प्रयासों का नेतृत्व भी किया था, लेकिन पिछले वर्ष मतभेदों के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया था। हाल के महीनों में दोनों के संबंधों में सुधार की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप चीन के साथ नये निवेश और व्यापार बोर्डों के गठन की संभावनाओं पर भी चर्चा कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल में प्रौद्योगिकी, वित्त, एयरोस्पेस और विनिर्माण सहित अमेरिकी उद्योग जगत के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व शामिल है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख अधिकारियों में लैरी फिंक, स्टीफन श्वार्ज़मैन, केली ऑर्टबर्ग, ब्रायन साइक्स, जेन फ्रेजर, जिम एंडरसन, लैरी कल्प और डेविड सोलोमन शामिल हैं।

  • मनोरंजन का डबल डोज: 15 मई को रिलीज होंगी 4 फिल्में और 5 ओटीटी सीरीज

    मनोरंजन का डबल डोज: 15 मई को रिलीज होंगी 4 फिल्में और 5 ओटीटी सीरीज


    नई दिल्ली। 15 मई को मनोरंजन की दुनिया में बड़ा धमाका होने जा रहा है। ओटीटी और सिनेमाघरों में कुल 9 नई फिल्में और सीरीज रिलीज हो रही हैं, जिनमें स्पाई थ्रिलर, क्राइम, हॉरर-कॉमेडी और म्यूजिकल फिल्में शामिल हैं। यह वीकेंड दर्शकों के लिए पूरी तरह एंटरटेनमेंट से भरपूर रहने वाला है।

     15 मई रिलीज बम: ओटीटी और थिएटर में बड़ा धमाक
    मनोरंजन प्रेमियों के लिए 15 मई का दिन बेहद खास रहने वाला है। इस दिन दर्शकों को एक साथ 9 नई फिल्में और सीरीज देखने को मिलेंगी। इनमें से 5 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर और 4 फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हो रही हैं। अलग-अलग जॉनर की ये कहानियां दर्शकों को रोमांच, सस्पेंस और कॉमेडी का पूरा डोज देंगी।

    ओटीटी रिलीज की पूरी लिस्ट
    1. धुरंधर 2 (स्पाई थ्रिलर)

    जॉनर: जासूसी और एक्शन से भरपूर कहानी
    कहानी: एक भारतीय जासूस अंडरकवर मिशन पर कराची के अंडरवर्ल्ड में घुसपैठ करता है और आतंक की साजिश को खत्म करने की कोशिश करता है।

    2. एग्जाम: द सिस्टम एक्सपोज्ड
    जॉनर: सोशल ड्रामा / थ्रिलर
    कहानी: एक स्टूडेंट एग्जाम लीक घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए सिस्टम के खिलाफ लड़ाई लड़ती है।

    3. थिम्माराजुपल्ली टीवी
    जॉनर: मिस्ट्री ड्रामा
    कहानी: 1996 में गांव के इकलौते टीवी की चोरी से शुरू हुआ रहस्य एक बड़े सस्पेंस में बदल जाता है।

    4. कर्तव्य
    जॉनर: क्राइम ड्रामा
    कहानी: परिवार और जिम्मेदारी के बीच फंसे एक शख्स की भावनात्मक और कठिन जर्नी।

    5. इंस्पेक्टर अविनाश: सीजन
    जॉनर: क्राइम एक्शन
    कहानी: एक पुलिस अफसर अपने टूटते परिवार और कर्तव्य के बीच संघर्ष करता है।

    थिएटर रिलीज की धमाकेदार फिल्में


    6. पति पत्नी और वो दो
    जॉनर: रोमांटिक कॉमेडी
    कहानी: एक फॉरेस्ट ऑफिसर की जिंदगी में तीन महिलाओं के आने से मची हलचल और कॉमेडी।

    7. आखरी सवाल
    जॉनर: इतिहास और राजनीति
    कहानी: आरएसएस के 100 साल के सफर और ऐतिहासिक घटनाओं में उसकी भूमिका पर आधारित फिल्म।

    8. I.I.Z: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जॉम्बी
    जॉनर: हॉरर-कॉमेडी
    कहानी: एक इंजीनियरिंग कॉलेज में जॉम्बीज का हमला और छात्रों की मजेदार जंग।

    9. बिली इलिश: हिट मी हार्ड एंड सॉफ्ट – द टूर (3D)
    जॉनर: म्यूजिकल कॉन्सर्ट फिल्म
    कहानी: ग्लोबल पॉप स्टार बिली इलिश के लाइव वर्ल्ड टूर का शानदार 3D अनुभव।

    वीकेंड प्लान तैयार करे
    15 मई का यह दिन दर्शकों के लिए एक मिनी एंटरटेनमेंट फेस्टिवल साबित होने वाला है। जहां एक तरफ ओटीटी पर थ्रिल और ड्रामा का मजा मिलेगा, वहीं थिएटर में बड़े पर्दे का ग्लैमर दर्शकों को आकर्षित करेगा।

  • Weekend Getaway: दिल्ली के आसपास ये खास जगहें जरूर घूमें, यादगार बन जाएगा ट्रिप

    Weekend Getaway: दिल्ली के आसपास ये खास जगहें जरूर घूमें, यादगार बन जाएगा ट्रिप


    नई दिल्ली। गर्मियों के मौसम में अगर आप दिल्ली के पास किसी ठंडी और खूबसूरत जगह की तलाश में हैं, तो उत्तर भारत में कई ऐसे हिल स्टेशन मौजूद हैं जो कम दूरी में शानदार अनुभव देते हैं। यहां आप भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में कुछ सुकून भरे पल बिता सकते हैं।
    चकराता (उत्तराखंड)
    दिल्ली से करीब 300 किलोमीटर दूर स्थित चकराता एक शांत और कम भीड़ वाला हिल स्टेशन है। यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। यहां का प्रसिद्ध टाइगर फॉल्स पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। गर्मियों में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, जहां तापमान सामान्यतः 15 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। भीड़भाड़ से दूर शांति पसंद करने वालों के लिए यह एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है।
    कसौल (हिमाचल प्रदेश)
    हिमाचल प्रदेश का कसौल युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। पार्वती नदी के किनारे स्थित यह जगह अपने शांत और खूबसूरत वातावरण के लिए जानी जाती है। यहां बैठकर नदी की आवाज और ठंडी हवाओं का आनंद लेना एक अलग ही अनुभव देता है। एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए खीरगंगा ट्रेक भी एक बेहतरीन विकल्प है। यहां का मौसम ठंडा रहता है, इसलिए हल्की जैकेट साथ रखना बेहतर होता है।
    औली (उत्तराखंड)
    औली भारत के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशनों में से एक माना जाता है, जो स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि गर्मियों में यहां की हरी-भरी घास और बर्फ से ढकी पहाड़ियां बेहद आकर्षक लगती हैं। चारों तरफ फैला प्राकृतिक नजारा और ठंडी हवा यहां आने वालों को सुकून देती है। औली में केबल कार की सवारी भी एक खास अनुभव देती है। मई-जून में यहां का मौसम लगभग 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, जो घूमने के लिए आदर्श है। अगर आप इस गर्मी में दिल्ली के आसपास कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ये तीनों जगहें आपकी ट्रिप को यादगार बना सकती हैं।
  • खाने में नखरे करने वाले बच्चों के लिए 7 असरदार टिप्स, माता-पिता की टेंशन होगी कम

    खाने में नखरे करने वाले बच्चों के लिए 7 असरदार टिप्स, माता-पिता की टेंशन होगी कम

    नई दिल्ली । बच्चों का खाने के समय नखरे करना आजकल बहुत आम समस्या बन गई है। कई माता-पिता इस बात से परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा ठीक से खाना नहीं खाता और जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सही तरीका अपनाकर और धैर्य रखकर इस आदत को आसानी से बदला जा सकता है।

    छोटे बच्चों का स्वाद समय-समय पर बदलता रहता है, इसलिए किसी भी नए खाने को तुरंत पसंद कर लेना उनके लिए जरूरी नहीं होता। ऐसे में माता-पिता को लगातार प्रयास करते रहना चाहिए और छोटे-छोटे बदलावों के साथ उन्हें नए स्वाद से परिचित कराना चाहिए।

    सबसे पहले जरूरी है कि बच्चे को बार-बार नए खाने का स्वाद चखने का मौका दिया जाए। कई बार किसी चीज को स्वीकार करने में समय लगता है, इसलिए एक ही बार में हार मान लेना सही नहीं है। नए खाने को उनकी पसंदीदा चीजों के साथ मिलाकर देना भी एक अच्छा तरीका हो सकता है।

    इसके साथ ही बच्चों को अलग-अलग तरह का पौष्टिक भोजन देने पर ध्यान देना चाहिए। फल, सब्जियां, अनाज, दालें और डेयरी उत्पाद जैसे खाद्य पदार्थ उनके रोज के आहार का हिस्सा बनने चाहिए। खाने में रंग, स्वाद और बनावट की विविधता बच्चों को आकर्षित करती है और उनकी रुचि बढ़ाती है।

    बच्चों को खाने की प्रक्रिया में शामिल करना भी बेहद प्रभावी तरीका माना जाता है। जब बच्चे खुद सब्जियां चुनते हैं या खाना बनाने में मदद करते हैं तो उनका खाने के प्रति उत्साह बढ़ जाता है। इससे वे खाने को एक जिम्मेदारी और मजेदार गतिविधि के रूप में देखने लगते हैं।

    एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों पर खाने का दबाव नहीं डालना चाहिए। जब तक बच्चा स्वस्थ है और उसका विकास सामान्य है, तब तक उसे उसकी भूख के अनुसार खाने देना बेहतर होता है। जबरदस्ती करने से अक्सर खाने के प्रति नकारात्मक सोच विकसित हो सकती है।

    खाने की मात्रा भी उम्र के अनुसार संतुलित होनी चाहिए। छोटे हिस्सों में भोजन देना बच्चों के लिए अधिक आसान और स्वीकार्य होता है। साथ ही, अच्छे खाने की आदतों के लिए तारीफ करना भी उन्हें प्रोत्साहित करता है।

    खाने को इनाम या सजा से जोड़ना भी सही नहीं माना जाता, क्योंकि इससे बच्चे भोजन को गलत तरीके से समझने लगते हैं। इसके बजाय स्वस्थ खाने को रोजमर्रा की सामान्य आदत बनाना जरूरी है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने माता-पिता को करते हुए देखते हैं। अगर घर में सभी लोग मिलकर संतुलित और पौष्टिक भोजन करते हैं, तो बच्चे भी धीरे-धीरे उसी आदत को अपनाने लगते हैं।

  • Romantic Travel: मई में पार्टनर के साथ जाने के लिए ये खूबसूरत जगहें हैं परफेक्ट

    Romantic Travel: मई में पार्टनर के साथ जाने के लिए ये खूबसूरत जगहें हैं परफेक्ट


    नई दिल्ली। मई का महीना घूमने के लिए बेहद खास होता है। इस समय देश की कई हिल स्टेशन और शांत वादियां कपल्स के लिए परफेक्ट रोमांटिक डेस्टिनेशन बन जाती हैं। जानिए ऐसी खूबसूरत जगहें जहां आप पार्टनर के साथ यादगार पल बिता सकते हैं। गर्मी के मौसम में अगर आप अपने पार्टनर के साथ कहीं सुकून और रोमांस से भरा समय बिताना चाहते हैं, तो भारत में कई ऐसी डेस्टिनेशन हैं जो इस मौसम में और भी खूबसूरत हो जाती हैं।
    अलेप्पी (केरल)
    केरल का अलेप्पी अपनी बैकवाटर और हाउसबोट एक्सपीरियंस के लिए मशहूर है। शांत नहरें, हरे-भरे ताड़ के पेड़ और पानी पर तैरती नावें कपल्स को एक अलग ही रोमांटिक एहसास देती हैं। इसे “पूरब का वेनिस” भी कहा जाता है।
    चोपता (उत्तराखंड)
    अगर आपको नेचर और ट्रेकिंग पसंद है तो चोपता एक बेहतरीन विकल्प है। बुरांश के फूलों से सजी वादियां और तुंगनाथ मंदिर तक की ट्रेक इस जगह को और भी खास बना देती हैं।
    मनाली (हिमाचल प्रदेश)
    मनाली कपल्स के लिए हमेशा से पसंदीदा जगह रही है। रोहतांग और आस-पास की बर्फीली चोटियां, ठंडी हवाएं और एडवेंचर स्पोर्ट्स इसे परफेक्ट रोमांटिक डेस्टिनेशन बनाते हैं।
    डलहौज़ी (हिमाचल प्रदेश)
    भीड़ से दूर शांत माहौल में समय बिताना चाहते हैं तो डलहौज़ी बेस्ट है। देवदार के जंगल, झरने और खज्जियार जैसी जगहें इसे बेहद रोमांटिक बनाती हैं।
    यूसमार्ग (जम्मू-कश्मीर)
    यूसमार्ग अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। हरे मैदान, ठंडी हवाएं और शांत वातावरण कपल्स के लिए एक यादगार अनुभव बनाते हैं।

    मई का महीना कपल्स के लिए ट्रैवल और रोमांस दोनों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। सही जगह चुनकर आप अपने रिश्ते को और भी खास बना सकते हैं।