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  • भोजशाला विवाद में तीन पक्षों की जंग, हिंदू मुस्लिम के बाद जैन समाज की एंट्री, हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को सुनवाई

    भोजशाला विवाद में तीन पक्षों की जंग, हिंदू मुस्लिम के बाद जैन समाज की एंट्री, हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को सुनवाई


    मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहा विवाद एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में अब जैन समुदाय की एंट्री ने पूरे प्रकरण को और अधिक जटिल बना दिया है। इंदौर स्थित हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर एक नई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

    इस नई याचिका में दावा किया गया है कि भोजशाला परिसर के भीतर प्राचीन जैन मंदिर और गुरुकुल के अवशेष मौजूद हैं। याचिकाकर्ता दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता सलेक चंद जैन हैं, जिन्होंने मांग की है कि जैन समुदाय को भी इस स्थान पर पूजा-अर्चना का अधिकार दिया जाए। उनका कहना है कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर इस स्थल का जैन धर्म से भी गहरा संबंध हो सकता है।

    यह पूरा परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई द्वारा संरक्षित है, और इसके धार्मिक स्वरूप को लेकर पहले से ही हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। अब जैन समुदाय के इस दावे के जुड़ने से मामला और अधिक संवेदनशील और बहुस्तरीय हो गया है।

    भोजशाला विवाद नया नहीं है। हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है और यहां पूजा-अर्चना के अधिकार की मांग करता है। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है और अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा की बात करता है। यह स्थल 11वीं शताब्दी का बताया जाता है, जिसके ऐतिहासिक स्वरूप को लेकर विभिन्न मत मौजूद हैं। अब तक इस मामले से जुड़ी कई याचिकाएं पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित हैं।

    अब जैन समुदाय के दावे के बाद इस विवाद में एक और आयाम जुड़ गया है, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है। अदालत के समक्ष अब तीन अलग-अलग पक्ष अपने-अपने दावे प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की अहमियत और बढ़ गई है।

    हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए उनसे विस्तृत जवाब मांगा है। आने वाली सुनवाई में यह तय करने की कोशिश की जाएगी कि इस ऐतिहासिक स्थल का वास्तविक स्वरूप क्या है और किन-किन समुदायों को यहां धार्मिक गतिविधियां करने का अधिकार मिल सकता है।

    यह मामला केवल एक स्थल का विवाद नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा संवेदनशील विषय बन चुका है। अब सभी की नजरें 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है

  • राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर फार्मा अन्वेषण 2026 में दिखी नवाचार की दमदार झलक

    राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर फार्मा अन्वेषण 2026 में दिखी नवाचार की दमदार झलक

    इंदौर में सेज यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा फार्मा अन्वेषण 2026 का भव्य और सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुदान से 20 मार्च 2026 को संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने शिक्षा अनुसंधान और उद्योग के बीच समन्वय को एक नई दिशा प्रदान की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण आयोजन बना दिया।

    इस कार्यक्रम में चार सौ से अधिक विद्यार्थियों और लगभग दो सौ शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की भारी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को लेकर गहरी रुचि और उत्साह है। पूरे आयोजन में सीखने और सृजन की ऊर्जा का वातावरण बना रहा।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ मोंटू पटेल उपस्थित रहे। उनके साथ फाइनेंस चेयरमैन डॉ विभु साहनी। मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ संजय जैन। सेंट्रल मेंबर डॉ नीरज उपमन्यु। सेंट्रल मेंबर डॉ शैलेश जैन। तथा सेज यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ प्रशांत जैन की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।

    राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनोवेटिव प्रोडक्ट प्रस्तुतियाँ। रिसर्च पोस्टर प्रदर्शन। और पेटेंट आधारित प्रोजेक्ट्स ने छात्रों की प्रतिभा को उजागर करने का अवसर दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं पर काम करने और उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चा और विशेषज्ञों के मुख्य वक्तव्यों ने सभी प्रतिभागियों को गहराई से सोचने और नए विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच संवाद सत्रों ने विद्यार्थियों को यह समझने में मदद की कि तकनीकी हस्तांतरण कैसे किया जाता है और नियामक प्रक्रियाएँ किस प्रकार कार्य करती हैं। साथ ही कौशल विकास और उभरते करियर अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

    कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उद्घाटन सत्र में प्राप्त वर्चुअल संदेश रहा। जिसमें मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का संदेश शामिल था। इस संदेश ने विद्यार्थियों और आयोजकों का उत्साह और बढ़ा दिया।

    समापन समारोह में सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। उनके नवाचार और प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े सभी लोगों ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की। चांसलर इंजीनियर संजीव अग्रवाल ने भी इस आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया और इसे शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    फार्मा अन्वेषण 2026 ने यह सिद्ध किया कि यदि शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर कार्य करें तो नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति संभव है। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए सीखने का मंच बना बल्कि फार्मेसी शिक्षा के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी साबित हुआ।

  • कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर जताया दुख

    कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर जताया दुख

    नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि पार्टी ने सिर्फ नौ महिला उम्मीदवारो को टिकट दिया है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से महिला सीटें बढाने की अपील की।

    कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, हमें नकारा गया है, लेकिन हम हारे नहीं हैं। मैं अपने नेता राहुल गांधी से आग्रह करती हूं कि केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करें। 92 टिकटों में से सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिए गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी 16 टिकटों में सिर्फ एक महिला को मौका मिला था। अगर कोई महिला प्रतिभाशाली हो, तब भी हालात बेहद खराब हैं। यह बहुत दुखद है।

    डॉ. शमा मोहम्मद ने कहा कि महिलाओं के प्रतिभाशाली होने के बावजूद भी उनको नाकारा जा रहा है, यह बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने अपने नेता राहुल गांधी से अपील की है कि इस पर ध्यान दिया जाए ताकि कांग्रेस की प्रतिभाशाली महिलाओं को भी अवसर मिले।

    उल्लेखनीय है कि, डॉ. शमा मोहम्मद कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सदस्य हैं। केरल में जन्मी और पेशे से दंत चिकित्सक है, शमा मोहम्मद 2015 में कांग्रेस में शामिल हुईं और पार्टी के मीडिया पैनल में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, साथ ही महिला शिक्षा व सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाती हैं।

  • भारत की फार्मा इंडस्ट्री का जलवा, उत्पादन में दुनिया में तीसरे और मूल्य में 11वें स्थान पर

    भारत की फार्मा इंडस्ट्री का जलवा, उत्पादन में दुनिया में तीसरे और मूल्य में 11वें स्थान पर


    नई दिल्ली भारत की मेडिसिनल इंडस्ट्री आज वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और भरोसेमंद पहचान बनी है। प्रोडक्ट (वॉल्यूम) के आधार पर भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादन उत्पादक देश है, जबकि मूल्य (वॉल्यूम) के खाते से 11वें स्थान पर है। देश में 3,000 से ज्यादा दवा निर्माता और 10,500 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां काम कर रही हैं, जो इस सेक्टर की विशालता और कारोबार को खत्म कर रही हैं। तेजी से मजबूत मांग, मजबूत उत्पादन क्षमता और कम्युनिस्ट पार्टी में उछाल ने भारत को “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में स्थापित किया है।

    तेजी से बढ़ता घरेलू बाज़ार और भागीदार

    भारत का घरेलू दवा बाजार करीब 60 अरब डॉलर का है और अनुमान है कि 2030 तक यह उछाल 130 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में इस सेक्टर का कुल कारोबार 4.72 करोड़ लाख रुपये तक पहुंच गया। पिछले एक दशक में दवाओं में सामान्यतः 7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। खास बात यह है कि भारत का ड्रग कंट्रोलर 2000-01 के 1.9 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 30.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो लगभग 16 गुना बढ़ गया है।

    जेनेरिक औषधियों में भारत का बाज़ार

    भारत दुनिया में जेनेरिक केरीज़ का सबसे बड़ा सप्लायर है और ग्लोबल स्टॉकहोम में उसका स्टॉक 20 प्रतिशत के करीब है। देश में करीब 60 अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स में 60,000 से ज्यादा जेनेरिक दवाइयां बनाई जाती हैं। न केवल भारत में स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर हैं, बल्कि दुनिया भर के देशों के लिए भी भारत एक प्रतिष्ठित बाज़ार बन गया है।

    मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और गुणवत्ता पर भरोसा

    भारत में अमेरिका के सबसे अधिक ऐसे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिनमें अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) के अनुमोदन शामिल हैं। यह भारतीय औषधियों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर वैश्विक मान्यता का बड़ा प्रमाण है। देश में करीब 500 एक्टिवेशन प्रोडक्शन रॉ माल (एपीआई) का उत्पादन होता है, जो ग्लोबल ग्लोबल मार्केट का करीब 8 प्रतिशत हिस्सा है।

    वैक्सीन पॉडकास्ट में भी भारत अग्रणी

    भारत वैक्सीन उत्पादन में दुनिया के प्रमुख देशों में भी शामिल है। डिप्थीरिया, टिटनस, काली खांसी (डीपीटी), बीसीजी और खसरा जैस वैक्सीन की भारत में बड़ी भूमिका है। यूनिसेफ भारत को लगभग 60 प्रतिशत वैक्सीन पोस्ट करता है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की खसरा वैक्सीन की मांग का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा भारत पूरा करता है। यह वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में भारत की अहम भूमिका शामिल है।

    व्यापार घटनाक्रम और भविष्य की डेट

    यूरोपीय संघ, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड जैसे देशों के प्रस्तावित और औद्योगिक व्यापार भारतीय दवा सेक्टर को और प्लेसमेंट देंगे। इससे बाजार नए खुलेंगे, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार की शुरूआत, विदेशी निवेश और इनोवेशन पर बड़ा फोकस इस सेक्टर को नई ऊंचाई तक ले जा रहा है।

    भारत की औषधि उद्योग न केवल देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन गया है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आने वाले वर्षों में इसका विस्तार और प्रभाव और भी बढ़ने की पूरी संभावना है।

  • रोमांटिक ट्रिप के लिए परफेक्ट जगहें, पार्टनर के साथ यादगार सफर का प्लान करें

    रोमांटिक ट्रिप के लिए परफेक्ट जगहें, पार्टनर के साथ यादगार सफर का प्लान करें


    नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आप अपने राजभवन के साथ कुछ पवित्र और स्मारक महल में जगह बनाना चाहते हैं, तो बेहतर से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। एक रोमांटिक यात्रा केवल आपके विविधताओं में नई ऊर्जा भारती है, बल्कि सामंजस्यपूर्ण समझ और रिश्तों को भी मजबूत आधार देती है। भारत में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहां आप अपनी राजधानी के साथ प्रकृति, रोमांच और दिव्यता का शानदार अनुभव ले सकते हैं। अगर आप भी किसी खास यात्रा की योजना बना रहे हैं तो ये डेस्टिनेशन आपके लिए अचूक साबित हो सकता है।

    मनाली: हर कपल का ड्रीम डेस्टिनेशन

    रोमांटिक ट्रिप की जब भी बात होती है तो सबसे पहले मनाली का नाम सामने आता है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, जंगली हवाएं और रिहायशी नदियां इस जगह की बेहद खस्ता संरचना हैं। यहां होता है कपल्स को ऐसा अहसास, जैसे वे किसी फिल्मी दुनिया का हिस्सा हों। आप अपने महानगर के साथ तिब्बती मठों की सैर कर सकते हैं, नदी तट पर कैंपिंग का मजा ले सकते हैं या फिर भृगु झील तक ट्रैकिंग कर सकते हैं। ओरिजिनल में इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ाया गया है, जिससे आपकी यात्रा और भी रोमांटिक बन जाती है।

    लैंडौर: सार्वभौम और शांति की तलाश करने वालों के लिए

    यदि आप भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर शांत और सार्वभौम पुरामहानगर चाहते हैं, तो आपके लिए ज़मीन का विकल्प सबसे अच्छा विकल्प है। हिमालय के भगवान बसा में यह छोटा सा हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक प्रकृति और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। कोहरे से बूढ़ी पहाड़ियाँ, देवदार के जंगल और बदशं के फूल यहाँ के माहौल को बेहद रोमांटिक बनाते हैं। लाल टिब्बा, सेंट पॉल चर्च, फोर शॉप और केलॉग मेमोरियल चर्च जैसे आकर्षण इस जगह की खास पहचान हैं। यहां का सीजन भी ज्यादातर समय सुहावना रहता है, जहां कपल्स के लिए यह एक आदर्श गेटवे बन जाता है।

    रोमांस और रोमांच का शानदार मेल

    लंबे समय से कपल्स की पहली पसंद बनी है। यहां की अनोखी हवाएं, हरियाली से भरपूर पहाड़ और मॉल रोड की सड़कें हर किसी को आकर्षित करती हैं। आप अपने बालाजी के साथ रिज मैदान में सैर कर सकते हैं, कुफरी में साहसिक गतिविधियों का मजा ले सकते हैं या चैल की खूबसूरत हस्तियों में सार्वभौम के महल की सैर कर सकते हैं। इसके अलावा, यहां की दुकानें और स्थानीय व्यंजन भी आपकी यात्रा को खास बनाते हैं।

    रागरावा के स्टोर में क्यों है खास?

    बेंगलुरु के साथ घूमना सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि घूमने को और मजबूत बनाने का जरिया है। यह आपको एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम रहने, नई जगहों को एक्सप्लोर करने और मेमोरियल लम्हे बनाने का मौका देता है। प्रकृति के बीच के अवशेष ये पल लंबे समय तक आपके दिल में बस जाते हैं।

    अगर आप अपने आर्किटेक्चर में नई ताजगी और रोमांस की चाहत रखते हैं, तो इन खूबसूरत जगहों की यात्रा जरूर करें। सही प्रशिक्षकों और सही गंतव्य के साथ आपकी यात्रा जीवन भर की याद बन सकती है।

  • कमेंट्री विवाद पर Laxman Sivaramakrishnan का बयान, BCCI और जय शाह को बताया निर्दोष

    कमेंट्री विवाद पर Laxman Sivaramakrishnan का बयान, BCCI और जय शाह को बताया निर्दोष


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 के कार्यक्रम से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट जगत में एक बड़ी खोज की चर्चा है। पूर्व स्पिनर और लंबे समय से कमेंट्री का जाना-पहचाना सामना कर रहे लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री में शिक्षकों के अपने जजमेंट को लेकर साफ कर दिया है कि इसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या जय शाह की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक निजी मामला है और इसे बोर्ड से जोड़ा जाएगा।

    “ये वन-ऑन-वन ​​मामला है, बीसीसीआई को नहीं घसीटें”

    शिवकृष्णरामन ने अपने बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका विवाद किसी एक कर्मचारी के साथ व्यक्तिगत स्तर पर है। उन्होंने लिखा, “बीसीसीआई प्रशासन को मत लाओ। यह वन-ऑन-वन ​​मामला है। जय शाह और उनकी टीम का इससे कोई लेना-देना नहीं है।” उनके इस बयान के बाद कई तरह की अटकलों को खारिज कर दिया गया, जो उनकी अचानक टिप्पणी रिलीज के फैसले को लेकर जा रही थी।

    20 मार्च को कमेंट्री रिलीज का ऐलान किया गया था

    सिद्धांत यह है कि लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 20 मार्च को आधिकारिक रूप से बास्केटबॉल के साथ अपनी टिप्पणी ली थी और इस फैसले को खत्म करने का निर्णय लिया था। लगभग दो दशकों से लेकर अब तक कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहे शिवरामकृष्णन ने अपने अनुभव और विश्लेषण से क्रिकेट प्रेमियों के बीच खास पहचान बनाई थी। ऐसे में उनका अचानक हटना सभी के लिए चमकता हुआ दिखाई दे रहा है।

    ऑन-एयरोस्ट्रक्चर से डायरेक्टोरेट करने का आरोप

    अपने फैसले के पीछे तर्कपूर्ण टिप्पणी में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक एक साथ रहने के बावजूद अहम ने कई ऑन-एयर होस्टेस से दूर रखा है। विशेष रूप से टॉस प्रेजेंटेशन और मैच के बाद के शो में उन्हें शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा, ”अगर 23 साल में मुझे इन स्टूडियो के लिए नहीं चुना गया, तो इसके पीछे क्या कारण हो सकता है?”

    भेदभाव के संकेत भी दिये गये

    शिवकृष्णन ने भेदभाव की ओर भी अपना बयान दिया। एक सोशल मीडिया गीतकार द्वारा दिए गए रंगभेद से संबंधित टिप्पणी पर सहमति प्रस्ताव में यह एक विशेष कारण बताया गया है। हालाँकि उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके इस संकेत ने विवाद खड़ा कर दिया है।

    निजी निर्णय बताया, नियंत्रण पेशेवर की बात

    लगातार तीखी चर्चाओं और आलोचनाओं के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से निजी है। उनका कहना है कि वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर खुद पर नियंत्रण रखना चाहती हैं और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है।

    शानदार करियर, अब नई राह की ओर

    क्रिकेट इतिहास की बात करें तो लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 1985 से 1987 के बीच भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 लोकप्रिय मैच खेले, जिसमें उन्होंने क्रमशः 26 और 15 विकेट हासिल किए। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने वॉव और सफल उद्यमियों पर टिप्पणी की।

  • सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश के सागर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई, जिसमें सवार एक महिला की जलकर मौत हो गई, जबकि उनके डॉक्टर पति सुरक्षित बच निकले। यह घटना सुबह करीब चार बजे के आसपास हुई, जब दोनों पति-पत्नी इलाज के सिलसिले में सागर की ओर जा रहे थे।

    कार में सवार डॉक्टर नीलेश कुर्मी और उनकी पत्नी सीमा कुर्मी इस हादसे का शिकार हुए। बताया जा रहा है कि गाड़ी एक सीएनजी कार थी, जिसमें अचानक आग लगने से स्थिति बेकाबू हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि महिला को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह कार के अंदर ही जल गईं। वहीं, डॉक्टर पति किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और महिला की जान जा चुकी थी। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    इस बीच मृतका के भाई लोकेश पटेल ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अगर यह एक सामान्य दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर स्पष्ट निशान दिखाई देते, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई कि या तो उनकी बहन को पहले ही बेहोश किया गया या फिर उन्हें मृत अवस्था में कार में बैठाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    लोकेश ने यह भी बताया कि घटना से पहले उन्हें डॉक्टर नीलेश का फोन आया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वे उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। कुछ समय बाद फिर से फोन आया और बताया गया कि रास्ते में दुर्घटना हो गई और कार में आग लग गई, जिसमें सीमा की मौत हो गई। इस बदलते बयान ने भी मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है, जो जांच के दायरे में एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस घटना की पड़ताल कर रही है, जिसमें हादसा, तकनीकी खराबी या किसी साजिश की संभावना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस रहस्यमयी मौत को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।

  • अयोध्या में Lucknow Super Giants का दर्शन, Rishabh Pant और Sanjeev Goenka ने लिया आशीर्वाद

    अयोध्या में Lucknow Super Giants का दर्शन, Rishabh Pant और Sanjeev Goenka ने लिया आशीर्वाद


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के कार्यक्रम से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) की टीम आध्यात्मिक ऊर्जा ने अयोध्या महोत्सव लिया, जहां खिलाड़ियों और टीम ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। इस खास मौके पर टीम के मालिक संजीव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत भी मौजूद हैं। मंदिर परिसर में टीम का भव्य स्वागत हुआ और पूजा-प्रतिष्ठा के बाद सभी को पूरे मंदिर का भ्रमण कराया गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और टीम ने इस आध्यात्मिक अनुभव की झलक सोशल मीडिया पर भी शेयर की।

    नई शुरुआत की उम्मीद, पिछले सीज़न की अंतिम शुरुआत की कोशिश

    एलएसजी के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत भी माना जा रहा है। 2022 में आईपीएल से जुड़ी इस टीम ने अब तक एक बार भी फाइनल में जगह नहीं बनाई है। आईपीएल 2025 में ऋषभ पंत की टीम मैदान पर थी, लेकिन प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम प्लेऑफ़ में भी कोई रीच नहीं है और रैंक गार्ड में बढ़त स्थान रही है। पंत का बल्ला भी इंजीनियर और असिस्टेंट कैप्टन रह रहा था, उनके प्रभाव पर सीमित नजर पड़ी।

    नए सीज़न में बदले रंग-रूप और रणनीति

    आईपीएल 2026 के लिए एलएसजी ने बड़े बदलाव किए हैं। टीम ने कोचिंग स्टाफ से लेकर प्लेयर्स और यहां तक ​​कि जर्सी तक में बदलाव किया है। फ़्रैंचाइज़ इस बार एक नई सोच और नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने जा रही है। टीम का लक्ष्य साफ है-पहली बार खिताब जीतना और लीग में अपनी मजबूत पहचान बनाना।

    इन स्टार प्लेयर्स पर इलाक़ा सबलैटिन

    एलएसजी को इस सीजन में अपने प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कप्तान ऋषभ पंत के अलावा निकोलस पूरन, एडेन मार्कराम, मिशेल मार्श, मोहम्मद शमी, मयंक यादव और मोहसिन खान जैसे खिलाड़ी टीम की ताकत होंगे। एलएसजी के इस सीजन में पहली बार सभी की नजरें टिकी शैतान पर टिकी शैतान पर नजरें रहेंगी और भारतीय टीम में वापसी की कोशिश में हैं।

    आस्था से विश्वास तक, क्या बदलेगी एलएसजी की किस्मत?

    रामलला के दर्शन के साथ एलएसजी ने अपने अभियान की सकारात्मक शुरुआत की। टीम को उम्मीद है कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा क्षेत्र पर भी प्रदर्शन करेगा और पिछले सीज़न की शुरुआत इस बार खिताब की दौड़ में शामिल होने से पीछे रह जाएगी।

  • सुरक्षा के नए युग की शुरुआत छतरपुर में 1.86 करोड़ का कंट्रोल रूम बना निगरानी का मजबूत आधार

    सुरक्षा के नए युग की शुरुआत छतरपुर में 1.86 करोड़ का कंट्रोल रूम बना निगरानी का मजबूत आधार


    छतरपुर में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस लाइन परिसर में तैयार किए गए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का शुभारंभ सागर रेंज की आईजी हिमानी खन्ना ने किया। इस अवसर पर डीआईजी विजय खत्री की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। उद्घाटन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने फीता काटकर इस नई सुविधा की शुरुआत की और इसे पुलिसिंग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कार्यक्रम में एसपी अगम जैन और एएसपी आदित्य पटले सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    करीब 1.86 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह आधुनिक दो मंजिला भवन पुलिस हाउसिंग के माध्यम से विकसित किया गया है। इस भवन को विशेष रूप से आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है ताकि पुलिस कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बन सके। इसमें कुल 9 कमरे बनाए गए हैं जिनमें विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों को संचालित किया जाएगा। भवन में अत्याधुनिक संचार व्यवस्था स्थापित की गई है जिससे जिले के विभिन्न थानों के बीच तेज और बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।

    नए कंट्रोल रूम की सबसे बड़ी खासियत इसका उन्नत सीसीटीवी मॉनिटरिंग सिस्टम है। इसके माध्यम से शहर के प्रमुख क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। इससे न केवल अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी बल्कि किसी भी घटना की स्थिति में पुलिस तुरंत और प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी। हाईटेक तकनीक के उपयोग से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।

    आईजी हिमानी खन्ना ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह कंट्रोल रूम पुलिसिंग को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि इससे न केवल सूचनाओं का बेहतर प्रबंधन होगा बल्कि घटनाओं पर त्वरित और सटीक कार्रवाई भी संभव होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की सुविधाएं पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेंगी।

    कंट्रोल रूम के शुरू होने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अब पुलिस को शहर के विभिन्न हिस्सों की वास्तविक समय में जानकारी मिल सकेगी जिससे अपराधियों पर नकेल कसना और भी आसान होगा। यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

    इस आधुनिक कंट्रोल रूम के माध्यम से छतरपुर पुलिस अब पहले से अधिक सतर्क सक्रिय और तकनीकी रूप से सक्षम हो गई है। इससे शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी और पुलिसिंग का स्तर और अधिक प्रभावशाली होगा। यह परियोजना भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।

  • सिवनी में टोल प्लाजा पर हिंसा, निहंग सिखों का हमला, कर्मचारियों से मारपीट और मोबाइल लूट, मचा हड़कंप

    सिवनी में टोल प्लाजा पर हिंसा, निहंग सिखों का हमला, कर्मचारियों से मारपीट और मोबाइल लूट, मचा हड़कंप


    सिवनी /मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक टोल प्लाजा पर हुई हिंसक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। यह मामला लखनादौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मड़ई टोल प्लाजा का है, जहां शुक्रवार दोपहर कुछ निहंग सिखों द्वारा जमकर हंगामा किया गया। इस घटना में टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और एक कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब टोल प्लाजा पर तीन वाहन बिना टोल दिए बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। मौके पर मौजूद टोल कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोकने का प्रयास किया, तो विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते बात गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोपियों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

    बताया जा रहा है कि इस घटना में टोल प्लाजा के शिफ्ट इंचार्ज मुनेश सिंह बघेल गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि निहंगों ने उन्हें तलवार की मूठ और डंडों से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हमले के दौरान आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया और मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना ने वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और यात्रियों को भी भयभीत कर दिया।

    घटना के बाद टोल प्लाजा प्रबंधन ने तत्काल लखनादौन थाना में शिकायत दर्ज कराई। टोल प्लाजा के मैनेजर अमित कुमार गुप्ता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

    पुलिस ने शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों की पहचान की जा रही है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी पंजाब से नांदेड़ की ओर जा रहे थे। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने से कर्मचारियों में डर का माहौल बन रहा है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।