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  • रोग पंचक 2026: मौसम बदलते ही बढ़ी चिंता! 14 मई तक सेहत पर मंडरा सकता है खतरा, जानें क्या करें और क्या नहीं

    रोग पंचक 2026: मौसम बदलते ही बढ़ी चिंता! 14 मई तक सेहत पर मंडरा सकता है खतरा, जानें क्या करें और क्या नहीं


    नई दिल्ली। Rog Panchak 2026: मई की तेज गर्मी के बीच मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कहीं बारिश तो कहीं उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। इसी बीच 10 मई 2026 से रोग पंचक की शुरुआत ने धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं को मानने वाले लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ज्योतिष शास्त्र में रोग पंचक को स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान संक्रमण, मौसमी बीमारियां और शारीरिक कमजोरी तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में बदलते मौसम और रोग पंचक का यह संयोग लोगों को विशेष सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है।

    ज्योतिष गणना के अनुसार रोग पंचक 10 मई 2026 को दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 14 मई 2026 की रात 10 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। पंचक तब बनता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है। वहीं रविवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक काल को ऊर्जा परिवर्तन का समय माना गया है। इस दौरान शरीर और मन दोनों को संतुलित रखना बेहद जरूरी बताया गया है। मान्यता है कि इस समय लापरवाही करने पर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासकर जब मौसम तेजी से बदल रहा हो, तब सर्दी, वायरल, बुखार, एलर्जी और संक्रमण जैसी समस्याएं लोगों को अधिक परेशान कर सकती हैं।

    मौसम विभाग की ओर से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है। दिन में तेज गर्मी और शाम को अचानक मौसम बदलने से लोगों की इम्यूनिटी पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि रोग पंचक के दौरान स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

    ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार रोग पंचक के समय बाहर का बासी और तला-भुना भोजन खाने से बचना चाहिए। नियमित रूप से हल्दी, तुलसी और गुनगुने पानी का सेवन लाभकारी माना गया है। साथ ही पूजा-पाठ, ध्यान और महामृत्युंजय मंत्र का जाप मानसिक तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, सगाई, दक्षिण दिशा की यात्रा और घर निर्माण जैसे शुभ कार्यों से भी बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि ज्योतिष और धार्मिक मान्यताएं आस्था का विषय हैं, इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना सबसे जरूरी माना जाता है।

  • शिव पूजा का महत्व: आखिर क्यों प्रिय हैं भगवान भोलेनाथ को जल और बेलपत्र

    शिव पूजा का महत्व: आखिर क्यों प्रिय हैं भगवान भोलेनाथ को जल और बेलपत्र


    नई दिल्ली । भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा जाता है। मान्यता है कि शिवजी अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए कठिन तपस्या की जरूरत नहीं होती, बल्कि केवल जल और बेलपत्र अर्पित करने से भी भोलेनाथ कृपा बरसाते हैं। यही कारण है कि हर सोमवार और विशेष रूप से सावन माह में शिव मंदिरों में जलाभिषेक और बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है।लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर भगवान शिव पर जल और बेलपत्र ही क्यों चढ़ाया जाता है? इसके पीछे एक बेहद रोचक और पौराणिक कथा जुड़ी हुई है।

    समुद्र मंथन से जुड़ी है यह पौराणिक कथा
    पुराणों के अनुसार, एक समय देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन हुआ। इस मंथन से अमृत सहित कई दिव्य वस्तुएं निकलीं, लेकिन सबसे पहले एक भयंकर विष निकला, जिसे “हलाहल विष” कहा गया। यह विष इतना घातक था कि उसके प्रभाव से पूरा संसार संकट में पड़ गया। देवता और दानव दोनों ही उसके प्रभाव को रोकने में असमर्थ थे। तब सृष्टि को बचाने के लिए भगवान शिव ने उस विष का पान कर लिया। भगवान शिव ने विष को अपने कंठ में ही रोक लिया, जिससे उनका गला नीला पड़ गया और तभी से उन्हें “नीलकंठ” कहा जाने लगा।

     जल और बेलपत्र से शांत हुई महादेव की तपन
    हलाहल विष का प्रभाव इतना तीव्र था कि भगवान शिव का शरीर अत्यधिक गर्म हो गया। उनके शरीर की तपन से वातावरण भी प्रभावित होने लगा। मान्यता है कि उस समय देवताओं ने भगवान शिव को शीतलता प्रदान करने के लिए उन पर जल अर्पित किया। वहीं बेलपत्र को विषनाशक और शीतल माना जाता है, इसलिए शिवजी को बेलपत्र भी चढ़ाया गया। जल और बेलपत्र से भगवान शिव को राहत मिली और तभी से शिवलिंग पर जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा शुरू हो गई, जो आज भी श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

     जलाभिषेक करते समय रखें इन नियमों का ध्यान
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है-

    जलाभिषेक हमेशा शिवलिंग का ही करें
    जल में तुलसी पत्र न डालें, क्योंकि शिव पूजा में तुलसी वर्जित मानी जाती है
    शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए
    जलाभिषेक के दौरान शिवलिंग को बार-बार स्पर्श करने से बचें
    पूजा के समय शांत और श्रद्धापूर्ण वातावरण बनाए रखें
    मान्यता है कि उचित विधि और मंत्रोच्चार के साथ किया गया जलाभिषेक विशेष फलदायी होता है।

     बेलपत्र चढ़ाने का धार्मिक महत्व
    बेलपत्र को भगवान शिव का सबसे प्रिय पत्र माना गया है। इसकी तीन पत्तियों को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है। बेलपत्र चढ़ाने से मन की शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

    आस्था और श्रद्धा से जुड़ी सनातन परंपरा
    भगवान शिव पर जल और बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि पौराणिक मान्यताओं और आध्यात्मिक भावनाओं से भी जुड़ी हुई है। यह परंपरा हमें त्याग, संरक्षण और श्रद्धा का संदेश देती है। मान्यता है कि सच्चे मन से किए गए जलाभिषेक से भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।

  • घर पर आसानी से बनने वाले नेचुरल और हाइड्रेटिंग समर बेवरेज रेसिपीज़

    घर पर आसानी से बनने वाले नेचुरल और हाइड्रेटिंग समर बेवरेज रेसिपीज़


    नई दिल्ली |  जैसे-जैसे गर्मियों का पारा बढ़ता है, शरीर में पानी की कमी, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स या शुगर-लोडेड पेय पदार्थों की बजाय घर पर बने नेचुरल ड्रिंक्स ज्यादा फायदेमंद होते हैं। ये न सिर्फ शरीर को ठंडक देते हैं बल्कि इम्युनिटी और पाचन को भी बेहतर बनाते हैं।

    खीरा-मिंट कूलर: ताजगी से भरपूर डिटॉक्स ड्रिंक
    खीरा और पुदीना गर्मियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। खीरे का रस, पुदीने की पत्तियां, नींबू का रस और थोड़ा सा काला नमक मिलाकर एक बेहतरीन डिटॉक्स ड्रिंक तैयार किया जा सकता है। यह ड्रिंक शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है और तुरंत ठंडक देता है।

     आम पन्ना: पारंपरिक स्वाद के साथ हेल्दी कूलिंग
    कच्चे आम से बनने वाला आम पन्ना भारतीय घरों में गर्मियों की शान माना जाता है। इसमें कच्चे आम को उबालकर उसका गूदा निकाला जाता है और फिर इसमें भुना जीरा, काला नमक, पुदीना और पानी मिलाया जाता है। यह न केवल लू से बचाता है बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस भी बनाए रखता है।

     नारियल पानी स्पेशल मिक्स ड्रिंक
    नारियल पानी अपने आप में एक परफेक्ट हाइड्रेटिंग ड्रिंक है, लेकिन इसे और भी स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें नींबू का रस और कुछ मिंट लीव्स मिलाई जा सकती हैं। यह ड्रिंक तुरंत एनर्जी देती है और शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखती है।

     तरबूज कूलर: गर्मी का सबसे मीठा समाधान
    तरबूज में 90% से अधिक पानी होता है, जो इसे एक बेहतरीन समर फ्रूट बनाता है। इसका जूस बनाकर उसमें थोड़ा नींबू और मिंट मिलाने से यह एक रिफ्रेशिंग ड्रिंक बन जाता है। यह शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ स्किन के लिए भी फायदेमंद है।

     नींबू-पानी विद हनी: सिंपल लेकिन असरदार ड्रिंक
    नींबू पानी गर्मियों का सबसे आसान और प्रभावी पेय है। इसमें शहद मिलाने से यह और भी हेल्दी हो जाता है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है।

    गर्मियों में शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए नेचुरल और घर पर बने ड्रिंक्स सबसे अच्छा विकल्प हैं। ये न सिर्फ शरीर को ठंडक देते हैं बल्कि लंबे समय तक फिट और एक्टिव रहने में मदद करते हैं। इसलिए इस गर्मी में बाजार के ड्रिंक्स से दूरी बनाएं और इन हेल्दी विकल्पों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

  • स्वस्थ रहने का राज: गर्मियों में इम्यून सिस्टम मजबूत करने के असरदार तरीके

    स्वस्थ रहने का राज: गर्मियों में इम्यून सिस्टम मजबूत करने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली ।  गर्मी का मौसम जहां एक तरफ तेज धूप और गर्म हवाएं लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह शरीर के लिए कई तरह की स्वास्थ्य चुनौतियां भी खड़ा करता है। इस दौरान सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, पेट की समस्याएं और डिहाइड्रेशन जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण कमजोर इम्यूनिटी यानी शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता का कम होना है।
    हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इम्यून सिस्टम मजबूत हो, तो शरीर कई तरह की बीमारियों से खुद ही लड़ सकता है। इसके लिए दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करना सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
    संतुलित आहार से बढ़ाएं शरीर की ताकत
    इम्यूनिटी को मजबूत बनाने की शुरुआत आपकी थाली से होती है। स्वस्थ और संतुलित आहार शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। रोजाना के भोजन में फल, हरी सब्जियां, दालें, अनाज, नट्स और दही को शामिल करना बेहद जरूरी है। ये सभी चीजें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं।वहीं, ज्यादा चीनी, जंक फूड और तले-भुने खाने से दूरी बनाना जरूरी है क्योंकि ये चीजें इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती हैं।

    पूरी नींद है मजबूत इम्यूनिटी की कुंजी
    शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद इम्यून सिस्टम को एक्टिव और मजबूत बनाए रखती है। नींद के दौरान शरीर अपनी मरम्मत करता है और नई ऊर्जा तैयार करता है। अगर नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है, जिससे बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

    नियमित व्यायाम से बढ़ेगा स्टैमिना और इम्यून पावर
    हर दिन कम से कम 30 से 45 मिनट तक हल्का व्यायाम, योग या वॉक करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में सूजन कम होती है। नियमित शारीरिक गतिविधि न सिर्फ शरीर को फिट रखती है, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाती है, जिससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है।

     तनाव को करें कंट्रोल, इम्यूनिटी रहेगी मजबूत
    ज्यादा तनाव लेना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर सीधा असर डालता है। तनाव हार्मोन शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर सकते हैं। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य का। ध्यान, प्राणायाम, संगीत सुनना या अपनी पसंदीदा गतिविधियों में समय बिताना तनाव कम करने के बेहतरीन तरीके हैं। शांत मन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।

     शरीर को हाइड्रेट रखना है बेहद जरूरी
    गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और कोशिकाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं। इसके साथ ही नींबू पानी, छाछ और हर्बल टी का सेवन भी शरीर को ठंडक देता है और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है।

    छोटी आदतें, बड़ा स्वास्थ्य लाभ
    गर्मी में बीमारियों से बचने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार, अच्छी नींद, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और पर्याप्त हाइड्रेशन जैसी आदतें अपनाकर शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। ये आसान उपाय न सिर्फ मौसमी बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीने में भी मदद करते हैं।

  • वास्तु टिप्स: सोमवार को इन कामों से बचें, नहीं तो घर में बढ़ सकती है नकारात्मकता

    वास्तु टिप्स: सोमवार को इन कामों से बचें, नहीं तो घर में बढ़ सकती है नकारात्मकता


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। यह दिन मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और पारिवारिक सुख-समृद्धि से जुड़ा हुआ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोमवार को किए गए कुछ कार्य घर के वातावरण और व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालते हैं। यदि इस दिन कुछ खास बातों का ध्यान न रखा जाए, तो घर में वास्तु दोष बढ़ सकता है, जिससे तनाव, आर्थिक परेशानियां और नकारात्मकता बढ़ने लगती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, सोमवार के दिन घर की दिशा, साफ-सफाई और पूजा-पाठ से जुड़े नियमों का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण कायम रहता है।

    सोमवार को इन बातों का रखें विशेष ध्यान
    घर का मुख्य द्वार रखें साफ और व्यवस्थित
    वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे को ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। सोमवार के दिन मुख्य द्वार के आसपास गंदगी, जूते-चप्पल या टूटा सामान नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर सकती है।मुख्य दरवाजे पर जल छिड़ककर और साफ-सफाई करके सकारात्मक वातावरण बनाया जा सकता है।

    उत्तर दिशा में रखें पानी का पात्र

    सोमवार का संबंध चंद्र ग्रह और जल तत्व से माना जाता है। वास्तु के अनुसार, घर की उत्तर दिशा में पानी से भरा पात्र या छोटा कलश रखना शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।

     भगवान शिव की पूजा से दूर होता है वास्तु दोष

    सोमवार को भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और वास्तु दोष शांत होने लगते हैं। अगर संभव हो तो शाम के समय घर में कपूर या घी का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।

     सोमवार को न करें ये गलतियां

    वास्तु शास्त्र के अनुसार सोमवार के दिन कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए-

    घर में बेवजह झगड़ा या विवाद न करें
    रसोईघर में गंदगी न छोड़ें
    टूटी हुई वस्तुएं घर में न रखें
    देर तक सोने और आलस्य से बचें
    घर के उत्तर-पूर्व कोने को गंदा न रखें
    इन आदतों से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और मानसिक तनाव भी बढ़ने लगता है।


    सफेद चीजों का प्रयोग माना जाता है शुभ

    सोमवार को सफेद रंग का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन सफेद वस्त्र पहनना, दूध, चावल या सफेद मिठाई का दान करना शुभ फल देता है। इससे चंद्र ग्रह मजबूत होता है और मन शांत रहता है।

     छोटी सावधानियां बदल सकती हैं घर की ऊर्जा

    वास्तु शास्त्र में सोमवार को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन की गई छोटी-छोटी सावधानियां घर में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि लाने में मदद कर सकती हैं। यदि नियमित रूप से इन वास्तु नियमों का पालन किया जाए, तो जीवन में संतुलन और खुशहाली बनी रह सकती है।

  • अब नहीं जाना पड़ेगा दफ्तर: कार्यस्थल उत्पीड़न की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा शुरू

    अब नहीं जाना पड़ेगा दफ्तर: कार्यस्थल उत्पीड़न की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा शुरू


    नई दिल्ली । कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब महिलाएं किसी भी तरह के यौन उत्पीड़न या बदसलूकी की शिकायत सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म SHE-Box पोर्टल के जरिए दर्ज कर सकती हैं। यह व्यवस्था महिलाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और तेज शिकायत समाधान प्रणाली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई है।

    क्या है SHE-Box पोर्टल?
    SHE-Box (Sexual Harassment Electronic Box) एक डिजिटल शिकायत मंच है, जहां सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन उत्पीड़न को रोकना और शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाना है।
    जैसे ही कोई शिकायत दर्ज होती है, संबंधित संस्था और अधिकारियों को इसकी सूचना तुरंत मिल जाती है, जिससे कार्रवाई में तेजी आती है।

     शिकायत प्रक्रिया हुई आसान और पारदर्शी
    इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महिलाएं घर बैठे ही शिकायत दर्ज कर सकती हैं। अब उन्हें किसी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, महिलाएं अपनी शिकायत की स्थिति (स्टेटस) भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकती हैं। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनती है।

    सभी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधा
    SHE-Box पोर्टल का उपयोग सरकारी कार्यालयों, निजी कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य कार्यस्थलों पर काम करने वाली सभी महिलाएं कर सकती हैं। यह व्यवस्था 2013 के उस कानून के तहत मजबूत की गई है, जिसके अनुसार हर संस्थान में Internal Complaints Committee (ICC) बनाना अनिवार्य है।

     महिलाओं के अधिकारों को मिलेगा और मजबूती
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाते हैं। कार्यस्थल पर यदि किसी महिला को मानसिक उत्पीड़न, गलत व्यवहार या छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है, तो वह बिना डर के शिकायत दर्ज कर सकती है। यह प्रणाली न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि कार्यस्थल पर सम्मान और समानता का माहौल बनाने में भी मदद करती है।

     डिजिटल सिस्टम से बढ़ी सुरक्षा और भरोसा
    SHE-Box पोर्टल महिलाओं के लिए एक मजबूत डिजिटल सुरक्षा कवच साबित हो रहा है। यह न केवल शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान बनाता है, बल्कि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करके महिलाओं के भरोसे को भी मजबूत करता है। यह पहल कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • बांग्लादेश में बड़ा फैसला: चिन्मय दास को जमानत नहीं, वकील हत्या केस में ट्रायल जारी

    बांग्लादेश में बड़ा फैसला: चिन्मय दास को जमानत नहीं, वकील हत्या केस में ट्रायल जारी




    नई दिल्ली। बांग्लादेश से जुड़ा एक बड़ा कानूनी मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां हाईकोर्ट ने हिंदू साधु चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि चटग्राम में चल रहे 2024 के वकील हत्या मामले का ट्रायल अभी शुरुआती और अहम चरण में है, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, इसलिए इस समय जमानत देना उचित नहीं होगा।

    यह मामला चटग्राम के वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या से जुड़ा हुआ है, जिसमें कुल 39 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इनमें से कुछ आरोपी हिरासत में हैं, जबकि कई अब भी फरार बताए जा रहे हैं। इसी केस के चलते चिन्मय कृष्ण दास न्यायिक हिरासत में हैं और उन पर देशद्रोह सहित अन्य गंभीर आरोप भी पहले लगाए गए थे।

    अदालत की दो सदस्यीय बेंच ने यह भी कहा कि जब ट्रायल सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा हो और सबूतों व गवाहों की सुनवाई जारी हो, तो जमानत पर विचार करना प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका अस्वीकार की गई है।

    इससे पहले भी चिन्मय कृष्ण दास को एक अन्य मामले में जमानत मिली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी। उनकी गिरफ्तारी और उनके संगठन से जुड़े आंदोलनों को लेकर बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी बहस हुई थी, साथ ही भारत ने भी इस मामले पर चिंता जताई थी।

    कुल मिलाकर यह मामला अब केवल एक कानूनी ट्रायल नहीं रहा, बल्कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक मुद्दों और राजनीतिक तनाव से भी जुड़ता दिख रहा है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

  • किम जोंग-उन पर हमला हुआ तो तुरंत न्यूक्लियर पलटवार की चेतावनी, उत्तर कोरिया का सख्त रुख बढ़ा

    किम जोंग-उन पर हमला हुआ तो तुरंत न्यूक्लियर पलटवार की चेतावनी, उत्तर कोरिया का सख्त रुख बढ़ा



    नई दिल्ली। उत्तर कोरिया को लेकर हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि देश ने अपनी परमाणु नीति में एक बेहद सख्त और नया प्रावधान जोड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की हत्या होती है या किसी बाहरी हमले में देश की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था प्रभावित होती है, तो उत्तर कोरिया को तत्काल परमाणु जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार दिया जा सकता है।

    इन दावों के अनुसार यह बदलाव उत्तर कोरिया की उस पुरानी रणनीति को और मजबूत करता है जिसमें नेतृत्व और शासन को सीधे देश की “राष्ट्रीय सुरक्षा और अस्तित्व” से जोड़ा जाता है। कहा जा रहा है कि हाल के वर्षों में दुनिया में कुछ देशों के खिलाफ हुए तेज और लक्षित सैन्य अभियानों ने उत्तर कोरिया की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है, खासकर ऐसे हमलों को लेकर जो किसी देश की टॉप लीडरशिप को निशाना बनाते हैं।

    विशेषज्ञों के हवाले से यह भी कहा गया है कि उत्तर कोरिया लंबे समय से अपनी सुरक्षा व्यवस्था को बेहद गुप्त और मजबूत बनाए हुए है, लेकिन आधुनिक निगरानी तकनीक और सैटेलाइट सिस्टम की बढ़ती क्षमता ने उसके रणनीतिक चिंता स्तर को और बढ़ा दिया है। इसी कारण वह अपनी परमाणु नीति को और अधिक आक्रामक और “तुरंत जवाबी कार्रवाई” की दिशा में ढाल रहा है।

    हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ये जानकारी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और विश्लेषणों पर आधारित है और किसी स्वतंत्र आधिकारिक दस्तावेज़ से इसकी पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे एक रणनीतिक और राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, न कि पूरी तरह से घोषित और औपचारिक कानून के रूप में।

    कुल मिलाकर यह घटनाक्रम यह दिखाता है कि उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा और नेतृत्व को लेकर पहले से कहीं ज्यादा संवेदनशील और सख्त रुख अपना रहा है, और वह किसी भी संभावित खतरे को अपने अस्तित्व से जोड़कर देख रहा है।

  • बांदा: जमीन के लालच में कलयुगी बेटे ने मां और भाई को भूना, दोहरे हत्याकांड से कांपा इलाका

    बांदा: जमीन के लालच में कलयुगी बेटे ने मां और भाई को भूना, दोहरे हत्याकांड से कांपा इलाका


    नई दिल्ली। बबेरू कोतवाली क्षेत्र में रविवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक शख्स ने मामूली जमीनी विवाद में अपने ही परिवार का खून बहा दिया। तहसील परिसर के पीछे रहने वाले राजकिशोर उर्फ गोविंद ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से अपनी 60 वर्षीय मां (शांति देवी) और 40 वर्षीय छोटे भाई (देवीदीन) की गोली मारकर हत्या कर दी।

    पुश्तैनी जमीन को पिता द्वारा बेचे जाने का विरोध और घरेलू मनमुटाव।आरोपी ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग की।बीच-बचाव करने आई आरोपी की पत्नी प्रभा भी इस हमले में घायल हुई है।फायरिंग की आवाज से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया; वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार।

    विवाद से हत्याकांड तक की कहानी
    जानकारी के मुताबिक, राजकिशोर अपने पिता द्वारा पुश्तैनी जमीन बेचे जाने से नाराज था। रविवार सुबह इसी बात को लेकर घर में कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ा कि राजकिशोर ने अपना आपा खो दिया। जब उसकी पत्नी प्रभा ने उसे शांत करने की कोशिश की, तो वह भी चोटिल हो गई। इससे गुस्साए राजकिशोर ने घर में रखी बंदूक निकाली और मां व भाई पर गोलियां बरसा दीं।

    पड़ोसी जब तक मौके पर पहुंचे, दोनों लहूलुहान होकर गिर चुके थे। पुलिस ने फौरन दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई और एसपी का बयान
    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) पलाश बंसल ने खुद कमान संभाली है। उन्होंने बताया,शुरुआती जांच में यह पुश्तैनी जमीन की बिक्री से जुड़ा विवाद लग रहा है। आरोपी के पिता ने जमीन बेची थी, जिससे वह क्षुब्ध था। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।

  • कम बजट में SUV खरीदने का सपना होगा पूरा, Kia Syros पर मिल रहा शानदार डिस्काउंट और प्रीमियम फीचर्स का फायदा

    कम बजट में SUV खरीदने का सपना होगा पूरा, Kia Syros पर मिल रहा शानदार डिस्काउंट और प्रीमियम फीचर्स का फायदा

    नई दिल्ली । एक व्यक्ति लंबे समय से अपनी जरूरतों और बजट के अनुसार एक नई SUV खरीदने की योजना बना रहा था। उसका लक्ष्य था कि उसे एक ऐसा वाहन मिले जो दिखने में स्टाइलिश हो, फीचर्स में आधुनिक हो और कीमत के मामले में भी उसकी पहुंच में हो। लेकिन बाजार में उपलब्ध कई विकल्पों को देखने के बाद भी वह किसी एक मॉडल पर निर्णय नहीं ले पा रहा था।

    कुछ समय बाद उसे एक ऐसी SUV के बारे में जानकारी मिली जो खास तौर पर बजट और फीचर्स के संतुलन के लिए जानी जाती है। यह SUV उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प मानी जा रही है जो कम कीमत में प्रीमियम अनुभव चाहते हैं। इसकी शुरुआती कीमत लगभग 8.40 लाख रुपये के आसपास है, जिससे यह 10 लाख रुपये के बजट में आने वाले खरीदारों के लिए काफी उपयुक्त बन जाती है।

    दिलचस्प बात यह है कि इस समय इस SUV पर एक विशेष ऑफर भी दिया जा रहा है, जिसने इसे और भी आकर्षक बना दिया है। इस ऑफर के तहत ग्राहकों को कुल मिलाकर लगभग 50,000 रुपये तक का लाभ मिल सकता है। इसमें अलग-अलग प्रकार की छूट शामिल है, जिससे खरीदारी का कुल खर्च कम हो जाता है और ग्राहकों को अतिरिक्त बचत का फायदा मिलता है।

    यह SUV कई वेरिएंट में उपलब्ध है, जिससे ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सही मॉडल चुन सकते हैं। बेस वेरिएंट उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो सीमित बजट में एक भरोसेमंद SUV चाहते हैं, जबकि उच्च वेरिएंट में अधिक फीचर्स और प्रीमियम सुविधाएं मिलती हैं।

    इस वाहन में पेट्रोल और डीजल दोनों प्रकार के इंजन विकल्प दिए गए हैं। पेट्रोल इंजन बेहतर ड्राइविंग अनुभव और स्मूद परफॉर्मेंस प्रदान करता है, जबकि डीजल इंजन अधिक टॉर्क और लंबी दूरी के लिए बेहतर माइलेज देने में सक्षम है। इसके साथ ही इसमें अलग-अलग ट्रांसमिशन विकल्प भी मौजूद हैं, जिससे ड्राइविंग और भी आसान और आरामदायक बन जाती है।

    फीचर्स के मामले में यह SUV आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें बड़ा डिजिटल डिस्प्ले, पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड सीट्स और कई स्मार्ट कनेक्टेड फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा इसका डिजाइन भी काफी आकर्षक और प्रीमियम फील देता है, जो इसे अपने सेगमेंट में एक अलग पहचान दिलाता है।