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  • भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारी, विश्व कप 2026 में स्थान पक्का करने का अभियान

    भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारी, विश्व कप 2026 में स्थान पक्का करने का अभियान


    नई दिल्ली। महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफायर का आगाज हैदराबाद, तेलंगाना में रविवार से होने जा रहा है और भारतीय महिला हॉकी टीम इस टूर्नामेंट में अपनी विश्व कप की जगह पक्की करने के इरादे के साथ उतरेगी। मेजबान भारत के अलावा इस क्वालिफायर में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया जैसी टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है, जिसमें ग्रुप ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स शामिल हैं। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। फाइनल के अलावा एक कांस्य पदक मैच भी खेला जाएगा।

    क्वालिफायर में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीमें सीधे महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफाई करेंगी। इसके अलावा हैदराबाद में चौथे स्थान पर रहने वाली विश्व की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को भी विश्व कप में जगह मिलेगी। इस बार के विश्व कप में पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रतियोगिता में 16 टीमें खेलेंगी, जिनमें से पहले ही नौ टीमों ने क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है।

    भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में घरेलू समर्थन पर भरोसा करेगी। टीम हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच शोर्ड मारिन के नेतृत्व में उतरेगी। वर्तमान में भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर है और इंग्लैंड के बाद टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है। भारत का मुख्य लक्ष्य विश्व कप में सीधी क्वालिफिकेशन हासिल करना है।

    टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी। इसके बाद 9 मार्च को स्कॉटलैंड और 11 मार्च को वेल्स के खिलाफ मुकाबले होंगे। भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक विश्व कप के आठ संस्करण खेल चुकी है, और 1974 में चौथा स्थान हासिल करके अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।

    क्वालिफायर से पहले भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, “हम अपने फैन्स के सामने अपने घर पर क्वालिफायर खेलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। टीम इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत कर रही है क्योंकि हम जानते हैं कि क्या दांव पर लगा है। यहां हर टीम विश्व कप में जगह बनाने के लिए मुकाबला कर रही है। हमें शुरू से ही कठिन मैचों की उम्मीद है। हैदराबाद में खेलना हमारे लिए बहुत खास होगा। घरेलू दर्शकों का हमेशा प्रेरणा देता है। हमारा फोकस एक बार में एक ही मैच पर रहने और अपना श्रेष्ठ देने पर होगा ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर सकें।”

    भारतीय टीम की यह तैयारी और घरेलू समर्थन उन्हें एक मजबूत शुरुआत देने के लिए तैयार है। क्वालिफायर में प्रदर्शन ही तय करेगा कि भारत महिला हॉकी विश्व कप 2026 में सीधी क्वालिफिकेशन हासिल कर पाती है या नहीं।

  • भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा

    भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा


    भोपाल । राजधानी के सेठी नगर में एक 24 वर्षीय युवक की आत्महत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। फेब्रिकेशन का काम करने वाले दीपक गुर्जर ने अपनी प्रेमिका के कथित विश्वासघात और ‘रेप केस’ में फंसाने की धमकी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। शनिवार सुबह जब माँ की नींद खुली, तो घर के जीने (सीढ़ियों) की रेलिंग पर बेटे का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसकी मौत ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है।

    घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है।घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है। दीपक ने अपने आखिरी खत में सीधे तौर पर अपनी मुस्लिम प्रेमिका और उसके एक दोस्त को जिम्मेदार ठहराया है। नोट के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से शादी का वादा था, लेकिन हाल ही में युवती ने दीपक के ‘हिंदू’ होने का हवाला देकर निकाह से साफ इनकार कर दिया।

    दीपक का दर्द सिर्फ शादी टूटने तक सीमित नहीं था; सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग की एक डरावनी दास्तां दर्ज है। दीपक ने लिखा कि युवती अब किसी और के साथ संबंध में थी और जब वह विरोध करता, तो उसे झूठे ‘रेप केस’ में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी जाती थी। दो दिन पहले युवती ने कथित तौर पर दीपक का मोबाइल भी तोड़ दिया था और बेहद ठंडे लहजे में कहा था— “तुम मर भी जाओ तो मेरा कुछ नहीं होगा, मेरी पहुँच बहुत ऊपर है।” इसी मानसिक प्रताड़ना और कानूनी फंदे के डर ने दीपक को इतना लाचार कर दिया कि उसे सुसाइड ही एकमात्र रास्ता नजर आया।

    अशोका गार्डन पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सुसाइड नोट और दीपक का पर्स जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं। परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद, पुलिस इस मामले में ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (IPC 306/BNS) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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  • पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का भरोसा, भारत के पास पेट्रोलियम का पर्याप्त भंडार

    पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का भरोसा, भारत के पास पेट्रोलियम का पर्याप्त भंडार


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल व पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम का पर्याप्त भंडार मौजूद है और फिलहाल किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है।

    पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, देश में इस समय कच्चे तेल का लगभग 25 दिनों का अतिरिक्त भंडार उपलब्ध है। इसके साथ ही पेट्रोलियम के शोधित उत्पादों का भी करीब 25 दिनों का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है। इस तरह कुल मिलाकर देश के पास सात सप्ताह से अधिक की आवश्यकता पूरी करने लायक भंडार है।

    अधिकारियों ने बताया कि कुल अतिरिक्त भंडार करीब 25 करोड़ बैरल, यानी लगभग 4,000 करोड़ लीटर है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और मध्य एशिया जैसे क्षेत्रों से कच्चे तेल का आयात लगातार जारी है। इसलिए मीडिया में चल रही यह खबर कि देश के पास केवल 25 दिन का कच्चा तेल ही बचा है, तथ्यात्मक रूप से गलत है।

    गौरतलब है कि भारत वर्तमान में छह महाद्वीपों के लगभग 40 देशों से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है। ऐसे में देश की निर्भरता पूरी तरह से होर्मुज जलडमरूमध्य पर नहीं है। देश की रिफायनिंग कंपनियों की कुल शोधन क्षमता 25.8 करोड़ टन प्रतिवर्ष है, जो घरेलू मांग से काफी अधिक है। भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की वार्षिक मांग लगभग 21 से 23 करोड़ टन के बीच रहती है।

    इसके अलावा पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण अनिवार्य किए जाने से हर साल लगभग 4.4 करोड़ बैरल, यानी करीब 60 लाख टन कच्चे तेल के आयात में कमी आती है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से आयात पूरी तरह बंद भी हो जाए, तब भी देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

    उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान पर हुए हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। इसके चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • टी20 फाइनल 2026: गेंदबाजों की चुनौती, बल्लेबाजों की धुआंधार पारी की संभावना..

    टी20 फाइनल 2026: गेंदबाजों की चुनौती, बल्लेबाजों की धुआंधार पारी की संभावना..


    नई दिल्ली।टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला रोमांचक होने वाला है क्योंकि पिछले मैचों की तरह इस बार भी बल्लेबाजों के लिए रन बनाने का मौका ज्यादा रहेगा और गेंदबाजों की शामत आने की संभावना है।

    मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के फाइनल में कुल 499 रन बने थे और दर्शकों ने रनों की बारिश का आनंद लिया। फाइनल में भी ऐसा ही हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है। ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनल में स्कोर लगभग 200 रन के आसपास रहने की उम्मीद है। शुरुआत में यह माना जा रहा था कि हरी घास वाली पिच तेज गेंदबाजों को मदद दे सकती है, लेकिन सेमीफाइनल में बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए पिच पर रन बनाए।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में जसप्रीत बुमराह ही ऐसे गेंदबाज रहे जिन्होंने अपनी सटीक लाइन और विविधता से लगातार दबाव बनाए रखा। वहीं वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए और अक्षर पटेल ने तीन ओवर में 35 रन दिए। इससे साफ है कि फाइनल में बाकी गेंदबाजों को रन रोकने में चुनौती होगी।

    फाइनल मुकाबला सेंटर पिच पर खेला जाएगा, जिसमें लाल और काली मिट्टी का मिश्रण है। इस टूर्नामेंट में अब तक सेंटर पिच पर सिर्फ एक ही मैच खेला गया है। 9 फरवरी को हुए उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा को 53 रन से हराया था और पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए थे। सेंटर पिच बल्लेबाजों को मदद देने वाली साबित हो सकती है।

    भारत इस टूर्नामेंट में नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर दो मैच खेल चुका है। ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया गया, लेकिन सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारत के पास इस बार न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड बदलने का मौका है क्योंकि अब तक दोनों टीमों के बीच तीन मैच हुए हैं और तीनों में न्यूजीलैंड विजयी रही है।

    टी20 विश्व कप का इतिहास बताता है कि लगातार दो टी20 विश्व कप किसी भी टीम ने नहीं जीते हैं। भारतीय टीम इस बार अपने इतिहास को बदलने और लगातार दूसरा खिताब जीतने का अवसर हाथ से जाने नहीं देना चाहती। गेंदबाजों के लिए चुनौती कठिन होगी, लेकिन बल्लेबाजों की जोड़ी और तेज गेंदबाजी के संतुलन पर फाइनल का रोमांच निर्भर करेगा।

    इस फाइनल मुकाबले में गेंदबाजों की रणनीति, बल्लेबाजों की आक्रमकता और पिच की स्थितियां तय करेंगी कि किस टीम का पलड़ा भारी होगा। हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है और क्रिकेट फैंस को इस रोमांचक फाइनल का बेसब्री से इंतजार है।

  • 7 मार्च 2026 बैंक अपडेट: शनिवार को बैंक खुलेंगे या बंद, राज्यवार जानकारी

    7 मार्च 2026 बैंक अपडेट: शनिवार को बैंक खुलेंगे या बंद, राज्यवार जानकारी


    नई दिल्ली।सोमवार से शुक्रवार तक भागदौड़ भरी जिंदगी के बाद कई लोग शनिवार को अपने बैंक से जुड़े काम निपटाना पसंद करते हैं। लेकिन अक्सर यही सवाल उठता है कि बैंक शनिवार को खुले हैं या बंद। इस कन्फ्यूजन का कारण यह है कि कुछ शनिवार बैंक खुले रहते हैं, जबकि कुछ पर वे बंद होते हैं। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सुविधाओं ने कैश निकालना, पैसे भेजना और RTGS, NEFT या IMPS जैसी ट्रांजैक्शन को कहीं से भी करना आसान कर दिया है, फिर भी कई कार्य ऐसे हैं जिनके लिए बैंक जाकर अधिकारी से मिलना जरूरी होता है।

    आज 7 मार्च 2026 को कई लोगों के मन में यही सवाल होगा कि बैंक खुले हैं या बंद। RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार बैंक हर शनिवार नहीं खुलते। दूसरे और चौथे शनिवार को सभी शेड्यूल्ड और नॉन-शेड्यूल्ड बैंक बंद रहते हैं। महीने के पहले, तीसरे और पांचवे शनिवार आमतौर पर बैंक खुले रहते हैं, जब तक कि किसी विशेष पर्व या छुट्टी के कारण बंद न हों। 7 मार्च 2026 महीने का पहला शनिवार है और RBI की छुट्टियों की लिस्ट में कोई त्योहार या अवकाश दर्ज नहीं है, इसलिए पूरे भारत में बैंक खुलेंगे।

    मार्च 2026 में बैंक कई दिन बंद रहेंगे। पहले 2, 3 और 4 मार्च को होली और होलिका दहन के अवसर पर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहे। आने वाले हफ्तों में भी कई बैंक अवकाश पर रहेंगे।

    मुख्य बंद रहने वाले दिन और राज्य:

    13 मार्च 2026: मिजोरम में चपचार कुट त्योहार

    17 मार्च 2026: जम्मू-कश्मीर में शब-ए-कद्र

    19 मार्च 2026: महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, गोवा, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और श्रीनगर में गुड़ी पड़वा, उगादी, तेलुगु न्यू ईयर, सजिबू नोंगमापनबा और प्रथम नवरात्र

    20 मार्च 2026: जम्मू-कश्मीर, केरल, श्रीनगर और आंध्र प्रदेश में ईद-उल-फितर और जुमात-उल-विदा

    21 मार्च 2026: असम, गुजरात, मिजोरम, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, चंडीगढ़, तमिलनाडु, उत्तराखंड, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गोवा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मेघालय और श्रीनगर में रमजान-ईद, खुतुब-ए-रमजान और सरहुल

    26 मार्च 2026: मिजोरम, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, मुंबई, नागपुर, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में राम नवमी

    इसलिए आज 7 मार्च को घर से निकलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके राज्य या शहर में बैंक खुले हैं। अगर आपके काम के लिए बैंक जाना आवश्यक है तो यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित होगी। यह है कि इस महीने बैंक की खुलने और बंद रहने की तिथियां जानना जरूरी है ताकि आप अपने बैंकिंग कार्य बिना परेशानी के निपटा सकें।
  • भोपाल में सीएम हाउस में हुई विधायक कालूहेड़ा की कड़ी फटकार: बोले-अब सिंहस्थ के कार्यों में रहूंगा पूर्ण सहयोगी

    भोपाल में सीएम हाउस में हुई विधायक कालूहेड़ा की कड़ी फटकार: बोले-अब सिंहस्थ के कार्यों में रहूंगा पूर्ण सहयोगी


    भोपाल । उज्जैन उत्तर के बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा को सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शुक्रवार देर रात भोपाल बुलाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने विधायक को फटकार लगाई। बैठक में विधायक ने अपने बयान पर खेद जताया और आश्वासन दिया कि अब वे सिंहस्थ के सभी विकास और सड़क निर्माण कार्यों में सहयोगी बनकर रहेंगे।

    यह विवाद उज्जैन के पिपलीनाका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था। विधायक ने कहा था कि अगर रोड 24 मीटर से अधिक चौड़ी हुई तो वह सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करेंगे। नगर निगम ने भैरवगढ़ रोड के किनारे करीब 410 घरों को खाली करने का नोटिस जारी किया, जिसमें कई घरों का हिस्सा केवल 10-20 फीट बचा। इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और विधायक कार्यालय घेर लिया।

    कालूहेड़ा ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि वे जनता की भावना का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रशासन और अधिकारियों के सहयोग से ही सभी निर्णयों को लागू करेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि सिंहस्थ आयोजन में किसी भी विवाद से बचें और प्रशासनिक आदेशों का पालन करें।

  • पुतिन ईरान वार्ता: ताकत के इस्तेमाल को नकारा, कूटनीतिक समाधान पर जोर

    पुतिन ईरान वार्ता: ताकत के इस्तेमाल को नकारा, कूटनीतिक समाधान पर जोर


    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस वार्ता को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि रूस इस मुश्किल वक्त में ईरान का समर्थन कर सकता है लेकिन पुतिन ने स्पष्ट किया कि तनाव कम करना और मुद्दों का कूटनीतिक हल निकालना ही प्राथमिकता है।

    रूसी विदेश मंत्रालय ने टेलीग्राम पर इस बातचीत की जानकारी साझा की। मंत्रालय ने बताया कि पुतिन ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई उनके परिवार और देश की सेना और नेताओं की मौत पर संवेदना जताई। साथ ही अमेरिका और इजरायल के हमलों में आम नागरिकों की मौत पर भी दुख व्यक्त किया।

    पुतिन ने इस वार्ता में जोर दिया कि किसी भी तरह के संघर्ष या ताकत के इस्तेमाल से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि रूस की नीतियों के अनुसार सभी विवादों का हल डिप्लोमैटिक प्रक्रिया से ही किया जाना चाहिए। इसके अलावा पुतिन ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल जीसीसी के देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की बात भी कही।

    ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने रूस की एकजुटता और सहयोग के लिए पुतिन का धन्यवाद किया। रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा कर रहा है और दोनों नेताओं ने यह तय किया कि आने वाले समय में अलग-अलग माध्यमों से संपर्क जारी रहेगा।

    तेल की आपूर्ति इस वार्ता में एक अहम मुद्दा बनकर उभरी है। अमेरिका लंबे समय से भारत पर रूस से तेल न खरीदने के लिए दबाव डाल रहा है लेकिन हालात ने अमेरिकी चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि बढ़ती तेल कीमतों के बीच आपूर्ति और स्रोत तय करना भारत का अधिकार है। अलीपोव ने कहा “समाधान हमेशा बातचीत से होता है। संघर्ष जल्द से जल्द समाप्त होना चाहिए। आपूर्ति के लिए रूस हमेशा तैयार है।

    इससे पहले 28 फरवरी को रूस ने बिना कारण ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा की थी। रूस ने तत्काल राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के बीच भी शनिवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। इसमें ईरानी पक्ष ने अमेरिका और इजरायल के हमलों को रोकने के अपने कदमों की जानकारी दी साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की योजना भी साझा की।

  • उज्जैन में रंगपंचमी पर महाकाल को चढ़ेगा केवल एक लोटा केसर जल, सुरक्षा व्यवस्था सख्त, मंदिर में प्रवेश से पहले होगी जांच

    उज्जैन में रंगपंचमी पर महाकाल को चढ़ेगा केवल एक लोटा केसर जल, सुरक्षा व्यवस्था सख्त, मंदिर में प्रवेश से पहले होगी जांच


    उज्जैन। रंगपंचमी के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में इस बार भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को केवल एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया जाएगा। दो साल पहले धुलेंडी के दिन गर्भगृह में लगी आग की घटना को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह नया नियम लागू किया है।

    मंदिर प्रशासन ने बताया कि रंगपंचमी की शुरुआत सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती से होगी, जिसमें महाकालेश्वर को सिर्फ एक लोटा केसर जल अर्पित किया जाएगा। संध्या आरती के दौरान भी एक लोटा केसर जल और 500 ग्राम गुलाल अर्पित किया जाएगा। यह रंग और जल मंदिर की कोठार शाखा से पुजारियों और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा।

    महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस बार भी मंदिर परिसर में रंग लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भक्तों को विशेष चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। पंडे-पुजारी और अन्य मंदिर कर्मी भी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।

    समिति ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग या गुलाल न लाएं। प्रशासन ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि भस्म आरती और रंगपंचमी का पर्व सुरक्षित और श्रद्धा के साथ संपन्न हो।

    मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था भी कड़ी की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर केवल विशेष चेकिंग के बाद ही भक्तों को दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इस कदम से मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पूजा-अर्चना दोनों सुनिश्चित होंगी।

  • उज्जैन में ससुराल में घुसकर हंगामा, मारपीट के बाद बहू और बच्चे को ले गए मायके पक्ष के लोग

    उज्जैन में ससुराल में घुसकर हंगामा, मारपीट के बाद बहू और बच्चे को ले गए मायके पक्ष के लोग


    उज्जैन। शहर के नाका सम्राट नगर क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब बहू के मायके पक्ष के 12 से अधिक लोग देर रात ससुराल पहुंच गए। आरोप है कि सभी लोग घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करते हुए बहू और उसके बच्चे को जबरन अपने साथ ले गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे पीड़ित परिवार ने पुलिस को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।

    पीड़ित पक्ष के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब 12 से 15 लोग अचानक उनके घर में घुस आए। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और फिर विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद मायके पक्ष के लोग बहू और बच्चे को अपने साथ ले गए।

    घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। वीडियो में एक युवक यह कहते हुए सुनाई देता है कि “थाने से ले जाना”, लेकिन इसके बाद माहौल और ज्यादा गर्म हो जाता है और मारपीट शुरू हो जाती है।

    ससुर शाहबुद्दीन ने बताया कि उनके बेटे की शादी 27 नवंबर 2024 को हुई थी। शुरुआती कुछ महीनों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में बहू का व्यवहार बदल गया और वह मायके जाने की जिद करने लगी। परिवार के अनुसार 5 जून को वह घर से मायके चली गई और लंबे समय तक वापस नहीं लौटी।

    बताया गया कि 2 मार्च 2026 को दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई थी, जिसके बाद समझाइश के साथ एक लिखित समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद कुछ दिनों बाद ही मायके पक्ष के लोग फिर ससुराल पहुंच गए और विवाद बढ़ गया।

    पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है और मारपीट का वीडियो भी सौंपा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

  • जबलपुर में अंधविश्वास का 'खूनी' खेल: जादू-टोना के शक में सगे भांजे ने कुल्हाड़ी से अलग किया मामा का सिर

    जबलपुर में अंधविश्वास का 'खूनी' खेल: जादू-टोना के शक में सगे भांजे ने कुल्हाड़ी से अलग किया मामा का सिर


    जबलपुर । रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर जबलपुर के ग्राम बिसनपुरा में एक ऐसा हत्याकांड हुआ, जिसने मध्य प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। 50 वर्षीय भूरालाल यादव की महज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उनके सगे भांजे को शक था कि मामा ‘जादू-टोना’ कर उसके परिवार को बर्बाद कर रहे हैं। बदमाशों ने कुल्हाड़ी से वार कर भूरालाल का सिर धड़ से अलग कर दिया और लाश को जंगल में फेंक दिया।

    लापता होने से ‘सरकटी लाश’ मिलने तक का सफर
    घटना की शुरुआत 4 मार्च 2026 को हुई, जब भूरालाल दोपहर का खाना खाकर घर से निकले थे। वे पेशे से खेती के साथ-साथ झाड़-फूंक का काम भी करते थे। जब वे शाम तक नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

    6 मार्च की शाम गांव के बाहर टहलने निकले ग्रामीणों की नजर एक क्षत-विक्षत शव पर पड़ी। मौके का मंजर भयावह था; मृतक का सिर धड़ से कई फीट दूर पड़ा था।सूचना मिलते ही कुंडम थाना प्रभारी सतीश अंधवान टीम के साथ पहुँचे और शव की शिनाख्त भूरालाल के रूप में की गई।

    वजह: ‘मामा का जादू और भांजे का प्रतिशोध’
    पुलिस जांच और मृतक के भाई नन्हेंलाल के बयानों ने हत्या की कड़ियों को जोड़ दिया भूरालाल का सगा भांजा पिट्टी उर्फ संत कुमार लंबे समय से अपने परिवार की बीमारियों और घरेलू कलह के लिए मामा के ‘जादू-टोना’ को जिम्मेदार मानता था।4 मार्च की शाम को संत कुमार और उसके साथी मधु शाह का भूरालाल से विवाद हुआ था।जब भूरालाल अपना सामान लेकर दूसरे गांव जा रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उनके गले पर दो जोरदार वार किए। हमला इतना घातक था कि एक झटके में सिर अलग हो गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई: बांध के पास से दबोचे गए हत्यारे
    जबलपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए और शनिवार सुबह घेराबंदी कर दोनों मुख्य आरोपियों संत कुमार और मधु शाह को एक बांध (डेम) के पास से गिरफ्तार कर लिया।आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्हें यकीन था कि भूरालाल की झाड़-फूंक की वजह से ही उनका घर बर्बाद हो रहा है, इसलिए उन्होंने ‘खेल खत्म’ करने का फैसला किया।