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  • T20 World Cup: आज WI से भिड़ेगी टीम इंडिया, जो जीतेगा…. वह सेमीफाइनल में…

    T20 World Cup: आज WI से भिड़ेगी टीम इंडिया, जो जीतेगा…. वह सेमीफाइनल में…


    नई दिल्ली ।
    सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) आज टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026 ) सुपर-8 में अपना आखिरी मैच वेस्टइंडीज (West Indies) से खेलने वाली है। IND vs WI का यह मैच एक तरह का वर्चुअल क्वार्टर फाइनल है। जो टीम आज जीतेगी वह सेमीफाइनल (Semi-finals.) के लिए क्वालीफाई करेगी। ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका पहले ही नॉकआउट स्टेज में जगह बना चुका है। वहीं ग्रुप-2 से इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम क्वालीफाई कर चुकी है। आज इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज मुकाबले के जरिए सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चौथी टीम की तस्वीर साफ हो जाएगी। सवाल यह है कि अगर भारत सेमीफाइनल में पहुंचता है तो उनका सामना इंग्लैंड या न्यूजीलैंड किससे होगा। आईए समझते हैं-

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल सुपर-8 ग्रुप-1 की टॉपर टीम और ग्रुप-2 में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीम के बीच होगा। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में ग्रुप-2 की टॉपर टीम और ग्रुप-1 में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीम भिड़ेगी। पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। वहीं दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होस्ट किया जाएगा। T20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल 8 मार्च को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

    इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का तो तय हो चुका है कि वह कौन सा सेमीफाइनल खेलने वाली है। इंग्लैंड ग्रुप-2 की टेबल टॉपर रही है तो उनका मुकाबला वानखेड़े में ग्रुप-1 में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीम से होगा। वहीं न्यूजीलैंड अपना सेमीफाइनल मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेलेगी।

    ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका अभी तक नंबर-1 है, उनके खाते में 4 अंक है। वहीं भारत और वेस्टइंडीज 2-2 पॉइंट्स के साथ रेस में है। आज IND vs WI मैच में जो टीम जीत दर्ज करेगी, वो सेमीफाइनल का टिकट कटाएगी। भारत और वेस्टइंडीज में से कोई एक टीम साउथ अफ्रीका के बराबर 4 अंक कर पाएगी। ऐसे में सेमीफाइनल का शेड्यूल नेट रन रेट पर जाकर अटक जाएगा। दरअसल, 4-4 पॉइंट्स होने की वजह से नेट रन रेट के आधार पर तय किया जाएगा कि ग्रुप-1 की टेबल टॉपर कौन सी टीम बनेगी।

    साउथ अफ्रीका का सुपर-8 का आज आखिरी मुकाबला जिम्बाब्वे से है, अफ्रीकी टीम जिस फॉर्म में है उसे देखकर यही उम्मीद लगाई जा रही है कि वह इस मैच को आसानी से अपने नाम कर लेगा। अगर भारत आज वेस्टइंडीज को हराता है तो वह दूसरे नंबर पर ही रहेगा क्योंकि टीम इंडिया नेट रन रेट के मामले में मुश्किल ही साउथ अफ्रीका से आगे निकल पाएगी। ऐसे में कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर इंग्लैंड के खिलाफ भारत के सेमीफाइनल मुकाबला होने की उम्मीदें अधिक है। ऐसे में साउथ अफ्रीका की टीम 4 मार्च को न्यूजीलैंड से भिड़ेगी।

    वहीं वेस्टइंडीज के पास नंबर-1 बनने का मौका है। अगर वेस्टइंडीज बड़े अंतर से भारत को हराता है तो वह ना सिर्फ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा, बल्कि टेबल टॉपर भी बन जाएगा। ऐसे में वेस्टइंडीज का सामना न्यूजीलैंड से तो साउथ अफ्रीका का इंग्लैंड से होगा।

  • होली से पहले महंगा हुआ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर… घरेलू गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं

    होली से पहले महंगा हुआ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर… घरेलू गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली।
    होली (Holi) से पहले 1 मार्च को LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस-Liquefied Petroleum Gas) के रेट अपडेट हो गए हैं। उपभोक्ताओं को होली से पहले ही महंगाई का झटका लगा है। कॉमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर (Cylinder) के उपभोक्ताओं को दिल्ली से पटना तक करीब 28 से 31 रुपये का झटका लगा है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत कि बात यह है कि 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कॉमर्शियल सिलेंडर का मार्च ट्रेंड नहीं बदला। इस बार मार्च ने झटका दे ही दिया।

    दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर आज से 1768.50 पर मिलेगा। इससे पहले 1740.50 में मिल रहा था। कोलकाता में पहले 1844.50 रुपये का था और अब 1875.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर 1692 रुपये की जगह आज से 1720 रुपये में मिलेगा। चेन्नई में अब आज से कॉमर्शियल सिलेंडर 1929 रुपये में मिलेगा। पहले यह 1899.50 रुपये का था।


    घरेलू एलपीजी के रेट

    भारत में इंडियन ऑयल (Indian Oil) के डेटा के आधार पर एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कीमतों की बात करें तो आज 14.2 किग्रा वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में ₹853 में मिल रहा है। जबकि, पटना में इसकी कीमत ₹951 है। मुंबई में ₹852.50 और लखनऊ में ₹890.50 में मिल रहा है। कारगिल में ₹985.5, पुलवामा में ₹969, बागेश्वर में ₹890.5 का है।


    मार्च में महंगाई का ट्रेंड: पिछले 5 सालों का हाल

    पिछले 5 सालों के आंकड़े बताते हैं कि मार्च का महीना एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अक्सर महंगाई लेकर आया है। खासकर कॉमर्शियल सिलेंडर हर बार इस महीने में महंगा हुआ है, जबकि घरेलू सिलेंडर के रेट जब भी बदले, उपभोक्ताओं को झटका ही लगा। फिलहाल फरवरी 2026 के अंत में दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1740.50 रुपये, कोलकाता में 1844.50 रुपये, मुंबई में 1692 रुपये और चेन्नई में 1899.50 रुपये का भाव है। आइए, साल-दर-साल देखते हैं कि मार्च में कैसे बढ़े दाम।


    2021: दोहरा झटका

    साल 2021 की शुरुआत में ही उपभोक्ताओं को दोहरा झटका लगा। 1 मार्च 2021 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर 25 रुपये महंगा होकर दिल्ली में 819 रुपये, कोलकाता में 845.50, मुंबई में 819 और चेन्नई में 835 रुपये पर पहुंच गया। इसी दिन कॉमर्शियल सिलेंडर ने भी रफ्तार पकड़ी और 95 से 98 रुपये की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में 1614, कोलकाता में 1681.50, मुंबई में 1564 और चेन्नई में 1731 रुपये पर पहुंच गया।


    2022: दो बार बढ़े दाम

    2022 में मार्च ने एक नहीं, दो बार रेट अपडेट हुए। 1 मार्च को कॉमर्शियल सिलेंडर ने 105 से 108 रुपये की तक छलांग लगाई। दिल्ली में यह 2012, कोलकाता में 2095, मुंबई में 1963 और चेन्नई में 2146 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद 22 मार्च को घरेलू सिलेंडर पर गाज गिरी और 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में 949.50, कोलकाता में 976, मुंबई में 949.50 और चेन्नई में 965.50 रुपये हो गए।


    2023: इस साल भी लगा बड़ा झटका

    2023 का मार्च सबसे महंगा साबित हुआ। 1 मार्च को घरेलू सिलेंडर 50 रुपये उछलकर दिल्ली में 1103, कोलकाता में 1129, मुंबई में 1102.50 और चेन्नई में 1118.50 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर ने तो कमर ही तोड़ दी। दिल्ली में 105 रुपये बढ़कर 2120, कोलकाता में 108 रुपये बढ़कर 2222, मुंबई में 106 रुपये बढ़कर 2072 और चेन्नई में 106 रुपये बढ़कर 2268 रुपये पर पहुंच गए।


    2024: कॉमर्शियल में मामूली बढ़ोतरी

    2024 में घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहे, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर ने हल्की बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं को राहत दी। 1 मार्च को 19 किलो वाले सिलेंडर दिल्ली और मुंबई में 26 रुपये, जबकि कोलकाता और चेन्नई में 24 रुपये महंगे हुए। नए दाम दिल्ली में 1795, मुंबई में 1749, कोलकाता में 1911 और चेन्नई में 1961 रुपये रहे।


    2025: हल्की सी बढ़ोतरी

    पिछले साल यानी 2025 में मार्च फिर कॉमर्शियल सिलेंडर पर भारी पड़ा, हालांकि बढ़ोतरी मामूली रही। 1 मार्च को दिल्ली में 6 रुपये की बढ़त के साथ सिलेंडर 1803 रुपये, कोलकाता में 1913, मुंबई में 1756 और चेन्नई में 1965 रुपये पर पहुंच गए। घरेलू सिलेंडर इस बार भी बदलाव से बचा रहा।

  • Char Dham Yatra की तैयारियां अंतिम दौर में…. 6 मार्च से शुरू हो रहे हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

    Char Dham Yatra की तैयारियां अंतिम दौर में…. 6 मार्च से शुरू हो रहे हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में आस्था और अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) के लिए इस बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration) 6 मार्च से शुरू होने जा रहा है। टूरिज्म सेक्रेटरी गरब्याल रजिस्ट्रेशन और ट्रैवल से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। तैयारिया अंतिम चरण में हैं और 6 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने जा रहा है। फिलहाल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं लगेगी, हालांकि इस पर अभी आखिरी फैसला लेना बाकी है।’


    ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन वालों के लिए भी व्यवस्था

    एक खबर के मुताबिक, टूरिज्म सेक्रेटरी ने बताया है कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले शुरू किया जाएगा। इसके लिए 20 टीमें गठित की गई हैं जो क होटलों आश्रमों और धर्मशालाओं में जाकर ग्रुप में आने वाले भक्तों की बुकिंग में मदद करेंगी।’आपको बता दें कि हर साल लगभग 50 लाख तीर्थयात्री चारों धामों के दर्शन करते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इसबार ये संख्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है।


    कब खुलेंगे कपाट?

    अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। आमतौर पर बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी तथा केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के पर्व पर घोषित की जाती है।


    मंदिर परिसरों में मोबाइल, कैमरे पर प्रतिबंध

    इस साल चार धाम के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। बीते वर्षों में मंदिर परिसरों में स्मार्टफोन और कैमरा ले जाने से दर्शन व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आई थीं और इसे देखते हुए मंदिर परिसरों में स्मार्टफोन और कैमरों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है। बीते महीने ही इस संबंध में जिलों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई थी।

  • West Asia की जंग से दुनिया दो खेमों में विभाजित…. ट्रंप के सैन्य अभियान की घोषणा से गहरी हुई चिंता की लकीरें

    West Asia की जंग से दुनिया दो खेमों में विभाजित…. ट्रंप के सैन्य अभियान की घोषणा से गहरी हुई चिंता की लकीरें


    वॉशिंगटन।
    पश्चिम एशिया (West Asia) में भड़की भीषण जंग ने पूरी दुनिया को दो स्पष्ट कूटनीतिक ध्रुवों में विभाजित कर दिया है। शनिवार सुबह जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (American President Donald Trump) ने ईरान (Iran) के मिसाइल उद्योग (Missile Industry) व उसकी नौसेना को नेस्तनाबूद करने के लिए बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की, तो वैश्विक राजनीति की लकीरें और गहरी हो गईं। ईरान में हुए मिसाइल हमलों के बाद वाशिंगटन (Washington) ने इसे ईरानी शासन से खतरों को खत्म करने का मिशन बताया है। इस्त्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli PM Benjamin Netanyahu) ने भी इसे अस्तित्व की रक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे ईरानी जनता को अपना भाग्य खुद चुनने का अवसर मिलेगा। संघर्ष शुरू होने के बाद भारत के कश्मीर से लेकर जर्मनी व ब्रिटेन तक कहीं इसके विरोध तो कहीं पक्ष में प्रदर्शन हुए हैं।

    ईरान के हमले की कई इस्लामी देशों ने भी आलोचना की है और अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले का समर्थन किया है। यूक्रेन, कतर, यूएई, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब आदि देशों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। यूएई ने ईरान के हमले को कायराना हरकत करार देते हुए जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है, जबकि सऊदी अरब ने इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। यूक्रेन ने भी इस तनाव के लिए सीधे तौर पर ईरान के आंतरिक दमन और हालिया महीनों में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा को जिम्मेदार ठहराया है।


    शांति की अपील वाले देश

    यूरोपीय संघ, जर्मनी, फ्रांस व ब्रिटेन ने ईरान से अंधाधुंध सैन्य कार्रवाई रोकने व वार्ता दोबारा शुरू करने की अपील की। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने संयुक्त बयान में कहा, हम पश्चिम एशियाई देशों पर ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। बेल्जियम ने कहा, ईरानी जनता अपनी सरकार के फैसलों की कीमत न चुकाए।


    रूस-चीन ईरान के पक्ष में

    कई ताकतवर देश ईरान के समर्थन में भी उतरे हैं। इनमें रूस, चीन, ओमान, तुर्किये व नॉर्वे शामिल हैं। रूस ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता का इस्तेमाल केवल अपने सैन्य हमलों को छिपाने के लिए किया। रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा, शांतिदूत (ट्रंप) ने एक बार फिर अपना चेहरा दिखाया है। चीन ने भी सैन्य कार्रवाई तत्काल रोकने व ईरान की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की मांग की है।

    ब्राजील की सरकार ने ईरान में हमलों की कड़ी निंदा की और क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता जताई। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि ये हमले ऐसे समय में हुए, जब बातचीत की प्रक्रिया चल रही थी, जिसे शांति का एकमात्र व्यवहारिक रास्ता बताया गया। ब्राजील ने स्पष्ट किया कि विवादों के समाधान के लिए संवाद ही वैध और टिकाऊ माध्यम है।


    ईरान आतंक का प्रमुख स्रोत : कार्नी

    कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पश्चिम एशिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और आतंक का मुख्य स्रोत है। उसे किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने या विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा, ईरान का मानवाधिकार रिकॉर्ड दुनिया में सबसे खराब रिकॉर्डों में से एक है।

    कार्नी ने कहा, कनाडा और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदार लगातार ईरानी शासन से उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की अपील करते रहे हैं। उन्होंने कन्नानास्किस में हुए जी7 शिखर सम्मेलन और संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधों की पुनः बहाली का भी उल्लेख किया। कार्नी ने मुंबई में नवाचार प्रदर्शनी में हिस्सा लिया और विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं से मुलाकात की। कार्नी ने शनिवार को मुंबई में भारत-कनाडा टैलेंट एंड इनोवेशन स्ट्रैटेजी की शुरुआत की।

  • Holi 2026: MP समेत देश के विभिन्न राज्यों में कब रहेगी होली की छुट्टी… 3 या 4 मार्च को? देखें लिस्ट

    Holi 2026: MP समेत देश के विभिन्न राज्यों में कब रहेगी होली की छुट्टी… 3 या 4 मार्च को? देखें लिस्ट


    भोपाल।
    रंगों का त्योहार होली (Holi) हर साल खुशियां लेकर आता है, लेकिन इस बार त्योहार की तारीख को लेकर अलग अलग राज्यों में अंतर होने से छात्रों और अभिभावकों के बीच थोड़ा भ्रम बन गया था। कहीं होली 3 मार्च को मनाई जा रही है तो कहीं 4 मार्च को। अब कई राज्य सरकारों (State Governments) और शैक्षणिक संस्थानों (Educational Establishments) ने स्थिति साफ कर दी है, जिसके बाद स्कूलों की छुट्टियों का कार्यक्रम भी सामने आने लगा है। होली भारत का ऐसा पर्व है जिसे पूरे देश में बेहद उत्साह और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं, घरों में मिठाइयां बनती हैं, खास तौर पर गुजिया और पारंपरिक पकवानों का स्वाद लिया जाता है। परिवार और रिश्तेदार एक साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांटते हैं।


    उत्तर प्रदेश में तीन दिन की छुट्टी का ऐलान

    उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने होली के मौके पर तीन दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार 2 मार्च से 4 मार्च तक सरकारी दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहेगा। साथ ही सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि फरवरी महीने का वेतन और पेंशन त्योहार से पहले जारी कर दिया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 28 फरवरी 2026, जो शनिवार है, उसे कार्य दिवस रखा गया है जबकि 3 मार्च को अवकाश रहेगा।


    दिल्ली में परीक्षा कार्यक्रम के कारण अलग व्यवस्था

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस समय अधिकतर स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए परीक्षा कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए होली के दिन कोई भी परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सीबीएसई ने भी निर्णय लिया है कि 4 मार्च को कोई बोर्ड परीक्षा नहीं रखी जाएगी, ताकि विद्यार्थी बिना किसी तनाव के त्योहार मना सकें।


    किन राज्यों में 3 मार्च को मनाई जाएगी होली

    देश के कई राज्यों में होली 3 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन राज्यों में उसी दिन स्कूलों के बंद रहने की संभावना है।
    महाराष्ट्र
    मध्य प्रदेश
    उत्तराखंड
    असम
    तेलंगाना
    राजस्थान
    पश्चिम बंगाल
    गोवा
    झारखंड
    केरल
    आंध्र प्रदेश

    इन राज्यों में स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन द्वारा अवकाश की औपचारिक सूचना जारी की जा रही है।


    बिहार में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल

    बिहार शिक्षा विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार राज्य में 3 और 4 मार्च दोनों दिन स्कूल बंद रहेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि यहां होली का उत्सव दो दिनों तक अलग अलग परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है।


    इन राज्यों में 4 मार्च को मनाई जाएगी होली

    कुछ राज्यों में पंचांग और स्थानीय मान्यताओं के आधार पर होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन क्षेत्रों में उसी दिन स्कूलों में अवकाश रहेगा।
    गुजरात
    मिजोरम
    ओडिशा
    चंडीगढ़
    मणिपुर
    अरुणाचल प्रदेश
    जम्मू और कश्मीर
    उत्तर प्रदेश
    दिल्ली
    बिहार
    छत्तीसगढ़
    मेघालय
    हिमाचल प्रदेश
    छुट्टी को लेकर स्कूल अलग से जारी करेंगे नोटिस

    हालांकि राज्य स्तर पर अवकाश घोषित किए जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय संबंधित स्कूल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पर निर्भर करेगा। कई निजी स्कूल अपने परीक्षा कार्यक्रम, वार्षिक गतिविधियों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छुट्टी की तारीख तय करते हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूल से जारी नोटिस जरूर जांच लें और केवल सोशल मीडिया की जानकारी पर भरोसा न करें।


    क्यों अलग अलग तारीखों पर पड़ रही है होली

    दरअसल होली की तारीख फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि और स्थानीय पंचांग गणना पर आधारित होती है। देश के विभिन्न हिस्सों में सूर्योदय और तिथि परिवर्तन के समय में अंतर होने से त्योहार की तारीख में एक दिन का फर्क आ जाता है। यही कारण है कि हर साल कुछ राज्यों में होली अलग दिन मनाई जाती है।


    त्योहार के साथ परीक्षाओं का भी ध्यान

    मार्च का महीना स्कूलों के लिए परीक्षा का समय होता है। ऐसे में शिक्षा विभाग इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं कि त्योहार और परीक्षा एक ही दिन न पड़ें। इसी वजह से कई बोर्ड और स्कूलों ने परीक्षा तिथियों में बदलाव किया है या उस दिन परीक्षा नहीं रखने का निर्णय लिया है।

  • बर्डवॉचिंग लवर्स के लिए खास, सर्दियां खत्म होने से पहले घूम आएं ये 4 जगह

    बर्डवॉचिंग लवर्स के लिए खास, सर्दियां खत्म होने से पहले घूम आएं ये 4 जगह


    नई दिल्ली । हर सर्दियों में उत्तर भारत परिंदों का स्वर्ग बन जाता है। साइबेरिया और दूसरे ठंडे इलाकों से हजारों पक्षी यहां की झीलों तालाबों और वेटलैंड्स में आकर डेरा डालते हैं। सर्दियों के खत्म होने से पहले इन परिंदों का दीदार करने के लिए आप उत्तर भारत की कुछ बेहतरीन जगहों पर जाने का प्लान कर सकते हैं।

    ​परिंदों का स्वर्ग​

    साइबेरियन क्रेन बार हेडेड गीज फ्लेमिंगो और अलग अलग तरह की बतखें सर्दियों में उत्तर भारत की रौनक बढ़ा देती हैं। लेकिन ये नजारा हमेशा नहीं रहता। मार्च आते आते ये मेहमान पक्षी फिर से अपने देश की ओर उड़ान भरने लगते हैं।

    ​घूमने का बना लें प्लान​

    धुंध के बीच से उड़ते बेहद खूबसूरत पक्षी को देखने के लिए सुबह का समय सबसे बढ़िया रहता है। आइए जानते हैं उत्तर भारत की कुछ बेहतरीन जगहों के बारे में जहां आप सर्दियों के खत्म होने से पहले इन परिंदों का दीदार कर सकते हैं।

    ​केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान​
    राजस्थान के भरतपुर में स्थित यह नेशनल पार्क देश के सबसे मशहूर बर्ड सैंक्चुअरी में से एक है। पहले इसे भरतपुर बर्ड सैंक्चुअरी के नाम से जाना जाता था। यह जगह यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी है।

    ​हरियाणा में सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान​
    मध्य एशिया यूरोप और साइबेरिया से हजारों पक्षी यहां आते हैं। यहां आप पेंटेड स्टॉर्क पेलिकन क्रेन कई तरह की बतखें और शिकारी पक्षी आसानी से देख सकते हैं।

    ​पोंग बांध झील हिमाचल प्रदेश​
    पोंग बांध झील जिसे महाराणा प्रताप सागर के नाम से भी जाना जाता है सर्दियों के महीनों में प्रवासी जलपक्षियों का एक विशाल ठिकाना बन जाती है। धौलाधार पर्वत श्रृंखला से घिरी यह झील एक सुंदर वातावरण प्रदान करती है।

    ​हरिके आर्द्रभूमि पंजाब​
    हरिके आर्द्रभूमि ब्यास और सतलुज नदियों के संगम पर स्थित है। इसे उत्तर भारत की सबसे बड़ी आर्द्रभूमियों में से एक माना जाता है। पक्षी प्रेमियों को यहां गुच्छेदार बत्तखें पोचार्ड और दलदली बाज देखने को मिलते हैं।

  • अमेरिका-ईरान युद्ध का भारत पर पड़ सकता है असर, जानिए क्‍या-क्‍या होंगे प्रभावित?

    अमेरिका-ईरान युद्ध का भारत पर पड़ सकता है असर, जानिए क्‍या-क्‍या होंगे प्रभावित?



    नई दिल्ली। अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर सिर्फ इन देशों या Israel तक सीमित नहीं है। मध्य पूर्व के अन्य देशों जैसे सऊदी अरब, यूएई, कतर और बहरीन पर भी इसके प्रभाव दिख रहे हैं। युद्ध के विस्तार की स्थिति में भारत पर इसका व्यापक आर्थिक असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि किस तरह सोना-चांदी, शेयर बाजार और बासमती चावल प्रभावित हो सकते हैं।

    क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल
    पूरा मध्य पूर्व क्षेत्र तेल का प्रमुख उत्पादक है और भारत कच्चे तेल के आयात पर पूरी तरह निर्भर है। हाल के महीनों में रूस की जगह सऊदी अरब से तेल खरीद बढ़ी थी, लेकिन युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

    शेयर बाजार पर दबाव
    अमेरिका-ईरान युद्ध की अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को बाजार में गिरावट देखी गई, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोमवार को यह गिरावट जारी रह सकती है। वैश्विक तनाव हमेशा शेयर बाजार में भारी दबाव डालता है, और निवेशक सतर्क हो जाते हैं।

    सोने और चांदी की कीमतों में तेजी
    शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर रुख करते हैं। इससे सोने और चांदी की कीमतों में इजाफा होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार सोने का भाव 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकता है।

    बासमती चावल के निर्यात पर असर
    भारत मध्य पूर्व के कई देशों को बासमती चावल निर्यात करता है, जिसमें ईरान भी शामिल है। युद्ध के कारण इस निर्यात पर असर पड़ सकता है, जिससे किसानों और निर्यातकों की आमदनी प्रभावित हो सकती है।

    डॉलर मजबूत, रुपये कमजोर
    तेल की बढ़ती कीमतों का असर डॉलर और रुपये पर भी पड़ेगा। डॉलर की मांग युद्ध के कारण बढ़ेगी, जिससे अमेरिकी मुद्रा और मजबूत होगी। वहीं, रुपये में गिरावट देखने को मिल सकती है।

    महंगाई पर दबाव
    क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे देश में महंगाई को बढ़ा सकती है। ईंधन और परिवहन लागत बढ़ने से अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा होगा, जिससे आम नागरिक पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।

    अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मध्य पूर्व में संघर्ष जारी रहा, तो भारत की आर्थिक स्थिरता और उपभोक्ताओं की जेब पर इसका असर लंबी अवधि तक महसूस होगा।

  • अफगान सीमा पर बढ़ा सैन्य टकराव, पाकिस्तान का बड़ा दावा- 352 तालिबानी मारे, 130 चौकियां तबाह

    अफगान सीमा पर बढ़ा सैन्य टकराव, पाकिस्तान का बड़ा दावा- 352 तालिबानी मारे, 130 चौकियां तबाह



    इस्लामाबाद । पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर जारी संघर्ष अब गंभीर और खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, बल्कि कूटनीतिक संबंधों पर भी इसका असर साफ नजर आने लगा है। सीमा पर तेज होती झड़पों के बीच पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने हवाई और जमीनी कार्रवाई में 352 अफगान तालिबान लड़ाकों और उनके सहयोगी आतंकी तत्वों को मार गिराया है।

    पाकिस्तान का दावा—भारी नुकसान पहुंचाया
    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार के अनुसार अब तक 352 तालिबान सदस्य मारे गए हैं, जबकि 535 घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने 130 सैन्य चौकियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है और 26 सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा 171 टैंक और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने का भी दावा किया गया है। पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि 41 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए, जिनमें तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया गया।

    ऑपरेशन ‘ग़ज़ब-उल-हक’ के तहत कार्रवाई
    पाकिस्तान ने यह पूरी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ के तहत शुरू की है। इस बारे में सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि अफगान पक्ष ने 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर 53 स्थानों पर एक साथ हमले किए थे, जिसके जवाब में यह व्यापक ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अफगान तालिबान को तय करना होगा कि वह पाकिस्तान का साथ देगा या आतंकी संगठनों का, क्योंकि पाकिस्तान के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है।

    आतंक संगठनों को पनाह देने के आरोप
    पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान अपनी जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए), दाएश और अल-कायदा जैसे संगठनों को करने देता है। हालांकि अफगान पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

    अमेरिका का समर्थन और बातचीत के संकेत
    इस बीच अमेरिका ने पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। अमेरिका की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर ने कहा कि वे हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं और पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हैं। बढ़ते तनाव के बीच अफगान तालिबान ने बातचीत की इच्छा जताई है। अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने कहा कि अफगानिस्तान हमेशा आपसी समझ और सम्मान के आधार पर मुद्दों को सुलझाने का पक्षधर है। वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी स्पष्ट किया कि वे इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहते हैं।

  • इस होली कम समय में बनाए गुझिया, तलते वक्त फट जाती है तो यहां देखें आसान रेसिपी

    इस होली कम समय में बनाए गुझिया, तलते वक्त फट जाती है तो यहां देखें आसान रेसिपी


    नई दिल्ली । होली का त्योहार गुझिया के बिना अधूरी है। गुझिया की तैयारी कुछ दिनों पहले से ही शुरु हो जाती है। लेकिन ऑफिस और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय की कमी है। ऐसे में काफी लोग होली के मौके पर गुझिया बना नहीं पाते हैं और बाजार से खरीद कर लाते हैं। बाजार की गुझिया का स्वाद घर जैसा नहीं होता है। साथ बाजार की गुझिया में चीनी की मात्रा काफी अधिक होती है जिसकी चलते यह सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ आसान तरीके हैं जिनकी मदद से आप होली के मौके पर कम समय में गुझिया बना सकते हैं। इसके साथ ही गुझिया बनाने में लोगों को एक और समस्या रहती है कि तलते समय यह फट जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं किस तरह कम समय में गुझिया बनाएं और वह भी बिना फटे।

    गुझिया की सामग्री

    मैदा- दो कप
    घी- 1 कप
    पानी- 1 कप
    खोया- 1 कप
    चीनी- 1 कप
    1 छोटा चम्मच छोटी इलायची
    1 चम्मच कद्दूकस किया हुआ बादाम
    नारियल का बुरादा
    काजू
    किशमिश
    चिरौंजी
    गुझिया बनाने की विधि 
    मैदे में आधा कप घी और पानी मिलाकर अच्छे से गूंथकर आधे घंटे के लिए ढककर रख दें। खोए को हल्की आंच पर थोड़ी देर के लिए भून लें। खोया जब ठंडा हो जाए तो इसमें बादाम, इलायची पाउडर और चीनी मिला दें। गूंथे हुए मैदे की लोई बनाकर उसे गोल पूरी की तरह बेल लें। अब उसमें तैयार मिश्रण भरकर किनारों पर हल्का पानी लगाकर उसे बंद करें। फैंसी कटर की मदद से गुझिया के किनारों को शेप दे सकते हैं। एक कढ़ाई में घी डालकर गर्म कर लें। हल्की आंच पर गुझिया को तब तक तलें जब तक वह हल्के भूरे रंग की न हो जाए। एक बड़े प्लेट में टिश्यू पेपर बिछाकर उसपर गुझिया निकाल लें। जब ये ठंडा हो जाए तो उसे एक डिब्बे में बंद करके रख दें।
    फट जाती है तो अपनाएं ये तरीके

    गुझिया तलने के लिए हमेशा मोटी तली वाली कढ़ाई लेना चाहिए। पतली कढ़ाई में गुझिया जल्दी जल जाती है। गुझिया तलने के लिए तेल न तो ज्यादा होना चाहिए और न ही कम। तेल को मध्यम आंच पर गर्म करें। तेल से धुआं नहीं उठना चाहिए। तेल तैयार हो जाए तो कढ़ाई के हिसाब से गुझिया डालें। गुझिया डालते ही उसे हिलाना नहीं चाहिए। इससे फटने का डर रहता है। गुझिया को 7-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाना चाहिए। तेज आंच पर पकाने से ये अंदर से कच्ची रह सकती है और साथ ही फट भी सकती है। जब गुझिया एक तरह से सुनहरी हो जाए तब इसे पलटें।

  • तनाव मुक्त जीवन के लिए योग: मन की 5 वृत्तियों का सरल ज्ञान..

    तनाव मुक्त जीवन के लिए योग: मन की 5 वृत्तियों का सरल ज्ञान..


    नई दिल्ली: शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए लोग जिम और कसरत का सहारा लेते हैं, लेकिन मन का स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मन को स्वस्थ रखने के लिए योग में चित्त की मुख्य 5 वृत्तियों का अभ्यास किया जाता है। इन वृत्तियों की समझ से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है और जीवनशैली सुधारने में मदद मिलती है।

    चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन का अध्ययन करना और उसे सभी प्रकार के बोझ और विकारों से मुक्त करना। योग में पांच प्रमुख वृत्तियां बताई गई हैं: प्रमाणवृत्ति, विपर्ययवृत्ति, विकल्प वृत्ति, निद्रावृत्ति और स्मृतिवृत्ति।

    1. प्रमाणवृत्ति: यह ध्यान का पहला चरण है। इसमें मन को सही ज्ञान और धारणा की स्थिति में लाया जाता है। आँखों और कानों से प्राप्त अनुभव के माध्यम से मन को वास्तविकता से जोड़ा जाता है।

    2. विपर्ययवृत्ति: इसमें मन में उत्पन्न भ्रम और गलत ज्ञान को दूर किया जाता है। विपर्ययवृत्ति का लक्ष्य मन के भीतर पल रहे विरोधाभासी विचारों को संशोधित करना है।

    3. विकल्प वृत्ति: यह कल्पनाशील ज्ञान से संबंधित है, जिसे वस्तु से कोई लेना-देना नहीं होता। इसे शब्द ज्ञान या कल्पना द्वारा प्राप्त ज्ञान कहा जा सकता है।

    4. निद्रावृत्ति: इसका अर्थ है ज्ञान की कमी। इस अवस्था में मन ज्ञान की स्थिति से दूर होता है और अज्ञान या तमस का अनुभव करता है।

    5. स्मृतिवृत्ति: जब मन बार-बार पुरानी यादों को याद करता है और अतीत के सुखद पलों में खुद को डुबो देता है।

    इन पांच वृत्तियों का अभ्यास मानसिक विकारों और तनाव को हटाने में सक्षम है। योग के माध्यम से इन पर ध्यान केंद्रित कर मन को शांत, सशक्त और बोझ-मुक्त बनाया जा सकता है। तन की तरह मन को भी स्वस्थ रखना जरूरी है, और चित्त की ये पाँच वृत्तियां इसे संभव बनाती हैं।