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  • बसंत पंचमी 2026: 23 जनवरी को ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का होगा पूजन; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पीले रंग का महत्व

    बसंत पंचमी 2026: 23 जनवरी को ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का होगा पूजन; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पीले रंग का महत्व


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पावन पर्वों में से एक ‘बसंत पंचमी’ इस वर्ष 23 जनवरी 2026 को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इसी दिन से ऋतुराज वसंत का आगमन होता है, जो प्रकृति में नवजीवन और उल्लास का संचार करता है।

    पूजा का शुभ मुहूर्त और तिथि श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन, अजमेर की निदेशिका एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 23 जनवरी 2026 को अर्धरात्रि 02:28 बजे से प्रारंभ होगी और इसका समापन 24 जनवरी को अर्धरात्रि 01:46 बजे होगा। उदया तिथि की गणना के अनुसार, बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी को ही मनाया जाएगा। माँ सरस्वती की पूजा के लिए प्रातः 06:43 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक का समय सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है।

    धार्मिक मान्यता: जब सृष्टि को मिली वाणी पौराणिक कथाओं के अनुसार, सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने जब संसार की रचना की, तो उन्हें चारों ओर मौन और नीरसता महसूस हुई। तब उन्होंने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे श्वेत वस्त्रधारिणी माँ सरस्वती प्रकट हुईं। माँ ने अपनी वीणा का मधुर स्वर छेड़ा, जिससे समस्त संसार को वाणी, ध्वनि और चेतना प्राप्त हुई। इसी कारण बसंत पंचमी को ज्ञान और संगीत के उदय का पर्व माना जाता है।

    शुभ कार्यों के लिए ‘अबूझ मुहूर्त ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा के अनुसार, यह दिन विद्या आरंभ, विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ (अबूझ मुहूर्त) माना जाता है। इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का लग्न भी लिखा गया था। छोटे बच्चों के ‘अक्षरारंभ’ और ‘अन्नप्राशन’ संस्कार के लिए भी यह तिथि सर्वश्रेष्ठ है। पीले रंग का विशेष महत्व बसंत पंचमी पर चारों ओर पीला रंग छाया रहता है। पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा, उल्लास और नवजीवन का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण करते हैं और माँ सरस्वती को पीले पुष्प (विशेषकर गेंदा और सरसों के फूल), पीला चंदन, हल्दी और केसरिया मीठे चावल अर्पित करते हैं।

    पूजा विधि और मंत्र

    स्थापना: माँ सरस्वती की प्रतिमा को पीले वस्त्र पर स्थापित करें। र्पण: रोली, हल्दी, केसर और श्वेत या पीले पुष्प चढ़ाएं। पूजा स्थल पर अपनी पुस्तकें और वाद्य यंत्र अवश्य रखें। वंदना: ‘कुंदेंदुतुषारहारधवला. वंदना का पाठ करें। मंत्र जाप: ‘ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः’ मंत्र का जाप करने से बुद्धि और एकाग्रता में वृद्धि होती है। सकारात्मक ऊर्जा के उपाय घर में रचनात्मक माहौल के लिए वीणा रखना शुभ होता है। ज्योतिषाचार्या बताती हैं कि मंदिर में मोर पंख रखने से नकारात्मकता समाप्त होती है और हंस की तस्वीर मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ाती है। बसंत पंचमी से शुरू होने वाला यह वसंतोत्सव होलिका दहन तक जारी रहता है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने NDRF के स्थापना दिवस पर जवानों को सराहा; बोले– चुनौतीपूर्ण समय में 'आशा का संचार' है यह बल

    प्रधानमंत्री मोदी ने NDRF के स्थापना दिवस पर जवानों को सराहा; बोले– चुनौतीपूर्ण समय में 'आशा का संचार' है यह बल


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के वीर कर्मियों को नमन किया। प्रधानमंत्री ने संकट की घड़ियों में NDRF के जवानों द्वारा दिखाए जाने वाले अदम्य साहस पेशेवर दक्षता और निस्वार्थ सेवा भाव की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र का सच्चा रक्षक बताया।

    संकट में अग्रिम पंक्ति के योद्धा प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में लिखा कि NDRF के पुरुष और महिला कर्मियों का दृढ़ संकल्प विपरीत परिस्थितियों में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय ये जवान सदैव अग्रिम पंक्ति में तैनात रहकर अपने परिश्रम से न केवल मानव जीवन की रक्षा करते हैं और राहत कार्य संचालित करते हैं, बल्कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण और निराशाजनक परिस्थितियों में भी आम जनमानस के बीच ‘आशा का संचार’ करते हैं।

    वैश्विक स्तर पर अर्जित किया सम्मान प्रधानमंत्री ने बल की कार्यप्रणाली को सेवा के सर्वोच्च मानकों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों के दौरान NDRF ने न केवल देश के भीतर आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और तैयारी के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है, बल्कि अपनी कार्यकुशलता के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सम्मान और ख्याति अर्जित की है। चाहे भूकंप हो चक्रवात हो या कोई अन्य प्राकृतिक विपदा, NDRF के जवानों ने हमेशा अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा परमो धर्म के मंत्र को सिद्ध किया है।

    साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन स्थापना दिवस पर दी गई इस बधाई में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जवानों के कौशल और कर्तव्यनिष्ठा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश को अपने इस बल पर गर्व है जो हर विषम परिस्थिति में नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच बनकर खड़ा रहता है।उल्लेखनीय है कि NDRF आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। 2006 में गठित इस बल ने अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से देश के आपदा प्रबंधन तंत्र को एक नई शक्ति प्रदान की है।

  • नोएडा बेसमेंट हादसा: SDRF-NDRF के सामने डूबता रहा युवराज, पिता बोले– मेरा बेटा तड़पता रहा कोई नहीं बचा पाया

    नोएडा बेसमेंट हादसा: SDRF-NDRF के सामने डूबता रहा युवराज, पिता बोले– मेरा बेटा तड़पता रहा कोई नहीं बचा पाया


    नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुआ बेसमेंट हादसा पूरे शहर को झकझोर कर रख देने वाला है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उनके पिता राजकुमार मेहता का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर SDRF और NDRF की टीमें मौजूद थीं, लेकिन उनके बेटे को समय रहते नहीं बचाया गया। राजकुमार मेहता का कहना है कि उनके सामने ही युवराज पानी में तड़पता रहा और मदद के इंतजार में उसकी जान चली गई।

    हादसे की रात करीब 12 बजे युवराज ने अपने पिता को फोन कर बताया कि उसकी कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई है। सूचना मिलते ही राजकुमार मेहता रात 12:40 बजे मौके पर पहुंचे, लेकिन घना कोहरा और अंधेरा रास्ता बन गया। युवराज ने फोन की टॉर्च जलाकर यह संकेत दिया कि वह पानी में फंसा है और लगातार मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन कोई ठोस रेस्क्यू शुरू नहीं हो सका।पिता का आरोप है कि पुलिस दमकल विभाग SDRF और NDRF मौके पर तो पहुंचे लेकिन उनके पास न तो गोताखोर थे और न ही पर्याप्त उपकरण। बचाव दल ने पानी के अंदर सरिया और अत्यधिक ठंड का हवाला देकर अंदर जाने से मना कर दिया। इसी देरी में युवराज की हालत बिगड़ती चली गई और वह कार समेत डूब गया।

    राजकुमार मेहता ने बताया कि हादसा जिस जगह हुआ, वहां करीब 50 फीट गहरा गड्ढा था, जिसमें पहले से पानी भरा हुआ था। न तो वहां कोई बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड। यह इलाका एमजेड विशटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन से जुड़ा बताया जा रहा है। पिता ने आरोप लगाया कि बिल्डरों और प्राधिकरण की घोर लापरवाही की वजह से उनके बेटे की जान गई।बचाव के दौरान पहले रस्सी फेंकी गई लेकिन वह कार तक नहीं पहुंची। इसके बाद क्रेन मंगाई गई मगर वह भी नाकाम साबित हुई। कई घंटे बाद SDRF और NDRF ने सर्च ऑपरेशन चलाया और युवराज को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने दोनों बिल्डर कंपनियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से जुड़े धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। वहीं, इलाके के लोगों और सोसाइटी निवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा- उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन युवराज के पिता का सवाल अब भी कायम है-अगर समय पर सही इंतजाम होते तो क्या उनका बेटा आज जिंदा होता?

  • प्रधानमंत्री मोदी ने 'ओडिशा की मदर टेरेसा' पार्वती गिरि को दी श्रद्धांजलि; स्वतंत्रता संग्राम और समाज सेवा में उनके योगदान को सराहा

    प्रधानमंत्री मोदी ने 'ओडिशा की मदर टेरेसा' पार्वती गिरि को दी श्रद्धांजलि; स्वतंत्रता संग्राम और समाज सेवा में उनके योगदान को सराहा


    नई दिल्ली/भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पार्वती गिरि जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अदम्य साहसपूर्ण भूमिका और आजादी के बाद समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों को याद किया। स्वतंत्रता संग्राम की प्रखर नायिका प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पूर्व में ट्विटर पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि पार्वती गिरि जी ने विदेशी शासन के खिलाफ आंदोलन में बेहद सराहनीय भूमिका निभाई थी। मात्र 16 वर्ष की आयु में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भागीदारी करने वाली पार्वती गिरि अपनी अटूट देशभक्ति के लिए जानी जाती हैं। उन्हें उनके सेवा भाव के कारण ‘ओडिशा की मदर टेरेसा’ के नाम से भी जाना जाता है।

    महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय कार्य प्रधानमंत्री ने पार्वती गिरि के सामुदायिक सेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और संस्कृति के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उनके कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा को ही अपना धर्म माना। प्रधानमंत्री ने यह भी साझा किया कि उन्होंने पिछले महीने अपने प्रसिद्ध रेडियो कार्यक्रम मन की बात में भी पार्वती गिरि जी के जीवन संघर्ष और उनकी महानता का विशेष उल्लेख किया था।   एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व पार्वती गिरि जी का जन्म 19 जनवरी 1926 को हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन अनाथों की सेवा और जेल सुधार जैसे रचनात्मक कार्यों में समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनकी जन्म शताब्दी पर देशवासी उनके आदर्शों को अपनाकर एक समावेशी समाज के निर्माण का संकल्प लेंगे।

  • ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    नई दिल्ली । आगामी टी20 विश्व कप 2026 को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ICC ने बांग्लादेश को साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है कि उसे भारत में अपने निर्धारित मैच खेलने को लेकर 21 जनवरी तक अंतिम फैसला करना होगा। तय समयसीमा तक सहमति न देने की स्थिति में बांग्लादेश की विश्व कप भागीदारी पर खतरा मंडरा सकता है।

    भारत में खेलने से BCB का इनकार
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को ICC का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा, जहां BCB अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। इस बैठक में बांग्लादेश बोर्ड ने टी20 विश्व कप खेलने की इच्छा तो जताई, लेकिन भारत में मैच खेलने पर सहमति नहीं दी। BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच किसी अन्य देश में कराने की मांग रखी और वैकल्पिक स्थल के तौर पर श्रीलंका का नाम सुझाया।हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया कि ग्रुप C में शामिल बांग्लादेश को तय कार्यक्रम के अनुसार मुंबई और कोलकाता में ही अपने मुकाबले खेलने होंगे।

    तीन हफ्तों से चल रहा है विवाद
    यह विवाद पिछले करीब तीन हफ्तों से चल रहा है। मामला तब गरमाया जब BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्ताफिजुर रहमान को स्क्वॉड से हटाने को कहा। इसके बाद BCB ने ICC को पत्र लिखकर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और चेतावनी दी कि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे टूर्नामेंट से हट सकते हैं। यह मुद्दा पहली बार 4 जनवरी को सामने आया था।

    ग्रुप बदलने की मांग भी खारिज
    ICC ने बांग्लादेश की ग्रुप बदलने की मांग को भी सिरे से खारिज कर दिया है। BCB चाहता था कि उसकी ग्रुपिंग आयरलैंड के साथ बदली जाए, क्योंकि आयरलैंड के सभी मैच श्रीलंका में होने हैं। ICC ने साफ किया कि टूर्नामेंट शेड्यूल में किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं है और भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है।ICC अब 21 जनवरी तक BCB के अंतिम फैसले का इंतजार करेगा। अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है, तो ICC मौजूदा रैंकिंग के आधार पर किसी दूसरी टीम को मौका देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी स्थिति में स्कॉटलैंड को विश्व कप में जगह मिल सकती है।

    पाकिस्तान का बांग्लादेश को समर्थन
    इस बीच एक और अहम मोड़ तब आया, जब खबरें सामने आईं कि अगर बांग्लादेश का विवाद नहीं सुलझता है तो पाकिस्तान भी अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकता है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा मुद्दे को लेकर पाकिस्तान से संपर्क किया था, जिस पर पाकिस्तान ने समर्थन का भरोसा दिया।इसके अलावा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डPCB ने ICC को औपचारिक रूप से यह भी बताया है कि यदि श्रीलंका उपलब्ध नहीं होता, तो वह बांग्लादेश के विश्व कप मैचों की मेजबानी के लिए तैयार है।अब सबकी नजरें 21 जनवरी पर टिकी हैं जब यह तय होगा कि बांग्लादेश भारत में खेलेगा या टी20 विश्व कप से बाहर हो जाएगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि; बोले– युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत है उनका शौर्य

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि; बोले– युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत है उनका शौर्य


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भारतीय इतिहास के महान योद्धा, त्याग और बलिदान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके अदम्य साहस और देशप्रेम को नमन करते हुए उन्हें भारतीय अस्मिता का रक्षक बताया।

    शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि महाराणा प्रताप मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले महानायक थे। उनका जीवन वीरता, पराक्रम और संघर्ष की एक ऐसी गाथा है, जो हर पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी कभी झुकना स्वीकार नहीं किया और अपने संकल्पों से मुगल साम्राज्य को चुनौती दी।

    युवाओं के मार्गदर्शक हैं उनके आदर्श डॉ. यादव ने आगे कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन और उनके आदर्श वर्तमान समय के युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत हैं। उनका संघर्ष और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हमें यह सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि महाराणा प्रताप के दिखाए गए मार्ग और उनके वीरतापूर्ण संघर्ष से आने वाली पीढ़ियाँ सदैव मार्गदर्शन प्राप्त करती रहेंगी। उल्लेखनीय है कि मेवाड़ के महान शासक महाराणा प्रताप का निधन 19 जनवरी 1597 को हुआ था। आज उनकी पुण्यतिथि पर देश भर में उन्हें याद कर नमन किया जा रहा है।

  • बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले: समाधान योजना में अब तक 281 करोड़ का सरचार्ज माफ, ऊर्जा मंत्री ने 31 जनवरी तक बढ़ाई 100% छूट की अवधि

    बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले: समाधान योजना में अब तक 281 करोड़ का सरचार्ज माफ, ऊर्जा मंत्री ने 31 जनवरी तक बढ़ाई 100% छूट की अवधि


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की ‘समाधान योजना 2025-26’ बकायादार बिजली उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के प्रति उपभोक्ताओं के भारी उत्साह को देखते हुए ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रथम चरण की अवधि को 31 जनवरी 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब तक इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं ने अपने पुराने बिजली बिलों के बोझ को कम किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 653 करोड़ 60 लाख रुपये की मूल राशि जमा हो चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 281 करोड़ 54 लाख रुपये का सरचार्ज अधिभार माफ किया गया है।

    12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने उठाया लाभ ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई इस योजना में अब तक 12 लाख 77 हजार 753 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। योजना का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है जिनका बिल 3 माह से अधिक समय से बकाया है। “जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं” के सिद्धांत पर आधारित इस योजना में पहले चरण के तहत बकाया बिल एकमुश्त जमा करने पर 60 से 100 प्रतिशत तक की सरचार्ज माफी दी जा रही है।

    तीनों विद्युत वितरण कंपनियों का रिपोर्ट कार्ड योजना का लाभ प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर देखा गया है मध्य क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.02 लाख उपभोक्ताओं ने 411.49 करोड़ रुपये की मूल राशि जमा की और 218.44 करोड़ का सरचार्ज माफ हुआ। पूर्व क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.39 लाख उपभोक्ताओं ने 130.50 करोड़ जमा किए और 45.41 करोड़ की छूट पाई। पश्चिम क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.35 लाख उपभोक्ताओं ने 111.61 करोड़ की मूल राशि जमा कर 17.69 करोड़ का सरचार्ज माफ कराया।

    फरवरी से शुरू होगा दूसरा चरण, कम हो जाएगी छूट ऊर्जा मंत्री ने अपील की है कि उपभोक्ता 31 जनवरी तक प्रथम चरण का लाभ उठा लें, क्योंकि इसके बाद 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक द्वितीय और अंतिम चरण चलेगा। दूसरे चरण में सरचार्ज माफी का प्रतिशत घटकर 50 से 90 फीसदी रह जाएगा। अतः अधिकतम लाभ के लिए जनवरी अंत तक भुगतान करना ही समझदारी होगी।

    कैसे लें योजना का लाभ? योजना में शामिल होने के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। उपभोक्ता बिजली कंपनी के ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर CSC एमपी ऑनलाइन या नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। रेलू एवं कृषि उपभोक्ता: कुल बकाया राशि का 10% जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। र-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता: कुल बकाया राशि का 25% जमा कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

  • OTT दर्शकों के लिए खास रहेगा जनवरी का ये हफ्ता, फिल्मों और वेब सीरीज का लगेगा तगड़ा तड़का

    OTT दर्शकों के लिए खास रहेगा जनवरी का ये हफ्ता, फिल्मों और वेब सीरीज का लगेगा तगड़ा तड़का


    नई दिल्ली। जनवरी का यह सप्ताह OTT दर्शकों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। इस हफ्ते अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर रोमांस, थ्रिलर, सस्पेंस, फैंटेसी और एक्शन से भरपूर फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। अगर आप घर बैठे नए कंटेंट का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो 19 से 23 जनवरी के बीच आपकी वॉचलिस्ट काफी लंबी होने वाली है। आइए जानते हैं इस हफ्ते कौन-कौन सी फिल्म और सीरीज OTT पर दस्तक दे रही हैं।

    गेम ऑफ थ्रोंस यूनिवर्स की फैंटेसी-एडवेंचर सीरीज ए नाइट ऑफ द सेवेन किंगडम्स 19 जनवरी से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। यह कहानी मशहूर सीरीज के घटनाक्रम से करीब 100 साल पहले की है और रोमांच व राजनीति से भरपूर नजर आती है।कन्नड़ सिनेमा के दर्शकों के लिए 45 एक डार्क फैंटेसी और आध्यात्मिक थ्रिलर लेकर आ रही है। फिल्म में मौत, कर्म और मोक्ष जैसे गहरे विषयों को छुआ गया है। यह फिल्म 23 जनवरी को जी5 पर रिलीज होगी।

    सस्पेंस पसंद करने वालों के लिए चीकाटिलो एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर वेब सीरीज है, जिसमें शोभिता धुलिपाला मुख्य भूमिका में हैं। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज 23 जनवरी से प्राइम वीडियो पर देखी जा सकेगी।रोमांस के शौकीनों के लिए विजय वर्मा और फातिमा सना शेख की फिल्म गुस्ताख इश्क रिलीज हो रही है। उर्दू शायरी और इमोशनल लव स्टोरी से सजी यह फिल्म 23 जनवरी को जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध होगी।

    बंगाली कंटेंट देखने वालों के लिए कालीपोटका एक क्राइम-थ्रिलर और डार्क कॉमेडी सीरीज है, जो चार महिलाओं की कहानी दिखाती है। यह सीरीज 23 जनवरी को जी5 पर आएगी।कन्नड़ फिल्म मार्क बच्चों के अपहरण और हत्या जैसे गंभीर विषय पर आधारित है। एक अधिकारी की जंग अपराधियों से कैसे होती है, यही इसकी कहानी है। इसे 23 जनवरी को जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकता है।कॉमेडी पसंद करने वालों के लिए मस्ती 4 भी OTT पर दस्तक दे रही है। विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी की यह फिल्म 23 जनवरी को जी5 पर रिलीज होगी।

    तमिल कोर्टरूम ड्रामा सिराई एक पुलिस अधिकारी की उस लड़ाई को दिखाती है, जिसमें वह एक बेगुनाह कैदी को न्याय दिलाने की कोशिश करता है। यह फिल्म 23 जनवरी को जी5 पर स्ट्रीम होगी।स्पेस मिशन पर आधारित सीरीज स्पेस जेन: चंद्रयान भी इसी हफ्ते रिलीज हो रही है। नकुल मेहता और श्रिया सरन स्टारर यह शो 23 जनवरी को जियो हॉटस्टार पर आएगा।वहीं, धनुष और कृति सेनन की हिट फिल्म तेरे इश्क में अब OTT पर दस्तक देने वाली है। बॉक्स ऑफिस पर सफलता के बाद यह फिल्म 23 जनवरी से नेटफ्लिक्स पर देखी जा सकेगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NDRF के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएँ; बोले- जवानों का साहस और सेवा भाव गर्व का विषय

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NDRF के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएँ; बोले- जवानों का साहस और सेवा भाव गर्व का विषय


    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी अधिकारियों और जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। सोमवार को जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में NDRF द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और उनके समर्पण की सराहना की।

    ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के ध्येय को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि NDRF ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के पावन ध्येय वाक्य के साथ कार्य करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि चाहे भीषण प्राकृतिक आपदा हो या कोई अन्य विषम परिस्थितियाँ, यह बल हमेशा संकट के समय रक्षक बनकर खड़ा रहता है। मुख्यमंत्री ने बल की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए NDRF का समर्पण अनुकरणीय है।

    साहस और सेवा भाव पर जताया गौरव मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में जवानों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि NDRF के जवानों का अदम्य साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और निस्वार्थ सेवा भाव न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित करता है। संकट की हर घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने का उनका संकल्प प्रेरणादायी है। उल्लेखनीय है कि NDRF स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 19 जनवरी को मनाया जाता है। देश में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए इस बल का गठन किया गया था, जिसने समय-समय पर अपनी विशेषज्ञता से हजारों लोगों की जान बचाई है।

  • 19 January 2026 Panchang: गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग

    19 January 2026 Panchang: गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग


    नई दिल्ली। अगर आप अपने दिन की शुरुआत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करना चाहते हैं तो 19 जनवरी 2026 का पंचांग आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। सोमवार के दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है और इसी दिन से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जो 27 जनवरी तक चलेगी।

    गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से साधना, तंत्र-मंत्र और देवी उपासना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन मां दुर्गा की गुप्त रूप से आराधना की जाती है। साथ ही आज सोमवार व्रत रखा जाएगा जो भगवान शिव को समर्पित होता है। शिव भक्तों के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है।

    शुभ योग और ग्रह स्थिति
    19 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। यह योग नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ, व्रत, जप-तप और निवेश के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
    इस दिन चंद्रमा मकर राशि में संचार करेगा और सूर्य भी मकर राशि में स्थित रहेगा, जिससे कार्यों में स्थिरता और अनुशासन का प्रभाव देखने को मिलेगा।

    शुभ काल Auspicious Timings
    ब्रह्म मुहूर्त: 05:10 AM – 05:58 AM

    अमृत काल: 02:09 AM – 03:50 AM

    अभिजीत मुहूर्त: 11:52 AM – 12:35 PM

    इन समयों में पूजा, ध्यान, मंत्र जाप और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।

    अशुभ काल Inauspicious Timings
    राहु काल: 08:09 AM – 09:30 AM

    यम गण्ड: 10:52 AM – 12:14 PM

    कुलिक काल: 01:35 PM – 02:57 PM

    दुर्मुहूर्त:

    12:35 PM – 01:19 PM

    02:46 PM – 03:29 PM

    वर्ज्यम्: 04:04 PM – 05:45 PM

    इन समयों में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

    सूर्य और चंद्रमा का समय
    सूर्योदय: 06:47 AM

    सूर्यास्त: 05:40 PM

    चन्द्रोदय: 07:06 AM

    चन्द्रास्त: 06:16 PM

    क्या करें इस दिन
    मां दुर्गा और भगवान शिव की पूजा करें

    गुप्त नवरात्रि के संकल्प लें

    मंत्र जाप, ध्यान और साधना के लिए दिन उत्तम

    नए कार्यों की योजना बनाना शुभ  इस प्रकार 19 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही मुहूर्त और पंचांग के अनुसार कार्य करने से दिन सफल और फलदायी बन सकता है।