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  • एसीबी का बड़ा फैसला, क्षेत्रीय तनाव के चलते टली अफगानिस्तान-श्रीलंका सीरीज

    एसीबी का बड़ा फैसला, क्षेत्रीय तनाव के चलते टली अफगानिस्तान-श्रीलंका सीरीज


    नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर भी पड़ने लगा है। Afghanistan Cricket Board (एसीबी) ने बुधवार को घोषणा की कि Afghanistan national cricket team और Sri Lanka national cricket team के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज फिलहाल स्थगित कर दी गई है। यह सीरीज 13 मार्च से संयुक्त अरब अमीरात में शुरू होने वाली थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उड़ानों पर लगी रोक और अन्य लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण इसे टालने का फैसला लिया गया। बोर्ड के अनुसार अब इस सीरीज के 2026 के अंत में आयोजित होने की संभावना है।

    यूएई में होना था मुकाबला
    यह सीरीज अफगानिस्तान के लिए खास होने वाली थी, क्योंकि वह पहली बार श्रीलंका की मेजबानी करने जा रहा था। मैचों का आयोजन Sharjah Cricket Stadium और Dubai International Cricket Stadium में किया जाना था। कार्यक्रम के अनुसार 13, 15 और 17 मार्च को शारजाह में तीन टी20 मैच खेले जाने थे, जबकि 20, 22 और 25 मार्च को दुबई में तीन वनडे मुकाबले निर्धारित थे। दोनों टीमों के बीच होने वाली इस सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी उत्साह था।

    तैयारियां पूरी, लेकिन हालात बने बाधा
    एसीबी ने अपने बयान में बताया कि इस सीरीज की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई थीं। आयोजन के लिए Emirates Cricket Board से मंजूरी भी मिल चुकी थी और दोनों मैदानों पर मैचों के आयोजन की व्यवस्था कर ली गई थी। हालांकि मार्च की शुरुआत में अचानक क्षेत्रीय हालात बिगड़ने से यात्रा और आयोजन से जुड़ी कई चुनौतियां सामने आ गईं। इन परिस्थितियों में टीमों के आवागमन, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।

    लगातार बैठकों के बाद लिया गया फैसला
    स्थिति को देखते हुए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने विभिन्न संबंधित संस्थाओं के साथ कई दौर की बातचीत की। बोर्ड ने Emirates Cricket Board, Sharjah Cricket Stadium और Dubai International Cricket Stadium के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर हालात का आकलन किया। 4 मार्च को हुई एक संयुक्त बैठक में तय किया गया कि स्थिति पर नजर रखी जाए और 6 मार्च तक हालात की समीक्षा की जाए। इसके बाद 7 मार्च को हुई अगली बैठक में अंतिम निर्णय लेने से पहले 9 मार्च तक इंतजार करने की सलाह दी गई।

    श्रीलंका बोर्ड की सहमति से लिया गया निर्णय
    अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लगातार Sri Lanka Cricket को दी जाती रही। अंततः दोनों बोर्डों के बीच सहमति बनने के बाद सीरीज को स्थगित करने का फैसला लिया गया। बोर्ड के अनुसार खिलाड़ियों की सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी अनिश्चितताओं को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।

    नई तारीखों की जल्द होगी घोषणा
    एसीबी ने कहा है कि सीरीज को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे आगे के लिए टाल दिया गया है। बोर्ड जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगा ताकि दोनों टीमों के बीच यह सीरीज आयोजित की जा सके। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने यह भी दोहराया कि वह श्रीलंका क्रिकेट के साथ अपने मजबूत क्रिकेट संबंधों को आगे भी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

    प्रशंसकों को करना होगा इंतजार
    इस फैसले के बाद क्रिकेट प्रशंसकों को अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच इस बहुप्रतीक्षित सीरीज के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि बोर्ड का कहना है कि जैसे ही परिस्थितियां सामान्य होंगी, दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रशंसकों को रोमांचक क्रिकेट देखने का मौका मिल सके।

  • अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का बड़ा फैसला, रणधीर सिंह सेहरावत को सौंपी गुजरात जायंट्स की कमान

    अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का बड़ा फैसला, रणधीर सिंह सेहरावत को सौंपी गुजरात जायंट्स की कमान


    नई दिल्ली। आगामी Pro Kabaddi League (पीकेएल) सीजन से पहले बड़ा बदलाव करते हुए Adani Sportsline ने अनुभवी कबड्डी कोच Randhir Singh Sehrawat को Gujarat Giants का नया हेड कोच नियुक्त किया है। कबड्डी जगत में “कबड्डी के चाणक्य” के नाम से मशहूर सेहरावत लीग के सबसे अनुभवी कोचों में गिने जाते हैं। 2014 में पीकेएल की शुरुआत से ही वे इस प्रतिष्ठित लीग से जुड़े रहे हैं और अपनी रणनीति तथा टीम प्रबंधन के लिए खास पहचान बना चुके हैं। उनकी नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि गुजरात जायंट्स आगामी सीजन में दमदार प्रदर्शन कर सकेगी।

    पीकेएल में लंबा और सफल अनुभव
    रणधीर सिंह सेहरावत का कोचिंग करियर काफी सफल रहा है। उनके मार्गदर्शन में टीमों ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके कार्यकाल में उनकी टीम ने पीकेएल सीजन-6 का खिताब जीतने में सफलता पाई थी और छह बार प्लेऑफ तक पहुंचने का कारनामा भी किया। लीग में उनके लंबे अनुभव और खेल की गहरी समझ को देखते हुए उन्हें रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत कोच माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें कबड्डी जगत में “कबड्डी का चाणक्य” कहा जाता है।

    अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित दिग्गज
    रणधीर सिंह सेहरावत को खेल में उनके योगदान के लिए अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने न केवल प्रोफेशनल लीग में बल्कि घरेलू स्तर पर भी कबड्डी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे लंबे समय तक भारतीय रेलवे की कबड्डी टीम के कोच रहे हैं। उनके नेतृत्व में रेलवे की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने कई राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिताब जीते और देश में कबड्डी के स्तर को ऊंचा उठाने में अहम योगदान दिया।

    खिलाड़ी के तौर पर भी रहा शानदार करियर
    कोच बनने से पहले रणधीर सिंह सेहरावत खुद भी एक सफल कबड्डी खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 1988 की एशियन कबड्डी चैंपियनशिप, 1989 के साउथ एशियन गेम्स और 1990 के एशियन गेम्स शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने भारतीय टीम के उप-कप्तान के रूप में जिम्मेदारी निभाई और टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित
    हेड कोच बनने पर रणधीर सिंह सेहरावत ने खुशी जाहिर की और कहा कि वे फिर से प्रो कबड्डी लीग का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “मैं पीकेएल में वापसी कर बहुत खुश हूं और इस अवसर के लिए अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का आभारी हूं। गुजरात जायंट्स में युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है। मैं टीम के साथ काम करने और उसे खिताब की दौड़ में आगे ले जाने के लिए उत्सुक हूं।”

    टीम को मजबूत बनाने पर जोर
    अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के मुख्य बिजनेस अधिकारी Sanjay Adesara ने भी इस नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि रणधीर सिंह सेहरावत का अनुभव और खेल की गहरी समझ टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उनके अनुसार सेहरावत की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता से टीम के खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और आगामी पीकेएल सीजन में टीम का अभियान मजबूत होगा।

    प्रतिस्पर्धी टीम बनाने की तैयारी
    रणधीर सिंह सेहरावत की नियुक्ति से साफ संकेत मिलता है कि अदाणी स्पोर्ट्सलाइन आगामी सीजन के लिए गुजरात जायंट्स को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी टीम के रूप में तैयार करना चाहती है। टीम प्रबंधन का मानना है कि अनुभवी कोच के मार्गदर्शन में युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरेगी और टीम बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी।

    खिताब पर होगी नजर
    आगामी पीकेएल सीजन में गुजरात जायंट्स की नजर खिताब पर होगी। रणधीर सिंह सेहरावत जैसे अनुभवी कोच की मौजूदगी से टीम की रणनीति और प्रदर्शन दोनों में मजबूती आने की उम्मीद है। कबड्डी प्रेमियों को भी उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में टीम नई ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरेगी और लीग में मजबूत चुनौती पेश करेगी।।

  • MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा

    MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा


    रतलाम । मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। रतलाम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो टीमों को अलग अलग दिशा में तैनात किया है। सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में स्कूल संचालिका संयोगिता सिंह से पूछताछ की गई। पुलिस ने पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया, जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों, रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल है।

    एसपी अमित कुमार ने बताया कि जांच के लिए SIT गठित की गई है। एक टीम भोपाल गई है, जहां परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जैसे सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। दूसरी टीम 12 संदिग्ध अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की ओर गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर जांच को और तेज कर दिया गया है।

    जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत असामान्य तरीके से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक माउस तक हाथ नहीं लगाया और चुपचाप बैठे रहे। इसके बाद 15 मिनट और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर दिए। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती में शामिल हुए थे, लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन्हें 90 से अधिक अंक मिले और 100 पर्सेंटाइल हासिल हुई।

    जानकारी के मुताबिक सभी 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद दी थी। ये अभ्यर्थी अलग अलग तारीख और शिफ्ट में परीक्षा देने आए, लेकिन मदद करने वाला वही था और केंद्र भी एक ही था।परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने किया था। यह कंपनी पहले उत्तर प्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के मामलों में ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है।

    रतलाम पब्लिक स्कूल में लगभग 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था। ईएसबी ने बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद स्कूल को आगामी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है।

    इस मामले में 2 मार्च को भोपाल थाने में शून्य पर केस दर्ज किया गया। केस डायरी रतलाम ट्रांसफर की गई और असल मर्ग कायम किया गया। पुलिस सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
    CSO सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि SIT की दो टीमें अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ काम कर रही हैं। एक टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, जबकि दूसरी टीम आगे की जांच में मदद कर रही है।

  • वैश्विक तनाव पर फिल्ममेकर प्रकाश झा का बयान, नेताओं की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार

    वैश्विक तनाव पर फिल्ममेकर प्रकाश झा का बयान, नेताओं की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार


    नई दिल्ली। सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर आधारित फिल्में बनाने के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर फिल्ममेकर Prakash Jha ने दुनिया के मौजूदा हालात और कलाकारों की जिम्मेदारी पर खुलकर अपनी राय रखी है। Satyagraha, Raajneeti, Gangaajal, Jai Gangaajal और Aarakshan जैसी गंभीर विषयों पर आधारित फिल्मों का निर्माण कर चुके झा का मानना है कि आज दुनिया में जो संघर्ष और अस्थिरता दिखाई दे रही है, वह काफी हद तक जनता द्वारा चुने गए नेताओं की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फैसले समाज और दुनिया की दिशा तय करते हैं, इसलिए उनके प्रभाव से कोई भी अछूता नहीं रहता।

    नई वेब सीरीज ‘संकल्प’ को लेकर उत्साहित
    इन दिनों प्रकाश झा अपनी आने वाली वेब सीरीज Sankalp को लेकर भी काफी उत्साहित हैं। इस सीरीज की निर्माता उनकी बेटी Disha Jha हैं और यह जल्द ही एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली है। झा का कहना है कि वे हमेशा ऐसी कहानियां चुनने की कोशिश करते हैं जिनका समाज से गहरा संबंध हो और जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करें।

    दुनिया बदलती रही, मैं देखता रहा
    आईएएनएस से बातचीत में प्रकाश झा ने कहा कि वर्तमान समय काफी दिलचस्प है, क्योंकि दुनिया तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा, “लोग ऐसे नेताओं को चुन रहे हैं जिनकी सोच, राजनीति और नेतृत्व शैली पहले से अलग है। मेरे लिए यह देखना रोचक है कि दुनिया किस तरह बदलती रही है। मैंने इन बदलावों को करीब से देखा है और हमेशा यह समझने की कोशिश की है कि इसके पीछे कौन-से सिस्टम काम करते हैं।”

    कलाकार की जिम्मेदारी पर दिया जोर
    प्रकाश झा की फिल्मों में हमेशा समाज और राजनीति की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि वे दुनिया में घट रही घटनाओं को कहानियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएं। उनके अनुसार कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज के सच को सामने लाने का भी जरिया है। उन्होंने कहा, “मेरा काम है कि दुनिया में जो कुछ हो रहा है, उसे कहानियों के जरिए लोगों तक पहुंचाऊं। यही मेरे काम का सबसे दिलचस्प हिस्सा है और मैंने हमेशा इसका आनंद लिया है।”

    समय के साथ बदलना ही सच्चाई
    फिल्ममेकर का मानना है कि कोई भी व्यक्ति अकेले समय या परिस्थितियों को पूरी तरह बदल नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमें समय के साथ खुद को ढालना पड़ता है और यही जीवन की सच्चाई है। झा के अनुसार वे दुनिया में हो रही घटनाओं से प्रभावित होते हैं और उन्हें अपनी कहानियों में दर्शाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग इन मुद्दों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

    मानवता देखकर जगता है विश्वास
    प्रकाश झा ने कहा कि जब वे दुनिया में दया, विनम्रता और मानवता के उदाहरण देखते हैं तो उनमें उम्मीद और विश्वास जागता है। लेकिन जब कहीं तबाही, हिंसा, मौत और पीड़ा दिखाई देती है तो स्वाभाविक रूप से दुख भी होता है। उनके अनुसार यह जीवन का हिस्सा है और हमें इन घटनाओं के पीछे के कारणों को समझने की जरूरत है, तभी समस्याओं को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

    संघर्षों के पीछे नीतियां जिम्मेदार
    दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर चिंता जताते हुए प्रकाश झा ने कहा कि इनका संबंध अक्सर राजनीतिक फैसलों और नीतियों से होता है। उनका मानना है कि जब नेता अपने फैसले लेते हैं तो उनका असर केवल एक देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि लोग अपने नेताओं को चुनते समय उनके विचारों और नीतियों को गंभीरता से समझें।

    जागरूकता फैलाना कलाकार का दायित्व
    प्रकाश झा का कहना है कि कलाकार समाज का संवेदनशील दर्पण होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कलाकारों का कर्तव्य है कि वे अपने काम के जरिए समाज में जागरूकता फैलाएं और लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करें। उनके अनुसार अगर कला के माध्यम से लोग समस्याओं को समझने लगें तो समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।

  • भारत सीमा के पास चीन का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान: 394 किमी लंबा रणनीतिक राजमार्ग बनाएगा बीजिंग

    भारत सीमा के पास चीन का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान: 394 किमी लंबा रणनीतिक राजमार्ग बनाएगा बीजिंग


    बीजिंग। भारत से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में चीन अपनी रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में परिवहन नेटवर्क को विस्तार देने की योजना बनाई गई है। इसी योजना के तहत शिनजियांग क्षेत्र में स्थित तियानशेन पर्वत श्रृंखला के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने के लिए लगभग 394 किलोमीटर लंबा राजमार्ग बनाया जाएगा।

    यह परियोजना चीन की राष्ट्रीय विधायिका National People’s Congress की मंजूरी के लिए भेजी गई है। प्रस्तावित राजमार्ग विवादित Aksai Chin क्षेत्र के पास बने उस रणनीतिक मार्ग के समानांतर होगा, जिसे Sino‑Indian War के बाद सैन्य गतिविधियों को तेज करने के लिए तैयार किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक दुशांजी–कुका राजमार्ग नाम की इस परियोजना को वर्ष 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    इस योजना में केवल नया राजमार्ग ही नहीं बल्कि Tibet की ओर जाने वाले तीन मौजूदा हाईवे के आधुनिकीकरण का भी प्रस्ताव शामिल है। चीन सरकार का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल सैन्य गतिशीलता बढ़ेगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

    चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में तकनीकी क्षेत्रों पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी निर्माण और उन्नत तकनीकों के विकास को प्राथमिकता दी गई है, ताकि धीमी पड़ रही अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सके। इस योजना को सत्तारूढ़ Chinese Communist Party पहले ही मंजूरी दे चुकी है और अब इसे औपचारिक स्वीकृति के लिए एनपीसी के सामने रखा गया है।

    चीन की इन परियोजनाओं ने भारत समेत क्षेत्र के कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले चीन ने Brahmaputra River पर तिब्बत में दुनिया के सबसे बड़े बांध के निर्माण की शुरुआत भी की थी। करीब 170 अरब डॉलर की लागत वाली इस परियोजना से नदी के प्रवाह और जल संसाधनों को लेकर भारत और Bangladesh में भी चिंता जताई गई थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा के पास चीन के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक महत्व भी रखते हैं, जिससे आने वाले समय में क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर असर पड़ सकता है।

  • मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई… प्रोड्यूसर की वजह से एक महीने से काम से दूर रहीं अदा शर्मा, वीडियो में बयां किया दर्द

    मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई… प्रोड्यूसर की वजह से एक महीने से काम से दूर रहीं अदा शर्मा, वीडियो में बयां किया दर्द


    नई दिल्ली। फिल्म The Kerala Story से सुर्खियों में आईं बॉलीवुड एक्ट्रेस Adah Sharma इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। अदा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रोड्यूसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शूटिंग की तारीखों को बार-बार बदलने की वजह से उन्हें पिछले एक महीने से बिना काम के बैठना पड़ रहा है।

    अदा शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक साथ तीन फिल्मों के लिए अपनी तारीखें तय की थीं। लेकिन एक फिल्म के प्रोड्यूसर ने लगातार शूटिंग डेट्स में बदलाव किया। जब यह बात अन्य प्रोड्यूसर्स को पता चली तो उन्होंने भी अपनी शूटिंग की तारीखों में बदलाव कर लिया ताकि शेड्यूल टकराए नहीं।

    एक्ट्रेस के मुताबिक समस्या तब और बढ़ गई जब पहले प्रोड्यूसर ने अचानक फिर से अपनी शूटिंग डेट्स बदल दीं और कहा कि अब उन्हें पहले तय की गई तारीखें नहीं चाहिए। इस वजह से बाकी फिल्मों का शेड्यूल भी बिगड़ गया और अदा को नए प्रोजेक्ट्स लेने में परेशानी होने लगी।

    अदा ने अपने वीडियो में कहा, “मैं पिछले एक महीने से खाली बैठी हूं। पूरी तरह से इमोशनली, मेंटली, प्रोफेशनली और फाइनेंशियली प्रभावित हुई हूं। ऐसा लगता है जैसे मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सभी लोग ऐसे नहीं होते, कई अच्छे लोग भी हैं जो कलाकारों का सम्मान करते हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अदा शर्मा ने फिल्म The Kerala Story से बड़ी पहचान हासिल की थी। कम बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और अदा के अभिनय की भी काफी तारीफ हुई।

    हाल ही में एक इंटरव्यू में अदा ने The Kerala Story 2 को लेकर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि किसी फिल्म में उनका हिस्सा होना या न होना कलाकार और निर्माता के बीच की बात होती है, इसलिए वे बिना वजह चर्चा में नहीं रहना चाहतीं।

    फिलहाल अदा के फैंस उनके अगले प्रोजेक्ट का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही वह नए और दमदार किरदार में स्क्रीन पर नजर आएंगी।

  • मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट

    मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में 19 जून 2026 को तीन राज्यसभा सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से दो सीटें भाजपा के डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन के नाम हैं जबकि कांग्रेस की सीट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  के पास थी। हालांकि दिग्विजय सिंह ने पहले ही राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया है और अपनी सीट खाली करने की घोषणा की है।

    दिग्विजय के इनकार के बाद कांग्रेस के भीतर इस सीट के लिए कई छोटे बड़े नेताओं ने दावेदारी शुरू कर दी है। पार्टी के अंदर इस सीट को जीतने को लेकर टेंशन का माहौल है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि यदि 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें तो यह सीट भाजपा के हाथ में जा सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा विधायकों को अगले चुनाव की टिकट और अन्य ऑफर देकर क्रॉस वोटिंग के लिए प्रेरित कर सकती है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा हर जगह तोड़फोड़ का प्रयास करती है लेकिन कांग्रेस मजबूत है और राज्यसभा सीट पार्टी की ही रहेगी। वहीं बीजेपी के अभिलाष पांडे का कहना है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं और भाजपा अपने काम पर भरोसा रखती है।

    इस बार तीन सीटों पर चुनाव में 230 विधायक वोटिंग करेंगे। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास फिलहाल 65 विधायक हैं जिनमें से एक विधायक अब भाजपा के साथ हैं। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाईकोर्ट द्वारा शून्य कर दिया गया है इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो कांग्रेस के पास 63 विधायक ही रहेंगे। ऐसे में यदि 5 से 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं तो सीट हाथ से जा सकती है।

    भाजपा के पास विधानसभा में 164 विधायक हैं बीना विधायक के समर्थन से संख्या 165 हो सकती है। इसके अलावा बीएपी के एक मात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार का वोट भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    क्रॉस वोटिंग का इतिहास भी सामने है। 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में क्रॉस वोटिंग हुई थी। विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को केवल 79 वोट मिले थे जबकि अपेक्षित संख्या 103 थी। 2020 के राज्यसभा चुनाव में भी दिग्विजय सिंह 52 वोटों की आवश्यकता के बावजूद 57 वोट लेकर जीत गए थे।

    राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष होते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक चुनते हैं। हर दो साल में राज्यसभा का एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। कुल 245 सीटों में से 233 पर अप्रत्यक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव में जीत के लिए विधायकों की संख्या और सीटों के आधार पर कोटा तय होता है। एक विधायक का वोट मूल्य 100 माना जाता है।

    इस बार कांग्रेस में दिग्विजय सिंह वाली सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं जैसे प्रदीप अहिरवार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को भी दावेदारी में शामिल किया गया है। पार्टी के भीतर सीट को सुरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है लेकिन क्रॉस वोटिंग का खतरा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

  • स्मृति मंधाना शीर्ष पर बरकरार, हरमनप्रीत कौर और अन्य स्टार खिलाड़ियों ने रैंकिंग में लगाई छलांग

    स्मृति मंधाना शीर्ष पर बरकरार, हरमनप्रीत कौर और अन्य स्टार खिलाड़ियों ने रैंकिंग में लगाई छलांग


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना एक बार फिर आईसीसी महिलाओं की वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बरकरार हैं। मंगलवार, 10 मार्च को जारी रैंकिंग में मंधाना ने अपनी स्थिरता और बेहतरीन फॉर्म का परिचय देते हुए टॉप पायदान बनाए रखा। उनके अलावा भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल हैं और वर्तमान में वे 8वें स्थान पर हैं।

    हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत की 0-3 से हार के बावजूद टीम के अन्य खिलाड़ियों ने रैंकिंग में अच्छे अंक जुटाए। जेमिमा रोड्रिग्स 12वें स्थान पर खिसक गई हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन भविष्य में उन्हें फिर से शीर्ष पायदान दिला सकता है।

    न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने भी मचाया धमाल
    न्यूजीलैंड की टीम शानदार फॉर्म में है। नई कप्तान मेलानी केर ने सीरीज के पहले मैच में चार विकेट और दूसरे मैच में सात विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। केर अब एकदिवसीय गेंदबाजों की सूची में पांच पायदान ऊपर बढ़कर 11वें स्थान पर हैं और ऑलराउंडर रैंकिंग में पांचवें नंबर पर बनी हुई हैं।

    टीम की अन्य स्टार खिलाड़ियों में ब्रुक हैलीडे ने आठ पायदान ऊपर उठकर 11वें स्थान पर कब्जा किया, वहीं मैडी ग्रीन चार पायदान ऊपर आकर 22वें स्थान पर पहुंचीं। हैलीडे ने पहले मैच में 117 गेंदों में नाबाद 157 रन बनाए, जबकि ग्रीन ने लगातार दो मैचों में 94 रन का योगदान दिया।

    वेस्टइंडीज और श्रीलंका की झलक
    वेस्टइंडीज की बल्लेबाज हसिनी परेरा ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे मैच में नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम को जीत दिलाई। इससे हसिनी रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर उठकर 28वें पायदान पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा इमेशा दुलानी को 17 स्थान का फायदा हुआ और वे 72वें नंबर पर आ गई हैं। उनकी हमवतन कविशा दिलहारी ने गेंदबाजी रैंकिंग में तीन स्थान ऊपर जाकर 21वें और ऑलराउंडर रैंकिंग में 11वें स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की।

    गेंदबाजी में भी वेस्टइंडीज की एफी फ्लेचर ने आखिरी दो मैचों में तीन विकेट लेकर चार स्थान ऊपर चढ़कर सातवें पायदान पर जगह बनाई।

    इस रैंकिंग से साफ है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम में स्टार खिलाड़ियों की निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन टीम की मजबूती को दर्शाता है। स्मृति मंधाना का शीर्ष स्थान बरकरार रहना और हरमनप्रीत कौर की टॉप 10 में मौजूदगी टीम के भविष्य के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है।

  • जब टीवी पर सुनी श्रेया घोषाल की आवाज, संजय लीला भंसाली ने दिया पहला बड़ा मौका

    जब टीवी पर सुनी श्रेया घोषाल की आवाज, संजय लीला भंसाली ने दिया पहला बड़ा मौका


    नई दिल्ली। अक्सर आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को यह भी स्पष्ट नहीं होता कि वे आगे किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, लेकिन उसी उम्र में एक लड़की बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने का सपना देख रही थी। वह नहीं जानती थी कि एक दिन उसकी आवाज हिंदी सिनेमा की पहचान बन जाएगी। हम बात कर रहे हैं मशहूर गायिका Shreya Ghoshal की, जो 12 मार्च को अपना 41वां जन्मदिन मना रही हैं। कोटा के एक छोटे से गांव से निकलकर संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली श्रेया आज भारतीय फिल्म संगीत की सबसे लोकप्रिय आवाजों में से एक मानी जाती हैं।

    मां से मिली संगीत की पहली सीख
    कहा जाता है कि मां ही बच्चे की पहली गुरु होती है और श्रेया घोषाल के जीवन में भी यह बात पूरी तरह सच साबित हुई। उनकी मां स्वयं बहुत अच्छा गाती थीं और उन्होंने ही छोटी उम्र में श्रेया की प्रतिभा को पहचान लिया था। महज छह साल की उम्र में ही उन्होंने श्रेया को संगीत की शिक्षा दिलानी शुरू कर दी। स्कूल के वार्षिक समारोहों में जब भी श्रेया मंच पर गातीं, उनकी आवाज सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते। आगे चलकर उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार Kalyanji और गुरु Mukta Bhide से शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसने उनकी गायकी को मजबूत आधार दिया।

    पढ़ाई में साइंस, दिल में संगीत
    बहुत कम लोग जानते हैं कि श्रेया घोषाल पढ़ाई में साइंस की छात्रा रही हैं। उन्होंने 12वीं तक साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई की थी, लेकिन संगीत के प्रति उनके जुनून ने उन्हें आगे चलकर आर्ट्स की पढ़ाई और संगीत प्रशिक्षण की ओर मोड़ दिया। हालांकि तब तक उनकी आवाज लाखों लोगों तक पहुंचने लगी थी और उनका करियर एक नए मोड़ की ओर बढ़ रहा था।

    टीवी शो से मिला बड़ा मौका
    श्रेया घोषाल के करियर का सबसे अहम मोड़ तब आया जब उन्होंने लोकप्रिय म्यूजिक रियलिटी शो Sa Re Ga Ma Pa में हिस्सा लिया। इस शो में उनकी गायकी ने जजों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया और वे फाइनल तक पहुंचीं। इसी दौरान एक दिन निर्देशक Sanjay Leela Bhansali अपनी मां के साथ टीवी पर यह शो देख रहे थे। उस समय वे फिल्म Hum Dil De Chuke Sanam बना रहे थे और उनके मन में भविष्य में Devdas बनाने का विचार भी चल रहा था। श्रेया की आवाज सुनते ही वे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तय कर लिया कि आने वाली फिल्म में पारो के किरदार के लिए यही आवाज उपयुक्त रहेगी।

    ‘बैरी पिया’ से बदल गई किस्मत
    भंसाली ने शो के जरिए ही श्रेया से संपर्क किया और उन्हें फिल्म देवदास का गाना Bairi Piya गाने का मौका दिया। उस समय श्रेया की उम्र सिर्फ साढ़े पंद्रह साल थी। शास्त्रीय संगीत की मजबूत पृष्ठभूमि होने के कारण यह गाना उनके लिए बहुत कठिन नहीं था। कहा जाता है कि रिकॉर्डिंग के दिन उन्होंने पहली ही कोशिश में गाना इतनी खूबसूरती से गाया कि सभी लोग हैरान रह गए। भंसाली उनकी गायकी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें गले लगा लिया।

    पहले ही गाने से मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
    श्रेया घोषाल के करियर की शुरुआत ही ऐतिहासिक रही। देवदास के इस गाने ने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी और उन्हें अपने पहले ही फिल्मी गीत के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छूती चली गईं।

    20 से अधिक भाषाओं में गाए गीत
    आज श्रेया घोषाल हिंदी ही नहीं बल्कि 20 से अधिक भाषाओं में गाने गा चुकी हैं। उनकी मधुर आवाज ने भारतीय संगीत जगत को कई यादगार गीत दिए हैं। उन्होंने Sun Raha Hai Na Tu, Tujh Mein Rab Dikhta Hai, Jadu Hai Nasha Hai और Manwa Laage जैसे कई सुपरहिट रोमांटिक गीत गाए हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका नाम सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली महिला गायिकाओं में भी दर्ज किया जाता है।

    संगीत की दुनिया की अमिट आवाज
    टीवी के एक मंच से शुरू हुआ यह सफर आज भारतीय संगीत जगत की सबसे चमकदार कहानी बन चुका है। श्रेया घोषाल की आवाज ने न सिर्फ फिल्मों को नई पहचान दी बल्कि लाखों श्रोताओं के दिलों में भी खास जगह बनाई है। उनकी गायकी आज भी उतनी ही ताजगी और भावनाओं से भरी हुई है, जितनी उनके करियर की शुरुआत में थी।

  • ग्वालियर में HPV वैक्सीन लगने के बाद 5 किशोरियों की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती; परिजन बोले बिना जानकारी वैक्सीन लगाई गई

    ग्वालियर में HPV वैक्सीन लगने के बाद 5 किशोरियों की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती; परिजन बोले बिना जानकारी वैक्सीन लगाई गई

    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में सर्वाइकल कैंसर बचाव अभियान के तहत HPV वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन लगवाने के बाद पांच किशोरियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रभावित बच्चियां पिछोर के बारकरी जिगनिया गांव की रहने वाली बताई जा रही हैं। उनका नाम क्रमशः अनजली, पूनम, रजनी, भारती और रेखा है।

    मिली जानकारी के अनुसार सभी बच्चियां 14 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी थीं और राज्य सरकार के मुफ्त वैक्सीनेशन अभियान के तहत टीका लगवाया गया था। वैक्सीन लगने के कुछ ही समय बाद सभी बच्चियों को चक्कर, उल्टी और कमजोरी जैसी शिकायतें हुईं। तुरंत उन्हें डबरा के सिविल अस्पताल डबरा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच की और इलाज के बाद स्थिति में सुधार हुआ।

    परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनकी सहमति और जानकारी के बिना ही वैक्सीन लगा दी। उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले जानकारी दी जाती तो वह टीका लगवाने से पहले तैयार हो सकते थे। परिवार का यह भी कहना है कि वैक्सीन के बाद उनकी बच्चियों की अचानक तबीयत बिगड़ना चिंता का विषय है और इस पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

    मध्य प्रदेश सरकार ने फरवरी मार्च 2026 में 14 15 वर्ष की लगभग 8 लाख किशोरियों को मुफ्त HPV वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया है। यह वैक्सीन बाजार में लगभग 4000 रुपये प्रति डोज की कीमत वाली है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। इसका मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर से बचाव करना है, जो महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर माना जाता है और HPV वायरस के संक्रमण से होता है।

    स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीन सुरक्षित है और सभी जरूरी मानक का पालन करते हुए लगाई जाती है। वहीं इस घटना की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि क्या वैक्सीन के बाद होने वाली समस्याएं वैक्सीन से संबंधित थीं या किसी अन्य कारण से हुईं। विभाग ने आश्वस्त किया है कि सभी प्रभावित बच्चियों का उचित इलाज किया जा रहा है और उन्हें पूर्ण स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाएगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम संभव है और यह किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। परिजनों और स्वास्थ्य अधिकारियों को बेहतर सूचना और जागरूकता के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।