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  • पोपटलाल की लाइफ में होगा 180 डिग्री बदलाव, TMKOC में शादी का बड़ा ट्विस्ट

    पोपटलाल की लाइफ में होगा 180 डिग्री बदलाव, TMKOC में शादी का बड़ा ट्विस्ट


    नई दिल्ली। तारक मेहता का उल्टा चश्मा (TMKOC) के दर्शक लंबे समय से पोपटलाल की जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव देखने की उम्मीद कर रहे थे और अब ऐसा लग रहा है कि शो में एक बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। खबरों की मानें तो पोपटलाल की जिंदगी में शादी का नया मोड़ आने वाला है और उन्हें दूल्हन मिलने वाली है। इस खबर ने फैंस के बीच उत्साह और चर्चा को बढ़ा दिया है, क्योंकि पोपटलाल की नटखट, शर्मीली और अपने तरीके से बड़ी-बड़ी बातों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश करने वाली छवि को देखते हुए यह ट्विस्ट काफी मनोरंजक साबित हो सकता है।

    पोपटलाल की शादी का आइडिया शो में नई कॉमिक स्थिति पैदा करेगा।

    शो में पोपटलाल हमेशा अपने विवाह और शादी को लेकर हिचकते रहे हैं, लेकिन अब अगर उन्हें सच में दूल्हन मिलती है तो उनकी जिंदगी में एक नई लय आ सकती है। इससे न केवल पोपटलाल की कहानी आगे बढ़ेगी, बल्कि अन्य किरदारों के साथ उनके रिश्तों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। दर्शक यह भी जानना चाहेंगे कि पोपटलाल की दूल्हन कौन होगी और क्या वह गोकुलधाम सोसाइटी में आकर उनकी दुनिया को बदल देगी या फिर पोपटलाल की पुरानी आदतें वही रहेंगी।

    इस नए ट्विस्ट से शो में ड्रामा, रोमांच और कॉमेडी का एक नया मिश्रण देखने को मिलेगा।

    पोपटलाल के किरदार में अक्सर नाटकीयता और मज़ाकिया संवाद होते हैं, जो शो को सबसे अलग बनाते हैं। अगर पोपटलाल की शादी की कहानी को सही तरीके से आगे बढ़ाया गया तो यह TMKOC के लिए एक नया पेज बन सकता है। इसके साथ ही यह ट्विस्ट दर्शकों को नए सस्पेंस और नई परिस्थितियों से जोड़ने का काम करेगा।

    हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पोपटलाल की शादी का फैसला किस वजह से लिया गया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि शो में यह मोड़ सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ के साथ भी दिखाया जा सकता है। TMKOC की कहानी अक्सर समाज में चल रहे मुद्दों को हल्के-फुल्के तरीके से पेश करती है और यही वजह है कि यह शो सालों से दर्शकों का पसंदीदा बना हुआ है।

    पोपटलाल की शादी के पीछे कोई बड़ा संदेश या सामाजिक कारण भी हो सकता है, जिससे कहानी में गहराई आएगी और दर्शक इसे सिर्फ कॉमेडी के रूप में नहीं बल्कि एक संदेश के रूप में भी देखेंगे।

    पोपटलाल की शादी का ट्विस्ट फैंस के लिए एक नया सरप्राइज है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या पोपटलाल अपनी नई जिम्मेदारियों को संभाल पाएंगे? क्या उनका अजीब-सा व्यवहार और मजाकिया अंदाज शादी के बाद भी जारी रहेगा? या फिर वे अपनी नई पत्नी के साथ एक अलग ही किरदार में नजर आएंगे? इन सभी सवालों का जवाब जल्द ही आने वाले एपिसोड में देखने को मिलेगा, जो TMKOC को फिर से चर्चा में ला देगा।
    TMKOC में पोपटलाल की शादी का ट्विस्ट शो में नया उत्साह और मनोरंजन लेकर आएगा, और दर्शकों के लिए यह एक बार फिर हंसी और मस्ती का पावर-पैक पैकेज साबित होगा।

  • 2016 में आई इस बॉलीवुड फिल्म में थे 23 किसिंग सीन्स, दीपिका थीं डायरेक्टर की पहली पसंद

    2016 में आई इस बॉलीवुड फिल्म में थे 23 किसिंग सीन्स, दीपिका थीं डायरेक्टर की पहली पसंद

    नई दिल्ली।  रणवीर सिंह ने बॉलीवुड में तमाम फिल्में की हैं। आज हम आपको धुरंधर स्टार रणवीर सिंह की वो फिल्म बता रहे हैं जिसमें करीब 23 किसिंग सीन्स थे। यह फिल्म साल 2016 में रिलीज हुई थी। अब आप फिल्म का नाम पहचान गए होंगे। अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इस फिल्म का नाम है बेफिक्रे। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ वाणी कपूर नजर आई थीं।

    आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट की थी फिल्म
    बेफिक्रे यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म थी। फिल्म को आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। बेफिक्रे आदित्य चोपड़ा की पहली ऐसी फिल्म थी जिसे उन्होंने खुद प्रोड्यूस भी किया था। वहीं, ये चौथी फिल्म थी जिसे आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था।

    दीपिका थीं आदित्य की पहली पसंद
    आईएमडीबी के मुताबिक, इस फिल्म के लिए आदित्य चोपड़ा की पहली पसंद दीपिका पादुकोण थीं। हालांकि, बाद में आदित्य चोपड़ा ने दीपिका की जगह वाणी कपूर को कास्ट किया क्योंकि वो अपनी फिल्म के लिए एक फ्रेश जोड़ी चाहते थे। कथिततौर पर इस फिल्म में 23 किसिंग सीन्स थे।

    उस वक्त एक दूसरे को डेट कर रहे थे रणवीर और दीपिका
    रणवीर इस फिल्म की शूटिंग के वक्त दीपिका पादुकोण को डेट कर रहे थे। जब दीपिका और रणवीर ने अपना रिलेशनशिप ऑफिसियल किया था तब दीपिका से किसी इवेंट में फिल्म में रणवीर सिंह के किसिंग सीन्स को लेकर सवाल हुआ था। उस वक्त दीपिका ने कहा था कि उन्हें फिल्म का पोस्टर काफी पसंद आया था। उन्होंने फिल्म की भी तारीफ की थी।

    कैसी थी फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस?
    रणवीर सिंह और वाणी कपूर की इस फिल्म का बजट करीब 64 करोड़ था। boxofficeindia.com की मानें तो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई थी। फिल्म एवरेज से कम थी। फिल्म ने भारत में 83.40 करोड़ (ग्रॉस कलेक्शन) की कमाई की थी।

  • म्यूजिक इंडस्ट्री में दहशत: सिंगर बी प्राक को लॉरेंस गैंग की धमकी, फिरौती को लेकर सनसनी

    म्यूजिक इंडस्ट्री में दहशत: सिंगर बी प्राक को लॉरेंस गैंग की धमकी, फिरौती को लेकर सनसनी

    नई दिल्ली।  बी प्राक को धमकी देने वाले कॉलर ने अपना नाम आरजू बिश्नोई बताया. आरजू बिश्नोई जो लॉरेन्स बिश्नोई गैंग का है और विदेश में छिप कर बैठा है. उसने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि हेलो आरजू बिश्नोई बोल रहा हूं, उसको बी प्राक को मैसेज कर देना कि 10 करोड़ रुपये चाहिए.
    सिंगर बी प्राक को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. लॉरेंस गैंग ने सिंगर बी प्राक को धमकी दी है और दस करोड़ की मांग की है. ऑडियो रिकॉर्डिंग पंजाबी सिंगर दिलनूर को 6 जनवरी की दोपहर भेजी गई. इसके पहले दिलनूर को 5 जनवरी को दो बार कॉल किया गया था. लेकिन दिलनूर ने कॉल नहीं उठाया, 6 जनवरी को भी विदेशी नम्बर से कॉल किया गया.

    दिलनूर कि शिकायत के मुताबिक उसने कॉल उठाई, लेकिन जब बात अजीब लगने लगी, तो उसने कॉल काट दिया. जिसके बाद सिंगर को वॉयस मैसेज भेजा गया, उन्होंने मामले को लेकर मोहाली में शिकायत दर्ज कराई है.

    सिंगर बी प्राक को मिली धमकी
    बी प्राक को धमकी देने वाले कॉलर ने अपना नाम आरजू बिश्नोई बताया. आरजू बिश्नोई जो लॉरेन्स बिश्नोई गैंग का है और विदेश में छिप कर बैठा है. उसने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि हेलो आरजू बिश्नोई बोल रहा हूं, उसको बी प्राक को मैसेज कर देना कि 10 करोड़ रुपये चाहिए. तेरे पास एक हफ्ते का टाइम है. जिस मर्जी देश में चला जा. आसपास इसके साथ वाला कोई भी मिल गया ना तो नुकसान कर देंगे. और इसको फेक कॉल मत समझना. मिल के चलेगा तो ठीक नहीं तो उसको बोल मिट्टी में मिला देंगे.

    हिट हुए बी प्राक के गाने
    बी प्राक बॉलीवुड का एक बड़ा नाम हैं, उनका असली नाम प्रतीक बच्चन है. वो अपनी भावनात्मक और दिल छू लेने वाली आवाज के लिए मशहूर हैं. म्यूजिक की दुनिया में उन्होंने संगीत निर्माता के तौर पर शुरूआत की. फिर ‘मन भरया’ से गायक बने और ‘केसरी’, ‘गुड न्यूज’, ‘शेरशाह’ जैसी फिल्मों में गाने दिए.

    बी प्राक उन सिंगर्स में से हैं, जो अपनी आवाज से महफिल सजा देते हैं. पर्सनल लाइफ की बात करें, तो पिछले साल 1 दिसंबर 2025 को उनकी पत्नी मीरा ने बेटे को जन्म दिया. उन्होंने अपने बेटे का नाम द्विज बच्चन रखा है. वो आध्यत्म से भी जुड़े हुए हैं. उन्हें अकसर वृंदावन में प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम में देखा जाता है.

  • दिल्ली में चार दिन इन रास्तों से बचकर निकलें, रिपब्लिक डे परेड रिहर्सल की वजह से बंद रहेंगे कई रूट

    दिल्ली में चार दिन इन रास्तों से बचकर निकलें, रिपब्लिक डे परेड रिहर्सल की वजह से बंद रहेंगे कई रूट

    नई दिल्ली।  गणतंत्र दिवस नजदीक आते ही राजधानी दिल्ली में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में 17, 19, 20 और 21 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल आयोजित की जाएगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को पहले से सतर्क करते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के मुताबिक, इन चारों दिनों कर्तव्य पथ पर परेड की रिहर्सल होगी, जिसके चलते दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात आंशिक या पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

    विजय चौक से इंडिया गेट तक होगी परेड रिहर्सल
    दिल्ली पुलिस ने बताया कि रिहर्सल विजय चौक से शुरू होकर इंडिया गेट तक होगी और परेड रूट को सी-हेक्सागन तक विस्तारित किया गया है। परेड के सुचारू संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुबह 10:15 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान आम लोगों को अनावश्यक रूप से इस क्षेत्र में आने से बचने की सलाह दी गई है।

    उत्तर-दक्षिण आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते
    उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर दिल्ली जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है। यात्री सराय काले खां और आईपी फ्लाईओवर के रास्ते राजघाट की ओर जाने वाली रिंग रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा मथुरा रोड और भैरों रोड होते हुए रिंग रोड से भी गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है। एक अन्य विकल्प लाजपत राय मार्ग है, जो मथुरा रोड से रिंग रोड को जोड़ता है।

    मध्य और नई दिल्ली के लिए सुझाए गए रूट
    यात्री अरबिंदो मार्ग, सफदरजंग रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग और कौटिल्य मार्ग से होते हुए सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट और बाबा खड़क सिंह मार्ग की ओर जा सकते हैं। वहीं, पृथ्वी राज रोड से राजेश पायलट मार्ग और सुब्रमण्यम भारती मार्ग के जरिए मथुरा रोड और रिंग रोड की ओर भी पहुंचा जा सकता है।

    पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने वालों के लिए राहत
    पूर्व से पश्चिम या पश्चिम से पूर्व दिशा में यात्रा करने वाले लोग भैरों रोड और मथुरा रोड के जरिए रिंग रोड का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद सुब्रमण्यम भारती मार्ग, राजेश पायलट मार्ग और पृथ्वी राज रोड से आगे सफदरजंग रोड और कमाल अतातुर्क मार्ग होते हुए पंचशील मार्ग, साइमन बोलिवर मार्ग, अपर रिज रोड या वंदे मातरम मार्ग की ओर बढ़ सकते हैं।

    आजादपुर, आईएसबीटी और धौला कुआं के लिए विकल्प
    यात्री रिंग रोड के जरिए आईएसबीटी, चांदगी राम अखाड़ा और मॉल रोड होते हुए आजादपुर की ओर जा सकते हैं। इसके अलावा वाहन बर्फखाना से आजाद मार्केट और रानी झांसी फ्लाईओवर के रास्ते पंचकुइयां रोड, हनुमान मूर्ति और धौला कुआं की दिशा में भी जा सकते हैं।

    कनॉट प्लेस और केंद्रीय सचिवालय जाने वालों के लिए एडवाइजरी
    दक्षिण दिल्ली से कनॉट प्लेस और केंद्रीय सचिवालय जाने वाले यात्रियों को मदर टेरेसा क्रिसेंट और पार्क स्ट्रीट होते हुए मंदिर मार्ग या बाबा खड़क सिंह मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एक अन्य विकल्प वंदे मातरम मार्ग और लिंक रोड के जरिए रिंग रोड से पंचकुइयां रोड की ओर जाना है।

    ट्रैफिक पुलिस की अपील
    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें, समय का अतिरिक्त प्रावधान रखें और संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। नियमों का पालन कर सहयोग करने से परेड रिहर्सल के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहेगी।

  • उत्तर भारत में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट: दिल्ली से यूपी तक पारा गिरा, पंजाब में तापमान 0°C दर्ज

    उत्तर भारत में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट: दिल्ली से यूपी तक पारा गिरा, पंजाब में तापमान 0°C दर्ज

    नई दिल्ली। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का दौर शुक्रवार को जारी रहा। कश्मीर के अलावा कई जगहों पर रात का तापमान शून्य से नीचे रहा। पंजाब के एसबीएस नगर (नवांशहर) जिले का बल्लोवाल सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस कम था। इस सीजन में न्यूनतम तापमान में पहली इतनी गिरावट दर्ज की गई।

    हरियाणा का भिवानी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान
    राज्य के सात जिलों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 2.7, बठिंडा में तीन और अमृतसर में 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा का भिवानी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अनुसार, हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, गुरुग्राम में 4.9 डिग्री जबकि फरीदाबाद में 4.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा, दोनों राज्यों के कई स्थानों पर सुबह के समय कोहरे के कारण ²श्यता कम हो गई। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी से कोई राहत नहीं मिली। अलवर, नागौर, फतेहपुर और करौली सहित चार स्थानों पर न्यूनतम तापमान लगभग तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    पांच दिनों की शीतलहर के बाद दिल्ली के तापमान में मामूली सुधार
    लगातार पांच दिनों की शीतलहर के बाद शुक्रवार को राजधानी के तापमान में मामूली सुधार देखा गया। दिन में चटक धूप भी खिली, जिसने कंपकंपाती ठंड से राहत दी। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। आइजीआइ एयरपोर्ट पर सुबह साढ़े सात बजे दृश्यता घटकर 150 मीटर रह गई।

    मौसम विभाग ने शनिवार के लिए मध्यम से घना कोहरा छाने व दिन में आंशिक रूप से बादल रहने का यलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में हल्की वर्षा होने की भी संभावना है।

    सोनमर्ग में बर्फबारी, जम्मू में पारा गिरा
    श्रीनगर में चिल्ले कलां के बीच पर्यटन स्थल सोनमर्ग सहित कश्मीर के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से शीतलहर ने शुक्रवार को फिर जोर पकड़ लिया। घाटी के अधिकांश हिस्सों में दिन के पारे में गिरावट आई है। जम्मू में भी कड़ाके की ठंड से कोई राहत नहीं मिली है। वहीं, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.5, पहलगाम में माइनस 2.6, गुलमर्ग में माइनस 2.3, जम्मू में 4.7 और कटड़ा में 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    उत्तराखंड को बर्फबारी का इंतजार
    उत्तराखंड में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे का प्रकोप जारी है, जबकि कई स्थानों पर शीतलहर और शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर के लिए घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    हिमाचल में हल्का हिमपात
    हिमाचल प्रदेश में रोहतांग सहित ¨शकुला, बारालाचा व कुंजम दर्रे में हल्का हिमपात हुआ। प्रदेश भर में कई स्थानों पर बादल छाए रहे, लेकिन वर्षा नहीं हुई। पर्यटकों सहित किसान व बागवान हिमपात और वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार शाम ऊंची चोटियों व दारचा घाटी सहित मयाड़ व कोकसर घाटी में भी हिमपात हुआ। मनाली घाटी में बादल छाए रहे। लाहुल स्पीति सहित मनाली में हिमपात की उम्मीद बढ़ गई है।

  • आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप

    आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप


    हरदा । हरदा जिले के रहटगांव तहसील स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में उस समय सनसनी फैल गई, जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल की दीवार फांदकर पैदल मार्च पर निकल पड़े। यह घटना न सिर्फ प्रशासन के लिए चौंकाने वाली थी, बल्कि आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई। बच्चों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी, भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब थी और शिकायत करने पर डराया-धमकाया जाता था।बताया जा रहा है कि विद्यालय में अध्ययनरत करीब 300 से 400 छात्र-छात्राएं तड़के करीब चार बजेअचानक एकजुट हुए और हॉस्टल परिसर की दीवार फांदकर जिला मुख्यालय हरदा की ओर पैदल निकल पड़े। बच्चों का कहना था कि उन्होंने कई बार अधीक्षिका सोनिया आनंद और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से अपनी समस्याएं साझा कीं, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। मजबूर होकर बच्चों ने यह अनोखा और साहसिक कदम उठाया।
    पैदल मार्च के दौरान बच्चों में गुस्सा और पीड़ा साफ नजर आ रही थी। वे प्राचार्य हाय-हाय मानसिक प्रताड़ना बंद करोऔर ऐसा भोजन नहीं चलेगा जैसे नारे लगाते हुए अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। करीब दस किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद ग्राम सोडलपुर के पास फोरलेन मार्ग पर जिला प्रशासन को इस असाधारण घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन स्वयं मौके पर पहुंचे। कलेक्टर के पहुंचते ही सभी बच्चे सड़क किनारे बैठ गए और खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। बच्चों ने बताया कि उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन नहीं दिया जाता, साफ-सफाई की हालत खराब है और अनुशासन के नाम पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, जिससे वे भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
    कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बच्चों को शांत करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने मौके पर ही पालकों की एक निगरानी समिति गठित करने की घोषणा की, जो विद्यालय की व्यवस्थाओं, भोजन और अनुशासन पर नजर रखेगी। कलेक्टर के आश्वासन के बाद बच्चों ने अपना विरोध समाप्त किया। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा बसों की व्यवस्था कर सभी बच्चों को सुरक्षित वापस हॉस्टल पहुंचाया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एकलव्य आवासीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली और बच्चों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है, जिस पर समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।

  • ट्रंप; बोले- जिसने ग्रीनलैंड डील पर साथ नहीं दिया, उसे भी नहीं छोड़ेंगे

    ट्रंप; बोले- जिसने ग्रीनलैंड डील पर साथ नहीं दिया, उसे भी नहीं छोड़ेंगे

     अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक स्वास्थ्य कार्यक्रम में ट्रंप ने ग्रीन लैंड के मुद्दे पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “अगर वे (यूरोपीय देश) ग्रीनलैंड समझौते का समर्थन नहीं करते हैं, तो मैं उन देशों पर टैरिफ लगा सकता हूं। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है, उन्हें यह समझना होगा।”

    आपको बता दें, डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब यूरोपीय देश लगातार ग्रीनलैंड में अभ्यास के लिए सेना भेजकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर नाटो देशों के बीच बढ़ते इस तनाव को कम करने के लिए अमेरिकी सांसदोंका एक दल इस समय डेनमार्क में है। यहां पर वह डेनमार्क और ग्रीनलैंड के सांसदों से बातचीत कर रहे हैं।

    ट्रंप की ग्रीन लैंड प्रस्ताव को लेकर यूरोप में विरोध इस तरह बढ़ गया है कि जर्मनी और इटली जैसे देशों ने खुले आम रूस के साथ खुद से बात करने की शुरुआत करने पर सहमति जताई है। फ्रांस सीधे तौर पर ग्रीनलैंड में अपनी सेना को पहले से तैनात किए हुए है। इसके बाद भी राष्ट्रपति मैक्रों ने वहां और सैनिक भेजने की बात कही है।

    गौरतलब है कि ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की बात कह रहे हैं। ग्रीनलैंड, नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) का एक अर्ध स्वायत्त क्षेत्र है और ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि आर्कटिक द्वीप पर अमेरिका के नियंत्रण से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है।

    उन्होंने शुक्रवार को बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए कहा, ‘‘अगर कोई देश ग्रीनलैंड के मुद्दे पर सहमत नहीं होता है, तो मैं उस पर शुल्क लगा सकता हूं। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की आवश्यकता है।’’

  • बाबर आजम से हुई नोंकझोक पर स्टीव स्मिथ ने तोड़ी चुप्पी, बताया सिंगल ना लेने का असली कारण

    बाबर आजम से हुई नोंकझोक पर स्टीव स्मिथ ने तोड़ी चुप्पी, बताया सिंगल ना लेने का असली कारण

    नई दिल्ली। स्टीव स्मिथ और बाबर आजम के बीच बिग बैश लीग के दौरान हुई नोंकझोक के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में स्टीव स्मिथ बाबर आजम को एक रन लेने से इनकार करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं एक वीडियो में बाबर आजम की खराब फील्डिंग पर स्टीव स्मिथ निराश दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में जब बाबर आजम आउट हुए तो वह मैदान से बाहर जाते समय बाउंड्री रोप पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। यह सारी घटनाएं एक ही मैच की है, फैंस हैरान इसलिए भी हैं क्योंकि यह नोंकझोक बाबर आजम और स्टीव स्मिथ के बीच एक ही टीम में रहते हुए हुई। स्टीव स्मिथ ने इस मामले पर अब अपनी चुप्पी तोड़ी है।

    बाबर आजम और स्टीव स्मिथ के बीच इस नोंकझोक की शुरुआत पहली पारी से ही हो गई थी। सिडनी थंडर की पारी के दौरान डेविड वॉर्नर के एक शॉट को रोकने के प्रयास में स्टीव स्मिथ और बाबर आजम के बीच गलतफहमी हुई और गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई। हालांकि रिप्ले में साफ दिखा कि बाबर आजम गेंद को पकड़ सकते थे, बाबर की खराब फील्डिंग देख स्टीव स्मिथ हैरान रह गए। वहीं कुछ देर बाद ऐसा ही एक शॉट और आया, जहां पर स्मिथ ने बाबर को नजरअंदाज करते हुए खुद गेंद को पकड़ा। हालांकि इस दौरान भी बाबर स्टीव स्मिथ के आगे आ गए थे।

    इसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने सिडनी सिक्सर्स के लिए पारी का आगाज किया और अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि 11वें ओवर के दौरान स्टीव स्मिथ ने बाबर आजम को एक आसान सिंगल लेने के लिए मना कर दिया। जिससे बाबर काफी नाराज नजर आए। स्टीव स्मिथ ने अब उस सिंगल को ना लेने का कारण बताया है।

    स्टीव स्मिथ ने मैच के बाद कहा, “’हमने 10 ओवर के बाद बात की थी, और कप्तान और कोच ने कहा था कि तुरंत पावर-सर्ज ले लो। मैंने कहा नहीं, एक ओवर और खेलने दो। मैं छोटी बाउंड्री की तरफ खेलना चाहता हूं। मैं पहले ओवर को खराब नहीं करना चाहता। मैं उस ओवर में 30 रन बनाने की कोशिश करूंगा। मुझे लगता है कि हमने 32 रन बनाए, इसलिए यह एक अच्छा नतीजा था। मुझे नहीं पता कि बाबर मुझसे सिंगल न लेने के फैसले से खुश था या नहीं।”

    स्टीव स्मिथ का सिंगल ना लेने का फैसला टीम के हित में रहा, 12वें ओवर में स्मिथ ने पावर-सर्ज का इस्तेमाल किया और 32 रन बटौरे। यह बीबीएल के इतिहास का सबसे महंगा ओवर था। इस ओवर में भी स्मिथ दो रन लेने में आनाकानी कर रहे थे, मगर अंत में उन्होंने दो रन लिए। बता दें, बीबीएल में पावर-सर्ज का नियम है। इसके तहत 10 ओवर के बाद टीमें 2 ओवर के लिए पावरप्ले का इस्तेमाल कर सकती है, जिसमें 2 खिलाड़ी 30 गज के घेरे से बाहर रहेंगे। जैसा कि आमतौर पर टी20 में पहले 6 ओवर में होता है।

  • डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच लाइव टीवी पर रोने लगीं ग्रीनलैंड की वित्त मंत्री

    डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच लाइव टीवी पर रोने लगीं ग्रीनलैंड की वित्त मंत्री

    वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे को धमकियों के बीच हाल ही में ग्रीनलैंड की वित्त मंत्री बेहद भावुक हो गईं। बीते कुछ दिनों में तीव्र दबाव का जिक्र करते हुए लाइव टेलीकास्ट के दौरान एक कार्यक्रम में उनकी आंखों में आंसू आ गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिन उनके देश के लिए बेहद मुश्किल रहे हैं। वहीं ट्रंप लगातार अपनी बात पर अड़े हुए हैं और वाइट हाउस ने गुरुवार को भी एक बयान में कहा है कि ग्रीनलैंड को हासिल करना अमेरिका के लिए बेहद जरूरी है।
    ग्रीनलैंड की वित्त मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड्ट एक चैनल के साथ इंटरव्यू में इस पर बात कर रही थी।मोट्जफेल्ड्ट ने बातचीत के बाद KNR को बताया, “हम अपने स्तर पर बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मैं आमतौर पर ये शब्द कहना पसंद नहीं करती, लेकिन मैं कहूंगी कि हम बहुत मजबूत हैं। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ दिन, स्वाभाविक रूप से…”
    क्या बोलीं मोट्जफेल्ड्ट?

    इसके बाद मोट्जफेल्ड्ट भावुक हो गईं। उन्होंने किसी तरह अपने आंसू रोके और कहा, “ओह, मैं बहुत भावुक हो रही हूं। मैं दुखी हूं। पिछले कुछ दिन कठिन रहे हैं। हम पर बहुत दबाव है।”

    उन्होंने आगे कहा कि ग्रीनलैंड की सरकार मजबूत है और देश खुद को को सुरक्षित रखने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहा है।
    ट्रंप अड़े

    इससे पहले वाइट ने गुरुवार को कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के लिए अतिआवश्यक मानते हैं और इसे हासिल करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी प्राथमिकता बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। वह चाहते हैं कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करे। उनका मानना है कि ऐसा करना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के सर्वोत्तम हित में है।”
    बैठक रही बेनतीजा

    उनकी इस टिप्पणी से पहले ही अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के बीच हुई सीधी बातचीत हुई थी।

    डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि बुधवार को वॉशिंगटन में ग्रीनलैंड के उनके समकक्ष, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई चर्चा मुख्य मतभेदों को सुलझाए बिना समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ‘एक मौलिक असहमति’ बनी हुई है। रासमुसेन ने कहा कि हम अमेरिका की स्थिति को बदलने में कामयाब नहीं हुए।
  • पाकिस्तान समर्थक सेना अधिकारी से मिले तारिक रहमान, भारत की सुरक्षा के लिए नुकसान

    पाकिस्तान समर्थक सेना अधिकारी से मिले तारिक रहमान, भारत की सुरक्षा के लिए नुकसान

    पाकिस्तान समर्थक सेना अधिकारी से मिले तारिक रहमान, भारत की सुरक्षा के लिए नुकसान
    ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अंतरिम अध्यक्ष तारिक रहमान ने पूर्व बांग्लादेश आर्मी अधिकारी और भारत-विरोधी ब्रिगेडियर जनरल अमन आजमी से मुलाकात की। अमन आजमी विवादास्पद जमात नेता गुलाम आजम के बेटे हैं, जिससे बीएनपी के चुनाव के बाद के लक्ष्यों पर सवाल उठ रहे हैं। बुधवार शाम ढाका में यह मुलाकात हुई। इससे बीएनपी के पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसी ISI के साथ भविष्य के संबंधों पर संदेह पैदा होता है। सूत्रों के अनुसार, ऐसे कदम भारत की सुरक्षा चिंताओं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।

    तारिक रहमान ने हाल ही में अपनी नई छवि में भारत के प्रति स्वागत योग्य दिखाई है, जो यह संकेत देता है कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री चुना जाता है तो वे सामान्य साझेदारी स्थापित करने के लिए इच्छुक हैं। हालांकि, जानकार कहते हैं कि उनके पुराने आईएसआई और जमात-ए-इस्लामी से संबंध फिर से उभर सकते हैं। रहमान के भविष्य के कदमों पर नजर रखने की जरूरत है क्योंकि जमात किसी भविष्य की सरकार में शामिल होने के लिए उतावली दिख रही है।
    अमन आजमी के पिता कौन थे

    गुलाम आजम 1971 के मुक्ति युद्ध के दौरान बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी पार्टी के प्रमुख नेता थे। उन्होंने बांग्लादेश की स्वतंत्रता का सक्रिय रूप से विरोध किया और पाकिस्तानी सेना के साथ सहयोग किया। उन्होंने प्रो-पाकिस्तान पीस कमेटियों का गठन और नेतृत्व किया, जो रजाकारों, अल-बद्र और अल-शम्स जैसे क्रूर अर्धसैनिक समूहों के लिए भर्ती करते थे। ये समूह युद्ध अपराधों, नरसंहार और बुद्धिजीवियों की हत्या के लिए जिम्मेदार थे।

    बाद में गुलाम आजम के खिलाफ बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत में मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मुकदमा चलाया गया और दोषी ठहराया गया। आजम को 90 साल की सजा सुनाई गई, लेकिन 2013 में 91 साल की उम्र के कारण उन्हें मृत्युदंड से छूट दी गई। 2014 में उनकी मृत्यु हो गई। अमन आजमी शेख हसीना के शासन के अंतिम चरण में गुमनाम रहे, लेकिन उनके हटाए जाने के तुरंत बाद वे फिर से सक्रिय हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 से उन्होंने कई सीनियर आर्मी अधिकारियों के खिलाफ अपहरण और हत्याओं में शामिल होने के आरोप लगाने में अहम भूमिका निभाई।
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    सऊदी अरब ने अमेरिकी ऐक्शन का किया स्वागत, मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाएं आतंकवादी संगठन घोषित
    रियाद । सऊदी अरब ने अमेरिका के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें मुस्लिम ब्रदरहुड की मिस्र, जॉर्डन और लेबनान की शाखाओं को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह कदम उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करता है तथा क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और अरब देशों की समृद्धि को बढ़ावा देता है।

    अमेरिकी ट्रेजरी और स्टेट डिपार्टमेंट ने 13 जनवरी 2026 को यह घोषणा की थी। अमेरिका ने मिस्र और जॉर्डन की मुस्लिम ब्रदरहुड शाखाओं को ‘स्पेशली डेजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ और लेबनान की शाखा (अल-जमाआ अल-इस्लामिया) को ‘फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन’ घोषित किया। अमेरिका का आरोप है कि ये शाखाएं हमास को समर्थन देती हैं, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं, हथियार बनाती हैं (जैसे रॉकेट और ड्रोन), लड़ाकों की भर्ती करती हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालती हैं। यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नवंबर 2025 में जारी कार्यकारी आदेश पर आधारित है, जिसके तहत मुस्लिम ब्रदरहुड की कुछ शाखाओं को निशाना बनाया गया।

    सऊदी विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा- सऊदी अरब का विदेश मंत्रालय अमेरिका द्वारा मिस्र, जॉर्डन और लेबनान में मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं को आतंकवादी समूह घोषित करने का स्वागत करता है। मंत्रालय ने जोर दिया कि सऊदी अरब उग्रवाद और आतंकवाद की सभी रूपों की निंदा करता है तथा अरब देशों, क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा, स्थिरता एवं समृद्धि के लिए हर संभव सहयोग का समर्थन करता है।

    यह कदम मध्य पूर्व में मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रति विभाजित रुख को दर्शाता है। मिस्र ने 2013 से, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है, जबकि कतर और तुर्की जैसे देशों में इसका प्रभाव अधिक है। मिस्र ने भी इस अमेरिकी फैसले का स्वागत किया और इसे उग्र विचारधारा पर मजबूत प्रहार बताया। मुस्लिम ब्रदरहुड की मिस्र शाखा ने इस फैसले को खारिज किया और कहा कि यह बिना किसी ठोस सबूत के लिया गया है।