

आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा हमने दो हफ्ते पहले इजरायल पर संभावित खतरे को हटाने के लिए कार्रवाई की। ईरान ने वर्षों से अपनी न्यूक्लियर क्षमता विकसित की है और जून में किए गए हमले के बाद वे इसे फिर से शुरू कर रहे थे। उनका प्रयास यह था कि न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को जमीन के नीचे छिपाया जाए ताकि इजरायल और अमेरिका के बमों से बचा जा सके। यह हमारे लिए गंभीर खतरा है।
एफी डेफ्रिन ने ईरान के मिसाइल प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार ईरान हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर बना रहा था जिनकी रेंज 2 000 से 3 000 किलोमीटर तक थी। इन मिसाइलों का उद्देश्य इजरायल पर हमला करना था। वे महीने में सैकड़ों हथियार तैयार करने की योजना बना रहे थे और यह स्तर हमारे लिए बर्दाश्त के बाहर था उन्होंने कहा।
प्रवक्ता ने कहा कि अब ईरान ने खाड़ी देशों और कमर्शियल तेल जहाजों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। वे अपने पुराने मित्र देशों ओमान यूएई बहरीन और सऊदी अरब पर हमला कर रहे हैं जिन्होंने ईरान के साथ कभी बुरा नहीं किया। इनके हमले मिलिट्री टारगेट पर नहीं बल्कि सिविलियन टारगेट जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और बुर्ज खलीफा पर हो रहे हैं। यह केवल उनकी असली प्रवृत्ति दिखाता है।
एफी डेफ्रिन ने जोर देकर कहा कि आईडीएफ इस स्थिति को गंभीरता से देख रहा है। पड़ोसी देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं और यह इतिहास का एक मौका है। हमारा लक्ष्य पूरे इलाके में स्थायी शांति बनाना है। ईरान केवल इजरायल के लिए खतरा नहीं है बल्कि यह एक क्षेत्रीय समस्या है जिसे सुलझाना जरूरी है।
आईडीएफ प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया यह स्पष्ट करती है कि इजरायल ईरानी न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रमों साथ ही उनके बढ़ते आक्रामक रवैये को लेकर सतर्क है। साथ ही खाड़ी देशों और वैश्विक तेल परिवहन पर ईरानी हमलों को गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि पश्चिम एशिया में तनाव और सुरक्षा खतरे केवल द्विपक्षीय नहीं हैं बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। आईडीएफ के अनुसार इलाके में शांति बनाए रखना और पड़ोसी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब उनकी प्राथमिकता बन गई है।

प्रदर्शनकारी साइरस कियान ने कहा कि उन्होंने अपनी पहली 25 साल की जिंदगी ईरान में बिताई। उन्होंने जोर देकर कहा अगर ट्रंप आसमान से दबाव डालना जारी रखते हैं तो ईरानी लोग इस राज को खत्म कर देंगे। रैली में शामिल लोगों ने अमेरिकी कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने लाल रंग की हैट पहनी थी जिस पर मेक ईरान ग्रेट अगेन लिखा था।
इस रैली को आयोजित करने वाले संगठन डीसी प्रोटेस्ट्स फॉर ईरान के वॉलंटियर रेजा मौसवी ने कहा राष्ट्रपति ने कहा था कि मदद आ रही है। उन्होंने वादा किया और उस पर कायम रहे। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मौजूदा ईरानी शासन को खत्म करना और देश के आखिरी शाह के बेटे रेजा पहलवी को अगला नेता बनाने के लिए समर्थन देना था।
प्रदर्शन में शामिल वॉलंटियर मरजीह मिर्जासलेही ने कहा हम चाहते हैं कि हमारे शाह ईरान वापस आएं क्योंकि वे अकेले ही ईरान को फिर से महान बना सकते हैं। मरजीह ने 2007 में ईरान छोड़ दिया था। कई प्रदर्शनकारी अमेरिकी और ईरानी झंडे और पोस्टर लेकर आए थे जिनमें पहलवी को ट्रंप के साथ खड़ा दिखाया गया था।
वहीं ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी जारी की है। उन्होंने अमेरिका से कहा कि अमेरिकी इंडस्ट्रियल प्लांट्स को इलाके से हटाया जाए। IRGC ने आम लोगों से भी अपील की कि वे उन जगहों को खाली करें जहां अमेरिकी शेयरहोल्डर मौजूद हैं ताकि किसी भी खतरे या नुकसान से बचा जा सके।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पिछले दो दिनों में ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि इन हमलों में गैर-सैन्य फैक्ट्रियों को निशाना बनाया गया और कई आम लोग मारे गए। इससे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और अस्थिर हो गई है और अमेरिकी-ईरानी तनाव चरम पर है।
इस रैली और ईरानी प्रतिक्रिया से साफ है कि अमेरिका की हालिया कार्रवाई ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गहरा प्रभाव डाला है। प्रदर्शनकारी अमेरिकी हस्तक्षेप को ईरानी शासन को बदलने का अवसर मान रहे हैं जबकि ईरान अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों को जोखिम से बचाने के लिए सतर्क है।

इससे निवेशकों का सेंटीमेंट बाजार को लेकर नकारात्मक हो गया है, जिसके कारण बाजार में भारी गिरावट हुई और बीएसई पर सूचीबंद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप करीब 20 लाख करोड़ रुपए कम होकर 430 लाख करोड़ रुपए हो गया।
एचडीएफसी बैंक के साथ देश की शीर्ष कंपनियों का मार्केट कैप इस हफ्ते 4.48 लाख करोड़ रुपए कम हो गया है। इसमें एसबीआई, बजाज फाइनेंस, टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, एलआईसी, इन्फोसिस और एचयूएल नाम शामिल है।
एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप 61,715.32 करोड़ रुपए कम होकर 12,57,391.76 करोड़ रुपए हो गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केटकैप 89,306.22 करोड़ रुपए कम होकर 9,66,261.05 करोड़ रुपए हो गया है।
बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 59,082.49 करोड़ रुपए कम होकर 5,32,053.54 करोड़ रुपए हो गया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केटकैप 53,312.52 करोड़ रुपए कम होकर 8,72,067.63 करोड़ रुपए हो गया है।
आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप 42,205.04 करोड़ रुपए कम होकर 8,97,844.78 करोड़ रुपए रह गया है। भारती एयरटेल का मार्केटकैप 38,688.78 करोड़ रुपए कम होकर 10,28,431.72 करोड़ रुपए हो गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप 33,289.88 करोड़ रुपए कम होकर 18,68,293.17 करोड़ रुपए हो गया है। लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) का बाजार पूंजीकरण 31,245.49 करोड़ रुपए कम होकर 4,88,985.57 करोड़ रुपए हो गया है।
इन्फोसिस का मार्केटकैप 24,230.96 करोड़ रुपए कम होकर 5,06,315.58 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, एफएमजीसी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का मार्केट कैप 15,401.57 करोड़ रुपए कम होकर 5,07,640.94 करोड़ रुपए हो गया है।

समीक्षा अवधि में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,416 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,45,093 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,18,799 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,19,063 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी मामूली गिरावट देखी गई। यह एक हफ्ते में 235 रुपए कम होकर 2,60,488 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 2,60,723 रुपए प्रति किलो थी।
हाजिर बाजार में 24 कैरेट के सोने ने 12 मार्च को 1,60,303 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम भाव छुआ। वहीं, न्यूनतम भाव 13 मार्च को 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम का रहा।
चांदी ने 10 मार्च को 2,70,944 रुपए प्रति किलो का उच्चतम भाव छुआ। वहीं, न्यूनतम भाव 9 मार्च को 2,60,056 रुपए प्रति किलो का देखा गया।
इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है। सोना और चांदी का दाम क्रमशः 5,061.70 डॉलर प्रति औंस और 81.343 डॉलर प्रति औंस था, जो कि एक हफ्ते पहले क्रमश: 5,158.70 डॉलर प्रति औंस और 84.311 डॉलर प्रति औंस था।
सोने और चांदी में कमजोरी की वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। डॉलर इंडेक्स इस हफ्ते 100 के पार निकलकर 100.360 पर बंद हुआ है, जो कि बीते पांच महीनों का डॉलर का सबसे उच्चतम स्तर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा ईरान डील करना चाहता है और मैं इसे नहीं करना चाहता क्योंकि शर्तें अभी पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने संभावित समझौते की शर्तों पर अधिक जानकारी देने से इनकार किया लेकिन यह स्वीकार किया कि न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को छोड़ना किसी भी मामले में प्राथमिकता होगी।
इंटरव्यू में ट्रंप ने अमेरिकी फोर्स द्वारा ईरान के रणनीतिक ऑयल हब खार्ग आइलैंड पर स्ट्राइक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खार्ग आइलैंड को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है लेकिन जरूरत पड़ने पर हम फिर से हमला कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ऊर्जा लाइनों को नहीं छुआ क्योंकि उन्हें फिर से बनाने में सालों लग जाते हैं।
ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई के जीवित होने पर भी संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा मुझे नहीं पता कि वह जिंदा भी हैं या नहीं। अभी तक कोई उन्हें सार्वजनिक रूप में नहीं देख पाया है। मैं सुन रहा हूं कि वह जिंदा नहीं हैं और अगर हैं तो उन्हें अपने देश के लिए स्मार्ट काम करना चाहिए और वह है सरेंडर करना।”
ट्रंप ने किसी खास ईरानी नेता को भविष्य के विकल्प के रूप में नामित करने से इनकार करते हुए कहा कि अमेरिका के पास ऐसे लोग हैं जो देश के भविष्य के लिए बेहतरीन नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने ग्लोबल ऊर्जा की कीमतों के बीच रूस के तेल पर लगाए गए बैन को अस्थायी रूप से कम करने की रणनीति का भी जिक्र किया। ट्रंप के अनुसार यह बैन 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद लगाया गया था और संकट खत्म होते ही इसे वापस ले लिया जाएगा।
यूक्रेन को मदद देने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि हमें जिस आखिरी इंसान से मदद चाहिए वह वोलोडिमिर जेलेंस्की हैं। उनका यह बयान वैश्विक राजनीति और सुरक्षा स्थिति में अमेरिका के रुख को स्पष्ट करता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का ईरान डील से इनकार और नए सुप्रीम लीडर के जीवित होने पर संदेह ने मध्य पूर्व की राजनीति में नई अस्थिरता की संभावना पैदा कर दी है। ट्रंप ने अपनी प्राथमिकताओं में ऊर्जा सुरक्षा और सैन्य सटीकता को सबसे ऊपर रखा है जबकि वार्ता और रणनीतिक समझौते फिलहाल लंबित हैं।

ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि यह एडवाइजरी पहले जारी 01.03.2026 03.03.2026 05.03.2026 07.03.2026 और 09.03.2026 के सर्कुलरों का अपडेशन है। इन सर्कुलरों के माध्यम से प्रभावित देशों में स्कूलों और संबंधित अधिकारियों से मिले इनपुट और अपील के आधार पर बोर्ड ने 12वीं क्लास की परीक्षाओं की समीक्षा की। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 16 मार्च से लेकर 10 मार्च तक निर्धारित सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही पहले स्थगित की गई परीक्षाओं की तारीखें भी पूरी तरह रद्द होंगी।
इस निर्णय का उद्देश्य न केवल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि उनके परिणाम सही समय पर घोषित किए जाएं। एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि परीक्षा स्थगित होने के बाद रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया और तरीका बाद में अलग से बताया जाएगा। इससे पहले दूतावास ने कहा था कि सीबीएसई 10 मार्च को स्थिति की पुनः समीक्षा करेगा और 12 मार्च से होने वाली परीक्षाओं के लिए सही निर्णय लेगा।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ओमान में भारतीय दूतावास ने पहले भी 9 10 और 11 मार्च को होने वाली 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को फिलहाल टालने की जानकारी साझा की थी। यह कदम ईरान इजरायल युद्ध और वहां की सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर छात्रों और उनके परिवारों के हित में उठाया गया। दूतावास ने यह भी बताया कि सभी संबंधित स्कूलों और अधिकारियों को बोर्ड ने सीधे निर्देश दिए हैं कि परीक्षा स्थगित होने की जानकारी तुरंत छात्रों तक पहुँचाई जाए।
इस स्थिति से प्रभावित छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की बात यह है कि बोर्ड ने पहले से ही स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षाओं के परिणामों को घोषित करने की प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। इस बीच छात्रों को आवश्यकतानुसार ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकता है ताकि उनका अकादमिक नुकसान कम से कम हो।
इस निर्णय से यह भी साफ हो जाता है कि वैश्विक तनाव और सुरक्षा स्थिति सीधे तौर पर शिक्षा पर प्रभाव डाल सकती है। सीबीएसई का यह कदम छात्रों की सुरक्षा मानसिक शांति और शिक्षण गतिविधियों की निरंतरता को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिका-इजरायली हमले शुरू होने और ईरान के आस-पास के दूसरे देशों पर मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करके जवाबी हमला करने के बाद 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस बंद है।
सफर में आने वाली दिक्कतों के बावजूद इराक फुटबॉल टीम प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको जाएगी, जिसने पहले ही सभी खिलाड़ियों को जरूरी प्लेऑफ के लिए वीजा दे दिया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक दिरजाल ने कहा, “इन्फेंटिनो (फीफा अध्यक्ष) ने मैटियास ग्राफस्ट्रॉम (फीफा महासचिव) को हमारी राष्ट्रीय टीम के मेक्सिको जाने में मदद करने और सभी मुश्किलों को दूर करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय टीम इस सप्ताह के आखिर में एक निजी प्लेन से मेक्सिको के लिए रवाना होगी।”
दिरजाल ने कहा, “टीम का लक्ष्य मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करना है, और खिलाड़ियों को सिर्फ उसी पर ध्यान देना चाहिए। मेरा सभी के लिए संदेश है, सिर्फ 17 दिन बचे हैं, और हमें मैच की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “इराकी फुटबॉल एसोसिएशन और कोचिंग स्टाफ में हमारा ध्यान खिलाड़ियों को इस मैच पर ध्यान देने और इराकी फैन्स का सपना पूरा करने के लिए सभी सही हालात देने पर है।”
इस बीच, इराक का सामना प्ले-ऑफ में बोलीविया या सूरीनाम से होगा, जिसका विजेता 2026 वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की कर लेगा। इराक ने आखिरी बार 1986 में वर्ल्ड कप खेला था, और वे महीने के आखिर में खेले जाने वाले प्ले-ऑफ में 39 साल का सूखा खत्म करना चाहेंगे।
इराक ने क्वालिफायर में अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ने पांचवें राउंड में यूनाइटेड अरब अमीरात के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज करके इंटरकॉन्टिनेंटल प्ले-ऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली।

लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को निगम के फतेहगढ़ डाटा सेंटर पर कार्रवाई करते हुए पिछले 10 वर्षों के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त किए थे। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिले, जिसके आधार पर सेंट्रल वर्कशॉप में यह छापेमारी की गई। जांच टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन फर्मों और व्यक्तियों की संलिप्तता रही।
11 मार्च को अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कोर्ट से सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि SAP सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल तैयार किए गए। इन बिलों के माध्यम से परिचितों और रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि असल में संबंधित काम या तो किया ही नहीं गया या विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी।
जांच में यह भी सामने आया कि नगर निगम के जलकार्य विभाग, सामान्य प्रशासन और सेंट्रल वर्कशॉप के नाम पर गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए, लेकिन कई मामलों में वास्तव में काम नहीं हुआ था। डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच से अब यह पता लगाया जाएगा कि किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तविकता क्या थी।
अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर का कहना है कि लेखा शाखा में बिल सीधे पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार नगर निगम आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है। उनका यह बयान यह दर्शाता है कि भुगतान प्रक्रिया में कई स्तरों पर सत्यापन होता है, लेकिन कथित फर्जी बिलिंग के मामले ने प्रणाली में संभावित गड़बड़ियों को उजागर किया है।
लोकायुक्त टीम का कहना है कि जब्त SAP सॉफ्टवेयर का डेटा और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में और फर्मों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। यह कार्रवाई भोपाल नगर निगम में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

जाकिर के छोटे भाई अरबाज खान ने हाल ही में अपने रमजान व्लॉग में अस्पताल का वीडियो शेयर किया जिसमें जाकिर गुलाबी अस्पताल गाउन पहने दोस्तों और परिवार के साथ भारत बनाम इंग्लैंड क्रिकेट मैच देखते नजर आए। वीडियो में अरबाज ने पूछा, ‘कैसा है भाई?’ तो जाकिर ने मज़ाक में जवाब दिया, ‘मैच अभी फंसा हुआ है।’ इस वायरल वीडियो के बाद फैंस ने कमेंट्स में उनकी सेहत के बारे में सवाल उठाने शुरू कर दिए।
कई फैंस ने लिखा, ‘जाकिर भाई, आप ठीक तो हैं? ईद से पहले जल्दी ठीक हो जाओ।’ तो किसी ने पूछा, ‘अस्पताल में क्यों भर्ती हो गए?’ सोशल मीडिया पर फैंस का प्यार और समर्थन लगातार बरस रहा है।
दरअसल, जाकिर खान ने कुछ दिन पहले ही मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे 1.5 से 2 साल का ब्रेक ले रहे हैं। उन्होंने साफ़ किया कि वे हटना नहीं चाहते, बस थोड़े समय के लिए खुद पर ध्यान देना चाहते हैं। उनका कहना था, ‘थोड़ा स्टूडेंट की तरह जीवन जीना है, सेहत पर ध्यान देना है, यात्रा करनी है और लिखने का काम पूरा करना है।’
जाकिर ने पहले भी खुलासा किया था कि परिवार में कुछ जेनेटिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं और उनकी अपनी लाइफस्टाइल, जैसे नींद की कमी और अनियमित खान-पान ने उनकी सेहत पर असर डाला है। लेकिन उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि यह कोई गंभीर या तत्काल खतरा नहीं है और वे पूरी तरह से कॉमेडी छोड़ नहीं रहे।
फैंस की प्रतिक्रिया इस खबर पर बेहद इमोशनल रही। कई लोग लिख रहे हैं, ‘ईद से पहले जल्दी ठीक हो जाओ जाकिर भाई,’ ‘आपकी हंसी हमें मिस हो रही है, जल्दी वापस आओ,’ और ‘सेहत पहले, बाकी सब बाद में।’ अस्पताल में भर्ती होने की खबर से लोगों में चिंता बढ़ी, क्योंकि जाकिर पिछले कई महीनों से काम और सोशल मीडिया से दूरी बनाए हुए थे।
हालांकि परिवार ने अभी तक कोई स्पेसिफिक मेडिकल विवरण नहीं साझा किया है, लेकिन जाकिर खान ने खुद कहा है कि यह सिर्फ ब्रेक है और वे कॉमेडी से दूर नहीं जा रहे हैं। लीलावती अस्पताल में भर्ती होने की वजह स्वास्थ्य संबंधित बताई जा रही है। फैंस और पूरी कॉमेडी कम्युनिटी की यही दुआ है कि ‘सख्त लौंडा’ जल्दी ठीक होकर वापस आए और ईद से पहले घर लौटे।
इस वीडियो में जाकिर का आरामदायक अंदाज़ और उनकी हल्की-फुल्की बातचीत यह दिखाती है कि फिलहाल उनकी हालत गंभीर नहीं है। फैंस के दिलों में चिंता और प्यार एक साथ उमड़ रहा है। सोशल मीडिया पर दुआओं की बाढ़ और प्यार भरे मैसेज उनके लिए उम्मीद और हौसला बनकर आ रहे हैं।
जाकिर खान की यह ब्रेक और अस्पताल में भर्ती होने की घटना उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देने की ज़रूरत और फैंस के लिए उनके हंसते-खिलखिलाते चेहरे की याद दिलाती है। सभी को बस यही दुआ है कि वे जल्द स्वस्थ होकर वापस आएं और अपनी हंसी और कॉमेडी से लोगों के दिलों में फिर से जगह बनाएँ।