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  • ‘भारत रत्न नीतीश कुमार’ केसी त्यागी की मांग पर जीतन राम मांझी ने जताया समर्थन

    ‘भारत रत्न नीतीश कुमार’ केसी त्यागी की मांग पर जीतन राम मांझी ने जताया समर्थन


    नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग चर्चा का विषय बन गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार इस सर्वोच्च सम्मान के योग्य हैं। त्यागी ने पत्र में लिखा कि नीतीश कुमार ने समाज सेवा, किसानों और हाशिए पर गए लोगों को संगठित करने में अनमोल योगदान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से निवेदन किया कि करोड़ों लोगों की उम्मीदों को देखते हुए नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए, ताकि उनके योगदान का इतिहास लंबे समय तक सराहा जाए।
    हमें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने फैसले से सबको चौंकाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री को भारत रत्न से नवाजेंगे।” उन्होंने कहा कि यह सम्मान नीतीश कुमार के जीवन और राजनीति में किए गए योगदान को सही मायने में दर्शाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई नेताओं और समर्थकों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका मानना है कि नीतीश कुमार के लंबे समय तक किए गए समाजसेवी और राजनीतिक प्रयासों को देखते हुए यह सम्मान उनके व्यक्तित्व और योगदान का सही मूल्यांकन होगा।

    नीतीश कुमार की सादगी, समाज सेवा और समाजवादी आंदोलन में योगदान को देखकर समर्थक मानते हैं कि भारत रत्न उनके लिए उचित और न्यायसंगत सम्मान होगा। केसी त्यागी और जीतन राम मांझी की यह पहल दिखाती है कि बिहार में उनकी लोकप्रियता और उनके योगदान की राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के बीच भी सराहना की जाती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं और नीतीश कुमार को देश का सर्वोच्च सम्मान देने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। इस मांग से न केवल राजनीतिक समर्थन दिखता है, बल्कि जनता के बीच नीतीश कुमार की छवि और योगदान भी मजबूत होता है।

    अंततः, केसी त्यागी की पहल और जीतन राम मांझी का समर्थन नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की दिशा में एक मजबूत संदेश है। यह मामला राजनीतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और आने वाले समय में इस पर और चर्चाएं होने की संभावना है।

  • लोहड़ी 2026: 13 जनवरी को सूर्यदेव बदलेंगे चाल, करियर और धन के लिहाज से मिलेगी गुड न्यूज

    लोहड़ी 2026: 13 जनवरी को सूर्यदेव बदलेंगे चाल, करियर और धन के लिहाज से मिलेगी गुड न्यूज


    नई दिल्ली । लोहड़ी 2026: एक ज्योतिषीय नजरिया लोहड़ी का पर्व सिर्फ एक लोक-परंपरा का उत्सव नहीं है, बल्कि यह ज्योतिष शास्त्र में भी विशेष महत्व रखता है। हर साल 13 जनवरी को मनाई जाने वाली यह तिथि सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश को लेकर होती है, जिसे उत्तरायण की शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इस समय सूर्य की चाल बदलने के साथ ही पृथ्वी पर भी ऋतु परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू होती है।

    सूर्य का मकर राशि में प्रवेश
    सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही एक नई ऊर्जा का संचार होता है, जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लेकर आता है। मकर राशि में सूर्य का स्थान परिवर्तन करियर, धन, और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से बेहद शुभ होता है। इस दिन से शनि के साथ सूर्य का युति भी बनता है, जो स्थिरता और सफलता के नए मार्ग खोलता है।

    मंगलादित्य योग का निर्माण

    इस साल लोहड़ी के दिन विशेष रूप से एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योग बन रहा है, जिसे ‘मंगलादित्य योग’ कहा जा रहा है। यह योग सूर्य और मंगल की नौवें भाव में उपस्थिति से बनता है। नौवां भाव भाग्य और धर्म का कारक होता है, और जब सूर्य और मंगल इस भाव में मिलते हैं, तो यह व्यक्ति के साहस, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को बढ़ाता है।

    उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा के लिए शुभ समय
    इस योग का प्रभाव विशेष रूप से उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा के इच्छुक जातकों पर सकारात्मक रूप से पड़ने वाला है। यह समय उनके लिए अच्छे अवसर लेकर आ सकता है, जिनके मन में विदेश जाने या उच्च शिक्षा प्राप्त करने की योजना है। इसी प्रकार से, यदि आप नए बिजनेस के बारे में सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए सफल होने के योग लेकर आ सकता है।

    धन और करियर में प्रगति

    लोहड़ी का समय कई लोगों के लिए वित्तीय लाभ और करियर में प्रगति के लिहाज से बेहद शुभ रहेगा। विशेषकर वे जातक जिनका करियर लंबे समय से स्थिर था, उन्हें इस दिन के बाद नए अवसर मिल सकते हैं। यह समय नौकरी बदलने, प्रमोशन या अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त है।

    सामाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी
    लोहड़ी के दिन बने शुभ योगों से सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है। जो लोग समाज में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें इस समय में कोई खास सम्मान या पुरस्कार मिल सकता है। यही नहीं, आपके प्रयासों को लोगों से सराहना और समर्थन मिलेगा, जिससे आपके आत्मविश्वास में और भी बढ़ोतरी होगी।लोहड़ी 2026 का समय हर दृष्टि से खास होने वाला है, खासकर यदि आप अपने करियर, धन या सामाजिक जीवन में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। यह समय न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए उपयुक्त है, बल्कि यह सामूहिक रूप से भी समृद्धि और सफलता की ओर अग्रसर होने का संकेत दे रहा है। मंगलादित्य योग और सूर्य का मकर राशि में प्रवेश एक शुभ संकेत है, जिससे आने वाले समय में अच्छे अवसर और प्रगति के रास्ते खुल सकते हैं।
  • 38 शिक्षकों पर गिरी गाज, डीईओ ने किया निलंबित, देखें लिस्ट

    38 शिक्षकों पर गिरी गाज, डीईओ ने किया निलंबित, देखें लिस्ट


    कांकेर । कांकेर जिले में शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 38 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इनमें से 29 महिला शिक्षक भी शामिल हैं। यह कार्रवाई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत की गई है, जिसके तहत अतिशेष शिक्षक थे, जिन्हें नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग करने के लिए कहा गया था। हालांकि इन शिक्षकों ने निर्धारित समय सीमा तक ज्वाइनिंग नहीं की, जिसके बाद विभाग ने यह कठोर कदम उठाया।

    युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया और निलंबन की वजह

    शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शिक्षकों के समांतर समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत कई शिक्षक अतिशेष के रूप में सामने आए। विभाग ने इन अतिशेष शिक्षकों को जुलाई 2025 तक नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग करने का निर्देश दिया था। हालांकि, जनवरी 2026 तक जिले के 39 शिक्षकों ने नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं की, जिसके कारण शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि विभाग ने ज्वाइनिंग न करने को गंभीर उल्लंघन मानते हुए इसे अनुशासनहीनता के तौर पर लिया है।

    डीईओ की कार्रवाई

    कांकेर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि यह कदम उन शिक्षकों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया। डीईओ ने कहा यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के तहत की गई है और संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर शिक्षकों को जानकारी दी गई थी। इन शिक्षकों के लिए अब कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    निलंबित शिक्षकों की सूची

    निलंबन की सूची में 38 शिक्षकों के नाम शामिल हैं, जिनमें 29 महिला शिक्षक भी हैं। इन शिक्षकों के खिलाफ यह कार्रवाई उन्हें बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ज्वाइनिंग न करने पर की गई है। यह कार्रवाई विभाग के अनुशासन और कार्यवाही की सख्त नीति को दर्शाती है।

    सम्बंधित अधिकारी और कदम

    सरकारी शिक्षा विभाग ने न केवल इन शिक्षकों को निलंबित किया है बल्कि साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी स्थितियां उत्पन्न न हों। विभाग ने इस निलंबन को एक संदेश के तौर पर लिया है, ताकि भविष्य में अन्य शिक्षक अपने दायित्वों का पालन करें और शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता बनी रहे। यह कदम शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उठाया गया है। शिक्षकों के कार्यों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने और विभागीय नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करने से यह स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं।

  • सरकारी राशन दुकान से 70 क्विंटल चावल गायब, 3 साल बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

    सरकारी राशन दुकान से 70 क्विंटल चावल गायब, 3 साल बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई


    कांकेर । कांकेर जिले के ग्राम मूंगवाल में स्थित सरकारी राशन दुकान से 70 क्विंटल चावल गायब हो गया है। यह चावल स्थानीय राशन कार्ड धारकों को वितरण के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन चावल के गायब होने की जानकारी के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। मामले की जांच के आदेश तो दिए गए हैं, लेकिन तीन साल का समय गुजरने के बावजूद अब तक जांच में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

    सेल्समैन का बयान

    दुकान के सेल्समैन, परमेश्वर तेता, ने कहा कि वह पिछले तीन साल से दुकान का संचालन कर रहे हैं और जब उन्हें यह दुकान सौंपी गई थी, तब से ही स्टॉक में कमी थी। उनका कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को पहले ही इसकी जानकारी दे दी थी, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है। सेल्समैन का दावा है कि उन्होंने किसी भी तरह के घोटाले या अनियमितताओं में शामिल होने की बात से इनकार किया और कहा कि स्टॉक की कमी का कारण दुकान की शुरुआत में ही था।

    कलेक्टर का आश्वासन

    कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें इस मामले में शिकायत मिली है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” कलेक्टर ने यह भी बताया कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और जांच के परिणाम के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित किया जाएगा।

    सरपंच की शिकायत

    ग्राम पंचायत के सरपंच, जैसारो कोर्राम ने भी इस मामले में खाद्य विभाग से शिकायत की है। उनका कहना है कि यह मामला ग्रामवासियों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है और अगर अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे उच्च अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाएंगे यह मामला सरकारी राशन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर घोटाले की ओर इशारा कर रहा है, जहां राशन कार्ड धारकों को निर्धारित चावल वितरित नहीं किया जा सका। इस मामले की तीन साल बाद भी सही से जांच नहीं हो पाई है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी सिस्टम में यह तरह की अनियमितताएं सामान्य हो गई हैं। अब तक जांच की प्रक्रिया लंबी खींची गई है, लेकिन कलेक्टर के द्वारा जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

  • शनिवार को दान करते समय इन गलतियों से बचें, वरना होगा नुकसान

    शनिवार को दान करते समय इन गलतियों से बचें, वरना होगा नुकसान


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शनिवार का दिन विशेष महत्व रखता है। यह दिन न्याय के देवता और कर्मफलदाता शनिदेव के नाम समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन किए गए दान से शनि दोष समाप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन दान-पुण्य करने से शनि की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    शनिवार का दान और शनिदेव की कृपा

    शनिवार का दिन विशेष रूप से शनिदेव के साथ जुड़ा होता है और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन दान करना बहुत फलदायी माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने, पुराने और व्यर्थ सामान को निकालने, और अपने कर्तव्यों को सही तरीके से निभाने का होता है। लेकिन ध्यान रहे कि इस दिन दान करते समय कुछ खास सावधानियाँ रखनी चाहिए। यदि किसी भी वस्तु का दान बिना ध्यान के किया जाए, तो यह शनिदेव को नाराज कर सकता है और जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

    शनिवार को दान करते समय कौन सी चीजों से बचें

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को कुछ वस्तुओं का दान करना निषेध माना जाता है। इन वस्तुओं को दान करने से शनिदेव की नाराजगी हो सकती है और इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।

    नमक का दान

    शनिवार के दिन नमक का दान करना अशुभ माना जाता है। नमक का दान करने से घर में दरिद्रता और वित्तीय संकट आ सकता है। यह शनि के दुष्प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे पारिवारिक समस्याएं और आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकते हैं।

    धारदार वस्तुएं चाकू, कैंची, सुई

    धारदार वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची, या सुई का दान करना भी शनि दोष को बढ़ा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इन वस्तुओं का दान करने से पारिवारिक रिश्तों में तनाव और विघटन हो सकता है। साथ ही यह धन की हानि का कारण बन सकता है।

    काले रंग की चीजें

    शनिवार को काले रंग की वस्तुओं का दान करना भी उचित नहीं माना जाता। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि काले रंग का दान यदि जरूरतमंद व्यक्ति को किया जाए तो लाभकारी हो सकता है, लेकिन बिना ध्यान के इसका दान नुकसानदायक हो सकता है।

    झूठे आभूषण या टूटे सामान का दान

    पुराने या टूटे हुए सामान का दान भी सही नहीं माना जाता। इसके बजाय नए और उपयोगी सामान का दान करना चाहिए। पुरानी या टूट चुकी चीजों का दान शनि दोष को और भी बढ़ा सकता है, जिससे जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

    क्या करें, और क्या न करें

    शनिवार के दिन दान करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जो चीजें आप दान कर रहे हैं, वे पूरी तरह से साफ और उपयोगी हों। इससे दान का पुण्य और अधिक बढ़ता है। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि दान करते समय मन में शुद्धता और शुभकामनाओं का भाव हो। दान करने के साथ ही अपनी नकारात्मकता और बुरे कर्मों को भी छोड़ने का प्रयास करें। साथ ही, यह भी याद रखें कि शनिवार को उपवास रखने और पूजा अर्चना करना भी शनि देव की कृपा प्राप्त करने का एक प्रभावी उपाय है। शनिदेव की आराधना करने से शनि दोष की मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

    शनिवार का दिन शनि देव की कृपा पाने और जीवन में खुशहाली लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन किए गए दान से न सिर्फ शनि दोष समाप्त होता है, बल्कि इसके प्रभाव से जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान भी मिलता है। हालांकि, यह जरूरी है कि दान करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाए। नमक और धारदार वस्तुओं का दान न करने से आप शनिदेव की कृपा पा सकते हैं और अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

  • बड़े निवेशकों के लिए अलर्ट! Reliance Jio का IPO जल्द होगा लॉन्च, जानें पूरी डिटेल और फायदे

    बड़े निवेशकों के लिए अलर्ट! Reliance Jio का IPO जल्द होगा लॉन्च, जानें पूरी डिटेल और फायदे

    नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) साल 2026 की पहली छमाही में अपना आईपीओ लेकर आ सकती है. हाल ही में हुई रिलायंस AGM में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जून 2026 तक कंपनी के शेयरों को लिस्ट कराने के अपने प्लान का जिक्र किया था. कई इंवेस्टमेंट बैंकरों के लगाए गए अनुमान के मुताबिक, , रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 130 बिलियन डॉलर से 170 बिलियन डॉलर के बीच है.

    क्या है कंपनी का प्लान?
    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ के जरिए रिलायंस ग्रुप की यह कंपनी अपनी 2.50 परसेंट की हिस्सेदारी बेचकर 4.5 अरब डॉलर जुटा सकती है. इसी के साथ यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है. इससे पहले साल 2025 में ह्युडई मोटर इंडिया 3.3 अरब डॉलर का आईपीओ लेकर आई थी इसलिए अभी तक का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड इसी कंपनी के नाम है.
    जेरोधा वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, “अगस्त 2025 में 48वीं रिलायंस इंडस्ट्रीज AGM में मुकेश अंबानी ने औपचारिक रूप से कहा था कि जियो IPO के लिए फाइल करने की सभी तैयारियां कर रहा है. उन्होंने बताया कि कंपनी भारतीय मार्केट अथॉरिटीज से सभी जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद 2026 के पहले छमाही में जियो को लिस्ट करने का प्लान बनाकर चल रही है इसलिए रिलायंस जियो IPO के जून 2026 तक भारतीय प्राइमरी मार्केट में आने की उम्मीद है.

    कितना है GMP?
    रिलायंस जियो IPO GMP बिगुल के मुताबिक, रिलायंस जियो IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल 93 रुपये प्रति शेयर चल रहा है. इसका मतलब है कि कंपनी के शेयर DRHP फाइलिंग से काफी पहले ग्रे मार्केट में उपलब्ध हैं. जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि कंपनी आईपीओ के जरिए 2.50 परसेंट हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. इससे पहले, मार्केट रेगुलेटर सेबी IPO लाने वाली बड़ी कंपनियों के लिए शेयर बिक्री का न्यूनतम साइज 5 परसेंट की जगह घटाकर 2.5 परसेंट करने का प्रस्ताव लेकर आई थी, जो अभी वित्त मंत्रालय की मंजूरी के अधीन है.

    कितना रहेगा प्राइस बैंड?
    रिलायंस जियो IPO की अनुमानित प्राइस बैंड को लेकर बोनान्जा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी ने कहा, “कंपनी के बताए गए वैल्यूएशन रेंज 130 बिलियन डॉलर से 170 बिलियन डॉलर के हिसाब से और रिटेल इन्वेस्टर्स को 15-20 परसेंट तक डिस्काउंट मिलने की बात को लेकर चले, तो रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिलायंस जियो IPO शेयर की अनुमानित कीमत 1,048 से 1,457 प्रति शेयर के बीच रहने की संभावना है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आखिर में कौन सा वैल्यूएशन बैंड तय होता है.’

  • ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    नई दिल्ली। ईडी का दावा है कि कोलकाता में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास और ऑफिस पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और ईडी अधिकारियों से अहम फाइलें, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन छीन लिए गए। एजेंसी का कहना है कि इस कदम से जांच प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित हुई।

    पहले हाई कोर्ट, अब सुप्रीम कोर्ट

    इससे पहले ईडी ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर बुधवार (14 जनवरी 2026) को सुनवाई प्रस्तावित है। हाई कोर्ट में ईडी ने कहा कि जांच में जानबूझकर रुकावट डाली गई, जिससे एजेंसी का काम प्रभावित हुआ।
    याचिका में ईडी ने मामले की सीबीआई जांच कराने और केस दर्ज करने की अनुमति भी मांगी है।

    ED से टकराव के बीच ममता सरकार का जवाब

    ईडी की कार्रवाई के जवाब में ममता बनर्जी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट एप्लीकेशन दाखिल कर दी है। राज्य सरकार ने अदालत से आग्रह किया है कि इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष जरूर सुना जाए, ताकि कोई एकतरफा फैसला न हो।

    क्या है पूरा विवाद?

    पूरा मामला गुरुवार (8 जनवरी 2026) को शुरू हुआ, जब ईडी ने कोयला घोटाला मामले में राजनीतिक कंसलटेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी की।
    ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान कुछ अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज निकालकर मुख्यमंत्री की गाड़ी में रखवाए गए, जिसके बाद यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमा गया।

  • बैठे-बैठे पैर हिलाते रहते हैं? सुधार लें ये 5 आदतें, वरना कुंडली के दो ग्रह होंगे कमजोर

    बैठे-बैठे पैर हिलाते रहते हैं? सुधार लें ये 5 आदतें, वरना कुंडली के दो ग्रह होंगे कमजोर


    नई दिल्ली । हमारी दिनचर्या में कई ऐसी आदतें होती हैं जिन्हें हम सामान्य समझते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आदतें आपके जीवन और कुंडली के ग्रहों पर गहरा असर डाल सकती हैं? खासकर पैरों से जुड़ी आदतें ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार राहु, शनि और चंद्रमा जैसे ग्रहों को प्रभावित कर सकती हैं। इन ग्रहों का असर आपकी आर्थिक स्थिति, मानसिक शांति, और व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी आदतों के बारे में, जिन्हें सुधार कर आप इन ग्रहों को मजबूत कर सकते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं:

    पैर घसीटकर चलना

    कई लोग चलते वक्त पैर घसीटकर चलते हैं, यह आदत ज्योतिष के अनुसार राहु और शनि ग्रहों को कमजोर करती है। इससे व्यक्ति के जीवन में अचानक परेशानियां आ सकती हैं, मानसिक अस्थिरता बढ़ सकती है, और कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं। राहु के प्रभाव से व्यक्ति को अचानक धन हानि या व्यवसायिक नुकसान हो सकता है। शनि ग्रह का प्रभाव करियर में अड़चनें उत्पन्न कर सकता है। उपाय चरणों को पूरी तरह से उठाकर चलें, ताकि आपके कदम मजबूती से आगे बढ़ें और राहु-शनि की नकारात्मकता दूर हो।

    पैर पर पैर चढ़ाकर बैठना

    यह आदत भी चंद्रमा और राहु को प्रभावित करती है। जब आप पैर पर पैर चढ़ाकर बैठते हैं, तो यह आपके मानसिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। साथ ही, इस आदत से सामाजिक रिश्ते भी प्रभावित हो सकते हैं। माना जाता है कि इस तरह से बैठने से किसी की अनदेखी या असम्मान हो सकता है, जिससे जीवन में तनाव बढ़ सकता है। उपाय साफ और सीधी स्थिति में बैठें, जिससे मानसिक शांति बनी रहे और चंद्रमा मजबूत हो।

    बैठे-बैठे पैर हिलाना

    यह आदत भी बहुत सामान्य होती है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार यह राहु और शनि को कमजोर करती है। यह आदत मानसिक अस्थिरता और मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। लोग अक्सर बैठे-बैठे पैर हिलाते हैं, लेकिन यह आदत ध्यान केंद्रित करने में बाधा डालती है और शनि के प्रभाव को नकारात्मक बनाती है। उपाय जब भी आप बैठे हों, अपने पैर को स्थिर रखें और ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें।

    बिना जूतों के घर में प्रवेश करना

    घर में प्रवेश करते समय बिना जूतों के अंदर आना भी अशुभ माना जाता है। यह आदत राहु और शनि को प्रभावित कर सकती है। जूतों को सही तरीके से बाहर ही छोड़ना चाहिए, क्योंकि यह घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को अंदर लाने का कारण बन सकता है। उपाय घर में प्रवेश करते समय जूते बाहर ही रखें और घर में प्रवेश करने से पहले हल्का ध्यान या नमस्कार जरूर करें।

    पैर को बढ़ा कर बैठना

    अगर आप कभी पैर फैलाकर बैठते हैं या पैरों को चढ़ाकर बैठते हैं, तो यह भी आपके कुंडली के ग्रहों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह आदत शनि और चंद्रमा पर प्रतिकूल असर डालती है और जीवन में विरोधी परिस्थितियों को जन्म देती है।

    उपाय जब भी बैठें, अपने पैर को सही तरीके से रखें और अच्छे से सीधे बैठें

    हमारी दिनचर्या में बहुत सी आदतें छोटी-छोटी लग सकती हैं, लेकिन ये ग्रहों पर गहरा प्रभाव डालती हैं। इसलिए, इन आदतों को सुधारकर आप न केवल अपनी शारीरिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि कुंडली के ग्रहों को भी मजबूत कर सकते हैं। अगर आप इन आदतों से बचते हैं, तो आपको मानसिक शांति, आर्थिक समृद्धि और व्यक्तिगत जीवन में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

  • क्या सेक्सुअली एक्टिव लोगों के लिए HPV Vaccine सुरक्षित है? जानें हर महिला के लिए जरूरी बातें

    क्या सेक्सुअली एक्टिव लोगों के लिए HPV Vaccine सुरक्षित है? जानें हर महिला के लिए जरूरी बातें


    नई दिल्ली । HPV ह्यूमन पैपिलोमावायरस एक वायरस है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में छुपकर रहता है और बाद में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। यह वायरस दुनियाभर में आम है, और लगभग सभी सेक्शुअली एक्टिव लोग जीवन में कभी न कभी इस वायरस के संपर्क में आते हैं। हालांकि, सही जानकारी और समय पर HPV वैक्सीनेशन से इस वायरस से बचाव किया जा सकता है।

    HPV क्या है और यह कितना आम है

    HPV 200 से अधिक वायरसों का समूह है, जिसमें कुछ वायरस सामान्य होते हैं, जबकि कुछ हाई रिस्क खतरनाक होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लगभग हर सेक्शुअली एक्टिव व्यक्ति जीवन में कभी न कभी HPV से संक्रमित हो सकता है।

    HPV कैसे फैलता है और यह क्यों खतरनाक है

    HPV मुख्य रूप से स्किन-टू-स्किन सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है। इसमें वेजाइनल, एनल और ओरल सेक्स शामिल होते हैं। यह वायरस अक्सर बिना लक्षण के शरीर में रहता है और कैंसर जैसे गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। विशेष रूप से हाई-रिस्क HPV सर्वाइकल, एनल, गले ओरोफैरिंजियल और पेनाइल कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। HPV से कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं HPV का संबंध कई प्रकार के कैंसर से है, जैसे:

    सर्वाइकल गर्भाशय के गले का कैंसरएनल कैंसर

    गले का कैंसर ओरोफैरिंजियल कैंसर, पेनाइल लिंग का कैंसर, वल्वर महिलाओं के प्रजनन अंग का कैंसर, वेजाइनल कैंस इसके अलावा, HPV जेनिटल वॉर्ट्स यौनांगों पर मस्से और कुछ दुर्लभ श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

    HPV वैक्सीन लगवाने की सही उम्र क्या है

    विशेषज्ञों के अनुसार, HPV वैक्सीनेशन की सही उम्र 9 से 12 साल के बीच है, क्योंकि इस उम्र में टीका वायरस के संपर्क में आने से पहले लगाया जाता है और सबसे प्रभावी होता है। HPV वैक्सीनेशन के लिए कितनी डोज जरूरी हैं 9 से 14 साल की उम्र में दो डोज काफी होती हैं। 15 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को तीन डोज की सलाह दी जाती है।

    क्या सेक्शुअली एक्टिव वयस्कों को भी वैक्सीनेशन से फायदा होता है

    हां, सेक्शुअली एक्टिव वयस्कों को भी HPV वैक्सीन से फायदा हो सकता है। हालांकि, यह वैक्सीन पहले से मौजूद संक्रमण का इलाज नहीं करती, लेकिन यह भविष्य में होने वाले संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करती है। ऐसे वयस्क जिन्हें HPV के सभी खतरनाक प्रकारों से संपर्क नहीं हुआ, उनके लिए यह वैक्सीनेशन बेहद फायदेमंद हो सकती है।

    क्या HPV वैक्सीन सुरक्षित है

    विशेषज्ञों के अनुसार, HPV वैक्सीनेशन पूरी तरह सुरक्षित है। इसके साइड इफेक्ट्स आमतौर पर हल्के होते हैं, जैसे कि इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या हल्का बुखार। गंभीर एलर्जी प्रतिक्रियाएं बहुत कम होती हैं, लेकिन यदि आप गर्भवती हैं या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    क्या सिर्फ अच्छी हाइजीन से HPV से बचा जा सकता है

    नहीं, HPV मुख्य रूप से स्किन-टू-स्किन सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है, और इसे केवल अच्छी हाइजीन से नहीं रोका जा सकता। हालांकि, कंडोम के इस्तेमाल से जोखिम कम हो सकता है, लेकिन यह 100% सुरक्षा नहीं प्रदान करता।

    अगर बचपन में वैक्सीन नहीं लगवाई हो तो क्या करें

    अगर किसी ने बचपन में HPV वैक्सीन नहीं लगवाई है, तो 26 साल तक कैच-अप वैक्सीनेशन की सलाह दी जाती है। कुछ मामलों में डॉक्टर के परामर्श से 45 साल तक भी वैक्सीनेशन कराया जा सकता है। क्या HPV वैक्सीन से फर्टिलिटी पर असर पड़ता है HPV वैक्सीन का फर्टिलिटी या हार्मोनल स्तर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, यह वैक्सीनेशन कैंसर और प्रजनन स्वास्थ्य को सुरक्षित रखती है, जिससे भविष्य में प्रजनन क्षमता पर सकारात्मक असर पड़ता है। HPV वैक्सीन HPV वायरस से सुरक्षा का सबसे प्रभावी तरीका है। समय पर टीकाकरण और जागरूकता, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव की सबसे मजबूत कड़ी है। यदि आपने पहले वैक्सीनेशन नहीं कराया है, तो डॉक्टर से संपर्क कर इसे प्राप्त करें, क्योंकि यह भविष्य में आपकी सेहत और जीवन को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

  • ठंड में खांसी से राहत पाने के लिए घर पर बनाएं देसी कफ सिरप शॉट, मिनटों में मिलेगा आराम

    ठंड में खांसी से राहत पाने के लिए घर पर बनाएं देसी कफ सिरप शॉट, मिनटों में मिलेगा आराम


    नई दिल्ली । सर्दियों का मौसम आते ही खांसी, बलगम और गले की खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। बदलते मौसम के साथ शरीर में होने वाले संक्रमण और ठंड की हवा इन समस्याओं को बढ़ा देती है, जिससे न सिर्फ दिन की सक्रियता पर असर पड़ता है, बल्कि रात की नींद भी खराब हो जाती है। अक्सर लोग बाजार में मिलने वाले सिरप और दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार इनका असर धीरे-धीरे होता है। इसके अलावा, लंबे समय तक इन दवाइयों का सेवन भी सेहत के लिए ठीक नहीं होता। ऐसे में एक प्राकृतिक और घरेलू उपाय सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।

    देसी कफ सिरप शॉट: राहत का खजाना

    देसी कफ सिरप शॉट पूरी तरह से नेचुरल होता है और इसमें मौजूद अदरक, शहद, हल्दी, काली मिर्च और तुलसी जैसे तत्व आपके गले को राहत देने में मदद करते हैं। ये सभी चीजें मिलकर न केवल खांसी को दूर करती हैं, बल्कि आपकी इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाती हैं।

    इन तत्वों के फायदे

    अदरक: अदरक का तीखापन गले की जलन को शांत करता है और बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है। शहद: शहद गले की सूजन कम करता है और इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण से बचाते हैं। हल्दी: हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन को कम करता है और सांस की नलियों को राहत देता है। काली मिर्च: काली मिर्च बलगम को ढीला करके बाहर निकालने में मदद करती है। तुलसी: तुलसी में मौजूद वायरस-लड़ने वाले गुण इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं।

    देसी कफ सिरप शॉट बनाने की विधि:

    सबसे पहले अदरक को हल्की आंच पर थोड़ा भून लें। अब अदरक और तुलसी की पत्तियों को एक साथ पीस लें। इस मिश्रण का रस छानकर निकाल लें। फिर इस रस में सितोपलादि पाउडर, काली मिर्च पाउडर, हल्दी और शहद डालकर अच्छे से मिला लें।
       

    आपका देसी कफ सिरप शॉट तैयार है। ,सेवन का तरीका
    इस सिरप शॉट को दिन में 2 से 3 बार लिया जा सकता है। यदि आपको ज्यादा मात्रा में चाहिए तो इसे फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं। नियमित सेवन से खांसी, बलगम और गले की खराश में तुरंत आराम मिल सकता है।यह देसी कफ सिरप शॉट न केवल खांसी से राहत दिलाता है, बल्कि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। सर्दियों में इस प्राकृतिक उपचार का सेवन करने से आप बिना किसी दवा के खांसी और गले की समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। तो अगली बार जब सर्दियों में खांसी परेशान करे, तो इस घर पर बने देसी कफ सिरप शॉट का इस्तेमाल करें और तुरंत आराम पाएं।