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  • डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए यहां की बहनों को लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना के रूप में डबल खुशियां मिल रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर परिसर, घाटीगांव में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में लाड़ली बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन के मामले में पूरे देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश के पांच लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर करीब 65 लाख बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। आज प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां कार्यरत हैं। हम महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारी बहनें अब फैक्ट्रियों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं। प्रदेश के 47 प्रतिशत नए स्टार्ट-अप का नेतृत्व अब हमारी बहनों के हाथों में है। हम सभी बहनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत प्रत्येक कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन-बेटियां भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से पहले आज बहनों को 1500 रुपये की सौगात मिल रही है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त के रूप में एक हजार 836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की हर लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। लाड़ली बहन योजना में अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों को दी जा चुकी है। उन्होंने सभी लाड़ली बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे हर महीने मिलने वाली इस राशि से अपनी बेहतरी के लिए कोई भी रुचिकर काम-धंधा शुरु करें और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें।

    मुख्यमंत्री ने ग्वालियर जिले को 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने सिंगल क्लिक से लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से कुलैथ घाटीगांव में शासकीय सांदीपनि विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 महीने बाद लाड़ली बहना योजना के तीन साल पूरे हो जाएंगे। इन तीन साल में प्रदेश की बहनों की जिन्दगी जिस तरह से बदली है, वह भूतो न भविष्यति है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक 42 हजार 308 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि बहनों के खाते में भेजी गई है। लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की बहनें अब आत्म-निर्भर बन गई हैं। अब वे मजबूर नहीं, मजबूत हो गई हैं। इस योजना ने बहनों को न केवल आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है, बल्कि इन्हें ‘रिस्क’ लेने और अपने जीवन को बेहतर बनाने के सपने देखने की हिम्मत भी दी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर मध्य प्रदेश का गौरव है। ये धरती शक्ति के आशीर्वाद से सिंचित है और शक्ति की उपासना से ही हमारा संसार सुरक्षित है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र मध्य प्रदेश के साथ देश की इकॉनामी डेवलपमेंट में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। कभी बीहड़ों के लिए मशहूर रहा यह क्षेत्र हमारी सरकार के प्रयासों से आज औद्योगिक गतिविधियों का नया केन्द्र और प्रगति का नया उदाहरण बन रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं।


    प्रमुख घोषणाएं

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आरोन-पटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि 120 करोड़ रुपये की यह परियोजना क्षेत्र के किसानों का जीवन खुशहाल कर देगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर घाटीगांव सहित चिनौर और करैया में भी सांदीपनि विद्यालय खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भितरवार पीएचसी का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाया जायेगा। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। घाटीगांव में शबरी माता के भव्य मंदिर और शबरी धाम निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। भगवान देवनारायण का भी धाम बनाया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से देवनारायण मंदिर में हर साल सांस्कृतिक आयोजन कराये जाएंगे।

    महिला सम्मेलन को केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, जिला पंचायत अध्यक्षा दुर्गेश कुंवर जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान भाई एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।

  • अमिताभ बच्चन का इमोशनल ब्लॉग वायरल, करीबी मित्र के निधन पर लिखा दर्द भरा संदेश

    अमिताभ बच्चन का इमोशनल ब्लॉग वायरल, करीबी मित्र के निधन पर लिखा दर्द भरा संदेश

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महान अभिनेता Amitabh Bachchan इन दिनों गहरे शोक में हैं। उन्होंने हाल ही में अपने एक बेहद करीबी दोस्त को खो दिया है। इस दुखद खबर की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया और अपने निजी ब्लॉग के माध्यम से साझा की। उनकी भावुक पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और उनके प्रशंसकों ने भी संवेदना व्यक्त की।

    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में एक बेहद मार्मिक संदेश लिखते हुए अपने दोस्त के निधन का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने पोस्ट में उस मित्र का नाम या उनके निधन की वजह का खुलासा नहीं किया। लेकिन अपने शब्दों में उन्होंने साफ बताया कि यह व्यक्ति उनके जीवन में बेहद खास था और उसकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।

    बिग बी ने अपने ब्लॉग में लिखा कि उन्होंने एक ऐसे दोस्त को खो दिया है जो बेहद स्नेही और हंसमुख इंसान था। वह हर मुश्किल परिस्थिति में भी सकारात्मक सोच बनाए रखता था और हमेशा लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करता था। अभिनेता के अनुसार उनका दोस्त हर हालात में मजबूत बना रहता था और कठिन परिस्थितियों में भी समाधान ढूंढने की क्षमता रखता था।

    उन्होंने आगे लिखा कि उनके दोस्त के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी और यह स्वीकार करना बहुत मुश्किल है कि अब वह इस दुनिया में नहीं रहा। अमिताभ बच्चन ने अपने दर्द को शब्दों में व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में एक-एक करके अपने प्रिय लोगों को खोना बेहद पीड़ादायक होता है। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ दुख व्यक्त करने के लिए रोने वाला इमोजी भी साझा किया।

    अभिनेता ने यह भी लिखा कि बढ़ती उम्र के साथ इस तरह की दुखद खबरों को स्वीकार करना और भी कठिन हो जाता है। उनके शब्दों से साफ झलक रहा था कि इस घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है।

    जैसे ही यह पोस्ट सामने आई वैसे ही उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें सांत्वना देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने कमेंट कर उन्हें मजबूत रहने की सलाह दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    पिछले कुछ समय में अमिताभ बच्चन अपने जीवन में कई करीबी लोगों को खो चुके हैं। लगातार ऐसी खबरों का सामना करना उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद कठिन रहा है। इसके बावजूद अभिनेता अपने काम और फैंस के साथ जुड़े रहने की कोशिश करते रहते हैं।

    अमिताभ बच्चन की यह पोस्ट यह दिखाती है कि प्रसिद्धि और सफलता के बावजूद निजी रिश्तों की अहमियत कितनी गहरी होती है और किसी प्रिय मित्र को खोने का दर्द हर इंसान के लिए समान होता है।

  • मप्र में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में हुई वृद्धि, उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश के बाद आदेश जारी

    मप्र में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में हुई वृद्धि, उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश के बाद आदेश जारी


    भोपाल । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निर्देशों के अनुपालन में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त एवं जनोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जूनियर डॉक्टर पूर्ण समर्पण से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और सुदृढ़ करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभायेंगे।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूर्ण करते हैं। मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी जूनियर डॉक्टर अग्रणी भूमिका निभाते हैं।



    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जूनियर डॉक्टर के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को सकारात्मक समाधान के निर्देश दिए थे। उसके अनुक्रम में विभाग द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि करते हुए 1 अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है। इसके तहत पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये, द्वितीय वर्ष का 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये तथा तृतीय वर्ष का 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है। इसी प्रकार इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये किया गया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये तथा जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एवं सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

  • भोपाल: घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने कलेक्टर ने गठित किया विशेष जांच दल

    भोपाल: घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने कलेक्टर ने गठित किया विशेष जांच दल


    भोपाल । राजधानी में घरेलू रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भोपाल द्वारा जारी एक ताज़ा आदेश के अनुसार, जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों और गोदामों के निरीक्षण के लिए 23 जिला स्तरीय अधिकारियों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है ।

    आयात में रुकावट के चलते कड़ा फैसला
    प्रशासन ने यह कदम केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद उठाया है, जिनमें वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के कारण आयात में हुई बाधा का हवाला दिया गया है । सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही की जाए ।

    आदेश के तहत अब अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य किसी भी वाणिज्यिक श्रेणी जैसे होटल, मॉल या फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जाएगी ।

    निरीक्षण के लिए तैनात अधिकारीघरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध अंतरण और व्यवसायिक उपयोग को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कमान सौंपी गई है। प्रमुख नियुक्तियों में शामिल हैं:

    कृषि विभाग से सुरेन्द्र अमरूते और अमित सिंह ।
    महिला एवं बाल विकास विभाग से सुनील सोलंकी ।
    परिवहन विभाग से क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जीतेन्द्र शर्मा ।
    शिक्षा विभाग से जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार ।
    इसके अलावा जल संसाधन, मत्स्य, और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है ।

    प्रतिदिन देनी होगी रिपोर्ट
    कलेक्टर के निर्देशानुसार, नियुक्त किए गए सभी अधिकारी आवंटित गैस एजेंसियों और गोदामों का प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे । वे अपनी रिपोर्ट संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) को सौंपेंगे । यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या गैस की कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं ।यह व्यवस्था जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की एजेंसियों (IOCL, BPCL, HPCL) पर समान रूप से लागू होगी ।

  • दिल्ली से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों पर बढ़ेगा टैक्स, ट्रकों को अब देने होंगे 2600 की जगह 4000 रुपये

    दिल्ली से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों पर बढ़ेगा टैक्स, ट्रकों को अब देने होंगे 2600 की जगह 4000 रुपये


    नई दिल्ली।  देश की राजधानी दिल्ली से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों को अब ज्यादा चार्ज देना होगा। Supreme Court ने ग्रीन टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नए नियम के तहत जो ट्रक अब तक लगभग 2600 रुपये ग्रीन टैक्स देते थे, उन्हें अब करीब 4000 रुपये तक भुगतान करना पड़ सकता है। यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा।

    सिर्फ दिल्ली पार करने वाले वाहनों पर लगेगा चार्ज
    यह बढ़ा हुआ ग्रीन टैक्स खास तौर पर उन कमर्शियल वाहनों पर लागू होगा जो दिल्ली में कोई काम नहीं करते और सिर्फ शहर को पार करने के लिए यहां की सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। यानी जो ट्रक या अन्य भारी वाहन दिल्ली में माल उतारने या लोड करने नहीं आते, बल्कि सिर्फ शॉर्टकट के रूप में राजधानी की सड़कों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

    हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग चार्ज
    नए नियम के मुताबिक अलग-अलग वाहनों के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। LMV कार, वैन जैसे हल्के वाहन लगभग 2000 तक चार्ज ट्रक और भारी वाहन करीब 4000 तक चार्ज इस फैसले के बाद कमर्शियल वाहनों के संचालन की लागत बढ़ने की संभावना है।

    ट्रैफिक और प्रदूषण कम करना है मकसद
    सरकार का कहना है कि कई वाहन दिल्ली को शॉर्टकट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इससे शहर में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं। इसी वजह से सरकार ऐसे वाहनों को शहर के बाहर बने एक्सप्रेसवे और बाईपास का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है। ज्यादा चार्ज लगने से वाहन चालक दिल्ली की बजाय बाहरी मार्गों का इस्तेमाल करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद दिल्ली के बाहर बने एक्सप्रेसवे और बाईपास का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि इस फैसले का प्रदूषण और ट्रैफिक पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा।

  • बजने वाली है कुलदीप यादव और वंशिका की शादी की शहनाई, रोहित-विराट में शामिल होकर बांध सकते हैं समां

    बजने वाली है कुलदीप यादव और वंशिका की शादी की शहनाई, रोहित-विराट में शामिल होकर बांध सकते हैं समां


    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खेमे से एक और खुशखबरी निकल कर सामने आ रही है। टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव अपने जीवन की नई पारी की शुरुआत करने जा रहे है। वह 14 मार्च को अपने बचपन की दोस्त वंशिका के साथ साथ फेरे लेने जा रहे हैं। उनकी शादी का समारोह मसूरी के सेवॉय होटल में संपन्न होगा। खबर है कि उनकी शादी में शामिल होने क्रिकेट जगत के कई दिग्गज शामिल हो सकते हैं। स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के शामिल होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

    रोहित और विराट भी बन सकते हैं समारोह का हिस्सा
    कुलदीप यादव की शादी के लिए पहुंचे रिंकू सिंह और युजवेंद्र चहल को देहरादून हवाई अड्डे स्पॉट किया गया। रिंकू सिंह अपनी मंगेतर प्रिया सरोज के साथ पहुंचे। अब यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि कुलदीप के स्पेशल दिन पर रोहित शर्मा और विराट कोहली भी उनकी खुशी में शामिल हो सकते हैं। होटल मैनेजमेंट ने पुष्टि की है कि द सेवॉय होटल के लगभग 80 कमरे बुक कर लिए गए हैं। इसके साथ ही परिवार और सुरक्षा कर्मियों के ठहरने के लिए आस-पास के कई लग्जरी घरों को भी बुक किया गया है।

    बचपन की दोस्त के साथ कुलदीप लेंगे सात फेरे
    बचपन में कुलदीप और वंशिका एक दूसरे के दोस्त थे। दोनों मूलत: कानपुर के ही रहने वाले हैं और दोनों के घर में केवल 3 किलोमीटर की दूरी है। जैसे जैसे समय साथ में बीता वह एक दूसरे के इतना करीब आ गए कि अब 14 मार्च को दोनों सात जन्मों के बंधन में बंधने वाले हैं। कपल ने 4 जून को लखनऊ में सगाई की थी। पहले ये शादी नवंबर में होने वाली थी लेकिन टी20 वर्ल्ड कप 2026 की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, अब 14 मार्च को दोनों शादी के बंधन में बंध जाएंगे। 17 मार्च को लखनऊ में रिस्पेशन का आयोजन किया गया है जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हो सकते हैं।

  • गैस संकट के बीच रसोई में लौटेगा केरोसिन! सरकार ने जारी किया अतिरिक्त कोटा, होटल-रेस्तरां को वैकल्पिक ईंधन की छूट

    गैस संकट के बीच रसोई में लौटेगा केरोसिन! सरकार ने जारी किया अतिरिक्त कोटा, होटल-रेस्तरां को वैकल्पिक ईंधन की छूट


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की रसोई तक दिखाई देने लगा है। गैस सिलेंडर की घबराहट में हो रही बुकिंग के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सालों बाद मिट्टी के तेल (केरोसिन) का अतिरिक्त कोटा जारी किया है। सरकार ने साफ किया है कि देश में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है, लेकिन लोगों की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति प्रभावित
    भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। पश्चिम एशिया में बढ़े सैन्य तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाली तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। यही समुद्री मार्ग भारत को रोजाना लगभग 25 से 27 लाख बैरल कच्चा तेल उपलब्ध कराता है। इसके अलावा देश की करीब 55 प्रतिशत एलपीजी और 30 प्रतिशत एलएनजी की सप्लाई भी इसी रास्ते से आती है।

    होटल और रेस्तरां को वैकल्पिक ईंधन की छूट
    गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले क्षेत्रों पर पड़ा है। होटल और रेस्तरां को मिलने वाली गैस की सप्लाई कम होने से समस्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए सरकार ने आतिथ्य क्षेत्र को राहत देते हुए बायोमास, आरडीएफ पेलेट और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने की अस्थायी अनुमति दे दी है।

    घरों के लिए केरोसिन का अतिरिक्त कोटा
    घरेलू रसोई में गैस की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने राज्यों को मिलने वाले नियमित एक लाख किलोलीटर के कोटे के ऊपर 48 हजार किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है। करीब एक दशक बाद पहली बार मिट्टी के तेल के कोटे में इतनी बढ़ोतरी की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।

    गैस की जमाखोरी रोकने के लिए नया नियम
    बाजार में गैस की कमी की अफवाहों के कारण लोग घबराकर ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए न्यूनतम समय 21 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह सीमा 25 दिन रखी गई है। सरकार का कहना है कि फिलहाल एलपीजी की डिलीवरी का औसत समय करीब 2.5 दिन है और आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई देशों से गैस मंगाई जा रही है।

    कभी रसोई की पहचान था मिट्टी का तेल
    आज भले ही केरोसिन का नाम सुनकर लोग हैरान हों, लेकिन एक समय यह हर घर की जरूरत हुआ करता था। लालटेन जलाने से लेकर स्टोव पर खाना पकाने तक इसका इस्तेमाल आम था। सरकार की स्वच्छ ऊर्जा नीतियों, बिजली के विस्तार और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन मिलने के बाद धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल कम होता चला गया। यहां तक कि दिल्ली को साल 2014 में देश का पहला केरोसिन-मुक्त शहर घोषित किया गया था। लेकिन अब वैश्विक तनाव के बीच यही पुराना ईंधन एक बार फिर रसोई में वापसी करता दिखाई दे सकता है।

    Tags:keroseneLPG Gaslpg gas prices

  • छुपा हुआ खजाना! दिल्ली के पास एक ऐसी जगहें जहां शोर नहीं सिर्फ सुकून, आज ही बना लें ट्रिप का प्लान

    छुपा हुआ खजाना! दिल्ली के पास एक ऐसी जगहें जहां शोर नहीं सिर्फ सुकून, आज ही बना लें ट्रिप का प्लान


    नई दिल्ली। अगर आप दिल्ली की भीड़-भाड़ और शोर से दूर कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का लैंसडाउन आपके लिए आदर्श जगह है। दिल्ली से बस 4-5 घंटे की दूरी पर स्थित यह हिल स्टेशन बेहद शांत और सुकून भरा अनुभव देता है। यहाँ पहुंचने के लिए ज्यादा प्लानिंग की जरूरत नहीं है।

    बस थोड़ा समय निकालकर इस प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेना होता है। पहाड़, झाड़ियां, घने जंगल और उनके बीच बहती नदियां इस जगह को और भी आकर्षक बनाती हैं। चाहे आप होटल के कमरे से प्राकृतिक नजारों को देखें या पहाड़ की ओट में बैठकर शांति का आनंद लें, लैंसडाउन हर पल आपको तरोताजा कर देगा।

    ताड़केश्वर और बालेश्वर महादेव मंदिर

    लैंसडाउन में ही ताड़केश्वर और बालेश्वर महादेव मंदिर हैं। यह जगह न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी मशहूर है। मंदिर तक पहुँचने का रास्ता घने जंगल और हरियाली से भरा हुआ है, जो यात्रा को एक सुखद अनुभव में बदल देता है।

    कालागढ़ टाइगर रिजर्व

    जंगल और वन्य जीवों के प्रेमियों के लिए कालागढ़ टाइगर रिजर्व सबसे आकर्षक स्थल है। यहाँ बाघों सहित कई जीवों को देखना संभव है। जंगल सफारी के दौरान आप प्राकृतिक नजारों और वन्य जीवों के बीच समय बिताकर मानसिक शांति और उत्साह का अनुभव कर सकते हैं।

    टिप इन टॉप और सैंट मेरी चर्च

    लैंसडाउन की खूबसूरती सिर्फ प्राकृतिक दृश्य तक सीमित नहीं है। यहाँ “टिप इन टॉप” नामक हिल स्टेशन क्षेत्र है, जहाँ सैंट मेरी चर्च सहित कई छोटे चर्च भी हैं। यदि आपके पास समय है तो आसपास के चर्चों का भ्रमण आपको सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अनुभव भी देगा।

    लैंसडाउन में घूमना केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि यह आपके मन और शरीर दोनों को ताजगी देने का अवसर है। शांत वातावरण, प्राकृतिक नजारों और विविध सांस्कृतिक स्थल इसे दिल्ली से दूर सफर करने वालों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं।

  • सावधान! इंश्योरेंस लेने की सोच रहे हैं तो अभी जान लें ये नियम, अगर नहीं जाना तो नॉमिनी को भी नहीं मिलेगा पैसा

    सावधान! इंश्योरेंस लेने की सोच रहे हैं तो अभी जान लें ये नियम, अगर नहीं जाना तो नॉमिनी को भी नहीं मिलेगा पैसा


    नई दिल्ली। आजकल शायद ही कोई ऐसा परिवार हो जिसमें सदस्यों के लिए लाइफ इंश्योरेंस ना किया जाता हो। बिताते समय के साथ यह संख्या और भी तेजी से बढ़ती जा रही है। लोग अपनी गाड़ियों के साथ-साथ खुद का भी लाइफ इंश्योरेंस करा रहे हैं। हालांकि इसे लेकर भी कुछ भ्रांतियां फैली हुई हैं जिसे आज हम आपके सामने रखेंगे और इससे जुड़ी तमाम जानकारियां बताएंगे। जानिए किन-किन कारण से क्लेम नहीं किया जा सकता।

    हत्या की वजह से हुई मौत
    अगर पॉलिसी धारक की मौत हो गई है और उसे घटना में नॉमिनी की संलिप्त पाई जाती है तो ऐसी स्थिति में नॉमिनी को क्लेम नहीं दिया जाएगा। केवल एक ही स्थिति में नॉमिनी को क्लेम मिल सकता है या तो वह कानूनन अपराध मुक्त हो जाए या कोर्ट द्वारा बरी हो जाए। हत्या के कारण हुई मौत के बाद पॉलिसी प्रोवाइडर कंपनी के द्वारा यह जांच की जाती है कि पॉलिसी धारा किसी आपराधिक गतिविधि में तो सन लिप्त नहीं था। अगर किसी अपराध में संलिप्त पाई जाती है तो भी क्लेम को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

    धूम्रपान और नशे के कारण मृत्यु
    अगर पॉलिसी धारक किसी भी प्रकार का नशा करता है और उसके प्रभाव के कारण उसकी जान चली जाती है तो ऐसी स्थिति में भी पॉलिसी धारक को इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिल सकेगा। जबकि प्राकृतिक कर्म से अगर मौत होती है तो पॉलिसी धारक को डेथ क्लेम के रूप में राशि का भुगतान किया जाता है।

    साहसिक गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण हुई मौत
    इंश्योरेंस प्रोवाइडर कंपनी पॉलिसी धारक से उसकी शारीरिक बीमारियों एवं कार्यशाली के बारे में जानकारी लेती है जिसके आधार पर वह पॉलिसी धारक का प्रीमियम तय करती है। अगर कोई पॉलिसी धारक पर्वतारोहण करता है या स्काई डाइविंग जैसे साहसिक गतिविधियों में लगा हुआ होता है तो उनके साथ दुर्घटना घटने के सबसे अधिक चांस होते हैं। ऐसी स्थिति में उन पॉलिसी धारकों को क्लेम रीइंबर्समेंट से बाहर रखा जाता है।

  • FD Scheme: एफडी कराने की सोच रहे हैं तो पत्नी के नाम से कराएं, हो जाएंगे मालामाल

    FD Scheme: एफडी कराने की सोच रहे हैं तो पत्नी के नाम से कराएं, हो जाएंगे मालामाल


    नई दिल्ली। जैसे जैसे निवेश के नए नए तरीके सामने आ रहे हैं वैसे वैसे लोग उन्हें अपनाते जा रहे है। हालांकि एक वर्ग ऐसा भी है जो आज भी एफड़ी और आरडी जैसे पारंपरिक निवेशों में यकीन रखता है। आमतौर पर देखा जाता है कि नौकरीपेशा लोग अपने नाम से एफडी कराते हैं। लेकिन अगर आप अपने बजाय अपनी पत्नी के नाम से एफडी कराएं तो आप न सिर्फ मोटा रिटर्न कमा सकते हैं बल्कि काफी पैसे भी बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे?

    FD से मिले ब्याज पर 10% कटौती
    अगर कोई व्यक्ति एक लेखा वर्ष में एफडी पर 50 हजार रुपये से ज्यादा का ब्याज प्राप्त करता है तो उसे उस राशि पर 10 प्रतिशत TDS देय होता है। जबकि किसी व्यक्ति के पास पैन नंबर नहीं है तो इस राशि का प्रतिशत दोगुना हो जाता है यानी 20 प्रतिशत। ऐसी स्थिति में अगर आपकी पत्नी टैक्स ब्रैकेट से बाहर हैं या हाउसवाइफ हैं तो आपकी यह राशि एकमुश्त बच सकती है।

    पत्नी के नाम पर FD कराने से होगी बंपर बचत
    नए टैक्स सिस्टम में जिन लोगो की कुल टैक्सेबल इनकम 4 लाख रुपये से कम है और पुराने टैक्स सिस्टम में जिन लोगों की इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है उन्हें एफड़ी पर TDS देय नहीं होता है। उन्हें TDS से छूट दी जाती है। लिहाजा अगर आपकी पत्नी हाउस वाइफ हैं तो स्वभाविक है कि वह टैक्स के दायरे से बाहर होंगी इसलिए उनके नाम से एफडी करवाने से आप TDS की पूरी पूरी बचत कर सकते हैं।

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    इसके अलावा, अगर आप जॉइंट एफडी कराते हैं और अपनी पत्नी को फर्स्ट होल्डर बनाते हैं तो ऐसी स्थिति में भी आप काफी बचत कर सकते हैं। बताते चलें कि ये फायदा सिर्फ उन लोगों को मिल सकता है, जिनकी पत्नी जॉब नहीं करती हैं।