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  • J&K: फायरिंग में बाल-बाल बचे फारूक अब्दुल्ला… उमर बोले- 'अल्लाह रहमदिल है…

    J&K: फायरिंग में बाल-बाल बचे फारूक अब्दुल्ला… उमर बोले- 'अल्लाह रहमदिल है…


    जम्मू।
    नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) पर बुधवार देर रात फायरिंग की गई. इस घटना में वह बाल-बाल बच गए. उनके बेटे उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.

    जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि अल्लाह रहमदिल है. मेरे पिता बहुत बड़े खतरे से बाल-बाल बचे हैं. फिलहाल पूरी जानकारी साफ नहीं है लेकिन इतना पता चला है कि एक शख्स भरी हुई पिस्तौल के साथ बेहद करीब पहुंच गया था और उसने नजदीक से गोली चला दी. क्लोज प्रोटेक्शन टीम की सतर्कता की वजह से गोली का रुख मोड़ दिया गया और हत्या की कोशिश नाकाम हो गई।

    उन्होंने कहा कि इस समय सवाल-जवाबों से ज्यादा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेड प्लस और एनएसजी सुरक्षा में रहने वाले एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति आखिर कैसे पहुंच गया।

    बता दें कि फारूक अब्दुल्ला बुधवार रात को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शामिल होने गए था. इस समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी समेत कई नेता मौजूद थे. इसी दौरान एक व्यक्ति ने चुपचाप फारूक अब्दुल्ला के बेहद करीब जाकर गोली चला दी. लेकिन गनीमत रही कि वह इस हमले में बाल-बाल बच गए।

    फायरिंग में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को छर्रे लगने से मामूली चोटें जरूरी आई हैं. इस घटना से हर तरफ हड़कंप मच गया. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया. इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस अब इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है. घटना से जुड़े तथ्यों को समझने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंघाली जा रही है. बताया जा रहा है कि आरोपी कमल सिंह जम्वाल खनन के कारोबार से जुड़ा हुआ है. हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में खनन गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे वह नाराज बताया जा रहा है।

  • भारत पर नया टैरिफ लगा सकता है, अमेरिका…कई देशों की व्यापारिक नीतियों की जांच शुरू

    भारत पर नया टैरिफ लगा सकता है, अमेरिका…कई देशों की व्यापारिक नीतियों की जांच शुरू


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की सरकार ने 16 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों की उन व्यापारिक नीतियों और प्रथाओं के खिलाफ नई जांच शुरू की है, जिन्हें अमेरिका (America) ‘अनुचित’ मानता है। इस कदम से भारत (India) सहित कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ (Additional Tariff.) और अन्य जुर्माने लगने का रास्ता साफ हो सकता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा ट्रंप की ओर से पहले लगाए गए टैरिफ को खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद वह अब नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।


    जांच के दायरे में भारत और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं

    औद्योगिक क्षमता से अधिक उत्पादन को लेकर की जा रही इस जांच के निशाने पर मुख्य रूप से भारत के साथ-साथ यूरोपीय संघ (EU), चीन, जापान और कई अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। अमेरिका के इस कड़े कदम से इन प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ उसके संबंधों में तनाव बढ़ने की पूरी संभावना है।


    अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का कड़ा रुख

    न्यूज एजेंसी एएफपी (AFP) के हवाले से, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर ने बताया कि ट्रंप प्रशासन दो अलग-अलग जांचें शुरू कर रहा है। पहली जांच जरूरत से ज्यादा उत्पादन पर केंद्रित है, जबकि दूसरी जांच जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को लेकर है। उन्होंने कहा कि इस गर्मियों तक चीन, यूरोपीय संघ, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और मैक्सिको के खिलाफ नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इस सूची में ताइवान, वियतनाम, थाइलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे भी शामिल हैं। अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार कनाडा को इस जांच से बाहर रखा गया है।

    अपने रुख को स्पष्ट करते हुए ग्रीर ने कहा- हमें अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करनी है और हमें यह सुनिश्चित करने की सख्त जरूरत है कि हमारे व्यापारिक साझेदारों के साथ हमारा व्यापार पूरी तरह से निष्पक्ष हो। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा- अगर इस समस्या को हल करने के लिए हमें टैरिफ लगाने की जरूरत पड़ी, तो हम ऐसा जरूर करेंगे। हालांकि, ग्रीर ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि भविष्य में लगाए जाने वाले संभावित जुर्माने या टैरिफ अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग होंगे या एक समान।

    ग्रीर के अनुसार, चीन की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उत्पादन क्षमता उसकी घरेलू मांग से कहीं अधिक है। फिर भी, वहां की शीर्ष ईवी निर्माता कंपनी BYD आक्रामक रूप से उज्बेकिस्तान, थाइलैंड, ब्राजील, हंगरी और तुर्की में अपने कारखाने स्थापित कर रही है और यूरोप में भी विस्तार करने की योजना बना रही है।

    जर्मनी और आयरलैंड के बड़े व्यापार अधिशेष को यूरोपीय संघ की अतिरिक्त क्षमता का सबूत माना गया है। इसके अलावा, अमेरिका के साथ व्यापार घाटे के बावजूद सिंगापुर में सेमीकंडक्टर की अतिरिक्त वैश्विक क्षमता है, और नॉर्वे में ईंधन व समुद्री भोजन के भारी निर्यात को इसका सबूत माना गया है।


    60 देशों पर पड़ेगा असर

    जबरन मजदूरी को लेकर जो दूसरी जांच की जा रही है, उसके बारे में ग्रीर ने बताया कि यह जांच कल दोपहर के बाद किसी भी समय शुरू हो सकती है। इस जांच की जद में लगभग 60 व्यापारिक साझेदार देश आएंगे, जिससे ग्लोबल सप्लाई चैन पर व्यापक असर पड़ सकता है।

    अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा हस्ताक्षरित ‘उइगर फोर्स्ड लेबर प्रोटेक्शन एक्ट’ के तहत पहले ही चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले सोलर पैनल और अन्य सामानों पर कार्रवाई की है। अमेरिका का आरोप है कि चीन ने उइगर और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए लेबर कैंप बनाए हैं (हालांकि चीन इन आरोपों से इनकार करता है)। अब इस जांच का दायरा अन्य देशों तक भी बढ़ाया जा सकता है।


    ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात से ठीक पहले उठाया गया कदम

    ट्रंप प्रशासन का यह ताजा व्यापारिक कदम रणनीतिक रूप से भी काफी अहम है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब अप्रैल महीने में बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस नई जांच का असर दोनों नेताओं की आगामी बातचीत पर भी देखने को मिल सकता है।

  • 20 साल से इसी दिन का इंतजार था: कौन है कमल सिंह जामवाल? जिसने फारूक अब्दुल्ला पर तान दी बंदूक

    20 साल से इसी दिन का इंतजार था: कौन है कमल सिंह जामवाल? जिसने फारूक अब्दुल्ला पर तान दी बंदूक


    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक Farooq Abdullah पर बुधवार रात एक शादी समारोह के दौरान फायरिंग की कोशिश की गई। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से यह हमला नाकाम हो गया और वह बाल-बाल बच गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    कहां हुई घटना
    यह घटना बुधवार रात जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित रॉयल पार्क बैंक्विट हॉल में हुई। यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और वरिष्ठ वकील दिनेश सिंह चौहान की बेटी की शादी का समारोह चल रहा था। समारोह में Farooq Abdullah के अलावा जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary, कैबिनेट मंत्री Satish Sharma और मुख्यमंत्री Omar Abdullah के राजनीतिक सलाहकार नासिर असलम भी मौजूद थे।

    कैसे हुई हमले की कोशिश
    सूत्रों के मुताबिक, Farooq Abdullah रात करीब 9:15 बजे समारोह में पहुंचे थे। कुछ समय तक उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। करीब 10:10 बजे जब वह समारोह से निकलकर अपनी कार की ओर जा रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद एक शख्स अचानक उनके पीछे आया और उनकी पीठ पर बंदूक तान दी। हालांकि इससे पहले कि वह गोली चला पाता, सुरक्षा में तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने तुरंत बंदूक को हटा दिया। इस दौरान गोली ऊपर की ओर चली गई और कोई बड़ा हादसा होने से बच गया।

    कौन है आरोपी कमल सिंह
    पुलिस के मुताबिक हमलावर की पहचान कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है। वह जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार कमल सिंह का जन्म 1963 में हुआ था। जम्मू के ओल्ड सिटी इलाके में उसकी कई दुकानें हैं। वह इन दुकानों से मिलने वाले किराए से अपना गुजारा करता है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला दावा किया। उसने कहा कि वह पिछले 20 साल से Farooq Abdullah को मारना चाहता था और इसी मौके का इंतजार कर रहा था। उसने यह भी बताया कि हमला करना उसका “पर्सनल एजेंडा” था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की वजहों की जांच जारी है।

    चश्मदीदों ने क्या बताया
    शादी समारोह में मौजूद एक चश्मदीद राकेश सिंह के मुताबिक, सभी लोग समारोह से बाहर निकल रहे थे तभी अचानक एक व्यक्ति ने पीछे से आकर डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर रिवॉल्वर तान दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और बंदूक को हटा दिया, जिससे बड़ी घटना टल गई।

    मंत्री सतीश शर्मा ने क्या कहा
    जम्मू-कश्मीर के मंत्री Satish Sharma ने कहा कि यह एक गंभीर घटना है, लेकिन Farooq Abdullah पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

  • ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी कराने में जुटी सरकार, ये दो देश कर रहे मदद

    ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी कराने में जुटी सरकार, ये दो देश कर रहे मदद


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत सरकार (Indian Government) अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान में मौजूद भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सरकार उन भारतीयों की मदद कर रही है जो ईरान से बाहर निकलना चाहते हैं। इसके लिए आर्मेनिया (Armenia) और अजरबैजान (Azerbaijan) के रास्ते लोगों को सुरक्षित बाहर लाने की व्यवस्था की जा रही है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय है और हाई अलर्ट पर काम कर रहा है। दूतावास भारतीय छात्रों, तीर्थयात्रियों और अन्य नागरिकों से लगातार संपर्क में है। जो लोग ईरान छोड़ना चाहते हैं उन्हें जमीन के रास्ते आर्मेनिया और अजरबैजान भेजा जा रहा है, जहां से वे व्यावसायिक उड़ानों के जरिए भारत लौट सकते हैं।


    ईरान में कितने भारतीय मौजूद हैं?

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक ईरान में करीब नौ हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र और तीर्थयात्री शामिल हैं। सरकार ने कहा कि कई भारतीय पहले ही सरकार की एडवाइजरी का पालन करते हुए स्वदेश लौट चुके हैं। बाकी लोगों से भी लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।


    सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए हैं?

    सरकार ने बताया कि कुछ छात्रों और आगंतुकों को सुरक्षा कारणों से ईरान के अलग-अलग शहरों में स्थानांतरित किया गया है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो चौबीसों घंटे काम कर रहा है। यहां परिवार के लोग फोन या ईमेल के जरिए जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अधिकारियों से मदद ले सकते हैं।


    खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा क्यों अहम है?

    विदेश मंत्रालय के अनुसार खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं। सरकार ने कहा कि इन सभी भारतीयों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार क्षेत्र के कई नेताओं के संपर्क में हैं और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं।


    संघर्ष में भारतीयों को कितना नुकसान हुआ?

    सरकार ने बताया कि हालिया घटनाओं में दो भारतीय नागरिकों की मौत हुई है और एक व्यक्ति लापता है। ये तीनों एक व्यापारी जहाज पर मौजूद थे, जो हमले का शिकार हुआ था। इसके अलावा कुछ भारतीय घायल भी हुए हैं। एक भारतीय इस्राइल में और एक दुबई में घायल हुआ है। दोनों का इलाज चल रहा है और भारतीय दूतावास उनके संपर्क में है।

  • संसद में आज मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी

    संसद में आज मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी


    नई दिल्ली।
    संसद (Parliament) में लोकसभा स्पीकर पद (Lok Sabha Speaker’s post) से हटाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar) के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। संभावना है कि तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में एकजुट विपक्ष (Opposition) गुरुवार को सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देगा। नोटिस पर लोकसभा के 120 और राज्यसभा के 60 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। तृणमूल की रणनीति मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को प. बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की है।


    सीईसी के खिलाफ टीएमसी को मिला कांग्रेस-सपा का साथ

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस मुहिम पर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में हुई बैठक में सहमति बनी। बैठक में राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तृणमूल के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद नोटिस देने के लिए जरूरी सांसदों के हस्ताक्षर कराए गए। योजना दोनों सदनों में नोटिस देने की है। दरअसल, महाभियोग की प्रक्रिया के लिए लोकसभा में 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है। सीईसी को हटाने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट के जजों को हटाने की तरह ही प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है।


    जल्दबाजी में क्यों हैं तृणमूल

    दरअसल पार्टी चाहती है कि अप्रैल-मई में बंगाल विधानसभा चुनाव में एसआईआर को बड़ा मुद्दा बनाने के लिए इसी सत्र में महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा हो। प्रक्रिया शुरू करने और मुख्य रूप से चर्चा के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है। यदि बृहस्पतिवार को नोटिस दिया गया तो इसी सत्र में प्रस्ताव पर चर्चा हो जाएगी। नोटिस में सीईसी पर सरकार के इशारे पर एसआईआर के बहाने जानबूझकर उचित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया गया है।


    क्या है महाभियोग की प्रक्रिया?

    मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह ही होती है। इसके लिए ‘साबित दुर्व्यवहार’ या ‘अक्षमता’ को आधार बनाना होता है। यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है। इसे पास कराने के लिए सदन के कुल सदस्यों के बहुमत और मौजूद व वोट देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।

  • साउथ हॉरर फिल्म ‘हनी’ प्राइम वीडियो पर ट्रेंडिंग, 11 साल की बेटी के साथ होती है रूह कंपाने वाली घटना

    साउथ हॉरर फिल्म ‘हनी’ प्राइम वीडियो पर ट्रेंडिंग, 11 साल की बेटी के साथ होती है रूह कंपाने वाली घटना


    नई दिल्ली। प्राइम वीडियो पर साउथ फिल्म हनी अब दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। यह फिल्म फरवरी 2026 में तेलुगू में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर अपनी कहानी और थ्रिलिंग सीन के कारण लोकप्रिय रही। अब यह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ट्रेंड कर रही है। फिल्म की कहानी साइकोलॉजिकल हॉरर और थ्रिलर पर आधारित है, जो दर्शकों के दिल-दिमाग में डर और रोमांच दोनों पैदा करती है।

    कहानी की शुरुआत और गांव का माहौल
    फिल्म की कहानी एक अंधविश्वासी गांव से शुरू होती है। गांव वाले पहाड़ी गुफाओं में शैतानी शक्तियों की पूजा करते हैं। अपनी पूजा के दौरान वे सिर पर नारियल फोड़ते हैं और अजीब रीति-रिवाज निभाते हैं। इसी माहौल में आनंद नामक मुख्य पात्र की एंट्री होती है, जो सरल और कम बोलने वाला इंसान है, लेकिन अंधविश्वास में विश्वास रखता है।

    काला जादू और धन की लालसा
    आनंद अपनी गरीबी मिटाने और अमीर बनने के लिए काले जादू का सहारा लेता है। वह शैतानी शक्तियों की पूजा करता है और धीरे-धीरे अपने परिवार को भी इसमें शामिल कर लेता है। ऑफिस में भी आनंद अपने ड्रा से काले जादू का सामान लोगों को देता है, जिससे वह खुद परेशान हो जाता है और पड़ोसी उससे दूरी बनाने लगते हैं।

    बेटी के साथ भयावह घटनाएँ
    फिल्म में सबसे खतरनाक और दिल दहला देने वाला हिस्सा यह है कि आनंद अपनी 11 साल की बेटी मीरा को भी काले जादू में शामिल करता है। उसे बिल्ली का खून लाने और राक्षसी अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए मजबूर किया जाता है। मीरा अपने पिता के डर के कारण सब कुछ करती है। इस दौरान कहानी में रोमांच तब बढ़ता है जब मूर्ति बनाने वाले आर्टिस्ट का किरदार शामिल होता है, जो मीरा और उसकी मां को आनंद से बचाने की कोशिश करता है।

    साइकोलॉजिकल हॉरर का प्रभाव
    फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण इसके साइकोलॉजिकल हॉरर सीन हैं। आनंद की पूजा और अजीब-अजीब आवाजें, बेटी पर हो रहे अत्याचार और गांव के अंधविश्वासी रीति-रिवाज दर्शकों की रूह कंपा देते हैं। अंत में भी कहानी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रहती, जिससे दर्शक फिल्म खत्म होने के बाद भी डर और सस्पेंस महसूस करते हैं।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोकप्रियता
    हनी की इस डरावनी कहानी और अनोखे हॉरर एलिमेंट्स की वजह से यह प्राइम वीडियो पर ट्रेंड कर रही है। दर्शक सोशल मीडिया पर फिल्म के सीन, थ्रिल और हॉरर इफेक्ट्स को लेकर चर्चा कर रहे हैं। 11 साल की बेटी के साथ जो घटना होती है, वह खासकर माता-पिता और हॉरर प्रेमियों के लिए बेहद भयावह और चर्चा योग्य है।

    हनी केवल एक साउथ फिल्म नहीं बल्कि साइकोलॉजिकल हॉरर थ्रिलर का बेहतरीन उदाहरण है। काले जादू, डरावने सीन और पिता-पुत्री के बीच हो रही भयावह घटनाएँ इसे प्राइम वीडियो पर ट्रेंडिंग बनाती हैं। फिल्म का अंत भी दर्शकों के लिए डर और सस्पेंस बनाए रखता है, यही वजह है कि यह अब हर हॉरर प्रेमी की वॉचलिस्ट में शामिल है।

  • 13 मार्च को ओटीटी पर बंपर धमाका, एक साथ रिलीज होंगी 9 फिल्में और वेब सीरीज

    13 मार्च को ओटीटी पर बंपर धमाका, एक साथ रिलीज होंगी 9 फिल्में और वेब सीरीज


    नई दिल्ली। वीकेंड एंटरटेनमेंट का मज़ा अब घर बैठे ही दोगुना होने वाला है। 13 मार्च, शुक्रवार को ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर 9 नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं। इनका मज़ा दर्शक अमेज़न प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, जियोहॉटस्टार और जी5 पर ले सकते हैं।

    एस्पिरेंट्स सीजन 3 – अमेज़न प्राइम वीडियो:
    मॉस्ट अवेटेड सीरीज ‘एस्पिरेंट्स 3’ शुक्रवार को प्राइम वीडियो पर दस्तक दे रही है। नवीन कस्तूरिया, शिवांकित सिंह परिहार, सनी हिंदूजा और अभिलाष थपलियाल की कहानी दर्शकों को रोमांचक और मनोरंजक अनुभव देगी।

    जूटोपिया 2 – जियोहॉटस्टार:
    एनिमेटेड फिल्म ‘जूटोपिया’ का दूसरा भाग बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आएगा। जूडी हॉप्स और निक वाइल्ड शहर के नए रहस्यों को सुलझाते नजर आएंगे।

    द ताज स्टोरी – लायंसगेट प्ले:
    परेश रावल की फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ ताजमहल से जुड़े कानूनी और सामाजिक विवादों पर आधारित है। यह फिल्म इतिहास को रोचक तरीके से पेश करती है।

    भारत महासयुलाकु विग्न्याप्ति – जी5:
    तेलुगू रोमांटिक कॉमेडी फिल्म, जिसमें शराब व्यापारी राम सत्यनारायण (रवि तेजा) की जिंदगी की उलझनें और पत्नी तथा दूसरी महिला के बीच फंसी कहानी दिखाई गई है।

    फंकी – नेटफ्लिक्स:
    केवी अनुदीप की मेटा-कॉमेडी फिल्म ‘फंकी’ में फिल्ममेकर कोमल की कहानी दिखाई गई है। पहले प्रोजेक्ट का बजट 4 करोड़ से बढ़कर 40 करोड़ रुपये हो जाता है और कॉमेडी के साथ रोमांचक ट्विस्ट भी देखने को मिलते हैं।

    लैंडलॉर्ड – जी5:
    कन्नड़ भाषा की पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म, जो 1980-90 के दशक के ग्रामीण कोलार इलाके में जमीनदार और मजदूरों के जीवन को दर्शाती है।

    नांगल – सन NXT:
    तमिल सेमी-ऑटोबायोग्राफिकल फिल्म, जिसमें तीन भाइयों और उनके कुत्ते कैथी के साथ बचपन की चुनौतियों को दिखाया गया है।

    पूकी – जी5:
    तमिल रोमांटिक ड्रामा फिल्म, जो मॉडर्न Gen-Z रिश्तों और उनकी समस्याओं पर आधारित है।

    रिजॉर्ट – जियोहॉटस्टार:
    तमिल वेब सीरीज, जिसमें ड्रॉपआउट वेत्री रिजॉर्ट के एलीट किचन में अपनी काबिलियत साबित करने का सपना पूरा करने की कोशिश करता है।

    इस शुक्रवार ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर एक साथ इन फिल्मों और सीरीज की रिलीज वीकेंड एंटरटेनमेंट के लिए दर्शकों को रोमांच और मनोरंजन का बंपर डोज़ देगी।

  • कुंभ फेम मोनालिसा की शादी और लव जिहाद विवाद पर ताऊ ने किया साफ बयान

    कुंभ फेम मोनालिसा की शादी और लव जिहाद विवाद पर ताऊ ने किया साफ बयान


    नई दिल्ली। कुंभ मेले से प्रसिद्ध हुई सोशल मीडिया स्टार मोनालिसा की केरल में अचानक शादी ने मीडिया और दर्शकों के बीच नए विवाद को जन्म दे दिया है। कुछ सूत्रों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला भी बताया, लेकिन मोनालिसा के ताऊ वर्षा भोसले ने साफ किया कि उन्हें इस एंगल की कोई जानकारी नहीं थी और मोनालिसा को केवल एक्टिंग सिखाने के बहाने केरल बुलाया गया था।

    वर्षा भोसले ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, “हमें बताया गया था कि मोनालिसा को अच्छे ट्रेनिंग के लिए केरल बुलाया जा रहा है ताकि वह जल्द काम के लिए तैयार हो सके। उसी भरोसे में वह अपने पिता के साथ केरल गई थी, लेकिन वहां अचानक शादी की खबर सामने आ गई, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।”

    उन्होंने आगे बताया कि मोनालिसा के पिता भी उस समय केरल में मौजूद थे। अचानक बने माहौल ने शादी तक स्थिति को पहुंचा दिया। पिता को बेटी के साथ निर्णय लेने के लिए थाने तक जाना पड़ा। वर्षा ने कहा, “बाप के लिए यह बेहद कठिन स्थिति होती है। बेटी अपने साथ हो और अचानक ऐसा कुछ सामने आए तो समझ नहीं आता कि क्या करें।”

    वहीं, फिल्म निर्माता सनोज मिश्रा ने इसे ‘लव जिहाद’ करार दिया और दावा किया कि मोनालिसा को एक्टिंग सिखाने के बहाने बुलाया गया और वहीं यह पूरी घटना हुई। हालांकि, मोनालिसा के ताऊ ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी और अब जो भी हुआ उसे बदलना संभव नहीं है।

    परिवार ने यह भी कहा कि यह सब बहुत अचानक हुआ और अब मोनालिसा की शादी को उसकी किस्मत का फैसला माना जा रहा है। मीडिया और सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो गया है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

    इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि मोनालिसा की शादी और इसके पीछे के कारणों को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन परिवार ने स्थिति को शांतिपूर्ण रूप से संभालने की कोशिश की है। संबंधित अधिकारियों और पुलिस की जांच के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • बुध देव के उदय से इन 5 राशि वालों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ और गोल्डन पीरियड की होगी शुरुआत

    बुध देव के उदय से इन 5 राशि वालों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ और गोल्डन पीरियड की होगी शुरुआत

    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुध देव को बुद्धि, तर्कशक्ति, संवाद और व्यापार का कारक माना गया है। जब बुध देव अपनी चाल बदलते हैं, तो इसका असर व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और आर्थिक स्थिति पर दिखाई देता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 18 मार्च 2026 को बुध देव उदित अवस्था में लौट रहे हैं और यह स्थिति 27 अप्रैल 2026 तक रहेगी। इस अवधि में बुध देव किन 5 राशि वालों की किस्मत संवारेंगे, जानिए।

    मेष राशि
    मेष राशि वालों के लिए बुध देव का उदय शुभ प्रभाव लाएगा। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी बुद्धिमत्ता और वाकपटुता की सराहना होगी। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। फंसा हुआ धन वापस मिलने के योग हैं और निवेश से लाभ होने की संभावना है। भाई-बहनों के साथ रिश्तों में सुधार आएगा और घर का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध देव का उदय अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। छात्रों और लेखकों के लिए यह समय स्वर्णिम है। आपकी रचनात्मकता अपने चरम पर होगी। व्यापारियों को नए सौदे मिल सकते हैं, जिससे मुनाफा बढ़ेगा। मानसिक तनाव कम होगा और आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए बुध देव का उदय खुशहाली लेकर आएगा। भाग्य स्थान में बुध की मजबूती से अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। परिवार के साथ धार्मिक स्थल की यात्रा के योग बन रहे हैं। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आपकी सलाह को महत्व देंगे।

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए यह समय साझेदारी और रिश्तों को मजबूत करने वाला है। जीवनसाथी के साथ पुराने विवाद सुलझेंगे और तालमेल बढ़ेगा। साझेदारी में काम करने वालों के लिए बड़ी व्यावसायिक डील फाइनल होने के योग हैं। यदि कोई कोर्ट-कचहरी का मामला चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है।

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों के लिए बुध देव का उदय धन और ज्ञान में वृद्धि करेगा। शेयर बाजार या पैतृक संपत्ति से अचानक लाभ मिलने के संकेत हैं। नई चीजें सीखने या नया स्टार्टअप शुरू करने के लिए यह समय सबसे उपयुक्त है। शिक्षा के क्षेत्र में संतान की उपलब्धि से मन प्रसन्न रहेगा।

    नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।

  • वजन घटाने के चक्कर में इंटरमिटेंट फास्टिंग से सावधान! जानें इसके खतरनाक असर

    वजन घटाने के चक्कर में इंटरमिटेंट फास्टिंग से सावधान! जानें इसके खतरनाक असर


    नई दिल्ली । आजकल तेजी से वजन कम करने और फिट दिखने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। इसमें लोग 14 से 16 घंटे तक भूखे रहते हैं और केवल एक सीमित समय में भोजन करते हैं। सोशल मीडिया और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स इसे ‘जादुई वजन घटाने का तरीका’ बता रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे गलत तरीके से अपनाने पर शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    महिलाओं के हॉर्मोन्स पर असर
    महिलाओं का हॉर्मोनल सिस्टम पुरुषों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होता है। लंबे समय तक भूखा रहने से शरीर तनाव की स्थिति में चला जाता है और कोर्टिसोल स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसका सीधा असर पीरियड्स, थायरॉयड फंक्शन और फर्टिलिटी पर पड़ सकता है। कई शोध बताते हैं कि अनियमित उपवास से प्रजनन क्षमता से जुड़े हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है।

    पाचन और ब्लड शुगर पर असर

    पाचन तंत्र को समय पर ईंधन की जरूरत होती है। भोजन में देरी से वात दोष बढ़ जाता है, जिससे गैस, सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बार-बार शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होने से बेहोशी, चक्कर और घबराहट की शिकायत भी हो सकती है।

    मांसपेशियों में कमजोरी

    इंटरमिटेंट फास्टिंग का एक बड़ा नुकसान मसल लॉस है। जब शरीर को समय पर कैलोरी नहीं मिलती तो यह ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को गलाने लगता है। परिणामस्वरूप वजन तो कम दिखता है लेकिन शरीर अंदर से कमजोर और खोखला हो जाता है। 6-8 घंटे की ईटिंग विंडो में प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा लेना मुश्किल हो जाता है।

    कौन रहें सावधान

    डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, गर्भवती महिलाएं और ईटिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचें। विशेषज्ञों का सुझाव है कि वजन घटाने के लिए क्रैश डाइट के बजाय संतुलित आहार, पोषक तत्वों से भरपूर भोजन और नियमित व्यायाम को अपनाएं। किसी भी ट्रेंड या डाइट को अपनाने से पहले हेल्थ रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।