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  • Skin Care Mistakes: महंगे प्रोडक्ट्स के बाद भी नहीं मिल रहा ग्लो? आपकी 7 गलतियां हो सकती हैं वजह

    Skin Care Mistakes: महंगे प्रोडक्ट्स के बाद भी नहीं मिल रहा ग्लो? आपकी 7 गलतियां हो सकती हैं वजह

    नई दिल्ली।  हर महिला चाहती है कि उसकी स्किन लंबे समय तक जवां और हेल्दी बनी रहे, लेकिन व्यस्त दिलचर्या, बढ़ती जिम्मेदारियां और सेल्फ-केयर की कमी के कारण अक्सर महिलाएं अनजाने में कुछ ऐसी स्किनकेयर मिस्टेक्स कर बैठती हैं, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर देती हैं। इन गलतियों की वजह से स्किन पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन जल्दी नजर आने लगता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में, जो ज्यादातर महिलाएं करती हैं और जिनसे बचकर स्किन को हेल्दी रखा जा सकता है।

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना
    अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि सनस्क्रीन सिर्फ धूप में बाहर जाने पर लगाना जरूरी है। जबकि हकीकत यह है कि सूर्य की हानिकारक यूवी किरणें घर या ऑफिस के अंदर भी स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सनस्क्रीन न लगाने से समय से पहले झुर्रियां और पिगमेंटेशन बढ़ने लगता है।

    स्किन की जरूरत के हिसाब से प्रॉडक्ट न चुनना
    बहुत सी महिलाएं बिना अपनी स्किन टाइप को समझे ही प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल कर लेती हैं। गलत प्रॉडक्ट्स स्किन को ड्राई, ऑयली या एक्ने-प्रोन बना सकते हैं। समय के साथ ये स्किन बैरियर को कमजोर कर देते हैं, जिससे उम्र के निशान जल्दी दिखने लगते हैं।

    चेहरे को ज्यादा रगड़ना या हार्श क्लेंजर यूज करना
    चेहरे की सफाई जरूरी है, लेकिन इसे ज्यादा रगड़ना या कठोर क्लींजर का इस्तेमाल स्किन की नेचुरल नमी छीन लेता है। ड्राई और डैमेज्ड स्किन पर फाइन लाइन्स जल्दी नजर आती हैं और एजिंग के साइन बढ़ जाते हैं।

    हाइड्रेशन की अनदेखी करना
    पर्याप्त पानी न पीना और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल न करना स्किन को डल और बेजान बना देता है। डिहाइड्रेशन से स्किन पर झुर्रियां जल्दी उभर आती हैं। स्किन को अंदर और बाहर दोनों तरह से हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।

    स्लीप रूटीन नजरअंदाज करना
    कम नींद लेना या अनियमित नींद की आदत स्किन की हेल्थ को प्रभावित करती है। नींद के दौरान स्किन रिपेयर होती है। नींद की कमी से डार्क सर्कल्स, पफी आईज और समय से पहले एजिंग की समस्या हो जाती है।

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट
    जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस और जंक फूड, मीठे व तैलीय खाने का सेवन स्किन को नुकसान पहुंचाता है। ये आदतें कोलेजन प्रॉडक्शन को कम करती हैं और स्किन की इलास्टिसिटी घटा देती हैं, जिससे उम्र के निशान जल्दी दिखते हैं।

    नाइट केयर स्किप करना
    दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरा साफ किए सो जाना या नाइट क्रीम/सीरम का इस्तेमाल न करना स्किन के लिए हानिकारक है। रात का समय स्किन रिपेयर का होता है, इसे इग्नोर करना एजिंग प्रॉसेज को बढ़ाता है।

  • धौलपुर में प्रिंसपल के तबादले के विरोध में छात्राओं का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, प्रशासनिक अधिकारी पर नाराजगी

    धौलपुर में प्रिंसपल के तबादले के विरोध में छात्राओं का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, प्रशासनिक अधिकारी पर नाराजगी


    भरतपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले में बाड़ा हैदर शाह सरकारी स्कूल में प्रिंसपल नरेश जैन के तबादले के विरोध में छात्राओं का आंदोलन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रिंसपल के झालावाड़ स्थानांतरण के फैसले के विरोध में छात्राओं ने स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया और मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक अपनी आवाज पहुंचाई।

    इस दौरान छात्राओं के आंदोलन को शांत करने और समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी अशोक उपाध्याय और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महेश शर्मा स्कूल पहुंचे। लेकिन छात्राओं ने तबादले रद्द करने की मांग पर अड़ी रहीं और अधिकारियों के समझाने के प्रयासों को खारिज कर दिया। वहीं, अधिकारियों के कथित हड़काने और धमकी देने के तरीकों से ग्रामीणों में भी आक्रोश फैल गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने विवाद को और बढ़ा दिया।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, छात्राओं का कहना है कि प्रिंसपल नरेश जैन उनके लिए मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति से स्कूल की पढ़ाई और अनुशासन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यही कारण है कि छात्राएं तबादले को लेकर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करना चाह रही हैं। इस मामले में ग्रामीण भी छात्राओं के समर्थन में खड़े हैं। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों और स्थानीय समुदाय की भावनाओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि यह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और निर्णय नियमों के तहत लिया गया है।

    विदित हो कि यह विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन तक जारी रहा और छात्राओं ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भी शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने हालात पर नजर रखी है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि स्कूल स्तर पर निर्णय लेने में छात्रों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी और उनकी भावनाओं का सम्मान करना अत्यंत आवश्यक है।

  • विप्रो का Q3FY26 नतीजा: मुनाफा 3,119 करोड़, सालाना 7% गिरावट; 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

    विप्रो का Q3FY26 नतीजा: मुनाफा 3,119 करोड़, सालाना 7% गिरावट; 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान


    नई दिल्ली। आईटी सर्विस प्रोवाइडर विप्रो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही Q3FY26 अक्टूबर–दिसंबर के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7% गिरकर ₹3,119 करोड़ रह गया जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,354 करोड़ था। हालांकि विप्रो ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक आईटी माहौल के बीच रेवेन्यू में 5.5% की बढ़ोतरी दर्ज की है। तिमाही का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹23,556 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹22,318 करोड़ था। मुनाफे में गिरावट के पीछे मुख्य कारणों में लागत दबाव, वैश्विक क्लाइंट खर्च में सतर्कता और कुछ प्रमुख बाजारों में धीमी डिमांड को माना जा रहा है।

    शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
    नतीजों के दिन गुरुवार को विप्रो का शेयर 2.54% की बढ़त के साथ ₹266.80 पर बंद हुआ। हालांकि, कैलेंडर ईयर आधार पर स्टॉक अब तक लगभग 7.38% कमजोर हुआ है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹2.80 लाख करोड़ है। विश्लेषकों के अनुसार, मुनाफे में गिरावट पहले से अनुमानित थी इसलिए निवेशकों की प्रतिक्रिया संतुलित रही।

    निवेशकों के लिए डिविडेंड
    विप्रो के बोर्ड ने ₹6 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड की मंजूरी दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब आईटी सेक्टर की ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। डिविडेंड की घोषणा लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    कर्मचारियों और संचालन अपडेट
    कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में इजाफा हुआ है और एट्रिशन रेट में मामूली स्थिरता देखने को मिली। मैनेजमेंट ने यह भी कहा कि धीरे-धीरे डिमांड में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, खासकर कंसल्टिंग और डिजिटल सर्विसेज सेगमेंट में।विप्रो एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनी है, जिसकी मौजूदगी 65 से अधिक देशों में है। वैश्विक आर्थिक हालात और आईटी खर्च में सुस्ती के बीच कंपनी लागत नियंत्रण और बड़े डील्स पर फोकस कर रही है। आने वाली तिमाहियों में निवेशक डिमांड रिकवरी और मार्जिन सुधार पर नजर रखेंगे।

  • भजनलाल ने राजस्थान में ग्राम पंचायतों में 23 जनवरी से विशेष शिविर लगाने के दिए निर्देश

    भजनलाल ने राजस्थान में ग्राम पंचायतों में 23 जनवरी से विशेष शिविर लगाने के दिए निर्देश


    जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ग्राम 2026 से पूर्व ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। ये शिविर 23 जनवरी, बसंत पंचमी से शुरू होंगे और इसका उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को सीधे लाभ पहुंचाना है। श्री शर्मा ने शुक्रवार रात मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि इस मीट में अधिक से अधिक कृषकों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ये शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि शिविरों में विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाए और किसानों को उनके लाभों का सीधा लाभ दिलाया जाए।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल के माध्यम से न केवल किसानों और पशुपालकों की योजनाओं से रूबरू होने की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकों और कृषि-उन्नयन के उपायों की जानकारी भी मिलेगी। ये शिविर ग्राम स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे सभी हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सके। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों का समुचित प्रचार-प्रसार किया जाए और सभी पंचायतों में उनका प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि मीट से पहले होने वाले इन शिविरों में जुटाए गए अनुभव और सुझावों का मीट में उपयोग किया जाए, ताकि प्रदेश के कृषकों और पशुपालकों के हित में रणनीतियाँ और बेहतर बनाई जा सकें।

    गौरतलब है कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 मार्च में आयोजित होने वाला है और यह मीट कृषि और पशुपालन क्षेत्र में नवाचार, निवेश और किसानों के लाभ को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले शिविरों से किसानों और पशुपालकों को धरातल पर विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त होगी और उन्हें व्यावहारिक सहायता भी मिलेगी। राजस्थान सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर योजनाओं की पहुंच बढ़ाना और कृषकों को उनकी खेती और पशुपालन गतिविधियों में सुधार हेतु जानकारी प्रदान करना है। इससे प्रदेश में कृषि और पशुपालन क्षेत्र में उत्पादन और लाभ दोनों बढ़ाने में मदद मिलेगी।

  • तमन्ना भाटिया के आइटम नंबर ‘आज की रात’ ने यूट्यूब पर बनाया रिकॉर्ड, 100 करोड़ व्यूज पार

    तमन्ना भाटिया के आइटम नंबर ‘आज की रात’ ने यूट्यूब पर बनाया रिकॉर्ड, 100 करोड़ व्यूज पार

    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने अपने करियर का एक और बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। उनकी फिल्म स्त्री-2 का आइटम नंबर आज की रात अब यूट्यूब पर 100 करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार कर चुका है। यह उपलब्धि न केवल तमन्ना के लिए, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत जगत के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।तमन्ना ने इस ऐतिहासिक क्षण पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने शूटिंग के बीहाइंड द सीन क्लिप्स साझा करते हुए लिखा, “पहले व्यू से लेकर 1 बिलियन व्यूज तक। आप सभी के प्यार के लिए शुक्रिया।” इन क्लिप्स में तमन्ना को कोरियोग्राफर विजय गांगुली और टीम के अन्य सदस्यों के साथ डांस और परफॉर्म करते देखा जा सकता है।

    गाने की खासियत
    आज की रात में श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव भी फिल्म में नजर आए हैं, लेकिन गाना तमन्ना भाटिया की परफॉर्मेंस के लिए चर्चित हुआ।

    गायक: मधुबंती बागची और दिव्या कुमार

    गीतकार: अमिताभ भट्टाचार्य

    संगीत: सचिन-जिगर

    तमन्ना की ऊर्जा और डांसिंग स्किल्स ने गाने को सोशल मीडिया और यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर लगातार दर्शकों का प्यार दिलाया। यही वजह है कि यह गाना 100 करोड़ व्यूज क्लब में शामिल हो गया।

    डिजिटल युग में बॉलीवुड का प्रभाव
    इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि बॉलीवुड में संगीत, परफॉर्मेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स फिल्म की सफलता में अहम भूमिका निभाते हैं। तमन्ना और मेकर्स ने दर्शकों की प्रतिक्रिया को देखते हुए गाने के BTS वीडियो और क्लिप्स भी सोशल मीडिया पर साझा किए, जिससे गाने की लोकप्रियता और बढ़ी।

    रिकॉर्ड की सूची में शामिल अन्य गाने

    भारतीय गानों में 100 करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार करने वाले अन्य हिट्स में शामिल हैं:

    श्री हनुमान चालीसा-हरिहरन

    पंजाबी गाने लॉग लाची और लहंगा

    हरियाणवी गाना 5 गज का दामन

    बॉलीवुड हिट्स दिलबर, आंखे मारे, राउडी बेबी

    विशेषज्ञों के अनुसार 100 करोड़ व्यूज दर्शकों की व्यापक स्वीकार्यता और गाने की स्थायी लोकप्रियता का संकेत हैं। तमन्ना भाटिया का यह आइटम नंबर दर्शकों में रोमांच और उत्साह दोनों पैदा करता है।इस उपलब्धि के साथ तमन्ना बॉलीवुड के चुनिंदा कलाकारों में शामिल हो गई हैं, जिनके गाने ने यूट्यूब पर 100 करोड़ से अधिक व्यूज हासिल किए हैं। यह डिजिटल युग में भारतीय सिनेमा के लिए एक नया रिकॉर्ड और मील का पत्थर है।

  • MP में कांग्रेस विधायक के विवादित बयान से सियासी तूफान, शिवराज चौहान बोले- बेटियां देवी स्वरूप, ऐसी सोच शर्मनाक

    MP में कांग्रेस विधायक के विवादित बयान से सियासी तूफान, शिवराज चौहान बोले- बेटियां देवी स्वरूप, ऐसी सोच शर्मनाक


    भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा लड़कियों को लेकर दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी हलचल मचा दी है। उनके बयान को लेकर चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया।

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटियां उनके लिए केवल संतान नहीं, बल्कि देवी का स्वरूप हैं।

    उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की सोच समाज को गलत दिशा में ले जाती है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को बढ़ावा देने का काम करती है।

    दरअसल, कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने एक सार्वजनिक बयान में कहा था कि “अगर खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप जैसी घटनाएं हो सकती हैं।” इस बयान के सामने आने के बाद विपक्ष, महिला संगठनों और आम लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान अपराधियों को मानसिक रूप से ठहराने का प्रयास हैं।

    बेटियां मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का रूप” शिवराज
    भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारी संस्कृति में बेटियों को मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को जाति, धर्म या किसी भी वर्ग में बांटना गलत है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा क्या अब बेटियों को भी बांटने की कोशिश की जाएगी?

    उन्होंने यह भी कहा कि बेटियां पूजा के लिए हैं, उन पर टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

    दुष्कर्म पीड़िता को आर्थिक सहायता का ऐलान
    शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में अपने संसदीय क्षेत्र में हुई एक मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया।

    उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को शर्मसार करती हैं। उन्होंने बताया कि पीड़िता के खाते में तत्काल 10 लाख रुपये जमा किए जाएंगे और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही, पीड़िता के बालिग होने पर उसे 28 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके।

    बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला
    इस मामले में बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस विधायक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक का बयान बेहद चौंकाने वाला है और इसमें रेप जैसी जघन्य घटना को धार्मिक संदर्भों से जोड़ने की कोशिश की गई है।

    पूनावाला ने कांग्रेस नेता प्रियंका वाड्रा से सवाल किया कि क्या वह इस तरह के बयान से सहमत हैं।

    महिला सुरक्षा पर फिर तेज हुई बहस
    फूल सिंह बरैया का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर संवेदनशीलता चरम पर है। इस बयान ने एक बार फिर महिला सुरक्षा, नेताओं की जिम्मेदारी और समाज की सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इस पूरे विवाद ने साफ कर दिया है कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर समाज किसी भी तरह की असंवेदनशील टिप्पणी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक कहा कि बेटियां सिर्फ परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी हैं और उनके सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

  • राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पर सरकार को घेरा, बोले– लोग पानी पीकर मर रहे, यही अर्बन मॉडल

    राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पर सरकार को घेरा, बोले– लोग पानी पीकर मर रहे, यही अर्बन मॉडल


    इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों को लेकर शुक्रवार को सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि लोग पानी पीकर मर रहे हैं और इसे ही स्मार्ट सिटी और अर्बन मॉडल बताया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है और इसे पूरे मामले की जवाबदेही लेनी होगी। शनिवार को इंदौर पहुंचे राहुल गांधी ने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां उन्होंने दूषित पानी से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। वहां उन्होंने रोगियों की हालत और उनके परिवारों की समस्याओं को बारीकी से समझा और अस्पताल प्रशासन से स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने दूषित पानी के कारण अपनी जान गंवाने वाली गीता बाई और जीवनलाल के परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

    राहुल गांधी ने दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में चेक भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ इंदौर या मध्यप्रदेश का नहीं है, बल्कि पूरे देश में शहरी जल आपूर्ति प्रणाली की कमजोरी का उदाहरण है। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने और लोगों को सुरक्षित पीने के पानी की गारंटी देने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि जल संकट और दूषित पानी की आपूर्ति जैसी समस्याओं को अर्बन मॉडल और स्मार्ट सिटी की उपलब्धियों के नाम पर छुपाया जा रहा है। उनका कहना था कि जनता की जान से खेलना स्वीकार्य नहीं है और इस मुद्दे पर सभी स्तरों पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    राहुल गांधी के इस दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने भी उनसे मिलकर अपने अनुभव साझा किए और मांग की कि सरकार ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इंदौर का मामला चेतावनी है कि शहरों में जल प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए। राहुल गांधी की यह पहल लोगों के बीच संवेदनशीलता और तत्काल कार्रवाई की मांग को उजागर करती है। उनका यह दौरा केवल समर्थन और सहानुभूति दिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने वास्तविक मदद और आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिली।

  • इंदौर में वनडे से पहले टीम इंडिया की सख्त तैयारियां, कप्तान गिल निजी वॉटर प्यूरीफायर लेकर पहुंचे

    इंदौर में वनडे से पहले टीम इंडिया की सख्त तैयारियां, कप्तान गिल निजी वॉटर प्यूरीफायर लेकर पहुंचे



    नई दिल्ली 
    /इंदौर। भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम इंदौर पहुंच चुकी है। इस बार टीम की तैयारियों में सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता दिखाई दे रही है। टीम के कप्तान शुभमन गिल अपने साथ करीब तीन लाख रुपये कीमत का अत्याधुनिक वॉटर प्यूरीफायर लेकर पहुंचे हैं, जिसे उन्होंने अपने होटल के कमरे में स्थापित कराया है।

    यह कदम इंदौर के हाल ही में सामने आए दूषित पानी से जुड़े गंभीर मामलों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के सेवन से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। कप्तान गिल के इस कदम को होटल में सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर बरती गई अतिरिक्त सावधानी के रूप में देखा जा रहा है।होटल सूत्रों के अनुसार, यह प्यूरीफिकेशन मशीन सामान्य RO सिस्टम से अलग है और बोतलबंद पानी को भी दोबारा शुद्ध करने में सक्षम है। मशीन का संचालन और तकनीकी विवरण होटल स्टाफ को भी पूरी तरह नहीं बताया गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह कदम गिल की व्यक्तिगत दिनचर्या का हिस्सा है या हालिया जलजनित घटनाओं के मद्देनजर लिया गया है।

    टीम इंडिया की फिटनेस और डाइट

    बीसीसीआई ने टीम इंडिया के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए विशेष शेफ और डाइट प्लान लागू किया है। वरिष्ठ खिलाड़ियों की डाइट पर खास निगरानी रखी जा रही है।

    विराट कोहली – उबला और स्टीम्ड भोजन, हरी ग्रिल्ड सब्जियां, सूप और स्प्राउट्स।

    रोहित शर्मा – बादाम, ओट्स, फल, पनीर और संतुलित भारतीय भोजन।अन्य खिलाड़ी भी प्रोटीन और हाइड्रेशन पर फोकस कर रहे हैं।

    मुकाबला और ट्रायल सत्र

    भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच तीसरा और निर्णायक वनडे मुकाबला 18 जनवरी को होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमों ने अब तक एक-एक मैच जीता है, जिससे यह मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा। शुक्रवार को भारतीय टीम ने यात्रा के बाद विश्राम किया, जबकि न्यूज़ीलैंड ने मैदान पर अभ्यास पूरा किया। शनिवार से टीम इंडिया भी नेट्स में उतरेगी।

    आर्थिक और प्रशासनिक पहलू

    इस अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की मेजबानी से मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को आर्थिक लाभ भी हो रहा है। बीसीसीआई की ओर से मैच की मेजबानी शुल्क के रूप में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा टिकट बिक्री, कॉरपोरेट बॉक्स, प्रायोजन और विज्ञापन से आय को प्रदेश में क्रिकेट सुविधाओं और खिलाड़ियों के विकास पर खर्च किया जाता है।शहर में क्रिकेट का उत्साह चरम पर है, लेकिन दूषित पानी की घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में टीम इंडिया द्वारा बरती जा रही सावधानी आने वाले आयोजनों के लिए भी एक उदाहरण और संकेत मानी जा रही है।

  • उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला, 12 से 16 फरवरी तक दशहरा मैदान में आयोजित

    उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला, 12 से 16 फरवरी तक दशहरा मैदान में आयोजित


    उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार यह पांच दिवसीय मेला 12 से 16 फरवरी 2026 तक दशहरा मैदान में चलेगा। मेले का शुभारंभ 12 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कर कमलों द्वारा होने की संभावना है। वन विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्देश्य आमजन को वन, पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण, आयुर्वेद एवं पारंपरिक ज्ञान, वनोपज आधारित हर्बल उत्पादों, आयुष, स्वास्थ्य, जैव विविधता और जनजातीय संस्कृति से जोड़ना है। मेले में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से हर्बल उत्पाद, आयुर्वेदिक औषधियां, वनोपज आधारित हस्तशिल्प कृतियां और आंचलिक व्यंजन प्रदर्शित किए जाएंगे।

    मेला केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान आमजन को विभिन्न जड़ी-बूटियों और वनोपज के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें खरीदने का अवसर भी मिलेगा। मेले में आने वाले पर्यटक और नागरिक वन और पर्यावरण से जुड़े कार्यशालाओं और लाइव डेमोंस्ट्रेशन में भाग लेकर नई जानकारियां हासिल कर सकेंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेले में देशभर से हर्बल उत्पाद और पारंपरिक ज्ञान की विविधता पेश की जाएगी। यह मेला न केवल व्यापारियों और कारीगरों के लिए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि आमजन के लिए भी वन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का एक अनूठा मंच बनेगा। साथ ही, इस मेले में युवा और छात्र पर्यावरणीय शिक्षा और आयुर्वेदिक ज्ञान के महत्व को समझने का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

    उज्जैन की यह पहल महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित की जा रही है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर केंद्रित गतिविधियों का भी संयोजन होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस मेला से जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। पांच दिवसीय मेले में आने वाले नागरिक हर्बल उत्पादों की खरीदारी के साथ-साथ आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित कार्यशालाओं में भाग लेकर अपनी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा सकेंगे। वन और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह मेला एक विशेष अनुभव प्रदान करेगा, जो वन्य जीवन और जैव विविधता के महत्व को सीधे तौर पर समझने का अवसर देगा।

  • बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खेत में अवैध रूप से बिजली का करंट फैलाने से एक ग्रामीण की मौत का मामला सामने आया। पुलिस ने इस हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 4 सितंबर 2025 की है, जब ग्राम झाडेगांव निवासी सदन पन्द्राम जंगल में अपने मवेशी चराने गया था। इसी दौरान पास के खेत में लगे नंगे तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई शिवलाल पन्द्राम की शिकायत पर कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने मृतक के परिवार के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम भोगीतेड़ा निवासी शिवचरण उपासे ने अपने खेत की मेढ़ पर खूंटी गाड़कर नंगे तार में करंट प्रवाहित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, यह तार जानबूझकर लगाया गया था, जिससे हादसा घटित हुआ।

    कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिवचरण उपासे के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/25 के तहत धारा 105 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़कर पूछताछ की जा रही है और इस घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया है। इस हादसे ने इलाके में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में नंगे तार लगाकर करंट फैलाने की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोगों और मवेशियों के जीवन को खतरा रहता है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही और जानलेवा गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा मृतक परिवार को मुआवजा और कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से जांच जारी रहेगी। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बिजली प्रयोग न केवल गैरकानूनी है बल्कि मानव जीवन के लिए भी घातक साबित हो सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, ताकि भविष्य में किसी और अनहोनी की घटना को रोका जा सके।