5 000 रुपये की SIP से 20 साल में कितना फंड होगा तैयार
एसआईपी में निवेश करने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान

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टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के पन्ने पलटें तो तस्वीर काफी डरावनी नजर आती है। साल 2007 में जब इस टूर्नामेंट का आगाज साउथ अफ्रीका में हुआ, तो प्रोटियाज टीम अपने ही घर में सुपर-8 से बाहर हो गई। इसके बाद 2009 में क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड और 2010 में कैरेबियाई धरती पर वेस्टइंडीज भी अपनी मेजबानी का फायदा नहीं उठा पाए और सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में नाकाम रहे। 2012 में पहली बार ऐसा लगा कि श्रीलंका इस ‘जिंक्स’ को तोड़ देगा। लंकाई टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताबी मुकाबले में वेस्टइंडीज ने उन्हें 36 रनों से हराकर करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया। श्रीलंका इकलौती ऐसी टीम बनी जो मेजबान होते हुए फाइनल तक का सफर तय कर सकी, लेकिन जीत वहां भी नसीब नहीं हुई।
इसके बाद का इतिहास भी कमोबेश ऐसा ही रहा। 2014 में बांग्लादेश सुपर-10 से आगे नहीं बढ़ पाया, तो वहीं 2016 में जब भारत में टी20 वर्ल्ड कप हुआ, तब टीम इंडिया का सपना सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने ही चकनाचूर किया। 2021 में यूएई और ओमान ग्रुप स्टेज से बाहर हुए, और 2022 के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपने ही घर में सुपर-12 की बाधा पार नहीं कर सके। यहां तक कि 2024 में यूएसए और वेस्टइंडीज की संयुक्त मेजबानी भी इस सिलसिले को नहीं बदल सकी; भारत ने वहां खिताब जीता लेकिन दोनों मेजबान सुपर-8 में ही सिमट गए।
अब सवाल 2026 का है। श्रीलंका की विदाई ने यह साफ कर दिया है कि घरेलू परिस्थितियों का दबाव कभी-कभी प्रतिभा पर भारी पड़ जाता है। भारत के पास दुनिया की सबसे मजबूत टीम और आईपीएल जैसा अनुभव है, लेकिन आंकड़ों का यह भूत रह-रहकर डरा रहा है। क्या रोहित ब्रिगेड या टीम इंडिया की नई पीढ़ी उस मानसिक दीवार को गिरा पाएगी जिसे पिछले 9 एडिशन में कोई पार नहीं कर पाया? क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन ‘मेजबानी की पनौती’ एक ऐसा कड़वा सच बन चुका है जिसे झुठलाने के लिए भारत को न केवल विरोधी टीमों से, बल्कि इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड से भी लड़ना होगा।

हाल ही में जितेश दक्षिण अफ्रीका और आरसीबी के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर आए थे. जहां उन्होंने बताया कि आखिर वह क्यों अपनी टीम की बर्बादी की दुआ करते थे. दरअसल, जितेश खुद हीरो बनने के लिए ऐसी दुआ करते थे.
क्या थी जितेश शर्मा की दुआ?
आरसीबी के लिए दिखाया दम
बात करें जितेश के आईपीएल करियर की, तो उन्होंने अब तक कुल 55 मैच खेल लिए हैं. इन मैचों की 47 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 25.41 की औसत से 991 रन बना लिए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 1 अर्धशतक निकला है.
आरसीबी ने जीता खिताब


भोपाल/ देवास! भारत की अग्रणी औद्योगिक और चिकित्सीय गैस निर्माण कंपनियों में से एक आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (आईनॉक्सएपी) ने टीएसीसी लिमिटेड (द एडवांस्ड कार्बन्स कंपनी) के साथ लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप की है। यह पार्टनरशिप मध्य प्रदेश के देवास में टीएसीसी की प्रस्तावित ग्रीनफील्ड निर्माण इकाई के लिए नाइट्रोजन की आपूर्ति हेतु की गई है, जहां लिथियम-आयन बैटरी ग्रेड ग्रेफाइट एनोड सामग्री का उत्पादन किया जाएगा। आईनॉक्सएपी इस परियोजना के तहत एक समर्पित ऑनसाइट नाइट्रोजन संयंत्र की स्थापना करेगा, जिसे बिल्ड, ओन और ऑपरेट मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इस संयंत्र के माध्यम से टीएसीसी की निर्माण आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर, सुरक्षित और उच्च शुद्धता वाली नाइट्रोजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स के बिज़नेस डेवलपमेंट एंड स्ट्रैटेजी हेड, दिगंत शर्मा ने कहा, “टीएसीसी एडवांस्ड कार्बन मटीरियल्स के क्षेत्र में सबसे आगे है और यह पार्टनरशिप सस्टेनेबिलिटी और महत्वाकांक्षा के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाती है। यह लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट हाई-परफॉर्मेंस मटीरियल्स के उत्पादन को संभव बनाने में हमारी विशेषज्ञता और ऑपरेशनल क्षमताओं को और मज़बूत करता है, जो भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एनर्जी स्टोरेज और व्यापक क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए बेहद अहम हैं। आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स में हम इस पार्टनरशिप को एक स्ट्रैटेजिक कदम के रूप में देखते हैं, जो भविष्य के लिए तैयार और मजबूत इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन बनाने की दिशा में है।” टीएसीसी, जो एडवांस्ड कार्बन मटीरियल्स के क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में से एक है, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स के लिए बैटरी-ग्रेड सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मटीरियल्स विकसित करने में विशेषज्ञ है। इसके साथ ही कंपनी ग्रेफीन आधारित उत्पादों पर भी काम कर रही है, जो कंस्ट्रक्शन, टेक्सटाइल्स, पेंट्स और अन्य औद्योगिक उपयोगों में नई संभावनाएं खोलते हैं। नाइट्रोजन की सुनिश्चित आपूर्ति से प्रोसेस की कार्यक्षमता और प्रोडक्ट की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे बड़े स्तर पर अपनाए जा सकने वाले और पर्यावरण के लिए बेहतर समाधानों पर टीएसीसी का फोकस और मजबूत होगा।
टीएसीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, अंकुर खेतान ने कहा, “बैटरी-ग्रेड ग्रेफाइट का मैन्युफैक्चरिंग बेहद सटीकता, शुद्धता और भरोसेमंद प्रोसेस की मांग करता है। आईनॉक्सएपी के साथ हमारी पार्टनरशिप हमें हाई-प्योरिटी नाइट्रोजन की भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित करती है, जो बड़े पैमाने पर ग्लोबल स्टैंडर्ड्स हासिल करने के लिए बेहद ज़रूरी है। साथ मिलकर हमारा लक्ष्य भारत के एडवांस्ड मटीरियल्स इकोसिस्टम को मजबूत करना और देश की क्लीन एनर्जी व इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की महत्वाकांक्षाओं को सपोर्ट करना है।” इस पार्टनरशिप के साथ, आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स भविष्य के लिए तैयार इंडस्ट्रियल गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही सप्लाई की विश्वसनीयता, सेफ्टी और कंप्लायंस के मामले में नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह सहयोग भारत को अधिक स्वच्छ और मजबूत ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने की आईनॉक्सएपी की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है। आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स और टीएसीसी मिलकर सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ की मजबूत नींव रख रहे हैं और ऐसी टेक्नोलॉजीज़ को आगे बढ़ा रहे हैं, जो भारत के ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगी।

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सचिन ने दिया खास संदेश
हाल ही में आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस ने अर्जुन और सानिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसमें दोनों साथ नजर आ रहे हैं. वीडियो में सचिन तेंदुलकर ने अपने बेटे के लिए भावुक संदेश भी दिया है. उन्होंने कहा कि जब बेटा किसी लड़की को घर पर मिलवाने लाता है तो समझ में जाता है कि वह अब बड़ा हो गया है. सचिन ने यह भी कहा कि दोनों एक-दूसरे के प्यार में पूरी तरह डूबे हुए लगते हैं और उन्हें अर्जुन पर गर्व है कि उसने अपने लिए एक खास साथी चुना.
अगले महीने शादी के बंधन में बंधेंगे दोनो
अर्जुन और सानिया की सगाई अगस्त 2025 में हुई थी. सानिया चांदोक एक सफल उद्यमी हैं और मुंबई के कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं. बताया जाता है कि वह काफी समय से तेंदुलकर परिवार के करीब रही हैं.
क्रिकेट करियर में भी बना रहे हैं अलग पहचान
क्रिकेट की बात करें तो अर्जुन तेंदुलकर ने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज के रूप में उन्होंने गोवा की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में शतक जड़ा था. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अपने पिता की तरह पहले ही फर्स्ट क्लास मैच में सेंचुरी बनाने का रिकॉर्ड बनाया.
आईपीएल में अर्जुन ने मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई थी. अब वह अगले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की जर्सी में नजर आएंगे क्योंकि हाल ही में उन्हें ट्रेड किया गया है. फिलहाल तेंदुलकर परिवार में खुशियों का माहौल है. क्रिकेट के मैदान से हटकर अर्जुन अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं और फैंस भी इस खास मौके का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

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