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  • सुरों की विदाई पर भावुक हुए गौतम अदाणी: "अमर रहेगी आशा भोसले की विरासत, सदियों तक गूँजेगी वो आवाज़"

    सुरों की विदाई पर भावुक हुए गौतम अदाणी: "अमर रहेगी आशा भोसले की विरासत, सदियों तक गूँजेगी वो आवाज़"



    नई दिल्ली।  भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सुरों की जादूगर और लाखों दिलों की धड़कन रहीं आशा भोसले ने 92 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी और उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से संगीत प्रेमियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।

    आठ दशकों तक चला सुरों का जादू

    40 के दशक में अपने करियर की शुरुआत करने वाली आशा भोसले ने संगीत की दुनिया में एक लंबा और शानदार सफर तय किया। उन्होंने बिमल रॉय, राज कपूर जैसे दिग्गजों के साथ काम किया और ओ. पी. नैय्यर, ए. आर. रहमान जैसे महान संगीतकारों के साथ मिलकर कई यादगार गीत दिए। शुरुआत में उन्होंने लो-बजट फिल्मों में गाकर पहचान बनाई, लेकिन 1957 की फिल्म नया दौर ने उन्हें स्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

    हर दौर की आवाज, हर दिल की धड़कन

    आशा भोसले की आवाज ने हर जॉनर में अपनी छाप छोड़ी। मोहम्मद रफी के साथ उनकी जोड़ी सुपरहिट रही। ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘ये मेरा दिल’ जैसे गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
    1966 में आर. डी. बर्मन के साथ फिल्म तीसरी मंजिल के गानों ने उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। वहीं 1981 की फिल्म उमराव जान में गाई गई गज़लों ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिलाया और उनकी गायकी की गहराई को साबित किया।

    रिकॉर्ड, सम्मान और अमर विरासत

    आशा भोसले ने अपने करियर में 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गाने गाए और उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण और कई राष्ट्रीय व फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उनकी आवाज सिर्फ गाने नहीं थी, बल्कि एक एहसास थी, जिसने पीढ़ियों को जोड़े रखा।

    देशभर में शोक, हमेशा जिंदा रहेंगी यादें

    आशा भोसले के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। संगीत, फिल्म और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनकी मधुर आवाज, उनके गीत और उनकी विरासत हमेशा अमर रहेगी—एक ऐसी धरोहर, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी महसूस करती रहेंगी।

  • भोपाल में ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट ;से मचा हड़कंप फॉर्च्यूनर कार बनी ,आग का गोला बिल्डिंग तक पहुंचीं लपटें

    भोपाल में ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट ;से मचा हड़कंप फॉर्च्यूनर कार बनी ,आग का गोला बिल्डिंग तक पहुंचीं लपटें


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एमपी नगर जोन 2 क्षेत्र में रविवार सुबह एक ट्रांसफॉर्मर में आग लगने के बाद हुए धमाके से इलाके में अफरा तफरी मच गई घटना इतनी तेज थी कि पास में खड़ी एक फॉर्च्यूनर कार कुछ ही पलों में आग का गोला बन गई और देखते ही देखते लपटें पास की बिल्डिंग तक पहुंच गईं

    जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजकर 35 मिनट पर ट्रांसफॉर्मर में अचानक स्पार्किंग हुई जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ ट्रांसफॉर्मर में मौजूद तेल के कारण आग तेजी से फैल गई और पास खड़ी कार को अपनी चपेट में ले लिया कार ट्रांसफॉर्मर के बेहद करीब खड़ी थी जिससे उसे बचने का कोई मौका नहीं मिला

    आग की लपटें इतनी तेज थीं कि स्थानीय लोगों ने खुद ही आग बुझाने की कोशिश की लेकिन स्थिति पर काबू पाना मुश्किल हो गया इसके बाद तुरंत फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई मौके पर पुल बोगदा और माता मंदिर क्षेत्र से दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया

    इस दौरान कार के पास स्थित बिल्डिंग भी आग की चपेट में आ गई ग्राउंड फ्लोर का गेट जल गया और ऊपर तक धुआं भर गया जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई

    बताया जा रहा है कि जली हुई फॉर्च्यूनर कार सेकेंड हैंड थी जिसकी कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी जा रही है कार पर औबेदुल्ला गंज जनपद अध्यक्ष के नाम की तख्ती लगी हुई थी जिसे बाद में हटा दिया गया जानकारी के अनुसार यह कार मरम्मत के लिए वहां खड़ी की गई थी

    घटना के बाद मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके जयहिंद शर्मा के अनुसार ट्रांसफॉर्मर में स्पार्किंग के कारण आग लगने की आशंका है और पूरे मामले की जांच की जा रही है

    बिजली कंपनी की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है यह घटना एक बार फिर शहर में विद्युत सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है

  • होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहराया संकट..

    होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहराया संकट..


    नई दिल्ली ।मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक Strait of Hormuz पर स्थिति फिर से गंभीर होती नजर आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के विफल होने के बाद इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर सीधा असर पड़ा है और कई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है।

    हालात ऐसे बन गए हैं कि इस मार्ग से गुजरने वाले कुछ बड़े टैंकरों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर जोखिम बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र है, जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा संसाधनों का आयात करता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की रुकावट का प्रभाव व्यापक स्तर पर देखने को मिलता है।

    इसी बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर जग विक्रम, जो लंबे समय से इस संवेदनशील क्षेत्र में फंसा हुआ था, अब सुरक्षित क्षेत्र में पहुंच गया है। यह जहाज करीब 42 दिनों तक तनावपूर्ण हालात के बीच इस मार्ग में रुका रहा, जिसके बाद यह सफलतापूर्वक आगे बढ़ पाया और अब भारत की ओर अग्रसर है।

    बताया जा रहा है कि इस टैंकर में बड़ी मात्रा में एलपीजी लोड है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जहाज पर सवार सभी नाविक सुरक्षित हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक सकारात्मक पहलू माना जा रहा है। यह घटनाक्रम इस बात को भी रेखांकित करता है कि वैश्विक संकट का सीधा प्रभाव समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है।

    हालांकि कुछ जहाज इस मार्ग को पार करने में सफल रहे हैं, लेकिन अभी भी कई भारतीय जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए बताए जा रहे हैं। इनमें एलपीजी टैंकर भी शामिल हैं, जिन पर बड़ी मात्रा में ईंधन लदा हुआ है। इन जहाजों की सुरक्षा और सुरक्षित निकासी को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है।

    भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है और उसमें भी मध्य पूर्व का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न किसी भी प्रकार की बाधा देश की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर ईंधन की कीमतों और उपलब्धता पर भी पड़ सकता है।

    मौजूदा परिस्थितियों में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और सभी देशों की नजर इस क्षेत्र की स्थिति पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर करेगा।

  • खंडवा में बड़ा हादसा टला बंद दफ्तर में लगी आग करोड़ों का रिकॉर्ड जलने की आशंका

    खंडवा में बड़ा हादसा टला बंद दफ्तर में लगी आग करोड़ों का रिकॉर्ड जलने की आशंका


    खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा में रविवार दोपहर उस समय अफरा तफरी मच गई जब जिला जेल के सामने स्थित राज्य कर यानी सेल्स टैक्स कार्यालय में अचानक भीषण आग लग गई देखते ही देखते आग ने पूरे दफ्तर को अपनी चपेट में ले लिया और काले धुएं के गुबार दूर तक नजर आने लगे

    घटना दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है जब स्थानीय लोगों ने बिल्डिंग से उठती तेज लपटें और घना धुआं देखा इसके बाद तुरंत डायल 112 और पुलिस को सूचना दी गई सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया

    बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि दफ्तर के अंदर रखा सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला इस आगजनी में महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज कंप्यूटर सिस्टम और फर्नीचर पूरी तरह जलकर राख हो गए हैं नुकसान कितना हुआ है इसका आकलन फिलहाल किया जा रहा है

    गनीमत यह रही कि घटना रविवार को हुई जब दफ्तर बंद था अगर यह हादसा कार्यदिवस पर होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी क्योंकि उस समय कार्यालय में कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहते

    मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी

    कोतवाली पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि आग से कितने महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज नष्ट हुए हैं

    यह घटना सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन उपायों को लेकर भी सवाल खड़े करती है क्योंकि इस तरह की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि महत्वपूर्ण प्रशासनिक रिकॉर्ड भी नष्ट कर देती हैं

  • वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा, अरुण धूमल बोले-टीम इंडिया में जल्द मिल सकता है मौका

    वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा, अरुण धूमल बोले-टीम इंडिया में जल्द मिल सकता है मौका


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सनसनी मचा रहे 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी बात सामने आई है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने इस युवा खिलाड़ी की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि उनमें भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने की क्षमता है।

    “इतने कम उम्र में ऐसा टैलेंट दुर्लभ”

    अरुण धूमल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय टीम में ओपनिंग के लिए जगह भले ही खाली न हो, लेकिन इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए “जिंदगी में एक बार मिलने वाला मौका” हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह तुरंत टीम इंडिया में शामिल करने की वकालत नहीं कर रहे हैं।

    दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ दिखाई ताकत

    वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में जसप्रीत बुमराह, जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी कर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनके शॉट चयन और आक्रामक अंदाज ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    रिकॉर्डतोड़ पारियां, हर कोई हुआ प्रभावित

    हाल ही में गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ सूर्यवंशी ने सिर्फ 26 गेंदों में 78 रन की तूफानी पारी खेली, जिससे राजस्थान रॉयल्स को शानदार जीत मिली।

    इससे पहले उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबको चौंका दिया था। खास बात यह है कि इस सीजन में उनकी दोनों फिफ्टी सिर्फ 15-15 गेंदों में आई हैं।

    ऑरेंज कैप पर कब्जा

    वैभव सूर्यवंशी ने अब तक 4 मैचों में 200 रन बनाकर IPL Orange Cap अपने नाम कर ली है। इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

    टीम इंडिया के लिए मजबूत दावेदारी

    लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते सूर्यवंशी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भले ही अभी टीम इंडिया में जगह बनाना आसान न हो, लेकिन भविष्य में वह भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं।

  • धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा, दाऊद अहमद पर कार्रवाई तेज भोपाल में संपत्ति जब्ती की तैयारी

    धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा, दाऊद अहमद पर कार्रवाई तेज भोपाल में संपत्ति जब्ती की तैयारी


    भोपाल ।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में धर्मांतरण से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई तेज हो गई है इस मामले में फंडिंग के आरोपों से घिरे दाऊद अहमद पर अब पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है आगरा पुलिस ने भोपाल स्थित उसके ठिकाने पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है और जल्द ही उसकी संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी की जा रही है

    बताया जा रहा है कि दाऊद अहमद इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग से जुड़ा एक अहम चेहरा है जो वर्तमान में कनाडा में रह रहा है जांच एजेंसियों के अनुसार उसके तार पाकिस्तान से भी जुड़े होने की आशंका जताई गई है जिससे यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है

    इस पूरे मामले की शुरुआत जुलाई 2025 में हुई थी जब आगरा के सदर क्षेत्र से दो सगी बहनें अचानक लापता हो गई थीं मामले की जांच के दौरान पुलिस को धर्मांतरण से जुड़े एक संगठित गिरोह की जानकारी मिली बाद में दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया गया जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ

    जांच में सामने आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था और इसके लिए देश के अलग अलग हिस्सों में नेटवर्क सक्रिय था पुलिस ने अब तक इस मामले में 14 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है

    इस गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान बताया जा रहा है जो दिल्ली में सक्रिय था जबकि उसकी सहयोगी आयशा गोवा में रहकर नेटवर्क को संचालित कर रही थी पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस सिंडिकेट को विदेशों से आर्थिक मदद मिल रही थी यूएई समेत कई देशों से फंडिंग की जा रही थी

    जांच एजेंसियों के अनुसार भोपाल का निवासी दाऊद अहमद इस पूरे नेटवर्क को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराता था और विदेश में रहकर इसकी गतिविधियों को सपोर्ट कर रहा था अब उसके खिलाफ नया मामला दर्ज कर कार्रवाई को और तेज कर दिया गया है

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दाऊद अहमद की भोपाल स्थित संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है ऐसे में जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही हैं

  • संजू सैमसन की पारी पर कुंबले का बड़ा बयान, समझदारी भरी बल्लेबाजी ने जीता दिल

    संजू सैमसन की पारी पर कुंबले का बड़ा बयान, समझदारी भरी बल्लेबाजी ने जीता दिल


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने आखिरकार अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने तूफानी शतक जड़ते हुए अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई। उनकी इस दमदार पारी की क्रिकेट जगत में जमकर तारीफ हो रही है।

    कुंबले ने की जमकर सराहना

    पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने सैमसन की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी “गेम अवेयरनेस” बेहद शानदार है। उन्होंने बताया कि सैमसन ने पूरे मैदान में शॉट लगाए और किसी एक दिशा पर निर्भर नहीं रहे।
    कुंबले के अनुसार, सैमसन की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने शुरुआत से ही सीधे बल्ले से खेलने पर ध्यान दिया और जरूरत पड़ने पर शॉट्स में बदलाव किया, जिससे रन बनाना आसान हो गया।

    दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी

    संजू सैमसन पिछले तीन मैचों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे थे, जिसके चलते उन पर दबाव था। लेकिन इस मैच में उन्होंने 56 गेंदों पर नाबाद 115 रन ठोककर शानदार वापसी की। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी इस पारी के दम पर टीम ने दिल्ली कैपिटल्स को 23 रन से हराया।

    “पहला शतक, बड़ी राहत”

    कुंबले ने कहा कि यह शतक सैमसन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए राहत भरा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि टी20 विश्व कप में सैमसन कई बार 90 के पार पहुंचकर शतक नहीं बना पाए थे, लेकिन इस बार उन्होंने मौका नहीं गंवाया।

    पुजारा बोले- जीत से बदलता है माहौल

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी टीम के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीम की बॉडी लैंग्वेज से साफ दिख रहा था कि उन्हें इस जीत की सख्त जरूरत थी।
    पुजारा के मुताबिक, एक बार टीम जीत की लय पकड़ लेती है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और प्लेऑफ की उम्मीदें भी मजबूत हो जाती हैं।

    प्लेयर ऑफ द मैच बने सैमसन

    इस शानदार प्रदर्शन के लिए संजू सैमसन को “प्लेयर ऑफ द मैच” चुना गया। उनकी यह पारी न सिर्फ टीम की जीत का कारण बनी, बल्कि आईपीएल 2026 में उनकी वापसी का भी संकेत है।

  • IPL 2026: GT का बड़ा फैसला, LSG पहले करेगी बल्लेबाजी, जीत का सिलसिला जारी रखने पर नजर

    IPL 2026: GT का बड़ा फैसला, LSG पहले करेगी बल्लेबाजी, जीत का सिलसिला जारी रखने पर नजर


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 19वें मुकाबले में इकाना क्रिकेट स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने हैं। मुकाबले में जीटी के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।

    गिल बोले- निरंतरता ही दिलाएगी खिताब

    टॉस के बाद शुभमन गिल ने कहा कि पिछले मैच में मिली जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में वही टीम सफल होती है जो पूरे सीजन में निरंतर प्रदर्शन करे। खास बात यह है कि गुजरात टाइटंस ने इस मैच में अपनी पिछली प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है।

    पंत का भरोसा- हर मैच में देना है बेस्ट

    वहीं एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि मौजूदा समय में पिच ऐसी होती हैं जहां पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी का ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने टीम के इंटेंट और जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि हर मैच को एक-एक करके खेलना है और अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।

    एलएसजी की नजर लगातार तीसरी जीत पर

    लखनऊ सुपर जायंट्स ने सीजन की शुरुआत हार से की थी, लेकिन उसके बाद टीम ने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीते हैं। 4 अंकों के साथ टीम फिलहाल अंकतालिका में पांचवें स्थान पर है और इस मैच में जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से उतरी है।

    गुजरात टाइटंस भी लय बरकरार रखना चाहेगी

    दूसरी ओर गुजरात टाइटंस ने तीन मैचों में से दो गंवाए हैं और एक जीत के साथ 2 अंक लेकर सातवें स्थान पर है। हालांकि टीम ने अपने पिछले मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज की थी और अब उसी लय को जारी रखना चाहेगी।

    दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

    गुजरात टाइटंस:
    साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, अशोक शर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा।

    लखनऊ सुपर जायंट्स:
    मिशेल मार्श, एडेन मार्कराम, ऋषभ पंत (कप्तान/विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, आवेश खान, दिग्वेश सिंह राठी, प्रिंस यादव।

  • सुरों की 'मैदान' छोड़ गईं आशा भोसले: क्रिकेट की दुनिया ने कहा- "आपके जैसा 'ऑलराउंडर' फिर नहीं होगा"

    सुरों की 'मैदान' छोड़ गईं आशा भोसले: क्रिकेट की दुनिया ने कहा- "आपके जैसा 'ऑलराउंडर' फिर नहीं होगा"


    नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और सदाबहार आवाज की मालकिन आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। 92 वर्ष की आयु में मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने से न सिर्फ संगीत जगत बल्कि खेल जगत में भी गहरा दुख देखने को मिला। खासतौर पर भारतीय क्रिकेट जगत के कई बड़े खिलाड़ियों और दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी विरासत को याद किया।

    क्रिकेट सितारों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि आशा भोसले की बेजोड़ प्रतिभा और शालीनता हमेशा याद रखी जाएगी। वहीं पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने उन्हें भारतीय संगीत की अमर आवाज बताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई।

    दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि आशा जी की आवाज ने पीढ़ियों को गहराई से छुआ है और उनका संगीत समय से परे है। पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी आवाज के साथ ही उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं और ऐसा लगता है जैसे बचपन का एक हिस्सा आज खामोश हो गया।

    “हमेशा सदाबहार रहेंगी आशा जी”

    पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा कि आशा भोसले की आवाज कभी पुरानी नहीं हुई और वह हमेशा सदाबहार रहेंगी। भारत की पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने इसे भारतीय संगीत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

    तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लिखा कि उनकी आवाज जीवन के हर पड़ाव पर साथ रही, जबकि पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने उन्हें “सदाबहार विरासत” करार दिया।

    अंतिम संस्कार की तैयारी

    जानकारी के अनुसार, आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    संगीत जगत की अमर आवाज

    आशा भोसले ने अपने करियर की शुरुआत 1940 के दशक में की थी और दशकों तक अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं के दिलों पर राज किया। उन्होंने मोहम्मद रफी जैसे दिग्गजों के साथ कई यादगार गीत गाए। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’ और ‘ये लड़का है अल्लाह’ आज भी लोगों की जुबां पर हैं।

    करीब 20 भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाने वाली आशा भोसले को दादा साहब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया था।

  • मऊगंज में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल एक्सीडेंट मरीज को नहीं मिला बेड खाली पड़े रहे बिस्तर

    मऊगंज में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल एक्सीडेंट मरीज को नहीं मिला बेड खाली पड़े रहे बिस्तर


    मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज स्थित सिविल अस्पताल से मानवता को झकझोर देने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है जहां एक सड़क हादसे में घायल मरीज दर्द से तड़पता रहा लेकिन उसे अस्पताल के बेड पर जगह नहीं दी गई बताया जा रहा है कि अस्पताल में बेड खाली होने के बावजूद मरीज को जमीन पर ही लेटे रहने दिया गया जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं

    वायरल हो रहे वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक गंभीर रूप से घायल मरीज अस्पताल के फर्श पर पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है जबकि पास ही कई बेड खाली थे इस दृश्य ने न केवल परिजनों को परेशान किया बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं सूत्रों के मुताबिक अस्पताल स्टाफ की ओर से यह तर्क दिया गया कि मरीज को बेड इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि उसे आगे रीवा रेफर किया जाना था और इस दौरान बेडशीट खराब होने की आशंका थी आरोप है कि खून लगने के डर से मरीज को बिस्तर पर न लिटाकर फर्श पर ही छोड़ दिया गया

    इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एक चादर की कीमत मानव जीवन और उसकी गरिमा से अधिक हो सकती है स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है बल्कि मऊगंज सिविल अस्पताल में लापरवाही और अव्यवस्था की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैंकभी मरीजों के साथ दुर्व्यवहार तो कभी डॉक्टरों की अनुपस्थिति जैसी घटनाएं पहले भी चर्चा में रही हैं लेकिन हर बार जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है

    घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर जांच और कार्रवाई की बात कह रहा है लेकिन स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक सरकारी अस्पतालों में ऐसी संवेदनहीनता देखने को मिलेगी यह मामला न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि आपात स्थिति में मरीजों के साथ मानवीय व्यवहार को लेकर अभी भी गंभीर सुधार की जरूरत है