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  • एयर इंडिया की बड़ी भूल… आठ घंटे हवा में उड़ा विमान…. U-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा दिल्ली

    एयर इंडिया की बड़ी भूल… आठ घंटे हवा में उड़ा विमान…. U-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा दिल्ली


    नई दिल्ली।
    एयर इंडिया (Air India) की वैंकूवर (Vancouver) जाने वाली फ्लाइट AI185 से एक बड़ी गलती हो गई। इसने उड़ान के लगभग चार घंटे बाद यू-टर्न (U-turn after Four Hours) लिया और दिल्ली वापस लौट आई। यह घटना तब हुई जब विमान को गलती से बोइंग 777-200LR मॉडल का इस्तेमाल किया गया, जबकि एयर इंडिया को कनाडाई हवाई क्षेत्र में केवल बोइंग 777-300ER फ्लीट को ही ऑपरेट करने की मंजूरी है। दिल्ली से दोपहर 11:34 बजे उड़ान भरने के बाद प्लेन पूर्व दिशा में आगे बढ़ा, लेकिन चीनी हवाई क्षेत्र में कुन्मिंग के पास पहुंचने पर एयरलाइन को यह गलती का एहसास हुआ। इस कारण विमान को वापस बुला लिया गया और कुल 7 घंटे 54 मिनट की उड़ान के बाद यह सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतर गया।

    यह ऑपरेशनल चूक काफी महंगी साबित हुई क्योंकि बोइंग 777 जैसे बड़े विमान प्रति घंटे 8-9 टन ईंधन जलाते हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। एविएशन नियमों में विभिन्न एयरलाइंस के लिए अलग-अलग एयरक्राफ्ट टाइप की मंजूरी होती है और यहां यह नियमित चेक न होने से समस्या पैदा हुई। गनीमत रही कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स को कोई चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित उतरे। एयर इंडिया ने इसे ऑपरेशनल इश्यू बताते हुए स्टैंडर्ड प्रोसीजर के अनुसार फैसला लिया।


    यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद

    एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है। इसकी ओर से कहा गया, ‘विमान सुरक्षित उतर आया। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स उतर गए। हम अपने मेहमानों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त करते हैं।’ दिल्ली में ग्राउंड टीम ने तुरंत सहायता मुहैया कराई, जिसमें होटल में ठहरने की व्यवस्था शामिल थी। प्रभावित यात्रियों को अगले दिन सुबह एक रिप्लेसमेंट फ्लाइट से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, जिसमें सभी पैसेंजर शामिल थे।

    यह घटना एयर इंडिया की ऑपरेशनल प्लानिंग और एयरक्राफ्ट असाइनमेंट में सख्ती की जरूरत को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ऐसे छोटे-छोटे नियमों की अनदेखी से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों का समय और विश्वास भी प्रभावित होता है। एयरलाइन को भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए बेहतर सिस्टम और चेकलिस्ट लागू करने की सलाह दी गई है।

  • नवरात्र के तीसरे दिन और गणगौर का महत्व..

    नवरात्र के तीसरे दिन और गणगौर का महत्व..


    नई दिल्ली:शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्रि का तीसरा दिन इस बार और भी खास बन गया है क्योंकि इसी दिन तृतीया तिथि पर प्रसिद्ध पर्व गणगौर भी मनाया जा रहा है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाने वाला यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

    गणगौर का संबंध भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से है। इस दिन शिवजी को ईसर और माता पार्वती को गौरा या गवरजा के रूप में पूजा जाता है। गण का अर्थ भगवान शिव और गौर का अर्थ माता पार्वती होता है। यह पर्व विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र सहित कई हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है और विवाहित महिलाओं को सुख, समृद्धि और वैवाहिक जीवन में स्थिरता का आशीर्वाद मिलता है। महिलाएं पूरे मनोभाव से व्रत रखकर माता गौरा की पूजा करती हैं और अपने परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।

    पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 33 मिनट पर होगा। शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रात 11 बजकर 56 मिनट तक प्रभावी रहेगी। नक्षत्र अश्विनी दिनभर रहेगा और यह 22 मार्च की देर रात तक प्रभावी रहेगा। वहीं, योग इन्द्र शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा और करण तैतिल दोपहर 1 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

    शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 49 मिनट से 5 बजकर 37 मिनट तक रहेगा, जो ध्यान और साधना के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 32 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक रहेगा, जिसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम समय माना जाता है। अमृत काल शाम 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

    हालांकि, कुछ समय ऐसे भी होते हैं जिनमें शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इस दिन राहुकाल सुबह 9 बजकर 26 मिनट से 10 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, यमगंड दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 31 मिनट तक और गुलिक काल सुबह 6 बजकर 24 मिनट से 7 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। इन समयों में कोई भी नया कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ नहीं माना जाता।

    नवरात्र का यह तीसरा दिन आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां मां गौरा और भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है, वहीं दूसरी ओर पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त का पालन कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता प्राप्त की जा सकती है। यह दिन भक्ति, आस्था और संस्कारों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: अखंड ज्योति बुझ जाए तो न घबराएं, तुरंत करें ये सरल उपाय

    चैत्र नवरात्रि 2026: अखंड ज्योति बुझ जाए तो न घबराएं, तुरंत करें ये सरल उपाय


    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना के दौरान अखंड ज्योति जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह ज्योति श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती है, जिसे पूरे नौ दिनों तक निरंतर जलाने का विधान है। हालांकि, कई बार हवा, घी की कमी या बाती के कारण यह ज्योति बुझ जाती है। ऐसे में भक्तों के मन में डर और चिंता पैदा हो जाती है कि कहीं यह अपशकुन तो नहीं।

    धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष के अनुसार, अखंड ज्योति का बुझना कोई बड़ा अपशकुन नहीं है। यह एक सामान्य भौतिक कारण से होने वाली घटना भी हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण आपकी श्रद्धा और भक्ति है। यदि मन सच्चा है, तो छोटी-मोटी त्रुटियां पूजा को प्रभावित नहीं करतीं।

    अखंड ज्योति का महत्व बहुत गहरा है। यह घर में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और देवी कृपा का प्रतीक मानी जाती है। दुर्गा सप्तशती और मार्कण्डेय पुराण में भी बताया गया है कि पूजा में कर्मकांड से अधिक महत्व भाव और श्रद्धा का होता है।

    अगर किसी कारणवश ज्योति बुझ जाए, तो घबराने की बजाय शांत मन से तुरंत उपाय करना चाहिए। सबसे पहले मां दुर्गा का ध्यान करें और एक छोटा साक्षी दीपक जलाएं। इसके बाद अखंड ज्योति के दीपक को साफ करें और जली हुई बाती को निकाल दें। नई और लंबी बाती डालकर उसमें शुद्ध घी भरें। फिर साक्षी दीपक की लौ से ही अखंड ज्योति को पुनः प्रज्वलित करें।

    इसके बाद हाथ जोड़कर मां से अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा मांगें और ॐ दुं दुर्गायै नमः या ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें। इस प्रक्रिया से आपकी पूजा और साधना पुनः सुचारु रूप से जारी रहती है।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ज्योति बुझने को अपशकुन मानकर पूजा बंद करना या डर जाना गलत धारणा है। शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि अनजाने में हुई गलतियां क्षमा योग्य होती हैं। देवी भागवत और अन्य ग्रंथों में भी भक्ति को कर्मकांड से ऊपर बताया गया है।

    अखंड ज्योति को बुझने से बचाने के लिए कुछ सावधानियां भी अपनाई जा सकती हैं। हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली लंबी बाती और शुद्ध घी का उपयोग करें। दीपक को हवा से बचाने के लिए कांच या मिट्टी का कवर लगाएं। समय-समय पर घी की मात्रा जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर तुरंत भरें। पूजा स्थान को हवादार लेकिन सुरक्षित रखें।

    नवरात्रि का यह संदेश है कि भक्ति में भाव सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आपकी श्रद्धा सच्ची है, तो छोटी भूलों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। मां दुर्गा भक्तों की सच्ची भावना को समझती हैं और उन्हें हमेशा आशीर्वाद देती हैं।

  • 21 मार्च का राशिफल: जानिए आज आपके दिन में क्या रहेगा खास और किन बातों का रखना होगा ध्यान

    21 मार्च का राशिफल: जानिए आज आपके दिन में क्या रहेगा खास और किन बातों का रखना होगा ध्यान


    नई दिल्ली। आज 21 मार्च, शनिवार है। इस दिन शनि देव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार को शनि देव की आराधना करने से जीवन में स्थिरता, सुख और शांति बनी रहती है। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, आज का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा, जबकि कुछ लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं सभी राशियों का हाल-

    मेष
    आज नए काम की जिम्मेदारी लेते समय सतर्क रहें। मन थोड़ा अशांत रह सकता है, इसलिए खुद को संयमित रखें। बेवजह गुस्सा और विवाद से बचें। आर्थिक लाभ के संकेत हैं, लेकिन बातचीत में संतुलन जरूरी है। व्यापार में भागदौड़ बढ़ेगी और परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।

    वृषभ
    आज मन में बेचैनी रह सकती है और लक्ष्य हासिल करना कठिन लग सकता है। आत्मविश्वास में कमी महसूस होगी, इसलिए धैर्य बनाए रखें। संयम से काम लें। नौकरी में बदलाव के साथ उन्नति के अवसर मिल सकते हैं।

    मिथुन
    आज आय के कई स्रोत खुल सकते हैं। आत्मविश्वास मजबूत रहेगा, लेकिन सफलता के लिए कड़ी मेहनत जरूरी होगी। नौकरी में बदलाव के योग हैं और प्रमोशन के अवसर मिल सकते हैं। आय और वाहन सुख में वृद्धि संभव है।

    कर्क
    आज जीवन में सुखद अनुभव मिलेंगे। निजी जीवन में भावनाएं साझा करना आपके रिश्तों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में दिन आपके पक्ष में रहेगा और नए अवसर सामने आ सकते हैं।

    सिंह
    आज आत्मविश्वास उच्च स्तर पर रहेगा। काम में लाभ मिलने के संकेत हैं और तरक्की के योग बन रहे हैं। हालांकि, कोई भी निर्णय लेने से पहले सोच-विचार जरूर करें। नई रणनीति अपनाने की जरूरत पड़ेगी।

    कन्या
    तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शांत बने रहें। प्रेम जीवन को बेहतर बनाने के लिए नए और रोमांटिक तरीके अपनाएं। कार्यस्थल पर विवादों से दूर रहें। स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी।

    तुला
    आज अपने पार्टनर के साथ रचनात्मक गतिविधियों में समय बिताएं, इससे संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और करियर में उन्नति के संकेत हैं। स्वास्थ्य को लेकर भी आप निश्चिंत रह सकते हैं।

    वृश्चिक
    आज रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। लंबे समय से लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए आप तैयार रहेंगे। किसी भी कार्य से पहले सही योजना और शोध जरूरी है।

    धनु
    प्रेम जीवन में खुशियों के पल तलाशें और कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहें। समझदारी से लिए गए आर्थिक फैसले लाभ देंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। किसी समस्या का हल बातचीत के जरिए निकल सकता है।

    मकर
    यात्रा के दौरान भी अपने साथी से संपर्क बनाए रखें। ऑफिस की राजनीति से दूरी बनाकर रखें। अपने जीवनसाथी से खुलकर अपनी भावनाएं साझा करें, इससे रिश्ते मजबूत होंगे।

    कुंभ
    आज कार्यस्थल पर अपना धैर्य बनाए रखें और वरिष्ठों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। धन लाभ के संकेत हैं। तली-भुनी और मसालेदार चीजों से दूरी रखें। जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    मीन
    आज आप दूसरों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रेम संबंधों को मजबूत बनाए रखें और कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएं। स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। भविष्य के लिए बचत पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

  • नवरात्रि तृतीया पर मां चंद्रघंटा की आराधना से मिलेगा साहस और शांति, अपनाएं सही पूजा विधि

    नवरात्रि तृतीया पर मां चंद्रघंटा की आराधना से मिलेगा साहस और शांति, अपनाएं सही पूजा विधि


    नई दिल्ली:चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। यह स्वरूप साहस, शांति और शक्ति का अद्भुत प्रतीक माना जाता है। मां के मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित होता है, जो उन्हें चंद्रघंटा नाम देता है। सिंह पर सवार और दस भुजाओं वाली मां का यह रूप भक्तों के सभी भय और कष्टों को दूर करने वाला माना जाता है।

    मां चंद्रघंटा का स्वरूप जहां एक ओर उग्रता और वीरता का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह शांति और संतुलन का संदेश भी देता है। मान्यता है कि इस दिन उनकी पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मविश्वास, बुद्धि तथा मानसिक शांति में वृद्धि होती है।

    पूजा की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके की जाती है। स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल पर लाल या सफेद कपड़ा बिछाएं और मां की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद कलश स्थापना करें जिसमें जल, सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें। घी का दीपक जलाकर मां को लाल फूल, चंदन, रोली और फल अर्पित करें। नैवेद्य में खीर या हलवा चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान मंत्रों का जाप विशेष महत्व रखता है।

    मां चंद्रघंटा का महामंत्र इस प्रकार है
    या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

    बीज मंत्र
    ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं चंद्रघंटायै नमः
    या
    ऐं श्रीं शक्तये नमः

    इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करने से मन को शांति मिलती है और मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    इसके अलावा चंद्रघंटा स्तोत्र और उपासना मंत्र का पाठ भी अत्यंत फलदायी माना गया है। नियमित रूप से इनका जाप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    पूजा करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करें। मन को शांत और एकाग्र रखें और किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचार से दूर रहें। मां को सफेद या लाल फूल अर्पित करें और सात्विक भोजन का ही सेवन करें।

    माना जाता है कि सच्चे मन से की गई मां चंद्रघंटा की भक्ति से व्यक्ति को निर्भीकता, सफलता और आंतरिक शांति प्राप्त होती है। नवरात्रि का यह तीसरा दिन आत्मबल बढ़ाने और जीवन में स्थिरता लाने का विशेष अवसर माना जाता है।

  • उज्जैन में चेट्रीचंड की धूम: CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, झूलेलाल के संदेश से दिया एकता का आह्वान

    उज्जैन में चेट्रीचंड की धूम: CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, झूलेलाल के संदेश से दिया एकता का आह्वान


    उज्जैन । मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंधी समाज ने भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेट्रीचंड का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर टॉवर चौक पर भव्य आयोजन किया गया जहां से आकर्षक चल समारोह निकाला गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहुंचकर समारोह को भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया और समाजजनों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान झूलेलाल जैसे महान संत और गुरुजन सदैव समाज को सही दिशा दिखाते हैं। उनका आशीर्वाद सभी के जीवन में सुख समृद्धि और शांति बनाए रखता है। उन्होंने प्रार्थना की कि किसी के जीवन में कोई कष्ट न आए और यह नववर्ष सभी के लिए नई ऊर्जा आशा और खुशियां लेकर आए।

    उन्होंने समाज में आपसी प्रेम भाईचारे और एकता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि सुख दुख में एक दूसरे का साथ देना ही समाज को मजबूत बनाता है। विकास के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है और सभी के सामूहिक प्रयासों से ही शहर प्रदेश और देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।

    इस भव्य आयोजन में बॉलीवुड और टीवी जगत की कई जानी मानी हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक और बढ़ा दी। प्रसिद्ध अभिनेत्री जयाप्रदा अभिनेता आफताब शिवदासानी और लोकप्रिय टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में ‘गोली’ का किरदार निभाने वाले कुश शाह भी विशेष रूप से शामिल हुए।

    इसके अलावा कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया विधायक सतीश मालवीय भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।चेट्रीचंड का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा बल्कि समाज में एकता प्रेम और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी देता नजर आया। रंग बिरंगे झांकियों भजन कीर्तन और उत्साह से भरे इस चल समारोह ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।

  • भोपाल के कटारा हिल्स में भीषण आग: 20 फीट तक उठीं लपटें, दमकल देरी से पहुंचने पर नाराजगी

    भोपाल के कटारा हिल्स में भीषण आग: 20 फीट तक उठीं लपटें, दमकल देरी से पहुंचने पर नाराजगी


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में देर रात एक भीषण आगजनी की घटना सामने आई जिसने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। स्प्रिंग वैली क्षेत्र में स्थित रजाई गद्दे की एक दुकान में लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें करीब 20 फीट तक ऊपर उठ रही थीं जिससे आसपास के इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। जिस दुकान में आग लगी वह श्री वृंदावन फास्ट फूड एंड रेस्टोरेंट के पास स्थित है। आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ियां करीब 45 मिनट की देरी से मौके पर पहुंचीं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो आग को जल्दी काबू में किया जा सकता था और नुकसान कम होता। देरी के कारण आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते सारा सामान जलकर राख हो गया।

    मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद लोग लगातार मदद के लिए फोन करते रहे लेकिन काफी देर तक कोई राहत नहीं मिली। एक महिला ने बताया कि जब दमकल की गाड़ी पहुंची तो उसमें तकनीकी खराबी बताई गई। इसके बाद कर्मचारियों को मौके पर ही संसाधन जुटाकर गाड़ी को दुरुस्त करना पड़ा जिससे आग बुझाने में और देरी हुई।

    इस पूरी घटना का वीडियो भी स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया जो अब सामने आ रहा है। वीडियो में आग की भयावहता साफ दिखाई दे रही है जहां तेज लपटें आसमान की ओर उठती नजर आ रही हैं। हालांकि काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया लेकिन तब तक दुकान पूरी तरह जल चुकी थी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों में दमकल विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में इस तरह की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • गुजरात का आर्थिक लक्ष्य बड़ा, 2030 तक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना: CM भूपेंद्र पटेल

    गुजरात का आर्थिक लक्ष्य बड़ा, 2030 तक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना: CM भूपेंद्र पटेल


    नई दिल्ली।  गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के राज्य वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर उद्योग है। उन्होंने उद्योग जगत को इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी के समर्थन और अनुमोदित प्रस्ताव की आवश्यकता बताई।

    प्रधानमंत्री की परिकल्पना और गुजरात का विकास

    सीएम पटेल ने कहा कि गुजरात के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास पथ की परिकल्पना कर रहे हैं। उन्होंने बताया, “इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार उद्योग उद्यमियों के साथ मिलकर सभी को सहयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है।”

    उन्होंने गुजरात के औद्योगिक विकास के प्रारंभिक चरण का भी ज़िक्र किया। एक समय था जब विकास केवल वापी और वडोदरा तक ही सीमित था। लेकिन समग्र विकास की दृष्टि से पानी, बिजली और सौंदर्य प्रसाधनों को मजबूत किया गया और पूरे राज्य में निवेश आकर्षित किया गया।

    वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन और वैश्विक निवेश

    सीएम ने 2003 में शुरू हुए वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा था कि अन्य कलाकारों का विश्वास हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित बौद्ध निवेशों को गुजरात में उन्नत उद्यमों के प्रवेश का उदाहरण बताया।

    पटेल ने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर विश्वास मजबूत हुआ है, जिससे सेमीकंडक्टर और अन्य हाई-टेक उद्योग गुजरात में आ रहे हैं। कभी-कभी जो प्रभावशाली लगता था, वह अब राज्य में वास्तविकता बना रहा है।”

    गुजरात के आर्थिक नामांकन

    मुख्यमंत्री ने प्रमुख आर्थिक आँकड़ों का मूल्यांकन करते हुए बताया कि राज्य की जनसंख्या भारत की कुल जनसंख्या लगभग 5 प्रतिशत है, जबकि सांख्यिकी में योगदान लगभग 8 प्रतिशत है। इस सहायक को 10 प्रतिशत से अधिक करना लक्ष्य है।

    देश के उत्पादन उत्पादन में 17 प्रतिशत, कुल मिलाकर 33 प्रतिशत, और देश के 40 प्रतिशत माल का प्रबंधन राज्य है। उन्होंने अलग-अलग भूमिका के योगदान का भी उल्लेख किया:

    रसायन उद्योग में 33 प्रतिशत

    दवा में 19.2 प्रतिशत

    किसानों के बाज़ार में 80 प्रतिशत

    एमएसएमई और नीति-संचालन राज्य

    पटेल ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की संख्या 2001-02 में 1.85 लाख से बढ़कर अब 27.9 लाख हो गई है। उन्होंने गुजरात को नीति-संचालन राज्य के बारे में बताया और कहा कि उद्योग उद्यमियों के लिए हर स्तर पर पुष्टि की जा रही है। भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि राज्य में ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है, जिसे लागू करना शुरू कर दिया गया है।

  • बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप

    बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप


    बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल में शुक्रवार दोपहर एक खौफनाक हादसा सामने आया जब एक बाइक अचानक आग का गोला बन गई। चंद मिनटों में ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बाइक जलकर राख हो गई। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।

    जानकारी के अनुसार एक युवक अपनी खराब हो चुकी बाइक को धक्का देकर कॉलेज चौक की ओर ले जा रहा था। तभी अचानक बाइक से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। शुरुआत में आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेजी से फैल गई कि कोई कुछ कर नहीं सका।

    स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बाइक की पेट्रोल टंकी में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के साथ आग की लपटें और तेज हो गईं जिससे बाइक पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। कुछ ही पलों में वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    घटना के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।

    गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई वरना पेट्रोल टंकी के विस्फोट से बड़ा हादसा हो सकता था। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गर्मी के मौसम में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना कितना जरूरी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान बढ़ने के साथ वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में नियमित सर्विसिंग फ्यूल लीकेज की जांच और इंजन की स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।यह घटना न केवल एक हादसा है बल्कि एक चेतावनी भी है कि छोटी सी लापरवाही बड़े खतरे में बदल सकती है। सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

  • CSK के लिए बुरी खबर, स्टार गेंदबाज नाथन एलिस हुए आईपीएल 2026 से बाहर

    CSK के लिए बुरी खबर, स्टार गेंदबाज नाथन एलिस हुए आईपीएल 2026 से बाहर


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज नाथन ऐलिस हैमस्ट्रिंग इंजिनियरी पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। इस खबर की जानकारी चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर शेयर की है।

    ऐलिस की चोट का असर

    चेन्नई सुपर किंग्स ने लिखा, “नैथन ऐलिस हैमस्ट्रिंग की इंजरी पूरे सीज़न से बाहर हो गई है। हम उनके शीघ्र ठीक होने की कामना करते हैं। नाथन एलिस ने चेन्नई में आईपीएल ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। इससे पहले वह चार सीज़न तक पंजाब किंग्स के लिए खेल चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से उनका प्रदर्शन पिछले एक साल से शानदार रहा है, जिससे उन्हें इस सीजन में तेजी से आक्रमण का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

    टीम का तेज़-तर्रार शॉट अटैक

    ऐलिस के आउट होने से चेन्नई के विदेशी तेज गेंदबाज़ों का समूह अब केवल मैट हेनरी, जेमी ओवरटन और जैक फोल्क्स तक सीमित रह गया है। भारतीय रिज़ल्ट में खलील अहमद, अशुल कंबोज, गुरजपनीत सिंह और मुकेश चौधरी शामिल हैं।

    ऋतुराज गायकवाड़ की पॉडकास्ट टीम में टी20 विश्व विजेता कप शिवम जॉय और अमन खान भी स्टॉकहोम में शामिल होने वाले हैं। ऐलिस का सीएसके के लिए प्रदर्शन में प्रतिभावान खिलाड़ी की स्थिति का जन्म हुआ।

    आईपीएल 2026 में चेन्नई का प्रारंभिक कार्यक्रम

    चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल 2026 में 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद टीम का अगला मुकाबला 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स के साथ होगा, जबकि 5 अप्रैल को आरसीबी का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुकाबला होगा। 11 अप्रैल को चेन्नई अपने घरेलू मैदान एमए माउंटेन व्यू में दिल्ली कैपिटल्स की मेजबानी करेगा।

    पिछला सीज़न अंतिम रहा

    आईपीएल 2025 में सीएसके का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। ऋतुराज गायकवाड की इलेक्ट्रानिक में टीम प्वाइंट्स टेबल में सबसे कीमती सामान पर रही थी। टीम ने 14 मुकाबलों में से सिर्फ 4 में जीत दर्ज की, जबकि 10 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।

    भविष्य की चुनौती

    नाथन एलिस के आउट होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स तेजी से नई रणनीति अपनानी होगी। टीम के लिए यह एक चुनौती है कि टीम के पास मौजूद सीमित विदेशी और घरेलू शेयरों के साथ मजबूत प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए।