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हिंदू संगठनों की सक्रियता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
हिंदू संगठनों ने गुढाल डांग गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन को इस बारे में सूचित किया। पुलिस वन विभाग और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां बन रहे एक चर्च को देखा जो अवैध रूप से निर्माणाधीन था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस चर्च को ढहा दिया और इसके निर्माण से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी।
कथित मतांतरण और प्रशासन की भूमिका
प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए
शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील में आदिवासी और भील परिवारों के कथित मतांतरण के मामले ने एक बार फिर से धार्मिक असहमति और समाज में सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध चर्च को ढहा दिया है और अब मामले की जांच चल रही है। यह घटना इस बात का संदेश देती है कि किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ प्रशासन सख्त कदम उठाएगा और समाज में शांति बनाए रखने के लिए कार्य करेगा।

गुरु प्रदोष व्रत और महादेव की कृपा
ज्योतिषीय उपायों से मिल सकती है राहत
धन का संकलनइस दिन विशेष रूप से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए श्री लक्ष्मी यंत्र की पूजा करें। देवी लक्ष्मी की कृपा से धन-संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। गुरुवार का व्रतइस दिन उपवासी रहकर केवल फलाहार करें और मानसिक शांति के लिए गुरु के मंत्र का जाप करें। इससे मानसिक शांति और संतुलन मिलेगा। शिव चालीसा का पाठइस दिन शिव चालीसा का पाठ करें और साथ ही ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। यह उपाय मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है भक्तिपूर्वक दर्शनइस दिन भगवान शिव के मंदिर में जाकर दर्शन करें और वहां दीप जलाकर पूजा अर्चना करें। इस दिन किए गए धार्मिक कर्मों का बहुत फल मिलता है।
व्यापारिक उन्नति के लिएअगर आप व्यापार में वृद्धि चाहते हैं तो इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव से व्यापार में समृद्धि की प्रार्थना करें और पुराने उधारी या ऋण से छुटकारा पाने के लिए प्रयास करें। नए साल की शुरुआत गुरु प्रदोष व्रत से हो रही है जो विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन किए गए उपायों और पूजा से जीवन में सुख समृद्धि और सफलता प्राप्त हो सकती है। महादेव की कृपा से नौकरी व्यापार और धन-संपत्ति में वृद्धि हो सकती है और साल भर शांति और खुशहाली बनी रह सकती है।

सड़क पर पैर रगड़ते ही उखड़ गया डामर
दरअसल मामला कोठी तहसील के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का है। यहाँ लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। रविवार शाम जब मंत्री प्रतिमा बागरी नैना कोठी क्षेत्र से गुजर रही थीं, तो चमचमाती नई सड़क देख उन्होंने काफिला रुकवा दिया। मंत्री गाड़ी से उतरीं और गुणवत्ता परखने के लिए सड़क पर पैर रखा। हल्की सी रगड़ लगते ही डामर की परत उखड़कर अलग हो गई। यह देख मंत्री ने अफसरों से पूछा शर्म आनी चाहिए! जो सड़क मेरे पैर रखने भर से खिसक रही है, वो भारी वाहनों का बोझ कैसे सहेगी? यह निर्माण नहीं, शुद्ध लीपापोती है।
मॉनिटरिंग करने वाले सो रहे थे क्या?
निरीक्षण के दौरान यह साफ हो गया कि पूरी सड़क मानकों के विपरीत बनी है। मंत्री ने मौके पर है फोन पर अफसरों से तीखे सवाल किए है। आपकी निगरानी में ऐसा घटिया काम कैसे हुआ?”जिन सब-इंजीनियर्स (Sub-Engineers) की ड्यूटी मॉनिटरिंग पर थी, वे कहां थे?”मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी पैसे की बर्बादी और गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्यमंत्री ने सिर्फ फटकार नहीं लगाई, बल्कि स्पष्ट अल्टीमेटम भी दिया। उन्होंने मीडिया को बताया की संविदाकार राजेश कैला का अनुबंध तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिए है। जिस इंजीनियर ने आंखें मूंदकर यह सड़क बनने दी और निरीक्षण नहीं किया, उस पर विभागीय कार्रवाई हो। मंत्री ने दो टूक कहा, मैंने EE को निर्देश दिए हैं। यदि वे ठेकेदार और दोषी इंजीनियर पर कार्रवाई नहीं करते, तो मैं PWD मंत्री से आग्रह करूँगी कि सीधे EE के विरुद्ध ही कार्रवाई की जाए। मंत्री के इस औचक निरीक्षण और ‘ऑन द स्पॉट’ फैसले से जिले के निर्माण विभागों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए महाराष्ट्र की जनता का आभारी हूं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में विश्वास को दर्शाता है। हम राज्य भर के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नई ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने जमीनी स्तर पर किए गए अथक परिश्रम के लिए भाजपा और महायुति के पदाधिकारियों की सराहना की।
भाजपा ने बनाया रिकॉर्ड
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने कहा कि भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें 48 प्रतिशत पार्षद पार्टी के चिह्न पर जीते हैं और पार्टी के उम्मीदवार 129 नगर परिषदों के अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति गठबंधन की सफलता का श्रेय भाजपा के संगठन और सरकार के विकास एजेंडे को दिया। फडणवीस ने कहा कि 48 प्रतिशत पार्षद भाजपा के चिह्न पर निर्वाचित हुए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। भाजपा ने 3300 पार्षदों के निर्वाचित होने के साथ एक और रिकॉर्ड बनाया है।
अब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार, भाजपा ने इस वर्ष 129 नगर परिषदों (45 प्रतिशत) में जीत हासिल की है, जो 2017 के 94 की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। महायुति ने कुल 288 नगर परिषदों में से 215 नगर परिषदों (74.65 प्रतिशत) में जीत दर्ज की है।

स्मृति मंधाना वुमेंस T20I क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा छूने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई है। जी हां, मंधाना के नाम अब T20I क्रिकेट में कुल 4007 रन है, जो उन्होंने 154 मैचों की 148 पारियों में बनाए हैं। मंधाना अपने T20I करियर में 1 शतक और 31 अर्धशतक जड़ चुकी हैं।
वहीं ओवरऑल स्मृति मंधाना T20I क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा पार करने वाली दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। इस लिस्ट में टॉप पर न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स हैं, जिनके नाम इस फॉर्मेट में 4716 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस लिस्ट में ज्यादा पीछे नहीं है। वह 3669 रनों के साथ लिस्ट में तीसरे पायदान पर हैं।
कैसा रहा IND W vs SL W पहला टी20 मैच?
टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी श्रीलंकाई टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 121 ही रन बोर्ड पर लगा पाई। ओपनिंग बैटर विश्मी गुणरत्ने 39 रनों के साथ टीम की हाईएस्ट स्कोरर रहीं, उनके अलावा कोई बैटर 25 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। श्रीलंका की इस पारी में तीन रनआउट थे, वहीं क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी को 1-1 विकेट मिला।
122 के टारगेट का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा दूसरे ही ओवर में 5 गेंदों पर 9 रन बनाकर आउट हो गई। 9वें ओवर में 67 के स्कोर पर भारत को दूसरा झटका स्मृति मंधाना के रूप में लगा। नंबर-3 पर आई जेमिमा रोड्रिग्स ने कमाल की पारी खेल भारत को जीत दिलाई। वह 69 रनों के सात नाबाद रही और भारत ने 8 विकेट और 32 गेंदें शेष रहते टारगेट को चेज किया।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 दिसंबर, सोमवार को मालनपुर टोल प्लाजा पर संत सभा होगी। इसी दिन “नो रोड, नो टोल” थीम पर एक दिवसीय सांकेतिक टोल फ्री आंदोलन किया जाएगा और आगे के आंदोलन की रणनीति का उद्घोष किया जाएगा। संत समाज जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने बताया कि संत समाज पहले संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है।
इसी उद्देश्य से सोमवार सुबह 10 बजे भिंड कलेक्टर के साथ बैठक होगी। बैठक में जिले में प्रस्तावित गौ अभ्यारण में अब तक कोई ठोस प्रगति न होने, ग्वालियर भिंड हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय, तथा भिंड जिले की जनता की भावनाओं से राज्य और केंद्र सरकार को अवगत कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
संत कालीदास महाराज ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि मानव जीवन और गौ वंश की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो संत समाज इस “धर्म युद्ध” में किसी भी त्याग से पीछे नहीं हटेगा। संत समाज ने सभी वर्गों से अपील की कि वे जाति धर्म से ऊपर उठकर गौ संरक्षण और सड़क सुरक्षा के इस अभियान में साथ खड़े हों। बैठक में बड़ी संख्या में संत समाज की उपस्थिति रही।

‘रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की रिहाई’ शीर्षक वाले बयान में मंत्रालय ने कहा कि फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से 202 भारतीय नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने की जानकारी है। हालांकि, सरकार के कूटनीतिक प्रयासों से इनमें से 119 की समय से पहले छुट्टी कराई जा चुकी है। वहीं, मृतकों की संख्या के बारे में बयान में कहा गया है कि युद्ध में 26 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और 7 को रूसी सीमा क्षेत्र में लापता बताया जा रहा है।
मंत्रालय ने आगे बताया कि 50 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से रिहा कराने के प्रयास जारी हैं, साथ ही 10 मृतकों के शव वापस लाने की कोशिश भी की जा रही है। इस दौरान विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और शीघ्र रिहाई के लिए भारत सरकार रूसी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है। इस मामले पर दोनों देशों के नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों के बीच विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि मृत या लापता बताए गए 18 भारतीयों के डीएनए नमूने रूसी अधिकारियों के साथ साझा किए गए हैं।
बता दें कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध को आगे बढ़ाने के लिए 128 देशों में भर्ती अभियान तेज कर दिया है। अनुमान के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं या घायल हुए हैं। वहीं, रूस के करीब 7 लाख 90 हजार सैनिकों के हताहत होने का अनुमान है, जबकि लगभग 85 हजार सैनिक लापता बताए जाते हैं। करीब चार वर्षों में रूस यूक्रेन के 12 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर चुका है।