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  • IPL 2026 में बड़ा उलटफेर राजस्थान रॉयल्स ने 223 रन बनाकर पंजाब किंग्स को चौंकाया

    IPL 2026 में बड़ा उलटफेर राजस्थान रॉयल्स ने 223 रन बनाकर पंजाब किंग्स को चौंकाया


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबलों के बीच न्यू चंडीगढ़ में खेले गए पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच ने क्रिकेट फैंस को सांसें थामने पर मजबूर कर दिया इस हाई स्कोरिंग मुकाबले में राजस्थान ने 223 रन का विशाल लक्ष्य हासिल करते हुए पंजाब को उसकी पहली हार का सामना कराया और एक यादगार जीत दर्ज की

    पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 222 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया टीम को तेज शुरुआत प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य से मिली दोनों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे लेकिन बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके इसके बाद कूपर कॉनॉली ने भी तेजी से रन जोड़े लेकिन असली धमाका अंत में मार्कस स्टोइनिस ने किया

    स्टोइनिस ने महज 22 गेंदों में नाबाद 62 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 6 छक्के और 4 चौके शामिल रहे उन्होंने आखिरी ओवरों में गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और टीम को 222 रन तक पहुंचाया राजस्थान के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में नियंत्रण रखने की कोशिश की लेकिन डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकाम रहे

    223 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत बेहद शानदार रही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शुरू कर दी उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों में 43 रन ठोकते हुए मैच का टोन सेट कर दिया उनके बल्ले से पांच छक्के निकले और पंजाब के गेंदबाज दबाव में आ गए हालांकि वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और आउट हो गए

    इसके बाद यशस्वी जायसवाल ने पारी को संभालते हुए 27 गेंदों में 51 रन बनाए उन्होंने शानदार शॉट्स लगाए और टीम को मजबूती दी ध्रुव जुरेल और कप्तान रियान पराग ने भी योगदान दिया लेकिन पंजाब के स्पिनर युजवेंद्र चहल ने लगातार विकेट लेकर मैच में वापसी की उम्मीद जगाई

    मैच उस समय रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया जब राजस्थान को आखिरी छह ओवर में 71 रन की जरूरत थी लेकिन यहीं से डोनोवन फरेरा और शुभम दुबे ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया दोनों बल्लेबाजों ने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाजों पर दबाव बना दिया

    फरेरा ने 26 गेंदों में नाबाद 52 रन बनाए जबकि दुबे ने सिर्फ 12 गेंदों में 31 रन की तेज पारी खेली दोनों ने मिलकर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी और पंजाब के गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया आखिरकार राजस्थान ने चार गेंद शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया और छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया

    यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं बल्कि आत्मविश्वास का बड़ा संकेत है राजस्थान के लिए वहीं पंजाब के लिए यह हार कई सवाल खड़े करती है खासकर गेंदबाजी को लेकर इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में आखिरी ओवर तक कुछ भी संभव है और यही इस खेल की सबसे बड़ी खूबसूरती है

  • सीहोर में दामोदर यादव का तीखा वार सदियों की गुलामी का हिसाब होगा अब बदलने वाली है सियासत

    सीहोर में दामोदर यादव का तीखा वार सदियों की गुलामी का हिसाब होगा अब बदलने वाली है सियासत

    सीहोर । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गई जब आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने अपने तीखे और आक्रामक भाषण से सियासी माहौल को गर्म कर दिया बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर ग्राम बरखेड़ा कुर्मी में आयोजित इस कार्यक्रम में देर रात तक लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और यादव के भाषण ने पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज कर दी

    रात करीब 11 बजे शुरू हुआ यह संबोधन देर रात 1 बजे तक चला जिसमें दामोदर यादव ने अपने खास अंदाज में विरोधियों पर जमकर निशाना साधा उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत स्थानीय बुंदेली और मालवी लहजे से करते हुए लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया और फिर सामाजिक न्याय तथा सत्ता में भागीदारी के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया

    यादव ने कहा कि जो लोग आज उनकी विचारधारा और यात्रा को रोकने की कोशिश कर रहे हैं वे दरअसल समाज में आ रही जागरूकता से डरे हुए हैं उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट तक चिट्ठियां भेजी जा रही हैं ताकि उनके आंदोलन को रोका जा सके लेकिन अब यह रुकने वाला नहीं है

    अपने भाषण में उन्होंने सबसे बड़ा संदेश दलित और पिछड़ा वर्ग की एकता को लेकर दिया उन्होंने कहा कि जिस दिन यह दोनों वर्ग एकजुट हो जाएंगे उस दिन देश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदल जाएंगी उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक हों और अपनी ताकत को पहचानें

    घोड़ी पर चढ़ने को लेकर समाज में होने वाले विवादों पर भी यादव ने तीखा कटाक्ष किया उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सदियों तक कुछ वर्गों को दबाकर रखा अब वही लोग डर रहे हैं उन्होंने कहा कि समय बदल रहा है और अब जो भेदभाव करेंगे उन्हें जवाब मिलेगा उनका यह बयान सभा में मौजूद लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना रहा

    दामोदर यादव ने बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के संघर्ष और उनके योगदान को याद करते हुए लोगों से अपने वोट की ताकत को समझने की अपील की उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी शक्ति वोट है और अगर सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाए तो सत्ता की तस्वीर बदली जा सकती है

    इस कार्यक्रम में भीम युवा संगठन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए आसपास के गांवों से भी लोग देर रात तक कार्यक्रम में डटे रहे और पूरा माहौल जय भीम के नारों से गूंजता रहा

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीहोर जिले में आजाद समाज पार्टी लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और इस तरह की आक्रामक सभाएं आने वाले चुनावों की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं दामोदर यादव के इस भाषण को भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है

  • नर्मदापुरम में क्रेडिट की सियासत शिवराज के स्वागत में दिखीं सांसद लेकिन पोस्ट से गायब हुआ नाम

    नर्मदापुरम में क्रेडिट की सियासत शिवराज के स्वागत में दिखीं सांसद लेकिन पोस्ट से गायब हुआ नाम

    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में एक साधारण सा स्वागत कार्यक्रम अचानक सियासी चर्चा का केंद्र बन गया जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के दौरान हुई एक छोटी सी सोशल मीडिया गतिविधि ने बड़े सवाल खड़े कर दिए इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनीति में हर तस्वीर और हर शब्द के अपने मायने होते हैं

    मंगलवार रात करीब 10 बजकर 10 मिनट पर शिवराज सिंह चौहान का काफिला भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी के जनता कार्यालय पहुंचा जहां उनका भव्य स्वागत किया गया ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच उन्हें पारंपरिक तरीके से हल भेंट किया गया कार्यक्रम छोटा था और शिवराज सिंह करीब 10 मिनट रुककर आगे बढ़ गए लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया

    कार्यक्रम के बाद सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्वागत की तस्वीरें साझा कीं इन तस्वीरों में क्षेत्र के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता नजर आए पोस्ट में विधायकों और जिला अध्यक्ष का नाम विस्तार से लिखा गया लेकिन हैरानी की बात यह रही कि राज्यसभा सांसद माया नारोलिया का नाम पूरी तरह से गायब था

    दिलचस्प पहलू यह है कि जिन तस्वीरों को पोस्ट किया गया उनमें माया नारोलिया स्पष्ट रूप से सामने की पंक्ति में खड़ी दिखाई दे रही हैं वह विधायक के ठीक बगल में मुस्कुराती नजर आती हैं यानी उनकी मौजूदगी किसी से छिपी नहीं थी इसके बावजूद पोस्ट में उनका नाम शामिल न होना कई सवाल खड़े कर रहा है

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह महज एक मानवीय भूल है या फिर इसके पीछे कोई सियासी रणनीति या आंतरिक खींचतान छिपी हुई है कई लोग इसे भाजपा के भीतर चल रही क्रेडिट की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं जहां बड़े नेताओं के कार्यक्रमों में अपने योगदान को प्रमुखता देने की होड़ रहती है

    राजनीति में क्रेडिट लेना और देना दोनों ही अहम माना जाता है ऐसे में किसी वरिष्ठ नेता का नाम नजरअंदाज करना सामान्य बात नहीं मानी जाती खासकर तब जब वह कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद हों यही वजह है कि इस छोटी सी चूक ने बड़ा रूप ले लिया है और सोशल मीडिया पर लोग इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं

    हालांकि इस मामले पर अभी तक किसी भी नेता की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन जिस तरह से यह मुद्दा चर्चा में आया है उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह सियासी समीकरणों पर असर डाल सकता है

    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आज के दौर में सोशल मीडिया केवल जानकारी साझा करने का माध्यम नहीं बल्कि राजनीति का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है जहां एक छोटी सी पोस्ट भी बड़े राजनीतिक संदेश दे सकती है और कभी कभी अनजाने में ही विवाद का कारण बन जाती है

  • 600 से ज्यादा कॉलेज निकले फर्जी हाईकोर्ट सख्त CBI और नर्सिंग काउंसिल को जवाब देना होगा

    600 से ज्यादा कॉलेज निकले फर्जी हाईकोर्ट सख्त CBI और नर्सिंग काउंसिल को जवाब देना होगा


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब जवाबदेही से बचना संभव नहीं होगा इस मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने CBI इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को अगली तारीख से पहले विस्तृत हलफनामा और प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं

    मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है कोर्ट ने CBI को निर्देशित किया है कि वह अगली सुनवाई तक यह स्पष्ट करे कि जांच के दौरान किन व्यक्तियों और संस्थानों की संलिप्तता सामने आई है और अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है

    इसके साथ ही इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को भी यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जिन्होंने मानकों को नजरअंदाज कर अनुपयुक्त कॉलेजों को मान्यता दी इन संस्थाओं को अपने हलफनामे में स्पष्ट करना होगा कि किन प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाइयों के जरिए ऐसे कॉलेजों को बढ़ावा देने वाले जिम्मेदार लोगों पर शिकंजा कसा गया है

    यह पूरा मामला उस जनहित याचिका से जुड़ा है जिसे लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने दायर किया था याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2020-21 के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में फर्जी और अमानक नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई जिसके चलते शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए

    हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जब CBI ने जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए करीब 800 नर्सिंग कॉलेजों की जांच में से लगभग 600 कॉलेज या तो पूरी तरह से अनुपयुक्त पाए गए या उनमें बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी कई कॉलेजों में भवन लैब लाइब्रेरी और अनुभवी शिक्षकों जैसी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद ही नहीं थीं इतना ही नहीं कुछ संस्थान केवल कागजों पर संचालित हो रहे थे और कई जगह एक ही शिक्षक या प्रिंसिपल को कई कॉलेजों में कार्यरत दिखाया गया था

    मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब याचिकाकर्ता की ओर से यह आरोप लगाया गया कि CBI द्वारा अपात्र घोषित किए गए 117 कॉलेजों के छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों में स्थानांतरित करने के बजाय उन्हीं कॉलेजों में परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं इससे छात्रों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं

    दूसरी ओर मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने कोर्ट से परीक्षाओं और परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी है हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लेते हुए दोनों पक्षों के आवेदन लंबित रखे हैं और साफ किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा

    अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं यह देखना अहम होगा कि जांच एजेंसियां और संबंधित संस्थाएं कोर्ट के सामने क्या जवाब पेश करती हैं और इस बड़े घोटाले में कितनों पर कार्रवाई होती है

  • सेना की ट्रेन रोकने की साजिश का अंत खंडवा रेलवे कोर्ट ने ट्रैकमैन को सुनाई 6 साल की सजा

    सेना की ट्रेन रोकने की साजिश का अंत खंडवा रेलवे कोर्ट ने ट्रैकमैन को सुनाई 6 साल की सजा


    खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन को रोकने के सनसनीखेज मामले में आखिरकार न्याय की प्रक्रिया पूरी हो गई है और रेलवे कोर्ट ने इस गंभीर अपराध में शामिल आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है इस फैसले ने न केवल रेलवे सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया है बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

    इस मामले में आरोपी रेलवे कर्मचारी साबिर उर्फ शब्बीर को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उसे 6 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है यह घटना 18 सितंबर 2024 की है जब जम्मू कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की विशेष ट्रेन को खंडवा के डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच अचानक रोकना पड़ा था

    दरअसल रेलवे ट्रैक पर लगाए गए डेटोनेटर के फटने से ट्रेन को आपात स्थिति में रोकना पड़ा था जिससे यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था यह मामला बेहद संवेदनशील था क्योंकि इसमें सेना की विशेष ट्रेन शामिल थी ऐसे में किसी भी बड़ी घटना की आशंका को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई

    घटना के बाद रेलवे पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी थी रेलवे टीआई संजीव कुमार और उनकी टीम ने मौके से डेटोनेटर के अवशेष बरामद किए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया इस दौरान आरपीएफ की टीम और श्वान दस्ते के कुत्ते जेम्स की मदद से करीब 8 किलोमीटर तक सर्चिंग अभियान चलाया गया

    इस सर्चिंग के दौरान मिले सुरागों के आधार पर रेलवे कर्मचारी साबिर की पहचान हुई पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिससे जांच एजेंसियों को मामले की कड़ी जोड़ने में आसानी हुई इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी एनआईए और एटीएस जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हुई थीं

    जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए और इसके बाद मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया जहां विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई इस फैसले को रेलवे सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है

    यह मामला इस बात का उदाहरण है कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या आपराधिक कृत्य कितने गंभीर परिणाम ला सकते हैं अदालत के इस फैसले से यह संदेश गया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

    इस पूरे घटनाक्रम ने रेलवे सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और यात्रियों के साथ साथ देश की महत्वपूर्ण सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

  • डेविड धवन फिल्म फेस्टिवल में लौटेंगी हिट कॉमेडी फिल्में धुरंधर 2 और भूत बंगला का बॉक्स ऑफिस धमाल जारी

    डेविड धवन फिल्म फेस्टिवल में लौटेंगी हिट कॉमेडी फिल्में धुरंधर 2 और भूत बंगला का बॉक्स ऑफिस धमाल जारी

    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत में आज का दिन कई बड़ी खबरों के साथ सुर्खियों में बना हुआ है जहां एक ओर बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों का शानदार प्रदर्शन जारी है वहीं दूसरी ओर पुराने सुपरहिट सिनेमा को फिर से बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी भी शुरू हो गई है दर्शकों के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं है

    सबसे पहले बात करें बॉक्स ऑफिस की तो रणवीर सिंह की स्पाई थ्रिलर फिल्म धुरंधर द रिवेंज लगातार शानदार कमाई कर रही है रिलीज के 42 दिन बाद भी फिल्म की पकड़ कमजोर नहीं पड़ी है और 28 अप्रैल 2026 तक इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 1132.99 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है जो इसे साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल करता है वहीं अक्षय कुमार की हॉरर कॉमेडी फिल्म भूत बंगला भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है फिल्म ने रिलीज के 13 दिनों में 121.40 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है

    इसी बीच बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक डेविड धवन को लेकर एक खास खबर सामने आई है उनके इंडस्ट्री में 40 साल पूरे होने के मौके पर PVR INOX एक विशेष फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने जा रहा है इस फेस्टिवल के तहत उनकी कई सुपरहिट कॉमेडी फिल्मों को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा जिनमें राजा बाबू आंखें और पार्टनर जैसी फिल्में शामिल हैं यह पहल उन दर्शकों के लिए खास होगी जो इन फिल्मों को एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं

    दूसरी ओर आमिर खान ने अपने बेटे जुनैद खान को लेकर एक भावुक बयान दिया है उन्होंने कहा कि जुनैद लंबी रेस का घोड़ा है और असफलता से घबराता नहीं है बल्कि अपने काम के प्रति ईमानदार है आमिर का यह बयान उनके बेटे के करियर को लेकर भरोसा दिखाता है

    वहीं विकी कौशल और रितेश देशमुख भी चर्चा में हैं रितेश अपनी आगामी फिल्म राजा शिवाजी में छत्रपति शिवाजी महाराज का किरदार निभा रहे हैं और उन्होंने फिल्म की झलक विकी कौशल को दिखाई जिसे देखकर विकी काफी प्रभावित हुए उन्होंने कहा कि मराठी सिनेमा में इस तरह के एक्शन सीक्वेंस पहले शायद ही देखे गए हों

    इसी बीच ग्लोबल पॉप स्टार रिहाना भी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं हाल ही में मुंबई में नजर आईं रिहाना का साड़ी लुक काफी वायरल हो रहा है जिसमें वह गुलाबी और हरे रंग की साड़ी में बेहद खूबसूरत दिखीं और उन्होंने अपने लुक को भारी गहनों से पूरा किया

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बॉलीवुड का क्रेज देखने को मिला जब ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने शाहरुख खान को अपना पसंदीदा अभिनेता बताया उन्होंने चक दे इंडिया ओम शांति ओम और लगान जैसी फिल्में देखने की बात कही और ओम शांति ओम को अपनी पसंदीदा फिल्म बताया

    इसके अलावा सैफ अली खान की अपकमिंग फिल्म कर्तव्य को लेकर भी अपडेट सामने आया है यह क्राइम ड्रामा फिल्म 15 मई को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी जिसमें सैफ एक बार फिर दमदार भूमिका में नजर आएंगे कुल मिलाकर देखा जाए तो मनोरंजन जगत में इन दिनों जहां नई फिल्मों का जलवा कायम है वहीं पुरानी हिट फिल्मों की वापसी भी दर्शकों के उत्साह को दोगुना करने वाली है

  • धुरंधर के बाद फिर बनेगी सुपरहिट जोड़ी आदित्य धर ने क्रैक किया नया आइडिया रणवीर सिंह से बातचीत शुरू

    धुरंधर के बाद फिर बनेगी सुपरहिट जोड़ी आदित्य धर ने क्रैक किया नया आइडिया रणवीर सिंह से बातचीत शुरू


    नई दिल्ली । फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता के बाद निर्देशक आदित्य धर और अभिनेता रणवीर सिंह की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ नजर आ सकती है इस खबर ने फैंस के बीच उत्साह को और बढ़ा दिया है क्योंकि पिछली फिल्म में इस जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था और अब एक बार फिर कुछ बड़ा होने की उम्मीद जताई जा रही है

    रिपोर्ट्स के अनुसार आदित्य धर को अपनी अगली फिल्म के लिए एक नया और दमदार आइडिया मिल चुका है जिस पर वह जल्द ही काम शुरू करने वाले हैं फिलहाल यह प्रोजेक्ट शुरुआती दौर में है और सबसे पहले इसकी स्क्रिप्टिंग पर फोकस किया जाएगा बताया जा रहा है कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है तो फिल्म की शूटिंग अगले साल शुरू हो सकती है

    खास बात यह है कि इस नए प्रोजेक्ट के लिए आदित्य धर एक बार फिर रणवीर सिंह को ही अपनी फिल्म का अहम हिस्सा बनाना चाहते हैं दोनों के बीच इसको लेकर शुरुआती बातचीत भी शुरू हो चुकी है हालांकि अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन इंडस्ट्री में इस संभावित सहयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं

    फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस बार भी आदित्य धर अपने प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर बनाने की योजना बना रहे हैं धुरंधर की तरह ही यह फिल्म भी भव्य स्केल पर तैयार की जाएगी जिसमें दमदार कहानी के साथ साथ शानदार एक्शन और इमोशनल ड्रामा देखने को मिल सकता है हालांकि फिल्म की बाकी स्टार कास्ट को लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है क्योंकि फिलहाल पूरा ध्यान कहानी और स्क्रीनप्ले को मजबूत बनाने पर है

    रणवीर सिंह की बात करें तो वह इस समय अपने अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं बताया जा रहा है कि वह अपनी फिल्म प्रलय की शूटिंग पूरी करने के बाद ही इस नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेंगे प्रलय एक अलग तरह की फिल्म होगी जिसमें जॉम्बी थीम देखने को मिल सकती है ऐसे में रणवीर सिंह एक बार फिर अपने किरदारों के साथ प्रयोग करते नजर आ सकते हैं

    धुरंधर और इसके सीक्वल धुरंधर द रिवेंज ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी रिपोर्ट्स के मुताबिक धुरंधर ने भारत में सैकड़ों करोड़ का कलेक्शन किया था जबकि इसके दूसरे भाग ने भी हजार करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था इस सफलता के बाद दर्शकों को इस जोड़ी से और भी बड़ी उम्मीदें हैं

    अब देखना दिलचस्प होगा कि आदित्य धर और रणवीर सिंह की यह संभावित फिल्म कब आधिकारिक रूप से अनाउंस होती है और क्या यह जोड़ी एक बार फिर वही जादू दोहरा पाएगी जिसने पहले दर्शकों का दिल जीत लिया था

  • 21 दिन खुद को कमरे में बंद और लगातार शूटिंग रणवीर सिंह ने निभाया ऐसा किरदार जो बन गया मिसाल

    21 दिन खुद को कमरे में बंद और लगातार शूटिंग रणवीर सिंह ने निभाया ऐसा किरदार जो बन गया मिसाल

    नई दिल्ली । फिल्मी दुनिया में कलाकारों का संघर्ष अक्सर पर्दे के पीछे ही रह जाता है लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो यह साबित कर देती हैं कि एक्टर अपने किरदार के लिए किस हद तक जा सकता है रणवीर सिंह की फिल्म पद्मावत से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा सामने आता है जो उनके जुनून और समर्पण की मिसाल बन चुका है

    इस फिल्म में रणवीर सिंह ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण किरदार निभाया था जिसे जीवंत बनाने के लिए उन्होंने खुद को पूरी तरह उस भूमिका में ढाल लिया था शूटिंग के दौरान उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें कई बार उल्टी तक हुई और यहां तक कि खून भी निकलने लगा लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग रोकने का नाम नहीं लिया

    रणवीर सिंह ने एक इंटरव्यू में इस अनुभव को साझा करते हुए बताया था कि फिल्म की शूटिंग के दौरान लगातार काम करना पड़ा था शेड्यूल इतना टाइट था कि उन्हें बिना रुके कई दिनों तक काम करना पड़ा भारी भरकम कॉस्ट्यूम और मानसिक दबाव ने उन्हें पूरी तरह थका दिया था लेकिन उनके पास रुकने का कोई विकल्प नहीं था

    उन्होंने बताया कि कई बार ऐसा होता था कि 6 से 8 दिन लगातार शूटिंग करने के बाद कलाकारों को आराम दिया जाता है ताकि वे अगले सीन के लिए तैयार हो सकें लेकिन उनके मामले में ऐसा संभव नहीं था उन्हें 30 से ज्यादा दिनों तक लगातार शूट करना पड़ा और इसी दौरान उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी

    फिल्म का एक गाना खली बली भी उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ इस गाने की शूटिंग के दौरान वह इतनी ज्यादा थक चुके थे कि ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे लेकिन फिर भी उन्होंने पूरे जोश के साथ डांस किया उनका कहना था कि उस समय उनका शरीर और दिमाग दोनों ही जवाब दे चुके थे लेकिन प्रोफेशनल कमिटमेंट ने उन्हें रुकने नहीं दिया

    इतना ही नहीं फिल्म के क्लाइमेक्स में होने वाला युद्ध सीन भी काफी कठिन था जहां उन्हें भारी कॉस्ट्यूम पहनकर लंबे समय तक शूटिंग करनी पड़ी गर्मी के मौसम में कई लेयर वाले कपड़े पहनना और आसपास जलते टायरों के बीच अभिनय करना बेहद मुश्किल था इसी दौरान उन्हें बार बार उल्टियां हुई और खून आने जैसी स्थिति भी बनी लेकिन उन्होंने शूट पूरा किया

    अपने किरदार में पूरी तरह उतरने के लिए रणवीर सिंह ने खुद को 21 दिनों तक एक कमरे में बंद कर लिया था ताकि वह मानसिक रूप से उसी दुनिया में रह सकें यह उनके अभिनय के प्रति समर्पण को दिखाता है कि वह अपने रोल को केवल निभाते नहीं बल्कि उसे जीते हैं

    यह कहानी सिर्फ एक फिल्म की नहीं बल्कि उस मेहनत और जुनून की है जो एक कलाकार को असाधारण बनाता है रणवीर सिंह का यह अनुभव दर्शाता है कि सफलता के पीछे कितनी मेहनत और दर्द छिपा होता है और यही समर्पण उन्हें दर्शकों के बीच खास बनाता है

  • US: जानें क्यों घट रही ट्रंप की लोकप्रियता…… अप्रूवल रेटिंग घटी

    US: जानें क्यों घट रही ट्रंप की लोकप्रियता…… अप्रूवल रेटिंग घटी


    वाशिंगटन।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की लोकप्रियता (Popularity) में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप को लेकर जारी एक ताजा सर्वे में उनकी अप्रूवल रेटिंग (Approval rating) घटकर 34% पर पहुंच गई, जो उनके मौजूदा कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट पिछले सर्वे के 36% से भी कम है और जनवरी 2025 में पद संभालने के समय के मुकाबले काफी नीचे आ चुकी है। सर्वे के अनुसार, महंगाई और ईरान के साथ चल रहे युद्ध ने जनता की नाराज़गी को और बढ़ा दिया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-ईरान युद्ध का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा है। इस संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे पेट्रोल की कीमतों में 40% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों में इजाफे ने अमेरिकी नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। सर्वे में केवल 22% लोगों ने ट्रंप के महंगाई से निपटने के तरीके को सही माना, जो यह दिखाता है कि आर्थिक मुद्दों पर सरकार के प्रति भरोसा कम हो रहा है।

    किस बात से नाराज है अमेरिका की जनता
    ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर भी अमेरिकी जनता में खासा विरोध देखा जा रहा है। सर्वे के अनुसार, केवल 34% लोग इस युद्ध का समर्थन कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग इसके खिलाफ हैं। हालांकि, ट्रंप को रिपब्लिकन समर्थकों का मजबूत समर्थन अभी भी मिला हुआ है, जहां 78% लोग उनके साथ खड़े हैं। इसके बावजूद, अर्थव्यवस्था संभालने को लेकर उनके अपने समर्थकों में भी असंतोष बढ़ रहा है।

    इस गिरती लोकप्रियता का असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है। सर्वे में यह संकेत मिला है कि स्वतंत्र मतदाताओं के बीच डेमोक्रेट्स को बढ़त मिल रही है और कई मतदाताओं ने अभी भी कोई फैसला नहीं लिया है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की कोशिश का भी जनता की राय पर खास असर नहीं पड़ा है। ऐसे में माना जा रहा है कि रिपब्लिकन पार्टी के लिए आगामी मध्यावधि चुनावों में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

  • क्या आप जानते हैं…. देश की चारों दिशाओं में स्थित प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा है बड़ा चार धाम

    क्या आप जानते हैं…. देश की चारों दिशाओं में स्थित प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा है बड़ा चार धाम


    नई दिल्ली।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के चार धाम की यात्रा (Char Dham Yatra) 19 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जो कि हिंदू धर्म (Hinduism) में बहुत पवित्र मानी जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ‘बड़ा चार धाम’ (‘Big Four Dham’) भी होता है? यह भारत के चार अलग-अलग दिशा में स्थित प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा है, जो व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की ओर ले जाती है. इस यात्रा की स्थापना 8वीं सदी में आदि शंकराचार्य ने की थी. उनका उद्देश्य पूरे भारत को आध्यात्मिक रूप से एकजुट करना था. इसके लिए उन्होंने देश के चार दिशाओं में चार प्रमुख धाम स्थापित किए-


    किन देवताओं से जुड़े हैं ये चार धाम?

    बड़ा चार धाम यात्रा में भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की उपासना का महत्व है.
    बद्रीनाथ- भगवान विष्णु को समर्पित
    रामेश्वरम- भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग
    द्वारका- भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर
    पुरी- भगवान जगन्नाथ (विष्णु अवतार)


    बद्रीनाथ धाम (उत्तर भारत)

    बद्रीनाथ उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है. यह भगवान विष्णु का प्रमुख धाम है. मान्यता है कि यहां भगवान विष्णु ने तपस्या की थी और माता लक्ष्मी ने उन्हें बद्री वृक्ष बनकर बचाया था. महाभारत से भी इसका संबंध बताया जाता है, कहा जाता है कि पांडव स्वर्ग जाते समय यहां से गुजरे थे।


    रामेश्वरम धाम (दक्षिण भारत)

    रामेश्वरम तमिलनाडु में समुद्र के बीच स्थित एक पवित्र स्थान है. यहां का रामनाथस्वामी मंदिर बहुत प्रसिद्ध है. मान्यता है कि भगवान राम ने लंका जाने से पहले यहां शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी. यही जगह राम सेतु से भी जुड़ी मानी जाती है.


    द्वारका धाम (पश्चिम भारत)

    द्वारका गुजरात में समुद्र किनारे बसा एक पवित्र शहर है. इसे भगवान श्रीकृष्ण की नगरी कहा जाता है. यहां का द्वारकाधीश मंदिर बहुत भव्य है और इसे मोक्ष प्राप्ति का स्थान भी माना जाता है.


    जगन्नाथ पुरी (पूर्व भारत)

    पुरी ओडिशा में स्थित है और यहां भगवान जगन्नाथ का प्रसिद्ध मंदिर है. यह भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. यहां हर साल भव्य रथ यात्रा निकलती है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं.


    क्यों खास है बड़ा चार धाम यात्रा?

    बड़ा चार धाम यात्रा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि जीवन को समझने और आत्मिक शांति पाने का मार्ग है. ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा से इस यात्रा को पूरा करता है, उसे पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह यात्रा हमें भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का सही संतुलन सिखाती है।


    चार धाम यात्रा और बड़ा चार धाम यात्रा में अंतर

    छोटा चार धाम, जिसे उत्तराखंड चार धाम भी कहा जाता है. इसमें बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा शामिल होती है. यह यात्रा लगभग 1600 किलोमीटर की होती है और आमतौर पर हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होती है। वहीं बड़ा चार धाम पूरे भारत में फैला हुआ है, जिसके उत्तर में बद्रीनाथ, दक्षिण में रामेश्वरम, पश्चिम में द्वारका और पूर्व में पुरी शामिल हैं. यह यात्रा करीब 6000 से 7000 किलोमीटर तक की होती है और भारत के चारों दिशाओं को जोड़ती है।

    दोनों यात्राओं में बद्रीनाथ धाम समान रूप से शामिल है, क्योंकि यह भगवान विष्णु का अत्यंत महत्वपूर्ण धाम माना जाता है और मोक्ष का धाम भी माना जाता है. छोटा चार धाम यात्रा प्रकृति से जुड़ा हुआ है, जहां आप पहाड़, नदियां और हिमालय की सुंदरता का आसानी से दीदार कर सकते हैं. वहीं बड़ा चार धाम यात्रा पूरे भारत की धार्मिक एकता को दर्शाती है, जहां भगवान विष्णु, भगवान शिव, भगवान कृष्ण और जगन्नाथ जी की उपासना की जाती है।


    बड़ा चार धाम यात्रा के लिए जरूरी ट्रैवल टिप्स

    1. पहले से प्लान करें
    यह यात्रा लंबी और लोकप्रिय है, इसलिए टिकट और होटल पहले ही बुक कर लें क्योंकि बड़ा चार धाम में पूरे साल भीड़ रहती है.


    2. सही समय चुनें

    रामेश्वरम, द्वारका और पुरी जाने का सही समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है. वहीं, बद्रीनाथ धाम मई के आसपास जाना सही होता है.


    3. जरूरी पेपर रखें

    बड़े चार धाम की यात्रा पर जाने के लिए आईडी प्रूफ साथ रखें. जो होटल और मंदिर दर्शन के लिए जरूरी होता है.


    4. हल्का और जरूरी सामान ही पैक करें

    इस यात्रा पर जाने के लिए कॉटन कपड़े, हल्के ऊनी कपड़े, आरामदायक जूते और रेनकोट जरूर रखें.


    5. लोकल गाइड लें

    इस यात्रा पर जाने के लिए लोकल गाइड की मदद जरूर ले सकते हैं. आपको जगह की सही जानकारी और इतिहास समझने में मदद मिलेगी.

    6. कैश साथ रखें
    हर जगह डिजिटल पेमेंट नहीं चलता, इसलिए थोड़े पैसे कैश में रखें.