शून्य डिग्री के पास पहुंचा तापमान
सफेद चादर में ढकी अमरकंटक
श्रद्धालुओं की अटूट आस्था
पर्यटकों का विशेष आकर्षण

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भोपाल के सभी 85 वार्ड कार्यालयों तहसील और नजूल दफ्तरों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सोमवार से इन नो-मैपिंग मतदाताओं की दलीलें सुनेंगे। अब तक जिला निर्वाचन कार्यालय 50000 से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस भेज चुका है और बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर भी नोटिस वितरित कर रहे हैं।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत 4.38 लाख फर्जी या अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा चुके हैं और अब ये वोटर अपनी सुनवाई में भाग न लेने पर चुनाव के दिन पोलिंग बूथ पर अपना नाम नहीं पाएंगे। इस बीच दो लाख नए मतदाताओं को जोड़ने का अनुमान है और फार्म-6 का वितरण जारी है।
सुनवाई में जाने के लिए जरूरी दस्तावेज
नो-मैपिंग की समस्या का कारण

शनिवार को भागीरथपुरा में कांग्रेस नेताओं को पुलिस द्वारा रोके जाने के मामले में पटवारी ने मुख्यमंत्री और मंत्री के रवैये की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन का रवैया पूरी तरह से पक्षपाती और अव्यवस्थित है। इसके अलावा कांग्रेस ने 11 जनवरी को न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है जो बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होकर राजवाड़ा तक जाएगी। इस यात्रा में प्रदेश भर के प्रमुख कांग्रेस नेता और सभी विधायक शामिल होंगे।
कांग्रेस की बैठक रविवार को गांधी भवन में आयोजित की गई जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस की इंदौर प्रभारी उषा नायडू पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
आंदोलन को और तेज करने के लिए कांग्रेस ने 6 जनवरी को इंदौर के सभी 85 वार्डों में प्रमुख चौराहों पर मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद 7 जनवरी को महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ता मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगी।कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार यह घटना रात के ढाई बजे के आसपास हुई थी। बदमाशों ने बाउंड्रीवाल कूदकर दुकान तक पहुंचने का रास्ता बनाया। यहां तक कि उन्होंने दुकान के पीछे की बाउंड्री को तोड़ दिया और तारफेंसिंग हटा दी। घटना के दौरान चौकीदार अतरसिंह विश्वकर्मा और अमित शर्मा को बदमाशों ने पत्थरों से हमला किया और उन्हें करीब 500 मीटर तक खदेड़ा।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि इस घटना के बाद पुलिस ने आठ टीमों का गठन किया है। इनमें से कुछ टीमों को आसपास के जिलों में भेजा गया है और कुछ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि बदमाश चार पहिया वाहन का इस्तेमाल कर फरार हुए हो सकते हैं और वह अन्य जिलों से आए हो सकते हैं।
एसपी ने बताया कि व्यापारियों को पहले ही सतर्क किया गया था कि वे अपनी दुकानों में ज्यादा ज्वेलरी न रखें। इस घटना के बाद व्यापारियों में दहशत फैल गई है और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही बदमाशों को पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस बैक्टीरिया का मुख्य स्रोत सीवेज ओवरफ्लो अनुपचारित सीवेज डिस्चार्ज और खराब सेप्टिक टैंक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पानी में यह बैक्टीरिया तब घुलता है जब ड्रेनेज चैंबरों से सीवेज लीक होता है और मल-मूत्र युक्त पानी बोरिंग के पानी में मिल जाता है। इस स्थिति से इंदौर शहर के भागीरथीपुरा क्षेत्र में विशेष रूप से संकट बढ़ा है। यहां 600 से अधिक बोरिंग की गई हैं जिनका पानी कई परिवारों की जीवनरेखा है। गंदे पानी के कारण अब तक 150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 20 लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें ICU में रखा गया है।
इस गंभीर स्वास्थ्य संकट का मुख्य कारण पानी में फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया का बढ़ना है जो आंतों किडनी लिवर और इम्यून सिस्टम पर प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय तक यह बैक्टीरिया आंतों में सूजन और कोलाइटिस जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है जिससे शरीर में गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। इंदौर नगर निगम ने इस समस्या के समाधान के लिए सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है ताकि पानी की गुणवत्ता सुधारी जा सके और लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके।

दरअसल, ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर अन्य देशों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि इस सप्ताह इस्लामी गणराज्य के कई शहरों में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान इजरायल ईरान के लोगों के साथ पूर्ण एकजुटता के साथ खड़ा है। नेतन्याहू ने कैबिनेट बैठक में कहा कि हम ईरानी जनता के संघर्ष तथा उनकी स्वतंत्रता, आजादी और न्याय की आकांक्षाओं के साथ एकजुटता से खड़े हैं। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि यह बहुत संभव है कि हम ऐसे क्षण में खड़े हैं जब ईरानी लोग अपना भाग्य अपने हाथों में ले रहे हैं। बता दें कि ईरान में प्रदर्शनों की शुरुआत पिछले रविवार को हुई थी, जब दुकानदारों ने आर्थिक समस्याओं को लेकर हड़ताल की थी। उस वक्त से इसका दायरा और आकार लगातार बढ़ रहा है और प्रदर्शनकारी राजनीतिक मांगें भी उठा रहे हैं।
जून 2025 में 12 दिनों का चला था युद्ध
बता दें कि ईरान और इजरायल के बीच पिछले साल जून में 12 दिनों तक युद्ध चला था, जब इजरायल ने ईरानी परमाणु सुविधाओं के साथ-साथ आवासीय क्षेत्रों पर हमलों की श्रृंखला शुरू की थी। यह कहते हुए कि इसका उद्देश्य इस्लामी गणराज्य की परमाणु अनुसंधान और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना था। ईरान ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइल हमले करके जवाब दिया। बाद में संघर्ष के दौरान अमेरिका ने इजरायल का साथ देते हुए ईरानी परमाणु स्थलों को निशाना बनाया, जिसके बाद युद्धविराम की घोषणा की गई।
रविवार को नेतन्याहू ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा की और कहा कि उन्होंने इस सप्ताह अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ इस पर बातचीत की थी। नेतन्याहू ने कहा कि हमने शून्य संवर्धन के अपने साझा रुख को दोहराया तथा ईरान से 400 किलोग्राम संवर्धित सामग्री हटाने और उन स्थलों को सख्त तथा वास्तविक निगरानी के अधीन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

वेनेजुएला पर हुए अमेरिका आक्रमण की निंदा करते हुए किम जोंग उन के प्रशासन ने इसे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और एक संप्रुभ देश की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। प्योंगयांग ने कहा कि यह कदम साम्राज्यवादी अमेरिका के बागी और क्रूर स्वाभाव को दर्शाता है।
प्योंगयांग की तरफ से की गई यह मिसाइल दो लक्ष्यों को साधती हुई नजर आती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समय पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति चीन की यात्रा पर हैं। उनकी यह यात्रा चीन के साथ दक्षिण अमेरिका की बढ़ती दोस्ती और कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति को बढ़ावा देने के लिए मानी जा रही है। हालांकि, मिसाइल के जरिए उत्तर कोरिया ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं।
दक्षिण कोरिया की इंस्टीट्यूट फॉर फार ईस्टर्न स्टडीज के प्रोफेसर लिम ने कहा कि कोरिया और जापान के बीच समुद्र में किए गए इस मिसाइल टेस्ट के जरिए दक्षिण कोरिया और चीन के बीच होने वाली बैठक के पहले तानाशाह की तरफ से चीन को दिया गया संदेश है।
बकौल, लिम ‘उत्तर कोरिया इसके साथ अमेरिका को भी संदेश देना चाहता था कि वह वेनेजुएला नहीं है। यानी अगर अमेरिका, वेनेजुएला जैसा कोई अभियान उत्तर कोरिया के साथ करने की सोचता है, तो ऐसी स्थिति के लिए वह दिखाना चाहता था कि उसकी तरफ से जबरदस्त प्रतिरोध होगा।
किम जोंग उन का जिक्र करते हुए योंसई यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बोंग यांगशिक ने कहा कि इस समय वेनेजुएला में जो कुछ हुआ है, उसे देखकर सबसे ज्यादा डरने वाला व्यक्ति किम जोंग उन ही है। क्योंकि वह भी एक तानाशाह ही है।
अन्य विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका द्वारा उत्तर कोरिया में ऐसा कोई हमला करने की संभावना कम है। क्योंकि एक तो उत्तर कोरिया सीधे तौर पर अमेरिका से उलझने से बचता आया है। हालांकि वह धमकी देता रहा है। दूसरी तरफ, वेनेजुएला की तुलना में उत्तर कोरिया की तानाशाही ज्यादा मजबूत और सैन्य शक्ति भी मजबूत है।

ममता ने पत्र में लिखा, ‘‘यदि इसे वर्तमान स्वरूप में जारी रहने दिया गया, तो एसआईआर से अपूरणीय क्षति होगी, बड़े पैमाने पर मतदाताओं के मताधिकार का हनन होगा और लोकतंत्र की नींव पर हमला होगा।’’ मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग से तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह किया और कहा कि ऐसा न करने पर ‘मनमानी और अनियोजित प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए’। ममता ने सुनवाई प्रक्रिया के दौरान बूथ-स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को कथित रूप से नियुक्त न किए जाने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इससे एसआईआर की ‘निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं’।
निर्वाचन आयोग को इस प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बनर्जी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को उसकी देखरेख या निर्देश के तहत की गई किसी भी अवैध, मनमानी या पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (सेंट्रल) रूल्स, 2025’ नाम से ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इनमें गिग वर्कर्स को अलग-अलग सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट्स और सुरक्षा पाने के लिए योग्य होने के नियम गए हैं।
राघव चड्ढा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दी बधाई
राघव चड्ढा ने आज अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा, “सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई। आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट आपके काम को मान्यता, सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में पहला कदम है। भले ही Zomato, Swiggy, Blinkit, आदि प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन इस देश के लोगों और सरकार ने सुनी। यह एक छोटी जीत है, लेकिन एक महत्वपूर्ण जीत है।”
‘आप’ सांसद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, “ये ड्राफ्ट नियम सिर्फ इसलिए नहीं बनाए गए कि मैंने संसद में यह मुद्दा उठाया, बल्कि यह इसलिए हुआ क्योंकि आप सभी ने भी अपनी आवाज उठाई। कंपनियों और प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन सरकार ने सुनी, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।”
राघव चड्ढा ने कहा कि नए नियमों के तहत, गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता मिलेगी और उन्हें एक यूनिक पहचान दी जाएगी। हाल ही में संसद सत्र में ‘आप’ के राज्यसभा सांसद ने भारत के गिग वर्कर्स के ‘दुख-दर्द” के बारे में बात की थी, जो बहुत ज्यादा दबाव में और कभी-कभी खराब मौसम की स्थिति में काम करते हैं।
राघव चड्ढा ने क्विक कॉमर्स और दूसरे ऐप-बेस्ड डिलीवरी और सर्विस बिजनेस पर रेगुलेशन की मांग की थी, खासकर गिग वर्कर्स के फायदों की जरूरत पर जोर दिया था।
उन्होंने संसद में अपने भाषण में गिग वर्कर्स के लिए सम्मान, सुरक्षा और सही वेतन की मांग की थी। पहली बार, ‘गिग वर्कर्स’ और ‘प्लैटफॉर्म वर्कर्स’ की परिभाषा और उनसे जुड़े प्रावधान सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 में दिए गए हैं, जो 21 नवंबर, 2025 को लागू हुआ है।
क्या होंगे फायदे
यह कोड गिग वर्कर्स और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के लिए जीवन बीमा और विकलांगता कवर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मैटरनिटी बेनिफिट्स, बुढ़ापा सुरक्षा वगैरह से जुड़े मामलों पर सही सोशल सिक्योरिटी उपायों को बनाने का प्रावधान करता है। यह कोड कल्याणकारी योजनाओं को फाइनेंस करने के लिए एक सोशल सिक्योरिटी फंड बनाने का भी प्रावधान करता है। यह कोड गिग वर्कर्स और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के कल्याण के लिए एक नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड बनाने का भी प्रावधान करता है।
इसके अलावा, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 26.08.2021 को असंगठित श्रमिकों, जिसमें प्लैटफॉर्म वर्कर्स, प्रवासी श्रमिक आदि शामिल हैं, का एक व्यापक नेशल डेटाबेस बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया था। ई-श्रम पोर्टल का मकसद असंगठित श्रमिकों को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) देकर उन्हें रजिस्टर करना और सपोर्ट करना है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 21.10.2024 को ई-श्रम- ‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ भी लॉन्च किया है, जिसमें अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा/कल्याण योजनाओं को एक ही पोर्टल यानी ई-श्रम पर इंटीग्रेट किया गया है।

एक स्थानीय युवक ने बताया कि आरोपी व्यक्ति वॉकिंग स्ट्रीट इलाके में एक ट्रांस सेक्स वर्कर के साथ बहस करत रहा था। जल्दी ही यह बहस एक हिंसक झड़प में बदल गई और फिर मारपीट शुरू हो गई।
आपको बता दें, थाईलैंड का पटाया भारतीयों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ पर अक्सर ऐसे विवाद सामने आते रहते हैं। कुछ समय पहले सिंतबर में भी एक ऐसा वीडियो सामने आया था, जिसमें ट्रांसजेंडर महिला ने आरोप लगाया था कि व्यक्ति ने उसे गलत तरीके से छुआ है। इसी तरह अक्तूबर में भी तीन ट्रांस महिलाओं पर दो भारतीयों ने हमला किया था और उनके पैसे लेकर फरार हो गए थे।