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  • ट्रंप ने यूक्रेन और ईरान वार्ता की कमान अपने दामाद और दोस्त के हाथों में सौंपी

    ट्रंप ने यूक्रेन और ईरान वार्ता की कमान अपने दामाद और दोस्त के हाथों में सौंपी


    वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दामाद जेरेड कुश्नर और पुराने मित्र स्टीव विटकॉफ को दुनिया के दो सबसे बड़े संकटों यूक्रेन युद्ध और ईरान के तनाव को संभालने की जिम्मेदारी दी है। गुरुवार को दोनों ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अलग-अलग बैठकों में इन मुद्दों पर चर्चा की।

    जिनेवा में व्यस्त कूटनीतिक दौरा
    कुश्नर और विटकॉफ ने अपने जिनेवा दौरे की शुरुआत ओमान के राजदूत के आवास से की जहां उन्होंने ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की। इसका उद्देश्य तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक समझौते पर मुहर लगाना और अमेरिका तथा इजरायल द्वारा संभावित हमलों को रोकना था। इसके कुछ ही घंटों बाद दोनों ने इंटरकॉन्टिनेंटल होटल में यूक्रेनी अधिकारियों से बैठक की। रूसी आक्रमण अब अपने पांचवें वर्ष में है इसलिए यह वार्ता बेहद अहम मानी जा रही थी। इसके बाद फोर सीजन्स होटल में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मंजिलों पर मुलाकात की गई। शाम तक दोनों फिर से ओमान के राजदूत के आवास लौटे और गुरुवार देर रात अमेरिका के लिए रवाना हुए।

    गाजा शांति समझौते में भूमिका

    कुश्नर और विटकॉफ की जिम्मेदारी केवल यूरोप या ईरान तक सीमित नहीं है। एक सप्ताह से भी कम समय पहले उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की उद्घाटन बैठक में हिस्सा लिया था। यह संस्था गाजा पट्टी में हमास और इजरायल के बीच युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।

    ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति
    ट्रंप की यह कवायद उनकी कूटनीतिक रणनीति को साफ दर्शाती है। वे अमेरिकी सरकार के पारंपरिक तंत्र पर भरोसा करने की बजाय अपनी सबसे अहम प्राथमिकताओं के लिए भरोसेमंद सहयोगियों दामाद और मित्र पर निर्भर हैं।

    विशेषज्ञों की चिंता और वाइट हाउस का बचाव

    कई विशेषज्ञों ने कहा है कि तीन बड़े और जटिल मुद्दों को केवल दो लोग संभालना चुनौतीपूर्ण है। ‘कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ के वरिष्ठ फेलो आरोन डेविड मिलर ने कहा कि हर वार्ता स्वयं में कई जटिल विवरणों का महासागर है। वहीं वाइट हाउस के एक अधिकारी ने इनका बचाव करते हुए कहा कि कुश्नर और विटकॉफ का सफलता का ट्रैक रिकॉर्ड और समय प्रबंधन उन्हें इन जिम्मेदारियों के लिए सक्षम बनाता है। दोनों को नियमित रूप से खुफिया ब्रीफिंग भी दी जाती है।

    व्यावसायिक हितों पर उठ रहे सवाल

    दोनों के बड़े व्यावसायिक हितों के कारण उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जेरेड कुश्नर की निवेश फर्म ‘एफिनिटी पार्टनर्स’ अरबों डॉलर का प्रबंधन करती है जिसमें कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड का पैसा शामिल है। स्टीव विटकॉफ की क्रिप्टो फर्म ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ में हिस्सेदारी है जो अबू धाबी सरकार से जुड़े फंड्स के साथ मध्य पूर्व में सौदे कर रही है। इसके अलावा विटकॉफ और रूस के वार्ताकार किरिल दिमित्रीव ने युद्ध के बाद आर्थिक समझौतों पर चर्चा की। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने कहा कि ये अच्छे व्यापारी हो सकते हैं लेकिन सीनेट की मंजूरी या सरकारी निगरानी के अधीन नहीं हैं।

    यूक्रेन का नजरिया

    यूक्रेन ने कुश्नर और विटकॉफ की भागीदारी का स्वागत किया है। मार्च की शुरुआत में रूसी अधिकारियों के साथ अगली त्रिपक्षीय चर्चा की उम्मीद है जिससे राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन की बैठक का रास्ता साफ हो सके। अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ओल्गा स्टेफनिशिना ने कहा कि सीधे राष्ट्रपति ट्रंप से संपर्क होने की वजह से वे दोनों उनके लिए उपयोगी हैं। हालांकि ट्रंप के पहले कार्यकाल में यूक्रेन वार्ता के विशेष दूत रहे कर्ट वोल्कर ने माना कि सीधा संपर्क सकारात्मक है लेकिन कुश्नर और विटकॉफ को इन मुद्दों की पूरी गहन समझ नहीं है।

  • डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

    डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

    नई दिल्ली। कन्नड़ फिल्म डायरेक्टर के साथ हुई किडनैपिंग और मारपीट की घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अदुगोडी पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग, हमला, जबरन वसूली जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
    कौन हैं अनीश
    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मारपीट और किडनैपिंग का शिकार हुए डायरेक्टर का नाम अनीश है और वह मॉडलिंग व कास्टिंग एजेंसी भी चलाते हैं।

    क्या हुआ अनीश के साथ
    अनीश, जीवनदा भाषा फिल्म डायरेक्ट कर रहे थे और 9 फरवरी को बेंगलुरु में थे। इसी दौरान उनसे बताया गया कि एक व्यक्ति उनकी कार को खरीदना चाहता है। इसके बाद उन्हें इस बहाने से शहर से दूर ले जाया गया। यहां पर अचानक कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और फाइनेंस मामले से जुड़ी उनकी पहले की शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव डालने लग गए। विवाद एक फिल्म में इन्वेस्टमेंट को लेकर था।

    आरोपियों ने कथित तौर पर डायरेक्टर के सोने के गहने भी लूट लिए और कई बार हमला किया। इसके बाद एटीएम से जबरदस्ती पैसे निकलवाए गए और फिर अस्पताल में एडमिट करवाया गया।

    पुराना है मामला
    पुलिस को जांच के दौरान यह शक था कि किसी जान पहचान वाले ने ही इन्हें बुलाया था। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत में बताया गया है कि साल 2024 में अनीश की पहचान आशी उर्फ आशीर्वाद से हुई। आशीर्वाद ने उससे ढाई लाख रुपये उधार लिए हुए थे। जब अनीश ने अपने पैसों की डिमांड की तो उसने मना कर दिया और धमकी दी। यह मामला पुलिस थाने तक पहुंचा।

    ऐश्वर्या कैसे इन्वॉल्व हुईं
    इसी दौरान, अनीश अपनी कार को बेचना चाहते थे। ऐश्वर्या से इस बारे में जब संपर्क हुआ तो उसने एक दोस्त शाहिद को खरीदार बताते हुए उससे मिलवाया। फिर 8 फरवरी को अनीश बेंगलुरु पहुंचे और जहां वह अन्य लोगों से मिले। अनीश को बताया गया कि वह डेढ़ लाख रुपये शाहिद के भाई के घर से रिसीव कर लें। जब वह उस जगह पर पहुंचे तो घर अंदर से बंद कर लिया और फिर उन पर हमला किया गया।
  • युवराज का दांव सफल! अभिषेक ने बल्ले से दिया करारा जवाब

    युवराज का दांव सफल! अभिषेक ने बल्ले से दिया करारा जवाब

    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दमदार जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी रहे युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा। टूर्नामेंट में लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे अभिषेक ने ठीक उसी वक्त शानदार अर्धशतक जड़कर आलोचकों को जवाब दिया, जब उन पर सवाल उठने लगे थे। उनकी इस पारी के बाद पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर और मेंटर माने जाने वाले युवराज सिंह ने खास अंदाज में उनकी हौसला अफजाई की। युवराज ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “सबसे अच्छी बातचीत तब होती है जब आप बल्ले को ही सारी बातें करने देते हैं। अच्छी पारी, सर अभिषेक, कोशिश करते रहो।”

    खराब फॉर्म से शानदार वापसी तक का सफर
    अभिषेक के लिए यह विश्व कप अब तक आसान नहीं रहा था। ग्रुप स्टेज के तीन मुकाबलों में वह लगातार शून्य पर आउट हुए थे। सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी वह महज 15 रन ही बना सके। उनकी खराब फॉर्म के चलते टीम इंडिया को हर मैच में कमजोर शुरुआत मिल रही थी और प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

    हालांकि टीम मैनेजमेंट ने धैर्य दिखाया और उन पर भरोसा कायम रखा। जिम्बाब्वे के खिलाफ मौका मिलने पर अभिषेक ने इस विश्वास को सही साबित किया। संजू सैमसन के साथ पारी की शुरुआत करते हुए उन्होंने शुरुआत में संयम बरता और फिर लय मिलते ही आक्रामक अंदाज अपनाया।

    30 गेंदों में बदली मैच की तस्वीर
    बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 30 गेंदों में 55 रन ठोक दिए, जिसमें 4 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनकी तेज पारी की बदौलत भारत ने 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 184 रन पर सिमट गई और भारत ने 72 रन से मुकाबला अपने नाम किया।

    यह अर्धशतक सिर्फ आंकड़ा नहीं था, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी का प्रतीक था। लंबे समय बाद अभिषेक अपने स्वाभाविक खेल में नजर आए और टीम को वह शुरुआत दिलाई, जिसकी जरूरत थी।

    वेस्टइंडीज मुकाबले से पहले राहत
    जिम्बाब्वे के खिलाफ इस प्रदर्शन से टीम इंडिया को सुपर-8 के आखिरी मुकाबले से पहले बड़ी राहत मिली है। अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या अभिषेक अपनी इस लय को बरकरार रख पाते हैं। युवराज की सीख साफ है-बल्ला बोलेगा, तो जवाब अपने आप मिल जाएगा।

  • बगैर SIM के नहीं चलेगा WhatsApp… 1 मार्च से लागू होगा सरकार का ये नया नियम

    बगैर SIM के नहीं चलेगा WhatsApp… 1 मार्च से लागू होगा सरकार का ये नया नियम


    नई दिल्ली।
    अगर आप वाट्सएप (WhatsApp) यूजर हैं, तो यह खबर आपके काम की है। दरअसल केंद्र सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि SIM-Binding नियम में कोई बदलाव या ढील नहीं दी जाएगी। यह नियम WhatsApp, Telegram, Signal मैसेजिंग ऐप्स लागू होते हैं, और इसका लक्ष्य डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाना है। यानी 1 मार्च से यह नियम लागू रहेगा और कंपनियों को इसे मानना ही होगा। सरकार के अनुसार, इन ऐप्स को एक्टिव SIM कार्ड से लगातार जुड़े रहना होगा, जिससे यह कन्फर्म किया जा सके कि व्हाट्सऐप उपयोग होने वाला नंबर असली और एक्टिव है। अगर SIM हटाई जाती है या इनएक्टिव होती है, तो ऐप की सेवाएं उस डिवाइस पर काम नहीं करेंगी।


    SIM-Binding क्या है?

    जिस मोबाइल नंबर से आपने WhatsApp अकाउंट बनाया है, वही SIM आपके फोन में एक्टिव रहनी चाहिए। अगर वह SIM आपके फोन में नहीं है या बंद हो गई है, तो WhatsApp ठीक से काम नहीं करेगा। अब तक मैसेजिंग ऐप्स में 6-डिजिट OTP डालकर एक बार लॉगिन होने के बाद SIM की मौजूदगी लगातार नहीं चेक होती थी। नया नियम यह बदलने वाला है अब हर समय SIM को एक्टिव और फोन में मौजूद होना जरूरी होगा। सरकार ने यह बदलाव इसलिए किया है क्योंकि वह डिजिटल धोखाधड़ी, फर्जी नंबरों का दुरुपयोग और साइबर अपराध को रोकने पर जोर दे रही है। जब हर अकाउंट एक वेरिफाइड SIM से जुड़ा होगा, तो फ्रॉड और फेक अकाउंट्स को पहचानना आसान हो जाएगा।


    1 मार्च 2026 के बाद कोई ढील नहीं

    डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्यूनिकेशंस (DoT) ने SIM-Binding नियम को 28 नवंबर 2025 को जारी किया था और कंपनियों को इसे पूरा करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि 1 मार्च 2026 तक सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को इस सिस्टम को लागू करना पड़ेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अलग-अलग डिवाइस पर लॉगिन किए गए Web या Desktop के लिए भी छह घंटे का ऑटो लॉग-आउट नियम भी लागू रहेगा। इसका यह मतलब है कि अगर आप कंप्यूटर या वेब पर WhatsApp चला रहे हैं, तो हर छह घंटे में आपको QR कोड से फिर से लॉगिन करना पड़ेगा।


    आम लोगों पर पड़ेगा ये असर

    अगर आपका नंबर एक्टिव है और वही SIM आपके फोन में लगी है, तो आपको ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपका WhatsApp सामान्य तरीके से चलता रहेगा।लेकिन अगर आपने फोन से SIM निकाल दी या वहीं SIM दूसरे फोन में डाल दी तो आपका व्हट्सऐप टेम्पररी इनएक्टिव हो जाएगा। साथ ही आपका नंबर बंद हो गया (रिचार्ज न होने की वजह से) तो WhatsApp दोबारा वेरिफिकेशन मांग सकता है या बंद भी हो सकता है। दरअसल केंद्र सरकार का मानना है कि अगर हर अकाउंट एक एक्टिव SIM से जुड़ा होगा, तो फर्जी नंबर, स्कैम और साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई और मजबूती से लड़ी जा सकती है।

  • क्वार्टर फाइनल की तरह होगा Ind vs WI मैच, बारिश में धुला तो जानिए किसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट?

    क्वार्टर फाइनल की तरह होगा Ind vs WI मैच, बारिश में धुला तो जानिए किसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट?


    नई दिल्ली।
    टी 20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में सुपर 8 के मुकाबले खेले जा रहे हैं। ग्रुप 1 के दो ही मैच बाकी हैं, जिनमें एक ही साउथ अफ्रीका वर्सेस जिम्बाब्वे (South Africa vs Zimbabwe) मैच, जबकि दूसरा है इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज (India vs West Indies) मैच। पहले मैच का असर सेमीफाइनल्स पर नहीं पड़ेगा, लेकिन दूसरा मैच एक तरह से वर्चुअल क्वार्टर फाइनल है। इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज सुपर 8 मैच में जो टीम जीत दर्ज करेगी, उसे सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा। हालांकि, एक चिंता भारतीय फैंस को सता रही है कि क्या बारिश खेल बिगाड़ेगी? अगर बारिश में मैच धुला तो फिर कौन सी टीम सेमीफाइनल में जाएगी? इन्हीं सवालों का जवाब आपको इस स्टोरी में मिलने वाला है।

    इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज सुपर 8 का मुकाबला एक मार्च को होना है। शाम सात बजे से टूर्नामेंट का ये अहम मैच खेला जाएगा। टीम इंडिया और वेस्टइंडीज अपने दो-दो मैचों में से एक-एक मैच जीत चुकी हैं, जबकि दोनों को साउथ अफ्रीका से हार मिली है। अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए नेट रन रेट को सुधारने की जरूरत न तो टीम इंडिया को है, न ही वेस्टइंडीज को, क्योंकि अब समीकरण सीधा और साफ है कि जो भी टीम इस मैच में जीतेगी, उसे सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा। जीत कितनी भी बड़ी हो या फिर कितनी भी छोटी, सिर्फ जीत मायने रखेगी।

    अब दूसरा सवाल कि क्या इस मैच पर बारिश का साया है तो इसका जवाब है- नहीं। मैच के टाइम पर बीबीसी वेदर और एक्यूवेदर की रिपोर्ट पर भरोसा करें तो एक पर्सेंट भी बारिश का अनुमान नहीं है। अगर रिपोर्ट के आधार पर चलें तो मैच पूरा होगा, क्योंकि जब मैच शुरू होगा और जब मैच खत्म होने का समय होगा, तब तक बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में फैंस को घबराने की जरूरत नहीं है।

    हालांकि, अगर कुदरत का निजाम आया और बारिश ने मैच में खलल डाला और बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हुआ तो फिर टीम इंडिया के लिए यह अच्छा नहीं होगा। इसके पीछे की वजह है- नेट रन रेट, क्योंकि अगर बारिश के कारण इंडिया और वेस्टइंडीज को एक-एक पॉइंट मिला तो दोनों टीमों के 3-3 पॉइंट हो जाएंगे और फिर नेट रन रेट के आधार पर वेस्टइंडीज को सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा, क्योंकि अभी नेट रन रेट वेस्टइंडीज का भारत से कहीं ज्यादा बेहतर है। टीम इंडिया का नेट रन रेट 2 मैचों के बाद 2 पॉइंट्स के साथ -0.100 है, जबकि वेस्टइंडीज का 2 पॉइंट्स के बाद नेट रन रेट +1.791 है।

  • इस कंपनी ने 4000 कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता… 25% उछले शेयर

    इस कंपनी ने 4000 कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता… 25% उछले शेयर

    वाशिंगटन। ट्विटर के को-फाउंडर (Twitter Co-Founder) जैक डोर्सी (J
    ack Dorsey) की कंपनी ब्लॉक इंक (Blockchain Inc) ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने 4,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। गुरुवार, 26 फरवरी को आई इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में वॉल स्ट्रीट पर 25% की जबरदस्त उछाल देखी गई। कंपनी का कहना है कि यह कटौती उसके कुल कर्मचारियों की संख्या को 10,000 से घटाकर लगभग 6,000 कर देगी।


    डोर्सी ने क्या कहा? ‘यह फैसला मुश्किल है, लेकिन जरूरी’

    शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में जैक डोर्सी ने इस फैसले को “बेहद मुश्किल” बताया। कंपनी की सीएफओ अमृता आहूजा के मुताबिक, यह कदम कंपनी को लंबी अवधि की वृद्धि के अगले चरण के लिए तैयार करेगा। दिसंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, ब्लॉक में कुल 10,205 कर्मचारी कार्यरत थे।


    प्रभावित कर्मचारियों को मिलेगा यह मुआवजा पैकेज

    डोर्सी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अलग से बताया कि नौकरी जाने से प्रभावित लोगों को 20 सप्ताह का वेतन और कंपनी में बिताए हर साल के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें मई के अंत तक के लिए इक्विटी, छह महीने का स्वास्थ्य बीमा, कंपनी के डिवाइस और संक्रमण में मदद के लिए 5,000 डॉलर की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की जाएगी।

    कंपनी पर कितना पड़ेगा खर्च?
    छंटनी के इस पूरे अभियान के चलते ब्लॉक पर लगभग 500 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च आएगा। इसमें ज्यादातर राशि विच्छेद भुगतान, कर्मचारी लाभ और कुछ गैर-नकद खर्च शामिल हैं, जिसका असर अगली तिमाही के वित्तीय नतीजों में देखने को मिलेगा।


    AI का बढ़ता प्रभाव: क्या यही है बड़ी वजह?

    ब्लॉक के सह-सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला कंपनी के संकट में होने की वजह से नहीं लिया गया है। डोर्सी ने लिखा, “हम पहले से ही देख रहे हैं कि हम जो इंटेलिजेंस टूल (AI) बना और इस्तेमाल कर रहे हैं, वे छोटी टीमों के साथ मिलकर काम करने का एक नया तरीका सक्षम कर रहे हैं। यह मूल रूप से बदल रहा है कि किसी कंपनी को बनाने और चलाने का क्या मतलब है, और यह बदलाव तेजी से हो रहा है।” उनका कहना है कि अन्य कंपनियां भी इसी तरह अपने कार्यबल में बदलाव कर सकती हैं क्योंकि ये AI उपकरण उनके लिए दक्षता में बढ़ोतरी ला रहे हैं।


    AI के चलते छंटनी करने वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हुआ ब्लॉक

    ब्लॉक, जो एक वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी है, अब उन कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है, जिन्होंने AI के कारण अपने कार्यबल में बदलाव का हवाला देते हुए छंटनी की घोषणा की है। इससे पहले Pinterest, CrowdStrike और Chegg जैसी कंपनियां भी इस सूची में शामिल हो चुकी हैं। कंपनी ने यह घोषणा अपने चौथी तिमाही के नतीजों के साथ की, जो काफी हद तक उम्मीदों के अनुरूप रहे।

  • इस देश में खुलेआम किस करने पर दो महिलाएं गिरफ्तार… यहां समलैंगिकता है जघन्य अपराध!

    इस देश में खुलेआम किस करने पर दो महिलाएं गिरफ्तार… यहां समलैंगिकता है जघन्य अपराध!


    कंपाला।
    दुनिया में आज भी कई ऐसे देश हैं, जिनमें समलैंगिकता (Homosexuality) को जघन्य अपराध माना जाता है। अफ्रीकी देश युगांडा (African Country Uganda) भी उन्हीं देशों में से एक है। यहां पर दो युवा महिलाओं (Two Young Women) को खुले आम प्यार का इजहार करना महंगा पड़ गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाओं को किस करते हुए देखा गया, चूंकि यह देश के कानून के खिलाफ है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

    पुलिस के बयान के मुताबिक एक महिला की उम्र करीब 22 साल है, जबकि दूसरी की उम्र करीब 21 साल है। दोनों को देश के अरुआ शहर से गिरफ्तार किया गया है, जहां पर वह खुले आम किस करने और असामान्य कृत्यों में संलिप्त थीं, जिन्हें यौन प्रकृति का माना जाता है।

    आपको बता दें, युगांडा में वर्ष 2023 में एंटी होमोसेक्सुएलिटी एक्ट लागू किया गया है। देश की सरकार द्वारा लागू किए गए इस कानून का पश्चिमी देशों ने भरपूर विरोध किया था लेकिन यहां की सरकार सबसे कठोर एलजीबीटीक्यू विरोधी कानून लागू करने पर लगी हुई है। इस कानून के तहत समलैंगिक संबंध रखने वाले लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है, जबकि गंभीर मामलों में मृत्युदंड का भी प्रावधान है।


    बार-बार पकड़े जाने पर मृत्युदंड का प्रावधान
    समलैंगिक संबंधों को लेकर युगांड़ा का कानून सबसे ज्यादा कठोर है। 2023 में पारित किए गए कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति बार-बार समलैंगिक संबंध बनाते पकड़ा जाता है, या ऐसा समलैंगिक संबंध जिससे लाइलाज बीमारी फैलती हो, नाबालिग, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति के साथ समलैंगिक संबंध बनाने पर व्यक्ति को मृत्युदंड दिया जा सकता है।

    गौरतलब है कि युगांडा पूर्वी अफ्रीका का एक रूढ़िवादी और मुख्यतः ईसाई बहुल देश है। इस कानून के कारण मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में व्यापक आक्रोश फैल गया था और संयुक्त राष्ट्र तथा पश्चिमी देशों ने इसकी निंदा की थी। विश्व बैंक ने देश को दी जाने वाली वित्तीय सहायता निलंबित कर दी थी, हालांकि 2025 के मध्य में इसे फिर से बहाल कर दिया गया। इस महीने की शुरुआत में, एक युगांडा अदालत ने “गंभीर समलैंगिकता” श्रेणी के तहत आरोपित पहले व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि लंबी न्यायिक हिरासत के कारण उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर हो गई थी।

  • US से वार्ता के बीच रूस का यूक्रेन पर भयंकर हमला… रातभर में बरसाए 420 ड्रोन और 39 मिसाइल…

    US से वार्ता के बीच रूस का यूक्रेन पर भयंकर हमला… रातभर में बरसाए 420 ड्रोन और 39 मिसाइल…


    कीव।
    जिनेवा (Geneva) में अमेरिका (America) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच चल रही वार्ता के बीच रूस ने कीव पर भयंकर हवाई हमला किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (President Volodymyr Zelensky) ने गुरुवार को कहा कि रूस (Russia) ने रात भर में यूक्रेन पर 420 ड्रोन और 39 मिसाइलों से हमला किया। यह हमला अमेरिकी और यूक्रेनी दूतों द्वारा जिनेवा में युद्ध समाप्त करने के लिए और अधिक बातचीत करने से कुछ घंटे पहले हुआ, जो अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। जेलेंस्की ने बताया कि इस हमले में 11 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं और यूक्रेन के आठ क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तथा आवासीय इलाकों को निशाना बनाया गया। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों सहित दर्जनों लोग घायल हुए हैं, हालांकि मृतकों की सटीक संख्या की तुरंत पुष्टि नहीं की गई।

    जेलेंस्की ने बुधवार देर रात कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में उनके प्रयासों तथा भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया। अमेरिका की मध्यस्थता में मॉस्को और कीव के बीच वार्ता जारी है, लेकिन रूस द्वारा दावा किए गए यूक्रेनी क्षेत्र के मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है। जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर सम्मेलन की मांग की है और कहा है कि आमने-सामने की बैठक किसी समझौते तक पहुंचने में निर्णायक साबित हो सकती है। हालांकि, क्रेमलिन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, सिवाय यूक्रेनी राष्ट्रपति को मॉस्को आमंत्रित करने के, जिसे जेलेंस्की ने ठुकरा दिया।

    ट्रंप के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने वार्ता में हिस्सा लिया। ये दोनों जिनेवा में ईरान के साथ परमाणु वार्ता पर विचार करने के बाद यूक्रेन युद्ध पर चर्चा के लिए पहुंचे थे। उन्होंने यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तम उमेरोव से मुलाकात की। वे जेलेंस्की के साथ ट्रंप की बातचीत में भी शामिल हुए। उमेरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि दूतों के साथ यूक्रेन को आर्थिक सहायता, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षित करने के तरीकों और दीर्घकालिक सहयोग के ढांचे पर चर्चा हुई। उनके अनुसार, बैठक में रूस को शामिल करके त्रिपक्षीय वार्ता के अगले दौर की तैयारियों पर भी विचार किया गया, साथ ही कैदियों के संभावित आदान-प्रदान पर भी बात हुई।

    जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने पोल्टावा क्षेत्र में गैस बुनियादी ढांचे तथा कीव और ड्नीप्रो क्षेत्रों में बिजली सबस्टेशनों पर हमला किया। राजधानी कीव सहित पांच अन्य क्षेत्रों में आपातकालीन दल मौके पर पहुंचे। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने रूस की अधिकांश मिसाइलों को मार गिराया और पश्चिमी सहयोगियों को समय पर अतिरिक्त वायु रक्षा हथियारों की आपूर्ति के लिए धन्यवाद दिया। रूस की बड़ी सेना के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए यूक्रेन को विदेशी मदद की सख्त जरूरत है।

    यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सहयोगी देशों से अधिक सैन्य सहायता देने की अपील की। उन्होंने विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट में कहा कि जब पूरी दुनिया मॉस्को से इस व्यर्थ युद्ध को रोकने की मांग कर रही है, तो पुतिन और अधिक आतंक, हमलों और आक्रामकता पर उतारू हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा ने रात भर में कई रूसी क्षेत्रों के साथ-साथ काला सागर और आज़ोव सागर के ऊपर 17 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। यूक्रेन के स्वदेशी लंबी दूरी के ड्रोन ने रूस के अंदरूनी इलाकों में तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और सैन्य रसद केंद्रों पर हमले किए हैं।


    रूस और यूक्रेन ने सैनिकों के शवों का किया आदान-प्रदान

    गौरतलब है कि पिछली वार्ताओं में रूसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख व्लादिमीर मेदिंस्की ने गुरुवार को बताया कि रूस ने 1000 शहीद यूक्रेनी सैनिकों के शव यूक्रेन को सौंपे और बदले में अपने 35 शहीद सैनिकों के शव वापस लिए। उन्होंने यह नहीं बताया कि यह आदान-प्रदान कब हुआ। बाद में यूक्रेन के युद्धबंदियों के समन्वय मुख्यालय ने शवों की वापसी की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने कहा कि रूसी पक्ष की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये यूक्रेनी रक्षकों के हो सकते हैं।

  • US में F-35 का रिटायर्ड पायलट गिरफ्तार, चीनी सैन्य पायलटों को गुप्त प्रशिक्षण देने का आरोप

    US में F-35 का रिटायर्ड पायलट गिरफ्तार, चीनी सैन्य पायलटों को गुप्त प्रशिक्षण देने का आरोप


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पर पूर्व अमेरिकी वायु सेना (American Air Force) के एलीट फाइटर पायलट और एफ-35 प्रशिक्षक (F-35 Trainer) गेराल्ड एडी ब्राउन जूनियर को चीनी सैन्य पायलटों को गुप्त रूप से लड़ाकू प्रशिक्षण देने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि उन्हें शस्त्र निर्यात नियंत्रण अधिनियम (AECA) के उल्लंघन के तहत आरोपित किया गया है। उन्हें 26 फरवरी 2026 को इंडियाना के दक्षिणी जिले में मजिस्ट्रेट जज के समक्ष पेश किया जाना है।

    राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए आइजेनबर्ग ने कहा कि अमेरिकी वायु सेना ने मेजर ब्राउन को एक विशिष्ट लड़ाकू पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया था और राष्ट्र की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब उन पर चीनी सैन्य पायलटों को प्रशिक्षण देने का आरोप है। न्याय विभाग के अनुसार, 24 वर्ष से अधिक समय तक अमेरिकी वायु सेना में सेवा देने वाले पूर्व एफ-35 प्रशिक्षक पायलट ब्राउन ने कथित तौर पर अगस्त 2023 से चीनी सैन्य पायलटों (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स – PLAAF) को लड़ाकू विमान प्रशिक्षण प्रदान करने की साजिश रची। यह प्रशिक्षण अंतर्राष्ट्रीय शस्त्र व्यापार विनियम (ITAR) के तहत रक्षा सेवा माना जाता है, जिसके लिए स्टेट डिपार्टमेंट से लाइसेंस जरूरी था, जो ब्राउन के पास नहीं था।

    ब्राउन के सैन्य करियर में संवेदनशील इकाइयों का नेतृत्व, युद्ध अभियानों का संचालन और एफ-4, एफ-15, एफ-16, ए-10 तथा एफ-35 जैसे विमानों पर लड़ाकू पायलट एवं सिम्युलेटर प्रशिक्षक के रूप में सेवा शामिल थी। 1996 में सक्रिय सेवा छोड़ने के बाद उन्होंने वाणिज्यिक पायलट और अमेरिकी रक्षा ठेकेदारों के लिए अनुबंध सिम्युलेटर प्रशिक्षक के तौर पर काम किया। दिसंबर 2023 में ब्राउन चीन गए, जहां उन्होंने PLAAF पायलटों को प्रशिक्षण देना शुरू किया। शिकायत के मुताबिक, पहले दिन उन्होंने अमेरिकी वायु सेना के बारे में तीन घंटे तक सवालों के जवाब दिए, दूसरे दिन खुद के बारे में प्रस्तुति दी, और फरवरी 2026 की शुरुआत तक अमेरिका लौटने तक सिम्युलेटर एवं उड़ान प्रशिक्षण संचालित किया। उन्होंने अमेरिकी वायु सेना के अभियानों पर विस्तृत जानकारी भी साझा की।

    एफबीआई के काउंटरइंटेलिजेंस और जासूसी प्रभाग के सहायक निदेशक रोमन रोजहाव्स्की ने कहा कि ब्राउन ने कथित तौर पर अपने देश के साथ विश्वासघात किया, क्योंकि उन्होंने चीनी पायलटों को उन लोगों के खिलाफ लड़ने का प्रशिक्षण दिया जिनकी रक्षा करने की उन्होंने शपथ ली थी। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। यह गिरफ्तारी 2017 में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के पूर्व पायलट डैनियल एडमंड डुग्गन के खिलाफ इसी तरह के आरोपों के बाद हुई है। न्याय विभाग ने जोर दिया कि चीन अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नाटो और सहयोगी देशों के वर्तमान एवं पूर्व सैन्य कर्मियों को निशाना बनाना जारी रखे हुए है।

  • अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दागी नई बैलिस्टिक मिसाइल

    अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दागी नई बैलिस्टिक मिसाइल


    वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने नई सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है।
    ‘खैबर’ नाम की इस चौथी पीढ़ी की मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 2000 किलोमीटर बताई जा रही है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार मिसाइल का प्रक्षेपण एक गोपनीय स्थान से किया गया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्रीय सुरक्षा हालात संवेदनशील बने हुए हैं और दोनों देशों के बीच सैन्य तथा कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अमेरिका की ओर से खाड़ी क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की खबरें भी सामने आती रही हैं।

    परमाणु वार्ता का तीसरा दौर शुरू

    इसी बीच दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता का तीसरा दौर जेनेवा में शुरू हुआ। यह बातचीत ओमान की मध्यस्थता में हो रही है। वार्ता का उद्देश्य परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को कम करना और कूटनीतिक समाधान तलाशना है।

    ईरान ने परमाणु हथियार बनाने से किया इनकार

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में काम नहीं कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई पहले ही परमाणु हथियारों के विकास पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।

    पेजेशकियन के अनुसार, “जब सर्वोच्च नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि परमाणु हथियार नहीं बनाए जाएंगे, तो ईरान उसी नीति पर कायम है।”

    पुराना विवाद, नई कोशिश

    गौरतलब है कि 2000 के दशक की शुरुआत में खामेनेई ने एक धार्मिक आदेश (फतवा) जारी कर परमाणु हथियारों के निर्माण को प्रतिबंधित बताया था। इसके बावजूद अमेरिका लगातार ईरान पर परमाणु क्षमता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाता रहा है।

    विश्लेषकों के अनुसार, एक ओर जहां मिसाइल परीक्षण शक्ति प्रदर्शन का संकेत है, वहीं दूसरी ओर जारी कूटनीतिक वार्ता इस बात का संकेत देती है कि दोनों देश टकराव से बचते हुए समाधान की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं।