Blog

  • एशेज 2वें टेस्ट: रूट ने लगाई करियर की 59वीं सेंचुरी, स्टार्क को 6 विकेट मिले

    एशेज 2वें टेस्ट: रूट ने लगाई करियर की 59वीं सेंचुरी, स्टार्क को 6 विकेट मिले



    नई दिल्ली
    । इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में अपना लंबा इंतजार खत्म कर दिया और ब्रिस्बेन के द गाबा स्टेडियम में अपनी पहली ऑस्ट्रेलिया में सेंचुरी जमाई। रूट ने 181 गेंदों का सामना करते हुए यह शतक पूरा किया, जो उनके टेस्ट करियर का 40वां शतक भी साबित हुआ। हालांकि उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने की राह आसान नहीं रही और इसके लिए उन्हें 30 पारियों का लंबा इंतजार करना पड़ा। रूट के इस शतक ने इंग्लैंड को एशेज के दूसरे टेस्ट के पहले दिन मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लिश टीम ने 9 विकेट गंवाकर 325 रन बना लिए। रूट इस दौरान 135 रन पर नॉटआउट थे। उनके साथ जोफ्रा आर्चर ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और 32 रन नॉटआउट बनाकर टीम के स्कोर को संभाला।

    इंग्लैंड की शुरुआत में झटका

    इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआती ओवरों में ही टीम को झटका लगा। केवल 5 रन पर दो विकेट गिर गए। बेन डकेट और ओली पोप दोनों बिना खाता खोले आउट हो गए, और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने पवेलियन भेजा। इसके बाद ओपनर जैक क्रॉली ने रूट के साथ शानदार साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 117 रन की पार्टनरशिप बनाई, जिसमें क्रॉली ने 76 रन बनाए। क्रॉली के आउट होने के बाद रूट ने बल्लेबाजी की कमान अपने हाथ में ली। उनके सामने हैरी ब्रूक 31, कप्तान बेन स्टोक्स 19 और जैमी स्मिथ बिना खाता खोले आउट हो गए।

    रूट का ऐतिहासिक शतक

    रूट ने अपने शतक के दौरान कई अहम पारियां खेलीं और स्कॉट बोलैंड की गेंद पर फाइन लेग की ओर चौका लगाकर 40वीं टेस्ट सेंचुरी पूरी की। उनके इस शतक ने इंग्लैंड को मुश्किल समय में संभाला और टीम के स्कोर को स्थिर किया। रूट की यह ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सेंचुरी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने लंबे समय से इस उपमहाद्वीप में शतक बनाने का इंतजार कर रहे थे। इस शतक के साथ ही रूट का अंतरराष्ट्रीय करियर भी शानदार ढंग से आगे बढ़ा, जहां अब उनके नाम 59 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हो चुके हैं।

    मिचेल स्टार्क का कमाल

    ऑस्ट्रेलिया की तरफ से तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को घबराए रखा। स्टार्क ने पारी में 6 विकेट लिए और अपनी टीम को पहली पारी में बड़ा दबाव बनाने का मौका दिया। इसके अलावा, माइकल नेसर और स्कॉट बोलैंड ने 1-1 विकेट लिया, जबकि ब्रेंडन डॉगेट और कैमरन ग्रीन बिना सफलता के रहे। स्टार्क का यह प्रदर्शन पिंक-बॉल टेस्ट में लगातार छठी बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने अब 15 मैचों की 28 पारियों में कुल 87 विकेट ले लिए हैं और पिंक-बॉल टेस्ट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

    दिन का सारांश और अगले कदम

    दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 325 रन बना लिए। रूट और आर्चर की नॉटआउट पारियों ने इंग्लैंड को पारी में मजबूती दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए स्टार्क का प्रदर्शन राहत की खबर था लेकिन इंग्लैंड ने रूट की शतकीय पारी की बदौलत खुद को मजबूत स्थिति में रखा।

    इंग्लैंड की प्लेइंग-11: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स कप्तान, जैमी स्मिथ विकेटकीपर, विल जैक्स, गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स और जोफ्रा आर्चर।

    ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11: जैक वेदराल्ड, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ कप्तान, कैमरन ग्रीन, जोश इंग्लिस, एलेक्स कैरी विकेटकीपर, माइकल नेसर, मिचेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड और ब्रेंडन डॉगेट। इस पारी में जो रूट ने अपनी अनुभव और धैर्य का लोहा मनवाय जबकि मिचेल स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से हमला बरकरार रखा। अब यह देखना होगा कि दूसरे दिन खेल में कौन किस पर हावी होता है और मैच किस दिशा में मुड़ता है।

  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025: सत्यनारायण पूजा से लेकर स्नान-दान तक, जानें आज का पूरा महत्व और शुभ मुहूर्त

    मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025: सत्यनारायण पूजा से लेकर स्नान-दान तक, जानें आज का पूरा महत्व और शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली । मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। इस दिन सत्यनारायण पूजा स्नान-दान और व्रत से सौ गुना पुण्य तथा लक्ष्मी-नारायण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 हिंदू धर्म के सबसे पावन पर्वों में से एक मानी जाती है, जिसे आज पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। यह तिथि भगवान विष्णु मां लक्ष्मी और भगवान सत्यनारायण को समर्पित होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान दान, मंत्र-जप और सत्यनारायण पूजन से साधारण दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।

    सत्यनारायण पूजा का शुभ मुहूर्त

    ज्योतिषीय गणना के मुताबिक आज भगवान सत्यनारायण की विशेष पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक है। इसके अतिरिक्त शाम को 5 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 49 मिनट तक का समय भी पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

    स्नान-दान का शुभ समय

    पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के लिए सुबह 6 बजकर 54 मिनट से 9 बजकर 51 मिनट तक का समय सबसे उत्तम बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु गंगा यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान कर दान करते हैं और पुण्य फल की कामना करते हैं।

    क्यों खास है मार्गशीर्ष मास

    मार्गशीर्ष मास का हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है मैं महीनों में मार्गशीर्ष हूं जिससे इस महीने की पवित्रता और भी बढ़ जाती है। माना जाता है कि इस महीने में की गई साधना जप तप और दान का प्रभाव शीघ्र फल देता है।

    सत्यनारायण पूजा और व्रत की विधि

    मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भक्त प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं, व्रत का संकल्प लेते हैं और भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की विधि-विधान से पूजा करते हैं। कई श्रद्धालु पूरे दिन निर्जल व्रत रखते हैं जबकि कुछ फलाहार व्रत करते हैं। संध्या समय सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण करना अनिवार्य माना गया है।

    दान-पुण्य का विशेष महत्व
    मार्गशीर्ष पूर्णिमा को दान-पुण्य के लिए भी अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन अन्न, वस्त्र तिल घी सोना और धन का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। कई जगहों पर गौ-दान की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।

    पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान

    इस तिथि पर पितरों के लिए तर्पण और पिंड-दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं, जिससे वंश में सुख-शांति और उन्नति बनी रहती है।

    पुराणों में वर्णित महत्व

    नारद पुराण और स्कंद पुराण में मार्गशीर्ष पूर्णिमा के महत्व का विशेष उल्लेख मिलता है। इन ग्रंथों के अनुसार इस दिन किया गया प्रत्येक पुण्य कर्म सौ गुना फल देता है। यही कारण है कि यह तिथि साधकों और भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर मानी जाती है।

    चंद्र दर्शन का धार्मिक महत्व

    पूर्णिमा की रात चंद्र दर्शन कर भगवान को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना गया है। चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक ग्रह है, इसलिए उसका पूजन करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

    मार्गशीर्ष पूर्णिमा का आध्यात्मिक संदेश

    कुल मिलाकर मार्गशीर्ष पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि ईश्वर से जुड़ाव और परोपकार का भी दिन है। इस दिन सत्यनारायण पूजन दान-पुण्य और पितृ तर्पण के माध्यम से भक्त अपने जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मक बदलाव की कामना करते हैं।

  • कंगना रनौत, महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले का डांस रिहर्सल, नवीन जिंदल की बेटी की शादी में राजनीति और बॉलीवुड का अद्भुत मिलाजुला तड़का

    कंगना रनौत, महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले का डांस रिहर्सल, नवीन जिंदल की बेटी की शादी में राजनीति और बॉलीवुड का अद्भुत मिलाजुला तड़का


    नई दिल्ली । राजनीति और बॉलीवुड के बीच के रिश्ते कभी-कभी रोचक और अनूठे होते हैं और जब दोनों का संगम किसी खास अवसर पर होता है तो वह चर्चा का विषय बन जाता है। ऐसा ही कुछ हाल ही में हुआ, जब अभिनेता से सांसद बनी कंगना रनौत टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने नवीन जिंदल की बेटी की शादी के संगीत समारोह के लिए डांस रिहर्सल की। इस रिहर्सल का एक झलक कंगना ने सोशल मीडिया पर साझा की जिसमें राजनीति और बॉलीवुड का यह अनोखा संगम दिखाई दिया।

    कंगना रनौत जो हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद हैं, सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं और अपनी लाइफ के अपडेट्स साझा करती रहती हैं। बुधवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वह और उनकी साथी सांसद महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले साथ में डांस रिहर्सल करते हुए दिखाई दे रही थीं। यह तस्वीर देखकर फैंस ने राजनीति और बॉलीवुड का यह संगम देखकर बहुत हैरानी जताई। इसके साथ ही कंगना ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा साथी सांसदों के साथ कुछ फिल्मी पल नवीन जिंदल जी की बेटी की शादी के संगीत समारोह की रिहर्सल कर रही हूं।

    राजनीति और बॉलीवुड का यह संगम

    कंगना रनौत का फिल्मी करियर शानदार रहा है और वह अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए भी जानी जाती हैं। इसके अलावा राजनीति में भी कंगना ने अपनी पैठ बनाई है जब से उन्होंने 2021 में हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पेश की और जीत हासिल की। वह बीजेपी की समर्थक रही हैं और इस पार्टी के साथ मिलकर कार्य करती हैं।

    महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले दोनों ही अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं, जो अपने तीखे बयानों और मुखर व्यक्तित्व के लिए प्रसिद्ध हैं। महुआ मोइत्रा टीएमसी पार्टी की सक्रिय सदस्य हैं जबकि सुप्रिया सुले एनसीपी से जुड़ी हैं। इन दोनों नेताओं के साथ कंगना का डांस रिहर्सल करना एक अजीब लेकिन दिलचस्प मोड़ है। यह तस्वीर राजनीतिक दलों से अलग-थलग कार्यरत इन नेताओं का एक सकारात्मक और गैर-राजनीतिक रूप प्रस्तुत करती है।

    नवीन जिंदल जो कि जिंदल स्टील एंड पावर के अध्यक्ष हैं, इस विवाह समारोह के आयोजनकर्ता हैं। वह एक ऐसे व्यवसायी हैं जो राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2004 में कांग्रेस से सांसद के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। लेकिन 2024 में कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था।

    फिल्मी और राजनीतिक तालमेल

    कंगना रनौत के बारे में बात करें तो, वह फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी खासा सक्रिय हो चुकी हैं। हाल ही में वह “इमरजेंसी” फिल्म में दिखाई दी थीं, जिसमें उन्होंने भारतीय राजनीति के इतिहास के एक महत्वपूर्ण समय को पर्दे पर उतारा था। फिल्मी करियर में रानी तानाजी मणिकर्णिका जैसी हिट फिल्मों का हिस्सा रही कंगना अब राजनीति में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही हैं।

    कंगना ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान यह भी कहा था कि वह राजनीति में जनता की सेवा करना चाहती हैं। वह कम फिल्मों में काम कर रही हैं लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता उन्हें अक्सर खबरों में बनाए रखती है। कंगना की यह भूमिका एक नई दिशा को संकेत देती है जिसमें वह न सिर्फ फिल्मों की दुनिया बल्कि राजनीति के क्षेत्र में भी अपनी जगह बना रही हैं।

    शादी का आयोजन और उम्मीदें

    नवीन जिंदल की बेटी की शादी को लेकर चर्चा हो रही है कि यह एक भव्य आयोजन हो सकता है जिसमें राजनीति और बॉलीवुड के कई दिग्गज शामिल हो सकते हैं। इस शादी के संगीत समारोह में कंगना रनौत महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले के अलावा कई अन्य प्रमुख नेता भी हिस्सा ले सकते हैं। इसके अलावा बॉलीवुड के कुछ प्रमुख सितारे भी इस आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं जो इसे और भी खास बना देगा।

    इस तरह के आयोजनों में राजनीति और बॉलीवुड के बीच की दीवारें धुंधली हो जाती हैं, और यह साबित होता है कि दोनों ही दुनिया में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना है। कंगना रनौत और अन्य नेताओं का साथ में डांस करना यह दिखाता है कि लोग अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं के बावजूद कुछ अच्छे और सकारात्मक वक्त बिता सकते हैं।

    कुल मिलाकर यह शादी न केवल राजनीतिक और बॉलीवुड के महत्वपूर्ण चेहरों का मिलन होगी बल्कि यह एक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगी कि कैसे विभिन्न क्षेत्रों के लोग अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिंदगी में संतुलन बनाए रख सकते हैं।

  • रोहित-कोहली के भविष्य पर हरभजन का खुला बयान, सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय

    रोहित-कोहली के भविष्य पर हरभजन का खुला बयान, सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने हाल ही में रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। हरभजन का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे लोग दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के भविष्य के बारे में निर्णय ले रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया।

    हालांकि हरभजन ने उम्मीद जताई कि रोहित और कोहली 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे। वर्तमान में रोहित 38 वर्ष के और विराट कोहली 37 वर्ष के हैं, और ये दोनों केवल वनडे प्रारूप में सक्रिय हैं। उनके वनडे विश्व कप तक खेलते रहने को लेकर अभी टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।

    हरभजन ने जताई अपनी चिंता

    हरभजन ने कहा  ये मेरी समझ से परे है। मैं इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा। मैं खुद खिलाड़ी रहा हूं और जो मैं देख रहा हूं, वह मेरे साथ भी हुआ है। कई साथियों के साथ ऐसा हुआ, लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 417 विकेट लेने वाले इस स्पिनर ने कोहली और रोहित के साथ किए जा रहे व्यवहार पर कहा, जब मैं विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को देखता हूं, जो अभी भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है, तो मुझे बहुत खुशी होती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके भविष्य के बारे में फैसला ऐसे लोग कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया।

    रोहित-कोहली युवा पीढ़ी के लिए मिसाल हैं

    हरभजन ने उम्मीद जताई कि वनडे विश्व कप तक रोहित और कोहली शानदार फॉर्म में रहेंगे और युवा खिलाड़ियों के लिए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन की भी तारीफ की।  विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर लगातार दो शतक लगाए हैं जबकि रोहित शर्मा ने पिछली चार पारियों में दो अर्धशतक और एक शतक बनाया। हरभजन ने कहा, उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं और भारत के लिए लगातार अच्छा योगदान दिया है। उन्होंने बल्लेबाज के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम के कप्तान भी रहे हैं।

    हरभजन ने जोड़ते हुए कहा

    वे युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं और दिखा रहे हैं कि चैंपियन बनने के लिए क्या करना पड़ता है। इसलिए विराट कोहली और रोहित शर्मा को सही उदाहरण पेश करने के लिए बधाई।
  • पूनम के भीतर किसी और की आवाज आत्मा आने’ और अजीब हरकतों पर परिवार ने बताए डरावने किस्से

    पूनम के भीतर किसी और की आवाज आत्मा आने’ और अजीब हरकतों पर परिवार ने बताए डरावने किस्से


    हरियाणा । हरियाणा के पानीपत जिले के भावड़ गांव में एक खौ़फनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां एक साधारण और शांत बहू पूनम ने चार मासूमों की हत्या की। इस दिल दहला देने वाले मामले ने न केवल उसकी परिवारिक छवि को ध्वस्त किया बल्कि यह सवाल भी खड़ा किया कि क्या वह मानसिक रूप से अस्वस्थ थी या फिर उसकी यह हिंसक प्रवृत्ति कुछ और ही थी।

    पूनम जो 2023 से पहले तक एक सामान्य महिला मानी जाती थी, के व्यवहार में अचानक बदलाव आया था। उसके परिवार के सदस्य बताते हैं कि कभी-कभी पूनम का चेहरा और आचरण बिल्कुल बदल जाता था, और वह गुस्से में कहती सबका नाश कर दूंगी जैसे उसके अंदर कोई और बोल रहा हो। उसकी इस अजीब हरकत को देखकर परिवार को लगता था कि शायद वह मानसिक असंतुलन का शिकार हो रही है। हालांकि उस समय किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

    पूनम की मानसिक स्थिति के बारे में उसके परिवार के लोग अब खुलकर बयान दे रहे हैं। पूनम ने अपनी जेठानी की छह साल की बेटी विधि को जानबूझकर गर्म चाय गिराकर घायल कर दिया था और जब इस बारे में पूछताछ की गई तो उसने कहा ये बड़ी होकर बहुत खूबसूरत हो जाती इसलिए इसका चेहरा जला दिया। इसके बाद वह अपनी हरकतों को छिपाने की बजाय एक सामान्य व्यक्तित्व दिखाती थी जिससे परिवार और आसपास के लोग उसे कभी भी शक की निगाह से नहीं देख पाए।

    पूनम की पढ़ाई भी काफी अच्छी थी, उसने एमए पॉलिटिकल साइंस और B.Ed किया था। लेकिन उसकी बाहरी छवि के विपरीत वह अंदर से हिंसक और अस्वस्थ मानसिकता की हो गई थी। 2023 में उसने अपनी ननद की 11 साल की बेटी इशिका को पानी में डुबोकर मार डाला, और उसके बाद अपने बेटे शुभम को भी उसी तरह डुबोकर हत्या कर दी। पूनम ने इसे हादसा बताकर सबको गुमराह किया लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि एक मां अपने ही बच्चे की जान ले सकती है।

    इसके बाद 2025 में पूनम ने अपनी मायके गई भतीजी जिया और फिर जेठानी की बेटी विधि की हत्या की। जिया को पूनम ने पानी से भरे टब में दबाकर मार डाला और विधि की हत्या भी उसी तरीके से की। पुलिस ने जब घटना की जांच शुरू की, तो कई चीजें संदिग्ध लगीं। विशेष रूप से, यह तथ्य कि हर बार हत्या के समय पूनम ही आसपास थी और उसकी हरकतें बहुत अजीब थीं।

    पुलिस की पूछताछ में पूनम ने कबूल किया कि उसे सुंदर बच्चों से जलन होती थी, और वह उन्हें मारकर शांति महसूस करती थी। उसने यह भी कहा कि किसी और की आत्मा उसके शरीर में सवार हो जाती थी, जिससे वह यह घिनौनी हत्या करने पर मजबूर हो जाती थी। पूनम ने पुलिस को बताया कि उसने चार हत्याएं कीं इशिका ननद की बेटी शुभम अपना बेटा जिया मायके की भतीजी और विधि जेठानी की बेटी।

    पूनम के परिवार में लोग अब भी यह मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि उनके बीच की शांत और समझदार बहू इतनी निर्दयी हो सकती थी। उसकी सास का कहना है कि उन्होंने हमेशा उसे बेटी की तरह प्यार किया था और अब वह खुद को दोषी महसूस कर रही हैं कि उन्होंने उसके मानसिक असंतुलन को समय रहते नहीं पहचाना। गांव के लोग भी बताते हैं कि पूनम के चेहरे पर अक्सर एक अजीब सा बदलाव आ जाता था जैसे किसी और की आत्मा उस पर सवार हो जाती थी।

    पुलिस ने पूनम की मानसिक स्थिति का मेडिकल परीक्षण कराने की योजना बनाई है लेकिन उसकी बाद हत्या के बाद का शांत और सामान्य व्यवहार एक खतरनाक मानसिक बीमारी या सायकोसिस जैसी स्थिति का संकेत देता है। इस मामले में अभी भी कई सवाल उठते हैं और जांच जारी है ताकि यह पता चल सके कि पूनम के अपराध के पीछे का असली कारण क्या था।

  • सरकार 8वें वेतन आयोग पर लेकर आ सकती है बड़ा फैसला, 2026-27 से लागू होने की चर्चा तेज

    सरकार 8वें वेतन आयोग पर लेकर आ सकती है बड़ा फैसला, 2026-27 से लागू होने की चर्चा तेज


    नई दिल्ली
    । केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी से भरी बड़ी अपडेट सामने आई है। लंबे इंतज़ार के बाद 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। नवंबर 2025 में आयोग का गठन औपचारिक रूप से पूरा हो चुका है और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस को केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है। इसी के साथ कर्मचारी वर्ग के बीच यह उम्मीद और भी मजबूत हो गई है कि उनकी सैलरी और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी अब ज्यादा दूर नहीं।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बार आयोग की सिफारिशें 2026 के अंत से 2027 की शुरुआत के बीच लागू की जा सकती हैं। ऐसे समय में जब महंगाई लगातार लोगों की जेब पर भार डाल रही है, यह वृद्धि कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत की बड़ी सौगात साबित हो सकती है।

    आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में 18–24 महीने लगने का अनुमान

    8वें वेतन आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए शुरुआत में 18 महीने दिए गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि काम की व्यापकता और विभिन्न मंत्रालयों से डेटा इकट्ठा करने में आयोग को 18 से बढ़कर 24 महीने तक भी लग सकते हैं   फिलहाल, वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन से जुड़े अधिकतर आंकड़े इकट्ठा किए जा चुके हैं। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों से फीडबैक भी ले रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि रिपोर्ट का निर्माण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

    कब बढ़ेगी सैलरी और पेंशन?

    वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ स्वप्निल अग्रवाल के मुताबिक, किसी भी वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में सरकार को रिपोर्ट मिलने के बाद 12 से 24 महीने लग जाते हैं। 7वें वेतन आयोग को लागू होने में लगभग 29 महीने लगे थे। इसी पैटर्न के आधार पर माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2026 के अंत या 2027 की पहली तिमाही में लागू हो सकती हैं। इसके लागू होने पर: बेसिक पे, महंगाई भत्ता DA, मकान किराया भत्ता HRA ट्रांसपोर्ट एवं अन्य भत्ते पेंशन  इन सभी में एक साथ बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

    UP चुनाव से पहले बड़ा ऐलान संभव?

    राजनीतिक हलकों में भी वेतन आयोग की चर्चा तेज़ है। 2027 के फरवरी में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं। विश्लेषकों का कहना है कि बड़ा कर्मचारी वर्ग होने के कारण UP में वेतन आयोग का प्रभाव काफी अहम होगा।इसलिए संभावना जताई जा रही है कि सरकार चुनाव से पहले वेतन आयोग लागू कर कर्मचारी समुदाय को बड़ी राहत दे सकती है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि अगर पूरी रिपोर्ट लागू करना संभव नहीं हुआ, तो सरकार अंतरिम राहत के तौर पर बेसिक पे में आंशिक बढ़ोतरी भी कर सकती है।

    क्या आयोग को स्थगित करने की संभावना है?

    विशेषज्ञों का मानना है कि अब 8वें वेतन आयोग को टालना लगभग असंभव है। आयोग का गठन हो चुका है। ToR मंजूर हो चुके हैं । सरकार पहले ही 1 जनवरी 2026 से इसे लागू करने का लक्ष्य तय कर चुकी है। साथ ही दिसंबर 2027 में राजस्थान चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव भी सरकार के कैलेंडर को प्रभावित करते हैं। ऐसे में आयोग को समय से लागू करना ही सरकार के लिए अधिक व्यावहारिक माना जा रहा है।

    लागू होने पर किन चीजों में होगा बदलाव?

    8वें वेतन आयोग के लागू होते ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में कई बड़े परिवर्तन होने वाले हैं: बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि, DA की नई दरें HRA का पुनर्गठन ट्रांसपोर्ट व अन्य अलाउंस सुधार  पेंशन में बड़ा उछाल  कुछ पुराने भत्ते हटाने और नए जोड़ने की संभावना

    इससे कुल मासिक आय में अच्छा खासा सुधार आएगा।

    कुल मिलाकर, 8वें वेतन आयोग का काम अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ा, तो 2026–27 तक करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे न केवल उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि घरेलू उपभोग बढ़ने से अर्थव्यवस्था में भी नई गति आने की उम्मीद है।

  • जो रूट का कमाल: ऑस्ट्रेलिया में पहली बार लगाया शतक, 160वें टेस्ट में रचा इतिहास

    जो रूट का कमाल: ऑस्ट्रेलिया में पहली बार लगाया शतक, 160वें टेस्ट में रचा इतिहास


    नई दिल्‍ली । इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शतक लगाया। जो रूट का ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर पहला टेस्ट शतक है। जो रूट ने ब्रिसबेन में खेले जा रहे पिंक बॉल टेस्ट में 181 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन पूरे किए। रूट अपनी पारी में 11 चौके लगा चुके हैं। जो रूट ने 160वें टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने का कारनामा किया। रूट का टेस्ट में ये 40वां शतक है।

    ब्रिसबेन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला है। इंग्लैंड ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए हैं। हालांकि जो रूट एक छोर पर डटे हुए हैं। जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया में 30वीं पारी में अपना पहला शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा पारी खेलने के बाद शतक लगाने का रिकॉर्ड इयान हीली के नाम है। उन्होंने 41 पारी ली थी। बॉब सिम्पसन ने 36, गोर्डन और स्टीव वॉ ने 32 पारियों में ये कमाल किया था।

  • इंदौर सरकारी डॉक्टरों द्वारा मरीजों को निजी अस्पताल भेजने की मामले में कार्रवाई, एक निलंबित, एक का वेतन काटा

    इंदौर सरकारी डॉक्टरों द्वारा मरीजों को निजी अस्पताल भेजने की मामले में कार्रवाई, एक निलंबित, एक का वेतन काटा

    इंदौर । इंदौर के एमवायएच अस्पताल में एक बार फिर शासकीय डॉक्टरों की लापरवाही और निजी अस्पतालों को मरीज भेजने का मामला सामने आया है। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही को उजागर किया है जहां सरकारी अस्पतालों से लाखों रुपये की सैलरी लेने वाले डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय निजी अस्पतालों से रिश्वत लेने में व्यस्त रहते हैं।

    हाल ही में एक मरीज, जो रतलाम से न्यूरोसर्जरी विभाग में इलाज के लिए एमवायएच अस्पताल आया था, का इलाज करने के बजाय उसे निजी अस्पताल भेजने का मामला सामने आया। रात के समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मरीज को इलाज के लिए भेजने के बजाय उसे जमीन पर लिटा दिया और कहा कि उसका आयुष्मान कार्ड है, इसलिए उसे इंडेक्स अस्पताल में भेजा जाए। यह सारी प्रक्रिया मरीज द्वारा लिखित शिकायत करने के बाद उजागर हुई, जिसमें यह बात सामने आई कि एमसीएच के एक विद्यार्थी ने मरीज को निजी अस्पताल भेजने का निर्णय लिया था, और इसके बदले उसे निजी अस्पताल से रकम मिलती थी। इस मामले की जांच के बाद डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है।

    इतना ही नहीं एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही की यह घटना अकेली नहीं है। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को इमरजेंसी इलाज देने में भी परेशानी होती है। हाल ही में सिमरोल सड़क हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया था, लेकिन इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में कोई ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं था। कलेक्टर के अस्पताल पहुंचने पर यह लापरवाही सामने आई। दो घंटे बाद जब महिला सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर आईं, तो उन्होंने बताया कि वह घर पर आराम कर रही थीं। इस लापरवाही के लिए डीन ने महिला डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया।

    अस्पताल में भर्ती मरीजों की कमी के पीछे भी इन डॉक्टरों की लापरवाही और निजी अस्पतालों के साथ सांठगांठ मुख्य कारण मानी जा रही है। एमवायएच अस्पताल के हड्डी रोग विभाग, पेट रोग विभाग, मेडिसिन विभाग और न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टर भी मरीजों को निजी अस्पताल भेजने के इस गिरोह में शामिल हैं। इन गिरोहों के संरक्षण में ही ड्यूटी डॉक्टर और जूनियर डॉक्टर यह कृत्य कर रहे हैं। इसके अलावा एंबुलेंस संचालक स्टाफ और आउटसोर्स कंपनियों के कर्मचारी भी इन गतिविधियों में शामिल हैं। इस कारण से सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या घटती जा रही है, और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

    एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कहा कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना में एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है, और ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने वाली सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को बर्खास्त किया गया है।

    यह घटना इंदौर के सरकारी अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही की गंभीर समस्या को उजागर करती है। मरीजों की जान से खेलने वाले इन डॉक्टरों और उनके गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि जनता को उचित इलाज मिल सके और सरकारी अस्पतालों में विश्वास पुनः बहाल हो।

  • छोटा शेयर, बड़ा धमाका: साल में 454% उछलाा, बड़े ऐलान के बाद फिर लगा अपर सर्किट

    छोटा शेयर, बड़ा धमाका: साल में 454% उछलाा, बड़े ऐलान के बाद फिर लगा अपर सर्किट


    नई दिल्‍ली । स्मॉल कैप स्पाइस लाउंज फूड वर्क्स के शेयर की कीमत गुरुवार, 4 दिसंबर को 5% अपर सर्किट तक पहुंच गई। कंपनी ने WingZone के एक्सक्लूसिव मास्टर फ्रेंचाइजी अधिकार हासिल करने की घोषणा की है। गुरुवार को यह शेयर 52.70 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खुला, जबकि बुधवार को इसका पिछला बंद भाव 50.47 रुपये था। स्पाइस लाउंज फूड वर्क्स के शेयर ने मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। सिर्फ छह महीने में 137.62% का उछाल, इस साल अब तक 454.29% की बढ़त और पिछले एक साल में 896% की वृद्धि।

    आज की तेजी का कारण
    4 दिसंबर की एक घोषणा में स्पाइस लाउंज फूड वर्क्स ने बताया कि उसने WingZone के एक्सक्लूसिव मास्टर फ्रेंचाइजी अधिकार हासिल कर लिए हैं। WingZone एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्विक सर्विस रेस्टोरेंट ब्रांड है, जो अपने चिकन-बेस्ड प्रोडक्ट्स और स्वादिष्ट मेनू इनोवेशन के लिए प्रसिद्ध है।

    भारत में योजना
    कंपनी की योजना भारत के उपभोक्ताओं तक WingZone को पहुंचाने की है, इसके लिए हाई-स्ट्रीट आउटलेट और क्लाउड-किचन फॉर्मेट के मिश्रण का रणनीतिक इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ब्रांड की पहुँच आसान होगी और विकास को बढ़ावा मिलेगा।

    स्पाइस लाउंज फूड वर्क्स लिमिटेड के चेयरपर्सन और डायरेक्टर मोहन बाबू करजेला ने कहा कि वे भारत में WingZone लाने को लेकर उत्साहित हैं और यह साझेदारी कंपनी की लंबे समय की ग्रोथ रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

    भारतीय QSR बाजार में उपभोक्ताओं की बदलती पसंद, बढ़ते शहरीकरण और वैश्विक खाद्य प्रारूपों की बढ़ती स्वीकार्यता के कारण मजबूत गति देखी जा रही है। WingZone के अंतरराष्ट्रीय स्वाद और कंपनी के परिचालन कौशल के कारण यह अवसर अच्छा है।

    लॉन्च और भविष्य की रूपरेखा
    घोषणा के अनुसार, कंपनी जनवरी 2026 में कोरमंगला, बैंगलोर में भारत का पहला WingZone आउटलेट लॉन्च करेगी।

    लॉन्च के बाद, स्पाइस लाउंज फूड वर्क्स का इरादा WingZone की मौजूदगी बैंगलोर, हैदराबाद और चेन्नई में अतिरिक्त आउटलेट्स के साथ बढ़ाने का है। इसके बाद अन्य प्रमुख शहरों में भी रोलआउट की योजना है।

    करजेला ने कहा कि बैंगलोर के कोरमंगला में लॉन्च केवल एक शुरुआत है। प्रमुख महानगरों में विस्तार के लिए एक स्पष्ट रोडमैप है, जिसमें हाई-स्ट्रीट स्टोर और क्लाउड किचन का संयोजन होगा। इससे सुलभता और विस्तार दोनों सुनिश्चित होंगे। यह अधिग्रहण एक विविधतापूर्ण मल्टी-ब्रांड पोर्टफोलियो बनाने के सपने को मजबूत करता है और भारत के तेजी से बढ़ते फूड सर्विस सेक्टर में एक अग्रणी खिलाड़ी बनने के संकल्प को पुष्ट करता है।

  • 'विनर' के नाम से पर्दा उठा? गौरव खन्ना नहीं, इस शख्स को जिताने के लिए फैंस कर रहे हैं ट्रेंड, देखें कौन है वह!

    'विनर' के नाम से पर्दा उठा? गौरव खन्ना नहीं, इस शख्स को जिताने के लिए फैंस कर रहे हैं ट्रेंड, देखें कौन है वह!


    नई दिल्ली। बिग बॉस 19 अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है और ग्रैंड फिनाले वीक ने सोशल मीडिया पर उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। दर्शकों के बीच इस बात को लेकर लगातार चर्चाएँ जारी हैं कि इस बार शो की ट्रॉफी किसके नाम होगी। टॉप 5 कंटेस्टेंट्स गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट, प्रणित मोरे अमाल मलिक और तान्या मित्तल-में मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है।

    वोटिंग ट्रेंड्स में अब तक मुख्य रूप से गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट और प्रणित मोरे के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है। हालांकि दर्शकों में अभी भी स्पष्टता नहीं है कि आखिर कौन फाइनल में बाजी मार सकता है। ट्विटर X पर कई फैन पेजेज और ट्रेंडिंग हैंडल्स अपने-अपने प्रिडिक्शन साझा कर रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर क्या है चर्चा?

    Bigg Boss Scope नामक पेज के अनुसार, फरहाना भट्ट इस सीजन की संभावित विजेता बताई जा रही हैं, जबकि गौरव खन्ना को रनर-अप की स्थिति में दर्शाया गया है। इसी प्रिडिक्शन में तान्या मित्तल को तीसरा, अमाल मलिक को चौथा और प्रणित मोरे को पांचवां स्थान दिया गया है।

    कुछ अन्य ट्विटर हैंडल्स ने भी फरहाना को विजेता बताया है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह सिर्फ अनुमान हैं और मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। एक अन्य वायरल प्रिडिक्शन में भी फरहाना को विनर और गौरव को रनर-अप बताया गया है, जबकि तान्या और अमाल को क्रमशः तीसरा और पांचवां स्थान दिया गया है। इसी बीच  लाइव हिंदुस्तान के पोल में गौरव खन्ना फिलहाल सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनकी जीत की संभावनाएँ और प्रबल मानी जा रही हैं।

    अफवाहों का बाज़ार भी गर्म

    फिनाले के करीब आते ही अफवाहों का दौर भी तेज हो गया है। कुछ गॉसिप पेजेज यह दावा कर रहे हैं कि प्रणित मोरे को राजनीतिक दबाव के चलते विजेता बनाया जा सकता है, ठीक वैसे ही जैसे पिछले सीजन में एमसी स्टैन की जीत ने सभी को चौंका दिया था।
     दूसरी ओर, कुछ पेजेज ने यह भी लिखा है कि फरहाना भट्ट फिक्स्ड विनर हैं क्योंकि उनका संबंध प्रोडक्शन टीम से जुड़े किसी व्यक्ति से बताया जा रहा है। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है।

    फिनाले से पहले बढ़ा रोमांच

    टॉप 5 में जगह बनाने वाले सभी कंटेस्टेंट्स की अपनी मजबूत फैन फॉलोइंग है। यही वजह है कि फिनाले से पहले सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है और प्रिडिक्शन लगातार बदल रहे हैं। कौन बनेगा बिग बॉस 19 का विजेता-यह बात फिलहाल पूरी तरह दर्शकों के अंतिम वोट पर निर्भर करेगी। असली नतीजा फिनाले नाइट पर ही सामने आएगा।