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  • मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित

    मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के प्रयासों के फलस्वरूप मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित ‘आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट’ में प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को प्रतिष्ठित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है।

    इसके साथ ही पचमढ़ी यह अंतरराष्ट्रीय गौरव हासिल करने वाला देश का पहला हिल स्टेशन बन गया है। मप्र टूरिज्म बोर्ड की ओर से उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया। यह प्रमाणन नीदरलैंड स्थित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान किया जाता है, जो ‘ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल’ से मान्यता प्राप्त संस्था है।

    मप्र के पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने गुरुवार को उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश पर्यटन नित नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पचमढ़ी को मिला यह ‘ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि हम पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को सहेजने में भी अग्रणी हैं। यह उपलब्धि पचमढ़ी को वैश्विक स्तर पर एक ‘सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करेगी, जिससे यहाँ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

    मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी ने कहा कि यह सम्मान पचमढ़ी में विरासत संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन ऊर्जा और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की वैश्विक पहचान है। इस उपलब्धि के साथ ही अब पचमढ़ी देश के अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों और इको-टूरिज्म साइट्स के लिए एक ‘रेप्लिकेबल मॉडल’ (अनुकरणीय मॉडल) के रूप में उभरा है। यह मान्यता प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को और अधिक सशक्त बनाएगी।

    स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मानक

    ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस’ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित प्रमाणन कार्यक्रम है, जो आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता के 3 मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है।

    कठोर परीक्षण में मिली सफलता

    पचमढ़ी का चयन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित एक अत्यंत जटिल और सूक्ष्म मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया। इसके तहत डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रकृति एवं परिदृश्य, पर्यावरण और जलवायु, संस्कृति एवं परंपरा, सामाजिक कल्याण और व्यापारिक संचार जैसे 6 प्रमुख विषयों के 75 कड़े मापदंडों पर पचमढ़ी का परीक्षण किया गया। मूल्यांकन में पचमढ़ी ने 10 में से 6.5 का स्कोर और 40% का GSTC अनुपालन स्तर हासिल किया।

    पर्यटन बोर्ड के प्रयासों का परिणाम

    मप्र टूरिज्म बोर्ड द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। इस परियोजना के तहत नवंबर 2025 में पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके बाद व्यापक फील्ड वर्क, डेटा कलेक्शन और दस्तावेजीकरण किया गया। फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऑडिटर द्वारा ऑन-साइट ऑडिट के बाद इस उपलब्धि पर मुहर लगी।

  • गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को न हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को न हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। जिला कलेक्टर पंजीकृत किसानों में से चिन्हित किसानों के सत्यापन, उपार्जन केन्द्रों पर बारदानों की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान के लिए शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित अभियान की राज्य स्तरीय बैठक के बाद जिला कलेक्टर्स से वर्चुअल संवाद में दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक होगा और शेष संभागों जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चम्बल व सागर में 23 मार्च से 12 मई तक किया जाएगा। किसान अपना पंजीयन 7 मार्च तक करा सकेंगे।

    मुख्यमंत्री ने उपार्जन केन्द्रों का समय-सीमा में निर्धारण, उनकी स्थापना और इन केन्द्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य में लगे अमले के उपयुक्त प्रशिक्षण सहित जिला उपार्जन समिति द्वारा नियमित बैठक कर समस्याओं के त्वरित निदान की व्यवस्था की जाए। किसानों को अद्यतन जानकारियां सरलता से उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित हो।

    मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर्स को खाड़ी देशों में वर्तमान में निर्मित अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए इन देशों में रह रहे जिले के विद्यार्थियों, नागरिकों के परिवारों से सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली और वल्लभ भवन मंत्रालय में प्रदेशवासियों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिला स्तर पर ऐसे व्यक्तियों और परिवारों से कलेक्टर्स निरंतर समन्वय और सम्पर्क रखें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान का अंतिम चरण जारी है। अभियान के अंतर्गत 40 लाख आवेदनों का निराकरण हुआ है। अब 16 मार्च तक जिला स्तरीय शिविर लगना है। विकास और जनकल्याण की इस गतिविधि की जिला कलेक्टर सघन मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। अभियान में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कलेक्टर्स जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और परिणाम देंगे वे ही मैदान में रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा।

    मुख्यमंत्री ने जिलों में वीसी सेटअप के संबंध में आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांर्ढुणा, बालाघाट, भोपाल जिलों को तत्काल कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीसी सेटअप से सभी विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को पंचायत स्तर तक संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे विकास और जनकल्याण के कार्यों की समीक्षा में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्तर के विजन डॉक्यूमेंट के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि शासन और व्यवस्था के संबंध में मिथ्या या भ्रम फैलाने वाली जानकारियों का जिला स्तर पर तत्काल प्रभावी रूप से खंडन किया जाए। सोशल मीडिया के युग में ऐसी गतिविधियों पर त्वरित रूप से वस्तुस्थिति रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में शाला और महाविद्यालयीन स्तर पर परीक्षाओं का समय चल रहा है। जिला अधिकारी शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावासों, विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण आवश्यक रूप से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षाओं का संचालन और आगामी सत्रारंभ निर्विघ्न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अधिकारियों को जिला स्तर पर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अधिकारियों-कर्मचारियों से कार्यालयीन समय का पालन करने की अपेक्षा है। इस संबंध में गत दिवस मंत्रालय में कार्यालयीन समय अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर्स द्वारा अपने स्तर पर इस प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। कार्यालयीन स्टॉफ को दी गई सुविधाएं, उनका अधिकार है, इसके साथ उनसे नियमानुसार कार्य लेना भी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं आया तो राज्य में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शासकीय कार्यालयों में आम नागरिकों के लिए सुगम व्यवस्था स्थापित करना हमारा उद्देश्य है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिलों में होने वाले परम्परागत मेलों में कृषि-पशुपालन आदि क्षेत्र में नवाचार करने वालों या विशेष उपलब्धि अर्जित करने वालों की प्रदर्शनी लगाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर होम-स्टे को प्रोत्साहित करने के भी कलेक्टर्स को निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, संजय दुबे, नीरज मंडलोई, दीपाली रस्तोगी, शिवशेखर शुक्ला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में समस्त जिला कलेक्टर्स वर्चुअली शामिल हुए।

  • मध्य प्रदेश में जल संवर्धन के हो रहे हैं अच्छे प्रयास: केन्द्रीय मंत्री पाटिल

    मध्य प्रदेश में जल संवर्धन के हो रहे हैं अच्छे प्रयास: केन्द्रीय मंत्री पाटिल


    भोपाल।
    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए किये गये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जल संवर्धन और सरंक्षण के अच्छे प्रयास किये जा रहे हैं।

    केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि मध्य प्रदेश के बड़े भू-भाग में वन हैं। मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र के बाद सर्वाधिक बांध हैं। मध्य प्रदेश अपनी नदियों और बांधों से उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, बिहार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को पानी दे रहा है। जल गंगा जन भागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश के खण्डवा जिले को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। खण्डवा की तरह प्रदेश के हर जिले में जल संरक्षण का प्रयास करें। लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने का भी अभियान चलाए। आमजनता की भागीदारी से ही जल संरक्षण का अभियान पूरा होगा।

    उन्होंने कहा कि हर पक्के भवन में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर छत का पानी धरती में पहुंचाए। हर बड़े खेत में वर्षा जल को धरती में भेजने के लिए रिचार्जिंग संरचना का निर्माण कराएं। गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रहेगा, तभी जल संवर्धन होगा। गांव में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने पर खेती समृद्ध होगी और किसान खुशहाल होगा। वनों में भी हर बड़े वृक्ष के पास जल संरक्षण के लिए कंटूर और ट्रेन्च बनाएं।

    बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल संरक्षण के आहवान पर मध्य प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लगातार जल संरक्षण के प्रयास किये जा रहे हैं। गत वर्ष खण्डवा जिले में एक लाख 29 हजार जल संरचनाओं का निर्माण करके देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्य प्रदेश में पिछले दो वर्षों में जल संरक्षण के लिए 2 लाख 79 हजार जल संरक्षण का निर्माण किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है। नदियों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई तथा वृक्षारोपण का अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी चंबल नदी से यमुना नदी को सोन नदी से गंगा नदी को शक्ति मिलती है। हमारी नदियों में जल संचय का स्राेत हमारे वन हैं। वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू कर रहे हैं। सभी कलेक्टर कार्ययोजना बनाकर जल संरक्षण के कार्य शुरू कराएं। प्रदेश को जल संरक्षण में देश में प्रथम स्थान पर लाना है। नहरों की साफ-सफाई, हैण्डपंप में रिचार्ज पिट तथा हर पक्के भवन में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था कराएं।

    बैठक में जल शक्ति विभाग के सचिव बीएल कांता राव ने जल गंगा जन भागीदारी अभियान की उपलब्धियों तथा मध्य प्रदेश के कार्यों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों, कार्ययोजना एवं गत वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में खण्डवा, राजगढ़ और इंदौर जिलों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।

  • शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन पर विदिशा में शुरू की मामा कोचिंग

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन पर विदिशा में शुरू की मामा कोचिंग


    विदिशा।
    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिक्षा ही वह माध्यम है जो युवाओं के भविष्य को संवार सकती है और समाज को आगे ले जा सकती है।

    केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान गुरुवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर विदिशा के रविंद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक ऑडिटोरियम भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में अपने माता-पिता की स्मृति को सहेजते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए मामा कोचिंग का शुभांरभ किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद रहीं।

    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर ‘प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान’ की भी शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत टॉपर्स को क्रमशः 51 हजार, 31 हजार और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

    उन्होंने कहा कि केवल विधानसभा स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे विदिशा लोकसभा क्षेत्र में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष बड़े पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास रहेगा कि क्षेत्र का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए और मेधावी छात्रों को सम्मान व प्रोत्साहन देकर उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिले।

    मामा कोचिंग क्लासेस से युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि युवाओं का भविष्य संवारना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से मामा कोचिंग क्लासेस शुरू की जा रही है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि इस पहल की शुरुआत विदिशा, रायसेन और भैरूंदा से की जा रही है। यहां विद्यार्थियों को बैंकिंग, एसएससी, एमपीपीएससी, डीआरडीओ और फॉरेस्ट सर्विस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

    उन्होंने कहा कि इन कोचिंग क्लासेस में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सामग्री और परीक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सही दिशा और संसाधन मिलने पर ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थी भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

    शिवराज सिंह ने कहा कि मेरा उद्देश्य यह है कि विदिशा क्षेत्र का कोई भी युवा केवल संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से वंचित न रह जाए। मामा कोचिंग क्लासेस के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और वो देश की विभिन्न सेवाओं में जाकर समाज और राष्ट्र की सेवा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के हर चरण में सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए। अगर कोई युवा व्यवसाय या व्यापार शुरू करना चाहता है और उसे बैंक से ऋण की जरूरत है, तो उसे यह भी समझना चाहिए कि बैंक लोन की प्रक्रिया क्या है और सरकारी योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी का लाभ कैसे लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोशिश रहेगी कि युवाओं को इन सभी विषयों की जानकारी विस्तार से दी जाए, ताकि वो आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें।

    इस अवसर पर विधायकगण सूर्यप्रकाश मीणा व हरिसिंह सप्रे, विदिशा जनपद अध्यक्ष वीर सिंह रघुवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तोरण सिंह दांगी, महाराज सिंह दांगी, राकेश शर्मा, राकेश जादौन समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

  • उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में फाग उत्सव:महिलाओं और युवतियों ने फूलों-गुलाल से खेली होली

    उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में फाग उत्सव:महिलाओं और युवतियों ने फूलों-गुलाल से खेली होली

    उज्जैन। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में होली के दूसरे दिन फाग उत्सव बड़े भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भजन-कीर्तन के बीच फूलों और गुलाल से होली खेली। भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की शिक्षा स्थली पर श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते हुए उत्सव का आनंद लिया।

    आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन की मधुर धुनें गूंजती रहीं। “रंग मत डाले रे कान्हा”, “जुल्म कर डारयो सितम कर डारयो” और “आज ब्रज में होली रे रसिया” जैसे भजनों पर महिलाएं झूमती और नाचती नजर आईं। भक्ति संगीत के बीच पूरा आश्रम परिसर उत्सवमय हो गया और श्रद्धालु भगवान की भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।

    उज्जैन को महाकाल की नगरी और भक्ति भाव की नगरी कहा जाता है। यहां अनेक प्राचीन मंदिर और धार्मिक परंपराएं हैं, जिनमें होली का पर्व भी विशेष तरीके से मनाया जाता है। सांदीपनि आश्रम में आयोजित यह फाग उत्सव इन्हीं प्राचीन परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    कीर्ति व्यास ने बताया कि होली का पर्व रंगपंचमी तक पांच दिनों तक मनाया जाता है। इसी परंपरा के तहत दूज के दिन भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ फूलों और गुलाल से होली खेली जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु भी आश्रम पहुंचते हैं और भजन-कीर्तन के बीच फाग उत्सव का आनंद लेते हैं।

    कमला देवी व्यास ने आगे कहा कि सांदीपनि आश्रम में हर साल फाग उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगकर इस आयोजन में शामिल होते हैं। यह उत्सव प्रतिवर्ष बड़े आनंद और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

  • भोपाल में कल बिजली कटौती, 25 इलाकों में असर: विनीतकुंज, बंजारी-बर्रई में सप्लाई बाधित

    भोपाल में कल बिजली कटौती, 25 इलाकों में असर: विनीतकुंज, बंजारी-बर्रई में सप्लाई बाधित



    नई दिल्ली। होली की छुट्टियों के बाद राजधानी में शुक्रवार से बिजली लाइनों का मेंटेनेंस शुरू होगा। इसके चलते लगभग 25 इलाकों में 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। विभाग ने लोगों से जरूरी काम पहले निपटाने और बिजली के विकल्प सुनिश्चित करने की अपील की है।

    असर वाले इलाके और समय
    सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक: विनीतकुंज ए सेक्टर, सीआई हाइट्स, आइना बंगलो, राजहर्ष कॉलोनी, बंजारी डी सेक्टर और आसपास।
    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक: बरेलागांव, आदर्श नगर, नई बस्ती, मीरपुर, जाट एरिया, कैम्प नंबर-12, सत्यम नगर, मथाई नगर, नंदा नगर और आसपास।
    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक: वल्लभ भवन, एमएलए रेस्ट हाउस, मालवीय नगर, एमएलए क्वार्टर, देवकी नगर, गैस राहत, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और आसपास।
    दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक: बर्रई, कस्तूरी होम्स कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र।

    जानकारी और सुझाव
    बिजली कटौती मेंटेनेंस के चलते की जा रही है।
    लोग अपने जरूरी काम, घरेलू उपकरण और बिजली पर निर्भर सेवाओं को पहले से संभाल लें।
    विभाग ने कहा कि कटौती के दौरान बिजली आपातकालीन सेवाओं के लिए उपलब्ध रहेगी।
    भोपाल में कल 25 इलाकों में मेंटेनेंस के कारण 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। विनीतकुंज, बंजारी, बर्रई, मालवीय नगर और आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे।

  • मंदाना करीमी भारत छोड़ेंगी: कहा‑ भारत ने मुझे धोखा दिया, काम मिलना बंद, ईरान आज़ाद होते ही लौटूंगी

    मंदाना करीमी भारत छोड़ेंगी: कहा‑ भारत ने मुझे धोखा दिया, काम मिलना बंद, ईरान आज़ाद होते ही लौटूंगी



    नई दिल्ली। ईरानी मूल की बॉलीवुड अभिनेत्री मंदाना करीमी ने बड़ा बयान दिया है कि वह जल्द ही भारत छोड़कर अपने देश ईरान लौटने का निर्णय कर चुकी हैं। उन्होंने कहा है कि भारत में अब उनकी कोई आवाज़ नहीं बची है और उन्हें ‘भारत ने धोखा दिया’ जैसा महसूस हो रहा है।

    मंदाना, जिन्होंने कई फिल्मों और रियलिटी शो में अपनी पहचान बनाई थी, ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने अपना सारा सामान पहले से ही पैक कर लिया है और जैसे ही ईरान में मौजूदा शासन बदलने का ऐलान होगा, वह तुरंत वहीं लौट जाएँगी। उन्होंने कहा कि वह भारत से अब अपना नाता तोड़ रही हैं।

    क्या कहा मंदाना ने?
    मंदाना ने कहा, “मैं भारत से ब्रेकअप कर रही हूँ। भारत ने मुझे मॉडलिंग और एक्टिंग करियर दिया, लेकिन अब मुझे लगता है कि यहाँ मेरी आवाज़ नहीं सुनी जाती।
    उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें काम बिल्कुल नहीं मिल रहा और उनके कई कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिए गए हैं। इसका कारण वह अपनी खुली राय और ईरान के समर्थन में प्रदर्शन मानती हैं।

    मंदाना ने कहा कि मुंबई में अकेलापन महसूस हुआ, और कुछ पुराने दोस्त भी उनसे दूर हो गए क्योंकि उन्होंने बहुत खुले तौर पर राय व्यक्त की।

    ईरान के प्रति उनकी राय
    मंदाना ने कहा कि उनका सपना एक ऐसा ईरान है जहाँ महिलाएं आज़ाद हों, अपनी मर्जी के कपड़े पहन सकें और किसी भी यूनिवर्सिटी में पढ़ सकें। उन्होंने कहा कि ईरान में राजनीतिक बदलाव आने पर वह तुरंत वापस चली जाएँगी।

    काम और मीडिया में गिरावट
    एक अन्य इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 से उन्हें काम मिलना लगभग बंद हो गया, और कई कॉन्ट्रैक्ट भी कैंसिल हो गए। मंदाना ने यह अपने राजनीतिक बयान और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने से जोड़कर बताया।
    कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उन्होंने भारतीय मीडिया पर ‘एकतरफ़ा कवरेज़’ का आरोप लगाया है और चाहती हैं कि वैकल्पिक आवाज़ों को भी मंच मिले।


    उनका बॉलीवुड सफर
    मंदाना करीमी का जन्म तेहरान, ईरान में हुआ।
    वह 2010 में मॉडलिंग के लिए भारत आईं और 2013 से मुंबई में ही बस गईं।
    उन्होंने ‘क्या कूल हैं हम 3’, ‘मैं और चार्ल्स’, ‘भाग जॉनी’ जैसी फिल्मों में काम किया और ‘बिग बॉस’ और ‘लॉकअप’ जैसे रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया।
    2017 में उनका भारतीय बिजनेसमैन गौरव गुप्ता से विवाह हुआ, लेकिन 2021 में उनका तलाक हो गया था।
    मंदाना करीमी ने कहा है कि वह भारत छोड़ेंगी क्योंकि उन्हें लगता है कि यहाँ उनकी आवाज़ दब गई है और उन्हें धोखा महसूस हुआ है। उन्होंने कहा है कि काम मिलना बंद हो गया है और कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो गए हैं। वह ईरान में बदलाव आने पर वापस लौटना चाहती हैं, खासकर महिलाओं के अधिकारों और आज़ादी के लिए।उन्होंने भारतीय मीडिया पर भी आलोचनात्मक टिप्पणी की है कि रिपोर्टिंग एकतरफ़ा है।
  • उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेलगावी में श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर के राजगोपुरम और महाकुंभाभिषेकम समारोह का उद्घाटन किया

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेलगावी में श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर के राजगोपुरम और महाकुंभाभिषेकम समारोह का उद्घाटन किया

    नई दिल्ली :कर्नाटक के बेलगावी जिले के यदुर स्थित श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर में राजगोपुरम, कलशारोहण और महाकुंभाभिषेकम समारोह का उद्घाटन उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में एकत्रित श्रद्धालुओं और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए हिंदू चेतना, भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार साझा किए।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिंदू चेतना केवल रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की एक पद्धति है। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन और भारत की उस आध्यात्मिक दृष्टि पर बल दिया जो प्रकृति और प्रत्येक मनुष्य में दिव्यता के दर्शन करती है। उन्होंने वीर-शैव लिंगायत परंपरा के आध्यात्मिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया और बताया कि मठों और मंदिरों ने सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता के मूल्यों को पोषित करने में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।

    उपराष्ट्रपति ने शिव योगी श्री कदासिद्धेश्वर स्वामीजी की प्रेरणा और आध्यात्मिक दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समय के साथ ओझल हो चुके इस पवित्र स्थल का पुनरुद्धार किया। उन्होंने अटूट विश्वास के साथ कहा कि सनातन धर्म समय द्वारा परीक्षा ली जा सकती है, लेकिन इसे कभी मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने श्री कदासिद्धेश्वर मठ के उत्तराधिकारियों के अथक प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने दैनिक पूजा-अर्चना, अनुष्ठान और जीर्णोद्धार कार्यों को लगातार बनाए रखा।

    उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रतिपादित “विकास भी, विरासत भी” के विजन को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत का विकास और उसकी विरासत साथ-साथ चलने चाहिए। उन्होंने बताया कि आज का भारत तकनीकी रूप से उन्नत, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है, जबकि अपनी सभ्यतागत मूल्यों और लोकाचार में उसकी जड़ें उतनी ही गहरी हैं।

    राजगोपुरम के उद्घाटन को उपराष्ट्रपति ने आस्था के पुनर्मूल्यांकन और परंपरा की निरंतरता के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों का पुनरुद्धार केवल वास्तुकला का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागरूकता को पुनर्स्थापित करने का माध्यम है।

    इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, कर्नाटक सरकार के भारी एवं मध्यम उद्योग और अवसंरचना मंत्री श्री एम. बी. पाटिल, श्री श्रीशैल जगद्गुरु डॉ. चन्ना सिद्धराम पंडिताराध्य शिवाचार्य स्वामीजी, राज्यसभा सांसद श्री ईरन्ना कडाडी, धर्मगुरु और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी समारोह में शामिल हुए, जिन्होंने उद्घाटन और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पवित्र स्थल के महत्व को महसूस किया।

    उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में भारत की सनातन परंपरा, आध्यात्मिक दृष्टि और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों और धार्मिक संस्थाओं का पुनरुद्धार समाज में आत्मविश्वास और चेतना को मजबूत करता है। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं और पीठाधीश्वरों को अपने अनुभव और मार्गदर्शन साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। समारोह के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण में डूब गया, जिसमें राजगोपुरम का उद्घाटन और महाकुंभाभिषेकम विशेष आकर्षण रहे।

  • जूट बैग, सिलाई और हस्तशिल्प से महिलाओं का आत्मनिर्भर सफर, प्रधानमंत्री योजना कारगर

    जूट बैग, सिलाई और हस्तशिल्प से महिलाओं का आत्मनिर्भर सफर, प्रधानमंत्री योजना कारगर

    उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद चमोली में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल देखने को मिल रही है। भारत सरकार की ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ के तहत महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपना व्यवसाय चला रही हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाना है।

    चमोली में इस योजना के माध्यम से अब तक 200 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को जूट बैग निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने की विधिवत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से या व्यक्तिगत स्तर पर अपने व्यवसाय शुरू कर रही हैं। इससे न सिर्फ उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी इजाफा हुआ है।

    महिलाओं का कहना है कि इस योजना ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। अब वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में सक्रिय योगदान दे रही हैं। प्रशिक्षण से महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और नियमित आमदनी प्राप्त कर रही हैं। इसके साथ ही उन्हें उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन से संबंधित जानकारी भी दी जा रही है, ताकि उनका उत्पाद व्यापक बाजार में पहुंच सके।

    लाभार्थी सीमा नेगी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मुफ्त सिलाई सीखी और अब सिलाई मशीन से जूट बैग बना रही हैं। इसके अलावा वे महिलाओं के सूट और ब्लाउज सिलने का काम भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सरकार की यह पहल बहुत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण लेने के बाद महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं और किसी पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।

    चमोली में इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से छोटे व्यवसाय स्थापित कर लिए हैं। जूट बैग और हस्तशिल्प उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे उन्हें नियमित आय मिल रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाएं अब अपने व्यवसाय को विकसित कर रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

    प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का यह कदम महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और उत्साह लेकर आया है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि समाज में उनके स्थान और सम्मान में भी वृद्धि हुई है। प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया है और उन्होंने इसे पूरी लगन से अपनाया है।

    चमोली में महिलाओं की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बन रही है। यह योजना न सिर्फ रोजगार सृजन कर रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में महिलाओं की भूमिका को मजबूत कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

  • सुख, शांति और समृद्धि के रंग बिखेरती होली, मुख्यमंत्री निवास में मयूर नृत्य और ब्रज गीतों का आनंद

    सुख, शांति और समृद्धि के रंग बिखेरती होली, मुख्यमंत्री निवास में मयूर नृत्य और ब्रज गीतों का आनंद

    भोपाल में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में होली मिलन समारोह आयोजित किया, जहां संतों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया साथियों ने उत्साह और उमंग के साथ होली खेली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को इस पावन पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं दीं और कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे। उन्होंने समाज में सद्भाव, सकारात्मकता और एकता के रंग हमेशा चटकते रहने की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया। उन्होंने होली के इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ रंगों और गुलाल के आदान-प्रदान का आनंद लिया। समारोह में पधारे संतों से आशीर्वाद लिया और वरिष्ठ व गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया। गुलाल उड़ाकर पुष्प वर्षा के बीच सभी आगंतुकों का स्वागत करने के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेजबानी की गरिमा का परिचय दिया।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी और ब्रज एवं बरसाने के पारंपरिक होली गीतों का सस्वर गायन किया, जिसमें “रंग बरसे”, “होली के दिन दिल खिल जाते हैं”, “होली खेलें रघुवीरा” और “आज ब्रज में होली रे रसिया” शामिल थे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सुर में सुर मिलाकर कलाकारों ने सभी का उत्साह दोगुना कर दिया।

    मुख्यमंत्री निवास में समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों में राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव और सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री मनीष सिंह थे। इसके अलावा खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पत्रकार और वरिष्ठ अधिकारी समारोह में मौजूद रहे और सभी ने मुख्यमंत्री को होली की शुभकामनाएं दीं।

    उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच मुख्यमंत्री निवास में होली का वातावरण अत्यंत उल्लासपूर्ण और मनमोहक रहा। सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाई दी। मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के साथ मुख्यमंत्री ने भी गुलाल लगाया और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के ताल में अपने सुर मिलाए। समारोह में परंपरागत व्यंजन जैसे गुजिया, बालूशाही और ठंडाई भी उपस्थित लोगों को परोसे गए, जिससे पर्व का आनंद और बढ़ गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और समाज में सद्भाव बढ़ाने का प्रतीक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी त्यौहार को हर्षोल्लास और शालीनता के साथ मनाएं और समाज में भाईचारे और एकता का संदेश फैलाएं।