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भोपाल ट्रेन हादसा: युवक की मौत के बाद हत्या का आरोप, मां बोलीं- बेटे को धक्का देकर पटरी पर गिराया गया
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब रचना नगर अंडरब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। मृतक की पहचान अशोक बामने के रूप में हुई है, जो गौतम नगर जनता क्वार्टर का निवासी था।पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला ट्रेन से कटकर हुई मौत का लग रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। हालांकि, मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब मृतक की मां ने पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए।मृतक की मां कृष्णा बामने का कहना है कि रात में पड़ोसी से किसी लड़की को लेकर विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि उसी विवाद के बाद पड़ोसी उनके घर में घुस आया और उनके चार बेटों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।परिवार का दावा है कि इसके बाद आरोपियों ने अशोक को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर ट्रेन के सामने धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, सुबह पुलिस ने सूचना दी तब उन्हें घटना की जानकारी मिली।अशोक अविवाहित था और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अचानक हुई इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं हादसा, आत्महत्या और हत्या को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा सदमा बन गई है, बल्कि पूरे इलाके में कई सवाल भी छोड़ गई है कि यह वाकई एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश। -

आजादी की लड़ाई के वो क्रांतिकारी शायर, जिनकी कलम से निकली इंकलाब की गूंज और इश्क की मिठास
नई दिल्ली । भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में कुछ ऐसे नाम दर्ज हैं, जिन्होंने न केवल संघर्ष की राह चुनी बल्कि अपनी कलम से भी क्रांति की लौ जलाए रखी। उन्हीं में एक महत्वपूर्ण नाम है हसरत मोहानी, जो एक ऐसे शायर थे जिन्होंने इश्क और इंकलाब को एक साथ जिया और अपनी लेखनी से समाज को नई दिशा दी। उनकी शायरी केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं थी, बल्कि उसमें आज़ादी का जुनून और सामाजिक एकता का संदेश भी गहराई से शामिल था।हसरत मोहानी का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के मोहान गांव में हुआ था। उनका वास्तविक नाम सैयद फजलुल हसन था, लेकिन साहित्यिक दुनिया में उन्होंने ‘हसरत मोहानी’ के नाम से अपनी पहचान बनाई। बचपन से ही उनकी रुचि साहित्य और विचारों की दुनिया में थी, और धीरे-धीरे वे उर्दू शायरी के ऐसे सितारे बन गए, जिनकी आवाज़ सिर्फ दिलों को नहीं छूती थी, बल्कि सोच को भी झकझोर देती थी।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हसरत मोहानी ने न सिर्फ अंग्रेजी हुकूमत का विरोध किया, बल्कि अपने लेखन और विचारों के जरिए लोगों में जागरूकता भी पैदा की। वे उन चुनिंदा क्रांतिकारियों में से थे जिन्होंने “इंकलाब जिंदाबाद” जैसे शक्तिशाली नारे को जन्म दिया, जो आगे चलकर पूरे स्वतंत्रता संग्राम की पहचान बन गया। उनकी सोच स्पष्ट थी कि आज़ादी सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वतंत्रता भी है।
वे एक शायर होने के साथ-साथ पत्रकार, राजनीतिक विचारक और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने एक पत्रिका के माध्यम से ब्रिटिश नीतियों की आलोचना की और कई बार जेल भी गए। इसके बावजूद उनके विचारों में कभी कमजोरी नहीं आई। वे स्वराज की अवधारणा के समर्थक थे और भारतीयों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाते रहे। वे राजनीतिक मंचों पर भी सक्रिय रहे और एक जनप्रतिनिधि के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई।
हसरत मोहानी की सबसे बड़ी खासियत उनकी सोच थी, जो किसी एक विचारधारा तक सीमित नहीं थी। वे हिंदू-मुस्लिम एकता के मजबूत समर्थक थे और मानते थे कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता में छिपी है। उन्होंने विभाजन का विरोध किया और हमेशा एक अखंड और एकजुट भारत की कल्पना को आगे रखा। उनकी यह सोच आज भी सामाजिक सद्भाव की मिसाल के रूप में याद की जाती है।
उनकी शायरी में प्रेम और विद्रोह का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता है। एक तरफ जहां उनकी गजलों में प्रेम की कोमलता झलकती है, वहीं दूसरी तरफ उनमें क्रांति की आग भी महसूस होती है। उनकी प्रसिद्ध रचनाएं आज भी साहित्य प्रेमियों के बीच गहरी जगह रखती हैं और नई पीढ़ी को भावनात्मक और वैचारिक रूप से प्रेरित करती हैं।
1951 में उनके निधन के साथ एक युग का अंत हो गया, लेकिन उनकी विचारधारा और उनकी शायरी आज भी जीवित है। उनके जाने के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी और कई महान नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। आज भी उनकी याद में साहित्यिक आयोजन किए जाते हैं, जहां उनकी गजलों और विचारों को याद किया जाता है।
हसरत मोहानी सिर्फ एक शायर नहीं थे, बल्कि एक विचारधारा थे, जो आज़ादी, प्रेम और एकता का संदेश देती है। उनकी विरासत आज भी यह सिखाती है कि कलम की ताकत किसी भी हथियार से अधिक प्रभावशाली हो सकती है।
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नेचुरल हेयर केयर का बढ़ता ट्रेंड, हर किसी के बालों पर अलग असर दिखाता है रीठा
नई दिल्ली । आजकल बालों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। धूल, प्रदूषण, तनाव और कैमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के लगातार इस्तेमाल से लोगों के बाल कमजोर और बेजान होते जा रहे हैं। ऐसे माहौल में लोग फिर से पुराने घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर लौट रहे हैं। इन्हीं पारंपरिक विकल्पों में Reetha का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है, जिसे लंबे समय से बालों की सफाई और देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।रीठा को प्राकृतिक क्लेंजर माना जाता है। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पानी के साथ मिलकर झाग बनाते हैं और सिर की त्वचा की सफाई करने में मदद करते हैं। जब इसका उपयोग बाल धोने के लिए किया जाता है, तो यह स्कैल्प पर जमा धूल, अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने का काम करता है। यही वजह है कि कई लोग इसे कैमिकल वाले शैंपू का प्राकृतिक विकल्प मानते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, साफ स्कैल्प बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए जरूरी होता है। जब सिर की त्वचा पर गंदगी और अतिरिक्त तेल जमा हो जाता है, तो बाल कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में रीठा बालों की जड़ों को साफ रखने में मदद कर सकता है, जिससे बालों को बेहतर वातावरण मिलता है।
रूसी और खुजली जैसी समस्याओं में भी रीठा को उपयोगी माना जाता है। सिर की त्वचा पर जमा मृत कोशिकाएं और तेल अक्सर डैंड्रफ की वजह बनते हैं। रीठा इन तत्वों को साफ करने में मदद करता है, जिससे कुछ लोगों को राहत महसूस हो सकती है। हालांकि अगर किसी को ज्यादा खुजली, संक्रमण या एलर्जी की समस्या हो, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
रीठा का नियमित और संतुलित इस्तेमाल बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में भी मदद कर सकता है। कई लोग मानते हैं कि इससे बाल टूटना कम होते हैं और उनकी प्राकृतिक चमक बनी रहती है। हालांकि बालों का स्वस्थ और घना होना केवल एक चीज पर निर्भर नहीं करता। इसके पीछे खानपान, शरीर में पोषण, हार्मोन और जीवनशैली जैसे कई कारण भी जिम्मेदार होते हैं।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि हर व्यक्ति के बालों और स्कैल्प की प्रकृति अलग होती है। इसलिए किसी भी प्राकृतिक चीज का असर सभी पर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को रीठा इस्तेमाल करने के बाद सूखापन, जलन या खुजली महसूस हो सकती है। ऐसी स्थिति में इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।
बहुत ज्यादा ड्राई हेयर वाले लोगों को भी इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह सिर के प्राकृतिक तेल को कम कर सकता है। इसके अलावा किसी भी नए घरेलू उपाय को अपनाने से पहले थोड़ा परीक्षण करना बेहतर माना जाता है।
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IPL 2026 अंकतालिका में बड़ा उलटफेर: GT की लगातार 5वीं जीत से टॉप पर कब्जा, SRH तीसरे स्थान पर पहुंची
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 में मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के बाद अंकतालिका में बड़ा बदलाव देखने को मिला। गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 82 रन से हराकर न सिर्फ मुकाबला जीता, बल्कि टेबल में भी शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।इस मुकाबले में Gujarat Titans ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 168 रन बनाए, जिसके जवाब में Sunrisers Hyderabad की टीम मात्र 86 रन पर ऑलआउट हो गई। यह GT की लगातार पांचवीं जीत रही, जिसने उन्हें 16 अंकों के साथ अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंचा दिया।दूसरे स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 14 अंकों के साथ बनी हुई है, जबकि SRH भी 14 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई है। चौथे स्थान पर पंजाब किंग्स और पांचवें स्थान पर चेन्नई सुपर किंग्स मौजूद हैं। राजस्थान रॉयल्स छठे, दिल्ली कैपिटल्स सातवें और कोलकाता नाइट राइडर्स आठवें स्थान पर हैं। वहीं मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुके हैं।अंकतालिका के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस भी दिलचस्प बनी हुई है। SRH के हेनरिक क्लासेन 12 मैचों में 508 रन बनाकर ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं, जबकि पर्पल कैप पर फिलहाल भुवनेश्वर कुमार का कब्जा है, जिन्होंने 11 मैचों में 21 विकेट लिए हैं।गुजरात टाइटंस की इस जीत ने प्लेऑफ की तस्वीर और साफ कर दी है, लेकिन टॉप-4 की रेस अभी भी कई टीमों के बीच कड़ी बनी हुई है। आने वाले मैचों में हर मुकाबला अब निर्णायक भूमिका निभाएगा। -

ऑस्ट्रेलिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की, कप्तान बनीं सोफी मोलिनक्स
नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी मजबूत और संतुलित टीम का ऐलान कर दिया है। मेलबर्न से जारी इस घोषणा में 15 खिलाड़ियों को स्क्वॉड में शामिल किया गया है, जबकि टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी Sophie Molineux को सौंपी गई है।यह टीम अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण मानी जा रही है, जिसमें एश्ले गार्डनर, ताहलिया मैकग्राथ, एलिस पेरी और बेथ मूनी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। टीम प्रबंधन ने इस बार गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों पर खास फोकस किया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया को हर परिस्थितियों में मजबूती मिल सके।टीम में बाएं हाथ की तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने पिछले साल आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप में कप्तानी की थी। वहीं डार्सी ब्राउन को इस बार स्क्वॉड से बाहर कर दिया गया है, जो चयनकर्ताओं के एक अहम फैसले के रूप में देखा जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी यूनिट इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है, जिसमें मेगन शुट्ट, किम गार्थ, एनाबेल सदरलैंड, अलाना किंग और निकोला कैरी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा ताहलिया मैकग्राथ और एलिस पेरी जैसे ऑलराउंडर टीम को अतिरिक्त संतुलन प्रदान करेंगे।अनुभवी खिलाड़ी Ellyse Perry इस टूर्नामेंट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब होंगी, जहां वह अपने 50 टी20 विश्व कप मैच पूरे कर सकती हैं। वहीं निकोला कैरी तीन साल बाद टी20 वर्ल्ड कप में वापसी कर रही हैं। टीम में ग्रेस हैरिस और जॉर्जिया वोल की वापसी भी हुई है, जिससे बल्लेबाजी क्रम और मजबूत हुआ है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ताहलिया विल्सन को ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर रखा गया है।ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप 1 में दक्षिण अफ्रीका, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड के साथ रखा गया है। टीम अपना पहला मुकाबला 13 जून को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी। कुल मिलाकर, ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर खिताब की सबसे बड़ी दावेदार टीमों में से एक मानी जा रही है, और इस स्क्वॉड से उनकी मजबूती और बढ़ गई है। -

Q4 में 45% मुनाफा बढ़ते ही दौड़ा रेलवे स्टॉक, Texmaco Rail को मिला बड़ा इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट
नई दिल्ली । चौथी तिमाही के मजबूत नतीजों और एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर की वजह से Texmaco Rail & Engineering के शेयरों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर इंट्राडे में लगभग 14 प्रतिशत तक उछल गए और निवेशकों में इस दौरान भारी उत्साह देखा गया। इस तेजी के पीछे कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और विदेश से मिले बड़े प्रोजेक्ट को मुख्य कारण माना जा रहा है।कंपनी ने हाल ही में अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिनमें मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर लगभग 45 प्रतिशत बढ़कर 57.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 39.8 करोड़ रुपये था। मुनाफे में इस मजबूत बढ़त ने बाजार में सकारात्मक संकेत दिए और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
हालांकि, इस दौरान कंपनी के राजस्व में गिरावट भी देखने को मिली। रेवेन्यू लगभग 13 प्रतिशत घटकर 1,167 करोड़ रुपये पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत बना रहा। EBITDA में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि EBITDA मार्जिन भी बेहतर होकर 9.1 प्रतिशत तक पहुंच गया। यह संकेत देता है कि कंपनी ने लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता पर अच्छा काम किया है।
नतीजों के साथ-साथ कंपनी के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर साउथ अफ्रीका से मिला एक बड़ा ऑर्डर रहा। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को हजारों मालवाहक वैगन और दर्जनों डीजल लोकोमोटिव की आपूर्ति करनी है। यह समझौता न केवल एक बड़े प्रोजेक्ट को दर्शाता है बल्कि इसमें लंबे समय तक चलने वाली मेंटेनेंस साझेदारी भी शामिल है, जो कंपनी के लिए स्थिर आय का स्रोत बन सकता है।
इस डील की कुल अनुमानित वैल्यू ₹4,045 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, जिससे कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत होने की उम्मीद है। पहले से ही कंपनी के पास हजारों करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक मौजूद है, और इस नए प्रोजेक्ट के जुड़ने से आने वाले वर्षों में राजस्व की दृश्यता और बेहतर हो सकती है।
इसके अलावा कंपनी ने भविष्य की रणनीति के तहत डिफेंस सेक्टर में भी कदम रखने की योजना को मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी के बिजनेस पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छोटे स्तर के निवेश के साथ यह पहल आने वाले समय में नए अवसर खोल सकती है।
कुल मिलाकर मजबूत तिमाही नतीजे, बेहतर मार्जिन और बड़े विदेशी ऑर्डर ने मिलकर कंपनी के स्टॉक में तेज़ी का माहौल बनाया है। बाजार की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस ऑर्डर को कितनी तेजी और दक्षता के साथ पूरा कर पाती है और आने वाली तिमाहियों में प्रदर्शन किस दिशा में जाता है।
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तुलसी के पानी से बालों की देखभाल: डैंड्रफ और रूखेपन से मिलेगा छुटकारा..
बालों के लिए तुलसी का पानी: प्राकृतिक हेयर केयर का आसान उपायबदलते मौसम में बालों का रूखा, बेजान और कमजोर हो जाना एक आम समस्या है। ऐसे में लोग महंगे शैम्पू और ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद में बताए गए घरेलू उपाय आज भी बेहद असरदार माने जाते हैं। तुलसी का पानी ऐसा ही एक प्राकृतिक नुस्खा है, जो बालों को मजबूत, साफ और हेल्दी बनाने में मदद करता है।
तुलसी का पानी क्यों फायदेमंद है?
तुलसी में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो स्कैल्प की गंदगी, डैंड्रफ और खुजली को कम करने में मदद करते हैं। यह बालों की जड़ों को पोषण देता है और हेयर फॉल की समस्या को भी नियंत्रित करता है।
तुलसी के पानी का सही इस्तेमाल कैसे करें?तुलसी का पानी बनाना और इस्तेमाल करना बहुत आसान है। इसके लिए सबसे पहले 15 से 20 ताजा तुलसी के पत्ते लें और उन्हें पानी में अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी हल्का गुनगुना हो जाए तो इसे छान लें।
अब इस तुलसी वाले पानी को सामान्य पानी के साथ मिलाकर माइल्ड शैम्पू के साथ बालों को धो सकते हैं। इससे स्कैल्प साफ होता है और बालों में प्राकृतिक चमक आती है।
नीम के साथ और भी ज्यादा असरदारअगर आप ज्यादा बेहतर रिजल्ट चाहती हैं, तो तुलसी के पानी में नीम के पत्तों का पानी मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसे बालों में 20–25 मिनट तक लगाकर रखें और फिर हल्के शैम्पू से धो लें। यह मिश्रण डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन में बहुत प्रभावी माना जाता है।
हेयर मास्क में भी करें इस्तेमाल
दही या अंडे से बने हेयर मास्क में भी तुलसी का पानी मिलाया जा सकता है। इससे बालों को गहराई से पोषण मिलता है और बाल सिल्की, शाइनी और मजबूत बनते हैं। इस उपाय को हफ्ते में 2 बार अपनाया जा सकता है।
जरूरी सावधानियां
तुलसी का पानी इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर स्कैल्प पर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें और एक्सपर्ट की सलाह लें।
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₹780 वाला KIMS शेयर बना बाजार का स्टार, 26% की तेजी के बाद फिर बुलिश संकेत, जानिए क्या हो सकता है अगला टारगेट
नई दिल्ली । शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला, जहां शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद अचानक गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया। हालांकि इसी अस्थिरता के बीच हॉस्पिटल सेक्टर की कंपनी कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी KIMS का शेयर लगातार फोकस में बना रहा। ₹780 के आसपास कारोबार कर रहा यह स्टॉक हाल के दिनों में मजबूत रफ्तार दिखा चुका है और अब इसमें आगे भी तेजी की संभावना जताई जा रही है।बाजार के जानकारों के मुताबिक KIMS शेयर ने डेली चार्ट पर एक महत्वपूर्ण पैटर्न से ब्रेकआउट दिया है, जिसे आमतौर पर बुलिश संकेत माना जाता है। यह ब्रेकआउट सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न से हुआ है, जो अक्सर किसी बड़े मूवमेंट से पहले देखने को मिलता है। इस तकनीकी संकेत के बाद स्टॉक में नई खरीदारी देखने को मिल रही है और निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ गई है।
हाल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो KIMS शेयर में पिछले एक साल में लगभग 26 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद भी स्टॉक में पूरी तरह ठहराव नहीं आया है, बल्कि इसमें आगे और मूवमेंट की संभावना बनी हुई है। इसी वजह से शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स इस स्टॉक पर खास नजर बनाए हुए हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक से दो महीनों में इसमें और बेहतर रिटर्न देखने को मिल सकता है।
तकनीकी चार्ट पर देखा जाए तो स्टॉक ने पहले के हाई लेवल के आसपास मजबूत पकड़ बनाई है। एक समय यह शेयर ₹798 के करीब पहुंचकर अपने उच्चतम स्तर को छू चुका था, जिसके बाद इसमें हल्की मुनाफावसूली जरूर देखने को मिली, लेकिन अब एक बार फिर यह रिकवरी मोड में नजर आ रहा है। मौजूदा स्तर पर खरीदारी बढ़ने से स्टॉक में फिर से तेजी का माहौल बनता दिख रहा है।
कुल मिलाकर KIMS शेयर फिलहाल उस मोड़ पर खड़ा है, जहां से अगली बड़ी चाल संभव मानी जा रही है। चार्ट पैटर्न, हालिया तेजी और बाजार की रुचि को देखते हुए यह स्टॉक आने वाले समय में निवेशकों के लिए अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि बाजार की अस्थिरता को देखते हुए इसमें उतार-चढ़ाव बने रहने की भी पूरी संभावना है, इसलिए निवेशक सतर्कता के साथ ही इस पर नजर बनाए हुए हैं।

