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  • फिटनेस सीक्रेट्स: आमिर खान ने बताया कैसे डाइट और नींद बनाए रखते हैं उनकी सेहत

    फिटनेस सीक्रेट्स: आमिर खान ने बताया कैसे डाइट और नींद बनाए रखते हैं उनकी सेहत

    नई दिल्ली।  शहर में आयोजित मैराथन में बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी बेटी इरा खान, फिल्ममेकर किरण राव और अभिनेता डिनो मोरिया के साथ हिस्सा लिया। मैराथन के दौरान आमिर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “मुझे यहां आकर बेहद मज़ा आ रहा है और जो उत्साह दिव्यांगजनों और सीनियर सिटीजन में देखने को मिला, वह काबिले-तारीफ है। जिस जुनून के साथ लोग इस मैराथन में हिस्सा लेते हैं, वह मुझे हर साल यहां आने के लिए प्रेरित करता है।”

    बेटी का आग्रह और आमिर का अनुभव

    आमिर ने बताया कि इस मैराथन में शामिल होने का सुझाव उनकी बेटी इरा खान ने दिया था। आमिर ने कहा, “शुरुआत में मुझे लगा कि चुनौती बड़ी होगी, लेकिन अब महसूस हो रहा है कि यह फैसला बिल्कुल सही था। यह अनुभव न केवल शरीर के लिए बल्कि मानसिक तौर पर भी बहुत प्रेरणादायक है।”

    फिटनेस मंत्र: डाइट, नींद और वर्कआउट

    आमिर खान ने फिटनेस को लेकर खुलकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “फिटनेस का सबसे पहला और सबसे अहम नियम डाइट है। इंसान वही होता है जो वह खाता है। इसके बाद सबसे जरूरी है नींद। रोजाना 8 घंटे की नींद से ही शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं। तीसरे नंबर पर आता है वर्कआउट, लेकिन सही डाइट और नींद के बिना सिर्फ एक्सरसाइज से फिट नहीं रहा जा सकता।”

    इरा खान की मानसिक स्वास्थ्य पहल

    आमिर की बेटी इरा खान भी इस मैराथन में शामिल हुईं। इरा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि फिटनेस केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक सेहत से यह गहराई से जुड़ी है। उनके अनुसार, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    किरण राव का नजरिया: मैराथन सबको जोड़ता है

    फिल्ममेकर किरण राव ने इस मैराथन को समान मंच बताया। उन्होंने कहा, “इस मैराथन की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें प्रोफेशनल रनर से लेकर पहली बार भाग लेने वाले लोग, दिव्यांग और सीनियर सिटीजन सब एक साथ नजर आते हैं। यह एक ऐसा आयोजन है जो हर वर्ग के लोगों को जोड़ता है और फिटनेस के महत्व को दर्शाता है।”

    मैराथन ने आमिर खान और उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य, प्रेरणा और एकजुटता का संदेश दिया।

  • गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) में लालकिला ब्लास्ट (Red Fort blast) के बाद से सतर्क खुफिया एजेंसियों (Intelligence agencies.) ने गणतंत्र दिवस (गणतंत्र दिवस) से पहले दिल्ली समेत कई राज्यों में बांग्लादेशी आतंकियों (Bangladeshi terrorists) के हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। एजेंसियों को सतर्क किया गया है कि बांग्लादेशी आतंकी संगठन और खालिस्तान समर्थित संगठन तबाही की साजिश रच रहे हैं।

    दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने की सलाह दी गई है। साथ ही इन आतंकी संगठनों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।


    एक साथ निशाना बनाने की साजिश

    खुफिया इनपुट के मुताबिक, आतंकी संगठन दिल्ली समेत देश के कई शहरों को एक साथ निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। अलर्ट में कहा गया कि गणतंत्र दिवस से ठीक पहले उत्तर भारत के कुछ शहरों में सक्रिय गैंगस्टरों की इसमें विशेष भूमिका हो सकती है।


    पंजाब के गिरोह मदद कर रहे

    सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क करते हुए कहा गया कि पंजाब में सक्रिय स्थानीय अपराधिक गिरोह और उनके सरगना पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से देश में तबाही मचाने की कोशिश कर रहे हैं।


    स्लीपर सेल भी सक्रिय

    खुफिया एजेंसियों के अनुसार, कुछ स्लीपर सेल और गैंगस्टरों के गुर्गे विदेश से संचालित खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी संगठनों के आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। ये तत्व कट्टरपंथी युवाओं को खालिस्तान समर्थक संदिग्धों से जोड़ने की भी कोशिश कर रहे हैं।


    आईएसआई की भूमिका

    खालिस्तानी संगठनों, बांग्लादेशी आतंकी समूहों के एजेंडे को आगे बढ़ाने में आईएसआई सक्रिय है। आंतरिक सुरक्षा पर हमला करने के लिए आपराधिक नेटवर्क के इस्तेमाल की योजना है। ये संदिग्ध गैंगस्टर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं और खालिस्तानी आतंकी तत्वों से संपर्क बढ़ा रहे हैं।


    दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चार मॉक ड्रिल की गईं

    दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल कर सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया। जनवरी के पहले पखवाड़े में चार मॉक ड्रिल आयोजित की गईं। इन मॉक ड्रिल में लाल किला, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार और मेट्रो स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान शामिल रहे। इसका उद्देश्य आतंकी घटनाओं से निपटने की तैयारी मजबूत करना और आम लोगों को सतर्क करना है।


    कार धमाके में 15 मरे थे

    दिल्ली में पिछले वर्ष 10 नवंबर को लालकिले के करीब मेट्रो स्टेशन के पास कार में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी। इस मामलें में डॉक्टर समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।

  • ठंड में स्किन ड्राई हो रही है? ये फेस पैक हटाएंगे कालापन और देंगे जवां लुक

    ठंड में स्किन ड्राई हो रही है? ये फेस पैक हटाएंगे कालापन और देंगे जवां लुक


    नई दिल्ली। सर्दियों में ठंडी हवा और ड्राई स्किन की वजह से चेहरे पर रूखापन, कालापन और उम्र के असर जल्दी दिखने लगते हैं। साथ ही लोग धूप में बैठकर गर्माहट लेते हैं, जिससे त्वचा पर टैनिंग और काला पन बढ़ जाता है। अगर इस मौसम में स्किन केयर छोड़ दिया जाए तो निखार भी गायब होने लगता है। ऐसे में घर पर बने नेचुरल फेस पैक से आप अपनी त्वचा को ग्लो, नमी और जवांपन दे सकते हैं।
    1) ओट्स-दूध फेस पैक (डेड स्किन हटाए, स्किन को हाइड्रेट करे)
    सर्दियों में ग्लो और नरमी बनाए रखने के लिए ओट्स और दूध का फेस पैक बहुत फायदेमंद है।
    बनाने का तरीका:2 बड़े चम्मच ओट्स लें और उसमें 3 बड़े चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट बना लें।
    चेहरे पर 15-20 मिनट लगाकर फिर धो लें।

    फायदा:ओट्स स्किन की डेड सेल्स हटाकर एक्सफोलिएट करता है, वहीं दूध स्किन को हाइड्रेट करके नरम बनाता है।

    2) शहद-नींबू फेस पैक (ग्लो और ब्राइटनिंग)
    शहद में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं और यह स्किन को नर्म बनाता है। नींबू त्वचा की रंगत को हल्का कर ब्राइटनेस देता है।
    बनाने का तरीका:1 चम्मच शहद में 2-3 बूंद नींबू का रस मिलाएं, जरूरत अनुसार गुलाबजल डालकर पेस्ट तैयार करें।
    चेहरे को हल्का गीला करके 10-15 मिनट लगाएं और फिर धो लें।
    सावधानियां:अगर आपकी स्किन संवेदनशील है, तो नींबू की मात्रा कम रखें और धूप में बाहर जाने से पहले यह पैक न लगाएं।

    3) कॉफी फेस पैक (टैनिंग हटाने के लिए बेस्ट)
    धूप से हुए कालेपन और टैनिंग को हटाने के लिए कॉफी फेस पैक असरदार है।
    बनाने का तरीका:2 चम्मच कॉफी पाउडर + 1 चम्मच शहद + जरूरत अनुसार दूध मिलाकर पेस्ट बनाएं।
    15-20 मिनट बाद धो लें।
    फायदा:कॉफी स्किन को एक्सफोलिएट कर टैनिंग कम करती है, शहद से त्वचा नरम होती है और दूध से हाइड्रेशन मिलता है।
    4) पपीते का फेस पैक (स्किन में ग्लो और ब्राइटनेस)
    पपीता विटामिन-सी और एंजाइम से भरपूर होता है, जो स्किन को ग्लो देता है।
    बनाने का तरीका:
    एक पका पपीता मैश करके उसमें थोड़ा कच्चा दूध मिलाएं।
    पेस्ट को चेहरे पर 10-15 मिनट लगाकर धो लें।
    फायदा:पपीता त्वचा की डेड सेल्स हटाकर ग्लो बढ़ाता है और दूध त्वचा को नरम बनाए रखता है।
  • Ind vs NZ: तीसरा ODI आज इंदौर के होलकर स्टेडियम में.. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज

    Ind vs NZ: तीसरा ODI आज इंदौर के होलकर स्टेडियम में.. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज


    इंदौरः
    इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) तीन मैच की वनडे सीरीज (Three-match ODI series) का तीसरा और निर्णायक मुकाबला आज यानी रविवार, 18 जनवरी को खेला जाना है। India vs New Zealand तीसरा वनडे इंदौर के होलकर स्टेडियम (Holkar Stadium, Indore) में खेला जाएगा। सीरीज का पहला मैच 4 विकेट से जीतकर भारत ने जोरदार आगाज किया था, मगर दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड की टीम ने जोरदार वापसी की। डेरिल मिशेल के शतक के दम पर न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराकर सीरीज में रोमांच का तड़का लगाया था। आज का मैच जीतने वाली टीम सीरीज पर कब्जा जमाएगी। तो आईए ऐसे में एक नजर भारत बनाम न्यूजीलैंड पिच रिपोर्ट (Pitch Report) पर डालते हैं-

    होलकर स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। यहां की समान उछाल वाली पिच और छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को खूब रास आती है। ऐसे में आज फैंस एक हाईस्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद कर सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें, यह वही मैदान है जिस पर वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था। आज के मुकाबले में भी दोनों टीमों की ओर से कई शतक दिख सकते हैं। आखिरी बार टीम इंडिया ने इस मैदान पर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेला था, जहां शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने शतक जड़े थे और भारत ने 399 रन बोर्ड पर लगाए थे। टीम इंडिया यह मैच 99 रन से जीती थी। आज भी टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले बैटिंग करने पर होगी।

    इंदौर होलकर स्टेडियम ODI आंकड़े
    मैच- 7

    – होम टीम द्वारा जीते गए मैच- 7 (100.00%)
    – टूरिंग टीम द्वारा जीते गए मैच 0 (0.00%)
    – पहले बैटिंग करके जीते गए मैच- 5 (71.43%)
    – टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 2 (28.57%)
    – टॉस जीतकर जीते गए मैच- 4 (57.14%)
    – टॉस हारकर जीते गए मैच- 3 (42.86%)
    – हाईएस्ट स्कोर- 418/5
    – लोएस्ट स्कोर- 217
    – हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 294/5
    – प्रति विकेट औसत रन- 37.34
    – प्रति ओवर औसत रन- 6.31
    – पहले बैटिंग करने का औसत स्कोर- 332


    इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड स्क्वॉड

    भारत टीम: रोहित शर्मा, शुभमन गिल(c), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल(w), रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, आयुष बडोनी, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल

    न्यूजीलैंड टीम: डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोल्स, विल यंग, ​​डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, मिशेल हे(w), माइकल ब्रेसवेल(c), ज़ैकरी फाउल्क्स, क्रिस्टियन क्लार्क, काइल जैमीसन, जेडन लेनोक्स, निक केली, आदित्य अशोक, जोश क्लार्कसन, माइकल रे

  • पानी में ज्यादा देर रहते ही क्यों सिकुड़ने लगती हैं उंगलियां? जानें इसके पीछे का साइंस

    पानी में ज्यादा देर रहते ही क्यों सिकुड़ने लगती हैं उंगलियां? जानें इसके पीछे का साइंस

    नई दिल्ली।  पानी में उंगलियों का सिकुड़ना स्किन नहीं, दिमाग का कमाल है. यह शरीर की एक स्मार्ट ट्रिक है, जो गीली चीजें पकड़ने में हमारी मदद करती है. आइए जान लेते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
    पानी में उंगलियां सिकुड़ना
    आपने भी गौर किया होगा कि नहाते समय या ज्यादा देर तक पानी में रहने के बाद अचानक आपकी उंगलियां सिकुड़ जाती हैं और उन पर झुर्रियां सी बन जाती हैं. पहली नजर में लगता है जैसे त्वचा ने पानी सोख लिया हो, लेकिन असली कहानी इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है. यह बदलाव सिर्फ त्वचा का नहीं, बल्कि हमारे दिमाग और नसों का कमाल है. यही वजह है कि वैज्ञानिक इसे शरीर की एक स्मार्ट ट्रिक मानते हैं.

    पानी में जाते ही उंगलियां क्यों बदल जाती हैं?

    जब हम लंबे समय तक पानी में रहते हैं, तो हाथों और पैरों की उंगलियों की त्वचा धीरे-धीरे सिकुड़ने लगती है. आमतौर पर लोग मान लेते हैं कि स्किन ने पानी सोख लिया है, लेकिन वैज्ञानिक रिसर्च बताती है कि इसका कारण पानी नहीं, बल्कि हमारा नर्वस सिस्टम है. यह पूरी प्रक्रिया दिमाग के कंट्रोल में होती है और इसे एक न्यूरोलॉजिकल रिएक्शन माना जाता है.

    दिमाग कैसे देता है सिकुड़ने का सिग्नल?

    जैसे ही उंगलियां पानी में ज्यादा देर तक रहती हैं, वहां मौजूद नसें एक्टिव हो जाती हैं. ये नसें दिमाग को संकेत भेजती हैं, जिसके बाद ब्लड वेसल्स यानी खून की नलिकाएं सिकुड़ने लगती हैं. जब उंगलियों में खून की मात्रा कम हो जाती है, तो ऊपर की त्वचा अंदर की ओर खिंच जाती है. इसी खिंचाव की वजह से स्किन पर झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं.

    क्या यह कोई बीमारी है?

    नहीं, बिल्कुल नहीं. पानी में उंगलियों का सिकुड़ना पूरी तरह से सामान्य प्रक्रिया है. बल्कि डॉक्टर इसे इस बात का संकेत मानते हैं कि आपकी नसें सही तरीके से काम कर रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि जिन लोगों की नसों में गंभीर नुकसान होता है, उनकी उंगलियां पानी में भी नहीं सिकुड़तीं हैं. यानी यह झुर्रियां दिखना शरीर के हेल्दी होने का एक इशारा भी है.

    सिकुड़ने से हमें क्या फायदा मिलता है?

    यह बदलाव सिर्फ देखने के लिए नहीं होता, बल्कि इसके पीछे एक फायदा भी छिपा है. सिकुड़ी हुई उंगलियों से गीली चीजों को पकड़ना आसान हो जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि झुर्रियों की वजह से स्किन पर ग्रूव्स बन जाते हैं, जिससे पानी बाहर निकल जाता है और पकड़ मजबूत हो जाती है. ठीक वैसे ही जैसे गाड़ी के टायरों में बनी ग्रिप गीली सड़क पर मदद करती है.

    शरीर की स्मार्ट डिजाइन

    इंसान का शरीर हालात के हिसाब से खुद को ढालने में माहिर है. पानी में उंगलियों का सिकुड़ना उसी का एक उदाहरण है. यह प्रक्रिया अपने आप शुरू होती है और पानी से बाहर आते ही धीरे-धीरे खत्म भी हो जाती है. इसमें किसी तरह की दवा या इलाज की जरूरत नहीं होती.

    कब हो सकता है चिंता का विषय?

    अगर लंबे समय तक पानी में रहने के बाद भी उंगलियां बिल्कुल नहीं सिकुड़तीं, तो डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है. यह नसों से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है. हालांकि ज्यादातर मामलों में यह पूरी तरह नॉर्मल होता है और चिंता की कोई बात नहीं होती है.

  • BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव: आडवाणी और जोशी पहली बार नहीं कर पाएंगे वोटिंग,,, जानें वजह?

    BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव: आडवाणी और जोशी पहली बार नहीं कर पाएंगे वोटिंग,,, जानें वजह?


    नई दिल्ली।
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party – BJP) के इतिहास में 20 जनवरी 2026 का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। 45 साल के नितिन नवीन (Nitin Naveen) का पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) के रूप में निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। हालांकि, इस चुनाव में एक चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी के संस्थापक सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) और मुरली मनोहर जोशी (Murali Manohar Joshi) पहली बार मतदान नहीं कर पाएंगे।

    दिसंबर 2025 से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन नवीन अब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। बिहार के बांकीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नवीन भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। आरएसएस (RSS) की पृष्ठभूमि वाले नवीन को संगठन में गहरी पैठ और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में पार्टी की चुनावी जीत में बड़ी भूमिका के लिए जाना जाता है।

    19 जनवरी को उनका नामांकन होगा और 20 जनवरी को उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनके नामांकन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक बनेंगे।


    आडवाणी और जोशी मतदाता सूची से बाहर क्यों?

    1980 में भाजपा की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इन दोनों दिग्गजों का नाम अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में नहीं है। इसके पीछे कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि तकनीकी कारण हैं। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य में संगठनात्मक चुनाव पूरा होना अनिवार्य है। आडवाणी और जोशी फिलहाल दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा में चुनाव अभी लंबित हैं। जब तक दिल्ली में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव नहीं हो जाते वहां से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन नहीं हो सकता। इसी कारण दोनों नेताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।

    आपको बता दें कि इससे पहले आडवाणी गुजरात (गांधीनगर) और जोशी उत्तर प्रदेश (कानपुर) से परिषद सदस्य हुआ करते थे। सक्रिय राजनीति से हटने के बाद वे दिल्ली से सदस्य बने थे। भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 19 जनवरी को दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन होगा। 19 जनवरी को ही शाम तक नामांकन पत्रों की जांच और वापसी का समय है। 20 जनवरी को यदि आवश्यक हुआ तो मतदान होगा, अन्यथा निर्विरोध चुनाव की घोषणा।

    जेपी नड्डा का स्थान लेने वाले नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना और आगामी विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल आदि) में पार्टी के प्रदर्शन को सुधारना होगी। युवा नेतृत्व के माध्यम से भाजपा अब अपनी अगली पीढ़ी की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

  • अमेरिका सांसदों ने ट्रंप से किया आग्रह… बोले- भारत से टैरिफ कम करवाने के लिए करें बात

    अमेरिका सांसदों ने ट्रंप से किया आग्रह… बोले- भारत से टैरिफ कम करवाने के लिए करें बात


    नई दिल्ली।
    पूरी दुनिया के देश जहां ट्रंप (Trump) से टैरिफ (Tariffs) कम करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के सांसद (American MP) अपने राष्ट्रपति से आग्रह करते नजर आ रहे हैं कि वह भारत से बात करके टैरिफ कम करवाने की कोशिश करें। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के दो सांसद स्टीव डेंस (मोंटाना) और क्रेविन क्रेमर (नॉर्थ डकोटा) ने पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह होने वाले समझौते में भारत को दलहन के ऊपर से टैरिफ कम करने का आग्रह करें।

    अमेरिकी राष्ट्रपति (American President Donald Trump) को लिखे अपने पत्र में सांसदों ने बताया कि उनके क्षेत्र मोंटाना और नॉर्थ डकोटा दलहन उत्पान में अग्रणी है। इन क्षेत्रों के दलहन उत्पादन का सबसे बड़ा उपभोक्ता भारत ही है। दलहन के क्षेत्र में भारत की कुल खपत वैश्विक खपत की 27 फीसदी है। लगातार चलते टैरिफ वॉर के बीच सांसदों ने कहा कि भारत ने अमेरिका से आने वाली पीली मटर पर 30 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की है। यह नवंबर 2025 से प्रभावी हो गया है। ऐसे में भारतीय बाजार में अमेरिकी निर्यातकों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

    सांसदों ने ट्रंप से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से बात करें और टैरिफ को कम करने के लिए मनाएं। अगर भारत ऐसा करने के लिए तैयार हो जाता है, तो इससे अमेरिकी निर्यातकों को फायदा होगा और एक हद तक भारत के उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा। आपको बता दें,अमेरिकी सांसदों द्वारा ट्रंप को लिखा गया यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका ने भारतीय आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लागू किया हुआ है। इस 50 फीसदी में से 25 फीसदी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए दंड के रूप में लगाया है।


    भारत ने अमेरिकी दलहनों पर क्यों लगाया 30 फीसदी टैरिफ?

    भारत सरकार के राजस्व विभाग ने पीली मटर के आयात के ऊपर 30 प्रतिशत शुल्क की घोषणा पिछली साल अक्तूबर में कर दी थी। विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया था कि इस 30 फीसदी टैरिफ में से 10 प्रतिशत मानक दर और 20 फीसदी कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर के रूप में था। नवंबर से जारी हुआ यह आदेश मार्च 2026 तक जारी रहने वाला है। इस आदेश से पहले भारत में पीली मटर के आयात पर कोई शुल्क नहीं था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार की तरफ से उठाया गया यह कदम सस्ते आयात की वजह से घरेलू दालों की गिरती कीमत की वजह था।


    अमेरिकी सांसदों ने किया भारत के कदम का विरोध

    नॉर्थ डकोटा और मोंटाना के सांसदों ने भारत के इस कदम का विरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत में पीली मटर के निर्यात को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए 2020 में प्रधानमंत्री मोदी को उन्होंने स्वयं यह पत्र दिया था। लेकिन इसका ज्यादा कोई फायदा नहीं हुआ। भारत ने फिर से वही कदम उठाया है।

  • एआर रहमान के ‘सांप्रदायिक’ बयान पर भड़की कंगना रनौत, कहा- आप नफरत में इतने अंधे हो चुके हो…

    एआर रहमान के ‘सांप्रदायिक’ बयान पर भड़की कंगना रनौत, कहा- आप नफरत में इतने अंधे हो चुके हो…


    नई दिल्ली। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान हाल ही में चर्चा में आए क्योंकि उन्होंने कहा कि उन्हें बॉलीवुड में पिछले 8 साल से काम नहीं मिल रहा। उन्होंने इसका कारण सांप्रदायिक एंगल और बदलते पावर डायनेमिक्स बताया। इस बयान के बाद अब बॉलीवुड की विवादित अभिनेत्री कंगना रनौत ने एआर रहमान पर तीखा हमला बोला है।

    कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एआर रहमान का वही वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बॉलीवुड में काम न मिलने की बात कर रहे हैं। इस क्लिप के साथ कंगना ने लिखा कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में भेदभाव का सामना करना पड़ता है, लेकिन फिर भी उन्होंने एआर रहमान से ज्यादा घृणास्पद और पूर्वाग्रही व्यक्ति नहीं देखा।

    कंगना ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ के लिए एआर रहमान को नरेशन के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और फिल्म को प्रोपगंडा बताया।

    कंगना ने आगे लिखा कि इमरजेंसी को आलोचकों ने मास्टरपीस बताया, विपक्षी नेताओं ने भी तारीफ की, लेकिन एआर रहमान अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें एआर रहमान पर दुख होता है क्योंकि वे खुद को ‘नफरत के शिकार’ बताते हैं, लेकिन उनकी नफरत और पूर्वाग्रह किसी से कम नहीं।

    कंगना ने अपने पोस्ट में एक और बात भी लिखी कि कुछ बड़े डिजाइनर्स जिन्होंने पहले उनके साथ दोस्ती का दावा किया, बाद में उन्होंने कंगना से दूरी बना ली और कपड़े-आभूषण देने से मना कर दिया। कंगना ने बताया कि जब वे मसाबा गुप्ता की साड़ी पहनकर राम जन्मभूमि जा रही थीं, तब एक डिजाइनर ने उनकी स्टाइलिस्ट से कहा कि वह राम जन्मभूमि पर उस साड़ी के साथ नहीं जा सकतीं। कंगना ने कहा कि उस अपमान के बाद वे अपनी कार में बैठकर रोई थीं।कंगना ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि आज एआर रहमान मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं, लेकिन उनकी खुद की नफरत और पूर्वाग्रह का क्या?
  • CG: बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को किया ढेर, हथियार बरामद

    CG: बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को किया ढेर, हथियार बरामद


    बीजापुर।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर जिले (Bijapur district) में सुरक्षाबलों ने शनिवार को हुई मुठभेड़ के बाद चार नक्सलियों (Four Naxalites) को मार गिराया। इनमें से एक की पहचान नेशनल पार्क एरिया कमेटी (National Park Area Committee) के डीवीसीएम दिलीप बेज्जा के रूप में हुई है, वहीं अन्य तीन नक्सलियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। सुरक्षाबलों ने इस कार्रवाई को उस सूचना के बाद अंजाम दिया, जिसमें उसे इलाके में नक्सलियों के बड़े नेता पापाराव समेत अन्य चार माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया और कई बार हुई मुठभेड़ के बाद चार नक्सलियों को मार गिराया।

    इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बस्तर रेंज के आईजी पी.सुंदरराज ने बताया कि ‘बस्तर संभाग के अंतर्गत प्रतिबंधित एवं गैरकानूनी माओवादी संगठन के विरुद्ध प्रभावी रूप से लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में 17 जनवरी शनिवार को जिला बीजापुर के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में माओवादी संगठन के पापाराव, DVCM दिलीप बेज्जा एवं अन्य माओवादियों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम अभियान के लिए रवाना हुई।’

    आगे उन्होंने कहा, ‘इसके बाद तलाशी के दौरान दिन में कई बार माओवादियों एवं सुरक्षाबलों के बीच में मुठभेड़ हुई। फायरिंग खत्म होने के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई तो मौके से चार माओवादियों की डेडबॉडी, दो एके-47 राइफल, एक 303 राइफल और अन्य हथियार सुरक्षाबलों ने बरामद किए।’

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘मारे गए माओवादियों में से एक की पहचान डीवीसीएम दिलीप बेज्जा के रूप में हुई है, जो कि नेशनल पार्क एरिया कमेटी का इंचार्ज था, वहीं मुठभेड़ में मारे गए तीन अन्य माओवादियों की शिनाख्त की कोशिश जारी है।’

  • इंडिगो पर बड़ा एक्शन… DGCA ने लगाया 22.2 करोड़ का जुर्माना, अब शेयरों पर निवेशकों की नजर

    इंडिगो पर बड़ा एक्शन… DGCA ने लगाया 22.2 करोड़ का जुर्माना, अब शेयरों पर निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली।
    बीते दिसंबर महीने में इंडिगो एयरलाइन (Indigo Airlines) की ओर से की गई मनमानी पर अब सरकार ने बड़ा एक्शन (Big Action) लिया है। दरअसल, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर हुई दिक्कतों के लिए इंडिगो एयरलाइन पर ₹22.2 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इस खबर के बाद अब सोमवार को इंडिगो के शेयर (Share) पर निवेशकों (Investors) की नजर रहेगी। बता दें कि डीजीसीए ने 68 दिनों के लिए हर दिन ₹3 लाख का जुर्माना और इसके अलावा ₹1.80 करोड़ का एक बार का सिस्टमैटिक पेनल्टी लगाया है। इस तरह, इंडिगो पर लगाया गया कुल जुर्माना ₹22.2 करोड़ हो गया है।


    परफॉर्मेंस

    इंडिगो के शेयर की बात करें तो बीएसई पर 4738.70 रुपये पर है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर में मामूली तेजी आई थी। अब सोमवार को शेयर का कैसा परफॉर्मेंस रहेगा, ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन सरकार की कार्रवाई से निवेशक सहमे हुए हैं। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 6,225.05 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 3,946.40 रुपये है।


    इंडिगो पर सरकार की कार्रवाई

    दरअसल, डीजीसीए ने दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो संकट की उड़ानों में व्यवधान की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर उस पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही एक अधिकारी को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है। नियामक ने एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को भी इस मामले में आगाह किया है। बता दें कि 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द रही थीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी। इसके बाद भी कई दिन तक बड़े पैमाने पर व्यवधान था लेकिन डीजीसीए ने अपनी कार्रवाई के लिए सिर्फ इन्हीं तीन दिनों को आधार बनाया है। जांच समिति ने 26 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

    नियामक ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को आगाह करके छोड़ दिया है जबकि मुख्य परिचालन अधिकारी इसिडर पोरक्रस को विंटर शिड्यूल और फ्लाइट ड्यूटी से संबंधित नये नियमों के असर के आकलन में विफल रहने के लिए चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर) जैसन हर्टर को मौजूदा जिम्मेदारियों से मुक्त करने और कोई भी जिम्मेदारी का पद न देने का आदेश दिया गया है। इंडिगो से 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने के लिए भी कहा गया है। कंपनी जैसे-जैसे डीजीसीए के निर्देशों के अनुरूप लक्ष्यों को हासिल करती जाएगी, बैंक गारंटी की राशि उसे वापस मिलती जाएगी।