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  • साल की आखिरी एकादशी पर भूलकर भी न करें इन 5 चीजों का दान, नहीं तो 2026 में भी रहेंगे परेशान

    साल की आखिरी एकादशी पर भूलकर भी न करें इन 5 चीजों का दान, नहीं तो 2026 में भी रहेंगे परेशान

    नई दिल्ली/सनातन धर्म के लोगों के लिए पौष पुत्रदा एकादशी का खास महत्व है, जिसका व्रत हर साल पौष माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. पंचांग के मुताबिक, इस बार 30 दिसंबर 2025 को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. मान्यता है कि जो लोग सच्चे मन से पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य मिलता है. इसके अलावा जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.पूजा-पाठ के अलावा पौष पुत्रदा एकादशी पर दान करना भी शुभ होता है. हालांकि, कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जिनका दान एकादशी पर करना अशुभ होता है. आज हम आपको शास्त्रों में बताई गई उन 5 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका दान पौष पुत्रदा एकादशी पर करने से व्यक्ति साल 2026 में भी परेशान रह सकता है.
    लोहा
    लोहे से बनी किसी भी वस्तु का दान पौष पुत्रदा एकादशी पर करना अशुभ होता है. इससे न सिर्फ आपको पाप लगेगा, बल्कि पूजा का फल भी नहीं मिलेगा.
    नमक
    पौष पुत्रदा एकादशी पर नमक का दान करने से घर में अशांति फैलती है. साथ ही व्रत खंडित हो जाता है और पाप लगता है.ये भी पढ़ें- Mahayuti 2025 Rashifal: 2026 के शुरू से पहले ये 3 राशियां होंगी मालामाल; बनेगी मंगल, सूर्य, शुक्र और बुध की महायुति

    नुकीली चीजें

    यदि कोई व्यक्ति पौष पुत्रदा एकादशी पर किसी भी तरह की नुकीली चीज का दान करता है तो उससे भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं. इसके अलावा घर में लड़ाई-झगड़े होंगे और सेहत पर भी नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है.

    तेल

    पौष पुत्रदा एकादशी पर तेल का दान करने से ग्रह दोष लगता है. साथ ही घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. इसके अलावा धन हानि भी हो सकती है.

    अनाज

    गेहूं, चावल, मक्का, राई, जौ, जई, बाजरा और बीज आदि अनाज का दान पौष पुत्रदा एकादशी पर करना अशुभ होता है. इससे न सिर्फ व्रती को पाप लगता है बल्कि घरवालों को भी विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है.डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
  • शिवपुरी में आदिवासियों का मतांतरण कराने का मामलाहिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने ढहाया अवैध चर्च

    शिवपुरी में आदिवासियों का मतांतरण कराने का मामलाहिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने ढहाया अवैध चर्च


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील के कुछ गांवों में आदिवासी और भील परिवारों का कथित रूप से मतांतरण कराकर उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था। यह मामला तब सामने आया जब हिंदू संगठनों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। इन संगठनों का आरोप है कि यह प्रक्रिया अवैध तरीके से की जा रही थी और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

    हिंदू संगठनों की सक्रियता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
    हिंदू संगठनों ने गुढाल डांग गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन को इस बारे में सूचित किया। पुलिस वन विभाग और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां बन रहे एक चर्च को देखा जो अवैध रूप से निर्माणाधीन था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस चर्च को ढहा दिया और इसके निर्माण से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी।

    कथित मतांतरण और प्रशासन की भूमिका

    इस मामले में हिंदू संगठनों का कहना है कि आदिवासी और भील परिवारों को विभिन्न लालच देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के गतिविधियां समाज में अस्थिरता और धार्मिक तनाव उत्पन्न कर सकती हैं। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और यह सुनिश्चित किया कि ऐसे किसी भी अवैध धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।

    प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए

    प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और अवैध चर्च को ढहाने के साथ-साथ मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति या समूह ने इस प्रकार की गतिविधि की है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस इलाके में किसी तरह का धार्मिक विवाद उत्पन्न न हो और शांति बनाए रखी जाए।

    शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील में आदिवासी और भील परिवारों के कथित मतांतरण के मामले ने एक बार फिर से धार्मिक असहमति और समाज में सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध चर्च को ढहा दिया है और अब मामले की जांच चल रही है। यह घटना इस बात का संदेश देती है कि किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ प्रशासन सख्त कदम उठाएगा और समाज में शांति बनाए रखने के लिए कार्य करेगा।

  • नए साल 2026 में गुरु प्रदोष व्रतइन उपायों से महादेव होंगे प्रसन्न मिलेगी सुख-समृद्धि

    नए साल 2026 में गुरु प्रदोष व्रतइन उपायों से महादेव होंगे प्रसन्न मिलेगी सुख-समृद्धि


    नई दिल्ली । साल 2026 का आगमन धार्मिक दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वैदिक पंचांग के अनुसार 1 जनवरी को गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है क्योंकि यह व्रत गुरु प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाएगा। गुरु प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है और इस दिन श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-पाठ करने से जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली आती है।

    गुरु प्रदोष व्रत और महादेव की कृपा

    गुरुवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है क्योंकि गुरु ग्रह का प्रभाव इस दिन अधिक रहता है। गुरु ग्रह ज्ञान शिक्षा समृद्धि और अच्छे भाग्य का कारक माना जाता है। इस दिन किए गए पूजा और उपायों से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। खासकर नौकरी व्यापार धन-संपत्ति से जुड़ी परेशानियां दूर हो सकती हैं और महादेव की कृपा से आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।

    ज्योतिषीय उपायों से मिल सकती है राहत

    गुरु प्रदोष व्रत के दिन कुछ खास ज्योतिषीय उपाय करने से जीवन में स्थिरता और समृद्धि का आशीर्वाद मिल सकता है। यहां कुछ विशेष उपाय दिए जा रहे हैं जो इस दिन किए जाने से महादेव की कृपा प्राप्त हो सकती है भगवान शिव की पूजाइस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा करें। शिवलिंग पर जल दूध शहद बेलपत्र और आंतरिक शुद्धता से अर्पित करें। इस दिन महादेव का स्मरण करने से जीवन में आ रही परेशानियों का समाधान हो सकता है।

    धन का संकलनइस दिन विशेष रूप से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए श्री लक्ष्मी यंत्र की पूजा करें। देवी लक्ष्मी की कृपा से धन-संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। गुरुवार का व्रतइस दिन उपवासी रहकर केवल फलाहार करें और मानसिक शांति के लिए गुरु के मंत्र का जाप करें। इससे मानसिक शांति और संतुलन मिलेगा। शिव चालीसा का पाठइस दिन शिव चालीसा का पाठ करें और साथ ही ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। यह उपाय मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है भक्तिपूर्वक दर्शनइस दिन भगवान शिव के मंदिर में जाकर दर्शन करें और वहां दीप जलाकर पूजा अर्चना करें। इस दिन किए गए धार्मिक कर्मों का बहुत फल मिलता है।

    व्यापारिक उन्नति के लिएअगर आप व्यापार में वृद्धि चाहते हैं तो इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव से व्यापार में समृद्धि की प्रार्थना करें और पुराने उधारी या ऋण से छुटकारा पाने के लिए प्रयास करें। नए साल की शुरुआत गुरु प्रदोष व्रत से हो रही है जो विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन किए गए उपायों और पूजा से जीवन में सुख समृद्धि और सफलता प्राप्त हो सकती है। महादेव की कृपा से नौकरी व्यापार और धन-संपत्ति में वृद्धि हो सकती है और साल भर शांति और खुशहाली बनी रह सकती है।

  • MP: सतना में नवनिर्मित सड़क को मंत्री ने जूते से रगड़ा तो उखड़ गई डामर… रद्द किया टेंडर

    MP: सतना में नवनिर्मित सड़क को मंत्री ने जूते से रगड़ा तो उखड़ गई डामर… रद्द किया टेंडर


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में PWD के भ्रष्टाचार की पोल उस वक्त खुल गई है, जब नवनिर्मित डामर की सड़क (Newly Constructed Road) प्रदेश की राज्यमंत्री के पैरों की मार/चोट भी नहीं सह सकी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Pratima Bagri) ने जब नवनिर्मित डामर की सड़क पर अपना पैर रगड़ा, तो डामर उखड़कर बिखर गया। सड़क की यह दुर्दशा देख मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही PWD के कार्यपालन यंत्री की क्लास लगा दी और ठेकेदार राजेश कैला का टेंडर तत्काल निरस्त करने का फरमान सुना दिया है।


    सड़क पर पैर रगड़ते ही उखड़ गया डामर

    दरअसल मामला कोठी तहसील के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का है। यहाँ लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। रविवार शाम जब मंत्री प्रतिमा बागरी नैना कोठी क्षेत्र से गुजर रही थीं, तो चमचमाती नई सड़क देख उन्होंने काफिला रुकवा दिया। मंत्री गाड़ी से उतरीं और गुणवत्ता परखने के लिए सड़क पर पैर रखा। हल्की सी रगड़ लगते ही डामर की परत उखड़कर अलग हो गई। यह देख मंत्री ने अफसरों से पूछा शर्म आनी चाहिए! जो सड़क मेरे पैर रखने भर से खिसक रही है, वो भारी वाहनों का बोझ कैसे सहेगी? यह निर्माण नहीं, शुद्ध लीपापोती है।


    मॉनिटरिंग करने वाले सो रहे थे क्या?

    निरीक्षण के दौरान यह साफ हो गया कि पूरी सड़क मानकों के विपरीत बनी है। मंत्री ने मौके पर है फोन पर अफसरों से तीखे सवाल किए है। आपकी निगरानी में ऐसा घटिया काम कैसे हुआ?”जिन सब-इंजीनियर्स (Sub-Engineers) की ड्यूटी मॉनिटरिंग पर थी, वे कहां थे?”मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी पैसे की बर्बादी और गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    राज्यमंत्री ने सिर्फ फटकार नहीं लगाई, बल्कि स्पष्ट अल्टीमेटम भी दिया। उन्होंने मीडिया को बताया की संविदाकार राजेश कैला का अनुबंध तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिए है। जिस इंजीनियर ने आंखें मूंदकर यह सड़क बनने दी और निरीक्षण नहीं किया, उस पर विभागीय कार्रवाई हो। मंत्री ने दो टूक कहा, मैंने EE को निर्देश दिए हैं। यदि वे ठेकेदार और दोषी इंजीनियर पर कार्रवाई नहीं करते, तो मैं PWD मंत्री से आग्रह करूँगी कि सीधे EE के विरुद्ध ही कार्रवाई की जाए। मंत्री के इस औचक निरीक्षण और ‘ऑन द स्पॉट’ फैसले से जिले के निर्माण विभागों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

  • क्या सच हो रही की बात? खुलते ही ₹6000 का उछाल… जानें New Silver Rate

    क्या सच हो रही की बात? खुलते ही ₹6000 का उछाल… जानें New Silver Rate


    नई दिल्ली
    /सोना-चांदी की कीमतें साल 2025 के आखिरी महीने में धमाल मचा रही हैं. हर रोज ये दोनों कीमती धातुओं नए शिखर पर पहुंचते हुए पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तो Silver Price एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही 6000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया और चांदी 2,14,471 रुपये के नए हाई पर जा पहुंची. सोना भी कुछ कम नजर नहीं आया और चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखा. MCX Gold Rate देखें, तो खुलने के साथ ही ये 1384 रुपये की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर जा पहुंचा. ऐसे में रिच डैड पुअर डैडके लेखक रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी सच होते नजर आ रही है. वे अक्सर अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चांदी को अमीर बनने का जरिया बताते हैं.
    रुकने का नाम नहीं ले रही चांदी
    इस साल हालांकि, Gold-Silver दोनों धातुओं ने धमाल मचाया है, लेकिन चांदी की रफ्तार ने चौंकाने का काम किया है और साल के खत्म होते-होते इसकी कीमतों में तेजी बढ़ती जा रही है. सोमवार को एमसीएक्स पर चांदी खुलने के साथ ही 6032 रुपये प्रति किलो चढ़ गई और 2.14 लाख रुपये के पार निकल गई. बीते सप्ताह ही इसने इतिहास में पहली बार 2 लाख रुपये का आंकड़ा पार किया था और तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद इस स्तर पर टिकी हुई है.

    Gold Rate में तेज उछाल

    न सिर्फ चांदी की कीमत में सप्ताह के पहले दिन तेजी आई है, सोना भी छलांग लगा रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला सोना, अपने पिछले बंद की तुलना में 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की बढ़त लेकर खुला. इसके कुछ ही मिनटों में Gold Price 1384 रुपये या 1.03% की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर जा पहुंचा, जो इसका अब तक का सबसे हाई लेवल है.
    रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी हो रही सच
    Silver Rate में लगातार आ रहे उछाल को देखते हुए मशहूर किताब Rich Dad Poor Dad के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी Robert Kiyosaki की भविष्यवाणी सच होती नजर आ रही है, जिसमें वो कहते नजर आते हैं कि चांदी अमीर बना सकती है. हाल ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर अब X पर एक पोस्ट के जरिए चांदी में निवेश की सलाह दी थी और 2026 के लिए इसे नया टारगेट Silver Target दिया था. गौरतलब है कि कियोसाकी अक्सर सोना-चांदी में निवेश की सलाह देते नजर आते हैं.

    ‘चांद पर पहुंचती जा रही है चांदी…’

    अपनी नई पोस्ट में रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने चांदी की बढ़ती कीमतों की ओर फोकस करते हुए लिखा कि चांदी चांद पर जा रही है, शायद 2026 में इसका भाव 200 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच जाएगा. बीते साल 2024 में ये सिर्फ 20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी. उन्होंने बताया कि जैसे ही पिछले हफ्ते US FED एक और रेट कट का ऐलान किया था, मैंने और असली चांदी खरीद ली.

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव में BJP-महायुति की ऐतिहासिक जीत…. PM बोले- जनता को धन्यवाद

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में BJP-महायुति की ऐतिहासिक जीत…. PM बोले- जनता को धन्यवाद


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों (Maharashtra Local Body Elections) में भाजपा-महायुति गठबंधन (BJP-Mahayuti alliance) की ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर राज्य में विकास की लहर को मजबूत कर दिया है। जनता ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भारी बहुमत से महायुति को समर्थन दिया, जिससे भाजपा ने कई नए रिकॉर्ड अपने नाम किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने इस जीत पर महाराष्ट्र की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जनकेंद्रित विकास में उनकी अटूट आस्था का प्रमाण है।

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए महाराष्ट्र की जनता का आभारी हूं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में विश्वास को दर्शाता है। हम राज्य भर के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नई ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने जमीनी स्तर पर किए गए अथक परिश्रम के लिए भाजपा और महायुति के पदाधिकारियों की सराहना की।


    भाजपा ने बनाया रिकॉर्ड

    वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने कहा कि भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें 48 प्रतिशत पार्षद पार्टी के चिह्न पर जीते हैं और पार्टी के उम्मीदवार 129 नगर परिषदों के अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति गठबंधन की सफलता का श्रेय भाजपा के संगठन और सरकार के विकास एजेंडे को दिया। फडणवीस ने कहा कि 48 प्रतिशत पार्षद भाजपा के चिह्न पर निर्वाचित हुए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। भाजपा ने 3300 पार्षदों के निर्वाचित होने के साथ एक और रिकॉर्ड बनाया है।

    अब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार, भाजपा ने इस वर्ष 129 नगर परिषदों (45 प्रतिशत) में जीत हासिल की है, जो 2017 के 94 की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। महायुति ने कुल 288 नगर परिषदों में से 215 नगर परिषदों (74.65 प्रतिशत) में जीत दर्ज की है।

  • T20I में 4000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनी स्मृति मंधाना, रचा इतिहास

    T20I में 4000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनी स्मृति मंधाना, रचा इतिहास


    नई दिल्ली।
    वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 (Women’s World Cup 2025) का खिताब जीतने के बाद हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) पहली बार कल यानी रविवार, 21 दिसंबर को एक्शन में नजर आई। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ विशाखापट्टनम में हुए पहले T20I में 8 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की। इस दौरान टीम इंडिया की स्टार ओपनिंग बैटर स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने इतिहास रच दिया। मंधाना ने श्रीलंका द्वारा मिले 122 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए 25 रनों की पारी खेली, इस दौरान उन्होंने वह उपलब्धि हासिल की जो आज तक कोई भारतीय महिला क्रिकेट नहीं कर पाई।

    स्मृति मंधाना वुमेंस T20I क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा छूने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई है। जी हां, मंधाना के नाम अब T20I क्रिकेट में कुल 4007 रन है, जो उन्होंने 154 मैचों की 148 पारियों में बनाए हैं। मंधाना अपने T20I करियर में 1 शतक और 31 अर्धशतक जड़ चुकी हैं।

    वहीं ओवरऑल स्मृति मंधाना T20I क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा पार करने वाली दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। इस लिस्ट में टॉप पर न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स हैं, जिनके नाम इस फॉर्मेट में 4716 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस लिस्ट में ज्यादा पीछे नहीं है। वह 3669 रनों के साथ लिस्ट में तीसरे पायदान पर हैं।


    कैसा रहा IND W vs SL W पहला टी20 मैच?

    टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी श्रीलंकाई टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 121 ही रन बोर्ड पर लगा पाई। ओपनिंग बैटर विश्मी गुणरत्ने 39 रनों के साथ टीम की हाईएस्ट स्कोरर रहीं, उनके अलावा कोई बैटर 25 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। श्रीलंका की इस पारी में तीन रनआउट थे, वहीं क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी को 1-1 विकेट मिला।

    122 के टारगेट का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा दूसरे ही ओवर में 5 गेंदों पर 9 रन बनाकर आउट हो गई। 9वें ओवर में 67 के स्कोर पर भारत को दूसरा झटका स्मृति मंधाना के रूप में लगा। नंबर-3 पर आई जेमिमा रोड्रिग्स ने कमाल की पारी खेल भारत को जीत दिलाई। वह 69 रनों के सात नाबाद रही और भारत ने 8 विकेट और 32 गेंदें शेष रहते टारगेट को चेज किया।

  • ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल… रोहित शर्मा बोले – आप इंग्लैंड से पूछ सकते हो

    ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल… रोहित शर्मा बोले – आप इंग्लैंड से पूछ सकते हो


    नई दिल्ली।
    रोहित शर्मा (Rohit Sharma) मैदान के अंदर हो या बाहर, वह अपनी बातों से फैंस का मनोरंजन कभी नहीं रुकने देते। रविवार, 21 दिसंबर को रोहित गुरुग्राम में एक इवेंट में पहुंचे जहां उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए अपने करियर को लेकर कई खुलासे किए। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि 2023 वर्ल्ड कप फाइनल (2023 World Cup Final) में ऑस्ट्रेलिया (Australia) के हाथों मिली हार ने उन्हें इतना तोड़ दिया था कि वह रिटायरमेंट का मन बना चुके थे। रोहित शर्मा ने इस बातचीत के दौरान ऑस्ट्रेलिया में खेली कई शानदार पारियों को याद किया, इस दौरान उन्होंने बेन स्टोक्स (Ben Stokes) की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम को बुरी तरह ट्रोल कर दिया।

    इंग्लैंड की टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज खेल रही है। 5 मैच की इस सीरीज के पहले तीन मैच हारकर इंग्लैंड सीरीज पहले ही गंवा चुकी है। हर किसी को उम्मीद थी कि बैजबॉल इस बार ऑस्ट्रेलिया में धमाल मचाएगा, मगर अभी तक परफॉर्मेंस इसके विपरीत ही नजर आ रही है। इंग्लैंड की इस हार पर टोंट कसते हुए रोहित शर्मा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल है, आप इंग्लैंड को पूछ ही सकते हो।” रोहित इस दौरान क्या बात कर रहे थे, उसका कॉन्टेक्स्ट तो नहीं पता, मगर उन्होंने इंग्लैंड की टीम को ट्रोल जरूर कर दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

    रोहित शर्मा ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। वनडे में तो उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर खूब धमाल मचाया, वहीं ऑस्ट्रेलिया में वनडे क्रिकेट में 1000 रन बनाने वाले एकमात्र भारतीय हैं, मगर जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है तो उनका फ्लॉप प्रदर्शन नजर आता है। 2013 में सचिन तेंदुलकर की फेयरवेल सीरीज़ के दौरान भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने के बाद से, रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में 10 मैच खेले लेकिन 19 पारियों में सिर्फ 439 रन ही बना पाए। उन्होंने बैगी ग्रीन्स के खिलाफ तीन टेस्ट फिफ्टी लगाईं और एक बार ज़ीरो पर आउट हुए। भारत के लिए अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज में रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट खेले लेकिन पांच पारियों में कुल 31 रन ही बना पाए।

  • MP: सिक्स लेन रोड व गौ अभ्यारण्य की मांग… ग्वालियर में साधु-संत करेंगे टोल फ्री आंदोलन

    MP: सिक्स लेन रोड व गौ अभ्यारण्य की मांग… ग्वालियर में साधु-संत करेंगे टोल फ्री आंदोलन


    ग्वालियर।
    ग्वालियर भिंड हाईवे (Gwalior Bhind Highway) को सिक्स लेन बनाने, सड़क हादसों पर रोक और गौ अभ्यारण (Cow Sanctuary) की मांग को लेकर संत समाज अब खुलकर आंदोलन के रास्ते पर उतर रहा है। इसी कड़ी में 29 दिसंबर को बरेठा टोल प्लाजा पर संत सभा के साथ एक दिवसीय टोल फ्री आंदोलन (Toll-free movement) किया जाएगा। भिंड जिले के कालिका माता मंदिर बघेली बहादुरपुरा में अखिल भारतीय संत समिति के तत्वावधान में संत समाज की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 दिसंबर, सोमवार को मालनपुर टोल प्लाजा पर संत सभा होगी। इसी दिन “नो रोड, नो टोल” थीम पर एक दिवसीय सांकेतिक टोल फ्री आंदोलन किया जाएगा और आगे के आंदोलन की रणनीति का उद्घोष किया जाएगा। संत समाज जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने बताया कि संत समाज पहले संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है।

    इसी उद्देश्य से सोमवार सुबह 10 बजे भिंड कलेक्टर के साथ बैठक होगी। बैठक में जिले में प्रस्तावित गौ अभ्यारण में अब तक कोई ठोस प्रगति न होने, ग्वालियर भिंड हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय, तथा भिंड जिले की जनता की भावनाओं से राज्य और केंद्र सरकार को अवगत कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    संत कालीदास महाराज ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि मानव जीवन और गौ वंश की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो संत समाज इस “धर्म युद्ध” में किसी भी त्याग से पीछे नहीं हटेगा। संत समाज ने सभी वर्गों से अपील की कि वे जाति धर्म से ऊपर उठकर गौ संरक्षण और सड़क सुरक्षा के इस अभियान में साथ खड़े हों। बैठक में बड़ी संख्या में संत समाज की उपस्थिति रही।

  • रूस की सेना में 200 से ज्यादा भारतीय, यूक्रेन युद्ध में ले रहे भाग…अब तक 26 की मौत

    रूस की सेना में 200 से ज्यादा भारतीय, यूक्रेन युद्ध में ले रहे भाग…अब तक 26 की मौत


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia-Ukraine war) में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भारत सरकार (Government of India) ने संसद में खुलासा किया है कि अब तक 200 से अधिक भारतीय नागरिक (Indian citizen) रूसी सेना (Russian Army) में भर्ती होकर इस युद्ध में लड़ रहे हैं। यह आंकड़ा विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में सांसदों के सवालों के जवाब में दिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने यह आंकड़ा शुक्रवार को राज्यसभा में सांसदों साकेत गोखले और रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में दिया।

    ‘रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की रिहाई’ शीर्षक वाले बयान में मंत्रालय ने कहा कि फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से 202 भारतीय नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने की जानकारी है। हालांकि, सरकार के कूटनीतिक प्रयासों से इनमें से 119 की समय से पहले छुट्टी कराई जा चुकी है। वहीं, मृतकों की संख्या के बारे में बयान में कहा गया है कि युद्ध में 26 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और 7 को रूसी सीमा क्षेत्र में लापता बताया जा रहा है।

    मंत्रालय ने आगे बताया कि 50 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से रिहा कराने के प्रयास जारी हैं, साथ ही 10 मृतकों के शव वापस लाने की कोशिश भी की जा रही है। इस दौरान विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और शीघ्र रिहाई के लिए भारत सरकार रूसी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है। इस मामले पर दोनों देशों के नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों के बीच विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि मृत या लापता बताए गए 18 भारतीयों के डीएनए नमूने रूसी अधिकारियों के साथ साझा किए गए हैं।

    बता दें कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध को आगे बढ़ाने के लिए 128 देशों में भर्ती अभियान तेज कर दिया है। अनुमान के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं या घायल हुए हैं। वहीं, रूस के करीब 7 लाख 90 हजार सैनिकों के हताहत होने का अनुमान है, जबकि लगभग 85 हजार सैनिक लापता बताए जाते हैं। करीब चार वर्षों में रूस यूक्रेन के 12 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर चुका है।