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  • शी जिनपिंग का बड़ा कदम: सेना में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, 200,000 अधिकारियों पर गिरी गाज

    शी जिनपिंग का बड़ा कदम: सेना में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, 200,000 अधिकारियों पर गिरी गाज


    नई दिल्ली । चीन के रक्षा मंत्रालय ने देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जनरल झांग योउशिया और जनरल लियू झेनली के खिलाफ जांच शुरू की गई है। झांग पर अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैंजो आमतौर पर भ्रष्टाचार मामलों में इस्तेमाल होती है।

    75 साल के झांगसेंट्रल मिलिट्री कमीशन CMC के उपाध्यक्ष और पोलितब्यूरो के सदस्य रहे हैं। CMC सीधे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नियंत्रण में काम करती है। झांग ने 1968 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी जॉइन की थी और वे वरिष्ठ अधिकारी थे जिनके पास असली युद्ध का अनुभव था। उन्हें तय उम्र से आगे पद पर बनाए रखना शी के भरोसे को दर्शाता था।

    पिछले साल अक्टूबर में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने सेना के 9 बड़े जनरलों को सस्पेंड किया था। विशेषज्ञ इसे दशकों में सेना का सबसे बड़ा सफाई अभियान मानते हैं। इसके बाद 200,000 अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के लिए कार्रवाई की गई है।

    शी जिनपिंग ने बार-बार कहा है कि भ्रष्टाचार पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हालांकि आलोचक मानते हैं कि यह अभियान केवल सुधार के लिए नहींबल्कि सत्ता को मजबूत करने और विरोधियों को हटाने का जरिया भी है। इस कार्रवाई को सेना को अनुशासित और शी के प्रति वफादार बनाने की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

  • राष्ट्रीय मतदाता दिवस और नर्मदा जयंती आज, उज्जैन को सीएम की करोड़ों की सौगात, महाकाल लोक में 488 होमगार्ड तैनात

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस और नर्मदा जयंती आज, उज्जैन को सीएम की करोड़ों की सौगात, महाकाल लोक में 488 होमगार्ड तैनात


    भोपाल । मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां पूरे प्रदेश में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर जीवनदायिनी मां नर्मदा का पावन जन्मोत्सव भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे और कई कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।

    सीएम डॉ. मोहन यादव का उज्जैन दौरा

    तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10 बजे उज्जैन के हामुखेड़ी पहुंचेंगे। यहां वे विकलांग आवासीय विद्यालय में आयोजित हर क्षमता को उड़ान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात का श्रवण भी करेंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री फ़ाज़लपुरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचकर उसका लोकार्पण करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे हरिफाटक ब्रिज पहुंचकर रेलवे ओवरब्रिज के भूमिपूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। दोपहर 3:05 बजे और 3:45 बजे वे दो अलग-अलग स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम 4:30 बजे एसजीएमएल अस्पताल, हासामपुरा पहुंचकर एक अन्य कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

    सिंहस्थ और महाकाल लोक को लेकर सुरक्षा तैयारी

    सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। महाकाल लोक और महाकाल मंदिर की सुरक्षा के लिए 488 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। ये जवान केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में ही अपनी सेवाएं देंगे। जवानों का वेतन महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा दिया जाएगा और उनकी ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई जाएगी। इसके साथ ही ESB के माध्यम से मंदिर सुरक्षा के लिए भर्ती भी की जाएगी और इन जवानों का अन्यत्र ट्रांसफर नहीं हो सकेगा।

    लोकभवन तीन दिन आमजन के लिए खुला

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल स्थित लोकभवन आम नागरिकों के लिए खोला जा रहा है। आम लोग 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक लोकभवन का भ्रमण कर सकेंगे। 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक तथा 26 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोकभवन आमजनों के लिए खुला रहेगा। वाहन पार्किंग की सुविधा कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में उपलब्ध रहेगी।

    आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस

    आज प्रदेशभर में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के 71,930 मतदान केंद्रों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि रहेंगे। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा। इस अवसर पर उत्कृष्ट निर्वाचन कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, BLO मास्टर ट्रेनर्स और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 में योगदान देने वाले अधिकारियों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे।

    नर्मदा जयंती आज

    आज मध्यप्रदेश की आस्था की धुरी मां नर्मदा का जन्मोत्सव है। अमरकंटक, नर्मदापुरम, जबलपुर, ओंकारेश्वर, नरसिंहपुर, महेश्वर, बड़वानी, धार और भोपाल सहित कई शहरों में भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर विशेष पूजन-अर्चन और भंडारे का आयोजन किया गया है।

    डॉ. ए.के. द्विवेदी को राष्ट्रीय जिम्मेदारी

    इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी को राष्ट्रीय स्तर की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने उन्हें शिलांग स्थित पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में तीन वर्षों के लिए सदस्य मनोनीत किया है।

  • मां नर्मदा प्रकटोत्सव: कड़ाके की ठंड में भी नहीं डिगी आस्था, बरमान घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़

    मां नर्मदा प्रकटोत्सव: कड़ाके की ठंड में भी नहीं डिगी आस्था, बरमान घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश में मां नर्मदा प्रकटोत्सव का पावन पर्व रविवार को पूरे श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई। नरसिंहपुर जिले के प्रसिद्ध और पवित्र बरमान घाट पर रविवार तड़के से ही नर्मदा भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
    नर्मदा जन्मोत्सव को लेकर बरमान घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शनिवार रात से ही शुरू हो गई थी। आधी रात के बाद से ही घाट पर भक्तों का सैलाब उमड़ने लगा। जैसे ही सुबह सूर्य की पहली किरण मां नर्मदा के जल पर पड़ी श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की। पूरा घाट नर्मदे हर के जयघोष से गूंज उठा।

    कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। ठंड से बचने के लिए लोग ऊनी कपड़ों में घाट पहुंचे लेकिन स्नान के समय आस्था ने ठंड पर जीत हासिल कर ली। श्रद्धालुओं का कहना था कि मां नर्मदा में स्नान मात्र से तन-मन दोनों पवित्र हो जाते हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरमान घाट का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इसी स्थान पर सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने कठोर तपस्या की थी। यही कारण है कि नर्मदा प्रकटोत्सव के अवसर पर यहां स्नान और पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते आज लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां रेवा के दर्शन और पूजन के लिए बरमान घाट पहुंचे।

    घाट पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा की आरती की, दीपदान किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों से पैदल यात्रा कर यहां पहुंचे। भक्तों का कहना है कि नर्मदा केवल एक नदी नहीं बल्कि जीवनदायिनी मां हैं जिनके दर्शन मात्र से मन को शांति मिलती है। प्रशासन की ओर से भी आयोजन को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा, वहीं गोताखोरों की टीम और स्वास्थ्य अमला भी घाट पर मौजूद रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।

    नर्मदा प्रकटोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई और कई स्थानों पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। दोपहर तक घाट पर श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहने की संभावना है। कुल मिलाकर, मां नर्मदा प्रकटोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आस्था के आगे ठंड, दूरी और कठिनाइयां कोई मायने नहीं रखतीं। मां नर्मदा के प्रति श्रद्धालुओं की भक्ति और विश्वास हर साल इसी तरह बरमान घाट पर उमड़ता रहता है।

  • अपनी बात मनवाने के लिए जान जोखिम में डालने का ट्रेंड: प्रेमी और नाराज पत्नी मोबाइल टावर पर चढ़े, समाज के लिए चेतावनी

    अपनी बात मनवाने के लिए जान जोखिम में डालने का ट्रेंड: प्रेमी और नाराज पत्नी मोबाइल टावर पर चढ़े, समाज के लिए चेतावनी


    सिंगरौली । अपनी बात मनवाने और भावनात्मक दबाव बनाने के लिए जान जोखिम में डालने का चलन अब चिंताजनक रूप लेता जा रहा है। सिंगरौली जिले में बीते दो दिनों के भीतर सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने न केवल लोगों को चौंकाया है, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। परिस्थितियां भले ही अलग रही हों, लेकिन दोनों मामलों में तरीका एक ही थामोबाइल टावर पर चढ़कर आत्मघाती कदम जैसा खतरनाक विरोध।

    प्रेम प्रसंग में उठाया फिल्मी कदम

    पहली घटना 23 जनवरी की है। देवसर जियावन थाना क्षेत्र के धनहा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रवि कुशवाहा नामक युवक गांव में बने मोबाइल टावर पर चढ़ गया। बताया गया कि युवक प्रेम प्रसंग और अंतरजातीय विवाह को लेकर अपने परिजनों की सहमति चाहता था। परिवार के विरोध से आहत युवक ने परिजनों को मनाने के लिए खतरनाक रास्ता चुना। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने फिल्म शोले की तर्ज पर यह कदम उठाया जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। घंटों की समझाइश और भावनात्मक संवाद के बाद युवक

  • नॉर्वे का 4 महीने का अंधेरा: इंसानों से ज्यादा भालू और ‘कोसेलिग’ में बसा जीवन

    नॉर्वे का 4 महीने का अंधेरा: इंसानों से ज्यादा भालू और ‘कोसेलिग’ में बसा जीवन


    नई दिल्ली। सोचिए सुबह 8 बजे दफ्तर निकलें और बाहर घना अंधेरा हो। लंच ब्रेक में भी तारे चमक रहे हों और शाम को लौटते समय भी वही सन्नाटा। नॉर्वे के लॉन्गइयरबायेन में करीब 2500 लोग हर साल नवंबर से फरवरी तक लगातार चार महीने इसी घने अंधेरे में बिताते हैं। विज्ञान की भाषा में इसे पोलर नाइट कहते हैं जब सूरज पर्दे के पीछे ही रहता है और दुनिया पूरी तरह कृत्रिम रोशनी पर निर्भर हो जाती है।

    यहां की डेली रूटीन सूरज पर नहीं बल्कि नंबरों और कृत्रिम लाइट पर निर्भर होती है। लोग विटामिन-डी की गोलियां और विशेष लैंप्स का सहारा लेते हैं ताकि शरीर को लगे कि दिन हो गया।अंधेरे में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए लोग कोसेलिग नाम की फिलॉसफी अपनाते हैं। यह उनके लिए सुकून की भावना है। घरों को मोमबत्तियों ऊनी कंबलों और गर्म कॉफी से सजाया जाता है। संगीत बोर्ड गेम्स और कहानियों की महफिल घर-घर में सजती रहती है।

    सामूहिक जीवन और नॉर्दर्न लाइट्स:
    अकेलेपन को दूर करने के लिए सामूहिक भोज यानी कम्युनिटी डिनर आयोजित होते हैं। द्वीप पर करीब 50 देशों के लोग रहते हैं जो मुख्य रूप से रिसर्च और माइनिंग के लिए आए हैं। अंधेरे के महीनों में यहां की सोशल लाइफ बेहद एक्टिव रहती है। लोग स्नोमोबाइल में सवार होकर नीली बर्फ की वादियों में नॉर्दर्न लाइट्स देखने निकलते हैं। पोलर जैज जैसे संगीत फेस्टिवल्स सन्नाटे को संगीत से भर देते हैं।

    अंधेरे में सुरक्षा और भालू का खतरा:
    यहां इंसानों से ज्यादा भालू हैं और अंधेरे में वे और भी खतरनाक हो जाते हैं। लोग हमेशा हेडलाइट्स और रिफ्लेक्टिव जैकेट्स पहनकर चलते हैं। सड़कों पर अजनबियों का हेलो कहना आम है क्योंकि हर इंसान एक-दूसरे का सहारा है।

    सूरज की वापसी का उत्सव:
    फरवरी के अंत में जब पहली बार सूरज की किरण गिरती है तो पूरा शहर सोलफेस्टुका मनाता है। लोग हफ्तों से उस एक किरण का इंतजार करते हैं जो उन्हें याद दिलाती है कि अंधेरा कितना लंबा भी हो उजाला लौटकर जरूर आता है।स्वालबार्ड का यह द्वीप सिखाता है कि खुशियां बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं होतीं। चार महीने का अंधेरा भी लोग प्यार उत्सव और समुदाय के साथ जीत सकते हैं।

  • पॉवर गॉशिप: नेताजी ने बदले ‘देवता’, ‘गौभक्त’ की आड़ में उलझी जांच और उत्तरायण से बचते सियासी दावेदार

    पॉवर गॉशिप: नेताजी ने बदले ‘देवता’, ‘गौभक्त’ की आड़ में उलझी जांच और उत्तरायण से बचते सियासी दावेदार


    भोपाल । प्रदेश की सियासत में इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। सत्ता और संगठन के गलियारों में ऐसी कई कहानियां तैर रही हैं जिनमें नाम कम और इशारे ज्यादा हैं। राजनीतिक नियुक्तियों से लेकर जांच एजेंसियों की चाल और आगामी विधानसभा चुनाव की दावेदारी तक हर मोर्चे पर असमंजस और समीकरणों की नई पटकथा लिखी जा रही है।

    नेताजी के बदले देवता नई भक्ति नई उम्मीद

    राजनीतिक नियुक्तियों की सूची में अपनी जगह पक्की कराने के लिए प्रदेश के एक चर्चित नेताजी पिछले काफी समय से ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी निर्णायककर्ताओं के चक्कर लगाते नजर आ रहे थे। नेताजी को पूरा भरोसा था कि नया साल शुरू होते ही उनके सितारे बुलंदी पर होंगे और मनचाही जिम्मेदारी उनके नाम लिखी जाएगी। लेकिन साल बदला, कैलेंडर पलटा, पर किस्मत ने अब तक उनका साथ नहीं दिया। इधर राष्ट्रीय स्तर पर समीकरणों में हलचल बढ़ी तो नेताजी ने भी अपनी रणनीति बदल ली। पुराने निर्णायककर्ता से दूरी बनाकर अब उन्होंने नए निर्णायककर्ता की शरण लेना शुरू कर दिया है। सत्ता की राजनीति में ‘देवता’ बदलना कोई नई बात नहीं, लेकिन इस बार नेताजी को पूरी उम्मीद है कि यह बदलाव उनके राजनीतिक भविष्य के लिए संजीवनी साबित होगा। फिलहाल नेताजी पूरी तरह आश्वस्त हैं कि देर-सवेर उनका नंबर जरूर आएगा।

    गौभक्त नेताजी की तलाश तेज जांच धीमी सच्चाई

    भोपाल के बहुचर्चित गौकशी मामले में जांच की रफ्तार कागजों पर भले ही तेज दिखाई दे रही हो, लेकिन जमीनी सच्चाई अब भी धुंध में है। हैरानी की बात यह है कि जांच एजेंसियां अब तक यह साफ नहीं कर पाई हैं कि गायें आखिर स्लॉटर हाउस तक पहुंचीं कैसे। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस पूरे मामले के पीछे एक प्रभावशाली ‘गौभक्त’ नेताजी की भूमिका बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच दल कार्रवाई तो कर रहा है, लेकिन असली मुलजिमों तक पहुंचते-पहुंचते कदम ठिठक जा रहे हैं। ऐसा तंत्र बनाया गया है कि जांच भी चलती रहे और प्रभावशाली चेहरों पर आंच भी न आए। नतीजा यह है कि फाइलें आगे बढ़ रही हैं, बयान दर्ज हो रहे हैं, लेकिन सच्चाई तक पहुंचने का रास्ता अब भी टेढ़ा बना हुआ है। गौभक्ति और राजनीति के इस मेल में जांच की दिशा पर सवाल उठने लगे हैं।

    उत्तरायण होने को कोई नेता तैयार नहीं

    इधर मकर संक्रांति के साथ भगवान सूर्य भले ही दक्षिणायन से उत्तरायण हो गए हों, लेकिन राजनीति में कुछ नेता अब भी उत्तरायण होने से बचते नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान जब बीजेपी नेताओं की अनौपचारिक जमावट हुई तो चर्चा का रुख भोपाल उत्तर विधानसभा सीट की ओर मुड़ गया। सवाल सीधा था 2028 में इस सीट से दावेदारी कौन करेगा सवाल सुनते ही नेताओं के बीच खामोशी छा गई। सब एक-दूसरे की ओर देखते रहे, लेकिन किसी ने भी खुलकर यह कहने की हिम्मत नहीं की कि वह चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है। इसी बीच एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने माहौल को हल्का करते हुए तंज कस दिया 2028 में उत्तरायण होने को कोई नेता तैयार नहीं है। यह बात भले ही मजाक में कही गई हो, लेकिन इसके पीछे का सियासी डर और असमंजस साफ झलक रहा था। कुल मिलाकर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों देवता बदलने की कवायद, गौभक्ति की आड़ में उलझी जांच और कुछ सीटों पर चुनावी उत्तरायण से बचने की रणनीति, तीनों ही पॉवर गॉशिप का बड़ा हिस्सा बनी हुई हैं।

  • मिनियापोलिस में ICE फायरिंग: एक की मौत, ट्रंप और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ा

    मिनियापोलिस में ICE फायरिंग: एक की मौत, ट्रंप और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ा


    वॉशिंगटन। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस में ICE एजेंट की गोलीबारी से एक शख्स की मौत हो गई, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ के बीच विवाद तेज हो गया।

    ट्रंप ने मिनेसोटा के गवर्नर और मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे पर आरोप लगाया कि वे विद्रोह भड़का रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि नेता अपनी “घमंडी और अहंकारी बयानबाजी” से हिंसा बढ़ा रहे हैं और उन्हें लोगों के पैसे और सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। ट्रंप ने ICE एजेंट पर हमला करने वाले व्यक्ति की फिंगर की तस्वीरें भी साझा कीं।राष्ट्रपति ने सवाल उठाया कि स्थानीय पुलिस को ICE अधिकारियों की सुरक्षा के लिए क्यों तैनात नहीं किया गया और दावा किया कि मृतक हथियारबंद था। ट्रंप ने कहा कि ICE एजेंट्स को आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी और उन्हें अपना काम करने दिया जाना चाहिए।

    वहीं, गवर्नर टिम वॉल्ज़ ने संघीय कार्रवाई की निंदा की और अधिकारियों को मिनेसोटा से तुरंत बाहर निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह अभियान गलत है और राष्ट्रपति को इसे तुरंत रोकना चाहिए।घटना मिनियापोलिस के दक्षिणी हिस्से में हुई, और स्थानीय अधिकारी जांच में जुटे हैं। लोगों से शांति बनाए रखने और प्रभावित इलाके से दूर रहने की अपील की गई है।

    यह घटना ICE के बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे एंटी-इमिग्रेशन ऑपरेशन के दौरान हुई। इससे पहले 7 जनवरी को 37 वर्षीय रेनी गुड नामक महिला की ICE फायरिंग में मौत हो गई थी, जिससे अमेरिका में भारी विरोध हुआ था। रेनी गुड तीन बच्चों की मां थीं, और DHS का दावा था कि वह एजेंट पर हमला कर रही थी। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ICE एजेंट का बचाव किया था

  • सुप्रीम कोर्ट के जज का चेतावनी भरा संदेश, कॉलेजियम प्रणाली पर उठाए सवाल

    सुप्रीम कोर्ट के जज का चेतावनी भरा संदेश, कॉलेजियम प्रणाली पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कॉलेजियम सिस्टम में सरकार के बढ़ते हस्तक्षेप पर चिंता जताई है। शनिवार को पुणे के ILS लॉ कॉलेज में दिए व्याख्यान में उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बाहरी ताकतों से नहीं, बल्कि भीतर से है।

    जस्टिस भुइयां ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन के तबादले का उदाहरण देते हुए कॉलेजियम के फैसले पर सवाल उठाया। अगस्त में कॉलेजियम ने उन्हें छत्तीसगढ़ HC भेजने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र सरकार के अनुरोध पर अक्टूबर में उनका तबादला इलाहाबाद HC कर दिया गया।यह तबादला उस समय हुआ जब जस्टिस श्रीधरन ने मई में एक भाजपा मंत्री द्वारा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर स्वतः संज्ञान लिया था। कानून विशेषज्ञ इसे सरकार के खिलाफ असुविधाजनक निर्णय की “सजा” मानते हैं।

    अधिकार और संवैधानिक नैतिकता:
    जस्टिस भुइयां ने कहा, “जजों के तबादले में सरकार की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। यह न्यायपालिका का अनन्य क्षेत्र है।” उन्होंने कॉलेजियम के सदस्यों से आग्रह किया कि वे बिना किसी डर या पक्षपात के अपनी शपथ का पालन करें और सिस्टम की अखंडता बनाए रखें। वेने कहा, “यदि न्यायपालिका अपनी साख खो देगी, तो जज और अदालतें रह जाएंगी, लेकिन न्यायपालिका की आत्मा गायब हो जाएगी।”

    कॉलेजियम प्रणाली में सुधार:

    जस्टिस भुइयां ने स्वीकार किया कि वर्तमान कॉलेजियम प्रणाली जजों की नियुक्ति के लिए आदर्श नहीं है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश की व्यक्तिगत राजनीतिक विचारधारा हो सकती है, लेकिन फैसले हमेशा संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप होने चाहिए।

  • चांदमारी पहाड़ी पर युवती से दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात, अपहरण कर घंटों बंधक बनाकर किया गया अत्याचार

    चांदमारी पहाड़ी पर युवती से दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात, अपहरण कर घंटों बंधक बनाकर किया गया अत्याचार

    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से महिला सुरक्षा को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। चांदमारी पहाड़ी क्षेत्र में एक युवती के साथ अपहरण के बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने युवती को जबरन बंधक बनाकर रखा और उसके साथ बार-बार दैहिक शोषण किया। किसी तरह साहस जुटाकर पीड़िता आरोपियों के चंगुल से भाग निकली और घमापुर थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

    पुलिस के अनुसार यह घटना 21 जनवरी की बताई जा रही है। पीड़िता अपने बहन के घर पनागर जा रही थी तभी रास्ते में हर्ष कुशवाहा और उसका साथी कन्हैया ठाकुर ने उसे जबरन एक वाहन में बैठा लिया। आरोपियों ने युवती को चांदमारी पहाड़ी के सुनसान इलाके में ले जाकर बंधक बना लिया। वहां मुख्य आरोपी हर्ष कुशवाहा ने युवती के साथ कई बार दुष्कर्म किया।

    पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपियों की क्रूरता इतनी अधिक थी कि वह डर और शारीरिक पीड़ा के कारण बेहोश हो गई। इसके बावजूद आरोपियों ने मानवता को शर्मसार करते हुए उस पर पानी छिड़ककर होश में लाया और फिर उसके साथ दैहिक शोषण किया। पीड़िता लगातार अपनी जान की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने किसी तरह की दया नहीं दिखाई।

    पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी हर्ष कुशवाहा पिछले करीब पांच वर्षों से उसे परेशान कर रहा था। वह आए दिन उसका पीछा करता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। आरोपी कंचनपुर आजाद नगर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। लंबे समय से चल रही प्रताड़ना के बावजूद पीड़िता भय के कारण पहले शिकायत नहीं कर पाई थी।

    किसी तरह मौके का फायदा उठाकर पीड़िता आरोपियों के कब्जे से भाग निकली और सीधे घमापुर थाने पहुंची। घमापुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरो पर कायमी कर प्रकरण दर्ज किया और केस डायरी पनागर थाना भेज दी गई है, क्योंकि घटना स्थल पनागर थाना क्षेत्र में आता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

    इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं और पुलिस प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ त्वरित न्याय की अपेक्षा की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

  • आयुर्वेद के तीन असरदार उपाय दूर करेंगे एनीमिया की समस्या जानिए क्या रखें खास ध्यान

    आयुर्वेद के तीन असरदार उपाय दूर करेंगे एनीमिया की समस्या जानिए क्या रखें खास ध्यान


    नई दिल्ली।खान पान में पोषक तत्वों की कमी के कारण बच्चों से लेकर महिलाओं तक एनीमिया की समस्या आम होती जा रही है सिर दर्द चक्कर आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर अक्सर डॉक्टर आयरन की दवाएं देते हैं लेकिन कई मामलों में दवा लेने के बावजूद शरीर में रक्त की कमी बनी रहती है ऐसे में आयुर्वेद में बताए गए प्राकृतिक उपाय लंबे समय तक राहत देने में सहायक हो सकते हैंआयुर्वेद के अनुसार यदि सही तरीके से कुछ नियमों का पालन किया जाए तो मात्र सात दिनों में शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस किए जा सकते हैं पहला उपाय आयुर्वेदिक पंचामृत के रूप में बताया गया है इसमें रसोई में मौजूद कुछ सामान्य चीजों का नियमित सेवन करने की सलाह दी जाती है

    रक्त की कमी होने पर रात में दो मुनक्का और दो अंजीर भिगोकर सुबह उनका सेवन करना लाभकारी माना गया है इसके साथ लौह भस्म को शहद के साथ चाटना चाहिए सुबह खाली पेट सफेद पेठे और आंवले का रस पीना शरीर में रक्त निर्माण को बढ़ावा देता है तिल और गुड़ का सेवन भी आयरन की कमी को पूरा करने में सहायक है वहीं रात में गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लेने से पाचन सुधरता है और रक्त शुद्ध होता है

    दूसरा उपाय आहार तालिका से जुड़ा है भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां सहजन की पत्ती और डंडी तथा चुकंदर को शामिल करना चाहिए फलों में अनार अंगूर सेब और खजूर का सेवन लाभदायक होता है दिन के समय छाछ पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है जिससे रक्त की मात्रा बढ़ने में सहायता मिलती हैइसके साथ यह जानना भी जरूरी है कि किन चीजों से परहेज करना चाहिए अधिक मात्रा में हरी मिर्च बैंगन ज्यादा खट्टे फल और पैक्ड खाद्य या पेय पदार्थों का सेवन एनीमिया की समस्या को बढ़ा सकता है इसलिए इनसे दूरी बनाना जरूरी है

    तीसरा उपाय जीवनशैली से जुड़ा है आयुर्वेद के अनुसार लोहे के बर्तन में भोजन पकाने से शरीर को प्राकृतिक रूप से आयरन प्राप्त होता है जिससे रक्त निर्माण में मदद मिलती है इसके अलावा सूर्य स्नान भी बेहद जरूरी माना गया है सुबह की हल्की धूप शरीर में विटामिन डी के स्तर को बढ़ाती है जो लाल रक्त कोशिकाओं को मजबूत बनाता हैआयुर्वेदिक उपायों के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाकर एनीमिया की समस्या से प्राकृतिक रूप से राहत पाई जा सकती है