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किसानों के हित सर्वोपरि, ट्रेड डील से भारतीय कृषि उत्पादों को कोई नुकसान नहीं : शिवराज सिंह
भोपाल। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह डील पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि भारत की नीति समझौते की है, समझौते में झुकने की नहीं। इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे। किसानों के हित सर्वोपरि हैं, उन पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को अपने भोपाल स्थित आवास पर भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को लेकर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद करते हुए यह ट्रेड डील की गई है। डिप्लोमेसी मतलब राष्ट्र प्रथम, डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में भारतीय कदम बढ़ाने लिए ट्रेड डील बड़ा आधार है। भारतीय कृषि और किसान की सारी चिंताओं का समाधान इस ट्रेड डील में किया गया है। यह डील हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है।उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि और किसान को सर्वोपरि रखा गया है। यूपीए की सरकार में भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी और अब हम तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर तेजी से अग्रसर हैं। हमारे वो सारे कृषि उत्पाद, जो हमारे किसानों की मूल ताकत है, उन सबको इस समझौते से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील अपने आप में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयाँ और गति देने वाली है। यह समझौता केवल व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का एक उत्तम उदाहरण है। यह ट्रेड डील हमारे किसानों को न केवल पूरी तरह से सुरक्षित रखती है, बल्कि हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है।चौहान ने कहा कि अगर कृषि और कृषि उत्पादों को देखें, तो भारतीय किसानों को नुकसान हो, ऐसा कोई भी उत्पाद सम्मिलित नहीं किया गया है। सभी ऐसी वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूँ, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल, तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई टैरिफ में छूट नहीं दी गई है। सबसे ज्यादा चिंता इसी बात की थी कि हमारे प्रमुख अनाज सुरक्षित रहने चाहिए, वो सब के सब सुरक्षित रखे गए हैं। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल, हमारे डेयरी उत्पाद उनके लिए कोई द्वार अमेरिका के लिए नहीं खोला गया है।केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं दी गई है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कृषि क्षेत्र में कई उत्पादों पर जो टैरिफ था, उसे अमेरिका ने 50 परसेंट से घटाकर शून्य किया है। इनमें मसाले प्रमुख हैं, हमारे मसालों का बड़ी मात्रा में निर्यात होता है। इसके अलावा चाय, कॉफी, नारियल, नारियल का तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति मोम, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम तथा जौ जैसे कुछ अनाज भी इसमें सम्मिलित हैं।उन्होंने कहा कि डब्बा बंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगे। वर्ष 2024-25 में 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने के साथ भारत ने वैश्विक निर्यातक के रूप में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है और हमारे मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब हमारे मसालों को भी नया बाजार मिलेगा। भारत अमेरिका से काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी और अन्य पाउडर मसाले नहीं मंगवाएगा। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादन को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है।उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि बाजार में अगर ऐसा कोई उत्पाद आता है तो उनको टैरिफ में जाना पड़ेगा। समझौते से भारतीय किसान, महिलाएं और विशेष कर युवाओं के सपनों को ऊंची उड़ान भरने के लिए नए पंख मिले हैं। 18% टेक्सटाइल के निर्यात को एक नई गति और दिशा मिलेगी और टेक्सटाइल के निर्यात का मतलब है किसानों को भी फायदा। विशेष कर कपास उत्पादक किसान टेक्सटाइल, गेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंटस इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई को ढेर सारे बिजनेस के नए अवसर मिलेंगे।केन्द्रीय कृषि मंत्री इस दौरान ट्रेड डील पर सवाल खड़े करने वाले लोगों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच हुई डील के बाद विपक्ष वेंटिलेटर पर चला गया है। विपक्ष को आशंका थी कि डील के बाद शोर शराबा करने का मौका मिलेगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता के चलते वे वेंटिलेटर पर हैं। -

कुबेरेश्वरधाम पर आधुनिक प्राथमिक चिकित्सालय का आज होगा श्रीगणेश
सीहोर। देश में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा निशुल्क एंबुलेंस सेवा और मंदिर परिसर में प्राथमिक उपचार केन्द्र के बाद अब सर्व सुविधायुक्त प्राथमिक चिकित्सालय की सुविधा आज रविवार से आरंभ होने जा रही है।कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा अपने पिताश्री पंडित स्वर्गीय रामेश्वर दयाल मिश्रा की स्मृति में धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं और आस-पास के ग्रामीणों को तत्काल स्वास्थ्य लाभ मिले, इस उद्देश्य से परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सालय का शुरुआत करने जा रहे हैं। आधुनिक प्राथमिक चिकित्सालय में आईसीयू सुविधा के शुरू होने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की सुविधा धाम पर आने वालों के अलावा आस-पास के ग्रामीणों को मिलेगी। इसका शुभारंभ रविवार को दोपहर साढ़े बारह बजे मंत्री विश्वास सारंग के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुओं के द्वारा किया जाएगा।सहूलियत के साथ नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगीपंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि हर रोज हजारों की संख्या में कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहता है। इसको आने वाले समय में बड़े रूप में चिकित्सालय को विकसित किया जाएगा। जिससे जहां क्षेत्रवासियों को धाम में ही और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी, इससे उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। यहां सहूलियत के साथ नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके केन्द्र में बीपी, शुगर सहित अन्य की जांच भी मौके पर हो जाएगी। इसके अलावा प्राथमिक चिकित्सालय में आईसीयू, जनरल ओपीडी के अलावा अन्य सुविधा दी जाएगी। वहीं समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।कुबेरेश्वर धाम पर चिकित्सा सुविधाओं में रहेंगी ये सुविधाएंनिशुल्क जांच व दवा: प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में रक्तचाप, मधुमेह और अन्य आवश्यक जांच नि:शुल्क होगी।सुविधाएं: केंद्र में बेड की व्यवस्था के साथ ही अनुभवी नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।एम्बुलेंस सेवा: आपातकालीन स्थिति के लिए धाम पर 24/7 एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी। -

मध्य प्रदेश में सर्दी ने फिर पकड़ा जोर, कटनी-शहडोल-उमरिया में पारा 4 डिग्री से नीचे
भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। लगभग 15 दिनों के अंतराल के बाद रात का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। प्रदेश में कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे जिले रहे। कटनी के करौंदी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि राज्य के 13 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया।
पिछले तीन दिनों से ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में रात के तापमान में गिरावट देखी गई है। शनिवार रात भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा। वहीं, जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों की बात करें तो करौंदी में 3.5 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 4.9 डिग्री और उमरिया में 7 डिग्री तापमान रहा। रीवा और खजुराहो में 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री तथा राजगढ़ और शिवपुरी में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.4 डिग्री और दमोह व मलाजखंड में 9.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
अभी दो दिन और सताएगी ठंड, फिर बढ़ेगा पारा
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश में तेज सर्दी का असर बना रहेगा। इसके बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। फिलहाल ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में ठंड का असर सबसे अधिक है। प्रदेश के पांच बड़े शहर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर—में भी तापमान 13 डिग्री से नीचे बना हुआ है। इन जिलों में 8 और 9 फरवरी को भी सर्दी का असर जारी रहेगा।
इधर, रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग में हल्का कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग ने फिलहाल कोहरा और बारिश की संभावना से इनकार किया है। दिन में तेज धूप खिलने के आसार हैं, हालांकि भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड, मुरैना सहित कई जिलों में सर्द हवाएं चलेंगी। देर रात और सुबह के समय ठंड का असर अधिक महसूस होगा। -

T20 World Cup: आज दूसरे दिन खेले जाएंगे तीन मैच…. जानें कौन-सी टीमों के बीच होगी भिड़ंत?
नई दिल्ली। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) का आगाज हो चुका है. पहले दिन भारतीय टीम (Indian team) ने धमाकेदार अंदाज में अमेरिका (America) के खिलाफ जीत हासिल किया. पाकिस्तान (Pakistan) की टीम नीदरलैंड्स के खिलाफ हार हारते बची जबकि वेस्टइंडीज ने स्कॉटलैंड पर आसान जीत दर्ज की। आज टूर्नामेंट का दूसरा दिन है और तीन मुकाबले खेले जाएंगे. ग्रुप ऑफ डेथ माने जा रहे ग्रुप डी में अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड की टीमें आमने सामने होंगी. इंग्लैंड का मुकाबला नेपाल से होगा तो वहीं श्रीलंका की टीम को आयरलैंड की टीम के खिलाफ खेलना है.
आज खेले जाने वाले मैच
– अफगानिस्तान बनाम न्यूजीलैंड – चेन्नई – सुबह 11 बजे (भारतीय समय)
– इंग्लैंड बनाम नेपाल -मुंबई -दोपहर 3 बजे (भारतीय समय)
– श्रीलंका बनाम आयरलैंड -कोलंबो- शाम 7 बजे (भारतीय समय )आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे दिन फैंस के लिए सुपर संडे साबित होने वाला है. टूर्नामेंट में दिन का पहला मुकाबला अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच होगा. दूसरे मैच में इंग्लैंड की टीम नेपाल के खिलाफ खेलेगी. आखिरी मैच मेजबान श्रीलंका की टीम आयरलैंड से खेलेगी।
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Business शुरू करने की सोच रहे हैं….तो अब बिना किसी गारंटी के ₹20 लाख तक का लोन
नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व बेंक (Central Reserve Bank) ने कई अहम ऐलान किए हैं। इसमें एक बड़ा ऐलान उन लोगों से जुड़ा था जो अपना बिजनेस शुरू (Start Business) करने की सोच रहे हैं। दरअसल, आरबीआई (RBI) ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के छोटे बिजनेस के लिए बिना गारंटी वाले लोन की लिमिट 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की घोषणा की है। बिना गारंटी वाले लोन की बढ़ी हुई लिमिट 01 अप्रैल, 2026 को या उसके बाद मंजूर या रिन्यू किए गए छोटे कर्जदारों के सभी लोन पर लागू होगी।
कोलैटरल-फ्री लोन क्या है?
एक खबर में कोटक महिंद्रा बैंक की वेबसाइट का हवाला देते हुए बताया गया है कि यह एक अनसिक्योर्ड लोन है जो लेंडर आपकी बिजनेस की जरूरतों के लिए देते हैं। इस तरह के लोन में, लोन चुकाए जाने तक अपने घर, कार या प्रॉपर्टी जैसी कोई भी चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। कोलैटरल-फ्री लोन बिजनेस के लिए तुरंत फंड पाने का एक शानदार तरीका है, जिसमें फाइनेंशियल संस्था के पास अपनी संपत्ति को जोखिम में डालने की जरूरत नहीं है।
MSME का मतलब क्या है?
MSME से मतलब माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज यानी कारोबार से होता है। एक माइक्रो एंटरप्राइज, जिसमें प्लांट और मशीनरी या इक्विपमेंट में इन्वेस्टमेंट 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होता है और टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होता है। वहीं, स्मॉल एंटरप्राइज में इन्वेस्टमेंट 25 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होता है और टर्नओवर 100 करोड़ रुपये तक होना चाहिए। इसके अलावा, मीडियम एंटरप्राइज में प्लांट और मशीनरी या इक्विपमेंट में इन्वेस्टमेंट 125 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होता है और टर्नओवर 500 करोड़ रुपये तक का होता है।
किसान क्रेडिट कार्ड पर अपडेट
इसके साथ ही आरबीआई किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से संबंधित नये दिशा-निर्देश भी जारी करेगा। इसमें फसल सीजन के मानकीकरण, केसीसी की अवधि बढ़ाकर छह साल करने और हर फसल सीजन के लिए लोन लिमिट तय करने संबंधी प्रावधान होंगे। इसके प्रारूप दिशा-निर्देश जल्द जारी किये जाएंगे। -

एक अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के नए रूल्स… विभाग ने जारी किया ड्राफ्ट
नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने इनकम-टैक्स नियम, 2026 (Income-tax Rules, 2026) का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये ड्राफ्ट नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने का प्रस्ताव है। इन ड्राफ्ट नियमों में कई दूसरी पहलों के साथ-साथ इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग फॉर्म को आसान बनाया गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने एक बयान में कहा कि ड्राफ्ट नियम और फॉर्म करीब 15 दिनों के लिए पब्लिक डोमेन में रहेंगे। सभी स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से अनुरोध है कि वे इन ड्राफ्ट नियमों और फॉर्म को देखें और उन पर सोच-समझकर फीडबैक दें ताकि और बेहतर किया जा सके । आपको बता दें कि 15 दिन की अवधि 22 फरवरी, 2026 को पूरी हो रही है।
CBDT चेयरमैन ने क्या कहा था?
CBDT का कहना है कि ड्राफ्ट नियमों का हिस्सा नए फॉर्म को भी टैक्स देने वालों की आसानी के लिए काफी हद तक आसान बनाया गया है। बीते दिनों CBDT के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया था कि इसके अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची भी जारी की जाएगी। अग्रवाल ने कहा था कि CBDT नए कानून पर ‘बार-बार पूछे जाने वाले सवाल’ (एफएक्यू) और एक प्रस्तुति तैयार करने पर भी काम कर रहा है।यह नए अधिनियम के लागू होने के साथ जनता के लिए उपलब्ध होगी ताकि उन्हें चीजों को समझने में आसानी हो। सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि पिछले साल पूरा जोर (आयकर अधिनियम की) भाषा को सरल बनाने पर था और नए कानून को इस तरह से लाने पर था कि करदाता इसे आसानी से पढ़ और समझ सकें।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
नांगिया ग्लोबल के पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा- इनकम टैक्स फॉर्म्स को आसान बनाया गया है। फॉर्म को ज्यादा साफ, आसानी से समझ में आने वाली भाषा में तैयार किया गया है ताकि ऑपरेशनल, एडमिनिस्ट्रेटिव या कानूनी अनिश्चितता से बचा जा सके और उनसे जुड़े नोट्स को भी उसी हिसाब से आसान बनाया गया है। खास बात यह है कि ड्राफ्ट फॉर्म नंबर 26, ऑडिट रिपोर्ट और इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 63 के तहत दी जाने वाली जानकारियों का स्टेटमेंट, ICDS एडजस्टमेंट का प्रावधान करता है। -

पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर राहुल और प्रियंका गांधी बोले- राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई
नई दिल्ली। पप्पू यादव (Pappu Yadav) के समर्थन में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) भी उतर पड़े हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी केवल राजनीतिक प्रतिशोध (Political vendetta) की भावना से की गई है। उन्होंने कहा कि NEET छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है और अब डराया धमकाया जा रहा है। शुक्रवार को देर रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया है।राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पटना में नीट की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर व्यवस्था की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।” उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो वही पुराना भाजपा-राजग मॉडल सामने आ गया कि मामले को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो।
राहुल ने कहा, ‘इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए। उनकी गिरफ़्तारी साफ़ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज़ को डराया और दबाया जा सके।’
उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”यह एक भयावह साजिश एवं खतरनाक चलन की ओर इशारा करती है, जहां और भी बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफ़नाक सच्चाई से आंखें मूंदकर बैठी है। यह राजनीति नहीं, इंसाफ़ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज़्ज़त और सुरक्षा का सवाल है।”
प्रियंका गांधी बोलीं- अत्याचार के साथ खड़ी बीजेपी
पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी पप्पू यादव के प्रति एकजुटता प्रकट की और आरोप लगाया कि भाजपा एवं उसके सहयोगी दल अत्याचार के साथ खड़े हुए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,”पटना के हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। यह मामला सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा खौफनाक है।’ प्रियंका ने कहा, ‘प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक सबकुछ संदिग्ध बना दिया गया है। यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है?’उन्होंने कहा कि हाथरस, उन्नाव से लेकर अंकिता भंडारी और पटना तक- जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, भाजपा की सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों के साथ खड़ी हो जाती हैं। प्रियंका ने आरोप लगाया कि इस मामले में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगियों का एजेंडा स्पष्ट है कि वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं।
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T20 World Cup: सूर्यकुमार ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतकर रचा इतिरास…. इन दिग्गजों को छोड़ा पीछे
नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का आगाज टीम इंडिया (Team India) ने जीत के साथ किया। यूएसए के खिलाफ हुए मुकाबले को भारत (India) ने 29 रनों से जीतकर पॉइंट्स टेबल में अपना खाता खोला। इस मैच की शुरुआत में एक समय ऐसा आया था जब भारतीय फैंस की धड़कने बढ़ गई थी। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया 77 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। उस समय 120 का स्कोर भी मुश्किल नजर आ रहा था, मगर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने कप्तानी पारी खेलते हुए ना सिर्फ टीम इंडिया को बड़े स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि जीत दर्ज करने में भी अहम भूमिका निभाई। सूर्यकुमार यादव ने यूएसए के खिलाफ 84 रनों की पारी खेली जिसके दम पर भारत 161 के स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रहा। उनकी इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।
सूर्यकुमार यादव ने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास
यूएसए के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में सूर्यकुमार यादव ने प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीत इतिहास रच दिया है। वह भारत के लिए T20I क्रिकेट में अब सबसे ज्यादा POTM का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। जी हां, उन्होंने इस मामले में पूर्व स्टार प्लेयर विराट कोहली को पछाड़ा है। 2024 में टी20 क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके विराट कोहली ने 16 बार टीम की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए यह अवॉर्ड जीता था। वहीं सूर्यकुमार यादव के करियर का यह 17वां प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड है।
T20I में सबसे अधिक POTM अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय
17 सूर्यकुमार यादव (105 टी20I)
16 विराट कोहली (125)
14 रोहित शर्मा (159)
8 अक्षर पटेल (88)
सूर्यकुमार यादव निकले युवराज सिंह से भी आगे
वहीं टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव का यह चौथा प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड है। वह टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा POTM अवॉर्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। इस लिस्ट में उन्होंने युवराज सिंह और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों को पछाड़ा है। वहीं विराट कोहली यहां पहले पायदान पर हैं।टी20 वर्ल्ड कप में सबसे अधिक POTM अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय
8 विराट कोहली (35 टी20I)
4 सूर्यकुमार यादव (19)*
3 युवराज सिंह (31)
3 आर अश्विन (24)
3 रोहित शर्मा (47) -

पाकिस्तान के गृह मंत्री ने भारत पर लगाया बेतुका फंडिंग का आरोप, दिया ये विवादित बयान..
नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को उस समय दहल गई जब एक शिया मस्जिद में भीषण आत्मघाती धमाका हुआ। शनिवार तक इस हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है क्योंकि कई गंभीर रूप से घायल लोग अस्पताल में दम तोड़ चुके हैं। वैश्विक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इसे एक फिदायीन ऑपरेशन बताया है।इस बीच, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारत उनके देश में उग्रवादी संगठनों का वित्तपोषण कर रहा है। हालांकि, उन्होंने इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया। भारत ने पहले ही इस्लामाबाद मस्जिद हमले में किसी भी संलिप्तता के आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
नकवी ने कहा, “दाएश और तालिबान जैसे समूहों को कहीं से धन और लक्ष्य मिल रहे हैं,” और बिना किसी प्रमाण के भारत की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “मैं फिर से स्पष्ट रूप से कहता हूं कि उनका वित्तपोषण भारत से हो रहा है।”
इस्लामिक स्टेट के आधिकारिक मुखपत्र ‘अमाक’ के माध्यम से जारी बयान में हमलावर की पहचान सैफुल्लाह अंसारी के रूप में की गई है। संगठन ने अंसारी की तस्वीर भी जारी की है जिसमें वह संगठन के प्रति अपनी वफादारी की शपथ लेता दिख रहा है। IS ने दावा किया है कि यह हमला ‘IS इन पाकिस्तान प्रोविंस’ (ISPP) के एक सक्रिय सदस्य द्वारा किया गया है, जो 2019 से क्षेत्र में सक्रिय है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान को अपनी घरेलू समस्याओं का समाधान करने की बजाय दूसरों को दोष देना बंद करना चाहिए। बयान में कहा गया भारत इस तरह के हर आरोप को खारिज करता है, जो निराधार और निरर्थक है।
मस्जिद हमले के तुरंत बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने आधिकारिक बयान जारी कर अपनी किसी भी संलिप्तता से इनकार किया। IS के दावे से यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान में सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने के पीछे अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का हाथ है। बयान में सीरिया में सक्रिय ‘ज़ैनाबियून ब्रिगेड’ (प्रो-इरान मिलिशिया) में शामिल पाकिस्तानी शियाओं का भी जिक्र किया गया, जो इस हमले के पीछे सांप्रदायिक प्रतिशोध की ओर इशारा करता है।
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Trade Deal: अगले 5 साल में 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा भारत… क्या US कंपनियां पूरी कर पाएंगी डिमांड?
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका (India and America) के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Historic Trade Agreements) के तहत भारत (India) ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर लगभग 41 लाख करोड़ रुपये के मूल्य के सामान आयात करने की जो प्रतिबद्धता जताई है वह वैश्विक व्यापार की दिशा बदल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस लक्ष्य की सफलता केवल भारतीय कंपनियों (Indian Companies) के ऑर्डर देने पर नहीं, बल्कि अमेरिकी सप्लायर्स की सप्लाई क्षमता पर भी निर्भर करेगी। शनिवार को जारी संयुक्त बयान के बाद अब इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर किन क्षेत्रों में भारत अपनी खरीदारी बढ़ाएगा और अमेरिका के सामने क्या चुनौतियां होंगी।आयात के इस लक्ष्य को हासिल करने में ऊर्जा क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में भारत ने अमेरिका से करीब 40 अरब डॉलर का आयात किया, जिसमें से 11 अरब डॉलर केवल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद थे। यह पिछले साल की तुलना में 35% अधिक है।
भारत अब अपनी तेल जरूरतों के लिए रूस के बजाय अमेरिकी तेल को प्राथमिकता देने की ओर बढ़ रहा है। भारत अब इंडोनेशिया से आने वाले ‘कोकिंग कोल’ की जगह अमेरिकी कोयले को तरजीह दे सकता है। अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी कोयला न केवल गुणवत्ता में बेहतर है, बल्कि कीमत में भी प्रतिस्पर्धी है। भारतीय तेल कंपनियों ने पहले ही अधिक तरल प्राकृतिक गैस (LNG) की खरीद के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
हाई-टेक और विमानन
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, चिप्स, सेमीकंडक्टर और हवाई जहाज जैसे हाई-टेक उत्पाद इस 500 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने की कुंजी होंगे। भारत अकेले बोइंग को 70 से 80 अरब डॉलर के नए ऑर्डर देने की तैयारी में है। डेटा सेंटर्स और AI के लिए आवश्यक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स और हाई-एंड चिप्स की खरीद में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
सप्लाई चेन और पेंडिंग ऑर्डर्स जैसी अड़चनें
इस भव्य योजना की राह में कुछ तकनीकी अड़चनें भी हैं। उदाहरण के तौर पर, बोइंग जैसी कंपनियों के पास पहले से ही भारी ऑर्डर का बैकलॉग है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अमेरिकी कंपनियां समय पर डिलीवरी दे पाएंगी? इसी तरह, वैश्विक बाजार में सेमीकंडक्टर चिप्स की भारी मांग है। भारतीय खरीदारों को इन उत्पादों को हासिल करने के लिए वैश्विक कतार में लगना होगा। गोयल ने कहा, “यह अमेरिकी विक्रेताओं पर निर्भर करता है कि वे भारतीय खरीदारों को ऐसा प्रस्ताव दें जिसे वे ठुकरा न सकें। 100 अरब डॉलर प्रति वर्ष का लक्ष्य पहले ही साल में शायद पूरा न हो, लेकिन हम उसी दिशा में बढ़ रहे हैं।”
100 अरब डॉलर प्रति वर्ष का रोडमैप
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत सालाना 100 अरब डॉलर का आयात अमेरिका से करता है तो अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार होने के साथ-साथ सबसे बड़ा ऊर्जा आपूर्तिकर्ता भी बन सकता है। इससे भारत की रूस पर निर्भरता कम होगी और अमेरिका के साथ उसके रणनीतिक संबंध और गहरे होंगे। यह समझौता केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि एक बड़ा कूटनीतिक दांव है। जहां भारत को 18% कम टैरिफ का लाभ मिल रहा है, वहीं अमेरिका को 500 अरब डॉलर का सुनिश्चित बाजार मिल गया है। अब सफलता इस बात पर टिकी है कि अमेरिकी फैक्ट्रियां और तेल के कुएं भारत की इस विशाल मांग को कितनी तेजी से पूरा करते हैं।