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  • डॉक्टर ने जताई जान का खतरा, पुलिस से मांगी सुरक्षा, आरोपी सलाखों के पीछे!

    डॉक्टर ने जताई जान का खतरा, पुलिस से मांगी सुरक्षा, आरोपी सलाखों के पीछे!


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Dewas में सामने आए ब्लैकमेलिंग मामले ने तूल पकड़ लिया है। शहर के कई डॉक्टर एकजुट होकर कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस से सुरक्षा की मांग की। डॉक्टरों का कहना है कि एक महिला डॉक्टर का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ असामाजिक तत्व उन्हें परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

    पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा

    सीएसपी Sumit Agrawal ने बताया कि डॉक्टरों ने आवेदन देकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कुछ लोग माहौल का गलत फायदा उठाकर डॉक्टरों को परेशान कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें हर संभव सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है।

    7 आरोपियों पर केस, 5 गिरफ्तार

    कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि ये लोग मरीज बनकर डॉक्टरों से संपर्क करते थे, स्टिंग ऑपरेशन करते थे और फिर ब्लैकमेलिंग करते थे। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

    रेलवे स्टेशन से दबोचे गए आरोपी

    गिरफ्तार आरोपियों में पटियाला निवासी Vinay Arora और उसकी साथी Rajni Bhatia शामिल हैं, जिन्हें देवास रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। दोनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके अलावा एक आरोपी पुलिस रिमांड पर है, जबकि एक महिला और एक अन्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है।

    महिला डॉक्टर का लाइसेंस रद्द, अस्पताल सील

    मामले में कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर Charu Tiwari के नर्सिंग होम का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसीलदार सपना शर्मा की मौजूदगी में मेडिकल टीम ने अस्पताल पहुंचकर परामर्श कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड को सील कर दिया।

    देवास ब्लैकमेलिंग मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस जहां आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है, वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा और मेडिकल सिस्टम की साख बनाए रखना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

  • अर्चना ने रेस्टोरेंट की आदतों पर दी कंजूसी वाली धारणा की सफाई…

    अर्चना ने रेस्टोरेंट की आदतों पर दी कंजूसी वाली धारणा की सफाई…


    नई दिल्ली। मनोरंजन जगत में अपनी बेबाक बातों और हास्य भरे अंदाज के लिए मशहूर अर्चना पूरन सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई फिल्मी रोल नहीं बल्कि उनकी वह आदत है, जिसे लेकर अक्सर लोग उन्हें मजाक में कंजूस कह देते हैं। एक टेलीविजन शो के दौरान हुए हल्के फुल्के बातचीत में उन्होंने अपनी इन आदतों पर खुलकर सफाई दी और पूरे माहौल को हंसी मजाक से भर दिया।

    रेस्टोरेंट की आदत पर हुआ मजेदार खुलासा
    शो के दौरान अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि जब भी वे किसी रेस्टोरेंट में जाती हैं तो वहां मिलने वाले बड़े टिश्यू पेपर को एक बार इस्तेमाल करके फेंकने के बजाय संभालकर रख लेती हैं। उनका कहना था कि इन टिश्यू का बाद में मेकअप हटाने या किसी छोटे काम के लिए दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी बात को लेकर कई लोग उन्हें कंजूस कहने लगते हैं, लेकिन अर्चना का मानना है कि यह कंजूसी नहीं बल्कि चीजों की बर्बादी रोकने की आदत है।

    पुराने सामान को लेकर अलग सोच
    अर्चना ने बातचीत में यह भी बताया कि वे पुरानी चीजों को फेंकने में विश्वास नहीं रखतीं। उनके अनुसार किसी भी वस्तु का उपयोग खत्म होने के बाद भी उसे किसी नए रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनके पास अब भी कई साल पुराने कपड़े मौजूद हैं जिन्हें वे संभालकर रखती हैं। उनके मुताबिक फैशन बार बार वापस आता है, इसलिए पुरानी चीजें कभी पूरी तरह बेकार नहीं होतीं।

    अक्षय कुमार की मस्ती और पुराने किस्से
    इसी शो में अभिनेता अक्षय कुमार भी मौजूद थे जिन्होंने बातचीत के दौरान अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में वह और अर्चना के पति परमीत सेठी काम की तलाश में काफी संघर्ष करते थे और कई बार फिल्मी ऑफिसों के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ता था। अक्षय ने कहा कि वे दिन मुश्किल जरूर थे लेकिन उनमें सीख और दोस्ती दोनों मजबूत हुईं।

    मजाक में छिड़ा बाथरोब का किस्सा
    बातचीत के दौरान अक्षय कुमार ने मजाक में एक पुराना किस्सा भी छेड़ा जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने सुना है अर्चना ने कभी होटल से बाथरोब ले लिया था। इस पर अर्चना ने भी हंसते हुए जवाब दिया कि अगर अक्षय यह साबित कर दें तो वे उन्हें अपना बंगला दे देंगी। इस मजाकिया जवाब ने पूरे माहौल को और हल्का और मनोरंजक बना दिया।

    शो में दिखा पुरानी यादों का मेल
    इस एपिसोड में सिर्फ हंसी मजाक ही नहीं बल्कि पुराने संघर्ष, दोस्ती और फिल्मी सफर की कई यादें भी सामने आईं। अर्चना, अक्षय और परमीत सेठी की बातचीत ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ साथ इंडस्ट्री के शुरुआती संघर्ष की झलक भी दिखाई।

    फैंस के बीच बढ़ी चर्चा
    यह पूरा एपिसोड सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। अर्चना के मजेदार जवाब और अक्षय कुमार की चुटीली बातों ने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। लोग इस बातचीत को हल्के फुल्के अंदाज में पसंद कर रहे हैं और इसे शो का सबसे मनोरंजक हिस्सा बता रहे हैं।

  • पाइपलाइन के लिए खोदा गड्ढा बना हादसे की वजह, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

    पाइपलाइन के लिए खोदा गड्ढा बना हादसे की वजह, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार बाइक 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में दो युवक घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पाइपलाइन के लिए खोदा गया था गड्ढा

    यह घटना रांझी थाना क्षेत्र के गोकलपुर गांव की है, जहां नगर निगम द्वारा अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन डालने के लिए सड़क पर गहरा गड्ढा खोदा गया था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड भी मौके पर गिरे हुए थे, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया।

    80 किमी/घंटा की रफ्तार बनी हादसे की वजह

    सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, बाइक की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे से ज्यादा थी। तेज गति के कारण चालक गड्ढे को समय पर देख नहीं सका और बाइक सीधे उसमें जा गिरी।

    पुलिस ने दिखाई तत्परता

    घटना के समय रांझी पुलिस की गश्त टीम पास ही मौजूद थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत रांझी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

    अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। बैरिकेड्स का गिरा होना और चेतावनी संकेतों का अभाव इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जबलपुर में हुआ यह हादसा भले ही जानलेवा नहीं रहा, लेकिन यह साफ करता है कि सड़क निर्माण और खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।

  • बैतूल में योजना पर सवाल पात्र होने के बावजूद नहीं हुआ पंजीयन, कलेक्टर से शिकायत

    बैतूल में योजना पर सवाल पात्र होने के बावजूद नहीं हुआ पंजीयन, कलेक्टर से शिकायत


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें एक युवती ने पात्र होने के बावजूद पंजीयन नहीं किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला चिखली आमढ़ाना निवासी 21 वर्षीय सोनम से जुड़ा है, जिसने जिला प्रशासन से शिकायत कर अधिकारियों पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है।

    सोनम का कहना है कि वह योजना के तहत सभी पात्रता मानदंड पूरे करती है, इसके बावजूद उसका आवेदन जनपद पंचायत बैतूल में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। पिछले तीन से चार दिनों से वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही है, लेकिन बार-बार आवेदन लेने से इनकार किया जा रहा है, जिससे वह सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रही है।

    इस मामले को लेकर युवती ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसका हक प्रभावित हो रहा है। आरोप है कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है।

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करना है, ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक सहयोग मिल सके। लेकिन इस तरह के मामलों से योजना के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

    फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर जांच की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं युवती का कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, वह लगातार अपनी शिकायत को आगे बढ़ाती रहेगी। यह मामला एक बार फिर सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंचने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • साथ जीने-मरने की कसम बनी हकीकत, दूल्हा-दुल्हन सा सजकर की आत्महत्या

    साथ जीने-मरने की कसम बनी हकीकत, दूल्हा-दुल्हन सा सजकर की आत्महत्या


    नई दिल्ली। मुठिया टोला, चांदपुर मुठिया टोला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दंपती ने साथ जीने-मरने की कसम को सच करते हुए फांसी लगाकर जान दे दी। 1 अप्रैल को दोनों अपने ही घर में फंदे से लटके मिले, जिससे परिवार और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

    सुसाइड से पहले की अजीब तैयारी

    परिजनों के अनुसार, घटना से पहले दोनों ने खुद को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाया था। घर में पॉपकॉर्न और शराब भी लाई गई थी। इतना ही नहीं, मोबाइल में “साथ जिएंगे, साथ मरेंगे…” की रिंगटोन भी सेट की गई थी। इन सभी तैयारियों से साफ है कि यह कदम अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के साथ उठाया गया।

    नई रस्सी से फांसी लगाकर दी जान

    बताया जा रहा है कि दंपती ने नई रस्सी का इस्तेमाल कर फांसी लगाई। घटना के समय घर में कोई और मौजूद नहीं था। जब परिजनों ने देखा तो दोनों मृत अवस्था में लटके मिले, जिससे घर में कोहराम मच गया।

    पिता का दर्द: “घर में कोई परेशानी नहीं थी”

    मृतक युवक के पिता गणेश पटेल ने रोते हुए बताया कि दोनों की शादी परिवार की सहमति से हुई थी। रिश्तेदारी में पहचान होने के बाद दोनों की जिद पर शादी कराई गई थी। उन्होंने कहा, “शादी के ढाई साल तक सबकुछ सामान्य था। घर में कोई परेशानी नहीं थी, फिर भी उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह समझ से परे है।”

    पुराने रिश्ते को लेकर शक

    पिता ने आशंका जताई कि शादी से पहले बहू किसी अन्य युवक के संपर्क में थी। उनका कहना है कि संभव है वही व्यक्ति उसे परेशान कर रहा हो। हालांकि यह सिर्फ एक शक है और असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।

    अनसुलझे सवालों में उलझी कहानी

    यह घटना कई सवाल छोड़ गई है-

    क्या दंपती किसी मानसिक दबाव में थे?
    क्या किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी?
    या फिर यह दोनों का आपसी फैसला था?
    इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं।

    पुलिस जांच जारी

    पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और आसपास के लोगों से पूछताछ के जरिए सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

    चांदपुर की यह घटना एक गहरी त्रासदी है, जिसने परिवार को तोड़कर रख दिया है और समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • प्रॉपर्टी विवाद में खूनी हमला, महिला ने मिर्ची झोंकी, साथी ने मारी गोली!

    प्रॉपर्टी विवाद में खूनी हमला, महिला ने मिर्ची झोंकी, साथी ने मारी गोली!


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां हाई कोर्ट में मुंशी का काम करने वाले व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया गया। हमलावरों ने पहले उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला और फिर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पीड़ित खुद पुलिस चौकी पहुंचा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    महिला ने रोका, फिर शुरू हुआ हमला

    घटना पाटन थाना क्षेत्र के बेनीखेड़ा इलाके की है। जानकारी के अनुसार, आगाशोद निवासी 52 वर्षीय ठाकुर दास पटेल बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने चेहरा ढंककर उन्हें रास्ते में रोका और अचानक उनकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। मिर्च लगते ही उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े।

    घात लगाए बैठे आरोपियों ने घेरकर की मारपीट

    जैसे ही ठाकुर दास नीचे गिरे, पहले से घात लगाए बैठे 6 अन्य आरोपी वहां पहुंच गए और उन्हें घेरकर मारपीट करने लगे। पीड़ित ने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने कट्टे से उन पर फायर कर दिया। गोली उनके पेट के किनारे जा फंसी, जबकि छर्रे गले में लगे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

    लहूलुहान हालत में खुद पहुंचे पुलिस चौकी

    हैरानी की बात यह रही कि इतनी गंभीर हालत में भी ठाकुर दास ने हिम्मत नहीं हारी और खुद नुनसर पुलिस चौकी पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल भिजवाया।

    जमीन विवाद बना हमले की वजह

    घायल ने पुलिस को बताया कि यह हमला प्रॉपर्टी विवाद का नतीजा है। उन्होंने ‘सूखा’ क्षेत्र में एक जमीन खरीदने के लिए करीब 22 लाख रुपए दिए थे, लेकिन आरोपी रजिस्ट्री नहीं कर रहे थे। पीड़ित ने दीपक काक्षी, गोपाल काक्षी, वंदना सिंह, बृजलाल पटेल, अर्जुन और सिद्धार्थ दुबे समेत कुल 7 लोगों पर हमले का आरोप लगाया है।

    हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

    नुनसर पुलिस चौकी प्रभारी विपिन तिवारी के अनुसार, पीड़ित के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

    जबलपुर में हुई यह घटना प्रॉपर्टी विवादों के खतरनाक रूप को उजागर करती है, जहां मामूली विवाद भी जानलेवा हमले में बदल सकता है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

  • लिवर में दोबारा सिस्ट मिलने से दीपिका कक्कड़ की सेहत को लेकर चिंता..

    लिवर में दोबारा सिस्ट मिलने से दीपिका कक्कड़ की सेहत को लेकर चिंता..


    नई दिल्ली।टेलीविजन जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चर्चा में हैं। पहले गंभीर लिवर सर्जरी और कैंसर जैसे सिस्ट के इलाज से गुजर चुकीं दीपिका के शरीर में दोबारा सिस्ट पाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद उनका मानसिक तनाव और चिंता बढ़ गई है। परिवार और फैंस दोनों इस खबर से चिंतित हैं, जबकि डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    पहले भी झेल चुकी हैं बड़ी सर्जरी
    दीपिका कक्कड़ को कुछ समय पहले लिवर के पास टेनिस बॉल के आकार का एक कैंसरयुक्त सिस्ट पाया गया था, जिसके बाद उन्हें बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ा था। इस ऑपरेशन में उनके लिवर का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा निकालना पड़ा था। उस समय की स्थिति काफी गंभीर थी, लेकिन इलाज के बाद वे धीरे धीरे रिकवर कर रही थीं और सामान्य जीवन की ओर लौट रही थीं।

    फिर सामने आई नई मेडिकल समस्या
    हाल ही में नियमित जांच के दौरान उनके लिवर के पास फिर से 1.3 सेंटीमीटर का सिस्ट पाया गया। इस नए सिस्ट के सामने आने के बाद उन्हें दोबारा सर्जरी करानी पड़ी और अब डॉक्टर आगे के इलाज और जांच को लेकर लगातार निगरानी कर रहे हैं। इस स्थिति ने उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया है क्योंकि बीमारी के दोबारा लौटने की आशंका उन्हें परेशान कर रही है।

    मानसिक तनाव और भावनात्मक संघर्ष
    दीपिका ने अपनी स्थिति को लेकर खुलकर बात करते हुए बताया कि इस बीमारी ने उन्हें अंदर से हिला दिया है। लगातार स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनके जीवन में चिंता और बेचैनी बढ़ गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब उन्हें भविष्य को लेकर डर महसूस होने लगा है और वे अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क हो गई हैं।

    बेटे से दूरी का दर्द
    इस कठिन समय में दीपिका कक्कड़ अपने छोटे बेटे रुहान से पर्याप्त समय नहीं बिता पाने को लेकर भावुक भी हैं। उन्होंने बताया कि कमजोरी और अस्पताल में भर्ती रहने के कारण वे अपने बेटे के साथ पहले की तरह समय नहीं बिता पा रही हैं। कई बार थकान इतनी बढ़ जाती है कि उन्हें आराम करना पड़ता है, जिससे पारिवारिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है।

    परिवार का साथ और जिम्मेदारियां
    इस मुश्किल समय में उनके पति शोएब इब्राहिम लगातार उनके साथ खड़े हैं और घर की जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं। परिवार पूरी कोशिश कर रहा है कि दीपिका को मानसिक और भावनात्मक सहारा मिल सके। हालांकि घर के बाहर सब सामान्य दिखता है, लेकिन अंदर से सभी लोग इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

    सकारात्मक सोच के साथ आगे की लड़ाई
    दीपिका ने कहा है कि इस कठिन समय में सकारात्मक रहना सबसे जरूरी है और वे पूरी तरह ठीक होने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव शुरू कर दिए हैं। डॉक्टरों के संपर्क में रहते हुए वे आगे के इलाज को लेकर हर जरूरी कदम उठा रही हैं और उम्मीद कर रही हैं कि जल्द ही उनकी सेहत में सुधार आएगा।

  • आईटीआई के सामने खुली शराब दुकान पर एक्शन, 10 दिन में हटाने के निर्देश!

    आईटीआई के सामने खुली शराब दुकान पर एक्शन, 10 दिन में हटाने के निर्देश!


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर के महल सराय इलाके में एक शराब दुकान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि ठेकेदार ने निर्धारित स्थान के बजाय आईटीआई परिसर के सामने ही दुकान खोल दी, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

    नियमों की अनदेखी पर आबकारी विभाग सख्त

    मामले की शिकायत मिलने के बाद आबकारी विभाग ने जांच की और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 10 दिनों के भीतर दुकान को हटाया जाए, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वृत्त प्रभारी तीर्थराज भारद्वाज ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दुकान का स्थान नियमों के विपरीत पाया गया।

    शैक्षणिक संस्थानों के पास होने से बढ़ा विरोध

    इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह दुकान का लोकेशन है। शराब दुकान के पास ही आईटीआई, बीटीआई और एसबीआई ट्रेनिंग सेंटर जैसे शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं।

    इन संस्थानों में रोजाना बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों ने इसे अनुचित बताते हुए पहले भी विरोध जताया था।

    स्थानीय लोगों ने की थी शिकायत

    क्षेत्र के निवासियों ने आबकारी विभाग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि दुकान को तय स्थान से हटाकर गलत जगह संचालित किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह नियमों का उल्लंघन है और इससे सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है।

    कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकती है सख्ती

    आबकारी विभाग ने साफ किया है कि यदि 10 दिन के भीतर दुकान नहीं हटाई जाती, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि ठेकेदार विभाग के निर्देशों का पालन करता है या नहीं।

    शिवपुरी में आईटीआई के सामने खुली शराब दुकान का मामला नियमों की अनदेखी और स्थानीय विरोध के कारण तूल पकड़ चुका है। प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए नोटिस जारी किया है, जिससे जल्द समाधान की उम्मीद है।

  • 49 साल की उम्र में पिता बने रणदीप हुड्डा के जीवन में नया अध्याय शुरू..

    49 साल की उम्र में पिता बने रणदीप हुड्डा के जीवन में नया अध्याय शुरू..


    नई दिल्ली:बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता रणदीप हुड्डा ने अपने निजी जीवन से जुड़ी एक बड़ी और भावनात्मक खुशी फैंस के साथ साझा की है। 49 वर्ष की उम्र में पिता बने रणदीप हुड्डा ने अपनी पत्नी लिन लैशराम के साथ मिलकर अपनी नवजात बेटी का नाम और पहली झलक सामने लाई है, जिसके बाद यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। परिवार ने इस खास मौके को बेहद सादगी और भावनात्मक अंदाज में मनाया।

    बेटी के नाम की पहली झलक ने बढ़ाया उत्साह
    रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम ने अपनी बेटी का नाम ‘न्योमिका’ रखा है। इस नाम के सामने आते ही फैंस में उत्सुकता और खुशी दोनों देखने को मिली। कपल ने बताया कि यह नाम उन्हें पहली बार सुनते ही बेहद खास और सही महसूस हुआ। बेटी के एक महीने पूरे होने के अवसर पर इस नाम की घोषणा ने इस पल को और भी यादगार बना दिया।

    नाम का अर्थ और पारिवारिक जुड़ाव
    न्योमिका नाम का अर्थ ईश्वरीय कृपा, स्वतंत्रता और असीम आकाश जैसी विशालता से जुड़ा हुआ बताया गया है। यह नाम केवल सुंदर अर्थ ही नहीं रखता बल्कि इसके पीछे एक भावनात्मक पारिवारिक जुड़ाव भी है। बताया गया है कि यह नाम रणदीप हुड्डा की बहन ने चुना है, जिससे इस निर्णय में परिवार की भूमिका और भी खास बन गई है।

    माता पिता बनने का अनुभव
    रणदीप और लिन ने इस अनुभव को जीवन का सबसे भावनात्मक और परिवर्तनकारी समय बताया है। दोनों ने कहा कि बेटी के जन्म के बाद उनकी जिंदगी में एक नई खुशी और जिम्मेदारी जुड़ गई है। यह एक महीना उनके लिए बेहद खास रहा है, जिसमें उन्होंने हर पल को पूरी तरह जीने की कोशिश की है।

    फिल्मी करियर और निजी जीवन का संतुलन
    रणदीप हुड्डा अपने दमदार अभिनय और अलग तरह के किरदारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हाईवे, सरबजीत, जिस्म 2, किक और लाल रंग जैसी फिल्मों में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई है। अभिनय के साथ उन्होंने फिल्म निर्माण में भी कदम रखा है और इंडस्ट्री में एक गंभीर और समर्पित कलाकार के रूप में पहचाने जाते हैं।

    2023 में हुई थी शादी

    रणदीप हुड्डा ने 2023 में मॉडल और अभिनेत्री लिन लैशराम के साथ विवाह किया था। दोनों की जोड़ी को फिल्म इंडस्ट्री में एक संतुलित और समझदार रिश्ते के रूप में देखा जाता है। शादी के बाद अब बेटी के आगमन ने उनके जीवन को और भी पूर्णता प्रदान की है।

    फैंस की प्रतिक्रिया और बढ़ती लोकप्रियता
    बेटी के नाम और पहली झलक सामने आने के बाद फैंस ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बौछार कर दी है। लोगों ने इस नए अध्याय के लिए कपल को ढेरों बधाइयां दी हैं और इस पल को बेहद प्यारा बताया है। यह खबर लगातार चर्चा में बनी हुई है और मनोरंजन जगत में भी इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

  • रूस पर ब्रिटेन का बड़ा दावा, यूरोप की केबल-पाइपलाइनों को निशाना बनाने की कोशिश का लगाया आरोप

    रूस पर ब्रिटेन का बड़ा दावा, यूरोप की केबल-पाइपलाइनों को निशाना बनाने की कोशिश का लगाया आरोप


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अब यूरोप में रूस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ब्रिटेन ने आरोप लगाया है कि रूसी पनडुब्बियों ने समुद्र के नीचे बिछी महत्वपूर्ण केबल्स और पाइपलाइनों को निशाना बनाने की कोशिश की जिसे ब्रिटिश और नॉर्वेजियन सेनाओं ने संयुक्त अभियान के जरिए विफल कर दिया।

    रूस की कथित गतिविधियों पर ब्रिटेन की नजर

    ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने दावा किया कि रूस की यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और इसमें युद्धपोत सैन्य विमान और कई पनडुब्बियां शामिल थीं। उनके अनुसार यह अभियान करीब दो महीने तक चला जिसे निगरानी और रणनीतिक जवाबी कार्रवाई के जरिए रोका गया।

    समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान

    ब्रिटिश रॉयल नेवी ने नॉर्वे के साथ मिलकर एक संयुक्त सैन्य अभियान चलाया जिसमें रूसी अटैक और जासूसी पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। ब्रिटेन का कहना है कि जैसे ही उनकी निगरानी बढ़ाई गई रूसी इकाइयां पीछे हट गईं और मिशन छोड़ दिया।

    कठोर परिणाम की चेतावनी
    ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने रूस को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि समुद्र के नीचे मौजूद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश के गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन लगातार इस क्षेत्र में रूस की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

    रणनीतिक महत्व की केबल्स और पाइपलाइन
    ब्रिटेन के अनुसार जिन समुद्री केबल्स और पाइपलाइनों की सुरक्षा की जा रही है वे वैश्विक संचार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। दावा किया गया है कि दुनिया का बड़ा डेटा ट्रैफिक इन्हीं केबल्स से होकर गुजरता है जिससे इनकी सुरक्षा रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बन जाती है।

    रूस-नाटो तनाव के बीच बढ़ती टकराहट

    यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। दूसरी ओर अमेरिका में राजनीतिक हलकों में भी नाटो की भूमिका और यूरोपीय देशों की सुरक्षा जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज है जिससे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता दिख रहा है।